CBSE Class 10 Hindi Course A: 2023 board paper, set 3/2/1
The question paper set in the CBSE Class 10 board exam of 2023, as printed: 17 questions for 80 marks, in sections, with each OR choice shown as an alternative. Try each question first, then open our solution.
Every question here has our step-by-step solution, split into the steps that earn marks. Each one was checked by an independent re-solve from the question paper.
Source: official question paper from cbse.gov.in: https://www.cbse.gov.in/cbsenew/question-paper/2023/X/HINDI_A.zip (a zip; this paper is the file 3_2_1 Hindi A.pdf). Questions are transcribed from that PDF; figures are described in words, so check the official paper for them.
How the paper is set
| Section | Questions | What it has |
|---|---|---|
| अ | 1-10 | बहुविकल्पी/वस्तुपरक; प्रश्न 1-10 (उप-प्रश्न 49, 40 के उत्तर देने हैं) |
| ब | 11-17 | वर्णनात्मक प्रश्न; प्रश्न 11-13 सहित वैकल्पिक खंड |
Instructions in brief: सभी प्रश्न अनिवार्य हैं, परंतु खंड अ में 49 उप-प्रश्नों में से 40 के उत्तर देने हैं; खंड ब में प्रश्न 11-13 में से निर्धारित संख्या में उत्तर, प्रश्न 14 में से एक विषय, तथा प्रश्न 15-17 में (क) या (ख) का विकल्प।
Section अ
बहुविकल्पी/वस्तुपरक; प्रश्न 1-10 (उप-प्रश्न 49, 40 के उत्तर देने हैं)
Q1 · 5 marks · Reading comprehensionCompetency-basedReading (unseen passages)
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर इस पर आधारित प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
छठ इस संसार में अपनी तरह का ऐसा पर्व है, जो अपनी व्यंजना में बहुआयामी है। सूर्य इस त्योहार का केंद्र है। सूर्य जीव-जगत के आधार हैं। सूर्य के बिना कोई भी भोग-उपभोग संभव नहीं है। अतः सूर्य के प्रति आभार प्रदर्शन के लिए छठ या सूर्य षष्ठी व्रत मनाया जाता है, तो कोई आश्चर्य नहीं। सूर्य उन क्षेत्रों के लिए सबसे उपयोगी है, जहाँ पानी की उपलब्धता ज्यादा है। पूर्वांचल में नदियों का जाल बिछा है, ऐसे में सूर्य का ताप लेना जीवन के लिए सबसे जरूरी हो जाता है। हमारी सूर्य-केंद्रित संस्कृति कहती है कि वही उगेगा, जो डूबेगा। अतः छठ में पहले दिन डूबते और फिर दूसरे दिन उगते सूर्य की पूजा स्वाभाविक है।
नीरोग रहने के लिए भी सूर्य की बड़ी जरूरत है। सूर्य के ताप में रोगनाशक शक्ति है। अक्सर लोग छठ महापर्व के समय स्वास्थ्य को लेकर भी प्रार्थना करते हैं। जब कोरोना का उभार हुआ था, तब लोग आश्वस्त थे कि एक बार सूर्य की तपन बढ़ेगी, तो कोरोना वायरस नष्ट हो जाएगा। यह जो भ्रम था, वह सूर्य के प्रति हमारी आस्था का ही परिणाम था। यह भी सत्य है कि सूर्य के प्रति हमारी आशा का कोई विकल्प भी नहीं है। सूर्य के बिना भारत की जैव-विविधता, जीवन और स्वास्थ्य का मेल नहीं बन सकता। आधुनिक जीवन की मजबूरी में जब अक्षय-ऊर्जा की बात होती है, तब लोगों की नजर सूर्य की ओर ही जाती है। अर्थात् किन्हीं अर्थों में सूर्य हमारा अतीत ही नहीं, भविष्य भी है।
- (i)1 mark
सूर्य षष्ठी व्रत क्यों मनाया जाता है ?
- (a)भगवान सूर्य के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए
- (b)प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए
- (c)नदियों के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए
- (d)देवी-देवताओं के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए
- (ii)1 mark
'वही उगेगा, जो डूबेगा' — उपर्युक्त गद्यांश के संदर्भ में यह कथन किस तथ्य की ओर संकेत करता है ?
- (a)सूर्य के उदय-अस्त होने का सामान्य नियम
- (b)जीवन में डूबने के बाद ही उगना संभव है
- (c)सूर्य-केंद्रित संस्कृति की सोच
- (d)सफल होने के लिए असफलता आवश्यक है
- (iii)1 mark
ताप के अतिरिक्त भी सूर्य की आवश्यकता क्यों है ?
- (a)प्रकृति के लिए
- (b)लंबे जीवन के लिए
- (c)नीरोगी जीवन के लिए
- (d)प्रकाश के लिए
- (iv)1 mark
कोरोना वायरस के नष्ट होने के संदर्भ में लोगों का क्या विश्वास था ?
- (a)वैज्ञानिक कोरोना वायरस की औषधि ढूँढ़ लेंगे।
- (b)सूर्य के बढ़ते ताप से कोरोना वायरस नष्ट हो जाएगा।
- (c)सूर्य के बढ़ते ताप से कोरोना वायरस अप्रभावित रहेगा।
- (d)कोरोना वायरस धीरे-धीरे स्वयं ही नष्ट हो जाएगा।
- (v)1 mark
'अक्षय ऊर्जा' से क्या अभिप्राय है ?
- (a)ऊर्जा का ऐसा स्रोत जो कभी नष्ट न हो
- (b)ऊर्जा का ऐसा स्रोत जो लंबे समय तक चले
- (c)ऊर्जा का ऐसा स्रोत जो कम खर्चीला हो
- (d)ऊर्जा का ऐसा स्रोत जो प्रकृति-प्रदत्त हो
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) गद्यांश कहता है कि सूर्य जीव-जगत का आधार है, इसलिए उसके प्रति आभार प्रकट करने हेतु छठ मनाया जाता है। उत्तर (a)।
- 1 mark
(ii) 'वही उगेगा, जो डूबेगा' सूर्य-केंद्रित संस्कृति की सोच है, जिसमें डूबते सूर्य की पूजा पहले होती है। उत्तर (c)।
- 1 mark
(iii) सूर्य के ताप में रोगनाशक शक्ति है, इसलिए वह नीरोगी जीवन के लिए आवश्यक है। उत्तर (c)।
- 1 mark
(iv) लोग आश्वस्त थे कि सूर्य की तपन बढ़ने पर कोरोना वायरस नष्ट हो जाएगा। उत्तर (b)।
- 1 mark
(v) अक्षय ऊर्जा का अर्थ है ऐसा ऊर्जा-स्रोत जो कभी समाप्त न हो, जैसे सूर्य। उत्तर (a)।
Answer: (i) a; (ii) c; (iii) c; (iv) b; (v) a
Where the marks are
- (i) सही विकल्प (a) (1 अंक)
- (ii) सही विकल्प (c) (1 अंक)
- (iii) सही विकल्प (c) (1 अंक)
- (iv) सही विकल्प (b) (1 अंक)
- (v) सही विकल्प (a) (1 अंक)
Answer one of these 2 alternatives.
Q2(a) · 5 marks · Reading comprehensionCompetency-basedमैथिलीशरण गुप्त – मनुष्यता
निम्नलिखित दो पद्यांशों में से किसी एक को ध्यान से पढ़कर उस पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
(I) सँभलो कि सुयोग न जाय चला,
कब व्यर्थ हुआ सदुपाय भला
समझो जग को न निरा सपना
पथ आप प्रशस्त करो अपना
अखिलेश्वर है अवलंबन को
नर हो, न निराश करो मन को।जब प्राप्त तुम्हें सब तत्त्व यहाँ
फिर जा सकता वह सत्त्व कहाँ
तुम स्वत्त्व सुधा रस पान करो
उठके अमरत्व विधान करो
दवरूप रहो भव कानन को
नर हो न निराश करो मन को।निज गौरव का नित ज्ञान रहे
हम भी कुछ हैं यह ध्यान रहे
मरणोत्तर गुंजित गान रहे
सब जाय अभी पर मान रहे
कुछ हो न तजो निज साधन को
नर हो, न निराश करो मन को।प्रभु ने तुमको कर दान किए,
सब वांछित वस्तु विधान किए
तुम प्राप्त करो उनको न अहो
फिर है यह किसका दोष कहो
समझो न अलभ्य किसी धन को
नर हो, न निराश करो मन को।- (i)1 mark
प्रस्तुत पद्यांश में मनुष्य को किस हेतु प्रेरित किया गया है ?
