यह दंतुरित मुसकान (नागार्जुन): शिशु की मुसकान और कवि का भाव
Updated 17 October 2026 · Fact-checked
नागार्जुन की कविता 'यह दंतुरित मुसकान' में कवि नए दाँतों वाले शिशु की मुसकान का वर्णन करता है। वह कहता है कि यह मुसकान मृतक में भी प्राण डाल सकती है, कमल को उसकी झोंपड़ी में ला खिलाती है और पाषाण को पिघलाकर पानी बना देती है। शिशु उसे पहचान नहीं पाता; कवि स्वयं को 'चिर प्रवासी' अतिथि मानकर माँ का आभार मानता है, जिसके माध्यम से यह मिलन हुआ।
The baby's smile softens even stone and thorny trees; the poet, a long-away guest, thanks the mother who made this meeting happen.
Illustration drawn for QuestionBuddy.
Understand यह दंतुरित मुसकान: शिशु की मुसकान और कवि का भाव
'यह दंतुरित मुसकान' (दंतुरित = नए दाँतों वाली) एक पिता-कवि की भाव-भरी कविता है। इसके दो भाग हैं।
पहला भाग: मुसकान का प्रभाव। कवि बच्चे से कहता है कि उसकी जीवंत मुसकान मरे हुए व्यक्ति में भी जान डाल दे। बच्चे का शरीर धूल से सना है, फिर भी कवि को लगता है जैसे कमल तालाब छोड़कर उसकी झोंपड़ी में खिल उठे हों। बच्चे का स्पर्श पाकर कठोर पत्थर भी पिघलकर जल बन गया होगा, और बाँस या बबूल जैसे रूखे पेड़ों से भी शेफालिका के फूल झरने लगे होंगे। संकेत यह है कि शिशु की निश्छल मुसकान कठोर मन को भी कोमल बना देती है; संभवतः कवि अपने ही कठोर हो चुके मन की ओर संकेत करता है।
दूसरा भाग: पहचान और मिलन। बच्चा कवि को पहचान नहीं पाता और बिना पलक झपकाए उसे देखता रहता है। कवि स्नेह से पूछता है कि क्या वह थक गया है और क्या वह अपनी आँखें फेर ले। पहली बार में पहचान न होना स्वाभाविक है। कवि स्वयं को 'चिर प्रवासी', अर्थात लंबे समय से घर से दूर रहने वाला, और अतिथि कहता है। वह माँ का आभार मानता है, क्योंकि माँ ही इस मिलन का माध्यम बनी; बच्चे को माँ ने ही अपने प्यार का मधुपर्क दिया है। अंत में बच्चा तिरछी नज़र से कवि को देखता है और जब आँखें मिलती हैं तो उसकी मुसकान कवि को और भी सुंदर लगती है।
परीक्षा में कमल, पत्थर और शेफालिका के बिंबों का अर्थ, 'चिर प्रवासी' और माँ के आभार का कारण, तथा अतिशयोक्ति, अनुप्रास और पुनरुक्ति प्रकाश वाली पंक्तियाँ पूछी जाती हैं।
यह दंतुरित मुसकान: शिशु की मुसकान और कवि का भाव: key facts
- मुसकान के तीन प्रभाव
- मृतक में जान
- झोंपड़ी में कमल का खिलना
- पाषाण का पिघलना
- प्रभाव-प्रश्न में तीनों बिंब लिखें।
- कवि की तीन स्थितियाँ
- चिर प्रवासी
- अतिथि
- माँ के प्रति आभारी
- दूसरे भाग का भाव इन्हीं तीन शब्दों में है।
- अलंकार
मृतक में भी डाल देगी जान अतिशयोक्ति धूलि-धूसर अनुप्रास पिघलकर जल बन गया बिंब/अतिशयोक्ति - बढ़ा-चढ़ाकर कहे तो अतिशयोक्ति।
यह दंतुरित मुसकान: शिशु की मुसकान और कवि का भाव in real life
The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
शिशु की मुसकान
मान लीजिए लंबी यात्रा से थका-हारा एक पिता घर लौटता है और छोटी बच्ची, जो उसे पहचान नहीं पाती, उसे देखकर पहली बार मुसकराती है। पिता की सारी थकान मिट जाती है।
इसकी तुलना कविता के किस भाव से होगी?
Try it first, then show the solutionSolution
- थकान मिटना = पाषाण का पिघलना।
- पहचान न पाना = बच्चे का कवि को न पहचानना।
- लौटा पिता = चिर प्रवासी कवि।
Answer: पहले भाग (मुसकान का प्रभाव) और दूसरे भाग (अपरिचय) दोनों से।
Memory hook: मुसकान जहाँ, थकान वहाँ कहाँ?
कठोर मन का कोमल होना
मान लीजिए एक सख़्त स्वभाव के चौकीदार के पास एक नन्हा बच्चा आकर हँसता है और चौकीदार भी बरबस मुसकरा उठता है।
यह कविता की किस पंक्ति से मेल खाता है?
