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HindiCBSE Class 10 · Chapter 12

अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले Class 10: सारांश और प्रश्न-उत्तर

Updated 14 October 2026 · Fact-checked

'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले' निदा फ़ाज़ली का पाठ है (स्पर्श भाग 2)। इसमें बताया गया है कि धरती पर सब जीवों का बराबर हक है, पर मनुष्य स्वार्थ में दूसरों का दुख भूल गया है। बोर्ड इससे गद्यांश पर पाँच बहुविकल्पी प्रश्न और 25-30 शब्दों के प्रश्न पूछता है।

What निदा फ़ाज़ली – अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले is about

'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले' स्पर्श भाग 2 के गद्य खंड का पाठ है। इसके लेखक निदा फ़ाज़ली हैं, जो उर्दू की साठोत्तरी पीढ़ी के महत्त्वपूर्ण कवि माने जाते हैं। यह अंश उनकी किताब 'तमाशा मेरे आगे' से लिया गया है। पाठ का मूल भाव एक पंक्ति में: धरती सब जीवों की साझी है, पर मनुष्य ने इसे अपनी जागीर बना लिया है और दूसरों के दुख से दुखी होना छोड़ दिया है।

बोर्ड परीक्षा में यह पाठ खंड ग (गद्य खंड) में आता है। प्रश्न 9 में स्पर्श के किसी पठित गद्यांश पर पाँच बहुविकल्पी प्रश्न (1×5) पूछे जाते हैं, जिनमें कथन-कारण प्रश्न भी हो सकता है। प्रश्न 10 में गद्य पाठों पर चार में से तीन प्रश्न आते हैं, जिनका उत्तर 25-30 शब्दों में लिखना होता है और हर प्रश्न 2 अंक का होता है।

In real board papers: Course A, not asked in any of the 21 board papers we hold (2023 to 2026); Course B, asked in 4 of the 21 board papers we hold (2023 to 2026), on average 1 marks per paper. See the questions

निदा फ़ाज़ली – अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले: summary

In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.

लेखक पाठ की शुरुआत बादशाह सुलेमान की कथा से करते हैं। सुलेमान ईसा से 1025 वर्ष पहले के बादशाह थे। वे पशु-पक्षियों की भाषा भी जानते थे। एक बार उनकी सेना के घोड़ों की टापें सुनकर चींटियाँ डर गईं और अपने बिलों में जाने लगीं। सुलेमान रुक गए और उन्हें भरोसा दिलाया कि वे सबके रखवाले हैं, किसी के लिए मुसीबत नहीं। चींटियों ने उनके लिए दुआ की।

फिर सिंधी कवि शेख अयाज़ की आत्मकथा की घटना आती है। उनके पिता कुएँ से नहाकर लौटे और खाना खाने बैठे। तभी बाजू पर एक काला च्योंटा दिखा। वे खाना छोड़कर उठ गए, ताकि उस 'बेघर' को कुएँ पर उसके घर छोड़ आएँ।

इसके बाद पैगंबर नूह की कथा है। उनका असली नाम लशकर था। उन्होंने एक घायल कुत्ते को 'गंदे कुत्ते' कहकर दुत्कारा। कुत्ते ने कहा कि बनाने वाला सबका एक ही है। यह सुनकर नूह बहुत समय तक रोते रहे, इसीलिए अरब में वे 'नूह' नाम से याद किए गए। लेखक यह भी बताते हैं कि महाभारत में युधिष्ठिर का अंत तक साथ एक कुत्ते ने ही दिया था।

लेखक कहते हैं कि धरती पर पशु, पक्षी, मनुष्य, नदी, पर्वत, समंदर सबकी बराबर हिस्सेदारी है। पर मनुष्य ने बीच में दीवारें खड़ी कर दीं। संयुक्त जीवन की जगह डिब्बे जैसे घर आ गए। बढ़ती आबादी, प्रदूषण और बारूद से प्रकृति का संतुलन बिगड़ा। इसका फल है ज़्यादा गरमी, बेवक्त बरसात, भूकंप, बाढ़, तूफ़ान और नए रोग।

बंबई में बिल्डर समंदर की ज़मीन हथिया रहे थे। सिमटते-सिमटते समंदर को गुस्सा आया। उसने एक रात तीन जहाज़ों को गेंद की तरह फेंक दिया: एक वर्ली में, दूसरा बांद्रा में कार्टर रोड के सामने, तीसरा गेट-वे-ऑफ़ इंडिया पर।

लेखक की माँ प्रकृति का सम्मान सिखाती थीं: शाम को पत्ते न तोड़ो, दीया-बत्ती के समय फूल न तोड़ो, दरिया को सलाम करो, कबूतरों और मुर्गे को न सताओ। ग्वालियर के घर में जब कबूतर का एक अंडा बिल्ली ने तोड़ा और दूसरा माँ के हाथ से गिरकर टूट गया, तो माँ ने पूरे दिन रोज़ा रखा और खुदा से माफ़ी माँगी।

अब लेखक बंबई के वर्सोवा में रहते हैं, जहाँ पहले जंगल था। उनके फ्लैट में कबूतरों ने घोंसला बनाया। परेशानी से तंग आकर लेखक की पत्नी ने जाली लगा दी और खिड़की बंद होने लगी। कबूतर रात-भर बाहर उदास बैठे रहते हैं। लेखक दुख से कहते हैं कि अब न सुलेमान है, न उनकी माँ, जो इनका दुख बाँटे।

Themes and message

धरती पर सब जीवों का बराबर अधिकार

लेखक का सबसे बड़ा संदेश यही है कि धरती किसी एक की नहीं है। पशु, पक्षी, मनुष्य, नदी, पर्वत और समंदर सब इसके बराबर के हिस्सेदार हैं। मनुष्य ने अपनी बुद्धि से इस हिस्सेदारी में दीवारें खड़ी कर दीं और दूसरे जीवों को बेघर कर दिया। पाठ के अंत में कबूतरों के बारे में लेखक का कहना कि उनका भी घर है, इसी विचार को पक्का करता है। इससे पता चलता है कि लेखक मनुष्य को मालिक नहीं, साझेदार मानते हैं।

From the text: लेखक लिखते हैं कि "धरती किसी एक की नहीं है।" कबूतरों के बारे में वे कहते हैं: "आखिर उनका भी घर है।"

दूसरों के दुख में दुखी होने वाली संवेदना

पाठ का शीर्षक ही प्रश्न करता है कि आज दूसरों के दुख से दुखी होने वाले कहाँ हैं। सुलेमान ने नन्ही चींटियों का डर समझा, शेख अयाज़ के पिता ने एक च्योंटे को घर पहुँचाने के लिए भोजन छोड़ा, और लेखक की माँ ने अंडा टूटने पर पूरे दिन रोज़ा रखा। ये सब पुराने समय की संवेदना के उदाहरण हैं। इनके सामने आज का व्यवहार रखा गया है, जहाँ अपनी सुविधा के लिए कबूतरों का घर बंद कर दिया जाता है।

From the text: पाठ का अंत: "मगर अब न सोलोमेन है जो उनकी ज़ुबान को समझकर उनका दुख बाँटे"; शेख अयाज़ के पिता का कथन "मैंने एक घर वाले को बेघर कर दिया है।"

प्रकृति का असंतुलन और उसके परिणाम

लेखक बताते हैं कि बढ़ती आबादी ने समंदर को पीछे धकेला और पेड़ों को रास्ते से हटाया। प्रदूषण ने पंछियों को बस्तियों से भगाया और बारूद ने वातावरण को सताया। इसके परिणाम हैं: ज़्यादा गरमी, बेवक्त बरसात, भूकंप, बाढ़, तूफ़ान और नए-नए रोग। बंबई में समंदर का जहाज़ों को फेंक देना प्रकृति के गुस्से का नमूना है। इससे यह चेतावनी मिलती है कि प्रकृति को बार-बार सताया जाए तो वह बदला लेती है।

From the text: "नेचर की सहनशक्ति की एक सीमा होती है।" समंदर ने तीन जहाज़ों को वर्ली, बांद्रा और गेट-वे-ऑफ़ इंडिया की ओर फेंक दिया।

बदलता समाज और सिमटता जीवन

लेखक अतीत और वर्तमान की तुलना करते हैं। पहले पूरा संसार एक परिवार जैसा था और लोग बड़े दालानों-आँगनों में मिल-जुलकर रहते थे। अब संसार टुकड़ों में बँट गया है और जीवन छोटे डिब्बे जैसे घरों में सिमट गया है। ग्वालियर से बंबई तक आते-आते लेखक ने देखा कि जंगल की जगह बस्तियाँ बन गईं। इससे पता चलता है कि भौतिक विकास के साथ मनुष्य का मन भी छोटा होता गया है।