- (a)मन को एकाग्र करने हेतु
- (b)शरीर को स्वस्थ रखने हेतु
- (c)मन को आशान्वित रखने हेतु
- (d)ईश्वर के शरण में जाने हेतु
- (ii)1 mark
'पथ आप प्रशस्त करो अपना' का आशय है :
- (a)जीवन का मार्ग ईश्वर दिखाएँ
- (b)जीवन का मार्ग माता-पिता सुझाएँ
- (c)जीवन का मार्ग स्वयं बनाएँ
- (d)जीवन का मार्ग मित्र बताएँ
- (iii)1 mark
पद्यांश में 'मृत्यु के उपरांत भी कीर्ति बनी रहे' इस भाव को व्यक्त करने वाली पंक्ति है :
- (a)निज गौरव का नित ज्ञान रहे
- (b)सब जाय अभी पर मान रहे
- (c)हम भी कुछ हैं यह ध्यान रहे
- (d)मरणोत्तर गुंजित गान रहे
- (iv)1 mark
पद्यांश में किन चीज़ों को प्राप्त नहीं करने के लिए मनुष्य को दोषी माना गया है ?
- (a)प्रकृति से उपलब्ध सुविधाओं को
- (b)भाग्य से प्राप्त वरदानों को
- (c)मनोवांछित वस्तुओं को
- (d)अलभ्य, परिश्रम से प्राप्त वस्तुओं को
- (v)1 mark
'प्रभु ने तुमको कर दान किए' पंक्ति के द्वारा कवि क्या प्रेरणा देता है ?
- (a)आलसी बने रहने के लिए
- (b)परिश्रम करने के लिए
- (c)भाग्य पर आश्रित रहने के लिए
- (d)चलने-फिरने के लिए
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) कविता का स्वर 'नर हो, न निराश करो मन को' है, अतः मन को आशान्वित रखने की प्रेरणा है। उत्तर (c)।
- 1 mark
(ii) 'पथ आप प्रशस्त करो अपना' का आशय है अपने जीवन का मार्ग स्वयं बनाना। उत्तर (c)।
- 1 mark
(iii) मृत्यु के बाद कीर्ति के भाव की पंक्ति 'मरणोत्तर गुंजित गान रहे' है। उत्तर (d)।
- 1 mark
(iv) ईश्वर ने सब मनोवांछित वस्तुएँ दी हैं, उन्हें प्राप्त न करने पर दोष मनुष्य का है। उत्तर (c)।
- 1 mark
(v) प्रभु ने सब दान दिए हैं, उन्हें पाने के लिए परिश्रम करना है। उत्तर (b)।
Answer: (i) c; (ii) c; (iii) d; (iv) c; (v) b
Where the marks are
- (i) विकल्प (c) (1 अंक)
- (ii) विकल्प (c) (1 अंक)
- (iii) विकल्प (d) (1 अंक)
- (iv) विकल्प (c) (1 अंक)
- (v) विकल्प (b) (1 अंक)
OR
Q2(b) · 5 marks · Reading comprehensionCompetency-basedReading (unseen passages)
अथवा
(II) इतनी साधारण चीज़ें वहाँ थीं जिन्हें कभी का भुला दिया गया था
चिड़िया के आकार की वह सीटी वहाँ थी
जिसमें आधा पानी भरकर बजाओ तो बुलबुल की तरह बोलती थी
कॉलेज के दिनों में मैं पेड़ों के झुरमुट में छिपकर उसे बजाता थाबचपन की एक फोटो में मैं जिस तीन पहिए की साइकिल पर बैठा था
वो साइकिल वहाँ पड़ी थी धूल से अटी हुई
उसका एक पहिया निकल गया था और रंग उखड़ गया था जगह-जगह से
घिस-घिसकर इतनी छोटी हो चुकी पेंसिलें थीं कि जिन्हें
और अधिक छीला जाना संभव नहीं थावहाँ बचपन की ड्राइंग कॉपियाँ थीं जिनके हर चित्र में
पेड़ हरे थे और उगता हुआ सूरज था
तब शायद हमने नहीं सोचा था कि हमारी दुनिया में
इतना अँधेरा भी होगा कभीबरसों पहले खो चुके खिलौने थे
पतंगें थीं, उनकी घिर्रियाँ थीं माँझे और डोर से भरी हुई
वहाँ कुछ पुरानी घड़ियाँ थीं जिनके बारे में कहा जाता था
कि वे चोरी चली गई थीं
उनमें वो समय अभी तक ठहरा हुआ था- (i)1 mark
प्रस्तुत पद्यांश किस विषय पर केंद्रित है ?
- (a)बचपन
- (b)स्मृतियों
- (c)साधारण वस्तुओं
- (d)इतिहास
- (ii)1 mark
वहाँ मौजूद वस्तुओं को 'साधारण' क्यों कहा जा रहा था ?
(क) वे सारी पुरानी और अनुपयोगी थीं।
(ख) उन्हें आसानी से विस्मृत कर दिया गया।
(ग) वे सभी बेहद कम मूल्य की थीं।
उपर्युक्त विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर लिखिए :- (a)केवल (क)
- (b)केवल (ख)
- (c)(क) और (ख)
- (d)(ख) और (ग)
- (iii)1 mark
"तब शायद हमने नहीं सोचा था कि हमारी दुनिया में इतना अँधेरा भी होगा कभी" इन पंक्तियों में अँधेरे से आशय है :
- (a)निराशा
- (b)अन्याय
- (c)बुराई
- (d)रात
- (iv)1 mark
कथन (A) और कारण (R) को पढ़कर उपयुक्त विकल्प चुनिए :
कथन (A) : वहाँ कुछ पुरानी घड़ियाँ थीं जिनमें समय अभी तक ठहरा हुआ था।
कारण (R) : घड़ियाँ चोरी चली गई थीं।- (a)कथन (A) सही है, परंतु कारण (R) ग़लत है।
- (b)कथन (A) ग़लत है, परंतु कारण (R) सही है।
- (c)कथन (A) और कारण (R) दोनों ग़लत हैं।
- (d)कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं।
- (v)1 mark
घड़ियों में समय अभी तक ठहरा हुआ है क्योंकि :
- (a)घड़ियों की बैटरी खराब हो गई है, समय रुक गया है।
- (b)अतीत के उस कालखंड की स्मृतियाँ ठहरी हुई हैं।
- (c)घड़ियाँ चोरी होकर कवि के भावात्मक दायरे से बाहर हो गईं।
- (d)घड़ियाँ पुरानी हैं, बदलते वक्त में उनका महत्त्व है।
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) पद्यांश पुरानी वस्तुओं के सहारे बचपन की स्मृतियों पर केंद्रित है। उत्तर (b)।
- 1 mark
(ii) वस्तुएँ साधारण इसलिए कि उन्हें सहज ही भुला दिया गया था; केवल (ख) सही है। उत्तर (b)।
- 1 mark
(iii) बचपन के चित्रों के हरे पेड़ और उगते सूरज के विपरीत 'अँधेरा' निराशा का प्रतीक है। उत्तर (a)।
- 1 mark
(iv) घड़ियों में समय ठहरा होना सही है, पर उनका चोरी जाना उसका कारण नहीं, अतः (A) सही, (R) गलत। उत्तर (a)।
- 1 mark
(v) समय इसलिए ठहरा है कि अतीत के उस कालखंड की स्मृतियाँ ठहरी हुई हैं। उत्तर (b)।
Answer: (i) b; (ii) b; (iii) a; (iv) a; (v) b
Where the marks are
- (i) विकल्प (b) (1 अंक)
- (ii) विकल्प (b) (1 अंक)
- (iii) विकल्प (a) (1 अंक)
- (iv) विकल्प (a) (1 अंक)
- (v) विकल्प (b) (1 अंक)
Q3 · 4 marks · MCQGrammar
निर्देशानुसार 'रचना के आधार पर वाक्य-भेद' पर आधारित पाँच बहुविकल्पी प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
- (i)1 mark
स्तंभ I और स्तंभ II को सुमेलित कर सही विकल्प चुनकर लिखिए :
स्तंभ I: (अ) अमीरुद्दीन का जन्म एक संगीत प्रेमी परिवार में हुआ था। (ब) अमीरुद्दीन सिर्फ छह साल का है और बड़ा भाई शम्सुद्दीन नौ साल का। (स) बालाजी का जो मंदिर है, वहीं से दिन की शुरुआत होती है।
स्तंभ II: (I) मिश्र वाक्य (II) सरल वाक्य (III) संयुक्त वाक्य
विकल्प : (अ) (ब) (स)
(a) (III) (II) (I) (b) (I) (II) (III) (c) (II) (III) (I) (d) (II) (I) (III) - (ii)1 mark
निम्नलिखित वाक्यों में मिश्र वाक्य पहचानकर नीचे दिए गए सबसे सही विकल्प को चुनिए :
