मंगलेश डबराल – संगतकार Class 10: भावार्थ और व्याख्या
Updated 14 October 2026 · Fact-checked
'संगतकार' मंगलेश डबराल की कविता है। यह क्षितिज भाग 2 के काव्य खंड में है। यह मुख्य गायक का साथ देने वाले संगतकार के महत्त्व को बताती है। संगतकार गायक को भटकने और बिखरने से बचाता है, फिर भी अपना स्वर ऊँचा नहीं करता। बोर्ड इस पर काव्यांश आधारित MCQ और 25-30 शब्दों के 2 अंक वाले प्रश्न पूछता है।
What मंगलेश डबराल – संगतकार is about
'संगतकार' क्षितिज भाग 2 के काव्य खंड का छठा पाठ है। इसके कवि मंगलेश डबराल हैं। कविता मुक्त छंद में है। एक पंक्ति में कहें तो यह कविता उस सहयोगी कलाकार के सम्मान की बात करती है, जो मुख्य गायक को सँभालता है पर खुद पीछे रहता है। NCERT की भूमिका के अनुसार यही बात नाटक, फ़िल्म, नृत्य, समाज और इतिहास पर भी लागू होती है।
बोर्ड पेपर में यह कविता खंड ग (काव्य खंड) में आती है। प्रश्न 9 में किसी पठित काव्यांश पर पाँच बहुविकल्पी प्रश्न (1×5) आ सकते हैं, जिनमें कथन-कारण प्रश्न भी होता है। प्रश्न 10 में 4 में से 3 प्रश्नों के उत्तर 25-30 शब्दों में लिखने होते हैं, हर प्रश्न 2 अंक का होता है। इसलिए शब्दों के अर्थ (तारसप्तक, स्थायी, अंतरा, अनहद) और पंक्तियों का भाव, दोनों अच्छी तरह समझ लेने चाहिए।
In real board papers: Course A, asked in 5 of the 21 board papers we hold (2023 to 2026), on average 1.1 marks per paper; Course B, not asked in any of the 21 board papers we hold (2023 to 2026). See the questions
मंगलेश डबराल – संगतकार: explanation
In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.
पहला भाग: संगतकार कौन है?
कविता की शुरुआत मुख्य गायक के भारी स्वर से होती है। कवि उसे चट्टान जैसा भारी बताता है। उसके साथ गाने वाले संगतकार की आवाज़ सुंदर है, पर कमज़ोर और काँपती हुई है। कवि अनुमान लगाता है कि संगतकार मुख्य गायक का छोटा भाई, शिष्य या पैदल चलकर सीखने आने वाला कोई दूर का रिश्तेदार हो सकता है। वह प्राचीन काल से मुख्य गायक की गरज़ में अपनी गूँज मिलाता आया है। इससे पता चलता है कि संगतकार की परंपरा बहुत पुरानी है।
दूसरा भाग: भटकते गायक को सँभालना
जब मुख्य गायक अंतरे की कठिन तानों में खो जाता है, या अपने सरगम को लाँघकर अनहद में भटक जाता है, तब संगतकार स्थायी (टेक) को पकड़े रहता है। कवि कहता है, जैसे वह गायक का पीछे छूटा सामान समेट रहा हो। जैसे वह गायक को उसका बचपन याद दिला रहा हो, जब वह नौसिखिया था। यानी संगतकार गायक को उसकी जड़ों और मूल धुन से जोड़े रखता है।
तीसरा भाग: बैठते गले को सहारा
तारसप्तक यानी ऊँचे स्वरों में गाते समय जब गायक का गला बैठने लगता है, प्रेरणा और उत्साह साथ छोड़ने लगते हैं, और आवाज़ बुझने लगती है, तब संगतकार का स्वर उसे ढाँढ़स बँधाता है। कभी-कभी वह बिना किसी ज़रूरत के भी साथ देता है, ताकि गायक जान ले कि वह अकेला नहीं है और गाया जा चुका राग फिर से गाया जा सकता है।
चौथा भाग: हिचक, जो मनुष्यता है
अंत में कवि कहता है कि संगतकार की आवाज़ में जो हिचक सुनाई देती है और अपना स्वर ऊँचा न उठाने की जो कोशिश है, उसे उसकी विफलता नहीं, मनुष्यता समझना चाहिए। वह जानबूझकर मुख्य गायक से आगे नहीं निकलता, ताकि गायक का सम्मान बना रहे।
केंद्रीय भाव: किसी भी सफलता के पीछे कई सहयोगी होते हैं। उनका सामने न आना उनकी कमज़ोरी नहीं, उनका त्याग और बड़प्पन है। कविता हमें ऐसे लोगों के प्रति संवेदनशील बनाती है।
Themes and message
सहयोगी की अनदेखी पर ज़रूरी भूमिका
कविता का मुख्य संदेश यह है कि मुख्य गायक की सफलता अकेले उसकी नहीं होती। संगतकार हर कठिन क्षण में उसका साथ देता है। जब गायक तानों में खो जाता है, तब वह स्थायी सँभालता है। जब गला बैठता है, तब वह सहारा देता है। फिर भी श्रोता का ध्यान मुख्य गायक पर ही रहता है। NCERT की भूमिका इसे नाटक, फ़िल्म, समाज और इतिहास से भी जोड़ती है। इससे पता चलता है कि हर क्षेत्र में पीछे रहकर काम करने वालों का अपना महत्त्व है।
From the text: "तब संगतकार ही स्थायी को सँभाले रहता है" – गायक के भटकने पर संगतकार ही गीत को बिखरने से बचाता है।
त्याग और विनम्रता ही मनुष्यता
संगतकार प्रतिभावान है, उसकी आवाज़ सुंदर है। फिर भी वह अपनी आवाज़ ऊँची नहीं करता। यह उसकी कमज़ोरी नहीं, सोच-समझकर किया गया त्याग है। वह नहीं चाहता कि उसकी आवाज़ मुख्य गायक से आगे निकल जाए। कवि इस हिचक को विफलता मानने से साफ़ मना करता है और उसे मनुष्यता कहता है। इससे कविता हमें सिखाती है कि दूसरों के सम्मान के लिए खुद को पीछे रखना एक बड़ा मानवीय गुण है।
From the text: "या अपने स्वर को ऊँचा न उठाने की जो कोशिश है" और "उसकी मनुष्यता समझा जाना चाहिए।"
कठिन समय में साथ और हौसला
कविता बताती है कि ऊँचाई पर पहुँचकर भी व्यक्ति थक सकता है, उसकी प्रेरणा और उत्साह कम हो सकते हैं। तारसप्तक में गायक का गला बैठने लगता है। ऐसे में संगतकार का स्वर उसे ढाँढ़स बँधाता है। वह कभी-कभी बिना ज़रूरत भी साथ देता है, ताकि गायक को लगे कि वह अकेला नहीं है। इससे पता चलता है कि सच्चा सहयोगी केवल काम में नहीं, मन के हौसले में भी साथ देता है।
From the text: "यह बताने के लिए कि वह अकेला नहीं है" – संगतकार का साथ गायक का आत्मविश्वास लौटाता है।
परंपरा और जड़ों से जुड़ाव
कवि कहता है कि संगतकार प्राचीन काल से मुख्य गायक की गरज़ में अपनी गूँज मिलाता आया है। यानी यह भूमिका नई नहीं, एक लंबी परंपरा है। जब गायक भटकता है, तो संगतकार उसे उसका बचपन याद दिलाता है, जब वह नौसिखिया था। इसका आशय यह लगता है कि संगतकार गायक को उसकी मूल धुन और सीखने के दिनों से जोड़कर फिर से रास्ते पर लाता है। सफलता में अपनी जड़ों को न भूलना भी कविता का एक भाव है।
From the text: "वह अपनी गूँज मिलाता आया है प्राचीन काल से" और "जैसे उसे याद दिलाता हो उसका बचपन"
The speaker and the people in the poem
संगतकार
कविता का केंद्रीय पात्र; मुख्य गायक के साथ गाने वाला सहयोगी कलाकार, जिसकी भूमिका का महत्त्व कवि बताता है।
- सुंदर पर विनम्र स्वर वाला – उसकी आवाज़ "सुंदर कमज़ोर काँपती हुई" है, यानी प्रतिभा है पर दिखावा नहीं।
- सजग और भरोसेमंद – गायक के भटकने पर वह स्थायी सँभाले रहता है।