From the text: "पहले पूरा संसार एक परिवार के समान था"; वर्सोवा के बारे में: "पहले यहाँ दूर तक जंगल था।"

सबका रचयिता एक है: समानता और विनम्रता

नूह और घायल कुत्ते की कथा बताती है कि कोई जीव अपनी पसंद से कुत्ता या इनसान नहीं बनता। सबको बनाने वाला एक ही है, इसलिए किसी को छोटा या गंदा कहकर दुत्कारना गलत है। मिट्टी से मिट्टी मिलने वाला दोहा भी यही कहता है कि अंत में सबकी पहचान मिट जाती है। 'सब की पूजा एक-सी' वाला दोहा बताता है कि हर जीव अपने ढंग से ईश्वर की उपासना करता है। यह विचार अहंकार छोड़कर विनम्र बनने की सीख देता है।

From the text: कुत्ते का उत्तर: "बनाने वाला सबका तो वही एक है।" दोहा: "सब की पूजा एक-सी, अलग-अलग है रीत।"

Characters

लेखक की माँ

पाठ की सबसे संवेदनशील पात्र, जो लेखक को बचपन में प्रकृति और जीवों के सम्मान की सीख देती थीं।

  • प्रकृति-प्रेमी: पेड़, फूल, दरिया को जीवित मानती थीं
  • दयालु और करुणामय
  • धार्मिक और आस्थावान
  • अपनी गलती स्वीकार करने वाली
  • संस्कार देने वाली माँ

वे कहती थीं कि शाम को पत्ते न तोड़ो, "पेड़ रोएँगे", और दरिया को सलाम करो। बिल्ली के अंडा तोड़ने पर उन्होंने दूसरे अंडे को बचाने के लिए स्टूल पर चढ़कर कोशिश की। अंडा उनके हाथ से टूटा तो उन्होंने इसे गुनाह माना, पूरे दिन रोज़ा रखा, कुछ खाया-पिया नहीं और नमाज़ पढ़कर माफ़ी माँगती रहीं।

शेख अयाज़ के पिता

सिंधी महाकवि शेख अयाज़ की आत्मकथा में वर्णित व्यक्ति, जो छोटे-से जीव के प्रति भी जिम्मेदारी दिखाते हैं।

  • अत्यंत संवेदनशील
  • छोटे जीव को भी घर वाला मानने वाले
  • अपनी भूल सुधारने वाले
  • अपनी भूख से पहले दूसरे की चिंता करने वाले

भोजन का कौर तोड़ते ही बाजू पर काला च्योंटा देखकर वे खाना छोड़कर उठ गए। माँ के पूछने पर बोले: "मैंने एक घर वाले को बेघर कर दिया है।" वे उसे कुएँ पर उसके घर छोड़ने गए।

सुलेमान (सोलोमेन)

ईसा से 1025 वर्ष पूर्व के बादशाह, जो पशु-पक्षियों की भाषा जानते थे और सबके रखवाले थे।

  • सब जीवों के रक्षक
  • विनम्र: शक्तिशाली होकर भी छोटे जीवों की परवाह करने वाले
  • प्रेममय
  • दूसरों का डर समझने वाले

चींटियों की घबराहट सुनकर वे सेना सहित थोड़ी दूर पर रुक गए और कहा: "मैं किसी के लिए मुसीबत नहीं हूँ, सबके लिए मुहब्बत हूँ।" चींटियों ने उनके लिए दुआ की।

नूह (लशकर)

पावन ग्रंथों में वर्णित पैगंबर, जिनका असली नाम लशकर था।

  • गलती पर गहरा पछतावा करने वाले
  • सच्ची बात से प्रभावित होने वाले
  • संवेदनशील हृदय वाले

उन्होंने घायल कुत्ते को "दूर हो जा गंदे कुत्ते!" कहकर दुत्कारा। कुत्ते का उत्तर सुनकर वे दुखी हुए और मुद्दत तक रोते रहे। इसी कारण अरब में वे नूह के लकब से याद किए गए।

लेखक (निदा फ़ाज़ली)

कथावाचक, जो अतीत के उदाहरण देकर आज के मनुष्य की संवेदनहीनता पर दुख प्रकट करते हैं।

  • प्रकृति और जीवों के प्रति संवेदनशील
  • आत्मचिंतन करने वाले
  • बदलते समय पर चिंतित
  • ईमानदार: अपने घर की कमी भी स्वीकारते हैं

वे कबूतरों के बारे में मानते हैं कि "आखिर उनका भी घर है", पर यह भी मानते हैं कि उनके आने-जाने से परेशानी होती है। खिड़की बंद होने पर उदास कबूतरों को देखकर वे दुख से कहते हैं कि अब न सुलेमान है, न उनकी माँ।

How it is written

DeviceExampleEffect
दृष्टांत शैली (कथाओं के उदाहरण)सुलेमान और चींटियों की कथा, शेख अयाज़ के पिता और च्योंटे की घटना, नूह और घायल कुत्ते की कथा।अलग-अलग धर्मों और भाषाओं की कथाएँ देकर लेखक दिखाते हैं कि जीवों पर दया सबकी साझी सीख है। कथाएँ बात को रोचक और याद रखने योग्य बनाती हैं।
मानवीकरणसमंदर का पहले टाँगें समेटना, फिर उकड़ूँ बैठना, फिर खड़ा होना और गुस्से में तीन जहाज़ों को "बच्चों की गेंद की तरह" फेंक देना; माँ का कहना कि "पेड़ रोएँगे"।प्रकृति को जीवित पात्र की तरह दिखाने से पाठक उसका दर्द महसूस करता है। यह समझ में आता है कि प्रकृति को सताने का परिणाम कितना भयानक हो सकता है।
अतीत और वर्तमान का विरोध (तुलना)पहले बड़े दालान-आँगन, अब डिब्बे जैसे घर; पहले माँ अंडा टूटने पर रोज़ा रखती थीं, अब पत्नी कबूतरों के घोंसले पर जाली लगा देती हैं।इस तुलना से पाठ का शीर्षक सार्थक होता है और आज की संवेदनहीनता अधिक तीखी होकर सामने आती है।
दोहों का प्रयोग"सब की पूजा एक-सी, अलग-अलग है रीत।" और "नदिया सींचे खेत को, तोता कुतरे आम।"गद्य के बीच दोहे रखकर लेखक बड़ी बात थोड़े शब्दों में कह देते हैं। लेखक-परिचय में भी कहा गया है कि वे गद्य में शेर-ओ-शायरी पिरोकर बहुत कुछ थोड़े में कह देते हैं।
उर्दू-मिश्रित सरल भाषाहाकिम, लश्कर, अज़ीज़, मज़ार, ज़लज़ले, सैलाब, आशियाना जैसे शब्द।बोलचाल जैसी सहज भाषा पाठ को आत्मीय बनाती है और लेखक की कहने की शैली की पहचान बनती है।

Key quotations

Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.

  • मैं किसी के लिए मुसीबत नहीं हूँ, सबके लिए मुहब्बत हूँ।

    सुलेमान: सेना के घोड़ों की टापें सुनकर डरी हुई चींटियों को सुलेमान भरोसा दिलाते हैं।

    सच्चा शासक या शक्तिशाली व्यक्ति वही है जो कमज़ोर से कमज़ोर जीव की रक्षा करे। यह पाठ के करुणा वाले भाव की नींव है।

  • मैंने एक घर वाले को बेघर कर दिया है।

    शेख अयाज़ के पिता: भोजन छोड़कर उठने पर माँ ने कारण पूछा, तब पिता ने यह उत्तर दिया।

    वे च्योंटे को भी 'घर वाला' मानते हैं। इससे उनकी गहरी संवेदना और अपनी भूल सुधारने की भावना प्रकट होती है।

  • न मैं अपनी मर्ज़ी से कुत्ता हूँ, न तुम अपनी पसंद से इनसान हो।

    घायल कुत्ता: नूह ने घायल कुत्ते को गंदा कहकर दुत्कारा, तब कुत्ते ने यह उत्तर दिया।

    यह कथन बताता है कि जन्म किसी के वश में नहीं, इसलिए किसी को नीचा समझना अहंकार है। इसे सुनकर नूह जीवन-भर रोते रहे।