(क) कार्तिक आया नहीं कि बालगोबिन भगत की प्रभातियाँ शुरू हुईं।
(ख) बालगोबिन भगत मँझोले कद के आदमी थे जो बहुत कम कपड़े पहनते थे।
(ग) ज्यों ही श्राद्ध की अवधि पूरी हो गई, पतोहू के भाई को बुलाकर उसके साथ कर दिया।
(घ) अब बुढ़ापा आ गया था, किंतु टेक वही जवानी वाली थी।- (a)केवल कथन (क) सही है।
- (b)कथन (ख) और (ग) सही हैं।
- (c)कथन (ग) और (घ) सही हैं।
- (d)कथन (क), (ख) और (ग) सही हैं।
- (iii)1 mark
'वे दिल्ली में बीमार रहे और मुझे पता नहीं चला' — इसका सरल वाक्य होगा :
- (a)वे दिल्ली में जब बीमार थे तब मुझे पता नहीं चला।
- (b)वे दिल्ली में आकर बीमार हो गए और मुझे पता ही नहीं चला।
- (c)यूँ तो दिल्ली में बीमार होने पर भी किसी को पता नहीं चलता है।
- (d)उनके दिल्ली में बीमार रहने का पता नहीं चला।
- (iv)1 mark
'वे अपने अभिन्न मित्र को उन चिट्ठियों को दिखाते थे' — इसका मिश्र वाक्य होगा :
- (a)जो उनके अभिन्न मित्र थे उन्हें वे उन चिट्ठियों को दिखाते थे।
- (b)उनके अभिन्न मित्र को वे चिट्ठियाँ दिखाते थे।
- (c)अपने अभिन्न मित्र को वे चिट्ठियाँ दिखाया करते थे।
- (d)अपने अभिन्न मित्र को वे उन चिट्ठियों को दिखाना जरूरी समझते थे।
- (v)1 mark
'बहुत सुंदर है मेरी जन्मभूमि – रेम्सचैपल' — इस वाक्य का संयुक्त वाक्य होगा :
- (a)मेरी जन्मभूमि रेम्सचैपल है और वह बहुत सुंदर है।
- (b)रेम्सचैपल बहुत सुंदर है जो कि मेरी जन्मभूमि है।
- (c)बहुत सुंदर रेम्सचैपल मेरी जन्मभूमि है।
- (d)मेरी जन्मभूमि रेम्सचैपल है जो बहुत सुंदर है।
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) (अ) एक उपवाक्य वाला सरल, (ब) 'और' से जुड़े दो स्वतंत्र वाक्य संयुक्त, (स) 'जो' से आश्रित उपवाक्य वाला मिश्र। मिलान (II),(III),(I): विकल्प (c)।
- 1 mark
(ii) (क), (ख), (ग) में आश्रित उपवाक्य हैं (नहीं कि, जो, ज्यों ही); (घ) 'किंतु' से संयुक्त है। उत्तर (d)।
- 1 mark
(iii) सरल वाक्य में एक ही मुख्य क्रिया होती है: 'उनके दिल्ली में बीमार रहने का पता नहीं चला।' उत्तर (d)।
- 1 mark
(iv) मिश्र वाक्य में 'जो' से आश्रित उपवाक्य बनता है: विकल्प (a)।
- 1 mark
(v) 'और' से दो स्वतंत्र वाक्य जोड़कर संयुक्त वाक्य: विकल्प (a)।
Answer: (i) c; (ii) d; (iii) d; (iv) a; (v) a
Where the marks are
- चार उपभागों के सही विकल्प, प्रत्येक (1 अंक)
Q4 · 4 marks · MCQGrammar
निर्देशानुसार 'वाच्य' पर आधारित पाँच बहुविकल्पी प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
- (i)1 mark
'ऋतुराज ने स्त्री-जीवन को अपनी कविताओं का केंद्र बनाया है ।' — इसका कर्मवाच्य में रूप होगा :
- (a)ऋतुराज से स्त्री-जीवन की कविताएँ लिखी गईं।
- (b)ऋतुराज द्वारा स्त्री-जीवन को अपनी कविताओं का केंद्र बनाया गया।
- (c)ऋतुराज ने स्त्री-जीवन को अपनी कविताओं का केंद्र बनवाया।
- (d)ऋतुराज स्त्री-जीवन के केंद्र में अपनी कविताओं की रचना करते थे।
- (ii)1 mark
निम्नलिखित में से कौन-सा वाक्य कर्तृवाच्य का उदाहरण नहीं है ?
- (a)बालगोबिन भगत अपने खेत में रोपनी कर रहे थे।
- (b)बालगोबिन भगत अपने खेत में रोपनी करवा रहा था।
- (c)बालगोबिन भगत ने अपने खेत में रोपनी की।
- (d)बालगोबिन भगत द्वारा अपने खेत में रोपनी की गई।
- (iii)1 mark
निम्नलिखित में से कौन-सा वाक्य भाववाच्य का उदाहरण नहीं है ?
- (a)बच्चों से किताब पढ़ी गई।
- (b)राधिका से नहीं दौड़ा गया।
- (c)मुझसे चला नहीं जाता।
- (d)लड़कों से खूब सोया गया।
- (iv)1 mark
'चलो, चला जाए ।' — वाक्य का कर्तृवाच्य होगा :
- (a)चलो, चलें।
- (b)चलो, चला गया।
- (c)चलते हैं।
- (d)चलो, जाऊँ।
- (v)1 mark
निम्नलिखित में से कर्तृवाच्य वाला वाक्य छाँटकर लिखिए :
- (a)तुम वहाँ क्यों जाते हो ?
- (b)उनसे गीत गाया न गया।
- (c)विपत्ति पड़ने पर उससे रोया नहीं जाता।
- (d)विद्यार्थियों से दौड़ा नहीं जाता।
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- 1 mark
(i) कर्म को कर्ता बनाकर 'द्वारा' और 'गया' के साथ: ऋतुराज द्वारा स्त्री-जीवन को अपनी कविताओं का केंद्र बनाया गया। उत्तर (b)।
- 1 mark
(ii) 'द्वारा ... की गई' कर्मवाच्य है, कर्तृवाच्य नहीं। उत्तर (d)।
- 1 mark
(iii) 'बच्चों से किताब पढ़ी गई' में सकर्मक क्रिया का कर्म है, अतः कर्मवाच्य है, भाववाच्य नहीं। उत्तर (a)।
- 1 mark
(iv) 'चलो, चला जाए' का कर्तृवाच्य 'चलो, चलें'। उत्तर (a)।
- 1 mark
(v) 'तुम वहाँ क्यों जाते हो?' में क्रिया कर्ता के अनुसार है, अतः कर्तृवाच्य। उत्तर (a)।
Answer: (i) b; (ii) d; (iii) a; (iv) a; (v) a
Where the marks are
- चार उपभागों के सही विकल्प, प्रत्येक (1 अंक)
Q5 · 4 marks · MCQGrammar
निर्देशानुसार 'पद-परिचय' पर आधारित निम्नलिखित वाक्यों के रेखांकित पदों में से किन्हीं चार के पद-परिचय के लिए सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
- (i)1 mark
'वह खिड़की से ऊपर की ओर देख रही थी ।' — रेखांकित अंश का पद-परिचय होगा :
- (a)रीतिवाचक क्रिया-विशेषण, विशेष्य क्रिया – देखना
- (b)स्थानवाचक क्रिया-विशेषण, विशेष्य क्रिया – खिड़की
- (c)कालवाचक क्रिया-विशेषण, विशेष्य क्रिया – देखना
- (d)स्थानवाचक क्रिया-विशेषण, विशेष्य क्रिया – देखना
- (ii)1 mark
थोड़ा दूध ले आओ । थोड़ा बोलो । — दोनों वाक्यों के थोड़ा का सामान्य पद-परिचय होगा :
- (a)पहला थोड़ा – संख्यावाची विशेषण; दूसरा थोड़ा – रीतिवाचक क्रिया-विशेषण
- (b)पहला थोड़ा – अनिश्चित संख्यावाची विशेषण; दूसरा थोड़ा – परिमाणवाची क्रिया-विशेषण
- (c)पहला थोड़ा – निश्चित परिमाणवाची विशेषण; दूसरा थोड़ा – अनिश्चित परिमाणवाची क्रिया-विशेषण
- (d)पहला थोड़ा – अनिश्चित परिमाणवाची विशेषण; दूसरा थोड़ा – अनिश्चित परिमाणवाची क्रिया-विशेषण
- (iii)1 mark
'दो-तीन बार वे अपने परिवार से मिलने बेल्जियम गए थे ।' — रेखांकित अंश का पद-परिचय होगा :
- (a)अकर्मक क्रिया, सामान्य भूतकाल, कर्तृवाच्य, 'वे' कर्ता का क्रिया।
- (b)अकर्मक क्रिया, सामान्य भूतकाल, कर्मवाच्य, 'वे' कर्ता का क्रिया।
- (c)सकर्मक क्रिया, सामान्य भूतकाल, कर्तृवाच्य 'वे' कर्ता का क्रिया।
