हबीब तनवीर – कारतूस Class 10: सारांश, पात्र और प्रश्न-उत्तर
Updated 14 October 2026 · Fact-checked
'कारतूस' हबीब तनवीर का एकांकी है (स्पर्श भाग 2)। सन् 1799 में गोरखपुर के जंगल में कर्नल कालिंज वज़ीर अली को पकड़ने के लिए डेरा डाले है। एक सवार आकर कर्नल से ही कारतूस ले जाता है और अंत में अपना नाम वज़ीर अली बताता है। बोर्ड इससे गद्यांश और 25-30 शब्दों के प्रश्न पूछता है।
What हबीब तनवीर – कारतूस is about
'कारतूस' स्पर्श भाग 2 के गद्य खंड का पाठ है। इसके लेखक हबीब तनवीर हैं, जो नाटककार, कवि, अभिनेता और नाट्य निर्देशक थे। यह एक छोटी एकांकी है। इसकी कहानी सन् 1799 में गोरखपुर के जंगल में कर्नल कालिंज के खेमे में घटती है। एक पंक्ति में कहें तो यह अवध के जाँबाज़ वज़ीर अली की कहानी है। वह अंग्रेज़ों को देश से निकालना चाहता था। वह निडर होकर दुश्मन के खेमे में गया और कर्नल से ही कारतूस ले आया।
बोर्ड परीक्षा में इस पाठ से पठित गद्यांश दिया जा सकता है। उस पर पाँच बहुविकल्पी प्रश्न (1×5) आते हैं, जिनमें कथन-कारण प्रश्न भी होता है। गद्य खंड के 25-30 शब्दों वाले प्रश्नों (2 अंक) में भी यह पाठ आ सकता है। इनमें पात्रों के चरित्र, घटनाओं के कारण, संवादों के आशय और पाठ के संदेश पर प्रश्न पूछे जाते हैं।
In real board papers: Course A, not asked in any of the 21 board papers we hold (2023 to 2026); Course B, asked in 2 of the 21 board papers we hold (2023 to 2026), on average 0.3 marks per paper. See the questions
हबीब तनवीर – कारतूस: summary
In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.
एकांकी का समय सन् 1799 की एक रात है। गोरखपुर के जंगल में कर्नल कालिंज का खेमा लगा है। चाँदनी छिटकी है और अंदर लैंप जल रहा है। कर्नल और एक लेफ़्टीनेंट बातें कर रहे हैं।
लेफ़्टीनेंट बताता है कि हफ़्तों से खेमा यहीं पड़ा है। सिपाही तंग आ गए हैं, क्योंकि वज़ीर अली हाथ ही नहीं आता। कर्नल कहता है कि वज़ीर अली के किस्से सुनकर रॉबिनहुड की याद आती है। उसने लगभग पाँच महीने राज किया। इतने में ही उसने अवध के दरबार को अंग्रेज़ी असर से लगभग मुक्त कर दिया था।
कर्नल सआदत अली के बारे में बताता है। वह नवाब आसिफ़उद्दौला का भाई था और वज़ीर अली का दुश्मन। नवाब के यहाँ बेटे की उम्मीद नहीं थी, इसलिए सआदत अली ने वज़ीर अली के जन्म को अपनी मौत समझा। अंग्रेज़ों ने सआदत अली को तख्त पर बिठाया। बदले में उसने आधी जायदाद और दस लाख रुपये नकद दिए।
फिर बात अफ़गानिस्तान के बादशाह शाहे-ज़मा की होती है। उसे हमले का न्योता पहले टीपू सुल्तान ने, फिर वज़ीर अली ने और फिर शमसुद्दौला ने दिया। लेफ़्टीनेंट को लगता है कि कंपनी के खिलाफ़ सारे देश में लहर दौड़ गई है। कर्नल को डर है कि ऐसा हुआ तो बक्सर और प्लासी की जीत बेकार हो जाएगी।
कर्नल वकील के कत्ल का किस्सा सुनाता है। अंग्रेज़ों ने वज़ीर अली को पद से हटाया, बनारस भेजा और तीन लाख रुपये सालाना वज़ीफ़ा तय किया। बाद में गवर्नर जनरल ने उसे कलकत्ता बुलाया। वज़ीर अली ने कंपनी के वकील से इसकी शिकायत की। वकील ने उलटे उसे बुरा-भला कहा, तो वज़ीर अली ने खंजर से उसे मार डाला। फिर वह साथियों के साथ आज़मगढ़ भागा। वहाँ के शासक ने उन्हें सुरक्षा में घागरा तक पहुँचाया। उसकी योजना थी कि वह नेपाल पहुँचे, अफ़गानी हमले का इंतज़ार करे और ताकत बढ़ाए। फिर सआदत अली को हटाकर अवध पर कब्ज़ा करे और अंग्रेज़ों को देश से निकाल दे।
तभी एक सिपाही दूर उड़ती धूल की खबर देता है। धूल काफ़िले जैसी है, पर आता हुआ सवार एक ही है। कर्नल सिपाहियों को उस पर नज़र रखने को कहता है। सवार कर्नल से अकेले में मिलना चाहता है और कहता है कि दीवारों के भी कान होते हैं। अकेले में वह पूछता है कि खेमा क्यों डाला गया है। फिर कहता है कि वज़ीर अली को पकड़ना मुश्किल है और उसे पकड़ने के लिए कुछ कारतूस माँगता है। कर्नल उसे दस कारतूस दे देता है। नाम पूछने पर सवार बताता है कि वह वज़ीर अली है। वह कहता है कि कारतूस देने के कारण वह कर्नल की जान बख्श रहा है, और चला जाता है। कर्नल हक्का-बक्का रह जाता है। लेफ़्टीनेंट पूछता है कि कौन था, तो कर्नल धीरे से कहता है, 'एक जाँबाज़ सिपाही।'
Themes and message
देशप्रेम और अंग्रेज़ों से मुक्ति का संकल्प
वज़ीर अली के जीवन का एक ही लक्ष्य है: अंग्रेज़ों को हिंदुस्तान से बाहर करना। पद छिन जाने के बाद भी वह हार नहीं मानता। वह जंगलों में भटकता है और सालों तक कंपनी की फ़ौज से बचता रहता है। उसकी योजना बहुत बड़ी है: नेपाल पहुँचना, ताकत बढ़ाना, अवध वापस लेना और अंग्रेज़ों को देश से निकालना। इससे पता चलता है कि उसके लिए निजी सुख से बड़ा देश की आज़ादी का सपना था। अंग्रेज़ों ने उसे सालाना वज़ीफ़ा दिया था, फिर भी उसने अंग्रेज़ी राज के आगे सिर नहीं झुकाया।
