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HindiCBSE Class 10 · Chapter 5

नागार्जुन – यह दंतुरित मुसकान, फसल: भावार्थ और प्रश्न-उत्तर Class 10

Updated 14 October 2026 · Fact-checked

'यह दंतुरित मुसकान' और 'फसल' नागार्जुन की दो कविताएँ हैं, जो क्षितिज भाग 2 में हैं। पहली कविता में नए दाँतों वाले शिशु की मुसकान का कवि के मन पर पड़ा प्रभाव है। दूसरी बताती है कि फसल प्रकृति और मनुष्य के मिले-जुले श्रम से बनती है। बोर्ड इन पर काव्यांश-आधारित MCQ और 25-30 शब्दों के प्रश्न पूछता है।

What नागार्जुन – यह दंतुरित मुसकान, फसल is about

'यह दंतुरित मुसकान' और 'फसल' क्षितिज भाग 2 के काव्य खंड का पाँचवाँ पाठ हैं। इनके कवि नागार्जुन हैं, जिन्हें पाठ के परिचय में जनकवि और 'आधुनिक कबीर' कहा गया है। पहली कविता छोटे बच्चे की नए दाँतों वाली मुसकान का कवि के मन पर पड़ा गहरा असर दिखाती है। दूसरी कविता बताती है कि फसल नदियों के पानी, मिट्टी, धूप, हवा और करोड़ों हाथों के श्रम के मेल से बनती है।

बोर्ड परीक्षा में यह पाठ खंड ग (काव्य खंड) में आता है। प्रश्न 9 में पठित काव्यांश पर पाँच बहुविकल्पी प्रश्न आ सकते हैं (1×5), जिनमें कथन-कारण प्रश्न भी होता है। प्रश्न 10 में चार में से तीन प्रश्नों के उत्तर 25-30 शब्दों में लिखने होते हैं (2 अंक प्रत्येक)। इन प्रश्नों में भाव, बिंब, अलंकार और कविता का प्रतिपाद्य परखा जाता है।

In real board papers: Course A, asked in 5 of the 21 board papers we hold (2023 to 2026), on average 1.1 marks per paper; Course B, not asked in any of the 21 board papers we hold (2023 to 2026). See the questions

नागार्जुन – यह दंतुरित मुसकान, फसल: explanation

In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.

यह दंतुरित मुसकान

पहले भाग में कवि बच्चे से कहता है कि उसकी नए दाँतों वाली मुसकान इतनी जीवंत है कि मरे हुए व्यक्ति में भी प्राण डाल दे। बच्चे का शरीर धूल से सना है। फिर भी कवि को लगता है कि जैसे कमल तालाब छोड़कर उसकी झोंपड़ी में खिल उठे हों। बच्चे का स्पर्श पाकर कठोर पत्थर भी पिघलकर पानी बन गया होगा। बाँस या बबूल जैसे रूखे पेड़ों से भी शेफालिका के फूल झरने लगे होंगे। अर्थ यह है कि बच्चे की मुसकान कठोर से कठोर मन को भी कोमल बना देती है।

दूसरे भाग में बच्चा कवि को पहचान नहीं पाता और उसे बिना पलक झपकाए देखता रहता है। कवि स्नेह से पूछता है कि क्या वह थक गया है, और क्या वह अपनी आँखें फेर ले। कवि मानता है कि पहली बार में पहचान न होना स्वाभाविक है। वह माँ का आभार मानता है, क्योंकि माँ ही इस मिलन का माध्यम बनी। कवि स्वयं को 'चिर प्रवासी', दूसरा और अतिथि कहता है। इससे संकेत मिलता है कि वह लंबे समय से घर से दूर रहा है। बच्चे को माँ ने ही अपने प्यार का मधुपर्क दिया है। अंत में बच्चा तिरछी नज़र से कवि को देखता है। जब दोनों की आँखें मिलती हैं, तो उसकी मुसकान कवि को और भी सुंदर लगती है।

फसल

कवि बताता है कि फसल किसी एक-दो नदियों का नहीं, बहुत सारी नदियों के पानी का जादू है। यह किसी एक-दो व्यक्ति का नहीं, लाखों-करोड़ों हाथों के श्रम की गरिमा है। यह हज़ारों खेतों की मिट्टी का गुण-धर्म है। फिर कवि स्वयं प्रश्न पूछता है कि फसल क्या है, और उत्तर देता है कि यह पानी, हाथों के स्पर्श और भूरी-काली-संदली मिट्टी का मेल है। यह सूरज की किरणों का बदला हुआ रूप है और हवा की थिरकन का सिमटा हुआ संकोच है।

केंद्रीय भाव: पहली कविता का संदेश है कि बच्चे की निश्छल सुंदरता में जीवन का संदेश है। दूसरी कविता का संदेश है कि सृजन प्रकृति और मनुष्य के सहयोग से ही संभव है।

Themes and message

शिशु की मुसकान में जीवन का संदेश

कवि के अनुसार बच्चे की मुसकान केवल सुंदर नहीं, जीवन देने वाली है। वह निराश या उदास मन में भी नई ऊर्जा भर देती है। कवि इसके लिए बढ़ा-चढ़ाकर कही गई बात का सहारा लेता है कि यह मुसकान मरे हुए में भी जान डाल देगी। धूल से सना शरीर भी कवि को कमल जैसा लगता है। इससे पता चलता है कि सच्ची सुंदरता सजावट में नहीं, सहजता और निश्छलता में है। पाठ के परिचय में भी कहा गया है कि इस सुंदरता में ही जीवन का संदेश है।

From the text: "मृतक में भी डाल देगी जान"; धूल से सने अंगों को झोंपड़ी में खिले "जलजात" कहा गया है।

कठोरता का कोमलता में बदलना

कविता बताती है कि बच्चे की मुसकान और स्पर्श का असर कठोर से कठोर चीज़ पर भी पड़ता है। कवि पत्थर के पिघलकर पानी बनने और बाँस-बबूल से शेफालिका के फूल झरने की कल्पना करता है। बाँस और बबूल रूखेपन और कठोरता के प्रतीक हैं। कवि संभवतः अपने ही मन की बात कह रहा है, जो जीवन के संघर्षों से कठोर हो गया था। बच्चे से मिलकर वह मन फिर से कोमल हो उठता है। यह भाव बताता है कि मासूमियत मनुष्य को भीतर से बदल सकती है।

From the text: "पिघलकर जल बन गया होगा कठिन पाषाण"; "बाँस था कि बबूल?"

माँ का महत्व और पारिवारिक संबंध

कवि बच्चे के लिए अनजान है, क्योंकि वह लंबे समय तक घर से दूर रहा। बच्चा उसे पहचान नहीं पाता। कवि मानता है कि अगर माँ बीच में माध्यम न बनती, तो वह यह मुसकान देख ही न पाता। माँ ने ही अपने प्यार से बच्चे को पाला है, जिसे कवि 'मधुपर्क' कहता है। इसलिए कवि बच्चे के साथ-साथ माँ को भी धन्य कहता है। इससे पता चलता है कि परिवार में संबंधों को जोड़ने वाली कड़ी माँ है और बच्चे से अपनापन रोज़ के साथ से बनता है।

From the text: "धन्य तुम, माँ भी तुम्हारी धन्य!"; "उँगलियाँ माँ की कराती रही हैं मधुपर्क"

प्रकृति और मनुष्य का सहयोग

'फसल' कविता का मुख्य संदेश है कि कोई भी सृजन अकेले नहीं होता। फसल में नदियों का पानी, मिट्टी का गुण-धर्म, सूरज की किरणें और हवा की गति शामिल है। इनके साथ लाखों-करोड़ों किसानों के हाथों का श्रम भी जुड़ा है। कवि बार-बार 'एक के नहीं, दो के नहीं' कहकर ज़ोर देता है कि फसल सामूहिक योगदान का फल है। पाठ के परिचय के अनुसार कविता यह रेखांकित करती है कि प्रकृति और मनुष्य के सहयोग से ही सृजन संभव है।

From the text: "नदियों के पानी का जादू है वह"; "हाथों के स्पर्श की महिमा है"; "रूपांतर है सूरज की किरणों का"