- (d)सकर्मक क्रिया, वर्तमान काल, कर्तृवाच्य, 'वे' कर्ता का क्रिया।
- (iv)1 mark
कलकत्ता शहर बेहद सुंदर है । — रेखांकित शब्द का पद-परिचय होगा :
- (a)कलकत्ता – जातिवाचक संज्ञा; बहुवचन, स्त्रीलिंग, करण कारक।
- (b)कलकत्ता – व्यक्तिवाचक संज्ञा; एकवचन, पुल्लिंग, कर्ता कारक।
- (c)कलकत्ता – व्यक्तिवाचक संज्ञा; बहुवचन, स्त्रीलिंग, कर्म कारक, सुंदर है क्रिया का कर्म।
- (d)कलकत्ता – व्यक्तिवाचक संज्ञा; एकवचन, नपुंसकलिंग, कर्ता कारक, सुंदर क्रिया का कर्ता।
- (v)1 mark
सावधान ! तेज़ बारिश और आँधी की संभावना है । — रेखांकित अंश का पद-परिचय होगा :
- (a)विस्मयादिबोधक अव्यय, विस्मयसूचक
- (b)विस्मयादिबोधक अव्यय, हर्षसूचक
- (c)विस्मयादिबोधक अव्यय, चेतावनीसूचक
- (d)विस्मयादिबोधक अव्यय, संवेदनासूचक
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) 'ऊपर की ओर' देखने की जगह बताता है: स्थानवाचक क्रियाविशेषण, विशेष्य क्रिया 'देखना'। उत्तर (d)।
- 1 mark
(ii) पहला 'थोड़ा' दूध की मात्रा बताता है: अनिश्चित परिमाणवाची विशेषण; दूसरा 'बोलो' क्रिया की मात्रा बताता है: अनिश्चित परिमाणवाची क्रियाविशेषण। उत्तर (d)।
- 1 mark
(iii) 'गए थे' अकर्मक, सामान्य भूतकाल, कर्तृवाच्य, कर्ता 'वे'। उत्तर (a)।
- 1 mark
(iv) कलकत्ता व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिंग, कर्ताकारक। उत्तर (b)।
- 1 mark
(v) 'सावधान!' चेतावनी का भाव देने वाला विस्मयादिबोधक अव्यय। उत्तर (c)।
Answer: (i) d; (ii) d; (iii) a; (iv) b; (v) c
Where the marks are
- चार उपभागों के सही पद-परिचय, प्रत्येक (1 अंक)
Q6 · 4 marks · MCQGrammar
निर्देशानुसार 'अलंकार' पर आधारित पाँच बहुविकल्पी प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
- (i)1 mark
'गर्भन्ह के अर्भक दलन परसु मोर अति घोर' — इन पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है :
- (a)श्लेष अलंकार
- (b)अतिशयोक्ति अलंकार
- (c)उत्प्रेक्षा अलंकार
- (d)मानवीकरण अलंकार
- (ii)1 mark
'उठ रहा धुआँ, जल गया ताल ।
धँस गए धरा में, समय शाल ।' — प्रस्तुत पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है :- (a)श्लेष अलंकार
- (b)अतिशयोक्ति अलंकार
- (c)उत्प्रेक्षा अलंकार
- (d)मानवीकरण अलंकार
- (iii)1 mark
"मानो माई घनघन अंतर दामिनी ।
घन दामिनी दामिनी घन अंतर सोभित हरि-ब्रज भामिनी ।।" — प्रस्तुत पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है :- (a)श्लेष अलंकार
- (b)अतिशयोक्ति अलंकार
- (c)उत्प्रेक्षा अलंकार
- (d)मानवीकरण अलंकार
- (iv)1 mark
"जो रहीम गति दीप की कुल कपूत की सोय ।
बारे उजियारो करै, बढ़े अंधियारो होय ।" — प्रस्तुत पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार है :- (a)श्लेष अलंकार
- (b)अतिशयोक्ति अलंकार
- (c)उत्प्रेक्षा अलंकार
- (d)मानवीकरण अलंकार
- (v)1 mark
निम्नलिखित में से किस काव्य-पंक्ति में उत्प्रेक्षा अलंकार है ?
- (a)जिन दिन देखे वे कुसुम, गई सुबीति बहार ।
- (b)कहीं साँस लेते हो, घर-घर भर देते हो ।
- (c)मानो झूम रहे हों तरु भी मंद पवन के झोंकों से ।
- (d)ऊँचे हैं, लेकिन खजूर से मुँह है इसलिए कहते हैं ।
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) गर्भस्थ शिशुओं का भी नाश करने वाला फरसा, बढ़ा-चढ़ाकर कथन: अतिशयोक्ति। उत्तर (b)।
- 1 mark
(ii) धुआँ उठना, ताल का जलना, शाल का धँसना सब मानवीय क्रियाओं की तरह दिखाए गए हैं: मानवीकरण। उत्तर (d)।
- 1 mark
(iii) 'मानो' वाचक से बादल-बिजली जैसी कल्पना: उत्प्रेक्षा। उत्तर (c)।
- 1 mark
(iv) 'बारे' (जलाने/बचपन) और 'बढ़े' (बुझे/बड़ा होने) के दो अर्थ हैं: श्लेष। उत्तर (a)।
- 1 mark
(v) 'मानो झूम रहे हों तरु...' में मानो से संभावना है: उत्प्रेक्षा। उत्तर (c)।
Answer: (i) b; (ii) d; (iii) c; (iv) a; (v) c
Where the marks are
- चार उपभागों के सही अलंकार, प्रत्येक (1 अंक)
Q7 · 5 marks · Reading comprehensionCompetency-basedमन्नू भंडारी – एक कहानी यह भी
निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर पूछे गए बहुविकल्पी प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
चलते ही मैं दो-एक बार उनके कोप से बच गई थी। एक बार कॉलेज से प्रिंसिपल का पत्र आया कि पिता जी आकर मिलें और बताएँ कि मेरी गतिविधियों के कारण मेरे खिलाफ़ अनुशासनात्मक कार्यवाई क्यों न की जाए? पत्र पढ़ते ही पिता जी आग-बबूला। "यह लड़की मुझे कहीं मुँह दिखाने लायक नहीं रखेगी... पता नहीं क्या-क्या सुनना पड़ेगा वहाँ जाकर ! चार बच्चे पहले भी पढ़े, किसी ने ये दिन नहीं दिखाया।" गुस्से से भन्नाते हुए ही वे गए थे। लौटकर क्या कहर बरपा होगा, इसका अनुमान था, सो मैं पड़ोस की एक मित्र के यहाँ जाकर बैठ गई। माँ को कह दिया कि लौटकर बहुत कुछ गुबार निकल जाए, तब बुलाना। लेकिन जब माँ ने आकर कहा कि वे तो खुश ही हैं, चली चल, तो विश्वास नहीं हुआ। गई तो सही, लेकिन डरते-डरते। "सारे कॉलेज की लड़कियों पर इतना रौब है तेरा... सारा कॉलेज तुम तीन लड़कियों के इशारे पर चल रहा है ? प्रिंसिपल बहुत परेशान थी और बार-बार आग्रह कर रही थी कि मैं तुझे घर बिठा लूँ, क्योंकि वे लोग किसी तरह डरा-धमकाकर, डाँट-डपटकर लड़कियों को क्लासों में भेजते हैं और अगर तुम लोग एक इशारा कर दो कि क्लास छोड़कर बाहर आ जाओ तो सारी लड़कियाँ निकलकर मैदान में जमा होकर नारे लगाने लगती हैं। तुम लोगों के मारे कॉलेज चलाना मुश्किल हो गया है उन लोगों के लिए ।" कहाँ तो जाते समय पिता जी मुँह दिखाने से घबरा रहे थे और कहाँ बड़े गर्व से कहकर आए कि यह तो पूरे देश की पुकार है... इस पर कोई कैसे रोक लगा सकता है भला ?
- (i)1 mark
कॉलेज से प्रिंसिपल का पत्र आने पर लेखिका के पिता के क्रोध का कारण था :
- (a)प्रिंसिपल के सम्मुख जाना और उनकी बातें सुनना
- (b)लेखिका के कारण प्रिंसिपल के सामने लज्जित होने की आशंका
- (c)लेखिका को कॉलेज से निष्कासित किए जाने की आशंका
- (d)लेखिका के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की आशंका
- (ii)1 mark
लेखिका पड़ोस की मित्र के यहाँ जाकर क्यों बैठ गई ?