From the text: कर्नल बताता है कि पाँच महीने के राज में उसने अवध के दरबार को अंग्रेज़ी असर से लगभग मुक्त कर दिया था। उसकी योजना थी: "अंग्रेज़ों को हिंदुस्तान से निकाल दे"।
साहस, निडरता और सूझबूझ
पाठ का केंद्र वज़ीर अली की जाँबाज़ी है। वह अकेला ही उस खेमे में घुस जाता है, जहाँ पूरी फ़ौज उसे पकड़ने के लिए बैठी है। वहाँ वह कर्नल से ही कारतूस ले लेता है। यह केवल हिम्मत नहीं, सूझबूझ भी है। वह 'तन्हाई' माँगकर कर्नल को अकेला कर देता है। फिर ऐसी बातें करता है कि कर्नल उसे अपना साथी समझ बैठता है। अंत में अपना नाम बताकर जाना उसकी निडरता की चरम सीमा है। इससे पता चलता है कि सच्चा वीर डर से नहीं, आत्मविश्वास से काम करता है।
From the text: सवार कारतूस लेकर कहता है: "वज़ीर अली। आपने मुझे कारतूस दिए इसलिए आपकी जान बख्शी करता हूँ।"
अंग्रेज़ों की स्वार्थी कूटनीति
कर्नल की बातों से अंग्रेज़ों की नीयत खुल जाती है। वे व्यापारी बनकर आए थे, पर रियासतों पर कब्ज़ा करने लगे। उन्होंने वज़ीर अली को हटाकर ऐश पसंद सआदत अली को तख्त पर बिठाया। बदले में उनसे आधी जायदाद और दस लाख रुपये लिए। इससे पता चलता है कि अंग्रेज़ अपने फ़ायदे के लिए देश के ही स्वार्थी लोगों का साथ लेते थे। कर्नल यह बात बेझिझक मानता भी है। पाठ यह संकेत देता है कि आपसी फूट और लालच ने विदेशी शासन को मज़बूत किया।
From the text: कर्नल कहता है: "सआदत अली हमारा दोस्त है और बहुत ऐश पसंद आदमी है" और "अब वो भी मज़े करता है और हम भी।"
शत्रु की वीरता का सम्मान
कर्नल कालिंज वज़ीर अली का दुश्मन है और सालों से उसका पीछा कर रहा है। फिर भी बातचीत में वह उसकी तुलना रॉबिनहुड से करता है और उसके साथियों के दमखम को मानता है। अंत में धोखा खाकर भी उसके मुँह से गाली नहीं निकलती। वह उसे 'एक जाँबाज़ सिपाही' कहता है। पाठ प्रवेश में भी लिखा है कि कर्नल के मुँह से ऐसे शब्द निकले जो शत्रु के लिए नहीं बोले जाते। इससे पता चलता है कि सच्ची वीरता दुश्मन से भी सम्मान पा लेती है।
From the text: अंत में कर्नल "(दबी ज़बान से अपने आप से कहता है) एक जाँबाज़ सिपाही।"
Characters
वज़ीर अली
एकांकी का नायक। वह अवध का शासक रहा, जिसे अंग्रेज़ों ने पद से हटा दिया। अंत में वही 'सवार' बनकर कर्नल के खेमे में आता है।
- सच्चा देशभक्त: उसका लक्ष्य अंग्रेज़ों को देश से निकालना है
- निडर और साहसी: अकेला दुश्मन के खेमे में घुस जाता है
- चतुर और सूझबूझ वाला: तन्हाई माँगकर, बातों में उलझाकर कारतूस ले लेता है
- स्वाभिमानी: वकील का अपमान सहन नहीं करता
- उदार: कारतूस देने के बदले कर्नल की जान बख्श देता है
कर्नल के अनुसार उसने लगभग पाँच महीने के राज में दरबार को अंग्रेज़ी असर से लगभग मुक्त कर दिया। वकील ने उसे बुरा-भला कहा, तो उसने वकील को खंजर से मार डाला। सवार के रूप में वह कहता है, "दीवार हमगोश दारद, तन्हाई।" कारतूस लेकर वह अपना नाम बताता है और कर्नल की जान बख्शकर चला जाता है।
कर्नल कालिंज
ईस्ट इंडिया कंपनी का अधिकारी, जो फ़ौज लेकर वज़ीर अली का पीछा कर रहा है।
- कर्तव्यनिष्ठ: कंपनी के हुक्म पर बरसों से जंगल में डटा है
- इतिहास और राजनीति का जानकार: लेफ़्टीनेंट को सब घटनाएँ बताता है
- अंग्रेज़ी स्वार्थ का समर्थक: सआदत अली के सौदे को खुलकर ठीक बताता है
- सतर्क पर धोखा खा जाने वाला: सवार पर नज़र रखवाता है, फिर भी उसे पहचान नहीं पाता
- शत्रु की वीरता को मानने वाला
वह कहता है, "पूरी एक फ़ौज लिए उसका पीछा कर रहा हूँ"। धूल उड़ती देखकर वह सिपाहियों को तैयार रहने का आदेश देता है। फिर भी वह अनजान सवार को दस कारतूस दे देता है। अंत में हक्का-बक्का होकर भी वह वज़ीर अली को 'जाँबाज़ सिपाही' कहता है।
लेफ़्टीनेंट
कर्नल का सहायक अधिकारी। उसके प्रश्नों से दर्शक को पूरी पृष्ठभूमि पता चलती है।
- जिज्ञासु: सआदत अली, शमसुद्दौला और कत्ल के बारे में बार-बार पूछता है
- अधीर: लंबे इंतज़ार से ऊब चुका है
- जल्दी अनुमान लगाने वाला: सवार को वज़ीर अली का मुखबिर समझ लेता है
- अंग्रेज़ी हित का रक्षक: वज़ीर अली को पकड़ना ज़रूरी मानता है
वह कहता है, "हफ़्तों हो गए यहाँ खेमा डाले हुए।" सवार के आने पर वह मान लेता है कि वह वज़ीर अली का कोई आदमी होगा, जो उसे पकड़वाना चाहता है। वह यह भी कहता है कि वज़ीर अली की आज़ादी बहुत खतरनाक है।
सआदत अली (केवल उल्लेख)
नवाब आसिफ़उद्दौला का भाई, जिसे अंग्रेज़ों ने अवध के तख्त पर बिठाया। वह मंच पर नहीं आता।
- स्वार्थी: वज़ीर अली के जन्म को अपनी मौत समझता है