- सहानुभूति रखने वाला – गला बैठने पर वह गायक को ढाँढ़स बँधाता है।
- त्यागी – वह जानबूझकर अपना स्वर ऊँचा नहीं उठाता।
- मुख्य गायक से जुड़ा हुआ – वह उसका छोटा भाई, शिष्य या दूर का रिश्तेदार हो सकता है।
"तभी मुख्य गायक को ढाँढ़स बँधाता" और "या अपने स्वर को ऊँचा न उठाने की जो कोशिश है" – दोनों पंक्तियाँ उसके सहयोग और त्याग को दिखाती हैं।
मुख्य गायक
वह कलाकार जिसकी गायन प्रस्तुति में संगतकार साथ देता है; सफलता और प्रसिद्धि उसी को मिलती है।
- भारी और गंभीर स्वर वाला – कवि उसके स्वर को चट्टान जैसा भारी और उसकी आवाज़ को 'गरज़' कहता है।
- कल्पनाशील और प्रयोग करने वाला – वह अंतरे की जटिल तानों में खो जाता है और सरगम को लाँघ जाता है।
- मानवीय सीमा वाला – तारसप्तक में उसका गला बैठने लगता है, उत्साह कम होने लगता है।
- सहयोग पर निर्भर – कठिन क्षण में उसे संगतकार का सहारा चाहिए होता है।
"चला जाता है भटकता हुआ एक अनहद में" और "तारसप्तक में जब बैठने लगता है उसका गला"
कवि (वक्ता)
कविता का वक्ता, जो संगतकार को ध्यान से देखता है और पाठक से उसकी भूमिका को सही ढंग से समझने की अपील करता है।
- सूक्ष्म दृष्टि वाला – वह संगतकार की आवाज़ की हिचक तक पर ध्यान देता है।
- संवेदनशील – वह अनदेखे सहयोगी के प्रति सम्मान जताता है।
- संगीत की समझ रखने वाला – वह स्थायी, अंतरा, तान, तारसप्तक जैसे शब्दों का सही प्रयोग करता है।
- न्यायप्रिय – वह कहता है कि संगतकार की हिचक को विफलता न समझा जाए।
"और उसकी आवाज़ में जो एक हिचक साफ़ सुनाई देती है" के बाद कवि का निष्कर्ष "उसे विफलता नहीं" उसकी संवेदनशील सोच दिखाता है।
Poetic devices
| Device | Example | Effect |
|---|---|---|
| उपमा अलंकार | "आवाज़ से राख जैसा कुछ गिरता हुआ" | 'जैसा' वाचक शब्द से बुझती आवाज़ की तुलना राख से की गई है। इससे थकान और उत्साह के ठंडे पड़ने का चित्र आँखों के सामने आ जाता है। |
| उत्प्रेक्षा अलंकार | "जैसे समेटता हो मुख्य गायक का पीछे छूटा हुआ सामान" | 'जैसे...हो' से संभावना व्यक्त की गई है। संगतकार का स्थायी सँभालना ऐसा लगता है मानो वह गायक का बिखरा सामान समेट रहा हो। इससे उसकी देखभाल और ज़िम्मेदारी का भाव उभरता है। |
| रूपक अलंकार | "गायक जब अंतरे की जटिल तानों के जंगल में" | तानों को जंगल कहा गया है। जैसे जंगल में आदमी रास्ता भूल जाता है, वैसे ही गायक कठिन तानों में खो जाता है। इससे भटकने का भाव गहरा होता है। |
| मानवीकरण अलंकार | "प्रेरणा साथ छोड़ती हुई उत्साह अस्त होता हुआ" | प्रेरणा को मनुष्य की तरह साथ छोड़ते और उत्साह को सूरज की तरह अस्त होते दिखाया गया है। इससे गायक की मानसिक थकान सजीव हो उठती है। |
| अनुप्रास अलंकार | "मुख्य गायक की गरज़ में" | 'ग' वर्ण की आवृत्ति से पंक्ति में ध्वनि-सौंदर्य आता है और गायक के भारी, गूँजते स्वर का अहसास होता है। |
| दृश्य बिंब और मुक्त छंद | "तारसप्तक में जब बैठने लगता है उसका गला" | कविता तुकबंदी के बिना मुक्त छंद में है। गायन के दृश्य इतने सजीव हैं कि पाठक को लगता है मानो वह मंच पर सब होता देख रहा हो। NCERT भी कविता की दृश्यात्मकता की बात करती है। |
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
वह आवाज़ सुंदर कमज़ोर काँपती हुई थी
कवि: कविता की शुरुआत में संगतकार की आवाज़ का वर्णन, जो मुख्य गायक के भारी स्वर का साथ देती है।
'सुंदर' बताता है कि संगतकार प्रतिभावान है; 'कमज़ोर काँपती' बताता है कि वह जानबूझकर अपनी आवाज़ दबाए रखता है। यहीं से कविता का मूल भाव शुरू होता है।
वह अपनी गूँज मिलाता आया है प्राचीन काल से
कवि: संगतकार की परंपरा का वर्णन।
इससे पता चलता है कि संगतकार की भूमिका पुराने समय से चली आ रही है और उसने सदा मुख्य गायक की आवाज़ को मज़बूत किया है।
तब संगतकार ही स्थायी को सँभाले रहता है
कवि: जब मुख्य गायक जटिल तानों में खो जाता है या अनहद में भटक जाता है।
यह संगतकार की सबसे ठोस भूमिका दिखाती है: वह गीत की मूल टेक को पकड़े रखकर प्रस्तुति को बिखरने नहीं देता।
जैसे उसे याद दिलाता हो उसका बचपन
कवि: स्थायी सँभालने के काम की तुलना, जब गायक भटक गया हो।
संगतकार गायक को उसके नौसिखिया दिनों और मूल धुन की याद दिलाकर फिर से सही रास्ते पर लाता है।
आवाज़ से राख जैसा कुछ गिरता हुआ
कवि: तारसप्तक में गायक का गला बैठने और उत्साह कम होने का वर्णन।
शब्द-संपदा के अनुसार इसका अर्थ है बुझता हुआ स्वर। यह गायक की थकान का सजीव चित्र है, जिसके बाद संगतकार सहारा देता है।
यह बताने के लिए कि वह अकेला नहीं है
कवि: संगतकार कभी-कभी यों ही गायक का साथ देता है।
यह सहयोग के भावनात्मक पक्ष को दिखाती है: साथ होने का अहसास ही गायक में आत्मविश्वास लौटाता है।
उसकी मनुष्यता समझा जाना चाहिए।
कवि: कविता की अंतिम पंक्ति, संगतकार की हिचक और स्वर ऊँचा न उठाने के बारे में।
यह कविता का निष्कर्ष है: संगतकार का पीछे रहना विफलता नहीं, त्याग और बड़प्पन है।
मंगलेश डबराल – संगतकार in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
सहयोगी की अनदेखी पर ज़रूरी भूमिका
मान लीजिए आपके विद्यालय के वार्षिक उत्सव में एक नृत्य-नाटिका हुई। मंच के कलाकारों को खूब तालियाँ मिलीं। पर परदा खींचने, संगीत चलाने और वेशभूषा सँभालने वाले छात्र किसी को दिखाई ही नहीं दिए।
'संगतकार' कविता के आधार पर बताइए कि इन छात्रों की भूमिका को किस दृष्टि से देखा जाना चाहिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- इन छात्रों की तुलना संगतकार से करना।
- कविता से प्रमाण: संगतकार स्थायी सँभालकर गायन को बिखरने नहीं देता।
- निष्कर्ष: इनका सामने न आना कमज़ोरी नहीं, मानवीयता है।
Answer: ये छात्र संगतकार जैसे हैं। जैसे संगतकार स्थायी सँभालकर गायन को बिखरने नहीं देता, वैसे ही इन्होंने कार्यक्रम को सँभाला। इनका सामने न आना कमज़ोरी नहीं, मानवीयता है।
Memory hook: परदे के पीछे वाला भी गीत का स्थायी है।
कठिन समय में साथ और हौसला
मान लीजिए अंतर-विद्यालय क्रिकेट मैच में आपका कप्तान लगातार दो गेंदें चूककर घबरा जाता है। दूसरे छोर पर खड़ा साथी बल्लेबाज़ उसके पास आकर कहता है, 'घबराओ मत, हम साथ हैं, फिर से जमकर खेलेंगे।'
इस साथी बल्लेबाज़ के व्यवहार की तुलना 'संगतकार' कविता के संगतकार से कीजिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- मुख्य गायक की दशा: तारसप्तक में गला बैठना, उत्साह अस्त होना।
