तताँरा-वामीरो कथा Class 10: सार, पात्र और प्रश्न-उत्तर
Updated 14 October 2026 · Fact-checked
'तताँरा-वामीरो कथा' लीलाधर मंडलोई द्वारा फिर से लिखी गई अंदमान-निकोबार की एक लोककथा है। इसमें पासा गाँव के तताँरा और लपाती गाँव की वामीरो का प्रेम, एक ही गाँव में विवाह की रूढ़ि और उनका आत्मबलिदान है। बोर्ड इस पाठ से गद्यांश पर पाँच MCQ और 25-30 शब्दों के दो अंक वाले प्रश्न पूछता है।
What लीलाधर मंडलोई – तताँरा-वामीरो कथा is about
'तताँरा-वामीरो कथा' स्पर्श भाग 2 के गद्य खंड का पाठ है। इसके लेखक लीलाधर मंडलोई हैं, जो मूलतः कवि हैं और जिन्होंने अंदमान निकोबार द्वीपसमूह की जनजातियों पर गद्य लिखा है। यह एक लोककथा है, जो बताती है कि कैसे एक प्रेमी युगल के बलिदान ने समाज की कठोर परंपरा तोड़ दी और लिटिल अंदमान व कार-निकोबार दो अलग द्वीप बने।
बोर्ड परीक्षा में इस पाठ से दो तरह के प्रश्न आते हैं। पहला, पठित गद्यांश पर आधारित पाँच बहुविकल्पी प्रश्न (1-1 अंक), जिनमें कथन-कारण प्रश्न भी होता है। दूसरा, गद्य खंड के 25-30 शब्दों वाले प्रश्न (2-2 अंक), जिनमें घटना, पात्र, संदेश और मूल्यों पर आपकी समझ परखी जाती है।
In real board papers: Course A, not asked in any of the 21 board papers we hold (2023 to 2026); Course B, asked in 8 of the 21 board papers we hold (2023 to 2026), on average 1.6 marks per paper. See the questions
लीलाधर मंडलोई – तताँरा-वामीरो कथा: summary
In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.
अंदमान द्वीपसमूह का अंतिम दक्षिणी द्वीप लिटिल अंदमान है, जो पोर्ट ब्लेयर से लगभग सौ किलोमीटर दूर है। उसके बाद निकोबार द्वीपसमूह शुरू होता है, जिसका पहला प्रमुख द्वीप कार-निकोबार लिटिल अंदमान से 96 कि.मी. दूर है। निकोबारियों का विश्वास है कि प्राचीन काल में ये दोनों द्वीप एक ही थे। इनके अलग होने की लोककथा ही यह पाठ है।
सदियों पहले वहाँ पासा गाँव में तताँरा नाम का सुंदर, शक्तिशाली और नेक युवक रहता था। वह सबकी मदद करता था, इसलिए सभी द्वीपवासी उसका आदर करते थे। उसकी कमर में हमेशा एक लकड़ी की तलवार बँधी रहती थी, जिसमें लोग दैवीय शक्ति मानते थे।
एक शाम दिनभर की मेहनत के बाद तताँरा समुद्र किनारे टहल रहा था। तभी उसे एक मधुर शृंगार गीत सुनाई दिया। गाने वाली युवती लपाती गाँव की वामीरो थी। एक ऊँची लहर से भीगकर वह गाना भूल गई। तताँरा ने बार-बार गीत पूरा करने का आग्रह किया। वामीरो ने बेरुखी से कहा कि वह दूसरे गाँव के युवक के प्रश्नों का उत्तर देने को बाध्य नहीं है। तताँरा ने माफ़ी माँगी और नाम पूछा। वामीरो नाम बताकर भाग गई, पर तताँरा ने कहा कि वह कल उसी जगह प्रतीक्षा करेगा।
घर पहुँचकर वामीरो बेचैन रही। तताँरा वैसा ही था जैसा जीवन-साथी वह चाहती थी, पर यह संबंध परंपरा के विरुद्ध था। अगले दिन वह छिपते हुए फिर आई। अब दोनों रोज़ मिलने लगे। लपाती के कुछ युवकों ने यह मूक प्रेम भाँप लिया और बात फैल गई। रीति के अनुसार विवाह के लिए दोनों का एक ही गाँव का होना आवश्यक था। समझाने पर भी दोनों अडिग रहे।
कुछ समय बाद पासा गाँव में पशु-पर्व हुआ। वहाँ वामीरो तताँरा को देखकर फूट-फूटकर रोने लगी। उसकी माँ ने दोनों को साथ देखा, इसे अपमान समझा और तताँरा को बहुत अपमानित किया। गाँव वाले भी तताँरा के विरोध में बोलने लगे। निषेध परंपरा पर क्षोभ और अपनी असहायता से भरे तताँरा ने तलवार धरती में घोंपकर खींची। धरती फटने लगी और द्वीप दो टुकड़ों में बँट गया। तताँरा की ओर का हिस्सा समुद्र में धँसने लगा। वह लहूलुहान होकर अचेत हो गया। बाद में उसका क्या हुआ, कोई नहीं जानता। वामीरो पागल-सी हो गई, उसी जगह घंटों बैठी रहती और उसने खाना-पीना छोड़ दिया।
इस घटना के बाद निकोबारी दूसरे गाँवों में भी विवाह करने लगे। लेखक के अनुसार इनकी त्यागमयी मृत्यु शायद इसी सुखद परिवर्तन के लिए थी।
Themes and message
प्रेम और त्याग
यह कथा सच्चे प्रेम और आत्मबलिदान की है। तताँरा और वामीरो का प्रेम दिखावे का नहीं, मूक और गहरा है। दोनों जानते थे कि उनका संबंध परंपरा के विरुद्ध है, फिर भी वे अडिग रहे। अंत में तताँरा समुद्र में खो जाता है और वामीरो परिवार से विलग होकर उसकी खोज में जीवन बिता देती है। पाठ प्रवेश के अनुसार जो समाज के लिए अपने प्रेम और जीवन का बलिदान करता है, समाज उसे याद रखता है। इसीलिए यह प्रेमकथा आज भी घर-घर में सुनाई जाती है।
From the text: दोनों रोज़ मिलते थे और "बस भीतर समर्पण था जो अनवरत गहरा रहा था।" समझाने पर भी "दोनों अडिग रहे।" अंत में लेखक इसे "त्यागमयी मृत्यु" कहते हैं।
रूढ़ियों का बंधन और उनका टूटना
पाठ की मुख्य समस्या एक कठोर रीति है: विवाह के लिए दोनों का एक ही गाँव का होना ज़रूरी था। यह रूढ़ि दो प्रेम करने वालों के लिए बंधन और बोझ बन गई। वामीरो की माँ और गाँव वाले इसी परंपरा के कारण तताँरा का अपमान करते हैं। युगल के बलिदान के बाद निकोबारी दूसरे गाँवों में भी विवाह करने लगे। इससे पता चलता है कि जो परंपरा मनुष्य को दुख दे, उसे बदलना ही समाज के हित में है।
From the text: "रीति अनुसार दोनों को एक ही गाँव का होना आवश्यक था।" अंत में: "निकोबारी इस घटना के बाद दूसरे गाँवों में भी आपसी वैवाहिक संबंध करने लगे।"
प्रेम जोड़ता है, घृणा दूरी बढ़ाती है
पाठ प्रवेश में लेखक कहते हैं कि प्रेम सबको जोड़ता है और घृणा दूरी बढ़ाती है। द्वीप पर विद्वेष गहरी जड़ें जमा चुका था। कथा में गाँवों के बीच की दीवार ही अंत में धरती की दरार बन जाती है और द्वीप दो टुकड़ों में बँट जाता है। इसे प्रतीक के रूप में पढ़ा जा सकता है: मन की दूरी ने धरती तक को बाँट दिया। पर इसी बलिदान ने मनों की दूरी मिटाई और गाँव आपस में रिश्ते जोड़ने लगे।
From the text: पाठ प्रवेश: "उक्त द्वीप में विद्वेष गहरी जड़ें जमा चुका था।" कथा में: "एक तरफ़ तताँरा था दूसरी तरफ़ वामीरो।"
क्रोध का परिणाम