- ऐश पसंद: भोग-विलास में डूबा रहता है
- अंग्रेज़ों का मित्र: सत्ता के लिए आधी जायदाद और दस लाख रुपये दे देता है
कर्नल बताता है, "वज़ीर अली की पैदाइश को सआदत अली ने अपनी मौत खयाल किया।" उसने अंग्रेज़ों को आधी मुमलिकत और दस लाख रुपये नकद दिए।
How it is written
| Device | Example | Effect |
|---|---|---|
| नाटकीय विडंबना (व्यंग्यपूर्ण स्थिति) | सवार कहता है कि उसे वज़ीर अली को गिरफ़्तार करने के लिए कारतूस चाहिए, जबकि वह खुद वज़ीर अली है। कर्नल अपने ही दुश्मन को दस कारतूस दे देता है। | जिस फ़ौज का काम वज़ीर अली को पकड़ना है, वही उसे हथियार दे देती है। इससे कर्नल की हार और वज़ीर अली की चतुराई दोनों उभरती हैं। दर्शक अंत में चौंक जाता है। |
| रहस्य और कौतूहल (सस्पेंस) | दूर उड़ती धूल, एक ही सवार, 'तन्हाई! तन्हाई!' की पुकार और अंत तक नाम छिपा रहना। | छोटी-सी एकांकी में तनाव बढ़ता जाता है। नाम अंत में खुलता है, इसलिए पूरा प्रभाव आखिरी पंक्तियों में आता है। |
| संवाद शैली | सवार और कर्नल के छोटे-छोटे सवाल-जवाब: 'आप क्या चाहते हैं?' 'चंद कारतूस।' 'किसलिए?' | छोटे संवाद दृश्य को तेज़ बनाते हैं। पहले भाग के लंबे संवाद पृष्ठभूमि बताते हैं, और अंत के छोटे संवाद रोमांच पैदा करते हैं। |
| उर्दू-मिश्रित भाषा और मुहावरे | 'आँखों में धूल झोंक रहा है', 'काम तमाम कर दिया', 'हक्का-बक्का', 'दीवार हमगोश दारद'। | भाषा उस समय के माहौल को सच्चा बनाती है। मुहावरे संवादों को जीवंत और असरदार बनाते हैं। |
| तुलना और शत्रु के मुँह से प्रशंसा | कर्नल वज़ीर अली की तुलना रॉबिनहुड से करता है और अंत में उसे 'जाँबाज़ सिपाही' कहता है। | नायक की तारीफ़ दुश्मन के मुँह से होती है, इसलिए उसकी वीरता और भी विश्वसनीय लगती है। |
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
ये वज़ीर अली आदमी है या भूत, हाथ ही नहीं लगता।
लेफ़्टीनेंट: एकांकी की शुरुआत में, जब वह हफ़्तों के इंतज़ार से ऊबकर कर्नल से बात करता है।
वज़ीर अली की चालाकी और पकड़ में न आने की क्षमता शुरू में ही सामने आ जाती है। अंग्रेज़ों की झुंझलाहट भी दिखती है।
उसके अफ़साने सुन के रॉबिनहुड के कारनामे याद आ जाते हैं।
कर्नल कालिंज: वज़ीर अली के बारे में बात करते हुए।
दुश्मन भी उसे एक साहसी और लोकप्रिय वीर मानता है, जो ताकतवर शासकों से टक्कर लेता है।
वज़ीर अली की पैदाइश को सआदत अली ने अपनी मौत खयाल किया।
कर्नल कालिंज: लेफ़्टीनेंट के यह पूछने पर कि सआदत अली कौन है।
सआदत अली का सत्ता-लोभ और वज़ीर अली से उसकी दुश्मनी का कारण स्पष्ट होता है।
सआदत अली हमारा दोस्त है और बहुत ऐश पसंद आदमी है
कर्नल कालिंज: यह बताते हुए कि सआदत अली को तख्त पर बिठाने में अंग्रेज़ों का क्या फ़ायदा था।
अंग्रेज़ों की स्वार्थी नीति खुल जाती है। वे ऐसे शासक चाहते थे जो उनकी बात माने और उन्हें धन दे।
वज़ीर अली की आज़ादी बहुत खतरनाक है।
लेफ़्टीनेंट: यह सुनकर कि कंपनी के खिलाफ़ पूरे देश में लहर दौड़ गई है।
इससे पता चलता है कि अकेला वज़ीर अली भी कंपनी के लिए कितना बड़ा खतरा था।
दीवार हमगोश दारद, तन्हाई।
सवार (वज़ीर अली): खेमे में आकर, जब कर्नल कहता है कि यहाँ कोई गैर आदमी नहीं है।
वज़ीर अली की सावधानी और सूझबूझ दिखती है। वह कर्नल को अकेला करके अपनी योजना पूरी करता है।
आपने मुझे कारतूस दिए इसलिए आपकी जान बख्शी करता हूँ।
वज़ीर अली: दस कारतूस लेने और अपना नाम बताने के बाद।
एकांकी का चरम क्षण। वज़ीर अली की निडरता, स्वाभिमान और उदारता एक साथ सामने आती हैं।
हबीब तनवीर – कारतूस in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
साहस के साथ सूझबूझ
मान लीजिए स्कूल की वाद-विवाद प्रतियोगिता में आपकी टीम छोटी और कम अनुभवी है, जबकि सामने वाली टीम पिछले साल की विजेता है।
वज़ीर अली की रणनीति से बताइए कि आप इस स्थिति में कैसे सफल हो सकते हैं।
Try it first, then show the solutionSolution
- पाठ: मुट्ठीभर साथियों के साथ वज़ीर अली बड़ी फ़ौज पर भारी पड़ा।
- रणनीति: सामने वाले की कमज़ोरी पहचानना, अप्रत्याशित चाल चलना, शांत रहना।
- प्रयोग: विरोधी के तर्कों का अनुमान लगाकर तैयारी करना।
Answer: वज़ीर अली की तरह संख्या नहीं, सूझबूझ और साहस जिताते हैं। विरोधी के तर्कों का पहले से अनुमान लगाकर शांत मन से अप्रत्याशित ढंग से जवाब देने पर छोटी टीम भी जीत सकती है।
Memory hook: मुट्ठीभर आदमी और ये दमखम: संख्या नहीं, सूझबूझ जीतती है।
दीवारों के भी कान होते हैं
कल्पना कीजिए कि आपको अपने मित्र को परीक्षा के डर के बारे में कोई निजी बात बतानी है, पर कैंटीन में बहुत लोग हैं।
सवार के व्यवहार से आप क्या सीख सकते हैं?