- संगतकार का काम: ढाँढ़स बँधाना, यह बताना कि वह अकेला नहीं है।
- तुलना: साथी बल्लेबाज़ ने भी कप्तान का टूटता हौसला लौटाया।
Answer: जैसे गला बैठने पर संगतकार का स्वर मुख्य गायक को ढाँढ़स बँधाता है कि वह अकेला नहीं है, वैसे ही साथी बल्लेबाज़ ने कप्तान का टूटता हौसला लौटाया।
Memory hook: 'तुम अकेले नहीं हो' — यही संगतकार का स्वर है।
त्याग और विनम्रता ही मनुष्यता
कल्पना कीजिए कि समूह-गान प्रतियोगिता में आपकी सहेली की आवाज़ बहुत मधुर है। फिर भी वह मुख्य गायिका से धीमे गाती है ताकि पूरे समूह का स्वर एक लगे। कुछ बच्चे कहते हैं कि वह डरपोक है।
क्या सहेली को डरपोक कहना उचित है? 'संगतकार' कविता के अंतिम भाव के आधार पर उत्तर दीजिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- स्पष्ट मत: वह डरपोक नहीं है।
- कविता से जोड़: संगतकार स्वर ऊँचा न उठाने की कोशिश करता है।
- कवि का निर्णय: इसे विफलता नहीं, मनुष्यता समझना चाहिए।
Answer: वह डरपोक नहीं है। संगतकार की तरह वह जान-बूझकर स्वर ऊँचा नहीं उठाती ताकि मुख्य स्वर प्रधान रहे। कवि के अनुसार इसे विफलता नहीं, मनुष्यता समझना चाहिए।
Memory hook: धीमा स्वर, बड़ा मन।
परंपरा और जड़ों से जुड़ाव
मान लीजिए बोर्ड परीक्षा से पहले आप कठिन प्रश्नों में उलझकर घबरा जाते हैं। आपके बड़े भाई आपकी पुरानी कॉपी निकालकर कहते हैं कि शुरू की मूल बातें फिर से दोहराओ, सब आसान लगेगा।
भाई का यह व्यवहार 'संगतकार' कविता की किस पंक्ति से मेल खाता है? स्पष्ट कीजिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- पंक्ति की पहचान: 'जैसे उसे याद दिलाता हो उसका बचपन'।
- कविता का संदर्भ: संगतकार भटके गायक को नौसिखिया दिनों की याद दिलाता है।
- तुलना: भाई भी मूल बातों से जोड़कर राह दिखाते हैं।
Answer: यह 'जैसे उसे याद दिलाता हो उसका बचपन' से मेल खाता है। संगतकार भटके गायक को नौसिखिया दिनों की याद दिलाता है; भाई भी मुझे मूल बातों से जोड़ते हैं।
Memory hook: भटको तो लौटो स्थायी पर, यानी अपनी शुरुआत पर।
Topics in this chapter
- संगतकार कविता का भावार्थ और व्याख्याComing soon
- संगतकार कविता का मूल भाव और संदेशComing soon
- संगतकार कविता के प्रश्न-उत्तरComing soon
- संगतकार: 'उसे विफलता नहीं मनुष्यता' का भावComing soon
- संगतकार की भूमिका और मुख्य गायक की सहायताComing soon
- संगतकार: संगतकार की भूमिका और हिचक की मनुष्यता
How the board asks मंगलेश डबराल – संगतकार
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| काव्यांश आधारित MCQ (शब्दार्थ और संदर्भ) | प्रश्न 9 में कोई काव्यांश देकर पूछा जाता है कि किसी पंक्ति में 'उसका' या 'वह' किसके लिए आया है, 'तारसप्तक', 'अनहद', 'स्थायी' का क्या अर्थ है, या संगतकार कौन हो सकता है। | सर्वनाम वाली पंक्ति को आगे-पीछे की पंक्तियों से जोड़कर पढ़ें; 'गला बैठना', 'भटकना' मुख्य गायक के लिए हैं। तारसप्तक = मध्य सप्तक से ऊपर के ऊँचे स्वर; स्थायी = गीत की टेक। विकल्पों में सबसे उपयुक्त चुनें, आधा सही नहीं। |
| कथन-कारण प्रश्न | एक कथन (जैसे संगतकार अपनी आवाज़ ऊँची नहीं करता) और एक कारण देकर चार मानक विकल्पों में से चुनना होता है कि दोनों सही हैं या नहीं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है या नहीं। | पहले कथन को कविता से जाँचें, फिर कारण को। फिर देखें कि कारण सचमुच कथन का 'क्यों' बताता है या नहीं। ध्यान रहे: कविता के अनुसार हिचक का कारण आत्मविश्वास की कमी नहीं, मुख्य गायक का मान बनाए रखना है। |
| पंक्ति का भाव स्पष्ट करना (2 अंक) | प्रश्न 10 में किसी पंक्ति, जैसे संगतकार की हिचक या 'राख जैसा कुछ गिरता हुआ', का आशय 25-30 शब्दों में पूछा जाता है। | दो बिंदु लिखें: पंक्ति का सीधा अर्थ और उसके पीछे का भाव (त्याग, थकान, सहयोग)। एक छोटा उद्धरण जोड़ें। शब्द-सीमा 30 से ज़्यादा न होने दें। |
| संगतकार की भूमिका और सहायता के तरीके | पूछा जाता है कि संगतकार मुख्य गायक की किन-किन रूपों में मदद करता है, या प्रतिभावान होकर भी वह पीछे क्यों रहता है। | कविता से क्रम में तरीके गिनाएँ: गूँज मिलाना, स्थायी सँभालना, गला बैठने पर ढाँढ़स बँधाना, अकेलेपन का अहसास न होने देना। 2 अंक के लिए कम से कम दो ठोस तरीके लिखें। |
| कविता का संदेश और जीवन से जुड़ाव (HOTS) | पूछा जाता है कि संगतकार जैसे लोग और किन क्षेत्रों में होते हैं, या कविता हमें किन लोगों के प्रति संवेदनशील बनाती है। | कविता का मूल भाव एक वाक्य में लिखें, फिर एक नया उदाहरण दें (जैसे खेल टीम या विद्यालय का समारोह) और बताएँ कि वहाँ सहयोगी की भूमिका कैसे वैसी ही है। उदाहरण को कविता के भाव से ज़रूर जोड़ें। |
Tricks to remember मंगलेश डबराल – संगतकार
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
कविता का क्रम: 'आ-प-गू-भ-ब-रा-ढा-म'
आवाज़ (सुंदर कमज़ोर काँपती) → पहचान (भाई, शिष्य, रिश्तेदार) → गूँज (प्राचीन काल से) → भटकना (तानों का जंगल, अनहद) → बचपन (नौसिखिया) → राख (तारसप्तक में गला बैठना) → ढाँढ़स (अकेला नहीं है) → मनुष्यता (हिचक विफलता नहीं)।
Use it when: काव्यांश देखते ही पहचानिए कि वह कविता के किस हिस्से का है और उससे पहले-बाद क्या आता है।
संगतकार कौन? 'भा-शि-रि'
भा = छोटा भाई, शि = शिष्य, रि = पैदल चलकर आने वाला दूर का रिश्तेदार। 'गुरु' या 'पुत्र' इस सूची में नहीं है।
Use it when: 'संगतकार कौन हो सकता है' वाले MCQ में गलत विकल्प तुरंत पहचानने के लिए।
मुख्य गायक के दो संकट: 'जंगल और राख'
जंगल = जटिल तानों में खोना या सरगम लाँघकर भटकना (तब संगतकार स्थायी सँभालता है)। राख = तारसप्तक में गला बैठना (तब संगतकार ढाँढ़स बँधाता है)।
Use it when: 'संगतकार किन-किन अवसरों पर मदद करता है' जैसे 2 अंक के प्रश्न में दोनों बिंदु लिखने के लिए।
'वह' और 'उसका' का नियम
काँपती आवाज़ और हिचक = संगतकार। गरज़, भटकना, बैठता गला, नौसिखिया बचपन, अकेला नहीं = मुख्य गायक।
Use it when: सर्वनाम किसके लिए आया है, ऐसे MCQ में भ्रम से बचने के लिए।
मंगलेश डबराल – संगतकार: extract-based questions
Read the extract, answer every part on paper, then open the answers.