  • नेचर की सहनशक्ति की एक सीमा होती है।

    लेखक: प्रकृति के असंतुलन के परिणाम बताने के बाद लेखक बंबई में समंदर के गुस्से की घटना की भूमिका बाँधते हैं।

    यह पाठ की मुख्य चेतावनी है: प्रकृति को लगातार सताया जाए तो वह विनाशकारी रूप ले लेती है।

  • जो जितना बड़ा होता है उसे उतना ही कम गुस्सा आता है।

    लेखक: सिमटते समंदर के गुस्से का वर्णन करते समय।

    बड़ा व्यक्ति या प्रकृति बहुत सहती है, पर जब गुस्सा आता है तो उसे रोकना कठिन हो जाता है। समंदर का जहाज़ फेंकना इसी का उदाहरण है।

  • सूरज ढले आँगन के पेड़ों से पत्ते मत तोड़ो, पेड़ रोएँगे।

    लेखक की माँ (लेखक के शब्दों में): लेखक अपनी माँ की सीखों को याद करते हैं।

    माँ पेड़ों को भी जीवित और भावनाओं वाला मानती थीं। इससे उनका प्रकृति-प्रेम और बच्चों में संस्कार डालने का ढंग पता चलता है।

  • आखिर उनका भी घर है।

    लेखक: फ्लैट के मचान में घोंसला बनाने वाले कबूतरों के बार-बार आने-जाने के बारे में।

    लेखक मानते हैं कि कबूतरों का भी उस जगह पर हक है। यह धरती पर सबकी बराबर हिस्सेदारी वाले विचार को घर के स्तर पर दिखाता है।

  • पहले पूरा संसार एक परिवार के समान था

    लेखक: मनुष्य द्वारा धरती की हिस्सेदारी में दीवारें खड़ी करने की बात करते हुए।

    अतीत की एकता और आज के बँटे हुए संसार की तुलना इसी पंक्ति से शुरू होती है।

निदा फ़ाज़ली – अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले in real life

Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.

धरती पर सब जीवों का बराबर अधिकार

मान लीजिए आपकी बालकनी में कूलर के पीछे एक गौरैया ने घोंसला बना लिया है। रोज़ तिनके और गंदगी गिरती है। घर के बड़े घोंसला हटाने की बात कर रहे हैं, जबकि उसमें छोटे अंडे हैं।

पाठ में लेखक की माँ और पत्नी के व्यवहार को ध्यान में रखते हुए बताइए कि आप घरवालों को क्या सुझाव देंगे। (25-30 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. परेशानी को सच मानना—लेखक की पत्नी की परेशानी भी सच्ची थी।
  2. पर पाठ की बात: 'आखिर उनका भी घर है'।
  3. बीच का रास्ता: बच्चे उड़ने तक घोंसला रहने दें, नीचे कागज़ बिछाएँ।
  4. माँ की तरह जीव के दुख को अपना समझें।

Answer: मैं कहूँगा कि परेशानी सच्ची है, पर उनका भी घर है। बच्चे उड़ने तक घोंसला रहने दें और नीचे कागज़ बिछा दें। लेखक की माँ की तरह उनका दुख समझें।

Memory hook: बालकनी का घोंसला = लेखक का मचान: जाली नहीं, धैर्य।

दूसरों के दुख में दुखी होने वाली संवेदना

कल्पना कीजिए कि गली में क्रिकेट खेलते हुए आपकी गेंद से एक पिल्ला घायल हो गया। दोस्त हँसकर कहते हैं, 'छोड़ो, आवारा है', और खेल जारी रखना चाहते हैं।

शेख अयाज़ के पिता और नूह के प्रसंगों के आधार पर बताइए कि आपको क्या करना चाहिए और क्यों। (25-30 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. शेख अयाज़ के पिता ने छोटे च्योंटे के लिए भोजन छोड़ दिया—जीव की चिंता पहले।
  2. नूह ने घायल कुत्ते को दुत्कारा, फिर पछताए—दुत्कारना भूल है।
  3. कर्तव्य: खेल रोककर पिल्ले की मदद करना, पानी देना, किसी बड़े को बुलाना।

Answer: मुझे खेल रोककर पिल्ले की मदद करनी चाहिए। शेख अयाज़ के पिता ने च्योंटे के लिए भोजन छोड़ा था, और नूह घायल कुत्ते को दुत्कारकर जीवन-भर पछताए।

Memory hook: गेंद रुकी, दया जगी—च्योंटे के लिए रोटी छूटी थी।

प्रकृति का असंतुलन और उसके परिणाम

कल्पना कीजिए कि आपके शहर में बेमौसम भारी बारिश के कारण आपकी प्री-बोर्ड परीक्षा टल गई। विद्यालय पत्रिका ने 'प्रकृति क्यों नाराज़ है?' विषय पर छात्रों से छोटे लेख माँगे हैं।

पाठ में बताए गए कारणों और परिणामों के आधार पर पत्रिका के लिए 25-30 शब्दों का एक अनुच्छेद लिखिए।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. कारण: बढ़ती आबादी, पेड़ों का कटना, प्रदूषण, बारूद की विनाशलीला।
  2. परिणाम: ज़्यादा गरमी, बेवक्त की बरसातें, ज़लज़ले, सैलाब, नए रोग।
  3. निष्कर्ष: प्रकृति की सहनशक्ति की सीमा है—बंबई के समंदर का उदाहरण।

Answer: बढ़ती आबादी ने पेड़ काटे, प्रदूषण ने पंछी भगाए। इसी असंतुलन से बेवक्त बरसातें, बाढ़ और नए रोग आते हैं। बंबई के समंदर की तरह प्रकृति की सहनशक्ति भी सीमित है।

Memory hook: टली हुई परीक्षा याद दिलाए—नेचर की सहनशक्ति की सीमा है।

सबका रचयिता एक है: समानता और विनम्रता

मान लीजिए आपकी कक्षा में एक नया छात्र आया है जो दूसरे राज्य से है और हिंदी अटक-अटककर बोलता है। कुछ सहपाठी उसका मज़ाक उड़ाते हैं और उसे अपने समूह में नहीं बैठाते।

घायल कुत्ते के उत्तर के आधार पर अपने सहपाठियों को समझाइए कि उनका व्यवहार गलत क्यों है। (25-30 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. कुत्ते ने कहा—न वह अपनी मर्ज़ी से कुत्ता है, न नूह अपनी पसंद से इनसान।
  2. जन्म, भाषा, जगह हमने नहीं चुनी; बनाने वाला सबका एक है।
  3. नूह को दुत्कारने पर पछताना पड़ा—किसी का अपमान भूल है।

Answer: कोई अपनी मर्ज़ी से किसी जगह या भाषा में जन्म नहीं लेता। कुत्ते ने नूह से कहा था कि बनाने वाला सबका एक है। मज़ाक उड़ाना वैसी ही भूल है।

Memory hook: नया दोस्त, पुराना सच—'बनाने वाला सबका तो वही एक है।'

Topics in this chapter

  • अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले सारांशComing soon
  • पाठ के प्रश्न-उत्तर (लिखित अभ्यास)Coming soon
  • पाठ का मूल संदेश और प्रकृति-असंतुलनComing soon
  • लेखक की माँ का चरित्र-चित्रणComing soon
  • पाठ के दोहे और पंक्तियों के आशयComing soon

How the board asks निदा फ़ाज़ली – अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले

The question patterns to expect, and the method that works for each.