Try it first, then show the solutionSolution
- पाठ: सवार ने 'तन्हाई' माँगी, 'दीवार हमगोश दारद'।
- सीख: निजी बात सही जगह और समय पर ही कहें।
- प्रयोग: अकेले में मित्र से बात करना।
Answer: सवार ने निजी बात कहने से पहले तन्हाई माँगी, क्योंकि दीवारों के भी कान होते हैं। मुझे भी निजी बात भीड़ में नहीं, अकेले में शांति से कहनी चाहिए।
Memory hook: तन्हाई! तन्हाई!: राज़ की बात, सही जगह पर।
शत्रु के गुणों का सम्मान
मान लीजिए कबड्डी के फ़ाइनल में विरोधी टीम का एक खिलाड़ी अकेले आपकी पूरी टीम पर भारी पड़ता है और आपकी टीम हार जाती है।
कर्नल के अंतिम शब्दों के आधार पर बताइए कि हारकर भी आपको कैसा व्यवहार करना चाहिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- पाठ: हक्का-बक्का कर्नल ने वज़ीर अली को 'एक जाँबाज़ सिपाही' कहा।
- सीख: विरोधी की प्रतिभा को स्वीकारना खेल-भावना है।
- प्रयोग: उस खिलाड़ी की सराहना करना और उससे सीखना।
Answer: कर्नल ने शत्रु होते हुए भी वज़ीर अली को 'जाँबाज़ सिपाही' माना। हारने पर मुझे भी विरोधी खिलाड़ी की प्रतिभा सराहनी चाहिए और उससे सीखना चाहिए; यही खेल-भावना है।
Memory hook: 'एक जाँबाज़ सिपाही': हारकर भी सच मानना बड़प्पन है।
Topics in this chapter
- कारतूस एकांकी – वज़ीर अली का चरित्र-चित्रणComing soon
- कारतूस पाठ के प्रश्न-उत्तरComing soon
- कारतूस एकांकी का सारांशComing soon
- कारतूस एकांकी का उद्देश्य और संदेशComing soon
- कर्नल कालिंज का चरित्र-चित्रणComing soon
How the board asks हबीब तनवीर – कारतूस
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| पठित गद्यांश पर बहुविकल्पी प्रश्न (1×5) | एकांकी का कोई अंश दिया जाता है, जैसे सवार-कर्नल का संवाद या वकील के कत्ल का किस्सा। उस पर पाँच प्रश्न पूछे जाते हैं: कारण, भाव, पात्र की विशेषता और रिक्त स्थान पूर्ति। | गद्यांश को दो बार पढ़िए। उत्तर गद्यांश के शब्दों से मिलाकर चुनिए। हर विकल्प को परखिए, क्योंकि दो विकल्प मिलते-जुलते हो सकते हैं। 'साहस की पराकाष्ठा' जैसे भाव वाले प्रश्नों में पूरे दृश्य का प्रभाव सोचिए। |
| कथन-कारण प्रश्न | कथन (A) और कारण (R) दिए जाते हैं। जैसे: कर्नल हक्का-बक्का रह गया / क्योंकि उसने अपने ही शत्रु को कारतूस दे दिए थे। चार मानक विकल्पों में से चुनना होता है। | पहले देखिए कि A पाठ के अनुसार सही है या नहीं, फिर R को अलग से परखिए। अंत में जाँचिए कि क्या R सचमुच A का कारण बताता है। |
| पाठ से मेल खाने वाले कथन चुनना | कुछ वाक्य दिए जाते हैं और पूछा जाता है कि कौन-से वाक्य 'कारतूस' एकांकी से मेल खाते हैं। | हर वाक्य को पाठ की घटना से मिलाइए। ध्यान रखिए कि वकील ने वज़ीर अली की शिकायत की परवाह नहीं की थी। सआदत अली ने अंग्रेज़ों को आधी जायदाद और दस लाख रुपये दिए थे। छोटे-छोटे तथ्यों पर पकड़ ज़रूरी है। |
| 25-30 शब्दों के बोध प्रश्न (2 अंक) | किसी घटना का कारण या परिणाम पूछा जाता है। जैसे: सआदत अली को तख्त पर बिठाने का उद्देश्य, वज़ीर अली की योजना, वकील का कत्ल, कर्नल का हक्का-बक्का होना। | दो-तीन मूल्य-बिंदु रखिए: घटना, उसका कारण और उसका महत्त्व। उत्तर 30 शब्दों से अधिक न हो। पाठ के तथ्य (नाम, स्थान, राशि) सही लिखिए। |
| चरित्र-चित्रण और आशय वाले प्रश्न | वज़ीर अली को जाँबाज़ सिपाही क्यों कहा गया, कर्नल के चरित्र की दो विशेषताएँ, या 'दीवार हमगोश दारद' जैसे कथन का आशय। | हर विशेषता के साथ पाठ की एक घटना जोड़िए। आशय वाले प्रश्न में पहले शब्दों का सीधा अर्थ लिखिए, फिर बताइए कि यह बात संदर्भ में क्यों कही गई। |
| मूल्य-आधारित या विश्लेषण प्रश्न (HOTS) | वज़ीर अली के साहस से आज के युवा क्या सीख सकते हैं, या कर्नल की कौन-सी चूक उसे भारी पड़ी। | पाठ की घटना से शुरू कीजिए, फिर उससे निकलने वाला मूल्य बताइए, जैसे देशप्रेम, निडरता या सतर्कता। अपनी राय एक तर्क के साथ, सीमित शब्दों में दीजिए। |
Tricks to remember हबीब तनवीर – कारतूस
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
एकांकी का क्रम: 'खेमा-इतिहास-धूल-सवार-तन्हाई-कारतूस-नाम'
(1) खेमा: गोरखपुर के जंगल में कर्नल कालिंज; (2) इतिहास: सआदत अली, वकील का कत्ल, नेपाल की स्कीम; (3) धूल: एक ही सवार; (4) सवार: कर्नल से मिलना चाहता है; (5) तन्हाई: 'दीवार हमगोश दारद'; (6) कारतूस: दस कारतूस दिए; (7) नाम: 'वज़ीर अली', जान बख्शी।
Use it when: गद्यांश के प्रसंग से वक्ता और घटना पहचानें।
संख्याएँ
1799 (समय), 5 महीने (हुकूमत), 3 लाख (सालाना वज़ीफ़ा), 10 लाख (सआदत अली से नकद), 10 कारतूस।
Use it when: बहुविकल्पी प्रश्नों के तथ्य।
हबीब तनवीर – कारतूस: extract-based questions
Read the extract, answer every part on paper, then open the answers.
Extract 1: वज़ीर अली: रॉबिनहुड जैसा
अंग्रेज़ों के खिलाफ़ उसके दिल में किस कदर नफ़रत है। कोई पाँच महीने हुकूमत की होगी। मगर इस पाँच महीने में वो अवध के दरबार को अंग्रेज़ी असर से बिलकुल पाक कर देने में तकरीबन कामयाब हो गया था।
(1) · 1 mark · MCQ
(संदर्भ: इससे ठीक पहले कर्नल कहता है कि वज़ीर अली के 'अफ़साने' सुनकर उसे एक प्रसिद्ध नायक के कारनामे याद आ जाते हैं।) कर्नल को वज़ीर अली के अफ़साने सुनकर किसकी याद आती है?
(क) टीपू सुल्तान की
(ख) रॉबिनहुड की
(ग) लॉर्ड क्लाइव की
(घ) शाहे-ज़मा की(2) · 1 mark · MCQ
(संदर्भ: कर्नल वज़ीर अली के 'अफ़साने' सुनने की बात करता है।) 'अफ़साने' शब्द का अर्थ है—
(क) हथियार
(ख) कहानियाँ
(ग) सिपाही
(घ) खज़ाना(3) · 1 mark · MCQ
वज़ीर अली ने लगभग कितने समय तक हुकूमत की?