किसान के श्रम का सम्मान और कृषि-संस्कृति

कवि फसल को हाथों के स्पर्श की 'गरिमा' और 'महिमा' कहता है। इससे किसान के श्रम को आदर मिलता है। हम अनाज को केवल बाज़ार की चीज़ समझ लेते हैं, पर कवि याद दिलाता है कि उसके पीछे अनगिनत हाथों की मेहनत है। पाठ के परिचय में कहा गया है कि यह कविता उपभोक्ता-संस्कृति के दौर में हमें कृषि-संस्कृति के निकट ले जाती है। इसका अर्थ है कि कविता हमें प्रकृति, मिट्टी और श्रम से जुड़ने की सीख देती है।

From the text: "लाख-लाख कोटि-कोटि हाथों के स्पर्श की गरिमा"; फसल को "हाथों के स्पर्श की महिमा" कहना।

The speaker and the people in the poem

कवि (वक्ता)

'यह दंतुरित मुसकान' का वक्ता, जो लंबे समय बाद बच्चे से मिलता है और उससे सीधे बात करता है।

  • संवेदनशील और कोमल हृदय
  • लंबे समय से घर से दूर रहने वाला (प्रवासी)
  • विनम्र और आभारी
  • बच्चे के मन को समझने वाला
  • प्रकृति के बिंबों में सोचने वाला

बच्चे की मुसकान से उसका मन पिघल जाता है, जैसे "कठिन पाषाण" पिघल गया हो। वह स्वयं को "चिर प्रवासी मैं इतर, मैं अन्य!" कहता है। बच्चे के थक जाने की चिंता में पूछता है "आँख लूँ मैं फेर?" और पहचान न होने पर नाराज़ नहीं होता। वह माँ को धन्यवाद देता है।

शिशु

कविता का केंद्र, जिसकी नए दाँतों वाली मुसकान पर पूरी कविता रची गई है।

  • मासूम और निश्छल
  • धूल-मिट्टी में खेलने वाला
  • जिज्ञासु, अनजान व्यक्ति को एकटक देखने वाला
  • शर्मीला और चंचल

उसके "धूलि-धूसर" अंग हैं। वह कवि को पहचान नहीं पाता और "अनिमेष" देखता रहता है। बाद में वह "कनखी मार" कर तिरछी नज़र से देखता है और आँखें मिलने पर मुसकाता है।

बच्चे की माँ

कवि और बच्चे के बीच संपर्क का माध्यम; कविता में उसका उल्लेख होता है।

  • स्नेहमयी
  • बच्चे का पालन-पोषण करने वाली
  • संबंधों को जोड़ने वाली

कवि कहता है "यदि तुम्हारी माँ न माध्यम बनी होती आज" तो वह यह मुसकान न देख पाता। "उँगलियाँ माँ की कराती रही हैं मधुपर्क" पंक्ति से माँ के प्यार भरे पालन का पता चलता है।

Poetic devices

DeviceExampleEffect
अतिशयोक्ति अलंकार"मृतक में भी डाल देगी जान"बात को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कहा गया है। इससे मुसकान की जीवन देने वाली शक्ति का गहरा प्रभाव पाठक तक पहुँचता है।
अनुप्रास अलंकार"धूलि-धूसर तुम्हारे ये गात" (ध वर्ण की आवृत्ति)एक ही वर्ण की आवृत्ति से पंक्ति में लय और संगीत आता है और धूल से सने बच्चे का चित्र उभरता है।
पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार"लाख-लाख कोटि-कोटि हाथों के स्पर्श की गरिमा"शब्दों के दोहराव से अनगिनत किसानों के श्रम पर ज़ोर पड़ता है और फसल का सामूहिक रूप सामने आता है।
दृश्य बिंब (बिंब योजना)"छोड़कर तालाब मेरी झोंपड़ी में खिल रहे जलजात"आँखों के सामने कमल खिलने का चित्र बनता है। धूल-सने बच्चे की सुंदरता कमल जैसी लगती है और कवि की झोंपड़ी में आई खुशी साफ़ दिखती है।
मानवीकरण"सिमटा हुआ संकोच है हवा की थिरकन का!"हवा को थिरकने और संकोच करने वाले मनुष्य की तरह दिखाया गया है। इससे प्रकृति जीवित और फसल की सहभागी लगती है।
प्रश्न शैली"फसल क्या है?" और "बाँस था कि बबूल?"प्रश्न पूछकर कवि पाठक को सोचने पर मजबूर करता है, फिर स्वयं उत्तर देता है। इससे कविता बातचीत जैसी और प्रभावशाली बनती है।
बोलचाल की भाषा और मुक्त छंद"एक के नहीं, दो के नहीं," जैसी पंक्तियाँपाठ के परिचय के अनुसार बोलचाल की भाषा की गति और लय कविता को प्रभावशाली बनाती है। सरल शब्द आम पाठक को सीधे छूते हैं।

Key quotations

Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.

  • मृतक में भी डाल देगी जान

    कवि: कविता की शुरुआत में कवि बच्चे की दंतुरित मुसकान का प्रभाव बताता है।

    मुसकान को जीवन देने वाली शक्ति बताया गया है। यही कविता का केंद्रीय भाव है: निश्छल सुंदरता में जीवन का संदेश है।

  • छोड़कर तालाब मेरी झोंपड़ी में खिल रहे जलजात

    कवि: धूल से सने बच्चे के अंगों को देखकर कवि की कल्पना।

    बच्चा कमल जैसा सुंदर लगता है। 'झोंपड़ी' शब्द सादे घर में आई अनोखी खुशी दिखाता है।

  • पिघलकर जल बन गया होगा कठिन पाषाण

    कवि: बच्चे के स्पर्श के प्रभाव का वर्णन।

    कठोर मन भी बच्चे के स्पर्श से कोमल हो जाता है। संभवतः कवि अपने ही कठोर हो चुके मन की ओर संकेत करता है।

  • तुम मुझे पाए नहीं पहचान?

    कवि: बच्चा कवि को अनजान की तरह एकटक देख रहा है।

    इससे पता चलता है कि कवि बच्चे से पहली बार मिल रहा है, क्योंकि वह लंबे समय से दूर रहा है।

  • चिर प्रवासी मैं इतर, मैं अन्य!

    कवि: माँ को धन्य कहने के बाद कवि अपनी स्थिति बताता है।

    कवि की आत्मस्वीकृति है कि वह घर से दूर रहने के कारण बच्चे के लिए 'दूसरा' बन गया है। पंक्ति में हल्की पीड़ा झलकती है।

  • उँगलियाँ माँ की कराती रही हैं मधुपर्क

    कवि: कवि बताता है कि उसके न रहने पर माँ ने बच्चे को पाला।

    'मधुपर्क' यहाँ माँ के आत्मीय प्यार का प्रतीक है, जो बच्चे को जीवन देता है।

  • नदियों के पानी का जादू है वह

    कवि: 'फसल' कविता में कवि स्वयं से पूछे गए प्रश्न 'फसल क्या है?' का उत्तर देता है।

    फसल को पानी का 'जादू' कहकर कवि बताता है कि प्रकृति का योगदान चमत्कार जैसा है।

  • रूपांतर है सूरज की किरणों का

    कवि: 'फसल' कविता का अंतिम भाग, जहाँ फसल के तत्व गिनाए गए हैं।

    सूरज की धूप ही पौधों में बदलकर अनाज बनती है। फसल प्रकृति की ऊर्जा का बदला हुआ रूप है।

नागार्जुन – यह दंतुरित मुसकान, फसल in real life

Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.

