CBSE Class 10 Hindi Course A: 2025 board paper, set 3/4/1
The question paper set in the CBSE Class 10 board exam of 2025, as printed: 15 questions for 80 marks, in sections, with each OR choice shown as an alternative. Try each question first, then open our solution.
Every question here has our step-by-step solution, split into the steps that earn marks. Each one was checked by an independent re-solve from the question paper.
Source: official question paper from cbse.gov.in: https://www.cbse.gov.in/cbsenew/question-paper/2025/X/002_Hindi_Course_A.zip (a zip; this paper is the file 3-4-1_Hindi Course A.pdf). Questions are transcribed from that PDF; figures are described in words, so check the official paper for them.
How the paper is set
| Section | Questions | What it has |
|---|---|---|
| क | 1-2 | अपठित बोध (Unseen passages); Q.1 गद्यांश 7 marks, Q.2 काव्यांश 7 marks |
| ख | 3-6 | व्यावहारिक व्याकरण; 16 marks total, 4 questions each with 5 sub-parts, attempt any four |
| ग | 7-11 | पाठ्यपुस्तक एवं पूरक पाठ्यपुस्तक पर आधारित (30 marks) |
| घ | 12-15 | रचनात्मक लेखन (20 marks) |
Instructions in brief: सभी प्रश्न अनिवार्य हैं; कुछ खंडों में आंतरिक विकल्प दिए गए हैं; समग्र विकल्प नहीं है।
Section क
अपठित बोध (Unseen passages); Q.1 गद्यांश 7 marks, Q.2 काव्यांश 7 marks
Q1 · 7 marks · Reading comprehensionCompetency-basedReading (unseen passages)
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
लोक साहित्य का सृजक लोक ही है इसीलिए उसमें लोकजीवन की आत्मगाथा समाहित होती है। लोक साहित्य मानव जीवन जितना ही प्राचीन है। अपने जन्म के साथ ही मनुष्य ने कथाएँ कहनी शुरू कर दी थीं- यथार्थपरक भी और काल्पनिक भी। इन कथाओं में उसके अपने अनुभव की कथाएँ हैं। साथ ही अपने तत्कालीन समय और समाज की घटनाओं तथा कथाओं का समावेश है। समय के साथ-साथ समाज में बदलाव की बयार चलती रहती है और समय के साथ कदमताल करते हुए लोक साहित्य में भी बदलाव होता रहा है। लोक साहित्य समय के साथ यात्रा करता आया है और परिवर्तनों को स्वीकारता रहा है।
लोक साहित्य की यह सबसे बड़ी खूबसूरती है कि वह परंपराओं का ध्यान रखते हुए भी रूढ़ियों को पकड़कर एक जगह ठहरता नहीं। वह समय के साथ चलता है और समय के सच से साक्षात्कार कराते हुए कभी-कभी समय से आगे चलता भी दिखता है। तभी कहा जाता है कि किसी संस्कृति के संबंध में गहराई से जानने के लिए वहाँ के लोक साहित्य को जानना आवश्यक है। क्योंकि उसमें संस्कृति का सच्चा स्वरूप दृष्टिगोचर होता है।
लोक साहित्य में लोकगीत, लोककथा, लोकगाथा, लोकनाट्य आदि सभी रूप शामिल हैं। इनकी भाषा इतनी सहज-सरल-सरस होती है कि वे लोककंठों में बस जाती हैं। आज के आत्ममुग्ध और आत्म-प्रचार के समय में हम लोक साहित्य सृजकों के आत्म-प्रचार से दूर रहने की मनःस्थिति पर विस्मय ही कर सकते हैं। अपनी प्रसिद्धि, मान-सम्मान या अपने नाम के प्रचार की लालसा का भाव उनमें लेशमात्र भी नहीं था। अपनी रचनाओं में भी वे ऐसा संकेत करने से बचते रहे, जिससे उनकी पहचान की जा सके। अपने नाम के प्रचार के मोह से वे पूरी तरह मुक्त थे।
- (i)1 mark
लोक साहित्य में बदलाव क्यों होते रहते हैं?
- (A)बदलाव से इनमें नवीनता बनी रहती है
- (B)इसके आधार, समाज में बदलाव होते रहते हैं
- (C)मनुष्य की कल्पनाएँ नए-नए रूप धारण करती हैं
- (D)एक ही तरह का साहित्य नीरसता पैदा करता है
- (ii)1 mark
लोक साहित्य के संबंध में अनुपयुक्त विकल्प है-
- (A)लोक साहित्य का संबंध तत्कालीन समाज की परंपराओं से होता है।
- (B)लोक साहित्य के माध्यम से किसी समाज-देश की संस्कृति को जाना जा सकता है।
- (C)लोक साहित्य का सृजन समाज के एक वर्ग विशेष द्वारा किया जाता है।
- (D)लोक साहित्य समय के साथ आ रहे बदलाव के प्रति ग्रहणशील होता है।
- (iii)1 mark
निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए:
कथन- लोक साहित्य रूढ़िवाद का समर्थक होता है।
कारण- यथार्थ और कल्पना पर आधारित होने के कारण इनमें बदलाव संभव नहीं है।- (A)कथन गलत है किंतु कारण सही है।
- (B)कथन और कारण दोनों ही गलत हैं।