Question typeHow it is askedMethod
पठित गद्यांश पर बहुविकल्पी प्रश्न (1×5)पाठ का कोई अंश (जैसे समंदर के गुस्से वाला या माँ की सीखों वाला) देकर पाँच MCQ पूछे जाते हैं: तथ्य, कारण, शब्द का अर्थ, भाव या लेखक का उद्देश्य।पहले पूरा गद्यांश ध्यान से पढ़ें। हर विकल्प को गद्यांश की पंक्ति से मिलाएँ। 'क्यों' वाले प्रश्न में कारण गद्यांश के भीतर ही खोजें, अपनी कल्पना से नहीं। शब्दार्थ (जैसे सैलाब, ज़लज़ले, डेरा) पहले से याद रखें।
कथन-कारण प्रश्नकथन (A) और कारण (R) देकर पूछा जाता है कि दोनों सही हैं या नहीं और क्या R, A की सही व्याख्या है। जैसे: नूह जीवन-भर रोते रहे / उन्होंने घायल कुत्ते को दुत्कारा था।पहले A और R को अलग-अलग पाठ से जाँचें। फिर देखें कि R सचमुच A का कारण है या केवल सही तथ्य है। 'क्योंकि' जोड़कर पढ़ने से संबंध साफ़ हो जाता है।
25-30 शब्दों का तथ्य और कारण वाला प्रश्न (2 अंक)जैसे: शेख अयाज़ के पिता भोजन छोड़कर क्यों उठे? समुद्र के गुस्से का कारण क्या था? माँ ने रोज़ा क्यों रखा?पहले वाक्य में सीधा उत्तर दें, दूसरे वाक्य में उसका कारण या भाव लिखें। दो मूल्य-बिंदु ज़रूर हों। 30 शब्द से आगे न बढ़ें।
चरित्र और जीवन-मूल्य वाला प्रश्नघटना पूछकर साथ में पूछा जाता है कि इससे पात्र की कौन-सी विशेषताएँ उभरती हैं या माँ ने किन जीवन-मूल्यों को विकसित करने का प्रयास किया।घटना एक वाक्य में लिखें, फिर दो विशेषताएँ या मूल्य (जैसे करुणा, प्रकृति-प्रेम, जिम्मेदारी) नाम लेकर लिखें और हर एक को घटना से जोड़ें।
आशय और दोहे का भावकिसी पंक्ति या दोहे का आशय पूछा जाता है, जैसे 'नेचर की सहनशक्ति की एक सीमा होती है' या 'सब की पूजा एक-सी' का अर्थ।पंक्ति को अपने शब्दों में सरल करें, फिर बताएँ कि पाठ में वह किस घटना या विचार से जुड़ी है। केवल शब्दार्थ लिखना पर्याप्त नहीं।
HOTS / योग्यता-आधारित प्रश्नपाठ के संदेश को आज के जीवन से जोड़ने को कहा जाता है, जैसे: आपके घर में पक्षी घोंसला बना लें तो आप क्या करेंगे? पाठ का शीर्षक कितना सार्थक है?पहले पाठ का संबंधित प्रसंग बताएँ (माँ या पत्नी का व्यवहार), फिर अपना तर्कपूर्ण मत दें। उत्तर व्यावहारिक और संतुलित हो, केवल उपदेश न हो।

Tricks to remember निदा फ़ाज़ली – अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले

Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.

  • पाठ के प्रसंगों का क्रम

    वाक्य याद कीजिए: 'सुलेमान की चींटी, अयाज़ का च्योंटा, नूह का कुत्ता; फिर बंबई का समंदर, माँ के कबूतर, पत्नी की जाली।' छोटे जीव से शुरू होकर लेखक के अपने घर पर अंत।

    Use it when: पूरे पाठ का सारांश या प्रसंगों का क्रम पूछे जाने पर, और MCQ में 'कौन-सा प्रसंग पहले आता है' जैसे प्रश्नों में।

  • तीन जहाज़, तीन जगहें: 'व-बा-गे'

    व = वर्ली के समंदर का किनारा, बा = बांद्रा में कार्टर रोड के सामने (औंधे मुँह), गे = गेट-वे-ऑफ़ इंडिया (टूट-फूटकर सैलानियों का नज़ारा)।

    Use it when: समुद्र के गुस्से वाले प्रश्न में जगहों के सही नाम लिखने के लिए।

  • माँ के पाँच निर्देश: 'पे-फू-द-क-मु'

    पेड़ (सूरज ढले पत्ते मत तोड़ो—रोएँगे), फूल (दीया-बत्ती के वक्त मत तोड़ो—बद्दुआ), दरिया (सलाम करो—खुश होता है), कबूतर (हज़रत मुहम्मद को अज़ीज़), मुर्गा (मुल्ला जी से पहले अज़ान)।

    Use it when: माँ के निर्देश, उनके जीवन-मूल्य या चरित्र-चित्रण वाले प्रश्नों में उदाहरण देने के लिए।

  • समंदर की चार सीढ़ियाँ

    'समेटा-उकड़ूँ-खड़ा-गुस्सा': पहले टाँगें समेटीं, फिर उकड़ूँ बैठा, फिर खड़ा हुआ, जगह न बची तो गुस्से में जहाज़ फेंके।

    Use it when: समुद्र के मानवीकरण और प्रकृति की सहनशक्ति वाले प्रश्नों में क्रम सही रखने के लिए।

  • ग्वालियर बनाम बंबई = माँ बनाम पत्नी

    ग्वालियर: माँ, अंडा टूटा तो रोज़ा। बंबई: पत्नी, परेशानी हुई तो जाली। बीच की दूरी = संवेदना की कमी = शीर्षक 'अब कहाँ...'।

    Use it when: शीर्षक की सार्थकता, बदलते समाज और तुलना वाले HOTS प्रश्नों में।

निदा फ़ाज़ली – अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले: extract-based questions

Read the extract, answer every part on paper, then open the answers.

Extract 1: शेख अयाज़ के पिता और काला च्योंटा

माँ ने पूछा, ‘क्या बात है? भोजन अच्छा नहीं लगा?’ शेख अयाज़ के पिता बोले, ‘नहीं, यह बात नहीं है। मैंने एक घर वाले को बेघर कर दिया है। उस बेघर को कुएँ पर उसके घर छोड़ने जा रहा हूँ।’

  1. (1) · 1 mark · MCQ

    (संदर्भ: भोजन करते समय पिता की नज़र अपनी बाजू पर रेंगते एक काले च्योंटे पर पड़ी और वे उठ खड़े हुए।) शेख अयाज़ के पिता भोजन छोड़कर क्यों उठ खड़े हुए?
    (क) उन्हें भोजन अच्छा नहीं लगा
    (ख) वे बाजू पर रेंगते च्योंटे को उसके घर छोड़ना चाहते थे
    (ग) उन्हें कुएँ पर दोबारा नहाना था
    (घ) च्योंटे ने उन्हें काट लिया था

  2. (2) · 1 mark · MCQ

    'मैंने एक घर वाले को बेघर कर दिया है'—इस वाक्य में 'घर वाला' किसे कहा गया है?
    (क) शेख अयाज़ को
    (ख) कुएँ पर रहने वाले पड़ोसी को
    (ग) काले च्योंटे को
    (घ) शेख अयाज़ की माँ को

  3. (3) · 1 mark · MCQ

    माँ के प्रश्न 'भोजन अच्छा नहीं लगा?' से क्या पता चलता है?
    (क) माँ को भोजन बनाना नहीं आता था
    (ख) माँ ने पिता के उठने का कारण भोजन की कमी समझा
    (ग) माँ पिता से नाराज़ थीं
    (घ) माँ ने च्योंटा पहले ही देख लिया था

  4. (4) · 1 mark · Assertion-reason

    (संदर्भ: पिता कुएँ से नहाकर लौटे थे।) कथन (A): शेख अयाज़ के पिता ने च्योंटे को कुएँ पर ही छोड़ने का निर्णय लिया।
    कारण (R): वे कुएँ से नहाकर लौटे थे, इसलिए मानते थे कि च्योंटे का घर कुएँ पर ही है।
    (क) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
    (ख) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
    (ग) कथन (A) सही है, परंतु कारण (R) गलत है।
    (घ) कथन (A) गलत है, परंतु कारण (R) सही है।

  5. (5) · 1 mark · MCQ

    पिता के व्यवहार से उनके किस जीवन-मूल्य का पता चलता है?
    (क) भोजन के प्रति अरुचि
    (ख) छोटे-से जीव के प्रति करुणा और ज़िम्मेदारी
    (ग) कुएँ के प्रति धार्मिक आस्था
    (घ) घर के कामों से बचने की आदत

Show the answersAnswers
  1. (ख) वे बाजू पर रेंगते च्योंटे को उसके घर छोड़ना चाहते थे
  2. (ग) काले च्योंटे को
  3. (ख) माँ ने पिता के उठने का कारण भोजन की कमी समझा
  4. (क) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
  5. (ख) छोटे-से जीव के प्रति करुणा और ज़िम्मेदारी

Extract 2: ग्वालियर से बंबई: वर्सोवा की बस्ती

अब यहाँ समंदर के किनारे लंबी-चौड़ी बस्ती बन गई है। इस बस्ती ने न जाने कितने परिंदों-चरिंदों से उनका घर छीन लिया है। इनमें से कुछ शहर छोड़कर चले गए हैं। जो नहीं जा सके हैं उन्होंने यहाँ-वहाँ डेरा डाल लिया है।

  1. (1) · 1 mark · MCQ

    गद्यांश के अनुसार लंबी-चौड़ी बस्ती कहाँ बन गई है?
    (क) ग्वालियर में
    (ख) समंदर के किनारे
    (ग) पहाड़ों पर
    (घ) नदी के पार