Extract 1: काव्यांश 1: संगतकार की आवाज़ और पहचान
वह आवाज़ सुंदर कमज़ोर काँपती हुई थी
वह मुख्य गायक का छोटा भाई है
या उसका शिष्य
या पैदल चलकर सीखने आने वाला दूर का कोई रिश्तेदार
(1) · 1 mark · MCQ
'वह आवाज़ सुंदर कमज़ोर काँपती हुई थी' में 'वह आवाज़' किसकी है?
(क) मुख्य गायक की
(ख) संगतकार की
(ग) कवि की
(घ) श्रोताओं की(2) · 1 mark · MCQ
काव्यांश के अनुसार संगतकार के बारे में कौन-सा अनुमान कवि ने नहीं लगाया है?
(क) वह मुख्य गायक का छोटा भाई हो सकता है
(ख) वह मुख्य गायक का शिष्य हो सकता है
(ग) वह पैदल चलकर सीखने आने वाला दूर का रिश्तेदार हो सकता है
(घ) वह मुख्य गायक का गुरु हो सकता है(3) · 1 mark · MCQ
'पैदल चलकर सीखने आने वाला' इस पंक्ति से संगतकार के बारे में क्या संकेत मिलता है?
(क) वह साधनहीन है, पर सीखने की गहरी लगन रखता है
(ख) उसे पैदल घूमने का शौक है
(ग) वह मुख्य गायक से दूर रहना चाहता है
(घ) वह संगीत नहीं, केवल यात्रा पसंद करता है(4) · 1 mark · MCQ
(संदर्भ: आगे कवि कहते हैं—'मुख्य गायक की गरज़ में / वह अपनी गूँज मिलाता आया है प्राचीन काल से'।) 'मुख्य गायक की गरज़ में वह अपनी गूँज मिलाता आया है' का आशय है:
(क) संगतकार मुख्य गायक से ऊँचा गाकर उसे दबा देता है
(ख) संगतकार अपनी आवाज़ से मुख्य स्वर को सहारा देकर उसे भरा-पूरा बनाता है
(ग) संगतकार केवल मुख्य गायक की नकल करता है
(घ) संगतकार मुख्य गायक से अलग राग गाता है(5) · 1 mark · Assertion-reason
निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यान से पढ़कर सही विकल्प चुनिए:
कथन (A): सुंदर होने पर भी संगतकार की आवाज़ 'कमज़ोर काँपती हुई' सुनाई देती है।
कारण (R): संगतकार जान-बूझकर अपने स्वर को मुख्य गायक के स्वर से ऊँचा न उठाने की कोशिश करता है।
(क) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
(ख) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(ग) कथन (A) सही है, परंतु कारण (R) गलत है।
(घ) कथन (A) गलत है, परंतु कारण (R) सही है।
Show the answersAnswers
- (ख) संगतकार की
- (घ) वह मुख्य गायक का गुरु हो सकता है
- (क) वह साधनहीन है, पर सीखने की गहरी लगन रखता है
- (ख) संगतकार अपनी आवाज़ से मुख्य स्वर को सहारा देकर उसे भरा-पूरा बनाता है
- (क) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
Extract 2: काव्यांश 2: हिचक नहीं, मनुष्यता
और उसकी आवाज़ में जो एक हिचक साफ़ सुनाई देती है
या अपने स्वर को ऊँचा न उठाने की जो कोशिश है
उसे विफलता नहीं
उसकी मनुष्यता समझा जाना चाहिए।
(1) · 1 mark · MCQ
काव्यांश में आए 'हिचक' शब्द का अर्थ है—
(क) संकोच
(ख) उत्साह
(ग) क्रोध
(घ) अहंकार(2) · 1 mark · MCQ
(संदर्भ: इससे पहले कवि कहते हैं कि संगतकार मुख्य गायक का साथ देता है 'यह बताने के लिए कि वह अकेला नहीं है' और यह कि गाया जा चुका राग फिर से गाया जा सकता है।) 'यह बताने के लिए कि वह अकेला नहीं है' में 'वह' किसके लिए आया है?
(क) संगतकार के लिए
(ख) कवि के लिए
(ग) मुख्य गायक के लिए
(घ) तबला वादक के लिए(3) · 1 mark · MCQ
'फिर से गाया जा सकता है गाया जा चुका राग' से संगतकार मुख्य गायक को क्या संदेश देता है?
(क) एक बार गाया राग दोबारा नहीं गाना चाहिए
(ख) निराश न हों, फिर से प्रयास करके राग को सँवारा जा सकता है
(ग) अब गाना बंद कर देना चाहिए
(घ) नया राग ही गाना चाहिए(4) · 1 mark · MCQ
'उसे विफलता नहीं' में 'उसे' किसकी ओर संकेत करता है?
(क) मुख्य गायक के बैठते गले की ओर
(ख) संगतकार की आवाज़ की हिचक और स्वर ऊँचा न उठाने की कोशिश की ओर
(ग) श्रोताओं की चुप्पी की ओर
(घ) राग की कठिनाई की ओर(5) · 1 mark · MCQ
काव्यांश का मूल भाव क्या है?
(क) संगतकार में प्रतिभा की कमी है
(ख) सहयोगी का पीछे रहना उसकी कमज़ोरी नहीं, उसका त्याग और मनुष्यता है
(ग) मुख्य गायक को संगतकार की ज़रूरत नहीं होती
(घ) ऊँचे स्वर में गाना ही सफलता है
Show the answersAnswers
- (क) संकोच
- (ग) मुख्य गायक के लिए
- (ख) निराश न हों, फिर से प्रयास करके राग को सँवारा जा सकता है
- (ख) संगतकार की आवाज़ की हिचक और स्वर ऊँचा न उठाने की कोशिश की ओर
- (ख) सहयोगी का पीछे रहना उसकी कमज़ोरी नहीं, उसका त्याग और मनुष्यता है
मंगलेश डबराल – संगतकार: board-level solved questions
Ordered from board level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: संगतकार की पहचान · 2 marks · Short answerBoard level
'संगतकार' कविता के अनुसार संगतकार कौन-कौन हो सकता है? वह कब से मुख्य गायक का साथ देता आया है?
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- संगतकार मुख्य गायक का छोटा भाई या शिष्य हो सकता है।
- वह पैदल चलकर सीखने आने वाला दूर का रिश्तेदार भी हो सकता है।
- वह प्राचीन काल से मुख्य गायक की गरज़ में अपनी गूँज मिलाता आया है।
Answer: कविता के अनुसार संगतकार मुख्य गायक का छोटा भाई, शिष्य या पैदल चलकर सीखने आने वाला दूर का रिश्तेदार हो सकता है। वह प्राचीन काल से उसका साथ देता आया है।
Example 2: स्थायी को सँभालना · 2 marks · Short answerHarder board level
'तब संगतकार ही स्थायी को सँभाले रहता है' — इस पंक्ति से संगतकार की किस भूमिका का पता चलता है?