सबका भला करने वाला शांत तताँरा अपमान और असहायता से क्रोधित हो उठता है। उसे कोई राह नहीं सूझती, तो वह क्रोध शांत करने के लिए तलवार धरती में घोंप देता है। इसका परिणाम विनाशकारी होता है: द्वीप बँट जाता है और वह स्वयं प्रेमिका से सदा के लिए बिछड़ जाता है। इससे यह सीख मिलती है कि क्रोध में उठाया कदम दूसरों के साथ अपना भी नुकसान करता है। ध्यान दें कि उसने तलवार किसी व्यक्ति पर नहीं चलाई, यह उसके संयम को भी दिखाता है।
From the text: "क्रोध लगातार अग्नि की तरह बढ़ रहा था।" उसने "क्रोध का शमन करने के लिए" तलवार धरती में घोंप दी और द्वीप दो टुकड़ों में विभक्त हो गया।
लोककथा और प्रकृति का संबंध
यह पाठ एक लोककथा के माध्यम से समझाता है कि लिटिल अंदमान और कार-निकोबार अलग कैसे हुए। पाठ प्रवेश बताता है कि किस्से ज़रूरी नहीं सच में वैसे ही घटे हों, पर उनमें कोई सीख छिपी रहती है। कथा में समुद्र, डूबता सूरज, ठंडी बयार, लहरें और नारियल के झुरमुट पूरी घटना का वातावरण बनाते हैं। प्रकृति प्रेम की साक्षी भी है और अंत में विनाश का माध्यम भी।
From the text: "निकोबारियों का विश्वास है कि प्राचीन काल में ये दोनों द्वीप एक ही थे।" शाम का दृश्य: "समुद्र से ठंडी बयारें आ रही थीं।"
Characters
तताँरा
कथा का नायक, पासा गाँव का सुंदर और शक्तिशाली युवक, जो वामीरो से प्रेम करता है और अंत में बलिदान देता है।
- नेक और परोपकारी
- लोकप्रिय और आत्मीय स्वभाव वाला
- विनम्र और भावुक प्रेमी
- अपमान पर क्रोधित पर संयमी
- साहसी और रहस्यमय तलवार का स्वामी
- परोपकारी: वह समूचे द्वीपवासियों की सेवा को "अपना परम कर्तव्य" समझता था; मुसीबत में लोग उसे याद करते और वह भागा-भागा पहुँच जाता।
- लोकप्रिय: दूसरे गाँवों में पर्व-त्योहारों पर उसे विशेष रूप से बुलाया जाता।
- विनम्र: गलती का एहसास होते ही कहता है, "मुझे माफ़ कर दो।"
- क्रोध पर संयम: अपमान से क्रोधित होकर भी उसने तलवार किसी पर नहीं चलाई, धरती में घोंपी।
- साहसी: उसके "चर्चित साहसिक कारनामों" के कारण लोग तलवार में शक्ति मानते थे।
वामीरो
कथा की नायिका, लपाती गाँव की सुरीले कंठ वाली युवती, जो तताँरा से प्रेम करती है।
- मधुर गायिका और प्रकृति-प्रेमी
- परंपरा के प्रति सजग
- भीतर से कोमल और भावुक
- प्रेम में अडिग
- एकनिष्ठ और दुखी प्रेमिका
- गायिका: वह ढलती शाम के सौंदर्य में बेसुध होकर शृंगार गीत गा रही थी; तताँरा कहता है, "सचमुच तुमने बहुत सुरीला कंठ पाया है।"
- परंपरा के प्रति सजग: वह पूछती है, "क्या तुम्हें गाँव का नियम नहीं मालूम?"
- कोमल: ऊपर से बेरुखी दिखाती है पर उसके भीतर "किसी कोमल भावना का संचार हुआ।"
- अडिग: समझाने पर भी वह तताँरा से मिलती रही।
- एकनिष्ठ: तताँरा के खोने के बाद उसने खाना-पीना छोड़ दिया और उसी जगह घंटों बैठी रहती।
वामीरो की माँ
परंपरा की रक्षक, जिसके क्रोध और अपमानजनक व्यवहार से कथा का चरम मोड़ आता है।
- रूढ़िवादी
- लोकलाज से डरने वाली
- क्रोधी
- लोकलाज: "सारे गाँववालों की उपस्थिति में यह दृश्य उसे अपमानजनक लगा।"
- क्रोधी: वह दोनों को देखकर "आग बबूला हो उठी" और "क्रोध में उफन उठी।"
- रूढ़िवादी: उसने तताँरा को तरह-तरह से अपमानित किया, क्योंकि यह संबंध दूसरे गाँव के युवक से था।
गाँव वाले (निकोबारी समाज)
परंपरा से बँधा समाज, जो पहले तताँरा का आदर करता है पर रीति टूटते देखकर उसका विरोध करता है; अंत में स्वयं बदल जाता है।
- परंपरा को सबसे ऊपर रखने वाला
- अवसर पर साथ न देने वाला
- अंत में बदलने को तैयार
- पहले सभी तताँरा का आदर करते थे, पर पशु-पर्व में "गाँव के लोग भी तताँरा के विरोध में आवाज़ें उठाने लगे।"
- समझाने-बुझाने के कई प्रयास हुए और अफ़वाहें फैलती रहीं।
- घटना के बाद "दूसरे गाँवों में भी आपसी वैवाहिक संबंध करने लगे।" इससे पता चलता है कि बलिदान ने समाज की सोच बदली।
How it is written
| Device | Example | Effect |
|---|---|---|
| लोककथा शैली और ढाँचा | पाठ पहले भूगोल बताता है (लिटिल अंदमान, कार-निकोबार, 96 कि.मी.), फिर "सदियों पूर्व" कहकर पुरानी कथा में ले जाता है और अंत में फिर आज के द्वीपों पर लौट आता है। | कथा एक प्राकृतिक तथ्य (दो द्वीपों का अलग होना) को प्रेम और बलिदान की घटना से जोड़ती है। इससे लोककथा विश्वसनीय और यादगार बनती है, और उसका संदेश स्पष्ट होता है। |
| उपमा और मानवीकरण | "क्रोध लगातार अग्नि की तरह बढ़ रहा था।" "एक-एक पल पहाड़ की तरह भारी था।" समुद्र के लिए "समुद्र की देह" का प्रयोग। | उपमाएँ भावनाओं को आँखों के सामने ला देती हैं: क्रोध की तीव्रता और प्रतीक्षा की बेचैनी। समुद्र को देह कहना प्रकृति को जीवित पात्र बना देता है। |
| प्रकृति चित्रण और वातावरण | डूबता सूरज, ठंडी बयारें, पक्षियों की धीमी होती चहचहाहट, लहरों का संगीत और नारियल के झुरमुट। | शांत, सुंदर शाम प्रेम के जन्म का कोमल वातावरण रचती है। अंत में वही धरती और समुद्र विनाश का दृश्य बनते हैं, जिससे कथा में गहरा विरोधाभास और करुणा आती है। |
| नाटकीय संवाद | तताँरा बार-बार कहता है, "तुमने गाना क्यों रोक दिया? गाओ न?" और वामीरो झुँझलाकर कहती है, "ढीठता की हद है।" | छोटे, सजीव संवाद दोनों पात्रों का स्वभाव खोलते हैं: तताँरा का सम्मोहन और वामीरो का परंपरा के प्रति डर। कथा पढ़ते हुए दृश्य जैसा लगता है। |
| मुहावरों का प्रयोग | "सुध-बुध खोना", "बाट जोहना", "खुशी का ठिकाना न रहना", "आग बबूला होना", "आवाज़ उठाना"। | मुहावरे भाषा को सरल, जीवंत और प्रभावशाली बनाते हैं तथा पात्रों की भावनाएँ थोड़े शब्दों में व्यक्त करते हैं। |
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
तताँरा एक नेक और मददगार व्यक्ति था।
कथावाचक (लेखक): कथा के आरंभ में तताँरा का परिचय देते समय।
तताँरा के चरित्र की नींव यही है। इसी कारण बाद में प्रश्न उठता है कि इतना लोकप्रिय होकर भी ज़रूरत के समय समाज ने उसका साथ क्यों नहीं दिया।
तताँरा की तलवार एक विलक्षण रहस्य थी।
कथावाचक (लेखक): लकड़ी की तलवार में दैवीय शक्ति के लोक-विश्वास का वर्णन करते हुए।
यह पंक्ति आगे की घटना की भूमिका बनाती है; अंत में इसी तलवार से द्वीप दो टुकड़ों में बँटता है।
तुमने एकाएक इतना मधुर गाना अधूरा क्यों छोड़ दिया?