(क) पाँच वर्ष
(ख) पाँच महीने
(ग) पाँच सप्ताह
(घ) पंद्रह महीने(4) · 1 mark · Assertion-reason
कथन (A): कर्नल वज़ीर अली को एक खतरनाक शत्रु मानता है।
कारण (R): केवल पाँच महीने में वज़ीर अली ने अवध के दरबार को अंग्रेज़ी असर से लगभग मुक्त कर दिया था।
(क) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है
(ख) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, पर कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता
(ग) कथन (A) सही है, पर कारण (R) गलत है
(घ) कथन (A) गलत है, पर कारण (R) सही है(5) · 1 mark · MCQ
'अंग्रेज़ी असर से बिलकुल पाक कर देना' का आशय है—
(क) दरबार की सफ़ाई करवाना
(ख) दरबार से अंग्रेज़ों का प्रभाव पूरी तरह खत्म कर देना
(ग) दरबार में अंग्रेज़ी भाषा पढ़ाना
(घ) अंग्रेज़ों को दरबार में बुलाना
Show the answersAnswers
- (ख) रॉबिनहुड की
- (ख) कहानियाँ
- (ख) पाँच महीने
- (क) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है
- (ख) दरबार से अंग्रेज़ों का प्रभाव पूरी तरह खत्म कर देना
Extract 2: 'चंद कारतूस'
कर्नल — ये लो दस कारतूस।
सवार — (मुसकराते हुए) शुक्रिया।
कर्नल — आपका नाम?
सवार — वज़ीर अली। आपने मुझे कारतूस दिए इसलिए आपकी जान बख्शी करता हूँ।
(1) · 1 mark · MCQ
(संदर्भ: इससे पहले सवार कर्नल से कहता है कि उसे वज़ीर अली को गिरफ़्तार करने के लिए कुछ चाहिए।) सवार ने कर्नल से क्या माँगा?
(क) घोड़ा
(ख) चंद कारतूस
(ग) तलवार
(घ) पैसे(2) · 1 mark · MCQ
(संदर्भ: इससे पहले सवार वज़ीर अली को 'एक जाँबाज़ सिपाही' बताता है।) 'जाँबाज़' शब्द का अर्थ है—
(क) डरपोक
(ख) जान की बाज़ी लगाने वाला
(ग) धोखेबाज़
(घ) चालाक व्यापारी(3) · 1 mark · MCQ
सवार 'शुक्रिया' कहते समय क्यों मुसकराया?
(क) उसे कारतूस मुफ़्त मिल गए थे
(ख) शत्रु से ही कारतूस लेकर उसने उसे मात दे दी थी, यह उसकी चतुराई की जीत थी
(ग) वह कर्नल का पुराना मित्र था
(घ) उसे कर्नल की बात पर हँसी आई(4) · 1 mark · MCQ
वज़ीर अली ने कर्नल की जान क्यों बख्श दी?
(क) कर्नल ने उससे माफ़ी माँगी थी
(ख) कर्नल ने उसे कारतूस दिए थे
(ग) कर्नल उसका रिश्तेदार था
(घ) उसके पास हथियार नहीं थे(5) · 1 mark · MCQ
इस अंश से वज़ीर अली के चरित्र की कौन-सी विशेषता सबसे अधिक प्रकट होती है?
(क) कायरता
(ख) साहस, सूझबूझ और उदारता
(ग) लालच
(घ) अहंकार और क्रूरता
Show the answersAnswers
- (ख) चंद कारतूस
- (ख) जान की बाज़ी लगाने वाला
- (ख) शत्रु से ही कारतूस लेकर उसने उसे मात दे दी थी, यह उसकी चतुराई की जीत थी
- (ख) कर्नल ने उसे कारतूस दिए थे
- (ख) साहस, सूझबूझ और उदारता
हबीब तनवीर – कारतूस: board-level solved questions
Ordered from board level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: रॉबिनहुड की याद · 2 marks · Short answerBoard level
वज़ीर अली के अफ़साने सुनकर कर्नल को रॉबिनहुड की याद क्यों आ जाती थी?
Try it first, then show the solutionSolution
- रॉबिनहुड: साहसी, शक्तिशाली शासकों से लड़ने वाला, कभी हाथ न आने वाला नायक।
- वज़ीर अली: अंग्रेज़ों से नफ़रत, मुट्ठीभर साथियों के साथ बरसों से फ़ौज को चकमा।
- समानता: साहस और पकड़ में न आना।
Answer: रॉबिनहुड की तरह वज़ीर अली भी साहसी था। वह मुट्ठीभर साथियों के साथ ताकतवर अंग्रेज़ी फ़ौज को बरसों से चकमा दे रहा था और कभी हाथ नहीं आता था।
Example 2: सआदत अली कौन था · 2 marks · Short answerHarder board level
सआदत अली कौन था? उसने वज़ीर अली की पैदाइश को अपनी मौत क्यों समझा?
Try it first, then show the solutionSolution
- परिचय: नवाब आसिफ़उद्दौला का भाई।
- स्थिति: आसिफ़उद्दौला के यहाँ लड़के की उम्मीद नहीं थी; सआदत अली गद्दी का दावेदार।
- कारण: वज़ीर अली के जन्म से गद्दी उसके हाथ से निकल गई।
Answer: सआदत अली नवाब आसिफ़उद्दौला का भाई था। आसिफ़उद्दौला के बेटा होने की उम्मीद नहीं थी, पर वज़ीर अली के जन्म से अवध की गद्दी सआदत अली से छिन गई।
Example 3: सआदत अली को तख्त पर बिठाने का मकसद · 2 marks · Short answerHarder board level
सआदत अली को अवध के तख्त पर बिठाने के पीछे कर्नल का क्या मकसद था?
Try it first, then show the solutionSolution
- सआदत अली: अंग्रेज़ों का दोस्त, ऐश-पसंद।
- लाभ: अंग्रेज़ों को आधी मुमलिकत और दस लाख रुपये नकद।
- मकसद: अपना फ़ायदा और कठपुतली शासक।
Answer: सआदत अली अंग्रेज़ों का दोस्त और ऐश-पसंद था। उसे तख्त पर बिठाकर अंग्रेज़ों ने उससे आधी मुमलिकत और दस लाख रुपये नकद लिए; वह उनकी कठपुतली था।
Example 4: वकील का कत्ल · 2 marks · Short answerHarder board level
वज़ीर अली ने कंपनी के वकील का कत्ल क्यों किया?