- (a)मित्र के साथ गपशप करने के लिए
- (b)परीक्षा की तैयारी करने के लिए
- (c)कॉलेज का कार्य पूरा करने के लिए
- (d)पिता के कोप से बचने के लिए
- (iii)1 mark
'गुबार निकल जाए, तब बुलाना' — पंक्ति का अर्थ है :
- (a)हवा शांत होने पर बुलाना
- (b)पिता जी के चले जाने पर बुलाना
- (c)क्रोध शांत होने पर बुलाना
- (d)मन प्रसन्न होने पर बुलाना
- (iv)1 mark
कॉलेज से लौटने पर लेखिका के पिता की प्रसन्नता का कारण था :
- (a)कॉलेज की लड़कियों पर पुत्री का बढ़ता प्रभाव
- (b)कॉलेज में पुत्री का किसी के नियंत्रण में न होना
- (c)कॉलेज की प्रिंसिपल द्वारा पुत्री को क्षमा कर दिया जाना
- (d)कॉलेज में पुत्री द्वारा नए कीर्तिमान स्थापित करना
- (v)1 mark
'यह तो पूरे देश की पुकार है... इस पर कोई कैसे रोक लगा सकता है भला ?' — गद्यांश की यह पंक्ति संकेत करती है :
- (a)देश की तत्कालीन आर्थिक परिस्थितियों को
- (b)देश की तत्कालीन सांस्कृतिक परिस्थितियों को
- (c)देश की तत्कालीन राजनैतिक परिस्थितियों को
- (d)देश की तत्कालीन सामाजिक परिस्थितियों को
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) पिता जी को डर था कि लेखिका के कारण उन्हें प्रिंसिपल के सामने मुँह दिखाने में लज्जित होना पड़ेगा। उत्तर (b)।
- 1 mark
(ii) लौटकर पिता के कहर का अनुमान था, इसलिए वह उनके कोप से बचने को मित्र के यहाँ जा बैठी। उत्तर (d)।
- 1 mark
(iii) गुबार निकलना यानी क्रोध शांत होना; तब बुलाना। उत्तर (c)।
- 1 mark
(iv) प्रिंसिपल ने बताया कि लड़कियों पर लेखिका का इतना रौब है, यही पिता की प्रसन्नता का कारण था। उत्तर (a)।
- 1 mark
(v) 'पूरे देश की पुकार' स्वतंत्रता आंदोलन की ओर संकेत है: राजनैतिक परिस्थितियाँ। उत्तर (c)।
Answer: (i) b; (ii) d; (iii) c; (iv) a; (v) c
Where the marks are
- (i) विकल्प (b) (1 अंक)
- (ii) विकल्प (d) (1 अंक)
- (iii) विकल्प (c) (1 अंक)
- (iv) विकल्प (a) (1 अंक)
- (v) विकल्प (c) (1 अंक)
Q8 · 2 marks · MCQस्वयं प्रकाश – नेताजी का चश्मा
निम्नलिखित गद्य पाठों के आधार पर बहुविकल्पी प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
- (i)1 mark
'नेताजी का चश्मा' पाठ के कैप्टन के विषय में हालदार साहब ने कौन-सा अनुमान नहीं लगाया ?
- (a)वह आज़ाद हिंद फ़ौज का सिपाही रहा होगा।
- (b)वह नेताजी सुभाष चंद्र बोस का साथी रहा होगा।
- (c)वह पक्का देशभक्त रहा होगा इसलिए नेताजी की मूर्ति बगैर चश्मे के नहीं देख सकता।
- (d)वह भारतीय सेना का भूतपूर्व सिपाही रहा होगा इसलिए उसका एक पैर भी नहीं है।
- (ii)1 mark
'संस्कृति' पाठ के आधार पर लिखिए कि जो मनुष्य के लिए कल्याणकारी नहीं है, वह :
- (a)न सभ्यता है और न संस्कृति।
- (b)न परंपरा है और न रीति-रिवाज।
- (c)न आविष्कार है और न अनुसंधान।
- (d)न खोज है और न प्रयोग।
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) हालदार साहब ने कैप्टन को आज़ाद हिंद फ़ौज का सिपाही या देशभक्त माना था; उसे भारतीय सेना का पूर्व सिपाही मानने का अनुमान नहीं लगाया। उत्तर (d)।
- 1 mark
(ii) 'संस्कृति' पाठ में जो मनुष्य के लिए कल्याणकारी नहीं, वह न सभ्यता है न संस्कृति। उत्तर (a)।
Answer: (i) d; (ii) a
Where the marks are
- (i) विकल्प (d) (1 अंक)
- (ii) विकल्प (a) (1 अंक)
Q9 · 5 marks · Reading comprehensionCompetency-basedनागार्जुन – यह दंतुरित मुसकान, फसल
निम्नलिखित पठित पद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
तुम्हारी यह दंतुरित मुस्कान
मृतक में भी डाल देगी जान
धूलि-धूसर तुम्हारे ये गात...
छोड़कर तालाब मेरी झोंपड़ी में खिल रहे जलजात
परस पाकर तुम्हारा ही प्राण,
पिघलकर जल बन गया होगा कठिन पाषाण
छू गया तुमसे कि झरने लग पड़े शेफालिका के फूल
बाँस था कि बबूल ?
तुम मुझे पाए नहीं पहचान ?
देखते ही रहोगे अनिमेष !
थक गए हो ?
आँख लूँ मैं फेर ?
क्या हुआ यदि हो सके परिचित न पहली बार ?
यदि तुम्हारी माँ न माध्यम बनी होती आज
मैं न सकता देख
मैं न पाता जान
तुम्हारी यह दंतुरित मुस्कान ।- (i)1 mark
काव्यांश में बच्चे की मुस्कान कैसी बताई गई है ?
(क) मासूम और दूधिया दाँतों को दिखाती
(ख) कठोर से कठोर व्यक्ति में भी कोमलता के भाव उत्पन्न कर देने वाली
(ग) निराश व्यक्ति के मन में भी उत्साह जगाने वाली
उपर्युक्त में सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाला विकल्प है :- (a)केवल (क)
- (b)केवल (क) और (ग)
- (c)केवल (ख) और (ग)
- (d)(क), (ख) और (ग) सभी
- (ii)1 mark
कवि ने नवजात शिशु की तुलना किससे की है ?
- (a)कमल के पुष्पों से
- (b)शेफालिका के पुष्पों से
- (c)बाँस के पुष्पों से
- (d)बबूल के पुष्पों से
- (iii)1 mark
"कवि को बच्चा अपरिचय की दृष्टि से एकटक देख रहा है ।" — यह भाव काव्यांश की किन पंक्तियों में व्यक्त हुआ है ?
- (a)क्या हुआ यदि हो सके परिचित न पहली बार ?
- (b)तुम मुझे पाए नहीं पहचान ? देखते ही रहोगे अनिमेष !
- (c)थक गए हो ? आँख लूँ मैं फेर ?
- (d)परस पाकर तुम्हारा ही प्राण, पिघलकर जल बन गया होगा कठिन पाषाण
- (iv)1 mark
प्रस्तुत काव्यांश का मूल भाव है :
- (a)मातृत्व
- (b)वात्सल्य
- (c)प्रेम
- (d)उम्मीद
- (v)1 mark
'शेफालिका' के फूलों की क्या विशेषता होती है ?
- (a)बच्चे उनके प्रति आकर्षित रहते हैं।
- (b)मज़बूती से डालियों में लगे रहते हैं।
- (c)उनको कोई भी तोड़ नहीं पाता है।
- (d)हल्की हवा से भी झरने लगते हैं।
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) मुस्कान मासूम है, कठोर को कोमल बनाती है और निराश में जान डालती है: (क), (ख), (ग) सभी। उत्तर (d)।
- 1 mark
(ii) 'तालाब छोड़कर झोंपड़ी में खिल रहे जलजात' में शिशु की तुलना कमल के पुष्पों से है। उत्तर (a)।
- 1 mark
(iii) अपरिचय से एकटक देखने का भाव 'तुम मुझे पाए नहीं पहचान? देखते ही रहोगे अनिमेष!' में है। उत्तर (b)।
- 1 mark
(iv) काव्यांश का मूल भाव पिता का शिशु के प्रति वात्सल्य है। उत्तर (b)।
- 1 mark
(v) शेफालिका के फूल हल्की हवा से भी झरने लगते हैं। उत्तर (d)।
Answer: (i) d; (ii) a; (iii) b; (iv) b; (v) d
Where the marks are
- (i) विकल्प (d) (1 अंक)
- (ii) विकल्प (a) (1 अंक)
- (iii) विकल्प (b) (1 अंक)
- (iv) विकल्प (a)... सही (b) (1 अंक)
- (v) विकल्प (d) (1 अंक)
Q10 · 2 marks · MCQजयशंकर प्रसाद – आत्मकथ्य
पद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित दो बहुविकल्पी प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
- (i)1 mark
जयशंकर प्रसाद अपनी आत्मकथा क्यों नहीं लिखना चाहते हैं ?