तताँरा: समुद्र किनारे लहर से भीगकर वामीरो के गाना भूल जाने पर पहली भेंट में।
यह दोनों की पहली बातचीत है, जो तताँरा की विनम्रता और गीत के प्रति उसके सम्मोहन को दिखाती है।
क्या तुम्हें गाँव का नियम नहीं मालूम?
वामीरो: तताँरा के बार-बार गाने का आग्रह करने पर झुँझलाकर।
कथा की मुख्य बाधा, गाँव की रीति, पहली ही भेंट में सामने आ जाती है। वामीरो का परंपरा के प्रति डर भी झलकता है।
मुझे माफ़ कर दो। जीवन में पहली बार मैं इस तरह विचलित हुआ हूँ।
तताँरा: वामीरो के जाने को मुड़ने पर, अपनी गलती समझकर।
तताँरा की सच्चाई, विनय और प्रेम की गहराई दिखती है; शांत जीवन में यह भावना पहली बार आई थी।
रीति अनुसार दोनों को एक ही गाँव का होना आवश्यक था।
कथावाचक (लेखक): दोनों के मूक प्रेम की खबर फैलने के बाद।
यह वह रूढ़ि है जिससे पूरा संघर्ष पैदा होता है और जिसे अंत में युगल का बलिदान तोड़ता है।
क्रोध लगातार अग्नि की तरह बढ़ रहा था।
कथावाचक (लेखक): पशु-पर्व में अपमान के बाद तताँरा के तलवार निकालने पर।
उपमा से क्रोध की तीव्रता दिखती है; यही क्रोध द्वीप के विभाजन का कारण बनता है।
तताँरा-वामीरो की त्यागमयी मृत्यु शायद इसी सुखद परिवर्तन के लिए थी।
कथावाचक (लेखक): कथा के अंत में, निकोबारियों के दूसरे गाँवों में विवाह करने लगने के बाद।
पूरे पाठ का संदेश इसी पंक्ति में है: बलिदान व्यर्थ नहीं गया, उसने समाज की रूढ़ि तोड़ दी।
लीलाधर मंडलोई – तताँरा-वामीरो कथा in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
अनुचित रूढ़ि का विरोध
मान लीजिए आपके इलाके में यह रिवाज़ है कि लड़कियाँ स्कूल की क्रिकेट टीम में नहीं खेल सकतीं। आपकी एक सहेली बहुत अच्छी गेंदबाज़ है और टीम में खेलना चाहती है।
तताँरा-वामीरो कथा के संदेश के आधार पर बताइए कि ऐसी रूढ़ि के बारे में क्या करना चाहिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- पाठ: दूसरे गाँव में विवाह की रूढ़ि ने प्रेमियों को अलग किया, बाद में टूटी।
- समानता: यह रिवाज़ भी प्रतिभा के रास्ते का बोझ है।
- उपाय: बड़ों से संवाद करके नियम बदलवाना, बलिदान की प्रतीक्षा न करना।
Answer: जो रूढ़ि बोझ बन जाए, उसे बदलना चाहिए। तताँरा-वामीरो की रूढ़ि बलिदान से टूटी; हमें शिक्षकों और बड़ों से संवाद करके ऐसा नियम पहले ही बदलवाना चाहिए।
Memory hook: तताँरा की तलवार ने द्वीप काटा, हम संवाद से रूढ़ि काटें।
क्रोध पर संयम
कल्पना कीजिए कि क्रिकेट मैच में अंपायर के गलत फ़ैसले पर सब आपका मज़ाक उड़ाते हैं। गुस्से में आपके हाथ में बल्ला है।
तताँरा के व्यवहार से आप क्या सीख सकते हैं?
Try it first, then show the solutionSolution
- पाठ: अपमान पर भी तताँरा ने किसी पर वार नहीं किया।
- सीख: क्रोध को किसी व्यक्ति पर नहीं निकालना चाहिए।
- पर: उसका क्रोध भी विनाश लाया; शांत होकर समाधान खोजना बेहतर।
Answer: तताँरा ने अपमान पर भी किसी पर वार नहीं किया; मुझे भी बल्ला नीचे रखकर शांत रहना चाहिए। पर उसका क्रोध भी विनाश लाया, इसलिए शांति से बात करना ही सबसे अच्छा है।
Memory hook: तलवार धरती में घोंपी, किसी पर नहीं: क्रोध को दिशा दो, वार नहीं।
लोककथाओं में संदेश
मान लीजिए आपकी दादी किसी झील के बनने की एक लोककथा सुनाती हैं, जो विज्ञान की किताब से मेल नहीं खाती।
पाठ-प्रवेश के आधार पर बताइए कि ऐसी लोककथा को कैसे समझना चाहिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- पाठ-प्रवेश: किस्से ज़रूरी नहीं कि वैसे ही घटे हों।
- पर: उनमें कोई संदेश या सीख होती है।
- निष्कर्ष: कथा को तथ्य नहीं, संदेश के लिए सुनें।
Answer: पाठ-प्रवेश के अनुसार लोककथाएँ ज़रूरी नहीं कि सचमुच वैसे घटी हों, पर उनमें सीख होती है। दादी की कथा को तथ्य नहीं, उसके संदेश के लिए समझना चाहिए।
Memory hook: लोककथा का द्वीप भूगोल नहीं, सीख का नक्शा है।
Topics in this chapter
- तताँरा-वामीरो कथा का सारComing soon
- तताँरा का चरित्र-चित्रणComing soon
- वामीरो का चरित्र-चित्रणComing soon
- तताँरा-वामीरो कथा के प्रश्न-उत्तरComing soon
- तताँरा-वामीरो कथा का संदेश और रूढ़ियाँComing soon
How the board asks लीलाधर मंडलोई – तताँरा-वामीरो कथा
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्न (1×5) | पाठ का 120-180 शब्दों का अंश दिया जाता है, जैसे पहली भेंट, पशु-पर्व या तलवार घोंपने का दृश्य। उस पर पाँच MCQ: किसी भाव का कारण (तताँरा किंकर्तव्यविमूढ़ क्यों था), पात्र की मनःस्थिति, गद्यांश से मेल खाता विचार, या 'नहीं' वाला विकल्प। | गद्यांश दो बार पढ़ें और उत्तर गद्यांश के भीतर ही खोजें। 'नहीं' या 'अनुपयुक्त' जैसे शब्दों को रेखांकित करें। केवल वही विकल्प चुनें जो पाठ की पंक्ति से सिद्ध हो, अपने अनुमान से नहीं। |
| कथन-कारण प्रश्न | कथन (A) और कारण (R) दिए जाते हैं, जैसे 'लोग सहम उठे' और उसका कारण। चार मानक विकल्पों में से चुनना होता है कि दोनों सही हैं या नहीं, और R, A की सही व्याख्या है या नहीं। | पहले A को पाठ से जाँचें, फिर R को अलग से जाँचें। दोनों सही हों तो पूछें: क्या R सच में A का कारण है? 'क्योंकि' जोड़कर वाक्य पढ़ें; अर्थ बने तो R सही व्याख्या है। |