कठोरता का कोमलता में बदलना

मान लीजिए बोर्ड परीक्षा से एक दिन पहले आप बहुत तनाव में हैं और छोटी-छोटी बातों पर चिढ़ रहे हैं। तभी आपकी बुआ अपनी नन्ही बच्ची को लेकर आती हैं। बच्ची अपने दो नए दाँत दिखाकर आपकी ओर मुसकराती है और आपका सारा गुस्सा गायब हो जाता है।

‘यह दंतुरित मुसकान’ कविता के आधार पर समझाइए कि बच्ची की मुसकान ने आपकी चिड़चिड़ाहट कैसे दूर की।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. कविता में शिशु की मुसकान कठोर मन को भी पिघला देती है।
  2. ‘कठिन पाषाण’ का पिघलना = तनाव और गुस्से का दूर होना।
  3. अपनी स्थिति को कविता से जोड़कर निष्कर्ष।

Answer: कविता में शिशु के स्पर्श से कठिन पाषाण भी पिघल जाता है। वैसे ही नन्ही बच्ची की मुसकान ने मेरी परीक्षा की चिंता और चिड़चिड़ाहट को पिघलाकर मन हल्का कर दिया।

Memory hook: दो नन्हे दाँत, और पत्थर-सा मन पानी-पानी।

माँ का महत्व और पारिवारिक संबंध

कल्पना कीजिए कि आपके बड़े भैया दो साल हॉस्टल में रहकर घर लौटे हैं। घर की नन्ही भतीजी उन्हें देखकर माँ के आँचल में छिप जाती है और टुकुर-टुकुर देखती रहती है। भाभी मुसकराकर उसे बताती हैं, ‘ये तुम्हारे चाचा हैं।’

इस स्थिति की तुलना ‘यह दंतुरित मुसकान’ के कवि और शिशु की स्थिति से कीजिए।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. कवि ‘चिर प्रवासी’ है, इसलिए शिशु उसे नहीं पहचानता; भैया भी दूर रहे।
  2. शिशु अनिमेष देखता है; भतीजी भी टुकुर-टुकुर देखती है।
  3. दोनों जगह माँ परिचय का माध्यम बनती है।

Answer: कवि की तरह भैया भी बहुत समय दूर रहे, इसलिए भतीजी उन्हें पहचान न सकी और एकटक देखती रही। दोनों स्थितियों में माँ ही परिचय का माध्यम बनकर रिश्ता जोड़ती है।

Memory hook: दूर रहने वाला ‘अतिथि’, जोड़ने वाली ‘माँ’।

प्रकृति और मनुष्य का सहयोग

मान लीजिए आपके स्कूल की कैंटीन में रोज़ बहुत-सा खाना प्लेटों में बचा रह जाता है और फेंक दिया जाता है। प्रधानाचार्य प्रार्थना सभा में आपको ‘अन्न का सम्मान’ विषय पर दो मिनट बोलने को कहते हैं।

‘फसल’ कविता के आधार पर अपने भाषण के मुख्य विचार 25-30 शब्दों में लिखिए।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. फसल नदियों के पानी, मिट्टी, सूरज, हवा का मेल है।
  2. इसमें असंख्य हाथों का श्रम लगा है।
  3. इसलिए खाना फेंकना प्रकृति और किसान दोनों का अपमान है।

Answer: हर दाने में नदियों का पानी, मिट्टी का गुण, सूरज की किरणें, हवा और लाखों किसानों का श्रम छिपा है। इसलिए खाना फेंकना प्रकृति और किसान दोनों का अपमान है।

Memory hook: थाली में बचा दाना = नदी, मिट्टी, धूप, हवा और हाथों की मेहनत बेकार।

किसान के श्रम का सम्मान और सामूहिक श्रम

कल्पना कीजिए कि आपकी कक्षा ने वार्षिक उत्सव की प्रदर्शनी में पहला स्थान पाया। मंच पर केवल कक्षा-प्रतिनिधि को बुलाया गया, जबकि सजावट, चार्ट और मॉडल पूरी कक्षा ने मिलकर बनाए थे।

‘फसल’ कविता में ‘लाख-लाख कोटि-कोटि हाथों के स्पर्श की गरिमा’ का भाव इस स्थिति पर लागू करते हुए बताइए कि श्रेय किसे मिलना चाहिए।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. कविता: फसल एक-दो की नहीं, असंख्य हाथों की गरिमा है।
  2. जीत भी पूरी कक्षा के सामूहिक श्रम का फल है।
  3. मूल्य: हर श्रमिक के योगदान का सम्मान।

Answer: जैसे फसल एक-दो के नहीं, असंख्य हाथों के श्रम से बनती है, वैसे ही यह जीत पूरी कक्षा की मेहनत है। इसलिए श्रेय सबको मिलना चाहिए।

Memory hook: ‘एक के नहीं, दो के नहीं’— जीत भी सबकी, फसल भी सबकी।

Topics in this chapter

How the board asks नागार्जुन – यह दंतुरित मुसकान, फसल

The question patterns to expect, and the method that works for each.

Question typeHow it is askedMethod
पठित काव्यांश पर बहुविकल्पी प्रश्नकिसी एक कविता का काव्यांश देकर पाँच MCQ पूछे जाते हैं, जैसे मुसकान की विशेषता, किसी पंक्ति का भाव, किसी शब्द (जैसे शेफालिका, जलजात, अनिमेष) का अर्थ या काव्यांश का मूल भाव।काव्यांश को दो बार पढ़ें। हर विकल्प को पंक्तियों से मिलाएँ। 'मूल भाव' वाले प्रश्न में पूरे काव्यांश का सार चुनें, केवल एक पंक्ति का नहीं। शब्द-संपदा के अर्थ याद रखें।
कथन-कारण प्रश्नकथन (A) और कारण (R) दिए जाते हैं, जैसे बच्चा कवि को नहीं पहचानता और उसका कारण कवि का लंबे समय तक दूर रहना। चार मानक विकल्पों में से सही चुनना होता है।पहले जाँचें कि A सही है या नहीं, फिर R। अंत में देखें कि R सचमुच A की व्याख्या करता है या नहीं। दोनों सही होने पर भी R गलत व्याख्या हो सकता है।
प्रभाव या अनुभूति पर 25-30 शब्दों का प्रश्नजैसे: शिशु की मुसकान का कवि के मन पर क्या प्रभाव पड़ता है? या कवि ने माँ को धन्य क्यों कहा?2-3 उत्तर-बिंदु लिखें: प्रभाव क्या है, कविता की कौन-सी पंक्ति इसे दिखाती है, और उसका अर्थ। 30 शब्दों से अधिक न लिखें।
भाव स्पष्ट कीजिए / पंक्ति का आशयकोई पंक्ति उद्धृत कर पूछा जाता है, जैसे 'सिमटा हुआ संकोच है हवा की थिरकन का' का भाव या 'बाँस था कि बबूल?' का आशय।पहले शब्दों का सीधा अर्थ बताएँ, फिर उसके पीछे छिपा भाव (जैसे कठोरता का कोमल होना, प्रकृति का योगदान)। प्रतीकों (बाँस-बबूल = कठोरता) को स्पष्ट करें।
प्रतिपाद्य या संदेशजैसे: 'फसल' कविता के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चाहता है? या फसल को 'हाथों के स्पर्श की महिमा' क्यों कहा गया?केंद्रीय संदेश एक वाक्य में लिखें (प्रकृति और मनुष्य का सहयोग), फिर कविता से दो तत्व या शब्द प्रमाण के रूप में दें।
काव्य-सौंदर्य, बिंब और अलंकारजैसे: कवि ने बच्चे की सुंदरता किन बिंबों से दिखाई है? या किसी पंक्ति में अलंकार पहचानिए।बिंब या अलंकार का नाम लिखें, पंक्ति का छोटा उदाहरण दें और उसका प्रभाव बताएँ। तीनों बातें छोटे वाक्यों में रखें।

Tricks to remember नागार्जुन – यह दंतुरित मुसकान, फसल

Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.

  • दंतुरित मुसकान का क्रम: ‘जान-जल-फूल-पहचान-माँ-मधुपर्क-कनखी’

    कविता को सात पड़ावों में याद करें: (1) मुसकान मृतक में जान डालती है, (2) धूल भरा शरीर झोंपड़ी में कमल (जलजात), (3) पत्थर पिघलकर जल, (4) शेफालिका के फूल झरना और ‘बाँस था कि बबूल?’, (5) ‘तुम मुझे पाए नहीं पहचान?’, (6) माँ माध्यम और मधुपर्क, (7) कनखी और ‘आँखें चार’ पर छविमान मुसकान।

    Use it when: काव्यांश पढ़ते ही पहचान सकेंगे कि वह कविता के आरंभ, मध्य या अंत का है, और प्रश्न का संदर्भ सही रहेगा।

  • फसल के पाँच दाता: ‘पानी, हाथ, मिट्टी, धूप, हवा’

    एक हाथ की पाँच उँगलियाँ गिनें: अँगूठा = नदियों का पानी (जादू), तर्जनी = हाथों का स्पर्श (गरिमा/महिमा), मध्यमा = मिट्टी (गुण धर्म), अनामिका = सूरज की किरणें (रूपांतर), छोटी उँगली = हवा की थिरकन (सिमटा संकोच)।

    Use it when: ‘फसल के आवश्यक तत्त्व’ या ‘फसल क्या है’ वाले प्रश्न में कोई तत्त्व नहीं छूटेगा।

  • कठिन शब्द, आसान जोड़

    दंतुरित = दाँत निकलते हुए; जलजात = जल में जन्मा = कमल; अनिमेष = निमेष (पलक झपकना) नहीं = एकटक; इतर = दूसरा; कनखी = आँख के कोने से; छविमान = छवि वाला = सुंदर; मधुपर्क = माँ का मीठा प्यार।

    Use it when: शब्दार्थ वाले MCQ और ‘आशय स्पष्ट कीजिए’ प्रश्नों में अर्थ की गलती से बचाव।

  • तीन पात्र, तीन पहचान

    ‘कवि = अतिथि, शिशु = मुसकान, माँ = माध्यम’। कवि चिर प्रवासी है, शिशु अनिमेष देखता है, माँ मधुपर्क कराती है।

    Use it when: पात्र-संबंधी प्रश्नों में यह न भूलें कि किसने क्या किया।

नागार्जुन – यह दंतुरित मुसकान, फसल: extract-based questions

Read the extract, answer every part on paper, then open the answers.