Try it first, then show the solutionSolution
- सख़्त चौकीदार = कठोर पाषाण / रूखे बाँस-बबूल।
- बच्चे का स्पर्श/हँसी = शिशु की मुसकान।
- बरबस मुसकान = पत्थर का जल बनना।
Answer: 'पिघलकर जल बन गया होगा कठिन पाषाण' से।
Memory hook: बच्चे की हँसी, पत्थर में भी रस।
Tricks to remember यह दंतुरित मुसकान: शिशु की मुसकान और कवि का भाव
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
क-प-शे
कमल, पाषाण, शेफालिका: मुसकान के प्रभाव के तीन बिंब।
Use it when: प्रभाव वाले प्रश्न में।
चिर-अ-मा
चिर प्रवासी, अतिथि, माँ का आभार: दूसरे भाग के तीन शब्द।
Use it when: पहचान और मिलन के प्रश्न में।
यह दंतुरित मुसकान: शिशु की मुसकान और कवि का भाव: solved examples
Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.
Example 1: दंतुरित का अर्थ · 1 mark · MCQBoard level
'दंतुरित' का अर्थ है
(क) नुकीले दाँतों वाला (ख) नए निकले दाँतों वाला (ग) दाँत रहित (घ) मज़बूत दाँतों वाला
Try it first, then show the solutionSolution
- शीर्षक बच्चे की मुसकान का है।
Answer: (ख) नए निकले दाँतों वाला।
Example 2: मृतक में भी जान · 2 marks · Short answerBoard level
'मृतक में भी डाल देगी जान' पंक्ति में कवि शिशु की मुसकान के बारे में क्या कहना चाहता है? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- यहाँ बढ़ा-चढ़ाकर कहा गया है।
Answer: कवि कहता है कि शिशु की मुसकान इतनी जीवंत और प्रभावशाली है कि निराश, निर्जीव मन में भी प्राण फूँक दे। इसमें अतिशयोक्ति से मुसकान की शक्ति का गहरा प्रभाव प्रकट होता है।
Example 3: पाषाण और शेफालिका · 2 marks · Short answerHarder board level
'पिघलकर जल बन गया होगा कठिन पाषाण' और बाँस-बबूल से शेफालिका झरने का भाव समझाइए। (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- पत्थर और बाँस-बबूल कठोरता और रूखेपन के प्रतीक हैं।
Answer: पत्थर कठोर और बाँस-बबूल रूखे हैं। शिशु के स्पर्श से वे पिघलकर जल बनते और फूल झराते हैं, यानी उसका स्पर्श कठोर और रूखे मन को भी कोमल और सरस बना देता है।
Example 4: पठित भाव पर आधारित अंश · 5 marks · Source-basedHarder board level
पाठ के भाव पर आधारित अंश (अपने शब्दों में): बच्चा कवि को पहचान नहीं पाता और बिना पलक झपकाए देखता रहता है। कवि स्नेह से पूछता है कि क्या वह थक गया है। कवि कहता है कि वह चिर प्रवासी है, अतिथि है; माँ का धन्यवाद, जिसके कारण यह मिलन संभव हुआ।
(i) 'चिर प्रवासी' का अर्थ है
(क) सदा घर में रहने वाला (ख) लंबे समय से घर से दूर (ग) विदेशी पर्यटक (घ) घुमक्कड़ साधु
(ii) कवि माँ का आभार क्यों मानता है
(क) माँ ने भोजन दिया (ख) माँ के कारण पिता-पुत्र का मिलन हुआ (ग) माँ ने उपदेश दिया (घ) माँ ने कविता सुझाई
(iii) बच्चा कवि को पहचानने में असमर्थ है क्योंकि
(क) वह डरा है (ख) कवि बहुत समय बाद आया है (ग) वह बीमार है (घ) कवि ने मुखौटा पहना है
(iv) 'मधुपर्क' का आशय है
(क) स्नेह-रस से भरी भेंट (ख) विष (ग) औषधि (घ) शुल्क
(v) कवि स्वयं को क्या कहता है
(क) अतिथि (ख) राजा (ग) साधु (घ) शिक्षक
Try it first, then show the solutionSolution
- प्रत्येक उप-प्रश्न 1 अंक का है।
Answer: (i) (ख); (ii) (ख); (iii) (ख); (iv) (क); (v) (क)।
Example 5: पहचान न पाने में अपनत्व · 2 marks · Short answerHOTS / competency
बच्चा कवि को पहचान नहीं पाता, फिर भी कविता में मिलन का सुख क्यों बना रहता है? कारण लिखिए। (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- माँ की भूमिका और आँखों के मिलने पर ध्यान दें।
Answer: माँ के स्नेह से ही बच्चा पला है और वही कवि-शिशु मिलन का माध्यम बनी। अंत में आँखें मिलने पर मुसकान और सुंदर लगती है, इसलिए अपरिचय में भी सुख बना रहता है।
Where students lose marks in यह दंतुरित मुसकान: शिशु की मुसकान और कवि का भाव
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: 'चिर प्रवासी' का अर्थ केवल 'यात्री' लिखना