| गद्यांश में भाषा या संदर्भ का प्रश्न | गद्यांश के किसी वाक्य में सर्वनाम किसके लिए है ('उसे' किसके लिए आया है), या किसी शब्द/मुहावरे का अर्थ पूछा जाता है। | वाक्य से पहले वाला वाक्य पढ़ें; सर्वनाम प्रायः पिछले वाक्य के पात्र की ओर संकेत करता है। उदाहरण: 'सारे गाँववालों की उपस्थिति में यह दृश्य उसे अपमानजनक लगा' में 'उसे' वामीरो की माँ के लिए है। |
| 25-30 शब्दों का विषयवस्तु प्रश्न (2 अंक) | घटना या परिवर्तन पर सीधा प्रश्न, जैसे युगल के बलिदान से समाज में क्या बदला, तताँरा लोकप्रिय क्यों था, पशु-पर्व में क्या होता था। | दो स्पष्ट बिंदु दें, हर बिंदु पाठ की किसी घटना से जुड़ा हो। उत्तर 25-30 शब्दों में रखें, भूमिका न लिखें, सीधे बात कहें। |
| मूल्यांकन और मूल्य-आधारित प्रश्न (2 अंक) | पात्र के निर्णय को उचित या अनुचित ठहराने को कहा जाता है, जैसे तलवार का प्रयोग, या समाज ने लोकप्रिय तताँरा का साथ क्यों नहीं दिया, या रूढ़ियों का टूटना क्यों अच्छा है। | एक स्पष्ट पक्ष लें (उचित/अनुचित), फिर पाठ से एक कारण और एक परिणाम दें। दोनों पक्ष समझते हुए अपने मत को तर्क से पुष्ट करें; भिन्न किंतु तर्कपूर्ण उत्तर को भी अंक मिलते हैं। |
| चरित्र-चित्रण का प्रश्न (2 अंक) | तताँरा, वामीरो या वामीरो की माँ की कोई दो विशेषताएँ पूछी जाती हैं, या किसी व्यवहार से पात्र के बारे में क्या पता चलता है। | हर विशेषता के साथ पाठ से एक छोटा प्रमाण दें। केवल गुणों की सूची न लिखें; 'जैसे' कहकर घटना जोड़ें। |
Tricks to remember लीलाधर मंडलोई – तताँरा-वामीरो कथा
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
कथा का क्रम: 'तलवार-गीत-नाम-प्रतीक्षा-रीति-पर्व-दरार-परिवर्तन'
(1) तलवार: लकड़ी की, दैवीय शक्ति; (2) गीत: वामीरो का शृंगार गीत, लहर से अधूरा; (3) नाम: 'वा...मी...रो'; (4) प्रतीक्षा: लपाती की चट्टान पर; (5) रीति: एक ही गाँव में विवाह; (6) पर्व: पासा का पशु-पर्व, माँ का क्रोध; (7) दरार: तलवार से द्वीप दो टुकड़े; (8) परिवर्तन: दूसरे गाँवों में विवाह।
Use it when: गद्यांश का प्रसंग पहचानकर सही पात्र और कारण लिखें।
गाँव और द्वीप याद रखें
'ता-पा, वा-ला': तताँरा पासा का, वामीरो लपाती की। दूरी: लिटिल अंदमान, पोर्ट ब्लेयर से लगभग 100 कि.मी.; कार-निकोबार, लिटिल अंदमान से 96 कि.मी.
Use it when: बहुविकल्पी प्रश्नों में गाँव और दूरी के विकल्प।
लीलाधर मंडलोई – तताँरा-वामीरो कथा: extract-based questions
Read the extract, answer every part on paper, then open the answers.
Extract 1: तताँरा की क्षमा-याचना
“मुझे माफ़ कर दो। जीवन में पहली बार मैं इस तरह विचलित हुआ हूँ। तुम्हें देखकर मेरी चेतना लुप्त हो गई थी। मैं तुम्हारा रास्ता छोड़ दूँगा। बस अपना नाम बता दो।” तताँरा ने विवशता में आग्रह किया।
(1) · 1 mark · MCQ
(संदर्भ: इससे ठीक पहले तताँरा को मानो होश आता है और उसे अपनी गलती का अहसास होता है।) तताँरा को किस 'गलती' का अहसास हुआ?
(क) उसने वामीरो का गीत चुरा लिया था
(ख) वह परिचय दिए बिना बार-बार गाना पूरा करने का आग्रह कर रहा था
(ग) उसने वामीरो को धक्का दे दिया था
(घ) वह गलत गाँव में चला गया था(2) · 1 mark · MCQ
'चेतना लुप्त हो जाना' का अर्थ है—
(क) नींद आ जाना
(ख) सुध-बुध खो देना
(ग) क्रोधित हो जाना
(घ) बीमार पड़ जाना(3) · 1 mark · MCQ
तताँरा ने वामीरो से अंत में क्या याचना की?
(क) गाना पूरा करने की
(ख) अपना नाम बताने की
(ग) उसके गाँव चलने की
(घ) उसे माफ़ न करने की(4) · 1 mark · Assertion-reason
(संदर्भ: तताँरा वामीरो के सामने रास्ता रोककर मानो गिड़गिड़ाने लगा; बोलते समय उसकी आँखें वामीरो के चेहरे पर टिकी थीं और उसके चेहरे पर सच्ची विनय थी।) कथन (A): तताँरा ने रास्ता रोककर भी वामीरो से क्षमा माँगी।
कारण (R): उसके चेहरे पर सच्ची विनय थी; वह वामीरो को डराना नहीं, केवल उसका नाम जानना चाहता था।
(क) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है
(ख) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, पर कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता
(ग) कथन (A) सही है, पर कारण (R) गलत है
(घ) कथन (A) गलत है, पर कारण (R) सही है(5) · 1 mark · MCQ
गद्यांश से तताँरा के स्वभाव की कौन-सी विशेषता प्रकट होती है?
(क) अहंकार
(ख) गलती मानकर विनम्रता से क्षमा माँगना
(ग) छल-कपट
(घ) क्रूरता
Show the answersAnswers
- (ख) वह परिचय दिए बिना बार-बार गाना पूरा करने का आग्रह कर रहा था
- (ख) सुध-बुध खो देना
- (ख) अपना नाम बताने की
- (क) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है
- (ख) गलती मानकर विनम्रता से क्षमा माँगना
Extract 2: त्यागमयी मृत्यु और सुखद परिवर्तन
निकोबारियों का मत है कि तताँरा की तलवार से कार-निकोबार के जो टुकड़े हुए, उसमें दूसरा लिटिल अंदमान है जो कार-निकोबार से आज 96 कि.मी. दूर स्थित है।
(1) · 1 mark · MCQ
निकोबारियों के अनुसार लिटिल अंदमान कैसे बना?