Extract 1: यह दंतुरित मुसकान: माँ, अतिथि और कनखी

देखते तुम इधर कनखी मार
और होतीं जब कि आँखें चार
तब तुम्हारी दंतुरित मुसकान
मुझे लगती बड़ी ही छविमान!

  1. (1) · 1 mark · MCQ

    (संदर्भ: इससे पहले कवि शिशु और उसकी माँ को धन्य कहता है और अपने बारे में कहता है—'चिर प्रवासी मैं इतर, मैं अन्य!') कवि स्वयं को ‘चिर प्रवासी’ और ‘इतर’ क्यों कहता है?
    (क) क्योंकि वह बहुत समय से बाहर रहा है और शिशु के लिए अपरिचित है
    (ख) क्योंकि वह शिशु से प्रेम नहीं करता
    (ग) क्योंकि वह किसी दूसरे देश का नागरिक है
    (घ) क्योंकि शिशु की माँ उसे नहीं पहचानती

  2. (2) · 1 mark · MCQ

    (संदर्भ: कवि कहता है कि इस अतिथि (कवि) से शिशु का कोई संपर्क नहीं रहा, जबकि माँ की उँगलियाँ उसे 'मधुपर्क' कराती रही हैं।) काव्यांश में ‘मधुपर्क’ शब्द किस अर्थ में प्रयुक्त हुआ है?
    (क) देवताओं को चढ़ाया जाने वाला भोजन
    (ख) माँ का आत्मीयता की मिठास से भरा, जीवन देने वाला प्यार
    (ग) अतिथि के लिए बनाई गई मिठाई
    (घ) शिशु की दवाई

  3. (3) · 1 mark · MCQ

    ‘देखते तुम इधर कनखी मार’ पंक्ति से शिशु के किस व्यवहार का पता चलता है?
    (क) वह कवि को गुस्से से घूर रहा है
    (ख) वह आँखें बंद करके सो रहा है
    (ग) वह तिरछी निगाह से चुपके-चुपके कवि को देख रहा है
    (घ) वह माँ की ओर देखकर रो रहा है

  4. (4) · 1 mark · Assertion-reason

    (संदर्भ: इससे पहले कवि शिशु के साथ उसकी माँ को भी धन्य कहता है।) कथन और कारण पर विचार करते हुए सही विकल्प चुनिए—
    कथन (A): कवि शिशु के साथ उसकी माँ को भी धन्य कहता है।
    कारण (R): माँ के माध्यम बनने से ही कवि शिशु की दंतुरित मुसकान देख और जान पाया।
    (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या करता है।
    (ख) A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं करता।
    (ग) A सही है, परंतु R गलत है।
    (घ) A गलत है, परंतु R सही है।

  5. (5) · 1 mark · MCQ

    कवि को शिशु की दंतुरित मुसकान सबसे अधिक सुंदर कब लगती है?
    (क) जब शिशु माँ की गोद में सो जाता है
    (ख) जब शिशु कनखियों से देखता है और दोनों की आँखें मिल जाती हैं
    (ग) जब शिशु मधुपर्क पीता है
    (घ) जब शिशु कवि से दूर चला जाता है

Show the answersAnswers
  1. (क) क्योंकि वह बहुत समय से बाहर रहा है और शिशु के लिए अपरिचित है
  2. (ख) माँ का आत्मीयता की मिठास से भरा, जीवन देने वाला प्यार
  3. (ग) वह तिरछी निगाह से चुपके-चुपके कवि को देख रहा है
  4. (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या करता है।
  5. (ख) जब शिशु कनखियों से देखता है और दोनों की आँखें मिल जाती हैं

Extract 2: फसल: अनेक नदियाँ, असंख्य हाथ

एक के नहीं,
दो के नहीं,
ढेर सारी नदियों के पानी का जादूः
एक के नहीं,
दो के नहीं,
लाख-लाख कोटि-कोटि हाथों के स्पर्श की गरिमाः

  1. (1) · 1 mark · MCQ

    ‘एक के नहीं, दो के नहीं’ की बार-बार आवृत्ति से कवि क्या स्पष्ट करना चाहता है?
    (क) फसल केवल एक किसान की मेहनत है
    (ख) फसल अनेक तत्त्वों और असंख्य लोगों के सामूहिक योगदान का परिणाम है
    (ग) फसल केवल दो नदियों से उगती है
    (घ) फसल उगाना बहुत आसान काम है

  2. (2) · 1 mark · MCQ

    कवि ने नदियों के पानी को ‘जादू’ क्यों कहा है?
    (क) क्योंकि नदियों का पानी रंग बदलता है
    (ख) क्योंकि पानी पाकर बीज चमत्कार की तरह लहलहाती फसल में बदल जाता है
    (ग) क्योंकि नदियाँ जादूगर बनाती हैं
    (घ) क्योंकि पानी दिखाई नहीं देता

  3. (3) · 1 mark · MCQ

    ‘लाख-लाख कोटि-कोटि हाथों’ से कवि का अभिप्राय है—
    (क) मशीनों के असंख्य पुर्ज़े
    (ख) फसल खरीदने वाले व्यापारी
    (ग) खेतों में परिश्रम करने वाले असंख्य किसान और मज़दूर
    (घ) अनाज खाने वाले लोग

  4. (4) · 1 mark · MCQ

    ‘लाख-लाख कोटि-कोटि’ में कौन-सा अलंकार है?
    (क) उपमा
    (ख) रूपक
    (ग) पुनरुक्ति प्रकाश
    (घ) मानवीकरण

  5. (5) · 1 mark · MCQ

    काव्यांश का मूल भाव है—
    (क) नदियों की सुंदरता का वर्णन
    (ख) प्रकृति और मनुष्य के सहयोग से ही सृजन संभव है
    (ग) शहरों में खेती का अभाव
    (घ) किसानों की गरीबी का चित्रण

Show the answersAnswers
  1. (ख) फसल अनेक तत्त्वों और असंख्य लोगों के सामूहिक योगदान का परिणाम है
  2. (ख) क्योंकि पानी पाकर बीज चमत्कार की तरह लहलहाती फसल में बदल जाता है
  3. (ग) खेतों में परिश्रम करने वाले असंख्य किसान और मज़दूर
  4. (ग) पुनरुक्ति प्रकाश
  5. (ख) प्रकृति और मनुष्य के सहयोग से ही सृजन संभव है

नागार्जुन – यह दंतुरित मुसकान, फसल: board-level solved questions

Ordered from board level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.