Try it first, then show the solutionSolution
- पृष्ठभूमि: पद से हटाकर बनारस भेजा; गवर्नर जनरल ने कलकत्ता तलब किया।
- शिकायत: वकील से शिकायत की, पर वकील ने बुरा-भला कहा।
- परिणाम: अंग्रेज़ों से भरी नफ़रत के कारण खंजर से कत्ल।
Answer: कलकत्ता तलब किए जाने की शिकायत पर वकील ने वज़ीर अली को उलटे बुरा-भला कहा। अंग्रेज़ों से नफ़रत से भरे वज़ीर अली ने खंजर से वकील को मार डाला।
Example 5: कर्नल का हक्का-बक्का रह जाना · 2 marks · Short answerHOTS / competency
सवार के जाने के बाद कर्नल क्यों हक्का-बक्का रह गया? उसके अंतिम शब्द 'एक जाँबाज़ सिपाही' क्या बताते हैं?
Try it first, then show the solutionSolution
- घटना: जिसे पकड़ने को बरसों से फ़ौज लगी थी, वही सामने से कारतूस ले गया।
- भाव: आश्चर्य, अपमान और विवशता।
- अंतिम शब्द: शत्रु के साहस के प्रति अनचाहा सम्मान।
Answer: जिसे पकड़ने के लिए फ़ौज बरसों से लगी थी, वही वज़ीर अली सामने से कारतूस ले गया। 'एक जाँबाज़ सिपाही' कहकर कर्नल शत्रु के साहस को अनचाहा सम्मान देता है।
Example 6: शीर्षक 'कारतूस' की सार्थकता · 2 marks · Short answerHOTS / competency
एकांकी का शीर्षक 'कारतूस' कितना सार्थक है? तर्क दीजिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- चरम बिंदु: सवार का कर्नल से कारतूस माँगना।
- कारतूस से ही पहचान का रहस्य खुलता है और वज़ीर अली का साहस प्रकट होता है।
- निष्कर्ष: कहानी का निर्णायक मोड़ कारतूस पर टिका है।
Answer: एकांकी का चरम बिंदु वह है जब सवार कर्नल से कारतूस माँगता है। इन्हीं कारतूसों से वज़ीर अली का साहस और चतुराई प्रकट होती है, इसलिए शीर्षक सार्थक है।
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
सवार के जाने के बाद कर्नल क्यों हक्का-बक्का रह गया? (25-30 शब्द) (2 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| तथ्य: सवार ही वज़ीर अली था, जिसे पकड़ने को फ़ौज लगी थी | 1 |
| कारण: वह कर्नल से ही कारतूस लेकर और जान बख्शकर चला गया | 1 |
पठित गद्यांश (कारतूस) पर आधारित पाँच बहुविकल्पी प्रश्न, जिनमें एक कथन-कारण प्रश्न शामिल है (5 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| वक्ता या घटना की पहचान | 1 |
| उर्दू शब्द का अर्थ | 1 |
| तथ्य (संख्या, स्थान) | 1 |
| कथन-कारण | 1 |
| चरित्र या आशय | 1 |
Where students lose marks in हबीब तनवीर – कारतूस
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: सआदत अली को वज़ीर अली का पिता या भाई लिखना
सआदत अली नवाब आसिफ़उद्दौला का भाई और वज़ीर अली का दुश्मन था।
Wrong working
सआदत अली वज़ीर अली का भाई था।
Right working
सआदत अली नवाब आसिफ़उद्दौला का भाई था और वज़ीर अली का दुश्मन।
Do this: रिश्ते का चार्ट याद रखें: आसिफ़उद्दौला → बेटा वज़ीर अली; भाई सआदत अली।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: यह लिखना कि कर्नल ने सवार को पहचानकर कारतूस दिए
कर्नल ने सवार को वज़ीर अली का कोई विरोधी समझा; नाम तो अंत में पता चला, तभी वह हक्का-बक्का रह गया।
Do this: एकांकी के रहस्य को क्रम से लिखें: पहचान अंत में खुलती है।
Usually costs: 1-2 अंक
Mistake: वज़ीर अली को केवल 'हत्यारा' बताना
पाठ उसे अंग्रेज़ों से लड़ने वाला जाँबाज़ बताता है; वकील का कत्ल अपमान और नफ़रत का परिणाम था।
Do this: चरित्र-चित्रण में साहस, देशप्रेम, चतुराई और उदारता लिखें; कत्ल का संदर्भ भी दें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: पर्यायवाची के प्रश्न में उर्दू शब्दों के गलत अर्थ
मसलेहत (रहस्य), वज़ीफ़ा (परवरिश की राशि), तलब (बुलाना) जैसे शब्द अक्सर पूछे जाते हैं।
Do this: शब्दार्थ सूची के 10 शब्द दोहराएँ।
Usually costs: 1 अंक
हबीब तनवीर – कारतूस: previous year questions
- Course A: Not asked in any of the 21 board papers we hold (2023 to 2026).
- Course B: Asked in 2 of the 21 board papers we hold (2023 to 2026), on average 0.3 marks per paper; 2 questions in all, counting OR alternatives. In 0 of 4 sample papers.
Counted from the real papers on our previous year papers page, not estimated. Average marks are over every board paper we hold, with an OR pair counted once. Chapter tags are ours.
Solved board questions from हबीब तनवीर – कारतूस
Real questions from recent papers. Try each one first, then open our step-by-step solution with marks per step.
2026 Course B, set 4/2/1, Q9 · 5 marks · Reading comprehensionCompetency-based
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों का सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए : 5×1=5
सवार – आपने इस मुकाम पर क्यों खेमा डाला है ?
कर्नल – कंपनी का हुक्म है कि वज़ीर अली को गिरफ़्तार किया जाए।
सवार – लेकिन इतना लावलश्कर क्या मायने ?
कर्नल – गिरफ़्तारी में मदद देने के लिए।
सवार – वज़ीर अली की गिरफ़्तारी बहुत मुश्किल है साहब।
कर्नल – क्यों ?
सवार – वो एक जाँबाज़ सिपाही है।
कर्नल – मैंने भी यह सुन रखा है। आप क्या चाहते हैं ?
सवार – चंद कारतूस।
कर्नल – किसलिए ?
सवार – वज़ीर अली को गिरफ़्तार करने के लिए।
कर्नल – ये लो दस कारतूस
सवार – (मुसकराते हुए) शुक्रिया।
कर्नल – आपका नाम ?
सवार – वज़ीर अली। आपने मुझे कारतूस दिए इसलिए आपकी जान बख़्शी करता हूँ। (ये कहकर बाहर चला जाता है, टापों का शोर सुनाई देता है। कर्नल एक सन्नाटे में है। हक्का-बक्का खड़ा है कि लेफ़्टीनेंट अंदर आता है)
लेफ़्टीनेंट – कौन था ?
कर्नल – (दबी ज़बान से अपने आप से कहता है) एक जाँबाज़ सिपाही।
- (i)1 mark
कर्नल ने जंगल में खेमा क्यों लगाया था ?
- (A)जंगल में शिकार करने के लिए
- (B)बड़े अफसरों की आज्ञा-पालन के लिए
- (C)वज़ीर अली को गिरफ़्तार करने के लिए
- (D)प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेने के लिए
- (ii)1 mark
वज़ीर अली ने अपनी गिरफ़्तारी को मुश्किल क्यों बताया ?