- (C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है।
- (D)कथन सही है किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है।
- (iv)2 marks
लोक साहित्य और संस्कृति को अंतर्संबंधित क्यों बताया गया है? किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख कीजिए।
- (v)2 marks
लोक साहित्य सृजक अन्य साहित्य सृजकों से भिन्न कैसे होते हैं? किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख कीजिए।
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) लोक साहित्य का आधार समाज है और समाज में समय के साथ बदलाव आते रहते हैं, इसलिए उसमें भी बदलाव होता है। सही उत्तर (B)।
- 1 mark
(ii) लोक साहित्य का सृजन किसी एक वर्ग विशेष द्वारा नहीं, पूरे लोक द्वारा होता है। इसलिए अनुपयुक्त कथन (C) है।
- 1 mark
(iii) लोक साहित्य रूढ़ियों को पकड़कर ठहरता नहीं और समय के साथ बदलता है। इसलिए कथन और कारण दोनों गलत हैं। सही उत्तर (B)।
- 2 marks
(iv) लोक साहित्य लोकजीवन की ही अभिव्यक्ति है, इसलिए किसी संस्कृति को गहराई से जानने के लिए उसका लोक साहित्य जानना आवश्यक है। उसमें अपने समय और समाज की घटनाओं-कथाओं का वर्णन होता है, इसलिए उसमें संस्कृति का सच्चा स्वरूप दिखाई देता है।
- 2 marks
(v) लोक साहित्य के सृजकों में आत्ममुग्धता और आत्म-प्रचार का भाव नहीं होता। वे प्रसिद्धि और मान-सम्मान की लालसा से मुक्त रहते थे और अपनी रचनाओं में अपनी पहचान का कोई संकेत नहीं छोड़ते थे।
Answer: (i) B; (ii) C; (iii) B; (iv) लोक साहित्य में संस्कृति का सच्चा स्वरूप और समाज की घटनाएँ मिलती हैं; (v) लोक साहित्य सृजक आत्म-प्रचार और नाम की लालसा से मुक्त होते हैं
Where the marks are
- (i) सही विकल्प B (1 अंक)
- (ii) सही विकल्प C (1 अंक)
- (iii) सही विकल्प B (1 अंक)
- (iv) कोई दो उपयुक्त बिंदु (2 अंक)
- (v) कोई दो उपयुक्त बिंदु (2 अंक)
Q2 · 7 marks · Reading comprehensionCompetency-basedReading (unseen passages)
निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
आदमी का स्वप्न? है वह बुलबुला जल का,
आज उठता और कल फिर फूट जाता है,
किंतु फिर धन्य, ठहरा आदमी ही तो
बुलबुलों से खेलता, कविता बनाता है।मैं न बोला, किंतु मेरी रागिनी बोली
देख फिर से चाँद! मुझको जानता है तू
स्वप्न मेरे बुलबुले हैं? है यही पानी
आग को भी क्या नहीं पहचानता है तू?मैं न वह जो स्वप्न पर केवल सही करते,
आग में उसको गला लोहा बनाती हूँ,
और उस पर नींव रखती हूँ नए घर की,
इस तरह दीवार फौलादी उठाती हूँ।मनु नहीं, मनु-पुत्र है यह सामने, जिसकी,
कल्पना की जीभ में भी धार होती है,
बाण ही होते विचारों के नहीं केवल,
स्वप्न के भी हाथ में तलवार होती है।- (i)1 mark
कॉलम-1 को कॉलम-2 से सुमेलित कीजिए और उचित विकल्प छाँटकर लिखिए:
कॉलम-1 कॉलम-2 (1) चाँद (I) स्वप्न (2) रागिनी (II) सत्ताधारी निरंकुश शासक (3) बुलबुले (III) लेखनी/कविता - (A)(1-II), (2-I), (3-III)
- (B)(1-II), (2-III), (3-I)
- (C)(1-III), (2-I), (3-II)
- (D)(1-I), (2-III), (3-II)
- (ii)1 mark
आज का मानव अपने पूर्वजों से भिन्न कैसे है? अनुपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए:
- (A)वह अपनी कल्पना को सच कर सकता है।
- (B)वह विचारों से अत्यंत विवेकशील है।
- (C)वह अपने सपने को साकार करना जानता है।
- (D)वह सिर्फ सपने देखना ही जानता है।
- (iii)1 mark
काव्यांश में 'नए घर की नींव रखने' से क्या अभिप्राय है?
- (A)नवीन मान्यताओं को स्वीकारना
- (B)नए घर का निर्माण करना
- (C)नए घर का आधार बनाना
- (D)नए समाज की रचना करना
- (iv)2 marks
काव्यांश का मूल भाव 25-30 शब्दों में लिखिए।
- (v)2 marks
काव्यांश में मानव को धन्य क्यों कहा गया है? किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख कीजिए।
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) चाँद निरंकुश सत्ताधारी का प्रतीक है, रागिनी कविता/लेखनी है और बुलबुले स्वप्न हैं। सही मिलान (1-II), (2-III), (3-I), यानी (B)।
- 1 mark
(ii) आज का मानव सपने देखने के साथ उन्हें साकार भी करता है, इसलिए 'सिर्फ सपने देखना जानता है' अनुपयुक्त है। उत्तर (D)।
- 1 mark
(iii) नए घर की नींव रखने का अर्थ है नए समाज की रचना करना। उत्तर (D)।
- 2 marks