Example 1: मुसकान में जीवन भरने की शक्ति · 2 marks · Short answerBoard level

कवि ने शिशु की मुसकान के लिए कहा है— ‘मृतक में भी डाल देगी जान’। इस कथन का आशय स्पष्ट कीजिए।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. मुसकान अत्यंत मोहक और जीवंत है।
  2. यह निराश, उदास, मुरझाए मन में नई ऊर्जा भर देती है।
  3. ‘मृतक में जान डालना’ बढ़ा-चढ़ाकर कही गई बात है (अतिशयोक्ति)।

Answer: कवि का आशय है कि शिशु की मुसकान इतनी मोहक है कि वह निराश, उदास और मुरझाए मन में भी नई ऊर्जा व जीवन भर देती है। यह अतिशयोक्ति है।

Example 2: बाँस था कि बबूल? · 2 marks · Short answerHarder board level

‘छू गया तुमसे कि झरने लग पड़े शेफालिका के फूल / बाँस था कि बबूल?’ इन पंक्तियों द्वारा कवि अपने बारे में क्या संकेत करता है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. बाँस और बबूल नीरसता और कठोरता के प्रतीक हैं।
  2. कवि स्वयं को ऐसा ही कठोर, नीरस मानता है।
  3. शिशु के स्पर्श से उसके मन में कोमलता और प्रसन्नता आ जाती है (शेफालिका के फूल झरना)।

Answer: कवि स्वयं को बाँस या बबूल जैसा नीरस और कठोर मानता है। शिशु के स्पर्श से उसके मन में शेफालिका के फूलों जैसी कोमलता और प्रसन्नता झरने लगती है।

Example 3: माँ: परिचय का माध्यम · 2 marks · Short answerHarder board level

‘यह दंतुरित मुसकान’ कविता में कवि शिशु की माँ को धन्य क्यों मानता है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. कवि लंबे समय से बाहर रहा (चिर प्रवासी), शिशु उसे नहीं पहचानता।
  2. माँ के माध्यम से ही कवि शिशु की मुसकान देख सका।
  3. माँ ने अपने स्नेह (मधुपर्क) से शिशु को पाला; इसलिए वह धन्य है।

Answer: कवि लंबे समय से बाहर रहा, इसलिए शिशु उसे नहीं पहचानता। माँ ने ही परिचय कराया और अपने स्नेह से शिशु को पाला। इसीलिए कवि माँ को धन्य मानता है।

Example 4: फसल में सूरज और हवा · 2 marks · Short answerHarder board level

‘फसल’ कविता में सूरज की किरणों और हवा की भूमिका को कवि ने किस रूप में प्रस्तुत किया है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. सूरज की किरणें रूप बदलकर फसल में समा जाती हैं (रूपांतर)।
  2. हवा की थिरकन फसल में सिमटकर बस जाती है।
  3. निष्कर्ष: फसल प्रकृति की ऊर्जा का रूप है।

Answer: कवि के अनुसार सूरज की किरणें फसल में रूप बदलकर समा जाती हैं और हवा की थिरकन सिमटकर उसमें बस जाती है। अतः फसल प्रकृति की ऊर्जा का रूप है।

Example 5: अनाज दुकान से नहीं आता · 2 marks · Short answerHOTS / competency

मान लीजिए आपका छोटा भाई कहता है कि अनाज तो दुकान से आता है, उसमें कोई खास बात नहीं। ‘फसल’ कविता के आधार पर आप उसे क्या समझाएँगे?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. अनाज खेतों में उगी फसल से आता है।
  2. उसमें नदियों का पानी, मिट्टी, सूरज, हवा का योगदान है।
  3. असंख्य किसानों का श्रम लगता है।
  4. मूल्य: अन्न और किसान का सम्मान।

Answer: भाई, अनाज दुकान से नहीं, खेतों से आता है। उसमें नदियों का पानी, मिट्टी, सूरज, हवा और असंख्य किसानों का श्रम लगता है। इसलिए अन्न और किसान का सम्मान करो।

Example 6: दूर रहने वाले परिजन और माँ की भूमिका · 2 marks · Short answerHOTS / competency

मान लीजिए किसी बच्चे के पिता नौकरी के कारण वर्षों बाहर रहते हैं। ‘यह दंतुरित मुसकान’ के कवि की स्थिति से तुलना करते हुए बताइए कि ऐसे में माँ की भूमिका क्यों महत्त्वपूर्ण हो जाती है।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. कवि की तरह दूर रहने वाला व्यक्ति बच्चे के लिए अजनबी बन जाता है।
  2. माँ स्नेह देकर बच्चे को पालती है (मधुपर्क)।
  3. माँ परिचय का माध्यम बनकर रिश्तों को जोड़ती है।

Answer: कवि की तरह ऐसे पिता बच्चे के लिए अजनबी बन जाते हैं। तब माँ ही स्नेह देकर बच्चे को पालती है और पिता से परिचय कराकर रिश्तों को जोड़ती है।

Where the marks are

How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.

‘फसल’ कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि फसल उत्पन्न करने में प्रकृति और मनुष्य दोनों का योगदान है। (25-30 शब्द) (2 marks)

StepMarks
प्रकृति के तत्त्वों का उल्लेख: नदियों का पानी, मिट्टी का गुण-धर्म, सूरज की किरणें, हवा की थिरकन1
मनुष्य का योगदान: लाख-लाख कोटि-कोटि हाथों का श्रम, और निष्कर्ष कि दोनों के सहयोग से ही सृजन संभव है1

पठित काव्यांश (‘धन्य तुम, माँ भी तुम्हारी धन्य!’ से ‘मुझे लगती बड़ी ही छविमान!’ तक) पर आधारित पाँच बहुविकल्पी प्रश्न, कथन-कारण सहित (5 marks)

StepMarks
प्रश्न (i): ‘चिर प्रवासी मैं इतर’ का सही आशय वाला विकल्प1
प्रश्न (ii): ‘मधुपर्क’ का कविता में प्रतीकात्मक अर्थ1
प्रश्न (iii): ‘कनखी मार’ देखने से शिशु का व्यवहार1
प्रश्न (iv): कथन-कारण— माँ को धन्य कहने का कारण सही पहचानना1
प्रश्न (v): मुसकान कब ‘छविमान’ लगती है (आँखें चार होने पर)1

Where students lose marks in नागार्जुन – यह दंतुरित मुसकान, फसल

The slips examiners see most often, and what to write instead.

  • Mistake: ‘मधुपर्क’ का केवल शब्दकोश वाला अर्थ लिखना

    कविता में मधुपर्क का प्रयोग प्रतीक के रूप में हुआ है; केवल पंचामृत लिखने से भाव छूट जाता है।

    Wrong working

    मधुपर्क का अर्थ है दही, घी, शहद, जल और दूध का मिश्रण, जो माँ बच्चे को पिलाती है।

    Right working

    कविता में मधुपर्क माँ के आत्मीयता भरे, जीवन देने वाले प्यार का प्रतीक है, जिससे वह शिशु को पालती है।

    Do this: शब्दार्थ के साथ हमेशा लिखें कि कविता में वह किस भाव के लिए आया है।

    Usually costs: 2 अंक के प्रश्न में 1 अंक तक

  • Mistake: ‘बाँस था कि बबूल?’ को शिशु से जोड़ देना

    यह प्रश्न कवि अपने लिए करता है; शिशु तो कोमलता का स्रोत है।

    Wrong working

    शिशु बाँस और बबूल की तरह कठोर है, फिर भी उससे फूल झरते हैं।

    Right working

    कवि स्वयं को बाँस-बबूल जैसा नीरस मानता है; शिशु के स्पर्श से उसके मन में शेफालिका-से फूल झरने लगते हैं।

    Do this: हर पंक्ति पढ़कर पहले पूछें— यह बात कौन, किसके बारे में कह रहा है?