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- संदर्भ: मुख्य गायक अंतरे की जटिल तानों में खो जाता है या सरगम लाँघकर भटक जाता है।
- भूमिका: संगतकार स्थायी (टेक) को पकड़े रहता है।
- परिणाम: गीत बिखरता नहीं और गायक को लौटने का आधार मिलता है।
Answer: मुख्य गायक जब जटिल तानों में खो जाता है या सरगम लाँघकर भटकता है, तब संगतकार स्थायी सँभाले रहता है। इससे गीत बिखरता नहीं, गायक लौट पाता है।
Example 3: बचपन की याद · 2 marks · Short answerHarder board level
'जैसे उसे याद दिलाता हो उसका बचपन / जब वह नौसिखिया था' — इन पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए।
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- संगतकार का स्थायी सँभालना मुख्य गायक को उसके नौसिखिया दिनों की याद-सा लगता है।
- इससे गायक अपनी जड़ों और शुरुआती सीख से जुड़ता है।
- भटका हुआ गायक फिर सही राह पकड़ लेता है (व्याख्या)।
Answer: संगतकार का स्थायी सँभालना मानो मुख्य गायक को उसके नौसिखिया दिनों की याद दिलाता है। इससे गायक अपनी जड़ों से जुड़ता है और भटका मन सही राह पकड़ लेता है।
Example 4: राख जैसा गिरता स्वर · 2 marks · Short answerHarder board level
'आवाज़ से राख जैसा कुछ गिरता हुआ' — इस बिंब से मुख्य गायक की किस स्थिति का पता चलता है? उस समय संगतकार क्या करता है?
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- बिंब: जैसे आग बुझने पर राख बचती है, वैसे ही स्वर बुझने लगता है (शब्द-संपदा: बुझता हुआ स्वर)।
- स्थिति: तारसप्तक में गला बैठना, प्रेरणा छूटना, उत्साह अस्त होना।
- संगतकार: उसी समय उसका स्वर आकर मुख्य गायक को ढाँढ़स बँधाता है।
Answer: यह बिंब मुख्य गायक के बुझते स्वर और घटते उत्साह को दिखाता है, जैसे आग बुझकर राख बचती है। तभी संगतकार का स्वर आकर उसे ढाँढ़स बँधाता है।
Example 5: मंच का अनदेखा साथी · 2 marks · Short answerHOTS / competency
मान लीजिए किसी नाटक में मुख्य अभिनेता संवाद भूल जाता है और मंच के किनारे खड़ा साथी धीरे से संवाद बोलकर उसे सँभाल लेता है। 'संगतकार' कविता के आधार पर इस साथी की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
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- तुलना: यह साथी संगतकार जैसा है।
- कविता से जोड़: संगतकार भटके गायक के लिए स्थायी सँभालता है; साथी नाटक को बिगड़ने से बचाता है।
- मूल्य: वह श्रेय नहीं लेता; यह उसकी मनुष्यता है।
Answer: यह साथी संगतकार जैसा है। जैसे संगतकार भटके गायक के लिए स्थायी सँभालता है, वैसे ही यह मंच को बिगड़ने से बचाता है, पर श्रेय नहीं लेता। यह उसकी मनुष्यता है।
Example 6: स्वर ऊँचा न उठाना: कमज़ोरी या त्याग? · 2 marks · Short answerHOTS / competency
क्या संगतकार का अपना स्वर ऊँचा न उठाना उसकी कमज़ोरी है? कविता के आधार पर तर्क सहित उत्तर दीजिए।
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- स्पष्ट मत: नहीं, यह कमज़ोरी नहीं है।
- तर्क: संगतकार स्वर ऊँचा न उठाने की 'कोशिश' करता है, यानी जान-बूझकर पीछे रहता है ताकि मुख्य गायक प्रधान रहे।
- कवि का मत: इसे विफलता नहीं, मनुष्यता समझा जाना चाहिए; यह त्याग है।
Answer: नहीं। संगतकार सक्षम है, फिर भी स्वर ऊँचा नहीं उठाता ताकि मुख्य गायक की प्रधानता बनी रहे। कवि कहता है कि इसे विफलता नहीं, मनुष्यता समझा जाना चाहिए। यह त्याग है।
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
'संगतकार' कविता के आधार पर बताइए कि संगतकार किन-किन अवसरों पर मुख्य गायक की सहायता करता है। (25-30 शब्द) (2 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| पहला अवसर: जब मुख्य गायक अंतरे की जटिल तानों में खो जाता है या सरगम लाँघकर भटकता है, तब संगतकार स्थायी सँभाले रहता है। | 1 |
| दूसरा अवसर: जब तारसप्तक में मुख्य गायक का गला बैठने लगता है और उत्साह अस्त होता है, तब संगतकार का स्वर उसे ढाँढ़स बँधाता है (कभी-कभी यों ही साथ देना भी मान्य बिंदु)। | 1 |
पठित काव्यांश पर आधारित पाँच बहुविकल्पी प्रश्न, कथन-कारण प्रश्न सहित (उदाहरण: 'कभी-कभी वह यों ही दे देता है उसका साथ' से 'उसकी मनुष्यता समझा जाना चाहिए।' तक का काव्यांश) (5 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| प्रश्न 1: शब्द या पद का अर्थ ('यों ही') — सही विकल्प चुनकर लिखना | 1 |
| प्रश्न 2: सर्वनाम का संदर्भ ('वह' मुख्य गायक के लिए) — सही विकल्प | 1 |
| प्रश्न 3: पंक्ति का आशय ('फिर से गाया जा सकता है') — सही विकल्प | 1 |
| प्रश्न 4: कथन-कारण या संकेत वाला प्रश्न — चारों मानक विकल्पों में से सही विकल्प | 1 |
| प्रश्न 5: काव्यांश का मूल भाव — सही विकल्प (विकल्प का क्रमांक और पाठ दोनों लिखना अच्छा रहता है) | 1 |
Where students lose marks in मंगलेश डबराल – संगतकार
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: 'वह आवाज़ सुंदर कमज़ोर काँपती हुई थी' को मुख्य गायक की आवाज़ मान लेना।
पहली पंक्ति में 'मुख्य गायक' शब्द आता है, इसलिए विद्यार्थी 'वह आवाज़' को भी उसी की समझ लेते हैं।
Wrong working
मुख्य गायक की आवाज़ कमज़ोर और काँपती हुई थी, इसलिए उसे संगतकार की ज़रूरत पड़ी।
Right working
मुख्य गायक का स्वर चट्टान जैसा भारी है; उसका साथ देने वाली सुंदर, कमज़ोर, काँपती आवाज़ संगतकार की है।
Do this: पंक्ति में 'का साथ देती' शब्दों पर ध्यान दीजिए: साथ देने वाली आवाज़ संगतकार की है।
Usually costs: MCQ में पूरा 1 अंक; 2 अंक के उत्तर में तथ्य गलत होने से 1-2 अंक।
Mistake: 'तारसप्तक में जब बैठने लगता है उसका गला' में 'उसका' को संगतकार के लिए लिखना।
संगतकार का नाम आसपास की पंक्तियों में बार-बार आता है।
Wrong working
तारसप्तक में संगतकार का गला बैठ जाता है, तब मुख्य गायक उसे सँभालता है।
Right working
तारसप्तक में मुख्य गायक का गला बैठने लगता है, तब संगतकार का स्वर उसे ढाँढ़स बँधाता है।
Do this: याद रखिए: कविता में सँभालने वाला हमेशा संगतकार है और सँभलने वाला मुख्य गायक।
Usually costs: MCQ में पूरा 1 अंक; उत्तर का पूरा भाव उलट जाने से 2 अंक तक।
Mistake: संगतकार की हिचक को आत्मविश्वास की कमी या कमज़ोरी बताना।
विद्यार्थी 'कमज़ोर' और 'हिचक' शब्द देखकर कवि के अंतिम निर्णय को अनदेखा कर देते हैं।
Wrong working
संगतकार में आत्मविश्वास नहीं है, इसलिए वह ऊँचे स्वर में नहीं गा पाता।
Right working
संगतकार जान-बूझकर स्वर ऊँचा न उठाने की कोशिश करता है ताकि मुख्य गायक प्रधान रहे; कवि इसे विफलता नहीं, मनुष्यता कहता है।
Do this: अंतिम चार पंक्तियों का निष्कर्ष हर ऐसे उत्तर में लिखिए: 'विफलता नहीं, मनुष्यता'।
Usually costs: 2 अंक के प्रश्न में मूल भाव छूटने से 1-2 अंक।
Mistake: 2 अंक के प्रश्न में पूरी कविता की कहानी सुना देना और शब्द-सीमा पार कर देना।
विद्यार्थी सोचते हैं कि ज़्यादा लिखने से ज़्यादा अंक मिलेंगे।
Wrong working
मुख्य गायक का स्वर भारी है, संगतकार उसका भाई या शिष्य है, वह प्राचीन काल से गूँज मिलाता है, गायक जंगल में खोता है... (60-70 शब्द, प्रश्न का सीधा उत्तर अंत तक नहीं)।
Right working
पहले वाक्य में सीधा उत्तर, दूसरे में कविता से प्रमाण — कुल 25-30 शब्द।
Do this: प्रश्न के मुख्य शब्द को उत्तर के पहले वाक्य में लाइए और दो बिंदुओं पर रुक जाइए।
Usually costs: सीधा उत्तर न मिलने पर 1 अंक; समय की हानि अलग से।
Mistake: 'तारसप्तक' को नीचे या धीमे स्वर बताना।
विद्यार्थी तीनों सप्तकों (मध्य, तार, मंद्र) के नाम आपस में मिला देते हैं।
Wrong working
तारसप्तक धीमे और नीचे स्वरों का समूह है।
Right working
तारसप्तक मध्य सप्तक से ऊपर की ऊँची ध्वनि है; नीचे वाली ध्वनि मंद्र सप्तक कहलाती है।
Do this: 'तार' = तना हुआ, ऊँचा; 'मंद्र' = मंद, नीचा — ऐसे याद कीजिए।
Usually costs: MCQ में पूरा 1 अंक।
मंगलेश डबराल – संगतकार: previous year questions
- Course A: Asked in 5 of the 21 board papers we hold (2023 to 2026), on average 1.1 marks per paper; 5 questions in all, counting OR alternatives. In 1 of 4 sample papers.