(iv) मूल भाव: मनुष्य के सपने बुलबुले की तरह क्षणिक नहीं हैं। दृढ़ संकल्प, विचार और साहस से वह कल्पना को यथार्थ में बदलता है और नए समाज के निर्माण की आकांक्षा रखता है।
- 2 marks
(v) मानव को धन्य इसलिए कहा गया है कि वह जल के बुलबुले जैसे क्षणभंगुर सपनों से भी खेलता और कविता रचता है। वह बार-बार टूटने पर भी सपने देखना नहीं छोड़ता और उन्हें साकार करने का साहस रखता है।
Answer: (i) B; (ii) D; (iii) D; (iv) मानव अपने साहस और विवेक से सपनों को साकार कर नया समाज बनाता है; (v) वह टूटने पर भी सपने देखता और उन्हें साकार करता है
Where the marks are
- (i) विकल्प B (1 अंक)
- (ii) विकल्प D (1 अंक)
- (iii) विकल्प D (1 अंक)
- (iv) उपयुक्त मूल भाव (2 अंक)
- (v) कोई दो बिंदु (2 अंक)
Section ख
व्यावहारिक व्याकरण; 16 marks total, 4 questions each with 5 sub-parts, attempt any four
Q3 · 4 marks · GrammarGrammar
निर्देशानुसार 'रचना के आधार पर वाक्य भेद' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए: 4 × 1 = 4
- (i)1 mark
एक बड़ी बात यह थी कि काशी के पास बिस्मिल्ला खाँ जैसा नायाब हीरा था। (संयुक्त वाक्य में रूपांतरित कीजिए)
- (ii)1 mark
परंपरा को ज्यों का त्यों स्वीकार नहीं करना इस लेख की विशेषता है। (मिश्र वाक्य में बदलिए)
- (iii)1 mark
आज से ढाई हज़ार वर्ष पूर्व सिद्धार्थ ने गृह त्याग दिया था। (रचना की दृष्टि से वाक्य भेद का नाम लिखिए)
- (iv)1 mark
जहाँ तुम्हारा घर है वहीं पास में मेरा भी घर है। (आश्रित उपवाक्य छाँटकर उसका भेद भी लिखिए)
- (v)1 mark
वह असहयोग आंदोलन से प्रभावित हुए और उन्होंने सरकारी नौकरी से त्यागपत्र दे दिया। (सरल वाक्य में बदलिए)
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) संयुक्त वाक्य: काशी के पास बिस्मिल्ला खाँ जैसा नायाब हीरा था और यह एक बड़ी बात थी।
- 1 mark
(ii) मिश्र वाक्य: इस लेख की विशेषता है कि यह परंपरा को ज्यों का त्यों स्वीकार नहीं करता।
- 1 mark
(iii) सरल वाक्य, क्योंकि इसमें एक ही उद्देश्य और एक ही विधेय (एक मुख्य क्रिया) है।
- 1 mark
(iv) आश्रित उपवाक्य: 'जहाँ तुम्हारा घर है'। भेद: क्रियाविशेषण (स्थानवाचक) आश्रित उपवाक्य।
- 1 mark
(v) सरल वाक्य: असहयोग आंदोलन से प्रभावित होकर उन्होंने सरकारी नौकरी से त्यागपत्र दे दिया।
Answer: (i) संयुक्त वाक्य; (ii) मिश्र वाक्य; (iii) सरल वाक्य; (iv) 'जहाँ तुम्हारा घर है' - क्रियाविशेषण आश्रित उपवाक्य; (v) सरल वाक्य (कोई चार करने हैं)
Where the marks are
- किन्हीं चार उपप्रश्नों के सही उत्तर, प्रत्येक (1 अंक)
Q4 · 4 marks · GrammarGrammar
निर्देशानुसार 'वाच्य' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए: 4 × 1 = 4
- (i)1 mark
चलो, अब चला जाय। (वाच्य पहचानकर वाच्य भेद का नाम लिखिए)
- (ii)1 mark
डॉक्टर साहब द्वारा मन्नू की प्रशंसा की गई। (कर्तृवाच्य में बदलिए)
- (iii)1 mark
कविता प्रकृति की सुंदरता को प्रकट करती है। (कर्मवाच्य में बदलिए)
- (iv)1 mark
जिस वाक्य में क्रिया का केंद्र बिंदु भाव हो, उसमें कौन-सा वाच्य होता है?
- (v)1 mark
लेखिका शाम होने पर घर लौटीं। (कर्मवाच्य में बदलिए)
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) भाववाच्य, क्योंकि वाक्य में कर्ता और कर्म प्रधान नहीं हैं, केवल क्रिया का भाव प्रधान है।
- 1 mark
(ii) कर्तृवाच्य: डॉक्टर साहब ने मन्नू की प्रशंसा की।
- 1 mark
(iii) कर्मवाच्य: कविता द्वारा प्रकृति की सुंदरता को प्रकट किया जाता है।
- 1 mark
(iv) जिस वाक्य में क्रिया का केंद्र बिंदु भाव हो, उसमें भाववाच्य होता है।
- 1 mark
(v) कर्मवाच्य (भाववाच्य रूप): लेखिका द्वारा शाम होने पर घर लौटा गया।
Answer: (i) भाववाच्य; (ii) डॉक्टर साहब ने मन्नू की प्रशंसा की; (iii) कविता द्वारा प्रकृति की सुंदरता को प्रकट किया जाता है; (iv) भाववाच्य; (v) लेखिका द्वारा शाम होने पर घर लौटा गया (कोई चार)
Where the marks are
- किन्हीं चार उपप्रश्नों के सही उत्तर, प्रत्येक (1 अंक)
Q5 · 4 marks · GrammarGrammar
निर्देशानुसार 'पद-परिचय' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के रेखांकित पदों का पद-परिचय लिखिए: 4 × 1 = 4
- (i)1 mark
मध्य सप्तक से नीचे की ध्वनि को मंद सप्तक कहते हैं।
- (ii)1 mark
साहसी युवती अभी बहुत कुछ कहना चाहती थी।