  2. (2) · 1 mark · MCQ

    गद्यांश के अनुसार बस्ती बनने के बाद कुछ परिंदों-चरिंदों ने क्या किया?
    (क) वे शहर छोड़कर चले गए
    (ख) वे समंदर में चले गए
    (ग) वे लेखक के घर में बस गए
    (घ) वे ग्वालियर लौट गए

  3. (3) · 1 mark · MCQ

    'परिंदों-चरिंदों' शब्द से लेखक का क्या अभिप्राय है?
    (क) केवल पालतू पशु
    (ख) पक्षी और चरने वाले पशु
    (ग) शहर के लोग
    (घ) समुद्री जीव

  4. (4) · 1 mark · MCQ

    'उन्होंने यहाँ-वहाँ डेरा डाल लिया है'—इस पंक्ति का आशय है:
    (क) उन्होंने स्थायी और सुरक्षित घर बना लिया है
    (ख) वे शहर छोड़कर चले गए हैं
    (ग) बेघर जीव जहाँ-तहाँ अस्थायी ठिकाना बनाकर रह रहे हैं
    (घ) उन्होंने मनुष्यों पर हमला कर दिया है

  5. (5) · 1 mark · MCQ

    गद्यांश का केंद्रीय भाव क्या है?
    (क) शहर में रहने के लाभ
    (ख) बढ़ती बस्तियों ने पशु-पक्षियों का घर छीन लिया है
    (ग) ग्वालियर बंबई से बड़ा शहर है
    (घ) समंदर के किनारे घर बनाना सुरक्षित है

Show the answersAnswers
  1. (ख) समंदर के किनारे
  2. (क) वे शहर छोड़कर चले गए
  3. (ख) पक्षी और चरने वाले पशु
  4. (ग) बेघर जीव जहाँ-तहाँ अस्थायी ठिकाना बनाकर रह रहे हैं
  5. (ख) बढ़ती बस्तियों ने पशु-पक्षियों का घर छीन लिया है

निदा फ़ाज़ली – अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले: board-level solved questions

Ordered from board level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.

Example 1: सुलेमान और चींटियाँ · 2 marks · Short answerBoard level

फ़ौज की आहट से डरी चींटियों को सुलेमान ने क्या कहकर आश्वस्त किया? इससे उनके व्यक्तित्व का कौन-सा गुण झलकता है? (25-30 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. सुलेमान चींटियों की बात सुनकर थोड़ी दूर पर रुक गए।
  2. उन्होंने कहा—घबराओ नहीं, खुदा ने उन्हें सबका रखवाला बनाया है; वे सबके लिए मुहब्बत हैं। (1 अंक)
  3. गुण: दयालुता, विनम्रता, छोटे जीवों की चिंता। (1 अंक)

Answer: सुलेमान ने चींटियों से कहा कि घबराओ नहीं, खुदा ने उन्हें सबका रखवाला बनाया है और वे सबके लिए मुहब्बत हैं। इससे उनकी दयालुता और विनम्रता झलकती है।

Example 2: घायल कुत्ते का उत्तर और नूह · 2 marks · Short answerHarder board level

नूह की दुत्कार पर घायल कुत्ते ने क्या उत्तर दिया? उत्तर सुनकर नूह की क्या प्रतिक्रिया हुई? (25-30 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. नूह ने घायल कुत्ते को 'गंदे कुत्ते' कहकर दुत्कारा।
  2. कुत्ते का उत्तर: न वह अपनी मर्ज़ी से कुत्ता है, न नूह अपनी पसंद से इनसान; बनाने वाला एक ही है। (1 अंक)
  3. प्रतिक्रिया: नूह को भूल का एहसास हुआ, वे दुखी होकर मुद्दत तक रोते रहे। (1 अंक)

Answer: कुत्ते ने कहा कि न वह मर्ज़ी से कुत्ता है, न नूह पसंद से इनसान; सबका रचयिता एक है। भूल समझकर नूह दुखी हुए और मुद्दत तक रोते रहे।

Example 3: लेखक की माँ का चरित्र · 2 marks · Short answerHarder board level

पाठ के आधार पर लेखक की माँ की दो चारित्रिक विशेषताएँ उदाहरण सहित लिखिए। (25-30 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. संवेदनशीलता: कबूतर का अंडा टूटने पर आँसू आए, पूरे दिन रोज़ा रखा, नमाज़ पढ़कर माफ़ी माँगी। (1 अंक)
  2. प्रकृति-प्रेम: पेड़, फूल, दरिया, कबूतर और मुर्गे का सम्मान करना सिखाती थीं। (1 अंक)
  3. हर विशेषता के साथ पाठ से प्रमाण देना ज़रूरी है।

Answer: माँ संवेदनशील थीं; कबूतर के अंडे टूटने पर वे रोईं और पूरे दिन रोज़ा रखा। वे प्रकृति-प्रेमी थीं; लेखक को पेड़, फूल, दरिया और पक्षियों का सम्मान सिखाती थीं।

Example 4: समंदर का गुस्सा: मानवीकरण · 2 marks · Short answerHarder board level

लेखक ने बंबई में समुद्र के गुस्से का चित्रण किस प्रकार किया है? इससे क्या संदेश मिलता है? (25-30 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. कारण: बिल्डर कई सालों से समंदर को पीछे धकेलकर उसकी ज़मीन हथिया रहे थे।
  2. चित्रण: समंदर मनुष्य की तरह पहले टाँगें समेटकर बैठा, फिर उकड़ूँ बैठा, फिर खड़ा हुआ, अंत में गुस्से में तीन जहाज़ गेंद की तरह फेंक दिए। (1 अंक)
  3. संदेश: प्रकृति की सहनशक्ति की एक सीमा होती है। (1 अंक)

Answer: बिल्डरों ने समंदर की ज़मीन हथियाई तो वह टाँगें समेटकर बैठा, फिर खड़ा हुआ; गुस्से में उसने तीन जहाज़ गेंद की तरह फेंक दिए। संदेश: प्रकृति की सहनशक्ति सीमित है।

Example 5: माँ और पत्नी: दो व्यवहार · 2 marks · Short answerHOTS / competency

कबूतरों के प्रति लेखक की माँ और लेखक की पत्नी के व्यवहार की तुलना कीजिए। यह अंतर पाठ के शीर्षक को कैसे सार्थक करता है? (25-30 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. माँ: अंडा अपने हाथ से टूटने पर इसे गुनाह माना, पूरे दिन रोज़ा रखा। (1/2 अंक)
  2. पत्नी: रोज़ की परेशानी से तंग आकर घोंसले की जगह जाली लगाई, बच्चों को दूसरी जगह किया। (1/2 अंक)
  3. यह अंतर बताता है कि दूसरों के दुख को अपना मानने वाली संवेदना घटी है; इसीलिए शीर्षक 'अब कहाँ...' सार्थक है। (1 अंक)
  4. पत्नी की परेशानी सच्ची थी, पर कबूतरों का दुख बाँटने वाला कोई नहीं रहा—यह व्याख्या है।

Answer: माँ ने अंडा टूटने पर रोज़ा रखकर पश्चाताप किया, जबकि पत्नी ने परेशानी से तंग आकर जाली लगा दी। यह संवेदना में आई कमी दिखाता है, इसलिए शीर्षक सार्थक है।

Example 6: च्योंटे का प्रसंग और आज का मनुष्य · 2 marks · Short answerHOTS / competency

शेख अयाज़ के पिता का च्योंटे को कुएँ पर छोड़ने जाना आज के सुविधा-प्रिय मनुष्य को क्या सीख देता है? (25-30 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. पिता ने एक छोटे च्योंटे के घर को अपने भोजन से बढ़कर माना। (1 अंक)
  2. आज मनुष्य अपनी सुविधा के लिए जीवों के घर उजाड़ देता है—जैसे वर्सोवा की बस्ती।
  3. सीख: दूसरे जीवों का घर छीनना नहीं, लौटाना चाहिए। (1 अंक)

Answer: पिता ने च्योंटे के घर को भोजन से बढ़कर माना। आज मनुष्य सुविधा के लिए जीवों के घर उजाड़ता है। सीख: उनका घर छीनें नहीं, लौटाएँ।

Where the marks are

How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.