दीर्घकाल तक घर से दूर रहने का भाव छूट जाता है।
Wrong working
चिर प्रवासी = यात्री।
Right working
चिर प्रवासी = लंबे समय से घर से दूर रहने वाला।
Do this: अर्थ के साथ संदर्भ भी लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: पाषाण वाली पंक्ति का केवल शाब्दिक अर्थ देना
प्रतीकार्थ (कठोर मन का पिघलना) माँगा जाता है।
Wrong working
पत्थर पानी बन गया।
Right working
बच्चे के स्पर्श से कठोर मन भी कोमल हो गया।
Do this: शाब्दिक + प्रतीकार्थ दोनों लिखें।
Usually costs: 1-2 अंक
Mistake: माँ के आभार का कारण न बताना
कारण स्पष्ट न करने पर उत्तर अधूरा रहता है।
Wrong working
कवि माँ को धन्यवाद देता है।
Right working
माँ के कारण ही कवि और शिशु का मिलन संभव हुआ।
Do this: क्यों-का उत्तर अवश्य दें।
Usually costs: 1 अंक
Exam tips
- बिंब वाले प्रश्न में बिंब, उसका प्रतीकार्थ और कविता में प्रभाव लिखें।
- अतिशयोक्ति की पंक्ति पहचानते समय देखें कि बात असंभव-सी बढ़ाकर कही गई है या नहीं।
- कवि के भाव वाले प्रश्न में वात्सल्य, कृतज्ञता और संवेदना, तीनों का उल्लेख करें।
- शब्दार्थ (दंतुरित, जलजात, मधुपर्क, चिर प्रवासी) याद रखें।
- 25-30 शब्द में दो बातें: कथन का अर्थ और उसका प्रभाव।
Practice questions on यह दंतुरित मुसकान: शिशु की मुसकान और कवि का भाव
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQBoard level
'झोंपड़ी में खिल रहे जलजात' में जलजात का अर्थ है
(क) मछली (ख) कमल (ग) नदी (घ) पत्थरHint
जल में जन्म लेने वाला क्या है?
Answer
(ख) कमल।
Q2 · 1 mark · Assertion-reasonHarder board level
कथन (A): कवि बच्चे की धूल से सनी देह को भी सुंदर पाता है।
कारण (R): बच्चे की मुसकान की निश्छलता कवि को कमल जैसी लगती है।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
(ख) A और R दोनों सही हैं पर R, A की व्याख्या नहीं
(ग) A सही है, R गलत
(घ) A गलत है, R सहीHint
'धूलि-धूसर' और कमल की उपमा देखें।
Answer
(क) निश्छल मुसकान के कारण ही धूल-सना शरीर कमल-सा सुंदर लगता है।
Q3 · 2 marks · Short answerHarder board level
'धूलि-धूसर तुम्हारे ये गात' में कौन-सा अलंकार है और कवि इससे क्या दर्शाता है? (25-30 शब्द)
Hint
कौन-सा वर्ण दोहराया गया है?
Answer
यहाँ 'ध' वर्ण की आवृत्ति से अनुप्रास अलंकार है। इससे धूल से सने बच्चे का चित्र उभरता है और बाहरी मलिनता के बावजूद उसकी भीतरी सुंदरता का भाव झलकता है।
Q4 · 2 marks · Short answerHarder board level
कवि स्वयं को 'अतिथि' क्यों कहता है? कविता के आधार पर समझाइए। (25-30 शब्द)
Hint
कवि लंबे समय तक कहाँ रहा?
Answer
कवि लंबे समय से घर से दूर रहा है, इसलिए बच्चा उसे पहचान नहीं पाता। इस दूरी के कारण वह स्वयं को चिर प्रवासी और अतिथि कहता है।
Q5 · 2 marks · Short answerHOTS / competency
क्या कविता का केंद्रीय भाव केवल पिता का वात्सल्य है या उससे आगे भी कुछ है? अपना मत दीजिए। (25-30 शब्द)
Hint
कठोर मन के पिघलने का संकेत याद करें।
Answer
यह वात्सल्य से आगे भी है, क्योंकि निश्छल मुसकान कठोर मन को कोमल करती है। कवि का अपना कठोर मन भी पिघलता है, इसलिए कविता संवेदना की वापसी का भाव भी देती है।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.कविता किसकी रचना है?Show answer
नागार्जुन की।
2.दंतुरित का क्या अर्थ है?Show answer
नए निकले दाँतों वाली।
3.कवि स्वयं को क्या कहता है?Show answer
चिर प्रवासी और अतिथि।
4.कवि किसका आभार मानता है?Show answer
माँ का।
5.मुसकान से पत्थर का क्या होता है?Show answer
पिघलकर पानी बन जाता है।
यह दंतुरित मुसकान: शिशु की मुसकान और कवि का भाव: frequently asked questions
कविता का केंद्रीय भाव क्या है?
शिशु की निश्छल सुंदरता में जीवन का संदेश है।
'शेफालिका' क्या है?
एक सुगंधित फूल।
दूसरे भाग का मूल भाव क्या है?
कवि का प्रवासी भाव और शिशु से पहली पहचान का सुख।
परीक्षा में कैसे प्रश्न आते हैं?
काव्यांश के MCQ और 25-30 शब्दों के 2 अंक के प्रश्न।