- (iii)1 mark
हालदार साहब पान के पैसे चुकाकर वहाँ आ बैठे।
- (iv)1 mark
सामाजिक विषमता, राजनैतिक पाखंड और रूढ़ियों के खिलाफ़ उनकी रचनाएँ मुखर हैं।
- (v)1 mark
वे आजकल स्वतंत्र लेखन कर रहे हैं।
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) मंद: विशेषण, गुणवाचक, पुल्लिंग, एकवचन, 'सप्तक' का विशेषण।
- 1 mark
(ii) युवती: संज्ञा, जातिवाचक, स्त्रीलिंग, एकवचन, कर्ताकारक।
- 1 mark
(iii) वहाँ: अव्यय, क्रियाविशेषण, स्थानवाचक, 'आ बैठे' क्रिया की विशेषता बताता है।
- 1 mark
(iv) और: अव्यय, समुच्चयबोधक, समानाधिकरण, 'पाखंड' और 'रूढ़ियों' पदों को जोड़ता है।
- 1 mark
(v) वे: सर्वनाम, पुरुषवाचक, अन्यपुरुष, पुल्लिंग, बहुवचन, कर्ताकारक।
Answer: (i) विशेषण; (ii) जातिवाचक संज्ञा; (iii) स्थानवाचक क्रियाविशेषण; (iv) समुच्चयबोधक; (v) पुरुषवाचक सर्वनाम, अन्यपुरुष (कोई चार)
Where the marks are
- किन्हीं चार पदों का सही पद-परिचय (प्रत्येक 1 अंक)
Q6 · 4 marks · GrammarGrammar
निर्देशानुसार 'अलंकार' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों की रेखांकित काव्य पंक्तियों में अलंकार पहचानकर लिखिए: 4 × 1 = 4
- (i)1 mark
अस मन गुनइ राउ नहिं बोला
पीपर पात सरिस मन डोला - (ii)1 mark
चरण कमल बंदौं हरि राई।
जाकी कृपा पंगु गिरि लंघै। - (iii)1 mark
'अतिशयोक्ति अलंकार' का उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
- (iv)1 mark
सोहत ओढ़े पीत पट स्याम सलोने गात।
मनहुँ नीलमणि सैल पर आतप परयौ प्रभात। - (v)1 mark
तिनकों के हरे तन पर
हित हरित रुधिर है रहा झलक
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) उपमा अलंकार, क्योंकि पीपल के पत्ते (उपमान) से मन (उपमेय) की समानता 'सरिस' वाचक शब्द से बताई गई है।
- 1 mark
(ii) रूपक अलंकार, क्योंकि चरणों को कमल ही कह दिया गया है (चरण-कमल), उपमेय-उपमान में अभेद है।
- 1 mark
(iii) अतिशयोक्ति अलंकार: जहाँ किसी बात को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कहा जाए। उदाहरण: 'हनुमान की पूँछ में लग न पाई आग, लंका सगरी जल गई, गए निशाचर भाग।'
- 1 mark
(iv) उत्प्रेक्षा अलंकार, क्योंकि 'मनहुँ' वाचक से श्रीकृष्ण के साँवले रूप में नीलमणि पर्वत पर प्रभात की धूप की संभावना की गई है।
- 1 mark
(v) मानवीकरण अलंकार, क्योंकि तिनकों (प्रकृति) में रुधिर, तन जैसी मानवीय चेष्टाओं का आरोप है।
Answer: (i) उपमा; (ii) रूपक; (iii) अतिशयोक्ति, उदाहरण सहित; (iv) उत्प्रेक्षा; (v) मानवीकरण (कोई चार)
Where the marks are
- किन्हीं चार में सही अलंकार (प्रत्येक 1 अंक)
Section ग
पाठ्यपुस्तक एवं पूरक पाठ्यपुस्तक पर आधारित (30 marks)
Q7 · 5 marks · Reading comprehensionCompetency-basedReading (unseen passages)
निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए: 5 × 1 = 5
काशी संस्कृति की पाठशाला है। शास्त्रों में आनंदकानन के नाम से प्रतिष्ठित। काशी में कलाधर हनुमान व नृत्य-विश्वनाथ हैं। काशी में बिस्मिल्ला खाँ हैं। काशी में हज़ारों सालों का इतिहास है जिसमें पंडित कंठे महाराज हैं, विद्याधरी हैं, बड़े रामदास जी हैं, मौजुद्दीन खाँ हैं व इन रसिकों से उपकृत होने वाला अपार जन-समूह है। यह एक अलग काशी है जिसकी अलग तहज़ीब है, अपनी बोली और अपने विशिष्ट लोग हैं। इनके अपने उत्सव हैं, अपना गम। अपना सेहरा-बन्ना और अपना नौहा। आप यहाँ संगीत को भक्ति से, भक्ति को किसी भी धर्म के कलाकार से, कजरी को चैती से, विश्वनाथ को विशालाक्षी से, बिस्मिल्ला खाँ को गंगाद्वार से अलग करके नहीं देख सकते।
- (i)1 mark
काशी में हनुमान की उपासना किस रूप में होती है?
- (A)कलाओं के स्वामी के रूप में
- (B)नृत्य के जनक के रूप में
- (C)शिव के अवतार के रूप में
- (D)एक अच्छे कलाकार के रूप में
- (ii)1 mark
गद्यांश के अंतिम वाक्य में काशी की किस विशेषता का उल्लेख किया गया है?
- (A)समन्वयात्मकता
- (B)संगीतात्मकता
- (C)भव्यता
- (D)सहृदयता
- (iii)1 mark
इस गद्यांश का उद्देश्य है:
- (A)काशी के संगीतकारों का परिचय देना
- (B)विभिन्न राग-रागिनियों का परिचय देना
- (C)काशी की सांस्कृतिक परंपरा का परिचय देना
- (D)बिस्मिल्ला खाँ के धार्मिक-सौहार्द का परिचय देना
- (iv)1 mark
काशी को 'संस्कृति की पाठशाला' क्यों कहा गया है?