- Course B: Not asked in any of the 21 board papers we hold (2023 to 2026).
Counted from the real papers on our previous year papers page, not estimated. Average marks are over every board paper we hold, with an OR pair counted once. Chapter tags are ours.
Solved board questions from मंगलेश डबराल – संगतकार
Real questions from recent papers. Try each one first, then open our step-by-step solution with marks per step.
2025 Course A, set 3/3/1, Q9 · 5 marks · Reading comprehensionCompetency-based
निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : 5×1=5
मुख्य गायक के चट्टान जैसे भारी स्वर का साथ देती
वह आवाज़ सुंदर कमज़ोर काँपती हुई थी
वह मुख्य गायक का छोटा भाई है
या उसका शिष्य
या पैदल चलकर सीखने आने वाला दूर का कोई रिश्तेदार
मुख्य गायक की गरज़ में
वह अपनी गूँज मिलाता आया है प्राचीन काल से
गायक जब अंतरे की जटिल तानों के जंगल में
खो चुका होता है
या अपने ही सरगम को लाँघकर
चला जाता है भटकता हुआ एक अनहद में
तब संगतकार ही स्थायी को सँभाले रहता है
जैसे समेटता हो मुख्य गायक का पीछे छूटा हुआ सामान
जैसे उसे याद दिलाता हो उसका बचपन
जब वह नौसिखिया था
तारसप्तक में जब बैठने लगता है उसका गला
प्रेरणा साथ छोड़ती हुई उत्साह अस्त होता हुआ
आवाज़ से राख जैसा कुछ गिरता हुआ
तभी मुख्य गायक को ढाँढ़स बँधाता
कहीं से चला आता है संगतकार का स्वर
कभी-कभी वह यों ही दे देता है उसका साथ
यह बताने के लिए कि वह अकेला नहीं है
और यह कि फिर से गाया जा सकता है
- (i)1 mark
'संगतकार' कौन हो सकता है ?
I. मुख्य गायक का पुत्र
II. मुख्य गायक का छोटा भाई
III. मुख्य गायक का कोई दूर का रिश्तेदार
IV. मुख्य गायक का कोई शिष्य
विकल्प :- (A)I, II और III
- (B)I, II और IV
- (C)I, III और IV
- (D)II, III और IV
- (ii)1 mark
गायक अंतरे की जटिल तानों में खो चुका होता है – का आशय है :
- (A)गायक गाने की जटिलता में सुर खो देता है।
- (B)गायक गाने की पंक्ति को बीच में ही भूल जाता है।
- (C)गायक अंतरे को गाने में सरगम और तानों की जटिलता भूल जाता है।
- (D)गायक अंतरे की तानों की गहराई और जटिलता में सुध-बुध खो देता है।
- (iii)1 mark
निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए :
कथन : संगतकार मुख्य गायक को उसका बचपन याद दिलाता है।
कारण : मुख्य गायक भी कभी नौसिखिया था।
विकल्प :- (A)कथन ग़लत है, परंतु कारण सही है।
- (B)कथन सही है, परंतु कारण ग़लत है।
- (C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की उचित व्याख्या है।
- (D)कथन और कारण दोनों सही हैं, परन्तु कारण, कथन की उचित व्याख्या नहीं है।
- (iv)1 mark
मुख्य गायक के प्रतिभावान होने के बावजूद संगतकार का होना क्यों आवश्यक है ?
- (A)स्थायी और आनुषंगिक मुश्किलों को सँभालने के लिए
- (B)उसके बचपन की याद दिलाने के लिए
- (C)सुरों और सरगम की सीख लेने के लिए
- (D)पीछे छूटने वाले सामान को समेटने के लिए
- (v)1 mark
पद्यांश में वर्णित पंक्तियों के आधार पर मुख्य गायक के बारे में कौन-सा कथन असत्य है ?
- (A)मुख्य गायक कभी-कभी अपनी सरगम में बेसुध होकर अनहद में खो जाता है।
- (B)उच्च सुरों में उसका गला थकने लगता है और आवाज़ बुझने भी लगती है।
- (C)संगतकार मुख्य गायक की गरजती हुई आवाज़ में अपनी गूँज मिलाकर उसे और पुष्ट करता है।
- (D)मुख्य गायक अपने नौसिखिए होने को याद कर प्रेरणाहीन हो थकने लगता है।
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- 1 mark
(i) कविता में संगतकार छोटा भाई, शिष्य या दूर का रिश्तेदार हो सकता है; पुत्र का उल्लेख नहीं है। अतः II, III और IV: (D)।
- 1 mark
(ii) गायक तानों की गहराई और जटिलता में सुध-बुध खो देता है। अतः (D)।
- 1 mark
(iii) दोनों कथन सही हैं, पर बचपन याद दिलाने का कारण नौसिखिया होना नहीं, संगतकार का स्वर है। कारण उचित व्याख्या नहीं है। अतः (D)।
- 1 mark
(iv) संगतकार स्थायी को सँभालकर आने वाली मुश्किलों में मुख्य गायक की मदद करता है। अतः (A)।
- 1 mark
(v) असत्य कथन (D) है, क्योंकि गायक का गला तारसप्तक में बैठने से प्रेरणा घटती है, नौसिखिया याद करने से नहीं।
Answer: (i) D; (ii) D; (iii) D; (iv) A; (v) D
Where the marks are
- (i) D (1 mark)
- (ii) D (1 mark)
- (iii) D (1 mark)
- (iv) A (1 mark)
- (v) D (1 mark)
2025 Course A, set 3/4/1, Q10 · 6 marks · Short answer
निर्धारित कविताओं के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए: 3 × 2 = 6
- (i)2 marks
'संगतकार' कविता से उद्धृत पंक्ति "वह आवाज़ सुंदर काँपती हुई थी" में कवि ने संगतकार की आवाज़ सुंदर किंतु काँपती हुई-सी क्यों कहा है?
- (ii)2 marks
'अट नहीं रही है' कविता का कोई अन्य शीर्षक दीजिए तथा उसका कारण भी स्पष्ट कीजिए।
- (iii)2 marks
कवि ने 'फसल' को पानी का जादू क्यों कहा है?
- (iv)2 marks
'आत्मकथ्य' कविता में कवि न तो अपने जीवन के दुःख और विफलताओं से दूसरों को परिचित कराना चाहता है और न ही अपनी सुखद स्मृतियों को किसी के साथ साझा करना चाहता है। कवि की इस सोच के पीछे क्या कारण हो सकते हैं?
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- 2 marks
(i) संगतकार की आवाज़ सुरीली है, पर मुख्य गायक की तुलना में कम सधी और कम अनुभवी है। वह मुख्य गायक की आवाज़ पर हावी न होने देने की कोशिश भी करता है, इसलिए उसमें काँपन है।
- 2 marks
(ii) शीर्षक: 'वसंत' या 'फागुन'। कारण: कविता में फागुन मास में वसंत ऋतु के प्राकृतिक सौंदर्य का चित्रण है।
- 2 marks
(iii) फसल में पानी की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। नदियों के जल के साथ उपजाऊ मिट्टी और पोषक तत्व आते हैं, जिनसे फसल में हरियाली और नवजीवन आता है, इसलिए इसे पानी का जादू कहा गया है।
- 2 marks
(iv) कवि जीवन के उतार-चढ़ाव बताकर दूसरों के उपहास का पात्र नहीं बनना चाहता। साथ ही अतीत की पीड़ा के घाव फिर हरे होने से बचना चाहता है और सुखद स्मृतियाँ उसकी निजी पूँजी हैं।
Answer: कोई तीन उपप्रश्नों के उत्तर ऊपर दिए गए हैं
Where the marks are
- प्रत्येक उपप्रश्न पर दो बिंदु (2 अंक); किन्हीं तीन के उत्तर
2024 Course A, set 3/1/1, Q8 · 2 marks · MCQ
पाठ्यपुस्तक में निर्धारित कविताओं के आधार पर निम्नलिखित दो प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
- (i)1 mark
संगतकार मुख्य गायक का साथ क्यों देता है? अनुपयुक्त विकल्प छाँटकर लिखिए :
- (A)उसके समान ही अपनी पहचान बनाने के लिए।
- (B)प्रदर्शन के दौरान उसका उत्साह बढ़ाने के लिए।
- (C)उसके प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए।
- (D)उसके स्वर को सहारा देने के लिए।
- (ii)1 mark
'यह दंतुरित मुसकान' कविता में बच्चे द्वारा पिता को एकटक देखे जाने का क्या कारण था?
- (A)ऐसे एकटक देखना उसका स्वभाव था।
- (B)उसे पलकें झपकाना नहीं आता था।
- (C)वह उन्हें पहचानने की कोशिश कर रहा था।
- (D)वह उनकी उपेक्षा करने का प्रयास कर रहा था।
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) (A): संगतकार मुख्य गायक की सहायता और उत्साह-वर्धन के लिए गाता है, अपनी पहचान बनाने के लिए नहीं। इसलिए यही अनुपयुक्त कारण है।
- 1 mark
(ii) (C): शिशु पिता को लंबे समय बाद देख रहा है, इसलिए एकटक देखकर उन्हें पहचानने की कोशिश कर रहा है।
Answer: (i) A; (ii) C
Where the marks are
- (i) अनुपयुक्त कारण A (1 अंक)
- (ii) C (1 अंक)
Every मंगलेश डबराल – संगतकार question, by year
Course A (6 questions, sample papers included)
- For 2026
Sample paper 2025-26: Q9 (5 marks, solved)
Course B (0 questions, sample papers included)
Practice questions on मंगलेश डबराल – संगतकार
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 2 marks · Short answerBoard level
'तारसप्तक' का क्या अर्थ है? तारसप्तक में पहुँचकर मुख्य गायक की क्या दशा होती है?
Hint
पाठ के 'यह भी जानें' में सप्तक के तीन भेद और कविता की 'प्रेरणा', 'उत्साह' वाली पंक्ति देखिए।
Answer
उत्तर-बिंदु: तारसप्तक मध्य सप्तक से ऊपर की ऊँची ध्वनि है; वहाँ गला बैठने लगता है; प्रेरणा साथ छोड़ती है और उत्साह अस्त होने लगता है।
आदर्श उत्तर: तारसप्तक मध्य सप्तक से ऊपर की ऊँची ध्वनि है। वहाँ पहुँचकर मुख्य गायक का गला बैठने लगता है, प्रेरणा साथ छोड़ती है और उत्साह अस्त होने लगता है।
Q2 · 1 mark · MCQBoard level
'तभी मुख्य गायक को ढाँढ़स बँधाता' में 'ढाँढ़स बँधाना' का अर्थ है:
(क) डाँटना
(ख) रोक देना
(ग) तसल्ली देना
(घ) तालियाँ बजानाHint
पाठ की शब्द-संपदा में यह मुहावरा दिया गया है।
Answer
(ग) तसल्ली देना। शब्द-संपदा के अनुसार ढाँढ़स बँधाना का अर्थ है तसल्ली या सांत्वना देना।
Q3 · 2 marks · Short answerHarder board level
कवि ने मुख्य गायक के स्वर को 'चट्टान जैसा भारी' और संगतकार की आवाज़ को 'सुंदर कमज़ोर काँपती हुई' बताया है। इस तुलना से कवि क्या स्पष्ट करना चाहता है?
Hint
दोनों आवाज़ों की भूमिका में अंतर सोचिए: कौन प्रधान है और कौन सहारा।
Answer
उत्तर-बिंदु: मुख्य गायक का स्वर भारी, गहरा, प्रभावशाली; संगतकार की आवाज़ कोमल और सहायक; तुलना से दोनों की भूमिकाओं का अंतर स्पष्ट।
आदर्श उत्तर: मुख्य गायक का स्वर चट्टान जैसा भारी, गहरा और प्रभावशाली है। उसके सामने संगतकार की सुंदर, कमज़ोर, काँपती आवाज़ रखकर कवि दोनों की भूमिकाओं का अंतर स्पष्ट करता है।
Q4 · 2 marks · Short answerHarder board level
'अंतरे की जटिल तानों के जंगल में खो चुका होता है' — 'तानों के जंगल' कहने का क्या औचित्य है?
Hint
जंगल में व्यक्ति के साथ क्या होता है? शब्द-संपदा में 'तान' और 'अंतरा' का अर्थ भी देखिए।
Answer
उत्तर-बिंदु: जंगल में रास्ता खोने जैसा भाव; अंतरे की कठिन तानों में गायक मूल धुन से दूर; तब संगतकार स्थायी सँभालता है।
आदर्श उत्तर: जैसे जंगल में रास्ता खो जाता है, वैसे ही अंतरे की कठिन तानों में मुख्य गायक मूल धुन से दूर चला जाता है। तब संगतकार स्थायी सँभालता है।
Q5 · 1 mark · Assertion-reasonHarder board level
निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यान से पढ़कर सही विकल्प चुनिए:
कथन (A): संगतकार कभी-कभी यों ही मुख्य गायक का साथ दे देता है।
कारण (R): वह श्रोताओं को अपनी प्रतिभा दिखाना चाहता है।
(क) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
(ख) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(ग) कथन (A) सही है, परंतु कारण (R) गलत है।
(घ) कथन (A) गलत है, परंतु कारण (R) सही है।Hint
कविता में 'यों ही' साथ देने का कारण स्वयं लिखा है।
Answer
(ग) कथन (A) सही है, परंतु कारण (R) गलत है। संगतकार यों ही साथ इसलिए देता है ताकि मुख्य गायक जाने कि वह अकेला नहीं है; वह तो अपना स्वर ऊँचा न उठाने की कोशिश करता है।
Q6 · 2 marks · Short answerHarder board level
'या अपने ही सरगम को लाँघकर / चला जाता है भटकता हुआ एक अनहद में' — इन पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए।
Hint
'लाँघना' यानी सीमा पार करना; 'अनहद' यानी जिसकी कोई सीमा न हो। यह व्याख्या का प्रश्न है।
Answer
उत्तर-बिंदु: गायक अपने ही स्वरों की सीमा पार कर जाता है; असीम में भटक जाता है (व्याख्या); संगतकार स्थायी थामकर लौटने का आधार देता है।
आदर्श उत्तर: इसका आशय है कि गायक उमंग में अपने स्वरों की सीमा पार कर असीम में भटक जाता है। ऐसे समय संगतकार स्थायी थामकर उसे लौटने का आधार देता है।
Q7 · 2 marks · Short answerHOTS / competency
मान लीजिए आपके विद्यालय के वार्षिक समारोह में मंच पर आए कलाकारों को खूब तालियाँ मिलीं, पर ध्वनि, प्रकाश और सजावट सँभालने वाले छात्रों को कोई नहीं जानता। 'संगतकार' कविता के संदेश के आधार पर आप उन्हें सम्मान कैसे देंगे?
Hint
कविता के अंतिम भाव 'विफलता नहीं, मनुष्यता' को अपने व्यवहार से जोड़िए।
Answer
उत्तर-बिंदु: पीछे रहने वालों का सामने न आना कमज़ोरी नहीं, मनुष्यता है; उनके योगदान को सबके सामने स्वीकार करना; एक ठोस कदम बताना।
आदर्श उत्तर: कविता सिखाती है कि पीछे रहने वाले सहयोगियों का सामने न आना कमज़ोरी नहीं, मनुष्यता है। मैं समारोह के अंत में उनके नाम पुकारकर धन्यवाद दूँगा, ताकि उनका योगदान सबको दिखे।
Q8 · 2 marks · Short answerHOTS / competency
'वह अपनी गूँज मिलाता आया है प्राचीन काल से' — 'प्राचीन काल से' शब्दों के आधार पर बताइए कि क्या संगतकार की भूमिका केवल आज की बात है? आज के जीवन से एक उदाहरण दीजिए।
Hint
सोचिए, 'प्राचीन काल से' कहकर कवि सहयोग की कितनी पुरानी परंपरा की ओर इशारा करता है।
Answer
उत्तर-बिंदु: नहीं, यह परंपरा बहुत पुरानी है; सहयोगी हमेशा मुख्य व्यक्ति की सफलता में साथ देते आए हैं; आज का कोई उचित उदाहरण।
आदर्श उत्तर: नहीं, 'प्राचीन काल से' बताता है कि सहयोगी हमेशा से मुख्य व्यक्ति की सफलता में साथ देते आए हैं। आज खिलाड़ी के पीछे कोच और साथी खिलाड़ी यही भूमिका निभाते हैं।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.'संगतकार' कविता के कवि कौन हैं?Show answer
मंगलेश डबराल।
2.मुख्य गायक के स्वर की तुलना किससे की गई है?Show answer
चट्टान से — उसका स्वर चट्टान जैसा भारी है।
3.संगतकार की आवाज़ के लिए कवि ने कौन-से तीन विशेषण दिए हैं?Show answer
सुंदर, कमज़ोर, काँपती हुई।
4.कविता के अनुसार संगतकार कौन-कौन हो सकता है?Show answer
मुख्य गायक का छोटा भाई, शिष्य या पैदल चलकर सीखने आने वाला दूर का रिश्तेदार।
5.गायक के भटकने पर संगतकार किसे सँभाले रहता है?Show answer
स्थायी को।
6.किस सप्तक में मुख्य गायक का गला बैठने लगता है?Show answer
तारसप्तक में (मध्य सप्तक से ऊपर की ऊँची ध्वनि)।
7.'राख जैसा कुछ गिरता हुआ' का अर्थ क्या है?Show answer
बुझता हुआ स्वर (शब्द-संपदा के अनुसार)।
8.संगतकार की हिचक को कवि क्या समझने को कहता है?Show answer
विफलता नहीं, उसकी मनुष्यता।
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप बता सकते हैं कि 'वह आवाज़' और 'उसका गला' — दोनों किसके लिए हैं?
- क्या आप संगतकार के तीन संभावित रूप (भाई, शिष्य, रिश्तेदार) बिना देखे लिख सकते हैं?
- क्या आप मुख्य गायक के दो संकट — 'तानों का जंगल' और 'राख जैसा स्वर' — और संगतकार की दोनों मदद बता सकते हैं?
- क्या आप मध्य, तार और मंद्र सप्तक का अंतर एक-एक वाक्य में बता सकते हैं?
- क्या आप 'जैसे उसे याद दिलाता हो उसका बचपन' का भाव 25-30 शब्दों में लिख सकते हैं?
- क्या आप समझा सकते हैं कि संगतकार 'यों ही' साथ क्यों देता है और 'फिर से गाया जा सकता है' का संदेश क्या है?
- क्या आप अंतिम पंक्तियों का निष्कर्ष 'हिचक विफलता नहीं, मनुष्यता है' अपने शब्दों में तर्क सहित लिख सकते हैं?
मंगलेश डबराल – संगतकार: frequently asked questions
संगतकार कविता का मूल भाव क्या है?
कविता बताती है कि मुख्य गायक की सफलता में संगतकार की बड़ी भूमिका होती है। वह गायक को भटकने और बिखरने से बचाता है, फिर भी अपनी आवाज़ ऊँची नहीं करता। कवि के अनुसार उसका पीछे रहना विफलता नहीं, उसकी मनुष्यता है।
संगतकार की आवाज़ को 'सुंदर कमज़ोर काँपती हुई' क्यों कहा गया है?
'सुंदर' इसलिए कि संगतकार में सचमुच प्रतिभा है। 'कमज़ोर काँपती' इसलिए कि वह जानबूझकर अपनी आवाज़ को मुख्य गायक से नीचे रखता है, ताकि गायक का सम्मान बना रहे। यह उसकी विनम्रता का संकेत है।
'तारसप्तक' और 'स्थायी' का क्या अर्थ है?
NCERT के अनुसार मध्य सप्तक से ऊपर की ऊँची ध्वनि को तार सप्तक कहते हैं; यहीं गायक का गला बैठने लगता है। शब्द-संपदा के अनुसार अंतरा स्थायी या टेक को छोड़कर गीत का चरण होता है, यानी स्थायी गीत की मूल टेक है, जिसे संगतकार सँभाले रहता है।
'उसे विफलता नहीं उसकी मनुष्यता समझा जाना चाहिए' का क्या भाव है?
संगतकार की आवाज़ में हिचक है और वह अपना स्वर ऊँचा नहीं उठाता। लोग इसे उसकी कमी समझ सकते हैं। कवि कहता है कि यह उसका त्याग है, वह मुख्य गायक का मान रखने के लिए पीछे रहता है, इसलिए यह उसकी मनुष्यता है।
संगतकार मुख्य गायक को बचपन क्यों याद दिलाता है?
जब गायक कठिन तानों में भटक जाता है, तब संगतकार स्थायी सँभालकर उसे मूल धुन पर लौटाता है। कवि को यह ऐसा लगता है मानो वह गायक को उसके नौसिखिया दिनों की याद दिला रहा हो, जब वह सीधी-सरल धुन गाता था।
इस कविता से बोर्ड में किस तरह के प्रश्न आते हैं?
2026-27 के पाठ्यक्रम के अनुसार काव्यांश पर 1-1 अंक के पाँच MCQ आ सकते हैं, जिनमें कथन-कारण प्रश्न भी होता है। इसके अलावा 25-30 शब्दों के 2 अंक वाले प्रश्न आते हैं, जिनमें 4 में से 3 करने होते हैं।
Based on: CBSE हिंदी पाठ्यक्रम-अ (002), कक्षा 10, 2026-27; NCERT क्षितिज भाग 2 (Reprint 2026-27), संगतकार