लेखक की माँ के व्यवहार से उनके किन दो जीवन-मूल्यों का पता चलता है? पाठ के आधार पर लिखिए। (25-30 शब्द) (2 marks)

StepMarks
पहला जीवन-मूल्य उदाहरण सहित: जीवों के प्रति करुणा—कबूतर का अंडा टूटने पर आँसू, पूरे दिन रोज़ा और नमाज़ में माफ़ी।1
दूसरा जीवन-मूल्य उदाहरण सहित: प्रकृति का सम्मान—पेड़-फूल न तोड़ने, दरिया को सलाम करने, कबूतर-मुर्गे को न सताने के निर्देश।1

पठित गद्यांश (शेख अयाज़ के पिता और काला च्योंटा) पर आधारित पाँच बहुविकल्पी प्रश्न, कथन-कारण सहित (1×5) (5 marks)

StepMarks
प्रश्न 1: भोजन छोड़ने का कारण—सही विकल्प चुनना1
प्रश्न 2: 'घर वाला' किसे कहा गया—सही विकल्प1
प्रश्न 3: माँ के प्रश्न से निकलने वाला अनुमान—सही विकल्प1
प्रश्न 4: कथन-कारण—दोनों की सत्यता और व्याख्या का संबंध पहचानना1
प्रश्न 5: पिता के व्यवहार से प्रकट जीवन-मूल्य—सही विकल्प1

Where students lose marks in निदा फ़ाज़ली – अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले

The slips examiners see most often, and what to write instead.

  • Mistake: नूह का असली नाम गलत लिखना

    सुलेमान, लशकर और लश्कर (सेना) शब्द आपस में उलझ जाते हैं।

    Wrong working

    नूह का असली नाम सुलेमान था और वे सेना के साथ चलते थे।

    Right working

    नूह का असली नाम लशकर था; अरब ने उन्हें नूह के लकब से याद किया, क्योंकि वे सारी उम्र रोते रहे।

    Do this: याद रखें: सुलेमान = चींटियाँ, लशकर (नूह) = घायल कुत्ता।

    Usually costs: MCQ में पूरा 1 अंक; 2 अंक के उत्तर में 1 अंक।

  • Mistake: माँ के रोज़े का कारण अधूरा लिखना

    छात्र केवल बिल्ली वाली बात लिखते हैं, जबकि माँ ने दूसरा अंडा अपने हाथ से टूटने को 'गुनाह' माना।

    Wrong working

    बिल्ली ने अंडा तोड़ दिया इसलिए माँ ने रोज़ा रखा।

    Right working

    दूसरा अंडा बचाते समय माँ के हाथ से गिरकर टूट गया; इस गुनाह की माफ़ी के लिए उन्होंने पूरे दिन रोज़ा रखा।

    Do this: कारण वाले प्रश्न में घटना का वह हिस्सा लिखें जो सीधे कारण बनता है।

    Usually costs: 2 अंक के प्रश्न में 1 अंक।

  • Mistake: गुण पूछने पर केवल कहानी दोहराना

    प्रश्न 'कौन-सी विशेषता' पूछता है, पर छात्र पूरी घटना सुना देते हैं और गुण का नाम ही नहीं लिखते।

    Wrong working

    पिता कुएँ से नहाकर आए, माँ ने खाना परोसा, उन्होंने रोटी तोड़ी, फिर च्योंटा देखा और उठ गए।

    Right working

    पिता करुणामय और ज़िम्मेदार थे; च्योंटे को बेघर करने का दुख हुआ, इसलिए भोजन छोड़कर उसे कुएँ पर छोड़ने गए।

    Do this: पहले गुण का नाम लिखें, फिर एक पंक्ति का प्रमाण।

    Usually costs: 2 अंक के प्रश्न में 1 अंक।

  • Mistake: शब्द-सीमा से बहुत लंबा उत्तर

    पूरा पाठ जानने के उत्साह में 2 अंक के उत्तर में सारे प्रसंग लिख दिए जाते हैं; समय भी नष्ट होता है।

    Wrong working

    (70-80 शब्दों में सुलेमान, नूह, समंदर और माँ—सब प्रसंग एक ही उत्तर में।)

    Right working

    (25-30 शब्द) केवल पूछे गए प्रसंग के दो उत्तर-बिंदु, साफ़ वाक्यों में।

    Do this: उत्तर लिखने से पहले दो बिंदु चुन लें और दो-तीन वाक्यों में रुक जाएँ।

    Usually costs: सीधे अंक भले न कटें, पर अनावश्यक बातें मुख्य बिंदु दबा देती हैं और समय की कमी से दूसरे प्रश्न छूट सकते हैं।

  • Mistake: जाली लगाने वाले व्यक्ति को गलत बताना

    पाठ 'मैं' (लेखक) की भाषा में है, इसलिए छात्र मान लेते हैं कि जाली लेखक ने लगाई।

    Wrong working

    लेखक ने तंग आकर खिड़की पर जाली लगवा दी।

    Right working

    रोज़ की परेशानी से तंग आकर लेखक की पत्नी ने घोंसले की जगह जाली लगा दी और बच्चों को दूसरी जगह कर दिया।

    Do this: पात्र का नाम या संबंध पाठ के अनुसार ही लिखें।

    Usually costs: MCQ में पूरा 1 अंक; 2 अंक के उत्तर में 1 अंक।

  • Mistake: च्योंटे को छोड़ने की जगह गलत लिखना

    छात्र अनुमान से 'बगीचे' या 'बाहर' लिख देते हैं।

    Wrong working

    पिता च्योंटे को बगीचे में छोड़ने गए।

    Right working

    पिता कुएँ से नहाकर लौटे थे, इसलिए च्योंटे को कुएँ पर उसके घर छोड़ने गए।

    Do this: तथ्य हमेशा पाठ से मिलाकर लिखें—'कुएँ से आए, कुएँ पर लौटाया'।

    Usually costs: MCQ में पूरा 1 अंक।

निदा फ़ाज़ली – अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले: previous year questions

  • Course A: Not asked in any of the 21 board papers we hold (2023 to 2026).
  • Course B: Asked in 4 of the 21 board papers we hold (2023 to 2026), on average 1 marks per paper; 4 questions in all, counting OR alternatives. In 0 of 4 sample papers.

Counted from the real papers on our previous year papers page, not estimated. Average marks are over every board paper we hold, with an OR pair counted once. Chapter tags are ours.

Solved board questions from निदा फ़ाज़ली – अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले

Real questions from recent papers. Try each one first, then open our step-by-step solution with marks per step.

2024 Course B, set 4/1/1, Q11 · 6 marks · Very short answer

गद्य खण्ड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए :

  1. (क)

    शेख अयाज़ के पिता ने अपनी बाजू पर काले च्योंटे को रेंगता देख क्या किया? इससे उनकी कौनसी विशेषताएँ उभर कर आती हैं? 'अब कहाँ दूसरे के दुःख से दुःखी होने वाले' पाठ के आधार पर लिखिए।

    3 marks
  2. (ख)

    'झेन परंपरा की यह बड़ी देन मिली है जापानियों को।' इस कथन में झेन परंपरा की किस बड़ी देन की बात कही गई है? स्पष्ट कीजिए।

    3 marks
  3. (ग)

    'डायरी का एक पन्ना' पाठ के आधार पर बताइए कि 'ओपन लड़ाई' किसे कहा गया है और यह अपूर्व थी, कैसे?

    3 marks
Try it first, then show our solutionSolution
  1. (क) क्या किया: बाजू पर काला च्योंटा रेंगता देख शेख अयाज़ के पिता भोजन छोड़कर तुरंत उठ खड़े हुए। उन्होंने उसे कुएँ के पास जहाँ से वह आया था, वहीं पहुँचाने का निर्णय लिया और उसे घर तक छोड़ने चल पड़े।

    1 mark
  2. (क) विशेषताएँ: इससे जीव-जंतुओं के प्रति करुणा और दया, संवेदनशीलता, उदारता और परोपकार की भावना उभरती है। वे दूसरे प्राणी के दुख को अपना दुख समझते थे। (ख) और (ग) में से कोई एक और लिखना है।

    2 marks
  3. (ख) झेन की देन: झेन परंपरा की बड़ी देन 'चा-नो-यू' (टी सेरेमनी) है, जिससे ध्यान लगाने की परंपरा बनी। इसमें मन को शांत कर तनाव से मुक्त होकर वर्तमान में जीना सिखाया जाता है।

    1 mark
  4. (ख) इस पद्धति में अतीत की खट्टी-मीठी यादों और भविष्य की कल्पनाओं में न उलझकर केवल वर्तमान क्षण को जिया जाता है। इससे भागदौड़ भरे जीवन में मानसिक शांति मिलती है।