(क) भूकंप से
(ख) तताँरा की तलवार से कार-निकोबार के दो टुकड़े होने से
(ग) समुद्री तूफ़ान से
(घ) ज्वालामुखी फटने से(2) · 1 mark · MCQ
आज लिटिल अंदमान, कार-निकोबार से कितनी दूरी पर है?
(क) 69 कि.मी.
(ख) 96 कि.मी.
(ग) 100 कि.मी.
(घ) 9 कि.मी.(3) · 1 mark · MCQ
(संदर्भ: लेखक आगे बताते हैं कि इस घटना के बाद निकोबारी दूसरे गाँवों में भी आपसी वैवाहिक संबंध करने लगे, और तताँरा-वामीरो की मृत्यु को 'त्यागमयी' कहते हैं।) तताँरा-वामीरो की मृत्यु को 'त्यागमयी' क्यों कहा गया है?
(क) उन्होंने धन का त्याग किया
(ख) उनके बलिदान से समाज की एक कठोर रूढ़ि टूटी
(ग) उन्होंने गाँव छोड़ दिया
(घ) उन्होंने भोजन त्याग दिया(4) · 1 mark · MCQ
(संदर्भ: लेखक के अनुसार इस घटना के बाद निकोबारियों के रीति-रिवाज़ में एक 'सुखद परिवर्तन' आया।) इस घटना के बाद निकोबारियों में कौन-सा 'सुखद परिवर्तन' आया?
(क) वे पशु-पर्व मनाना छोड़ गए
(ख) वे दूसरे गाँवों में भी विवाह-संबंध करने लगे
(ग) वे तलवार रखना छोड़ गए
(घ) वे दूसरे द्वीप पर बस गए(5) · 1 mark · MCQ
गद्यांश का मुख्य संदेश क्या है?
(क) प्रेम कहानियाँ केवल मनोरंजन हैं
(ख) अनुचित रूढ़ियाँ बलिदान माँगती हैं, और त्याग से समाज बदल सकता है
(ग) द्वीपों की दूरी नापनी चाहिए
(घ) तलवार से हर समस्या हल होती है
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- (ख) तताँरा की तलवार से कार-निकोबार के दो टुकड़े होने से
- (ख) 96 कि.मी.
- (ख) उनके बलिदान से समाज की एक कठोर रूढ़ि टूटी
- (ख) वे दूसरे गाँवों में भी विवाह-संबंध करने लगे
- (ख) अनुचित रूढ़ियाँ बलिदान माँगती हैं, और त्याग से समाज बदल सकता है
लीलाधर मंडलोई – तताँरा-वामीरो कथा: board-level solved questions
Ordered from board level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: तलवार के बारे में लोगों का मत · 2 marks · Short answerBoard level
तताँरा की तलवार के बारे में लोगों का क्या मत था?
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- तलवार लकड़ी की थी, कमर में सदा बँधी रहती।
- लोगों का मत: उसमें अद्भुत दैवीय शक्ति थी।
- आधार: तताँरा के चर्चित साहसिक कारनामे; वह उसे दूसरों के सामने प्रयोग नहीं करता था।
Answer: तताँरा की तलवार लकड़ी की थी, फिर भी लोग मानते थे कि उसमें अद्भुत दैवीय शक्ति है। उसके साहसिक कारनामों के कारण यह तलवार एक विलक्षण रहस्य बन गई थी।
Example 2: वामीरो का बेरुखा जवाब · 2 marks · Short answerHarder board level
वामीरो ने तताँरा को बेरुखी से क्या जवाब दिया?
Try it first, then show the solutionSolution
- पहले परिचय और घूरने का कारण पूछा।
- नियम याद दिलाया: दूसरे गाँव के युवक के प्रश्नों का उत्तर देने को बाध्य नहीं।
- भीतर कोमल भाव, पर बाहर संयम और बेरुखी।
Answer: वामीरो ने पूछा कि तुम कौन हो और मुझे क्यों घूर रहे हो। उसने कहा कि वह दूसरे गाँव के युवक के प्रश्नों का उत्तर देने को बाध्य नहीं है।
Example 3: गाँव की रीति · 2 marks · Short answerHarder board level
तताँरा और वामीरो के गाँव की क्या रीति थी? इसका दोनों के प्रेम पर क्या प्रभाव पड़ा?
Try it first, then show the solutionSolution
- रीति: विवाह के लिए वर-वधू का एक ही गाँव का होना आवश्यक।
- स्थिति: वामीरो लपाती की, तताँरा पासा का।
- प्रभाव: संबंध असंभव; समझाने के प्रयास, अफ़वाहें, अपमान।
Answer: रीति के अनुसार विवाह के लिए दोनों का एक ही गाँव का होना आवश्यक था। वामीरो लपाती की और तताँरा पासा का था, इसलिए उनका संबंध असंभव माना गया।
Example 4: पशु-पर्व में तताँरा का क्रोध · 2 marks · Short answerHarder board level
पशु-पर्व में तताँरा क्रोध से क्यों भर उठा?
Try it first, then show the solutionSolution
- वामीरो की माँ ने सबके सामने तताँरा को अपमानित किया।
- गाँववाले भी विरोध में बोले; वामीरो रो रही थी।
- क्षोभ: निषेध परंपरा पर; खीझ: अपनी असहायता पर।
Answer: वामीरो की माँ और गाँववालों ने सबके सामने तताँरा को अपमानित किया और वामीरो रो रही थी। विवाह की निषेध परंपरा और अपनी असहायता पर तताँरा क्रोध से भर उठा।
Example 5: क्रोध का शमन और उसका परिणाम · 2 marks · Short answerHOTS / competency
क्रोध में तताँरा ने तलवार निकाली, पर किसी पर वार नहीं किया। उसका यह व्यवहार उसके चरित्र के बारे में क्या बताता है?