- (a)वह एक सामान्य व्यक्ति की भोली कथा है।
- (b)वह कथा दुर्बलताओं से भरी हुई है।
- (c)उसमें दूसरों के दिए धोखे और छल हैं।
- (d)विनम्र स्वभाववश स्वयं को सामान्य मानव मानते हैं।
- (ii)1 mark
कवि के अनुमानों के आधार पर बताइए कि निम्नलिखित में से 'संगतकार' मुख्य गायक की सहायता किस रूप में नहीं करता ।
- (a)मुख्य गायक के छोटे भाई के रूप में
- (b)मुख्य गायक के शिष्य के रूप में
- (c)मुख्य गायक के दूर के रिश्तेदार के रूप में
- (d)मुख्य गायक के बेटे के रूप में
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- 1 mark
(i) 'आत्मकथ्य' में प्रसाद विनम्रतावश स्वयं को सामान्य मानव मानते हैं, इसलिए आत्मकथा नहीं लिखना चाहते। उत्तर (d)।
- 1 mark
(ii) कविता में संगतकार मुख्य गायक का छोटा भाई, शिष्य या रिश्तेदार हो सकता है, बेटे का उल्लेख नहीं है। उत्तर (d)।
Answer: (i) d; (ii) d
Where the marks are
- (i) विकल्प (d) (1 अंक)
- (ii) विकल्प (d) (1 अंक)
Section ब
वर्णनात्मक प्रश्न; प्रश्न 11-13 सहित वैकल्पिक खंड
Q11 · 6 marks · Very short answerयतींद्र मिश्र – नौबतखाने में इबादत
गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए :
- (क)2 marks
बिस्मिल्ला खाँ की एक संगीत साधक के रूप में क्या विशेषताएँ थीं ? सोदाहरण स्पष्ट कीजिए ।
- (ख)2 marks
लेखक की आँखों से देखा गया बालगोबिन भगत की 'प्रभाती' का दृश्य कैसा था ? अपने शब्दों में लिखिए ।
- (ग)2 marks
'नेताजी का चश्मा' पाठ में चश्मे के बहाने से देशभक्ति की भावना पर किस प्रकार बल दिया गया है ? स्पष्ट कीजिए ।
- (घ)2 marks
'संस्कृति' पाठ के आधार पर लिखिए कि आज के विज्ञान के विद्यार्थियों को लेखक न्यूटन के मुकाबले कहाँ देखता है । उसकी बातों से अपनी सहमति/असहमति तर्कों द्वारा साबित कीजिए ।
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(क) बिस्मिल्ला खाँ सच्चे सुर के साधक थे; पाँचों वक्त की नमाज़ में खुदा से सच्चा सुर माँगते थे।
- 1 mark
अस्सी बरस की उम्र में भी शहनाई का रोज़ाना रियाज़ करते थे, जो उनकी लगन दिखाता है।
- 1 mark
(ख) कार्तिक से फागुन तक भगत बहुत सवेरे स्नान कर तालाब के ऊँचे टीले पर कबीर के पद गाते थे; माघ में कोहरे के बीच कुश की चटाई पर पूरब की ओर मुँह कर, काला कंबल ओढ़े खँजड़ी बजाकर गाते थे।
- 1 mark
गाने की उत्तेजना से उनके माथे पर पसीने की बूँदें झलकती थीं।
- 1 mark
(ग) चश्मा देश के शहीदों के प्रति आदर दिखाता है। कैप्टन जैसा अकेला साधारण व्यक्ति भी छोटे-से कार्य से देशभक्ति कर सकता है।
- 1 mark
बच्चों का सरकंडे का चश्मा भावी पीढ़ी में देशभक्ति की भावना के जागने का प्रतीक है।
- 1 mark
(घ) लेखक के अनुसार आज का विद्यार्थी न्यूटन से अधिक सभ्य है और उसे अनेक नई बातों का ज्ञान है।
- 1 mark
सहमति: न्यूटन के बाद विज्ञान ने बहुत नई खोजें कीं, जिनका ज्ञान आज के छात्र को है।
Answer: किन्हीं तीन भागों के उत्तर ऊपर दिए गए हैं।
Where the marks are
- (क) सच्चे सुर की साधना (1 अंक)
- (क) अस्सी बरस में भी रियाज़ (1 अंक)
- (ख) सवेरे टीले पर कबीर के पद, कोहरे में भी गायन (1 अंक)
- (ख) पसीने की बूँदें झलकना (1 अंक)
- (ग) शहीदों का आदर, अकेले का देशभक्ति कार्य, भावी पीढ़ी में भावना (2 अंक)
- (घ) अधिक सभ्य और नई बातों का ज्ञान, तर्क सहित सहमति (2 अंक)
Q12 · 6 marks · Very short answerसूरदास – पद
पद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए :
- (क)2 marks
'सूरदास' के पद के आधार पर लिखिए कि 'हारिल पक्षी' के उदाहरण से गोपियाँ अपने बारे में क्या बताना चाहती हैं ।
- (ख)2 marks
आपके पाठ्यक्रम में कौन-सी कविता फागुन के सौंदर्य पर केंद्रित है ? उसका नाम लिखते हुए बताइए कि उसमें कवि के किन मनोभावों का उल्लेख हुआ है ।
- (ग)2 marks
'लक्ष्मण की बातें परशुराम के गुस्से को और बढ़ा रही थीं ।' — 'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' कविता के आलोक में इस कथन की पुष्टि कीजिए ।
- (घ)2 marks
" 'संगतकार' जैसे व्यक्तियों के योगदान पर समाज का उतना ध्यान नहीं गया है और उन्हें यथोचित सम्मान भी नहीं मिला है ।" — इस कथन पर 'संगतकार' कविता के संदर्भ में टिप्पणी कीजिए ।
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(क) हारिल जैसे लकड़ी को कसकर पकड़े रहता है, वैसे ही गोपियाँ कृष्ण के प्रति एकनिष्ठ प्रेम में अटल हैं।
- 1 mark
वे मन, वचन, कर्म से कृष्ण को ही अपना एकमात्र सहारा मानती हैं और सोते-जागते उन्हें ही याद करती हैं।
- 1 mark
(ख) 'अट नहीं रही है' (निराला) फागुन के सौंदर्य पर केंद्रित है।
- 1 mark
कवि फागुन के प्राकृतिक सौंदर्य में खो जाता है, उसके मन को कल्पना के पंख लग जाते हैं और सौंदर्य से मन नहीं भरता।
- 1 mark
(ग) लक्ष्मण बार-बार व्यंग्य करते हैं कि हमने बचपन में ऐसे कई छोटे धनुष तोड़े, पुराने धनुष के टूटने से क्या हानि-लाभ।
- 1 mark
वे कहते हैं कि फरसा दिखाने से कोई नहीं डरेगा, वीर रण में वीरता दिखाते हैं और कायर अपनी बड़ाई करते हैं; इन ताने भरी बातों से परशुराम का क्रोध बढ़ा।
- 1 mark
(घ) संगतकार मुख्य गायक का साथ देकर उसका उत्साह बढ़ाता और अकेलापन नहीं होने देता, फिर भी श्रेय केवल मुख्य गायक को मिलता है।
- 1 mark
समाज में पहचान मुख्य गायक की होती है और संगतकार पृष्ठभूमि में रह जाता है, उसे यथोचित सम्मान नहीं मिलता।
Answer: किन्हीं तीन भागों के उत्तर ऊपर दिए गए हैं।
Where the marks are
- (क) एकनिष्ठ प्रेम, कृष्ण एकमात्र सहारा (1+1 अंक)
- (ख) कविता 'अट नहीं रही है' (½) और मनोभाव (1½) (2 अंक)
- (ग) लक्ष्मण के व्यंग्य के दो उदाहरण (1+1 अंक)
- (घ) संगतकार को श्रेय नहीं, पृष्ठभूमि में रहना (2 अंक)
Q13 · 8 marks · Short answerसाना-साना हाथ जोड़ि...