    2 marks
  5. (ग) ओपन लड़ाई: 26 जनवरी 1931 को सभा का समय और स्थान घोषित करके खुलेआम सभा आयोजित करने को 'ओपन लड़ाई' कहा गया।

    1 mark
  6. (ग) अपूर्व कैसे: पुलिस कमिश्नर ने नोटिस दिया कि सभा न हो और भाग लेने वाले दोषी माने जाएँगे। कौंसिल ने उसी समय चार बजकर चौबीस मिनट पर झंडा फहराने और प्रतिज्ञा पढ़ने के लिए सबको बुलाया। प्रशासन को ऐसी खुली चुनौती और इतनी बड़ी उपस्थिति पहले कभी नहीं मिली थी।

    2 marks

Answer: किन्हीं दो उत्तर (क), (ख), (ग) में से: (क) च्योंटे को लौटाने गए, करुणा व संवेदनशीलता; (ख) चा-नो-यू द्वारा वर्तमान में जीना; (ग) खुली सभा की घोषणा, पुलिस नोटिस को चुनौती।

Where the marks are

  • (क) च्योंटे को घर पहुँचाने के लिए भोजन छोड़कर चल पड़े (1 अंक)
  • (क) करुणा, संवेदनशीलता, उदारता आदि विशेषताएँ (2 अंक)
  • (ख) चा-नो-यू से ध्यान की परंपरा (1 अंक)
  • (ख) वर्तमान में जीना, अतीत-भविष्य में न उलझना (2 अंक)
  • (ग) 26 जनवरी 1931 की खुली सभा 'ओपन लड़ाई' (1 अंक)
  • (ग) पुलिस नोटिस के विरुद्ध सभा और अभूतपूर्व उपस्थिति (2 अंक)

See it in the full 2024 board paper, set 4/1/1

2023 Course B, set 4/5/1, Q10 · 2 marks · Reading comprehension

गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर के लिए सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : 2×1=2

  1. (i)

    ‘अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले’ पाठ के आधार पर शेख अयाज़ के पिता द्वारा भोजन छोड़कर उठने का कारण था :

    1. (A)भोजन का अच्छा नहीं लगना
    2. (B)पेट का भर जाना
    3. (C)आवश्यक काम का याद आ जाना
    4. (D)बेघर जीव को उसके घर पहुँचाना
    1 mark
  2. (ii)

    ‘गिन्नी का सोना’ पाठ के आधार पर लिखिए कि समाज के पास विद्यमान शाश्वत जीवन मूल्य किनकी देन हैं ।

    1. (A)महात्मा गाँधी की
    2. (B)आदर्शवादियों की
    3. (C)व्यवहारवादियों की
    4. (D)प्रैक्टिकल आइडियालिस्टों की
    1 mark
Try it first, then show our solutionSolution
  1. (i) शेख अयाज़ के पिता कुएँ में गिरे/बेघर जीव (चींटी/जीव) को उसके घर पहुँचाने के लिए भोजन छोड़कर उठे। उत्तर: (d)।

    1 mark
  2. (ii) 'गिन्नी का सोना' के अनुसार शाश्वत मूल्य आदर्शवादियों की देन हैं। उत्तर: (b)।

    1 mark

Answer: (i) D; (ii) B

Where the marks are

  • (i) D (1 अंक)
  • (ii) B (1 अंक)

See it in the full 2023 board paper, set 4/5/1

Every निदा फ़ाज़ली – अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले question, by year

Course A (0 questions, sample papers included)

Course B (4 questions, sample papers included)

2024

Set 4/1/1: Q11 (6 marks, solved)

2023

Set 4/1/1: Q11 (6 marks, solved)

Set 4/2/1: Q11 (6 marks, solved)

Set 4/5/1: Q10 (2 marks, solved)

Practice questions on निदा फ़ाज़ली – अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले

Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.

  1. Q1 · 1 mark · MCQBoard level

    पाठ के अनुसार 'महाभारत' में अंत तक युधिष्ठिर का साथ किसने निभाया?
    (क) उनके भाइयों ने
    (ख) प्रतीकात्मक रूप में एक कुत्ते ने
    (ग) द्रौपदी ने
    (घ) एक कबूतर ने

    Hint

    नूह वाले प्रसंग के ठीक बाद लेखक किस जीव की बात आगे बढ़ाता है?

    Answer

    (ख) प्रतीकात्मक रूप में एक कुत्ते ने। पाठ के अनुसार सब साथ छोड़ते गए तो केवल वही युधिष्ठिर के एकांत को शांत कर रहा था।

  2. Q2 · 2 marks · Short answerBoard level

    लेखक की माँ ने कबूतरों और मुर्गे को न सताने के कौन-से कारण बताए? (25-30 शब्द)

    Hint

    एक कारण हज़रत मुहम्मद से जुड़ा है, दूसरा सुबह की अज़ान से।

    Answer

    उत्तर-बिंदु: कबूतर हज़रत मुहम्मद को अज़ीज़ हैं, उन्हें मज़ार के गुंबद पर घोंसले की इजाज़त मिली है; मुर्गा मुल्ला जी से पहले अज़ान देकर सबको जगाता है।

    आदर्श उत्तर: माँ कहती थीं कि कबूतर हज़रत मुहम्मद को अज़ीज़ हैं, जिन्होंने उन्हें मज़ार के गुंबद पर घोंसले की इजाज़त दी। मुर्गा मुल्ला जी से पहले अज़ान देकर सबको जगाता है।

  3. Q3 · 2 marks · Short answerHarder board level

    'धरती किसी एक की नहीं है'—इस विचार के साथ लेखक ने मनुष्य की बुद्धि पर क्या व्यंग्य किया है? (25-30 शब्द)

    Hint

    हिस्सेदारी किस-किसकी है और मनुष्य ने उसमें क्या खड़ा कर दिया?

    Answer

    उत्तर-बिंदु: पंछी, मानव, पशु, नदी, पर्वत, समंदर—सबकी बराबर हिस्सेदारी; मनुष्य ने बुद्धि से बड़ी-बड़ी दीवारें खड़ी कर दीं; व्यंग्य यह कि बुद्धि ने जोड़ने के बजाय बाँटा।

    आदर्श उत्तर: धरती पर पंछी, मानव, पशु, नदी, पर्वत सबकी बराबर हिस्सेदारी है, पर मनुष्य ने अपनी बुद्धि से इसमें दीवारें खड़ी कर दीं। बुद्धि ने जोड़ने के बजाय बाँटा।

  4. Q4 · 2 marks · Short answerHarder board level

    लेखक के अनुसार पहले और अब के रहन-सहन में क्या अंतर आया है? (25-30 शब्द)

    Hint

    'एक परिवार' और 'डिब्बे जैसे घर'—दोनों छवियाँ याद कीजिए।

    Answer

    उत्तर-बिंदु: पहले संसार एक परिवार जैसा, बड़े दालानों-आँगनों में मिल-जुलकर रहना; अब संसार टुकड़ों में बँटा, जीवन छोटे डिब्बे जैसे घरों में सिमटा।

    आदर्श उत्तर: पहले संसार एक परिवार जैसा था और बड़े दालानों-आँगनों में मिल-जुलकर रहते थे। अब संसार टुकड़ों में बँट गया है और जीवन डिब्बे जैसे छोटे घरों में सिमट गया है।

  5. Q5 · 1 mark · Assertion-reasonHarder board level

    कथन (A): पाठ के अनुसार गरमी में ज़्यादा गरमी, बेवक्त की बरसातें, ज़लज़ले और नित नए रोग बढ़ रहे हैं।
    कारण (R): ये सब मानव और प्रकृति के बीच आए असंतुलन के परिणाम हैं।
    (क) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
    (ख) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
    (ग) कथन (A) सही है, परंतु कारण (R) गलत है।
    (घ) कथन (A) गलत है, परंतु कारण (R) सही है।

    Hint

    लेखक इन आपदाओं को किसका 'परिणाम' कहता है?