- (A)उसे अपनी वीरता और बहादुरी पर दृढ़ विश्वास था।
- (B)उसके पास बाहुबल के साथ सैन्य-बल भी था।
- (C)वह जंगल के चप्पे-चप्पे से वाकिफ़ था।
- (D)वह अंग्रेज़ों की योजनाओं से भी परिचित था।
- (iii)1 mark
वज़ीर अली के जाने के बाद कर्नल हक्का-बक्का क्यों रह गया ?
- (A)वज़ीर रूपी सवार को न पहचानने के कारण
- (B)उसे पकड़ न पाने की असफलता के कारण
- (C)उसकी दिलेरी और बहादुरी के कारण
- (D)उसके खेमे में अकेले आने के कारण
- (iv)1 mark
वज़ीर अली ने कर्नल से कारतूस कैसे प्राप्त किए ?
- (A)सवार का रूप धारण करके
- (B)कर्नल की तारीफ करके
- (C)बुद्धि-बल का प्रयोग करके
- (D)अपनी शक्ति का प्रदर्शन करके
- (v)1 mark
वज़ीर अली द्वारा खेमे से बाहर जाते-जाते अपना परिचय भी दे जाना उसके _________ की पराकाष्ठा है। (रिक्त स्थान की पूर्ति उचित विकल्प द्वारा कीजिए)
- (A)साहस
- (B)विश्वास
- (C)देश प्रेम
- (D)स्वाभिमान
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) कर्नल ने वज़ीर अली को गिरफ़्तार करने के लिए खेमा डाला था। उत्तर (C)।
- 1 mark
(ii) वज़ीर अली को अपनी वीरता पर दृढ़ विश्वास था। उत्तर (A)।
- 1 mark
(iii) कर्नल उसकी दिलेरी और बहादुरी से हक्का-बक्का रह गया। उत्तर (C)।
- 1 mark
(iv) वज़ीर अली ने बुद्धि-बल का प्रयोग करके कारतूस पाए। उत्तर (C)।
- 1 mark
(v) बाहर जाते समय परिचय देना उसके साहस की पराकाष्ठा है। उत्तर (A)।
Answer: (i) C; (ii) A; (iii) C; (iv) C; (v) A
Where the marks are
- (i) C (1 अंक)
- (ii) A (1 अंक)
- (iii) C (1 अंक)
- (iv) C (1 अंक)
- (v) A (1 अंक)
2024 Course B, set 4/4/1, Q10 · 2 marks · Reading comprehensionCompetency-based
गद्य खण्ड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर के लिए उचित विकल्प चुनकर लिखिए : (2×1=2)
- (i)1 mark
कौन-सा/से वाक्य 'कारतूस' एकांकी से मेल खाते हैं ?
I. वज़ीर अली की आज़ादी बहुत ख़तरनाक है।
II. वकील ने वज़ीर अली की बात ध्यानपूर्वक सुनी और सहायता का पूरा आश्वासन दिया।
III. इसका मतलब कंपनी के खिलाफ़ सारे हिंदुस्तान में एक लहर दौड़ गई है।
IV. लेफ़्टीनेंट के अनुसार वज़ीर अली को पकड़ना बहुत सरल है।- (A)केवल II
- (B)I, III
- (C)I, II, IV
- (D)III, IV
- (ii)1 mark
'तताँरा-वामीरो कथा' में तताँरा की कौन-सी विशेषताएँ उभरकर आती हैं ?
- (A)मिलनसार, संवेदनशील, चालाक
- (B)संवेदनशील, साहसी, निर्दयी
- (C)नेक, साहसी, मददगार
- (D)साहसी, मददगार, निष्ठुर
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) 'कारतूस' में वज़ीर अली की आज़ादी कंपनी के लिए ख़तरनाक बताई गई है (I) और कंपनी के विरुद्ध पूरे हिंदुस्तान में लहर की बात आती है (III)। II और IV एकांकी से मेल नहीं खाते। उत्तर (B)।
- 1 mark
(ii) तताँरा नेक, साहसी और मददगार था, इसलिए (C)।
Answer: (i) B; (ii) C
Where the marks are
- (i) B (1 अंक)
- (ii) C (1 अंक)
Every हबीब तनवीर – कारतूस question, by year
Course A (0 questions, sample papers included)
Practice questions on हबीब तनवीर – कारतूस
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 2 marks · Short answerBoard level
कर्नल कालिंज का खेमा जंगल में क्यों लगा हुआ था?
Hint
कंपनी का क्या हुक्म था?
Answer
उत्तर-बिंदु: कंपनी का हुक्म: वज़ीर अली को गिरफ़्तार करना; वह इन्हीं जंगलों में छिपा था।
आदर्श उत्तर: कंपनी का हुक्म था कि वज़ीर अली को गिरफ़्तार किया जाए। अंग्रेज़ों को पता था कि वह इन्हीं जंगलों में है, इसलिए कर्नल वहाँ फ़ौज के साथ खेमा डाले था।
Q2 · 2 marks · Short answerBoard level
वज़ीर अली से सिपाही क्यों तंग आ चुके थे?
Hint
कितने समय से खेमा डाले थे?
Answer
उत्तर-बिंदु: हफ़्तों से जंगल में खेमा; वज़ीर अली हाथ नहीं आता; 'आदमी है या भूत'।
आदर्श उत्तर: सिपाही हफ़्तों से जंगल में खेमा डाले थे, पर वज़ीर अली हाथ नहीं आता था। इसीलिए लेफ़्टीनेंट ने कहा कि वह आदमी है या भूत।
Q3 · 2 marks · Short answerHarder board level
लेफ़्टीनेंट को ऐसा क्यों लगा कि कंपनी के खिलाफ़ सारे हिंदुस्तान में एक लहर दौड़ गई है?
Hint
किस-किसने अफ़गानिस्तान को हमले की दावत दी?
Answer
उत्तर-बिंदु: टीपू सुल्तान, वज़ीर अली और शमसुद्दौला तीनों ने अफ़गान बादशाह शाहे-ज़मा को हमले की दावत दी।
आदर्श उत्तर: टीपू सुल्तान, वज़ीर अली और बंगाल के नवाब के निस्बती भाई शमसुद्दौला, तीनों ने अफ़गानिस्तान के बादशाह को हिंदुस्तान पर हमले की दावत दी थी।
Q4 · 2 marks · Short answerHarder board level
वकील के कत्ल के बाद वज़ीर अली ने अपनी हिफ़ाज़त कैसे की?