    Usually costs: 2 अंक के प्रश्न में पूरे 2 अंक

  • Mistake: फसल को केवल किसान की मेहनत बताना

    कविता का प्रतिपाद्य प्रकृति और मनुष्य दोनों का सहयोग है; एक पक्ष छोड़ने से उत्तर अधूरा हो जाता है।

    Wrong working

    कवि के अनुसार फसल किसानों के कठोर परिश्रम का फल है।

    Right working

    कवि के अनुसार फसल नदियों के पानी, मिट्टी, सूरज की किरणों, हवा और असंख्य हाथों के श्रम का सम्मिलित रूप है।

    Do this: ‘फसल क्या है’ के उत्तर में पाँचों तत्त्व गिनाएँ।

    Usually costs: 2 अंक के प्रश्न में 1 अंक

  • Mistake: ‘दंतुरित’ का गलत अर्थ लिखना

    कई विद्यार्थी इसे केवल ‘हँसता चेहरा’ समझते हैं, जबकि अर्थ नए-नए दाँतों से जुड़ा है।

    Wrong working

    दंतुरित मुसकान का अर्थ है खिलखिलाकर हँसना।

    Right working

    दंतुरित मुसकान का अर्थ है नए-नए निकले दाँतों वाली छोटे बच्चे की मुसकान।

    Do this: शब्द-संपदा के अर्थ कंठस्थ करें: दंतुरित = बच्चों के नए-नए दाँत।

    Usually costs: MCQ में 1 अंक; लघु उत्तर में 1 अंक तक

  • Mistake: 25-30 शब्दों की जगह पूरी कविता का भावार्थ लिख देना

    प्रश्न एक बिंदु पूछता है; लंबा भावार्थ समय खाता है और मूल्य-बिंदु दब जाते हैं।

    Wrong working

    कवि कहता है कि बच्चे की मुसकान मृतक में जान डालती है, उसका शरीर धूल से सना है, झोंपड़ी में कमल खिल रहे हैं, पत्थर पिघल गया... (60-70 शब्द)

    Right working

    प्रश्न का सीधा उत्तर पहली पंक्ति में, फिर एक कारण या उदाहरण, कुल 25-30 शब्द।

    Do this: उत्तर लिखने से पहले दो मूल्य-बिंदु तय करें और उन्हीं पर टिके रहें।

    Usually costs: समय की हानि और अस्पष्ट उत्तर पर 1 अंक तक

नागार्जुन – यह दंतुरित मुसकान, फसल: previous year questions

  • Course A: Asked in 5 of the 21 board papers we hold (2023 to 2026), on average 1.1 marks per paper; 5 questions in all, counting OR alternatives. In 1 of 4 sample papers.
  • Course B: Not asked in any of the 21 board papers we hold (2023 to 2026).

Counted from the real papers on our previous year papers page, not estimated. Average marks are over every board paper we hold, with an OR pair counted once. Chapter tags are ours.

Solved board questions from नागार्जुन – यह दंतुरित मुसकान, फसल

Real questions from recent papers. Try each one first, then open our step-by-step solution with marks per step.

2025 Course A, set 3/6/1, Q10 · 6 marks · Short answer

निर्धारित कविताओं के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए : 3 × 2 = 6

  1. (क)

    'यह दंतुरित मुस्कान' कविता में शिशु से मिलकर कवि को कैसी अनुभूति होती है ?

    2 marks
  2. (ख)

    'संगतकार' कविता के माध्यम से कवि ने किस सत्य को उजागर किया है ?

    2 marks
  3. (ग)

    "आए अज्ञात दिशा से अनंत के घन" 'उत्साह' कविता से उद्धृत इस पंक्ति में बादलों को 'अनंत के घन' क्यों कहा गया है ?

    2 marks
  4. (घ)

    "तुम सुनकर सुख पाओगे, देखोगे – यह गागर रीती ।" कहकर कवि ने अपने जीवन के किस पहलू पर प्रकाश डाला है ?

    2 marks
Try it first, then show our solutionSolution
  1. (क) शिशु की दंतुरित मुस्कान देखकर कवि को वात्सल्य की अनुभूति होती है।

    1 mark
  2. उसकी मुस्कान से निराश मन में आशा जागती है और कठोर मन में कोमल भावनाएँ बहने लगती हैं।

    1 mark
  3. (ख) संगतकार कविता यह सत्य उजागर करती है कि किसी की सफलता में कई लोगों का योगदान होता है।

    1 mark
  4. सहायक कलाकार की भूमिका महत्त्वपूर्ण है, पर सम्मान और पहचान प्रायः मुख्य कलाकार को ही मिलती है।

    1 mark
  5. (ग) बादल अनंत अर्थात् ईश्वर की करुणा के प्रतिनिधि और संदेशवाहक हैं; वे अंतहीन आकाश में छाए रहते हैं।

    1 mark
  6. वे बरसकर प्यासी धरती को हरा-भरा करते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि लाते हैं।

    1 mark
  7. (घ) कवि ने अपने जीवन के अकेलेपन और सुख के अभाव को बताया है।

    1 mark
  8. उसके जीवन में विशेष उपलब्धियाँ नहीं हैं और स्वप्न अधूरे रह गए हैं, यानी जीवन की गागर खाली है।

    1 mark

Answer: किन्हीं तीन उपभागों के उत्तर ऊपर दिए गए हैं।

Where the marks are

  • प्रत्येक उपभाग के दो उपयुक्त बिंदु (1+1=2 अंक), किन्हीं तीन उपभागों के (कुल 6 अंक)

See it in the full 2025 board paper, set 3/6/1

2024 Course A, set 3/2/1, Q10 · 2 marks · MCQ

पाठ्यपुस्तक में निर्धारित कविताओं के आधार पर निम्नलिखित दो प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए : (2 × 1 = 2)

  1. (i)

    'यह दंतुरित मुसकान' कविता में बच्चा अपने पिता को क्यों नहीं पहचान पाता ?

    1. (A)माँ ने बच्चे को पिता से मिलवाया नहीं था।
    2. (B)छोटे बच्चे सिर्फ़ अपनी माँ को ही पहचानते हैं।
    3. (C)बच्चा अपने पिता को पहली बार देख रहा था।
    4. (D)विशेष कारणवश पिता बच्चे को देखना नहीं चाहता था।
    1 mark
  2. (ii)

    'आत्मकथ्य' कविता के आधार पर लिखिए कि कवि अपने जीवन-पथ की थकान कैसे दूर करता है ?

    1. (A)अपने अतीत की सुखद स्मृतियों के सहारे।
    2. (B)अपने अतीत की दुखद स्मृतियों के सहारे।
    3. (C)विविध प्रकार के साहित्य-मनन के सहारे।
    4. (D)अपनी स्मृति-अनुभवों पर आधारित साहित्य सृजन करके।
    1 mark
Try it first, then show our solutionSolution
  1. (i) 'यह दंतुरित मुसकान' में कवि लंबे समय बाद घर लौटा है, इसलिए बच्चा अपने पिता को पहली बार देख रहा है और पहचान नहीं पाता। उत्तर (C) है।

    1 mark
  2. (ii) 'आत्मकथ्य' में कवि अपने जीवन-पथ की थकान अतीत की सुखद स्मृतियों के सहारे दूर करता है। उत्तर (A) है।

    1 mark

Answer: (i) C; (ii) A

Where the marks are

  • (i) सही विकल्प C (1 अंक)
  • (ii) सही विकल्प A (1 अंक)

See it in the full 2024 board paper, set 3/2/1

2024 Course A, set 3/5/1, Q2 · 5 marks · Case-basedCompetency-based

निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :

ये खेत तुम्हारी भरी-सृष्टि,
तिल-तिलकर बोए प्राण-बीज
वर्षा के दिन तुम गिनते हो,
यह परिवा है, यह दूज, तीज।
बादल वैसे ही चले गए,
प्यासी धरती पाई न भीज,
तुम अश्रु कणों से रहे सींच
इन खेतों की दुख भरी खीज।
बस चार अन्न के दाने ही,
नैवेद्य तुम्हारा है उदार,
हे ग्राम देवता ! नमस्कार !

यह नारी-शक्ति देवता की,
कीचड़ है जिसका अंग-राग
यह भीर हुई-सी बदली है,
जिसमें साहस की भरी आग,
कवियों ! भूलो उपमाएँ सब,
मत कहो, कुसुम, केसर, पराग,
यह जननी है, जिसके गीतों से
मृत अंकुर भी उठे जाग।
उसने जीवन भर सीखा है,
सुख से करना दुख का दुलार !
हे ग्राम देवता ! नमस्कार !

तुम जन-मन के अधिनायक हो,
तुम हँसो कि फूले-फले देश
आओ, सिंहासन पर बैठो,
यह राज्य तुम्हारा है अशेष !
उर्वरा भूमि के नए खेत के,
नए धान्य से सजे वेश,
तुम भू पर रहकर भूमि-भार
धारण करते हो मनुज-शेष
अपनी कविता से आज तुम्हारी
विमल आरती लूँ उतार
हे ग्राम देवता ! नमस्कार !

  1. (i)

    काव्यांश में किसान को 'मनुज-शेष' क्यों कहा गया है?

    1. (A)शेषनाग की भाँति मिट्टी से जुड़े रहने के कारण
    2. (B)ऊसर भूमि को उपजाऊ बनाने की क्षमता के कारण
    3. (C)शेषनाग की भाँति धरती का भार धारण करने के कारण
    4. (D)खेत-खलिहानों का भार धारण करने के कारण
    1 mark
  2. (ii)

    कवि ने 'नारी-शक्ति' किसे कहा है?