Try it first, then show the solutionSolution
- तथ्य: क्रोध के शमन के लिए तलवार धरती में घोंपकर खींची।
- चरित्र: क्रोध में भी हिंसा नहीं; आत्मसंयम।
- परिणाम: द्वीप दो टुकड़ों में बँटा; उसका अपना जीवन संकट में।
Answer: तताँरा ने क्रोध में भी किसी पर वार नहीं किया, बल्कि तलवार धरती में घोंपकर अपना क्रोध शांत किया। यह उसके आत्मसंयम और अहिंसक स्वभाव को दिखाता है।
Example 6: रूढ़ियाँ जब बंधन बन जाएँ · 2 marks · Short answerHOTS / competency
'रूढ़ियाँ जब बंधन बन बोझ बनने लगें तब उनका टूट जाना ही अच्छा है।' तताँरा-वामीरो कथा के आधार पर इस कथन की पुष्टि कीजिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- रूढ़ि: दूसरे गाँव में विवाह का निषेध।
- बोझ: दो प्रेमियों का बिछड़ना, अपमान, मृत्यु।
- टूटना: बाद में निकोबारी दूसरे गाँवों में विवाह करने लगे; सुखद परिवर्तन।
Answer: दूसरे गाँव में विवाह न करने की रूढ़ि ने तताँरा-वामीरो को अलग कर दिया। उनकी मृत्यु के बाद यह रूढ़ि टूटी और निकोबारी दूसरे गाँवों में विवाह करने लगे।
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
तताँरा-वामीरो की त्यागमयी मृत्यु से निकोबार में क्या परिवर्तन आया? (25-30 शब्द) (2 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| पुरानी रीति: विवाह केवल अपने गाँव में | 1 |
| परिवर्तन: इसके बाद निकोबारी दूसरे गाँवों में भी विवाह-संबंध करने लगे | 1 |
पठित गद्यांश (तताँरा-वामीरो कथा) पर आधारित पाँच बहुविकल्पी प्रश्न, जिनमें एक कथन-कारण प्रश्न शामिल है (5 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| घटना या तथ्य की पहचान | 1 |
| शब्द या पद का अर्थ | 1 |
| कथन-कारण | 1 |
| पात्र के भाव या स्वभाव का अनुमान | 1 |
| गद्यांश का संदेश | 1 |
Where students lose marks in लीलाधर मंडलोई – तताँरा-वामीरो कथा
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: तताँरा और वामीरो के गाँव उलट देना
तताँरा पासा का था, वामीरो लपाती की; पशु-पर्व पासा में हुआ।
Wrong working
तताँरा लपाती का था।
Right working
तताँरा पासा गाँव का और वामीरो लपाती गाँव की थी।
Do this: 'ता-पा, वा-ला' याद रखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: यह लिखना कि तताँरा ने तलवार से लोगों पर हमला किया
पाठ के अनुसार उसने क्रोध के शमन के लिए तलवार धरती में घोंपी; किसी पर वार नहीं किया।
Do this: घटना का क्रम ठीक लिखें: तलवार निकाली, सोचा, धरती में घोंपी, खींची, दरार बनी।
Usually costs: 1-2 अंक
Mistake: वामीरो की बेरुखी को उसका घमंड बताना
पाठ बताता है कि उसके भीतर कोमल भावना थी, पर गाँव के नियम के कारण उसने अपने को संयत किया।
Do this: बाहरी व्यवहार के साथ भीतरी भाव और कारण (नियम) भी लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: 'त्यागमयी मृत्यु' के प्रश्न में केवल मृत्यु का वर्णन करना
प्रश्न परिवर्तन पूछता है: निकोबारी दूसरे गाँवों में भी विवाह करने लगे।
Do this: हमेशा परिणाम (सुखद परिवर्तन) लिखें।
Usually costs: 1 अंक
लीलाधर मंडलोई – तताँरा-वामीरो कथा: previous year questions
- Course A: Not asked in any of the 21 board papers we hold (2023 to 2026).
- Course B: Asked in 8 of the 21 board papers we hold (2023 to 2026), on average 1.6 marks per paper; 8 questions in all, counting OR alternatives. In 1 of 4 sample papers.
Counted from the real papers on our previous year papers page, not estimated. Average marks are over every board paper we hold, with an OR pair counted once. Chapter tags are ours.
Solved board questions from लीलाधर मंडलोई – तताँरा-वामीरो कथा
Real questions from recent papers. Try each one first, then open our step-by-step solution with marks per step.
2026 Course B, set 4/3/1, Q7 · 5 marks · Reading comprehensionCompetency-based
निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : 5×1=5
कुछ समय बाद पासा गाँव में 'पशु-पर्व' का आयोजन हुआ। पशु-पर्व में हृष्ट-पुष्ट पशुओं के प्रदर्शन के अतिरिक्त पशुओं से युवकों की शक्ति परीक्षा प्रतियोगिता भी होती है। वर्ष में एक बार सभी गाँव के लोग हिस्सा लेते हैं। बाद में नृत्य-संगीत और भोजन का भी आयोजन होता है। शाम से सभी लोग पासा में एकत्रित होने लगे। धीरे-धीरे विभिन्न कार्यक्रम शुरू हुए। तताँरा का मन कार्यक्रमों में तनिक न था। उसकी व्याकुल आँखें वामीरो को ढूँढ़ने में व्यस्त थीं। नारियल के झुंड के एक पेड़ के पीछे से उसे जैसे कोई झाँकता दिखा। उसने थोड़ा और करीब जाकर पहचानने की चेष्टा की। वह वामीरो थी जो भयवश सामने आने में झिझक रही थी। उसकी आँखें तरल थीं। होंठ काँप रहे थे। तताँरा को देखते ही वह फूटकर रोने लगी। तताँरा विह्वल हुआ। उससे कुछ बोलते ही नहीं बन रहा था। रोने की आवाज़ लगातार ऊँची होती जा रही थी। तताँरा किंकर्तव्यविमूढ़ था। वामीरो के रुदन के स्वरों को सुनकर उसकी माँ वहाँ पहुँची और दोनों को देखकर आग-बबूला हो उठी। सारे गाँव वालों की उपस्थिति में यह दृश्य उसे अपमानजनक लगा।
- (i)1 mark
तताँरा किंकर्तव्यविमूढ़ क्यों हो गया ?
- (A)उसे समझ में आ गया था कि उसे क्या करना है।
- (B)उसे समझ में आ गया था कि उसे क्या नहीं करना है।
- (C)वह समझ नहीं पा रहा था कि क्या करे, क्या न करे।
- (D)वामीरो के ऊँचे स्वर में रोने से वह डर गया था।
- (ii)1 mark
वामीरो किस बात से डरी हुई थी ?
- (A)सार्वजनिक रूप से अपमानित होने के भय से
- (B)तताँरा द्वारा अपमानित किए जाने के भय से
- (C)शक्ति-प्रदर्शन में असफल होने के भय से
- (D)शक्ति-प्रदर्शन में तताँरा की असफलता के भय से
- (iii)1 mark
निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए :
कथन : तत्कालीन समाज में पशु-पर्व जैसे आयोजन आपस में मिलने-जुलने का एक महत्त्वपूर्ण साधन थे।
कारण : पशु-पर्व का आयोजन पासा गाँव की सर्वश्रेष्ठता को सिद्ध करने के लिए किया गया था।
विकल्प :- (A)कथन और कारण दोनों ग़लत हैं।
- (B)कथन ग़लत है, लेकिन कारण सही है।
- (C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
- (D)कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की ग़लत व्याख्या करता है।
- (iv)1 mark
पशु-पर्व में किस तरह के कार्यक्रम का आयोजन नहीं होता था ?
- (A)युवाओं की शक्ति परीक्षा
- (B)सामूहिक भोज का आयोजन
- (C)हृष्ट-पुष्ट पशुओं का प्रदर्शन
- (D)नृत्य-संगीत की प्रतियोगिता
- (v)1 mark
'सारे गाँव वालों की उपस्थिति में यह दृश्य उसे अपमानजनक लगा ।' वाक्य में 'उसे' किसके लिए प्रयुक्त हुआ है ?
- (A)वामीरो
- (B)तताँरा
- (C)वामीरो की माँ
- (D)तताँरा की माँ
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) वामीरो को रोते देख तताँरा समझ नहीं पा रहा था कि क्या करे, क्या न करे। अतः (C)।
- 1 mark
(ii) वामीरो सबके सामने अपमानित होने के भय से झिझक रही थी। अतः (A)।
- 1 mark
(iii) कथन सही है, पर पर्व का उद्देश्य पासा की सर्वश्रेष्ठता सिद्ध करना नहीं था, इसलिए कारण कथन की गलत व्याख्या करता है। अतः (D)।
- 1 mark
(iv) गद्यांश में नृत्य-संगीत का आयोजन है, पर उसकी प्रतियोगिता का उल्लेख नहीं। अतः (D)।
- 1 mark
(v) 'उसे' वामीरो की माँ के लिए है, जिसे दृश्य अपमानजनक लगा। अतः (C)।
Answer: (i) C; (ii) A; (iii) D; (iv) D; (v) C
Where the marks are
- प्रत्येक सही विकल्प 1 अंक (कुल 5 अंक)
2026 Course B, set 4/4/1, Q8 · 6 marks · Reading comprehension
निर्धारित गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए : 3 × 2 = 6
- (i)2 marks
सबके प्रति अपने नेक व्यवहार के कारण द्वीपवासियों के बीच अत्यंत लोकप्रिय होने पर भी, जब तताँरा को ज़रूरत पड़ी तो किसी ने भी उसका साथ क्यों नहीं दिया? 'तताँरा-वामीरो कथा' पाठ के आधार पर लिखिए।
- (ii)2 marks
'गिन्नी का सोना' के आधार पर लिखिए कि किस तरह के लोग समाज के पतन का कारण बनते हैं और क्यों?