Hint
आज़मगढ़ और घागरा।
Answer
उत्तर-बिंदु: जानिसारों समेत आज़मगढ़ भागा; वहाँ के हुक्मरां ने हिफ़ाज़त में घागरा तक पहुँचाया; फिर जंगलों में भटकता रहा।
आदर्श उत्तर: वज़ीर अली अपने जानिसारों के साथ आज़मगढ़ भाग गया। वहाँ के शासक ने उन्हें सुरक्षा में घागरा तक पहुँचाया। तब से वह कई साल से जंगलों में भटक रहा था।
Q5 · 2 marks · Short answerHarder board level
वज़ीर अली की योजना (स्कीम) क्या थी?
Hint
नेपाल, अफ़गानी हमला, अवध।
Answer
उत्तर-बिंदु: नेपाल पहुँचना; अफ़गानी हमले का इंतज़ार; ताकत बढ़ाना; सआदत अली को हटाकर अवध पर कब्ज़ा; अंग्रेज़ों को निकालना।
आदर्श उत्तर: वज़ीर अली नेपाल पहुँचकर अफ़गानी हमले का इंतज़ार करना और ताकत बढ़ाना चाहता था। फिर सआदत अली को हटाकर अवध पर कब्ज़ा करना और अंग्रेज़ों को निकालना चाहता था।
Q6 · 2 marks · Short answerHarder board level
'मुट्ठीभर आदमी और ये दमखम' — इस कथन का आशय स्पष्ट कीजिए।
Hint
कौन कह रहा है, किसके बारे में, और उसमें कौन-सा भाव है?
Answer
उत्तर-बिंदु: कर्नल का कथन; वज़ीर अली के पास थोड़े-से साथी; फिर भी पूरी अंग्रेज़ी फ़ौज को बरसों से चकमा; आश्चर्य और प्रशंसा।
आदर्श उत्तर: कर्नल आश्चर्य से कहता है कि वज़ीर अली के थोड़े-से साथी पूरी अंग्रेज़ी फ़ौज को बरसों से चकमा दे रहे हैं। इसमें शत्रु के साहस की प्रशंसा छिपी है।
Q7 · 2 marks · Short answerHOTS / competency
सवार ने 'तन्हाई! तन्हाई!' और 'दीवार हमगोश दारद' कहकर क्या चाहा? इससे उसकी किस विशेषता का पता चलता है?
Hint
'दीवार के भी कान होते हैं'।
Answer
उत्तर-बिंदु: कर्नल से अकेले में बात करना; दीवारों के भी कान होते हैं; सावधानी, योजना और निडरता।
आदर्श उत्तर: सवार कर्नल से अकेले में बात करना चाहता था, क्योंकि दीवारों के भी कान होते हैं। शत्रु के खेमे में भी ऐसी सावधानी उसकी सूझबूझ और निडरता दिखाती है।
Q8 · 2 marks · Short answerHOTS / competency
शत्रु होते हुए भी वज़ीर अली ने कर्नल की जान बख्श दी। इस व्यवहार से आप क्या सीखते हैं?
Hint
उपकार का बदला और वीरता की मर्यादा।
Answer
उत्तर-बिंदु: कर्नल ने कारतूस दिए, यह उपकार; वज़ीर अली ने उपकार का बदला जान बख्शकर चुकाया; सच्चा वीर निहत्थे या उपकारी पर वार नहीं करता।
आदर्श उत्तर: कर्नल ने कारतूस दिए, तो वज़ीर अली ने जान बख्शकर उपकार का बदला चुकाया। इससे सीख मिलती है कि सच्चा वीर शत्रु के साथ भी मर्यादा और उदारता रखता है।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.एकांकी का समय और स्थान क्या है?Show answer
सन् 1799, रात; गोरखपुर के जंगल में कर्नल कालिंज के खेमे का अंदरूनी हिस्सा।
2.पद से हटाने के बाद वज़ीर अली को कहाँ भेजा गया और कितना वज़ीफ़ा तय हुआ?Show answer
बनारस; तीन लाख रुपये सालाना।
3.अफ़गानिस्तान के किस बादशाह को हमले की दावत दी गई?Show answer
शाहे-ज़मा।
4.कर्नल ने सवार को कितने कारतूस दिए?Show answer
दस।
5.एकांकी के लेखक कौन हैं?Show answer
हबीब तनवीर।
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप सआदत अली, आसिफ़उद्दौला और वज़ीर अली का रिश्ता बता सकते हैं?
- क्या आप वकील के कत्ल की घटना क्रम से लिख सकते हैं?
- क्या आप वज़ीर अली की स्कीम के चार चरण गिना सकते हैं?
- क्या आप समझा सकते हैं कि लेफ़्टीनेंट को 'एक लहर' क्यों दिखी?
- क्या आप वज़ीर अली के चार गुण, एक-एक प्रमाण के साथ बता सकते हैं?
हबीब तनवीर – कारतूस: frequently asked questions
'कारतूस' एकांकी का नाम 'कारतूस' क्यों रखा गया है?
एकांकी का चरम क्षण कारतूस से जुड़ा है। वज़ीर अली दुश्मन के खेमे में जाकर कर्नल से ही दस कारतूस ले लेता है। यही घटना उसकी निडरता और चतुराई दिखाती है, इसलिए यह शीर्षक सार्थक है।
कर्नल वज़ीर अली को पहचान क्यों नहीं पाया?
पाठ से लगता है कि कर्नल वज़ीर अली को शक्ल से नहीं पहचानता था। सवार ने ऐसी बातें कीं, जैसे वह वज़ीर अली को पकड़वाने में मदद करना चाहता हो। लेफ़्टीनेंट ने भी उसे वज़ीर अली का कोई आदमी समझा। इसी भ्रम में कर्नल ने उसे कारतूस दे दिए।
वज़ीर अली ने कंपनी के वकील का कत्ल क्यों किया?
गवर्नर जनरल ने वज़ीर अली को कलकत्ता बुलाया था। उसने बनारस में कंपनी के वकील से इसकी शिकायत की। वकील ने शिकायत अनसुनी कर दी और उलटे उसे बुरा-भला कहा। अंग्रेज़ों के प्रति नफ़रत और इस अपमान के कारण उसने खंजर से वकील को मार डाला।
'दीवार हमगोश दारद' का क्या अर्थ है और यह किसने कहा?
इसका अर्थ है कि दीवारों के भी कान होते हैं। यह बात सवार (वज़ीर अली) ने कर्नल से कही। वह चाहता था कि खेमे में कोई और न रहे, ताकि वह अपनी योजना पूरी कर सके।
इस एकांकी का मुख्य संदेश क्या है?
एकांकी देशप्रेम, साहस और सूझबूझ का संदेश देती है। वज़ीर अली दिखाता है कि मुट्ठी भर साथियों के साथ भी बड़ी ताकत से टक्कर ली जा सकती है। यह भी पता चलता है कि सच्ची वीरता का सम्मान शत्रु भी करता है।
Based on: CBSE हिंदी पाठ्यक्रम-ब (085), कक्षा 10, 2026-27; NCERT स्पर्श भाग 2 (Reprint 2026-27), कारतूस (एकांकी)