- (A)यहाँ के शिक्षण संस्थान शास्त्रीय गायन को बहुत प्रोत्साहित करते हैं।
- (B)यहाँ के प्रत्येक शिक्षण संस्थान में 'संस्कृति', विषय के रूप में पढ़ाया जाता है।
- (C)यहाँ के प्रत्येक शिक्षण संस्थान में 'संस्कृत' अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाया जाता है।
- (D)यहाँ सर्वत्र भारतीय संस्कृति की छाप देखी जा सकती है।
- (v)1 mark
निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए:
कथन: संगीत और संगीत-प्रेम काशी की पहचान है।
कारण: काशी को उसकी ऐसी पहचान देने में सिर्फ बिस्मिल्ला खाँ का ही योगदान है।- (A)कथन गलत है किंतु कारण सही है।
- (B)कथन और कारण दोनों सही हैं।
- (C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
- (D)कथन सही है किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है।
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) काशी में हनुमान 'कलाधर' कहे गए हैं, यानी कलाओं के स्वामी। उत्तर (A)।
- 1 mark
(ii) अंतिम वाक्य में संगीत, भक्ति, धर्म, कजरी-चैती आदि को अलग न देखने की बात है, जो समन्वयात्मकता है। उत्तर (A)।
- 1 mark
(iii) गद्यांश काशी की अनूठी सांस्कृतिक परंपरा का परिचय देता है। उत्तर (C)।
- 1 mark
(iv) काशी में सर्वत्र भारतीय संस्कृति की छाप दिखती है, इसलिए उसे संस्कृति की पाठशाला कहा गया। उत्तर (D)।
- 1 mark
(v) कथन सही है, पर कारण (केवल बिस्मिल्ला खाँ का योगदान) सही नहीं है, क्योंकि कई अन्य कलाकारों का भी योगदान है। उत्तर (D)।
Answer: (i) A; (ii) A; (iii) C; (iv) D; (v) D
Where the marks are
- प्रत्येक सही विकल्प (1 अंक)
Q8 · 6 marks · Short answerयशपाल – लखनवी अंदाज़
निर्धारित गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए: 3 × 2 = 6
- (i)2 marks
'लखनवी अंदाज' पाठ के आधार पर लिखिए कि लेखक का नवाब साहब के प्रति आरंभ से अंत तक व्यवहार अकड़ से भरा क्यों रहा?
- (ii)2 marks
"अपनी ज़िंदगी खुद जीने के इस आधुनिक दबाव ने महानगरों के फ्लैट में रहने वालों को हमारे इस परंपरागत पड़ोस कल्चर से विच्छिन्न करके हमें कितना संकुचित, असहाय और असुरक्षित बना दिया है।"- 'एक कहानी यह भी' से उद्धृत इस कथन में लेखिका ने किस 'पड़ोस कल्चर' का उल्लेख किया है?
- (iii)2 marks
हालदार साहब का हर बार कस्बे से गुजरते हुए मूर्ति के पास रुकना क्या दर्शाता है? 'नेताजी का चश्मा' पाठ के संदर्भ में लिखिए।
- (iv)2 marks
पुत्र की मृत्यु पर बालगोबिन भगत के शोक मनाने का तरीका सामान्य लोगों के तरीके से सर्वथा अलग कैसे था? स्पष्ट कीजिए।
Try it first, then show our solutionSolution
- 2 marks
(i) नवाब साहब ने लेखक के डिब्बे में आने पर उसे अनदेखा किया और बातचीत की उत्सुकता नहीं दिखाई। इस उपेक्षा से आहत लेखक ने भी आत्मसम्मान की रक्षा के लिए अकड़ भरा व्यवहार रखा।
- 2 marks
(ii) लेखिका के बचपन के पड़ोस कल्चर में घर की सीमा मोहल्ले तक फैली होती थी। पूरा मोहल्ला एक-दूसरे के सुख-दुख में भागीदार होता था और पड़ोसियों में परिवार जैसा स्नेह तथा विश्वास रहता था।
- 2 marks
(iii) हालदार साहब का रुकना दिखाता है कि उन्हें मूर्ति के चश्मे के बदलते रूप को देखने की उत्सुकता और कौतूहल था। साथ ही उनके मन में देशभक्ति और नेताजी के प्रति सम्मान था।
- 2 marks
(iv) बालगोबिन भगत ने पुत्र की मृत्यु पर विलाप करने के बजाय शव के पास बैठकर तन्मयता से कबीर के पद गाए। उन्होंने इसे आत्मा और परमात्मा के मिलन का उत्सव माना और पुत्रवधू को भी शोक छोड़कर उत्सव मनाने को कहा।
Answer: कोई तीन उपप्रश्नों के उत्तर ऊपर दिए गए हैं
Where the marks are
- प्रत्येक उपप्रश्न में दो बिंदु (1+1 = 2 अंक); किन्हीं तीन के उत्तर
Q9 · 5 marks · Reading comprehensionCompetency-basedतुलसीदास – राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए: 5 × 1 = 5
लखन कहा हसि हमरे जाना। सुनहु देव सब धनुष समाना।।
का छति लाभु जून धनु तोरें। देखा राम नयन के भोरें।।
छुअत टूट रघुपतिहु न दोसू। मुनि बिन काज करिअत रोसू।।
बोले चितै परसु की ओरा। रे सठ सुनेहि सुभाउ न मोरा।।
बालकु बोलि बधौं नहि तोही। केवल मुनि जड़ जानहि मोही।।
बाल ब्रह्मचारी अति कोही। बिस्वबिदित क्षत्रियकुल द्रोही।।
भुजबल भूमि भूप बिनु कीन्ही। बिपुल बार महिदेवन्ह दीन्ही।।
सहस्रबाहुभुज छेदनिहारा । परसु बिलोकु महीपकुमारा।।- (i)1 mark
परशुराम ने अपना परिचय क्या कहकर दिया?
- (A)मैं क्षत्रिय कुल का प्रसिद्ध संरक्षक हूँ।
- (B)मैं अत्यंत उग्र स्वभाव का हूँ।
- (C)मैं सहस्रबाहु का संरक्षक हूँ।
- (D)मैं ब्राह्मण कुल का संहारक हूँ।
- (ii)1 mark
पद्यांश में 'जड़' का अर्थ है:
- (A)मूल
- (B)स्रोत
- (C)नींव
- (D)मूर्ख
- (iii)1 mark
लक्ष्मण की वाणी कैसी थी?