- (iii)2 marks
'व्यावसायिक दृष्टि से एक असफल फ़िल्म होते हुए भी 'तीसरी कसम' एक सफल फ़िल्म थी।' पाठ के संदर्भ में सिद्ध कीजिए।
- (iv)2 marks
'एक संगठित समाज कृत संकल्प हो तो ऐसा कुछ भी नहीं जो वह न कर सके।' – 'डायरी का एक पन्ना' पाठ के आधार पर इस कथन को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
Try it first, then show our solutionSolution
- 2 marks
(i) द्वीपवासी रूढ़ परंपराओं में बँधे थे। तताँरा ने प्रथा का उल्लंघन किया, तो वे नाराज़ हो गए। अपनी पहचान और संस्कृति से जुड़े होने के कारण वे परंपरा के प्रति बहुत संवेदनशील थे, इसलिए किसी ने उसका साथ नहीं दिया।
- 2 marks
(ii) व्यवहारवादी लोग समाज के पतन का कारण बनते हैं। वे हर कार्य में अपना स्वार्थ और लाभ-हानि देखते हैं तथा समाज के हित की उपेक्षा करते हैं, इसलिए समाज गिरता है।
- 2 marks
(iii) 'तीसरी कसम' पटकथा, गीत-संगीत, अभिनय और निर्देशन में उत्कृष्ट थी। उसने साहित्यिक कृति के साथ पूरा न्याय किया, मानवीय संवेदनाओं का यथार्थ चित्रण किया और राष्ट्रपति स्वर्ण पदक जैसे पुरस्कार पाए। इसलिए कलात्मक रूप से सफल थी।
- 2 marks
(iv) संगठित समाज बहुत कुछ कर सकता है। कलकत्ता में 26 जनवरी 1931 को भारी पुलिस बंदोबस्त के बावजूद लोग संगठित होकर मोनुमेंट के नीचे एकत्र हुए। लाठीचार्ज सहकर भी उन्होंने झंडा फहराया और स्वतंत्रता की प्रतिज्ञा पढ़ी।
Answer: किन्हीं तीन उप-प्रश्नों के उत्तर ऊपर दिए गए हैं।
Where the marks are
- (i) रूढ़ परंपराओं में बँधे द्वीपवासियों की नाराज़गी, संस्कृति के प्रति संवेदनशीलता (2 अंक)
- (ii) व्यवहारवादी लोग, स्वार्थ व लाभ-हानि का हिसाब, समाज की उपेक्षा (2 अंक)
- (iii) पटकथा, गीत-संगीत, अभिनय, निर्देशन, पुरस्कार (2 अंक)
- (iv) संगठन की शक्ति और 26 जनवरी 1931 का उदाहरण (2 अंक)
2024 Course B, set 4/1/1, Q10 · 2 marks · Reading comprehensionCompetency-based
गद्य खण्ड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर के लिए उचित विकल्प चुनकर लिखिए :
- (i)1 mark
ततौंरा-वामीरो के त्याग से समाज की सोच में क्या परिवर्तन आया?
- (A)सबने ततौंरा-वामीरो के प्रेम को स्वीकार कर लिया
- (B)सभी ततौंरा-वामीरो के विवाह के लिए तैयार हो गए
- (C)अब दूसरे गाँवों में भी पारस्परिक वैवाहिक संबंध होने लगे
- (D)ततौंरा-वामीरो को अपने-अपने गाँवों से निष्कासित कर दिया
- (ii)1 mark
वज़ीर अली अफ़गानी हमले की प्रतीक्षा क्यों कर रहा था? अनुपयुक्त विकल्प छाँटकर लिखिए :
- (A)अंग्रेजों को चारों तरफ से घेरने के लिए
- (B)सआदत अली को जान से मारने के लिए
- (C)अवध से सआदत अली को हटा अपना तख्त पाने के लिए
- (D)अंग्रेजों को हिन्दुस्तान से बाहर निकालने के लिए
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) ततौंरा-वामीरो के बलिदान के बाद लोगों की सोच बदली और दूसरे गाँवों में भी आपसी वैवाहिक संबंध होने लगे। उत्तर (C)।
- 1 mark
(ii) वज़ीर अली अफ़गानी हमले की प्रतीक्षा अंग्रेज़ों को घेरने, अवध की गद्दी पाने और अंग्रेज़ों को देश से निकालने के लिए करता था। सआदत अली को मारना उसका उद्देश्य नहीं था, इसलिए अनुपयुक्त विकल्प (B) है।
Answer: (i) C; (ii) B
Where the marks are
- (i) C (1 अंक)
- (ii) B अनुपयुक्त विकल्प (1 अंक)
Every लीलाधर मंडलोई – तताँरा-वामीरो कथा question, by year
Course A (0 questions, sample papers included)
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Practice questions on लीलाधर मंडलोई – तताँरा-वामीरो कथा
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 2 marks · Short answerBoard level
निकोबार के लोग तताँरा को क्यों पसंद करते थे?
Hint
उसके स्वभाव और सेवा-भाव को याद करें।
Answer
उत्तर-बिंदु: नेक, मददगार; पूरे द्वीप की सेवा परम कर्तव्य; मुसीबत में भागकर पहुँचता; आत्मीय स्वभाव।
आदर्श उत्तर: तताँरा नेक और मददगार था। वह पूरे द्वीप के लोगों की सेवा को अपना कर्तव्य समझता और मुसीबत में भागकर पहुँचता था। उसके आत्मीय स्वभाव से सब उसे चाहते थे।
Q2 · 2 marks · Short answerBoard level
वामीरो अपना गाना क्यों भूल गई?
Hint
समुद्र की कौन-सी घटना हुई?
Answer
उत्तर-बिंदु: एक ऊँची लहर उठी और उसे भिगो गई; हड़बड़ाहट में गाना भूल गई।
आदर्श उत्तर: वामीरो डूबते सूरज के रंग निहारते हुए गा रही थी। तभी एक ऊँची लहर उठी और उसे भिगो गई। इसी हड़बड़ाहट में वह अपना गाना भूल गई।
Q3 · 2 marks · Short answerHarder board level
घर पहुँचकर वामीरो की मनःस्थिति कैसी थी?
Hint
'झूठी छटपटाहट' और 'जीवन-साथी' वाली बातें।
Answer
उत्तर-बिंदु: बेचैनी; तताँरा से मुक्त होने की झूठी छटपटाहट; वह मनचाहे जीवन-साथी जैसा था; पर संबंध परंपरा के विरुद्ध।
आदर्श उत्तर: वामीरो बेचैन थी। तताँरा वैसा ही था जैसा जीवन-साथी वह चाहती थी, पर दूसरे गाँव का होने से संबंध परंपरा के विरुद्ध था, इसलिए वह उसे भूलना चाहती थी।
Q4 · 2 marks · Short answerHarder board level
अगले दिन वामीरो किस प्रकार तताँरा से मिलने आई? इससे क्या पता चलता है?