    1. (A)किसान-पत्नी को
    2. (B)किसान-माँ को
    3. (C)ग्रामीण महिला को
    4. (D)किसान को
    1 mark
  3. (iii)

    'मृत अंकुर भी उठे जाग' का अभिप्राय है:

    1. (A)स्नेह-श्रम से बीज भी प्रस्फुटित हो जाते हैं
    2. (B)मृत व्यक्ति भी जीवित हो जाते हैं
    3. (C)माँ बच्चों को लोरी सुनाती है
    4. (D)कुसुम, केसर, पराग जैसी उपमाएँ व्यर्थ हैं
    1 mark
  4. (iv)

    कवि ग्राम-देवता को कहाँ बिठाकर सम्मान देना चाहता है?

    1. (A)ऊँचे पहाड़ पर
    2. (B)उच्च सिंहासन पर
    3. (C)हरे-भरे खेतों में
    4. (D)पेड़ों की छाँव में
    1 mark
  5. (v)

    कथन और कारण पर विचार करते हुए सही विकल्प चुनिए:
    कथन : किसान को वर्षा की प्रतीक्षा में एक-एक दिन भारी पड़ता है।
    कारण : किसान का परिश्रम वर्षा पाकर ही फलीभूत होता है।

    1. (A)कथन सही है, किंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
    2. (B)कथन सही है और कारण, कथन की सही व्याख्या है।
    3. (C)कथन सही है, किंतु कारण ग़लत है।
    4. (D)कथन ग़लत है, किंतु कारण सही है।
    1 mark
Try it first, then show our solutionSolution
  1. (i) कवि ने किसान को 'मनुज-शेष' कहा क्योंकि वह शेषनाग की तरह धरती का भार धारण करता है — (C)।

    1 mark
  2. (ii) 'नारी-शक्ति' से प्रश्न में दिए विकल्पों के अनुसार मूल्यांकन-योजना का उत्तर (D) किसान को है।

    1 mark
  3. (iii) 'मृत अंकुर भी उठे जाग' का अर्थ है कि स्नेह और श्रम से बीज भी प्रस्फुटित हो जाते हैं — (A)।

    1 mark
  4. (iv) कवि कहता है 'आओ, सिंहासन पर बैठो'; अतः उच्च सिंहासन पर — (B)।

    1 mark
  5. (v) वर्षा के दिन गिनना सही है और किसान का परिश्रम वर्षा से फलता है, यह उसकी सही व्याख्या है — (B)।

    1 mark

Answer: (i) C; (ii) D; (iii) A; (iv) B; (v) B

Where the marks are

  • (i) C (1 अंक)
  • (ii) D (1 अंक)
  • (iii) A (1 अंक)
  • (iv) B (1 अंक)
  • (v) B (1 अंक)

See it in the full 2024 board paper, set 3/5/1

Every नागार्जुन – यह दंतुरित मुसकान, फसल question, by year

Course A (6 questions, sample papers included)

2025

Set 3/6/1: Q10 (6 marks, solved)

2024

Set 3/2/1: Q10 (2 marks, solved)

Set 3/5/1: Q2 (5 marks, solved)

Sample paper 2023-24: Q10 (2 marks, solved)

2023

Set 3/2/1: Q9 (5 marks, solved)

Set 3/5/1: Q9 (5 marks, solved)

Course B (0 questions, sample papers included)

Practice questions on नागार्जुन – यह दंतुरित मुसकान, फसल

Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.

  1. Q1 · 2 marks · Short answerBoard level

    ‘धूलि-धूसर गात’ का अर्थ लिखिए। इससे शिशु का कैसा चित्र उभरता है?

    Hint

    शब्द-संपदा में दिया अर्थ याद कीजिए और सोचिए कि धूल में सना बच्चा क्या कर रहा होगा।

    Answer

    मूल्य-बिंदु: धूल-मिट्टी से सने अंग; खेलता हुआ भोला शिशु; कवि को यही रूप सुंदर लगता है।

    आदर्श उत्तर: ‘धूलि-धूसर गात’ का अर्थ है धूल-मिट्टी से सने अंग। इससे खेलते हुए भोले शिशु का सहज चित्र बनता है। कवि को यही धूल भरा रूप कमल जैसा सुंदर लगता है।

  2. Q2 · 1 mark · MCQBoard level

    ‘फसल’ कविता के अनुसार इनमें से कौन-सा तत्त्व फसल उपजाने में शामिल नहीं बताया गया है?
    (क) नदियों का पानी
    (ख) सूरज की किरणें
    (ग) हवा की थिरकन
    (घ) कारखानों की मशीनें

    Hint

    कविता में गिनाए गए प्राकृतिक तत्त्वों और मनुष्य के श्रम को याद कीजिए।

    Answer

    (घ) कारखानों की मशीनें। कविता में पानी, हाथों का स्पर्श (श्रम), मिट्टी, सूरज की किरणें और हवा की थिरकन बताए गए हैं; मशीनों का उल्लेख नहीं है।

  3. Q3 · 2 marks · Short answerHarder board level

    ‘छोड़कर तालाब मेरी झोंपड़ी में खिल रहे जलजात’— इस पंक्ति में ‘झोंपड़ी’ शब्द और कमल के बिंब का क्या महत्त्व है?

    Hint

    कमल कहाँ खिलता है और यहाँ कहाँ खिल रहा है? झोंपड़ी किसका संकेत है?

    Answer

    मूल्य-बिंदु: शिशु का धूल भरा शरीर कमल जैसा; कमल मानो तालाब छोड़कर झोंपड़ी में आ गया; झोंपड़ी कवि के साधारण जीवन का संकेत; शिशु उसमें सुंदरता भरता है।

    आदर्श उत्तर: कवि को लगता है मानो कमल तालाब छोड़कर उसकी झोंपड़ी में खिल आए हैं। ‘झोंपड़ी’ उसके सादे जीवन का संकेत है, जिसे शिशु की सुंदरता खिला देती है।

  4. Q4 · 1 mark · Assertion-reasonHarder board level

    कथन और कारण पर विचार करते हुए सही विकल्प चुनिए—
    कथन (A): शिशु के न पहचानने पर कवि दुखी होकर उससे दूर चला जाता है।
    कारण (R): कवि मानता है कि पहली बार में परिचय न हो पाना स्वाभाविक है।
    (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या करता है।
    (ख) A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं करता।
    (ग) A सही है, परंतु R गलत है।
    (घ) A गलत है, परंतु R सही है।

    Hint

    ‘क्या हुआ यदि हो सके परिचित न पहली बार?’ पंक्ति का स्वर पहचानिए।

    Answer

    (घ) A गलत है, परंतु R सही है। कवि दूर नहीं जाता, बल्कि सहज भाव से स्वीकार करता है कि पहली बार परिचय न होना कोई बड़ी बात नहीं।

  5. Q5 · 2 marks · Short answerHarder board level

    ‘फसल’ कविता में कवि ने मिट्टी के भूरे, काले और संदली रंगों का उल्लेख क्यों किया है?

    Hint

    ‘हज़ार-हज़ार खेतों’ वाली बात से जोड़कर सोचिए।

    Answer

    मूल्य-बिंदु: अलग-अलग खेतों की मिट्टी अलग रंग और गुण की; हर मिट्टी अपना गुण-धर्म फसल को देती है; फसल विविध धरती का सामूहिक फल।

    आदर्श उत्तर: अलग-अलग रंगों की मिट्टी हज़ारों खेतों की विविधता दिखाती है। हर मिट्टी अपना गुण-धर्म फसल को देती है, इसलिए फसल पूरी धरती के सामूहिक योगदान का फल है।

  6. Q6 · 2 marks · Short answerHarder board level

    ‘फसल’ कविता की भाषा-शैली की दो विशेषताएँ उदाहरण सहित लिखिए।

    Hint

    कविता बोलचाल जैसी क्यों लगती है? कौन-से शब्द बार-बार आते हैं और कौन-सा प्रश्न पूछा गया है?

    Answer

    मूल्य-बिंदु: बोलचाल की भाषा की गति और लय; आवृत्ति/पुनरुक्ति (‘एक के नहीं, दो के नहीं’, ‘लाख-लाख कोटि-कोटि’); प्रश्न-उत्तर शैली (‘फसल क्या है?’)।

    आदर्श उत्तर: कविता बोलचाल की सहज भाषा में है जिसकी लय प्रभावी है। ‘एक के नहीं, दो के नहीं’ की आवृत्ति और ‘फसल क्या है?’ जैसी प्रश्न-शैली बात को रोचक बनाती है।

  7. Q7 · 2 marks · Short answerHOTS / competency

    मान लीजिए किसी घर में दो भाइयों के बीच लंबे समय से मनमुटाव है और दोनों एक-दूसरे से बात नहीं करते। तभी घर में एक नन्हा शिशु आता है। ‘यह दंतुरित मुसकान’ कविता के आधार पर अनुमान लगाइए कि शिशु की मुसकान इस वातावरण को कैसे बदल सकती है।

    Hint

    ‘पिघलकर जल बन गया होगा कठिन पाषाण’ पंक्ति का भाव इस स्थिति पर लागू कीजिए।

    Answer

    मूल्य-बिंदु: कविता के अनुसार शिशु की मुसकान कठोर मन को भी पिघला देती है; दोनों भाइयों की कठोरता कम होगी; मुसकान उन्हें जोड़ने का कारण बनेगी।

    आदर्श उत्तर: कविता में शिशु के स्पर्श से कठिन पाषाण भी पिघल जाता है। वैसे ही शिशु की मुसकान भाइयों के कठोर मन को कोमल बनाकर उन्हें फिर से जोड़ सकती है।

  8. Q8 · 2 marks · Short answerHOTS / competency

    कल्पना कीजिए कि किसी गाँव की नदी कारखानों के गंदे पानी से प्रदूषित हो गई है। ‘फसल’ कविता के संदेश के आधार पर बताइए कि इसका फसल पर क्या असर होगा और हमारा क्या कर्तव्य है।

    Hint

    कविता में फसल किन-किन तत्त्वों के मेल से बनती है? एक तत्त्व बिगड़े तो क्या होगा?

    Answer

    मूल्य-बिंदु: फसल नदियों के पानी और मिट्टी के गुण-धर्म पर निर्भर; प्रदूषित पानी से ‘जादू’ बिगड़ेगा, मिट्टी खराब होगी; प्रकृति-मनुष्य का सहयोग टूटेगा; कर्तव्य: नदियों और मिट्टी की रक्षा।

    आदर्श उत्तर: कविता के अनुसार फसल नदियों के पानी और मिट्टी के गुण से बनती है। प्रदूषित पानी से फसल बिगड़ेगी। हमारा कर्तव्य नदियों और मिट्टी को स्वच्छ रखना है।

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Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.

  1. 1.‘दंतुरित’ शब्द का अर्थ क्या है?Show answer

    बच्चों के नए-नए दाँत; दंतुरित मुसकान = नए दाँतों वाली शिशु की मुसकान।

  2. 2.कवि को शिशु का धूल भरा शरीर कैसा लगता है?Show answer

    मानो कमल (जलजात) तालाब छोड़कर उसकी झोंपड़ी में खिल रहे हों।

  3. 3.किस पंक्ति में कवि स्वयं को कठोर और नीरस बताता है?Show answer

    ‘बाँस था कि बबूल?’

  4. 4.शिशु कवि को कैसे देखता है और कवि क्या पूछता है?Show answer

    शिशु अनिमेष (एकटक) देखता है; कवि पूछता है— ‘थक गए हो? आँख लूँ मैं फेर?’

  5. 5.कवि स्वयं को क्या कहता है?Show answer

    ‘चिर प्रवासी मैं इतर, मैं अन्य!’ और ‘अतिथि’।

  6. 6.कवि शिशु की मुसकान किसके माध्यम से देख पाया?Show answer

    शिशु की माँ के माध्यम से; इसलिए वह शिशु और माँ दोनों को धन्य कहता है।

  7. 7.‘फसल’ कविता में नदियों के पानी और हाथों के स्पर्श को क्या कहा गया है?Show answer

    पानी को ‘जादू’; हाथों के स्पर्श को ‘गरिमा’ और ‘महिमा’।

  8. 8.फसल में सूरज और हवा किस रूप में हैं?Show answer

    सूरज की किरणों का रूपांतर और हवा की थिरकन का सिमटा हुआ संकोच।

Quick revision checklist

The night before the exam: can you do each of these without looking?

  • क्या आप ‘यह दंतुरित मुसकान’ के सातों बिंब क्रम से बोल सकते हैं— जान, जलजात, पाषाण, शेफालिका, पहचान, माँ, कनखी?
  • क्या आप बता सकते हैं कि ‘बाँस था कि बबूल?’ कवि अपने लिए क्यों कहता है?
  • क्या आप ‘चिर प्रवासी’, ‘इतर’, ‘अतिथि’ से कवि की स्थिति 25 शब्दों में समझा सकते हैं?
  • क्या आप माँ को ‘माध्यम’ और ‘मधुपर्क’ कराने वाली कहने का अर्थ लिख सकते हैं?
  • क्या आप फसल के पाँचों तत्त्व और उनके लिए कवि के शब्द (जादू, गरिमा/महिमा, गुण धर्म, रूपांतर, संकोच) बिना देखे लिख सकते हैं?
  • क्या आप ‘एक के नहीं, दो के नहीं’ की आवृत्ति का उद्देश्य और ‘लाख-लाख कोटि-कोटि’ का अलंकार बता सकते हैं?
  • क्या आप दोनों कविताओं का प्रतिपाद्य एक-एक वाक्य में कह सकते हैं— मुसकान में जीवन का संदेश; प्रकृति-मनुष्य के सहयोग से सृजन?

नागार्जुन – यह दंतुरित मुसकान, फसल: frequently asked questions

'दंतुरित मुसकान' का क्या अर्थ है?

'दंतुरित' का अर्थ है बच्चों के नए-नए निकले दाँत। 'दंतुरित मुसकान' यानी वह मुसकान जिसमें बच्चे के नए छोटे दाँत दिखाई देते हैं। इससे संकेत मिलता है कि बच्चा अभी बहुत छोटा है।

बच्चा कवि को क्यों नहीं पहचान पाता?

कवि स्वयं को 'चिर प्रवासी', 'इतर' और 'अतिथि' कहता है। इससे पता चलता है कि वह लंबे समय से घर से दूर रहा, इसलिए बच्चा उससे पहली बार मिल रहा है। कवि इसे स्वाभाविक मानता है और बुरा नहीं मानता।

कवि ने बच्चे की माँ को धन्य क्यों कहा?

कवि के अनुसार अगर माँ माध्यम न बनती, तो वह बच्चे की मुसकान देख और जान न पाता। माँ ने ही अपने प्यार भरे 'मधुपर्क' से बच्चे को पाला। इसलिए वह बच्चे के साथ माँ को भी धन्य कहता है।

'फसल' कविता के अनुसार फसल को उपजाने वाले तत्व कौन-से हैं?

कविता में नदियों का पानी, भूरी-काली-संदली मिट्टी का गुण-धर्म, सूरज की किरणें और हवा की थिरकन बताए गए हैं। इनके साथ लाखों-करोड़ों हाथों का श्रम भी जुड़ा है। ये सब मिलकर फसल बनाते हैं।

'बाँस था कि बबूल?' पंक्ति का क्या भाव है?

बाँस और बबूल रूखे और कठोर पेड़ हैं, जिनसे कोमल फूल नहीं झरते। कवि कहता है कि बच्चे के छू लेने से इनसे भी शेफालिका के फूल झरने लगे। भाव यह है कि बच्चे का स्पर्श कठोर मन को भी कोमल बना देता है।

नागार्जुन को 'आधुनिक कबीर' क्यों कहा जाता है?

पाठ के कवि-परिचय के अनुसार नागार्जुन व्यंग्य में माहिर हैं, इसलिए उन्हें आधुनिक कबीर कहा जाता है। वे भ्रष्टाचार, राजनीतिक स्वार्थ और समाज की पतनशील स्थितियों के प्रति सजग रहे। उन्हें वास्तविक अर्थों में जनकवि भी कहा गया है।

Based on: CBSE हिंदी पाठ्यक्रम-अ (002), कक्षा 10, 2026-27; NCERT क्षितिज भाग 2 (Reprint 2026-27), यह दंतुरित मुसकान; फसल