- (A)व्यंग्यपूर्ण - भयपूर्ण
- (B)गंभीर - भयपूर्ण
- (C)व्यंग्यपूर्ण - भयरहित
- (D)भयपूर्ण - हास्यपूरित
- (iv)1 mark
पद्यांश में बाल ब्रह्मचारी किसे कहा गया है?
- (A)परशुराम को
- (B)लक्ष्मण को
- (C)रघुपति को
- (D)महिदेव को
- (v)1 mark
निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर सही विकल्प चुनकर लिखिए:
कथन: लक्ष्मण का परशुराम के प्रति व्यवहार कोमलता से भरा और विनम्र था।
कारण: लक्ष्मण परशुराम के विचार, आचार और व्यक्तित्व से अत्यंत प्रभावित थे।- (A)कथन गलत है किंतु कारण सही है।
- (B)कथन और कारण दोनों गलत हैं।
- (C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
- (D)कथन सही है किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है।
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- 1 mark
(i) परशुराम स्वयं को बाल ब्रह्मचारी और अति क्रोधी कहते हैं, यानी अत्यंत उग्र स्वभाव का। उत्तर (B)।
- 1 mark
(ii) 'जड़' का यहाँ अर्थ मूर्ख है। उत्तर (D)।
- 1 mark
(iii) लक्ष्मण हँसकर व्यंग्य करते हैं और परशुराम से डरते नहीं, इसलिए वाणी व्यंग्यपूर्ण और भयरहित है। उत्तर (C)।
- 1 mark
(iv) बाल ब्रह्मचारी परशुराम को कहा गया है। उत्तर (A)।
- 1 mark
(v) लक्ष्मण का व्यवहार व्यंग्यपूर्ण था और वे प्रभावित नहीं थे, इसलिए कथन और कारण दोनों गलत हैं। उत्तर (B)।
Answer: (i) B; (ii) D; (iii) C; (iv) A; (v) B
Where the marks are
- प्रत्येक सही विकल्प (1 अंक)
Q10 · 6 marks · Short answerमंगलेश डबराल – संगतकार
निर्धारित कविताओं के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए: 3 × 2 = 6
- (i)2 marks
'संगतकार' कविता से उद्धृत पंक्ति "वह आवाज़ सुंदर काँपती हुई थी" में कवि ने संगतकार की आवाज़ सुंदर किंतु काँपती हुई-सी क्यों कहा है?
- (ii)2 marks
'अट नहीं रही है' कविता का कोई अन्य शीर्षक दीजिए तथा उसका कारण भी स्पष्ट कीजिए।
- (iii)2 marks
कवि ने 'फसल' को पानी का जादू क्यों कहा है?
- (iv)2 marks
'आत्मकथ्य' कविता में कवि न तो अपने जीवन के दुःख और विफलताओं से दूसरों को परिचित कराना चाहता है और न ही अपनी सुखद स्मृतियों को किसी के साथ साझा करना चाहता है। कवि की इस सोच के पीछे क्या कारण हो सकते हैं?
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- 2 marks
(i) संगतकार की आवाज़ सुरीली है, पर मुख्य गायक की तुलना में कम सधी और कम अनुभवी है। वह मुख्य गायक की आवाज़ पर हावी न होने देने की कोशिश भी करता है, इसलिए उसमें काँपन है।
- 2 marks
(ii) शीर्षक: 'वसंत' या 'फागुन'। कारण: कविता में फागुन मास में वसंत ऋतु के प्राकृतिक सौंदर्य का चित्रण है।
- 2 marks
(iii) फसल में पानी की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। नदियों के जल के साथ उपजाऊ मिट्टी और पोषक तत्व आते हैं, जिनसे फसल में हरियाली और नवजीवन आता है, इसलिए इसे पानी का जादू कहा गया है।
- 2 marks
(iv) कवि जीवन के उतार-चढ़ाव बताकर दूसरों के उपहास का पात्र नहीं बनना चाहता। साथ ही अतीत की पीड़ा के घाव फिर हरे होने से बचना चाहता है और सुखद स्मृतियाँ उसकी निजी पूँजी हैं।
Answer: कोई तीन उपप्रश्नों के उत्तर ऊपर दिए गए हैं
Where the marks are
- प्रत्येक उपप्रश्न पर दो बिंदु (2 अंक); किन्हीं तीन के उत्तर
Q11 · 8 marks · Long answerमैं क्यों लिखता हूँ?
पूरक पाठ्यपुस्तक के निर्धारित पाठों पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए: 2 × 4 = 8
- (i)4 marks
हिरोशिमा जैसी भयावह घटना/परिस्थिति को रोकने के लिए युवा पीढ़ी क्या कर सकती है? 'मैं क्यों लिखता हूँ' पाठ के संदर्भ में लिखिए।
- (ii)4 marks
यद्यपि पर्वतीय क्षेत्रों के विकास में पर्यटन उद्योग का महत्वपूर्ण स्थान है तथापि यही पर्यटन इन क्षेत्रों में बढ़ते प्रदूषण हेतु भी उत्तरदायी है। 'साना-साना हाथ जोड़ि..' के आधार पर लिखिए कि इसे कैसे संतुलित किया जा सकता है?