Hint
वह कैसे चल रही थी और क्यों?
Answer
उत्तर-बिंदु: घबराहट में, अपने को छिपाते हुए, इधर-उधर देखते हुए आई; प्रेम भी था और समाज का डर भी।
आदर्श उत्तर: वामीरो घबराई हुई, अपने को छिपाते और इधर-उधर देखते हुए आई। इससे पता चलता है कि उसके मन में तताँरा के प्रति प्रेम था, पर समाज का डर भी था।
Q5 · 2 marks · Short answerHarder board level
पशु-पर्व में क्या-क्या होता था?
Hint
पशुओं का प्रदर्शन, युवकों की परीक्षा, और बाद में?
Answer
उत्तर-बिंदु: हृष्ट-पुष्ट पशुओं का प्रदर्शन; पशुओं से युवकों की शक्ति-परीक्षा; बाद में नृत्य-संगीत और भोजन; सब गाँव शामिल।
आदर्श उत्तर: पशु-पर्व में हृष्ट-पुष्ट पशुओं का प्रदर्शन और पशुओं से युवकों की शक्ति-परीक्षा होती थी। बाद में नृत्य-संगीत और भोजन होता, जिसमें सभी गाँवों के लोग शामिल होते।
Q6 · 2 marks · Short answerHarder board level
द्वीप के दो टुकड़े होने के बाद तताँरा और वामीरो का क्या हुआ?
Hint
दोनों अलग-अलग किनारों पर थे।
Answer
उत्तर-बिंदु: तताँरा का हिस्सा धँसने लगा, वह लहूलुहान होकर बह गया, उसका पता नहीं चला; वामीरो पागल-सी होकर उसे खोजती रही, खाना-पीना छोड़ दिया।
आदर्श उत्तर: तताँरा का हिस्सा समुद्र में धँसने लगा; वह लहूलुहान होकर बह गया और उसका पता नहीं चला। वामीरो पागल-सी होकर उसे खोजती रही और खाना-पीना छोड़ दिया।
Q7 · 2 marks · Short answerHOTS / competency
वामीरो की माँ का व्यवहार कहाँ तक उचित था? तर्क दीजिए।
Hint
माँ की चिंता और उसके तरीके, दोनों को तौलें।
Answer
उत्तर-बिंदु: माँ परंपरा और गाँव की इज़्ज़त से बँधी थी; पर सबके सामने अपमान करना अनुचित; बात समझने के बजाय क्रोध किया; परिणाम दुखद।
आदर्श उत्तर: माँ की चिंता परंपरा और इज़्ज़त से जुड़ी थी, पर सबके सामने तताँरा का अपमान अनुचित था। बेटी का दुख समझे बिना किया क्रोध ही दुखद अंत का कारण बना।
Q8 · 2 marks · Short answerHOTS / competency
कल्पना कीजिए कि पशु-पर्व में तताँरा को अपमानित करने के बजाय गाँव के बड़े दोनों गाँवों की बैठक बुलाते। कथा का अंत कैसे बदल सकता था?
Hint
संवाद से रूढ़ि बिना बलिदान के कैसे टूट सकती थी?
Answer
उत्तर-बिंदु: संवाद से रूढ़ि पर पुनर्विचार; विवाह की अनुमति; बलिदान की ज़रूरत नहीं; वही सुखद परिवर्तन पहले ही आ जाता।
आदर्श उत्तर: बैठक में संवाद से रूढ़ि पर पुनर्विचार होता और दोनों का विवाह संभव था। जो परिवर्तन उनकी मृत्यु के बाद आया, वह बिना बलिदान के पहले आ जाता।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.तताँरा-वामीरो कहाँ की कथा है?Show answer
अंदमान-निकोबार द्वीपसमूह की; कार-निकोबार और लिटिल अंदमान के अलग होने की लोककथा।
2.तताँरा की तलवार किस चीज़ की थी?Show answer
लकड़ी की; लोग उसमें दैवीय शक्ति मानते थे।
3.वामीरो कौन-सा गीत गा रही थी?Show answer
एक शृंगार गीत।
4.पाठ के लेखक कौन हैं?Show answer
लीलाधर मंडलोई।
5.पशु-पर्व किस गाँव में हुआ?Show answer
पासा गाँव में।
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप तताँरा के तीन गुण, एक-एक प्रमाण के साथ बता सकते हैं?
- क्या आप वामीरो के बेरुखे जवाब और उसके भीतरी भाव का अंतर बता सकते हैं?
- क्या आप गाँव की रीति और उसका प्रेम पर प्रभाव 25-30 शब्दों में लिख सकते हैं?
- क्या आप पशु-पर्व में घटी घटनाएँ क्रम से बता सकते हैं?
- क्या आप बता सकते हैं कि इस लोककथा का संदेश क्या है?
लीलाधर मंडलोई – तताँरा-वामीरो कथा: frequently asked questions
तताँरा-वामीरो कथा का मुख्य संदेश क्या है?
इस कथा का संदेश है कि प्रेम सबको जोड़ता है और घृणा दूरी बढ़ाती है। जो रूढ़ि मनुष्य के लिए बंधन और बोझ बन जाए, उसे टूट जाना चाहिए। तताँरा-वामीरो के बलिदान के बाद निकोबारी दूसरे गाँवों में भी विवाह करने लगे।
तताँरा और वामीरो का विवाह क्यों नहीं हो सकता था?
तताँरा पासा गाँव का था और वामीरो लपाती गाँव की। उस समय की रीति के अनुसार विवाह के लिए दोनों का एक ही गाँव का होना आवश्यक था। इसलिए उनका संबंध परंपरा के विरुद्ध माना गया।
तताँरा की तलवार के बारे में लोगों का क्या विश्वास था?
तलवार लकड़ी की थी, फिर भी लोग मानते थे कि उसमें अद्भुत दैवीय शक्ति है। तताँरा उसे कभी अलग नहीं करता था और दूसरों के सामने उसका उपयोग भी नहीं करता था। उसके साहसिक कारनामों के कारण लोग तलवार को रहस्यमय मानते थे।
लिटिल अंदमान और कार-निकोबार अलग कैसे हुए?
लोककथा के अनुसार पशु-पर्व में अपमानित होने पर तताँरा ने क्रोध शांत करने के लिए तलवार धरती में घोंपकर खींची। जहाँ तक लकीर खिंची, वहाँ धरती फट गई और द्वीप दो टुकड़ों में बँट गया। निकोबारी मानते हैं कि दूसरा टुकड़ा लिटिल अंदमान है।
क्या तताँरा का तलवार का प्रयोग उचित था?
इस पर दोनों मत रखे जा सकते हैं। एक ओर उसने किसी व्यक्ति पर वार नहीं किया, केवल अपना क्रोध शांत करना चाहा, जो उसके संयम को दिखाता है। दूसरी ओर क्रोध में उठाए इस कदम से द्वीप बँटा और वह स्वयं वामीरो से सदा के लिए बिछड़ गया; उत्तर में अपना मत तर्क सहित लिखें।
लोकप्रिय होने पर भी समाज ने तताँरा का साथ क्यों नहीं दिया?
पाठ से पता चलता है कि लोगों के लिए गाँव की परंपरा तताँरा के गुणों से भी बड़ी थी। दूसरे गाँव की युवती से प्रेम को वे रीति का उल्लंघन मानते थे, इसलिए पशु-पर्व में वे भी उसके विरोध में आवाज़ें उठाने लगे।
Based on: CBSE हिंदी पाठ्यक्रम-ब (085), कक्षा 10, 2026-27; NCERT स्पर्श भाग 2 (Reprint 2026-27), तताँरा-वामीरो कथा