पूरक पाठ्य-पुस्तक के पाठों पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए :
- (क)4 marks
" 'साना-साना हाथ जोड़ि' में मनोरम प्राकृतिक दृश्यों के चित्रण के साथ-साथ लेखिका की आंतरिक यात्रा का अंकन भी है ।" — पाठ के आधार पर इन दोनों पक्षों पर प्रकाश डालिए ।
- (ख)4 marks
किसी एक रचनाकार की रचना, प्रेरणा अथवा जीवन किसी दूसरे व्यक्ति को किसी रचना के लिए कैसे प्रेरित कर सकते हैं ? 'मैं क्यों लिखता हूँ' पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए ।
- (ग)4 marks
आज हमारा जीवन तकनीक और वस्तुओं पर निर्भर हो चला है जबकि भोलानाथ और उसके साथी इन सबसे परे होकर भी अत्यंत प्रसन्न और समृद्ध बचपन को जी रहे थे । आज के बच्चों को एक भरा-पूरा और अनुभव-सम्पन्न बचपन देने के लिए आप क्या सुझाव देंगे ? पाठ के अनुभव के आधार पर उत्तर दीजिए ।
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- 2 marks
(क) प्राकृतिक चित्रण (2 अंक): लेखिका ने सिक्किम में चाय के बागान, रंग-बिरंगे फूलों से भरी घाटियाँ, धुंध और बर्फ़ से ढके पहाड़, झरने और नदियाँ देखीं। बादलों से ढका आसमान और पल-पल रंग बदलता हिमालय उसे मोहित करता है।
- 2 marks
(क) आंतरिक यात्रा (2 अंक): इस सौंदर्य के सामने लेखिका बार-बार अपने भीतर डूब जाती है और तामसिकताओं तथा इंद्रियों से मुक्ति का अनुभव करती है। वह पूरे देश की आस्थाओं-रीतियों की एकरूपता और प्रकृति से मनुष्य के संबंध पर सोचती है। प्रकृति की विराटता के सामने उसे मनुष्य का अस्तित्व क्षीण लगता है।
- 2 marks
(ख) प्रेरणा (2 अंक): 'मैं क्यों लिखता हूँ' में अज्ञेय बताते हैं कि किसी रचनाकार की रचना पढ़कर, उसके व्यक्तित्व और जीवन की चुनौतियों से सीखकर दूसरा व्यक्ति लिखने के लिए प्रेरित हो सकता है। उसकी रचना-प्रक्रिया को समझना भी प्रेरणा देता है।
- 2 marks
(ख) पाठ के संदर्भ में (2 अंक): लेखक की रचना-प्रक्रिया, भीतरी विवशता और जीवन के अनुभवों-संघर्षों को जानकर पाठक भी अपने अनुभवों को शब्द देने के लिए प्रेरित होता है। लेखन भीतर की तड़प से निकलता है।
- 2 marks
(ग) सुझाव (4 अंक): 'माता का अँचल' का भोलानाथ प्रकृति और साथियों के बीच खेलकर समृद्ध बचपन जीता है। आज के बच्चों को तकनीक का सीमित और समुचित उपयोग करने दिया जाए तथा स्क्रीन से दूरी रखी जाए।
- 2 marks
(ग) शेष सुझाव: बच्चों को प्राकृतिक परिवेश का आनंद लेने का अवसर दें। माता-पिता उन्हें पर्याप्त समय दें, उनके साथ खेलें। मिट्टी, पेड़ जैसे प्राकृतिक खिलौनों से खेलने दें और साथियों-पड़ोसियों से मेलजोल बढ़ाने दें, जिससे सामाजिकता विकसित हो।
Answer: किन्हीं दो उपभागों के उत्तर ऊपर दिए गए हैं (प्रत्येक 4 अंक)।
Where the marks are
- (क) प्राकृतिक चित्रण के दो बिंदु (2 अंक)
- (क) आंतरिक यात्रा के दो बिंदु (2 अंक)
- (ख) प्रेरणा के बिंदु (2 अंक)
- (ख) पाठ के संदर्भ में बिंदु (2 अंक)
- (ग) सुझाव के चार बिंदु (4 अंक)
Answer one of these 3 alternatives.
Q14(a) · 6 marks · WritingWriting
निम्नलिखित तीन विषयों में से किसी एक विषय पर संकेत बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में सारगर्भित अनुच्छेद लिखिए :
(क) मेरे सपनों का देश
• देश और देशवासियों का अनोखा संबंध
• मेरी कल्पनाओं का देश — खूबियाँ और मंज़िलें
• देश-निर्माण में बतौर नागरिक मेरा योगदान
• हमें किन प्रयासों की जरूरत है ?Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
भूमिका: देश और देशवासियों का संबंध माँ और संतान जैसा अनोखा होता है। देश हमें पहचान, संस्कार और सुरक्षा देता है, और हम उसके प्रति कर्तव्य निभाते हैं। मैं भी अपने सपनों के देश की कल्पना करता/करती हूँ।
- 1 mark
विषयवस्तु: मेरे सपनों का देश वह है जहाँ सब शिक्षित, स्वस्थ और आत्मनिर्भर हों। वहाँ जाति-धर्म का भेदभाव न हो, भ्रष्टाचार और गरीबी न हो, स्वच्छ वातावरण और सबको समान अवसर मिलें। यही उसकी खूबियाँ और हमारी मंज़िलें हैं।
- 1 mark
देश-निर्माण में एक नागरिक के रूप में मैं ईमानदारी से पढ़ाई-काम करूँगा/करूँगी, नियम-कानून मानूँगा/मानूँगी, पर्यावरण बचाऊँगा/बचाऊँगी और ज़रूरतमंदों की मदद करूँगा/करूँगी।
- 1 mark
इसके लिए शिक्षा-सुधार, रोज़गार, नैतिक मूल्यों के प्रसार और सामूहिक प्रयासों की ज़रूरत है।
- 1 mark
निष्कर्ष: यदि हर नागरिक अपना कर्तव्य निभाए तो यह स्वप्न साकार हो सकता है।
- 1 mark
भाषा-शुद्धता: शुद्ध, प्रवाहपूर्ण भाषा, लगभग 120 शब्द।
Answer: संकेत-बिंदुओं पर आधारित लगभग 120 शब्दों का अनुच्छेद (भूमिका 1, विषयवस्तु 3, निष्कर्ष 1, भाषा 1)।
Where the marks are
- भूमिका (1 अंक)
- विषयवस्तु: चारों संकेत-बिंदु (3 अंक)
- निष्कर्ष (1 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
OR
Q14(b) · 6 marks · WritingWriting
(ख) ऑनलाइन शिक्षा और शिक्षार्थियों की मूल-भूत आवश्यकताएँ
• शिक्षार्थियों की मूल आवश्यकताएँ
• ऑनलाइन माध्यम : पहुँच और सीमाएँ
• किन मूल आवश्यकताओं की पूर्ति ऑनलाइन से असंभव
• उससे मिला सबकTry it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
भूमिका: कोरोना काल में ऑनलाइन शिक्षा शिक्षा का प्रमुख साधन बनी, पर शिक्षार्थी की ज़रूरतें केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं हैं।
- 1 mark
विषयवस्तु: शिक्षार्थी को ज्ञान के साथ मार्गदर्शन, साथियों का साथ, खेल, अनुशासन और संवाद की भी ज़रूरत होती है। ऑनलाइन माध्यम से घर बैठे पढ़ना, रिकॉर्डिंग दोबारा देखना और दूर-दराज़ तक पहुँच संभव हुई, पर नेटवर्क, उपकरणों की कमी और एकाग्रता की समस्या इसकी सीमाएँ हैं।
- 1 mark
शिक्षक से प्रत्यक्ष संपर्क, सामूहिक गतिविधियाँ, खेल-कूद, सामाजिक विकास और प्रयोगशाला का अनुभव ऑनलाइन से पूरे नहीं हो सकते।
- 1 mark
इस अनुभव से सबक मिला कि ऑनलाइन शिक्षा कक्षा-शिक्षण का पूरक हो सकती है, विकल्प नहीं।
- 1 mark
निष्कर्ष: संतुलित और सबके लिए सुलभ शिक्षा-व्यवस्था ही सर्वोत्तम है।
- 1 mark
भाषा-शुद्धता: शुद्ध भाषा, लगभग 120 शब्द।
Answer: संकेत-बिंदुओं पर आधारित लगभग 120 शब्दों का अनुच्छेद (भूमिका 1, विषयवस्तु 3, निष्कर्ष 1, भाषा 1)।
Where the marks are
- भूमिका (1 अंक)
- विषयवस्तु: चारों संकेत-बिंदु (3 अंक)
- निष्कर्ष (1 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
OR
Q14(c) · 6 marks · WritingWriting
(ग) दूर के ढोल सुहावने लगते हैं
• दूर से कोई वस्तु/बात आकर्षक प्रतीत होती है
• अनजाने/अपरिचय का आकर्षण और जानने से उत्पन्न परेशानी
• दूर का आकर्षण नजदीक की समस्या
• सोच-समझकर किसी आकर्षण को अपनानाTry it first, then show our solutionSolution
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भूमिका: 'दूर के ढोल सुहावने लगते हैं' कहावत का अर्थ है कि दूर से हर चीज़ आकर्षक दिखती है, पास जाने पर उसकी सच्चाई सामने आती है।
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विषयवस्तु: अनजानी वस्तु, स्थान या पेशे का आकर्षण हमें खींचता है, जैसे विदेश का जीवन या फ़िल्मी दुनिया की चमक। पर निकट जाने पर कठिनाइयाँ और कमियाँ दिखती हैं।
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दूर का आकर्षण अक्सर पास की समस्याओं और अपनों की अनदेखी का कारण बनता है। जो हमारे पास है उसकी कद्र नहीं होती।
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इसलिए किसी आकर्षण को अपनाने से पहले पूरी जानकारी लेकर सोच-समझकर निर्णय लेना चाहिए।
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निष्कर्ष: चमक-दमक पर नहीं, यथार्थ पर भरोसा रखकर ही सही निर्णय होता है।
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भाषा-शुद्धता: शुद्ध भाषा, लगभग 120 शब्द।
Answer: संकेत-बिंदुओं पर आधारित लगभग 120 शब्दों का अनुच्छेद (भूमिका 1, विषयवस्तु 3, निष्कर्ष 1, भाषा 1)।
Where the marks are
- भूमिका (1 अंक)
- विषयवस्तु: चारों संकेत-बिंदु (3 अंक)
- निष्कर्ष (1 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
Answer one of these 2 alternatives.