- (iii)4 marks
भोलानाथ और उसके साथियों द्वारा खेले जाने वाले खेलों से, वर्तमान में सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेम्स की गिरफ़्त में फँसे बच्चे क्या प्रेरणा ले सकते हैं? तर्कसम्मत उत्तर दीजिए।
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- 1 mark
(i) युवा पीढ़ी परमाणु ऊर्जा के सजग प्रयोग के प्रति सबको सचेत कर सकती है। वह विश्व-शांति और सद्भाव की दिशा में प्रयास करे।
- 1 mark
नुक्कड़ नाटक, पोस्टर, रैली और सोशल मीडिया से जागरूकता फैलाए।
- 1 mark
घर-परिवार और मित्रों में चर्चा-वाद-विवाद करे।
- 1 mark
स्वयं सकारात्मक वैज्ञानिक अनुसंधानों में लगे और विज्ञान-तकनीक का सदुपयोग करे ताकि हिरोशिमा जैसी घटना न दोहराई जाए।
- 4 marks
(ii) पर्यटकों की संख्या सीमित की जाए और गंदगी फैलाने पर कठोर दंड हो। पर्यावरण-हितैषी नियमों का कठोर पालन हो, वन कटाई पर रोक और वृक्षारोपण हो। निजी की जगह सार्वजनिक या स्वच्छ ईंधन वाले वाहन बढ़ें और प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगे। (कोई चार बिंदु)
- 4 marks
(iii) भोलानाथ और साथी घर से बाहर मैदान, बाग-खेत में गुल्ली-डंडा, कंचे, चिड़िया पकड़ना जैसे खेल खेलते थे। बच्चे ऑनलाइन खेल छोड़कर ऐसे शारीरिक खेल अपनाएँ, जिससे स्वास्थ्य बनता है। सोशल मीडिया की जगह परिवार-दोस्तों के साथ सामूहिक खेल खेलने से मेल-जोल और आनंद बढ़ता है। (दो उदाहरण और दो तर्क)
Answer: कोई दो उपप्रश्नों के उत्तर ऊपर दिए गए हैं; प्रत्येक 4 अंक
Where the marks are
- प्रत्येक उपप्रश्न में चार उपयुक्त बिंदु (1+1+1+1 = 4 अंक)
- (iii) में दो खेल उदाहरण और दो तर्क (2+2 = 4 अंक)
- किन्हीं दो उपप्रश्नों के उत्तर
Section घ
रचनात्मक लेखन (20 marks)
Q12 · 6 marks · WritingWriting
निम्नलिखित तीन विषयों में से किसी एक विषय पर संकेत बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए: 6
- (i)0 marks
जलवायु परिवर्तन: गहराता संकट
संकेत बिंदु - • जलवायु परिवर्तन क्या है? • जलवायु परिवर्तन के कारण • समस्या एवं समाधान - (ii)0 marks
नारी सशक्तीकरण
संकेत बिंदु - • नारी सशक्तीकरण का अर्थ • वर्तमान में इसकी आवश्यकता क्यों? • भारत में स्थिति एवं सुझाव - (iii)0 marks
नैतिक शिक्षा: आज की आवश्यकता
संकेत बिंदु - • नैतिक शिक्षा का अर्थ • वर्तमान में इसकी आवश्यकता क्यों? • प्रभाव एवं सुझाव
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- 1 mark
भूमिका (1 अंक) — विषय (i) जलवायु परिवर्तन: गहराता संकट। शीर्षक के बाद आरंभ: "जलवायु परिवर्तन का अर्थ है पृथ्वी के औसत तापमान, वर्षा और मौसम-चक्र में लंबे समय तक होने वाला बदलाव। आज यह मानव सभ्यता के सामने सबसे गहरा संकट बन चुका है।"
- 3 marks
विषयवस्तु (3 अंक) — कारण, समस्या और समाधान संकेत-बिंदुओं के अनुसार: "इसके मुख्य कारण हैं वनों की अंधाधुंध कटाई, कारखानों और वाहनों से निकलता धुआँ, जीवाश्म ईंधन का अधिक प्रयोग और ग्रीनहाउस गैसों में वृद्धि। परिणामस्वरूप ग्लेशियर पिघल रहे हैं, समुद्र-तल बढ़ रहा है, बाढ़-सूखे और लू की घटनाएँ बढ़ी हैं तथा खेती और जैव-विविधता को हानि पहुँच रही है। समाधान के लिए अधिक वृक्ष लगाएँ, सौर और पवन जैसी स्वच्छ ऊर्जा अपनाएँ, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें, प्लास्टिक घटाएँ और जल-बिजली की बचत करें। सरकारों को पर्यावरण-नियम कठोरता से लागू करने चाहिए।"
- 1 mark
निष्कर्ष (1 अंक) — "यदि हम आज सजग होकर छोटे-छोटे कदम उठाएँ तो अपनी धरती को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रख सकते हैं।"
- 1 mark
भाषा-शुद्धता (1 अंक) — लगभग 120 शब्द, शुद्ध वर्तनी और व्याकरण, क्रमबद्ध अनुच्छेद।
Answer: संकेत-बिंदुओं (अर्थ, कारण, समस्या एवं समाधान) को समेटता लगभग 120 शब्दों का क्रमबद्ध अनुच्छेद, जिसमें भूमिका, विषयवस्तु, निष्कर्ष और शुद्ध भाषा हो।
Where the marks are
- सार्थक भूमिका (1 अंक)
- संकेत-बिंदुओं पर आधारित विषयवस्तु (3 अंक)
- उपयुक्त निष्कर्ष (1 अंक)
- भाषा की शुद्धता (1 अंक)
Q13(a) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting
Answer the following.