    Answer

    (क) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है। लेखक स्वयं इन्हें मानव और प्रकृति के असंतुलन का परिणाम बताता है।

  6. Q6 · 2 marks · Short answerHarder board level

    शेख अयाज़ के पिता और लेखक की माँ के स्वभाव में क्या समानता है? पाठ से उदाहरण दीजिए। (25-30 शब्द)

    Hint

    दोनों ने किसी जीव के लिए अपना भोजन छोड़ा।

    Answer

    उत्तर-बिंदु: दोनों जीवों का दुख अपना मानते थे; पिता ने च्योंटे को कुएँ पर पहुँचाने के लिए भोजन छोड़ा; माँ ने अंडा टूटने पर रोज़ा रखा।

    आदर्श उत्तर: दोनों जीवों के दुख को अपना दुख मानते थे। पिता ने च्योंटे को कुएँ पर पहुँचाने हेतु भोजन छोड़ा और माँ ने अंडा टूटने पर रोज़ा रखकर पश्चाताप किया।

  7. Q7 · 2 marks · Short answerHOTS / competency

    कल्पना कीजिए कि सुलेमान आज वर्सोवा में लेखक के फ्लैट पर आते और खिड़की के बाहर उदास बैठे कबूतरों को देखते। पाठ के आधार पर बताइए कि वे क्या करते। (25-30 शब्द)

    Hint

    सुलेमान की दो विशेषताएँ—वे किसकी भाषा जानते थे और स्वयं को क्या मानते थे?

    Answer

    उत्तर-बिंदु: सुलेमान पशु-पक्षियों की भाषा जानते थे; स्वयं को सबका रखवाला मानते थे; पाठ के अंत में लेखक कहता है कि अब ऐसा कोई नहीं जो कबूतरों का दुख बाँटे—सुलेमान दुख बाँटते।

    आदर्श उत्तर: सुलेमान पशु-पक्षियों की भाषा समझते थे और स्वयं को सबका रखवाला मानते थे। वे कबूतरों की उदासी समझकर उनका दुख बाँटते और शायद उन्हें उनका घर लौटाने का रास्ता निकालते।

  8. Q8 · 2 marks · Short answerHOTS / competency

    मान लीजिए आपके मोहल्ले में एक पुराना पीपल काटकर दुकानें बनाने की योजना है। पाठ के संदेश के आधार पर आप लोगों को क्या तर्क देंगे? (25-30 शब्द)

    Hint

    पाठ की 'बराबर की हिस्सेदारी' और 'सहनशक्ति की सीमा' वाली बातें जोड़िए।

    Answer

    उत्तर-बिंदु: धरती पर पेड़-पक्षियों की बराबर हिस्सेदारी; पेड़ कटने से परिंदे बेघर होंगे (वर्सोवा की तरह); असंतुलन बढ़ेगा; प्रकृति की सहनशक्ति सीमित।

    आदर्श उत्तर: मैं कहूँगा कि धरती पर पक्षियों और पेड़ों की भी बराबर हिस्सेदारी है। पेड़ कटने से परिंदे बेघर होंगे और असंतुलन बढ़ेगा; प्रकृति की सहनशक्ति की सीमा है।

Test your recall

Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.

  1. 1.सुलेमान की फ़ौज की आहट सुनकर चींटियों ने एक-दूसरे से क्या कहा?Show answer

    जल्दी से अपने-अपने बिलों में चलो, फ़ौज आ रही है।

  2. 2.सुलेमान कितने वर्ष पहले बादशाह थे और उनकी विशेष योग्यता क्या थी?Show answer

    ईसा से 1025 वर्ष पूर्व; वे पशु-पक्षियों की भाषा भी जानते थे।

  3. 3.शेख अयाज़ कौन थे?Show answer

    सिंधी भाषा के महाकवि, जिन्होंने अपनी आत्मकथा में पिता और च्योंटे की घटना लिखी।

  4. 4.नूह को 'नूह' क्यों कहा गया?Show answer

    वे घायल कुत्ते को दुत्कारने के कारण सारी उम्र रोते रहे; अरब ने उन्हें इसी लकब से याद किया।

  5. 5.बंबई में समंदर ने जहाज़ कहाँ-कहाँ फेंके?Show answer

    वर्ली के किनारे, बांद्रा में कार्टर रोड के सामने और गेट-वे-ऑफ़ इंडिया पर।

  6. 6.ग्वालियर के मकान में कबूतरों ने घोंसला कहाँ बनाया था?Show answer

    दालान के रोशनदान में।

  7. 7.वर्सोवा के फ्लैट में कबूतर कौन-सी परेशानी करते थे?Show answer

    चीज़ें गिराकर तोड़ देते और लाइब्रेरी में घुसकर कबीर या मिर्ज़ा गालिब को सताने लगते।

  8. 8.पाठ के अंत में लेखक किन दो की कमी महसूस करता है?Show answer

    सुलेमान की, जो कबूतरों की ज़ुबान समझकर दुख बाँटते, और अपनी माँ की, जो उनके दुख में रात नमाज़ों में काटती।

Quick revision checklist

The night before the exam: can you do each of these without looking?

  • क्या आप बिना देखे सुलेमान, शेख अयाज़ के पिता, नूह और लेखक की माँ—चारों प्रसंग क्रम से एक-एक पंक्ति में बता सकते हैं?
  • क्या आप बता सकते हैं कि घायल कुत्ते ने नूह को क्या उत्तर दिया और उसका संदेश क्या है?
  • क्या आप समंदर के गुस्से का कारण, चार चरण और तीनों जहाज़ों की जगहें याद कर सकते हैं?
  • क्या आप माँ के पाँचों निर्देश (पेड़, फूल, दरिया, कबूतर, मुर्गा) उनके कारण सहित गिना सकते हैं?
  • क्या आप बता सकते हैं कि माँ ने रोज़ा क्यों रखा—बिल्ली वाला अंडा नहीं, दूसरा अंडा किसके हाथ से टूटा?
  • क्या आप पाठ में गिनाए गए प्रकृति-असंतुलन के कारण और परिणाम दो-दो बिंदुओं में लिख सकते हैं?
  • क्या आप माँ और पत्नी के व्यवहार की तुलना करके 30 शब्दों में शीर्षक की सार्थकता समझा सकते हैं?

निदा फ़ाज़ली – अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले: frequently asked questions

'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले' पाठ का मूल संदेश क्या है?

पाठ का संदेश है कि धरती पर सब जीवों का बराबर अधिकार है। मनुष्य ने स्वार्थ में दूसरे जीवों को बेघर किया और प्रकृति का संतुलन बिगाड़ा। लेखक चाहते हैं कि हम दूसरों के दुख को समझें और प्रकृति का सम्मान करें।

अरब में लशकर को नूह क्यों कहा गया?

लशकर ने एक घायल कुत्ते को गंदा कहकर दुत्कारा था। कुत्ते ने कहा कि सबका बनाने वाला एक ही है। यह सुनकर वे दुखी हुए और सारी उम्र रोते रहे, इसलिए अरब ने उन्हें नूह के लकब से याद किया।

समुद्र को गुस्सा क्यों आया और उसने क्या किया?

बड़े-बड़े बिल्डर समंदर को पीछे धकेलकर उसकी ज़मीन हथिया रहे थे, जिससे वह सिमटता गया। जगह कम पड़ने पर उसे गुस्सा आया। उसने एक रात तीन जहाज़ों को उठाकर वर्ली, बांद्रा में कार्टर रोड के सामने और गेट-वे-ऑफ़ इंडिया पर फेंक दिया।

लेखक की माँ ने पूरे दिन का रोज़ा क्यों रखा?

बिल्ली ने कबूतर का एक अंडा तोड़ दिया था। माँ ने दूसरा अंडा बचाने की कोशिश की, पर वह उनके हाथ से गिरकर टूट गया। इसे अपना गुनाह मानकर उन्होंने खुदा से माफ़ी के लिए पूरे दिन रोज़ा रखा।

लेखक की पत्नी ने जाली क्यों लगवाई?

कबूतर दिन में कई बार आते-जाते थे, चीज़ें गिराकर तोड़ देते थे और लाइब्रेरी में घुस जाते थे। इस रोज़ की परेशानी से तंग आकर पत्नी ने घोंसले की जगह जाली लगा दी। इससे पता चलता है कि आज लोग अपनी सुविधा को जीवों के दुख से ऊपर रखते हैं।

इस पाठ के लिए बोर्ड में कितने शब्दों में उत्तर लिखना होता है?

स्पर्श के गद्य पाठों पर पूछे जाने वाले लिखित प्रश्नों का उत्तर 25-30 शब्दों में लिखना होता है और हर प्रश्न 2 अंक का होता है। पठित गद्यांश पर आने वाले बहुविकल्पी प्रश्नों में केवल सही विकल्प चुनना होता है।

Based on: CBSE हिंदी पाठ्यक्रम-ब (085), कक्षा 10, 2026-27; NCERT स्पर्श भाग 2 (Reprint 2026-27), अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले