CBSE Class 10 Hindi Course B 2026: question 8
Set in the CBSE Class 10 board exam of 2026, paper 4/4/1, section ग, question 8, for 6 marks. Try it first; the hints and our step-by-step solution are below.
Q8 · 6 marks · Reading comprehensionलीलाधर मंडलोई – तताँरा-वामीरो कथा
निर्धारित गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए : 3 × 2 = 6
- (i)2 marks
सबके प्रति अपने नेक व्यवहार के कारण द्वीपवासियों के बीच अत्यंत लोकप्रिय होने पर भी, जब तताँरा को ज़रूरत पड़ी तो किसी ने भी उसका साथ क्यों नहीं दिया? 'तताँरा-वामीरो कथा' पाठ के आधार पर लिखिए।
- (ii)2 marks
'गिन्नी का सोना' के आधार पर लिखिए कि किस तरह के लोग समाज के पतन का कारण बनते हैं और क्यों?
- (iii)2 marks
'व्यावसायिक दृष्टि से एक असफल फ़िल्म होते हुए भी 'तीसरी कसम' एक सफल फ़िल्म थी।' पाठ के संदर्भ में सिद्ध कीजिए।
- (iv)2 marks
'एक संगठित समाज कृत संकल्प हो तो ऐसा कुछ भी नहीं जो वह न कर सके।' – 'डायरी का एक पन्ना' पाठ के आधार पर इस कथन को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
Source: official question paper from cbse.gov.in (PDF). See it in the full 2026 board paper, set 4/4/1.
Hints
Open one hint at a time and try again before the next.
Hint 1
पाठ में घटना या पात्र का नाम लेकर उत्तर शुरू कीजिए।
Hint 2
25-30 शब्दों में दो स्पष्ट बिंदु लिखिए।
Hint 3
अपने शब्दों में उदाहरण सहित बात रखिए।
Step-by-step solution
Each step shows the marks it earns, as an examiner would award them. Checked by an independent re-solve from the question paper.
- 2 marks
(i) द्वीपवासी रूढ़ परंपराओं में बँधे थे। तताँरा ने प्रथा का उल्लंघन किया, तो वे नाराज़ हो गए। अपनी पहचान और संस्कृति से जुड़े होने के कारण वे परंपरा के प्रति बहुत संवेदनशील थे, इसलिए किसी ने उसका साथ नहीं दिया।
- 2 marks
(ii) व्यवहारवादी लोग समाज के पतन का कारण बनते हैं। वे हर कार्य में अपना स्वार्थ और लाभ-हानि देखते हैं तथा समाज के हित की उपेक्षा करते हैं, इसलिए समाज गिरता है।
- 2 marks
(iii) 'तीसरी कसम' पटकथा, गीत-संगीत, अभिनय और निर्देशन में उत्कृष्ट थी। उसने साहित्यिक कृति के साथ पूरा न्याय किया, मानवीय संवेदनाओं का यथार्थ चित्रण किया और राष्ट्रपति स्वर्ण पदक जैसे पुरस्कार पाए। इसलिए कलात्मक रूप से सफल थी।
- 2 marks
(iv) संगठित समाज बहुत कुछ कर सकता है। कलकत्ता में 26 जनवरी 1931 को भारी पुलिस बंदोबस्त के बावजूद लोग संगठित होकर मोनुमेंट के नीचे एकत्र हुए। लाठीचार्ज सहकर भी उन्होंने झंडा फहराया और स्वतंत्रता की प्रतिज्ञा पढ़ी।
Answer: किन्हीं तीन उप-प्रश्नों के उत्तर ऊपर दिए गए हैं।
Where the marks are
- (i) रूढ़ परंपराओं में बँधे द्वीपवासियों की नाराज़गी, संस्कृति के प्रति संवेदनशीलता (2 अंक)
- (ii) व्यवहारवादी लोग, स्वार्थ व लाभ-हानि का हिसाब, समाज की उपेक्षा (2 अंक)
- (iii) पटकथा, गीत-संगीत, अभिनय, निर्देशन, पुरस्कार (2 अंक)
- (iv) संगठन की शक्ति और 26 जनवरी 1931 का उदाहरण (2 अंक)
Revise the chapter
- Chapter: लीलाधर मंडलोई – तताँरा-वामीरो कथा (notes, formulas, where marks are lost and every past question)
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The question is transcribed from the official paper; figures are described in words. The solution, hints and chapter tag are ours. Spotted an error? Write tosupport@questionbuddy.in.