- (i)0 marks
आप रंजना/राजन हैं। संयमित और स्वस्थ जीवन शैली का महत्त्व बताते हुए छोटे भाई को लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए।
OR
(ii)0 marksआपके पिताजी का स्थानांतरण दूसरे शहर में हो गया है। नए विद्यालय में प्रवेश हेतु आपको चरित्र प्रमाण पत्र की आवश्यकता है। इस हेतु अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य को लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए। आपका नाम रंजना/राजन है।
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- 1 mark
प्रारूप (1 अंक) —
१२, गांधी नगर, जयपुर
१५ मार्च, २०२५प्रिय अनुज मोहित,
सस्नेह आशीर्वाद।
(अंत में) तुम्हारा भाई, राजन - 3 marks
विषयवस्तु (3 अंक) — "आशा है तुम स्वस्थ होगे। तुम्हारे पत्र से पता चला कि आजकल तुम देर रात तक जागते हो और बाहर का खाना अधिक खाते हो। इसलिए मैं संयमित और स्वस्थ जीवन-शैली का महत्त्व बताना चाहता हूँ। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन रहता है। सुबह जल्दी उठो, रोज़ व्यायाम या योग करो, समय पर संतुलित भोजन करो और जंक फ़ूड से बचो। मोबाइल और टीवी का समय सीमित रखो तथा पूरी नींद लो। संयम से पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ती है, रोग दूर रहते हैं और जीवन में सफलता मिलती है। आशा है तुम मेरी बातें मानोगे। माताजी-पिताजी को प्रणाम।"
- 1 mark
भाषा-शुद्धता (1 अंक) — शुद्ध वर्तनी, उचित शब्द-चयन, लगभग 100 शब्द।
Answer: छोटे भाई को संयमित और स्वस्थ जीवन-शैली के महत्त्व पर लगभग 100 शब्दों का उपयुक्त प्रारूप में अनौपचारिक पत्र।
Where the marks are
- पत्र का उचित प्रारूप, आरंभ और अंत (1 अंक)
- विषयवस्तु: महत्त्व, सुझाव और प्रेरणा (3 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
Q14(a) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting
Answer the following.
- (i)0 marks
आप नीलाक्षी/नीलकांत हैं। स्थानीय शॉपिंग सेंटर में कंप्यूटर ऑपरेटर का पद रिक्त है और आप स्वयं को उस पद के योग्य मानते हैं। उपर्युक्त पद हेतु आवेदन करने के लिए लगभग 80 शब्दों में अपना एक स्ववृत्त तैयार कीजिए।
OR
(ii)0 marksआप नीलाक्षी/नीलकांत हैं। आपके पिताजी का पैन कार्ड कहीं खो गया है। इस संबंध में आयकर अधिकारी को अपने पिताजी की ओर से लगभग 80 शब्दों में एक ई-मेल लिखिए।
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- 1 mark
प्रारूप (1 अंक) — शीर्षक: स्ववृत्त (बायोडेटा), पद: कंप्यूटर ऑपरेटर। फिर शीर्षकों में क्रमबद्ध जानकारी: नाम, पता, संपर्क, शैक्षिक योग्यता, अनुभव, रुचियाँ, घोषणा, दिनांक और हस्ताक्षर।
- 3 marks
विषयवस्तु (3 अंक) — नाम: नीलकांत; पिता का नाम: श्री रमेश कुमार; जन्म-तिथि: 5 मई 2007; पता: 21, शिवाजी नगर, पुणे; मोबाइल एवं ई-मेल दें। शैक्षिक योग्यता: माध्यमिक परीक्षा (सीबीएसई) 2025 में प्रथम श्रेणी; कंप्यूटर में एमएस ऑफिस, टाइपिंग (40 शब्द प्रति मिनट) और डेटा-एंट्री का छह माह का प्रमाणपत्र। अनुभव: विद्यालय के कंप्यूटर क्लब में सहायक। रुचियाँ: पढ़ना, खेल। विशेषताएँ: परिश्रमी, समयनिष्ठ। घोषणा: उपर्युक्त विवरण सत्य है।
- 1 mark
भाषा-शुद्धता (1 अंक) — संक्षिप्त, शुद्ध और लगभग 80 शब्द।
Answer: कंप्यूटर ऑपरेटर पद हेतु व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षिक योग्यता और कौशल सहित लगभग 80 शब्दों का स्ववृत्त।
Where the marks are
- स्ववृत्त का उचित प्रारूप (1 अंक)
- व्यक्तिगत विवरण, योग्यता, कौशल, अनुभव (3 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
Q15(a) · 4 marks · WritingCompetency-basedWriting
Answer the following.
- (i)0 marks
ऊर्जा संरक्षण हेतु जागरूकता फैलाने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से जनहित में जारी एक आकर्षक विज्ञापन लगभग 40 शब्दों में तैयार कीजिए।
OR
(ii)0 marksआपकी बड़ी बहन की पदोन्नति कैप्टन से मेजर के रूप में हुई है। उन्हें बधाई देते हुए लगभग 40 शब्दों में संदेश लिखिए।
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- 1 mark
रचनात्मकता और प्रस्तुति (1 अंक) — आकर्षक शीर्षक, नारा और उचित बॉक्स/चित्र-सज्जा:
"ऊर्जा बचाओ, भविष्य बचाओ!"
(पेट्रोलियम मंत्रालय, भारत सरकार — जनहित में जारी) - 2 marks
विषयवस्तु (2 अंक) — "पेट्रोल-डीज़ल सीमित प्राकृतिक संसाधन हैं। इनकी बचत देश की समृद्धि है। • लाल बत्ती पर इंजन बंद करें • निजी वाहन की जगह सार्वजनिक परिवहन या कारपूल अपनाएँ • वाहन की नियमित सर्विस कराएँ • सौर ऊर्जा और सीएनजी/इलेक्ट्रिक वाहन अपनाएँ। आज की बचत, कल की सुरक्षा। संपर्क: पेट्रोलियम संरक्षण अनुसंधान संघ।"
- 1 mark
भाषा-शुद्धता (1 अंक) — लगभग 40 शब्द, शुद्ध वर्तनी, प्रभावी वाक्य।
Answer: पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से ऊर्जा संरक्षण पर नारे, उपायों और अपील सहित लगभग 40 शब्दों का आकर्षक विज्ञापन।
Where the marks are
- रचनात्मकता और आकर्षक प्रस्तुति (1 अंक)
- विषयवस्तु: जागरूकता संदेश और उपाय (2 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
Source: official question paper, cbse.gov.in. Chapter tags and solutions are ours. Spotted a transcription error? Write tosupport@questionbuddy.in.