Q15(क) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting
आप मानव कुमार/मानसी कुमारी हैं । आपने अपने घर में 'नूतन टेलीकॉम' का 'वाई-फाई' लगवाया है । आए दिन वह खराब होता है । उस कंपनी के 'ग्राहक सेवा' से भी आपको मदद नहीं मिल रही है और आप रोज़ परेशान हो रहे/रही हैं । स्थानीय अख़बार के संपादक को लगभग 100 शब्दों में पत्र लिख कर अपनी समस्या पर कंपनी का ध्यान आकर्षित कीजिए ।
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प्रारूप (1 अंक): सेवा में, संपादक महोदय, (स्थानीय समाचार-पत्र का नाम), (शहर); दिनांक; विषय: 'नूतन टेलीकॉम' के वाई-फाई की खराब सेवा के संबंध में; संबोधन: महोदय; अंत में भवदीय/प्रार्थी, मानव कुमार, पता।
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विषयवस्तु (3 अंक): मैंने अपने घर में 'नूतन टेलीकॉम' का वाई-फाई लगवाया था, पर वह आए दिन खराब रहता है। कई बार शिकायत करने पर भी ग्राहक सेवा से कोई सहायता नहीं मिली, फ़ोन उठाया नहीं जाता या आश्वासन देकर टाल दिया जाता है।
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इससे ऑनलाइन पढ़ाई और कार्यालय का काम बाधित होता है, मानसिक परेशानी होती है और पैसा बेकार जाता है।
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आपके समाचार-पत्र के माध्यम से मैं कंपनी से अनुरोध करता/करती हूँ कि सेवा शीघ्र सुधारे और ग्राहक-सेवा को जवाबदेह बनाए।
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भाषा-शुद्धता (1 अंक): शुद्ध, विनम्र और औपचारिक भाषा, लगभग 100 शब्द।
Answer: संपादक को औपचारिक पत्र (प्रारूप 1, विषयवस्तु 3, भाषा 1)।
Where the marks are
- उचित प्रारूप: प्रेषक/प्राप्तकर्ता, विषय, संबोधन, अंत (1 अंक)
- समस्या और शिकायतों का वर्णन (1 अंक)
- समस्या से हो रही परेशानी (1 अंक)
- कंपनी से अपेक्षा और अनुरोध (1 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
OR
Q15(ख) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting
आप लक्षिता/लक्ष्य हैं । आप उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने वाली/वाले हैं । इस बात से आपकी माँ भावनात्मक रूप से बेहद परेशान हैं । उनको समझाते हुए और अपने भविष्य के सपनों के बारे में बताते हुए लगभग 100 शब्दों में एक पत्र लिखिए ।
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प्रारूप (1 अंक): पता और दिनांक; संबोधन: पूज्य माँ, सादर प्रणाम; अंत में आपका प्रिय पुत्र/पुत्री, लक्ष्य/लक्षिता।
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विषयवस्तु (3 अंक): माँ, मैं जानता/जानती हूँ कि मेरे विदेश जाने से आप चिंतित और भावुक हैं। यह निर्णय मैंने आपके आशीर्वाद और अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए लिया है।
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वहाँ उच्च शिक्षा लेकर मैं अपने क्षेत्र में विशेषज्ञता पाना और फिर देश लौटकर उसके विकास में योगदान देना चाहता/चाहती हूँ। आजकल फ़ोन-वीडियो कॉल से रोज़ बात होगी और छुट्टियों में मिलने आऊँगा/आऊँगी।
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आप अपनी सेहत का ध्यान रखिए और मुझे हँसकर विदा कीजिए, यही मेरा संबल होगा। आपके सपने पूरे करना मेरा लक्ष्य है।
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भाषा-शुद्धता (1 अंक): आत्मीय, शुद्ध भाषा, लगभग 100 शब्द।
Answer: माँ को अनौपचारिक पत्र (प्रारूप 1, विषयवस्तु 3, भाषा 1)।
Where the marks are
- उचित अनौपचारिक प्रारूप (1 अंक)
- माँ की चिंता को समझना और निर्णय का कारण (1 अंक)
- भविष्य के सपने और योजनाएँ (1 अंक)
- संपर्क बनाए रखने का आश्वासन और आशीर्वाद की माँग (1 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
Answer one of these 2 alternatives.
Q16(क) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting
सौंदर्य उत्पाद बनाने वाली कंपनी 'सौंदर्या' को अपने उत्पाद के प्रचार-प्रसार और बिक्री बढ़ाने हेतु कुछ नवयुवक-नवयुवतियों की आवश्यकता है जो घर-घर जाकर लोगों से संपर्क कर सके । अपनी योग्यता, रुचि और अनुभव का परिचय देते हुए लगभग 80 शब्दों में एक स्ववृत्त तैयार कीजिए ।
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प्रारूप (1 अंक): शीर्षक 'स्ववृत्त'; नाम, पता, फ़ोन, ई-मेल, जन्म-तिथि, पद का नाम (विक्रय प्रतिनिधि) क्रमबद्ध शीर्षकों में।
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विषयवस्तु (3 अंक): शैक्षिक योग्यता: बारहवीं (वाणिज्य) 85%, स्नातक (अध्ययनरत); कंप्यूटर का बुनियादी ज्ञान। अनुभव: अपने मोहल्ले में स्वयं-सहायता समूह के उत्पाद घर-घर जाकर बेचने का एक वर्ष का अनुभव।
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रुचि: लोगों से मिलना-बात करना, सौंदर्य-उत्पादों की जानकारी; कौशल: मधुर वाणी, अच्छा संप्रेषण, हिंदी-अंग्रेज़ी दक्षता, परिश्रमी स्वभाव।
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अन्य: स्कूल की वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में पुरस्कार; घोषणा: उपर्युक्त सूचना सत्य है। दिनांक और हस्ताक्षर।
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भाषा-शुद्धता (1 अंक): संक्षिप्त शुद्ध भाषा, लगभग 80 शब्द।
Answer: विक्रय प्रतिनिधि पद हेतु स्ववृत्त (प्रारूप 1, विषयवस्तु 3, भाषा 1)।
Where the marks are
- उचित प्रारूप (1 अंक)
- व्यक्तिगत विवरण और शैक्षिक योग्यता (1 अंक)
- अनुभव, रुचि और कौशल (1 अंक)
- घोषणा, दिनांक और हस्ताक्षर (1 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
OR
Q16(ख) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting
आपका नाम शाश्वत/शाश्वती है । आपने ऑनलाइन खरीदारी में 'मनोकाम' वेबसाइट से एक घड़ी मँगवाई थी । दो महीने में ही घड़ी ने काम करना बंद कर दिया । कंपनी के 'ग्राहक सेवा' को लगभग 80 शब्दों में ई-मेल लिखकर शिकायत कीजिए और उचित मुआवज़े की माँग भी कीजिए ।
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प्रारूप (1 अंक): प्रति: ग्राहक सेवा, 'मनोकाम' (customercare@manokam.com); विषय: दोषपूर्ण घड़ी के संबंध में शिकायत और मुआवज़े की माँग; संबोधन: महोदय; अंत में भवदीय, शाश्वत, संपर्क-विवरण।
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विषयवस्तु (3 अंक): मैंने आपकी वेबसाइट से (आदेश संख्या सहित) एक घड़ी मँगवाई थी, जो केवल दो महीने में ही बंद हो गई। इसकी शिकायत मैंने पहले भी की, पर कोई समाधान नहीं मिला।
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यह उत्पाद की गुणवत्ता में कमी और सेवा की लापरवाही दर्शाता है, जिससे मुझे आर्थिक हानि और असुविधा हुई।
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अतः मेरा अनुरोध है कि घड़ी बदली जाए या पूरा मूल्य लौटाया जाए और हुई परेशानी के लिए उचित मुआवज़ा दिया जाए। अन्यथा उपभोक्ता मंच जाने को बाध्य हूँगा/हूँगी।
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भाषा-शुद्धता (1 अंक): औपचारिक और शुद्ध भाषा, लगभग 80 शब्द।
Answer: ग्राहक सेवा को औपचारिक ई-मेल (प्रारूप 1, विषयवस्तु 3, भाषा 1)।
Where the marks are
- ई-मेल प्रारूप: प्रति, विषय, संबोधन, अंत (1 अंक)
- खरीद और घड़ी खराब होने का विवरण (1 अंक)
- असंतोष और असुविधा का उल्लेख (1 अंक)
- बदलने या वापसी और मुआवज़े की माँग (1 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
Answer one of these 2 alternatives.
Q17(क) · 4 marks · WritingCompetency-basedWriting
स्वच्छता के प्रचार-प्रसार के लिए एक जनहितकारी विज्ञापन प्रदेश सरकार की ओर से लगभग 60 शब्दों में तैयार कीजिए ।
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रचनात्मकता और प्रस्तुति (1 अंक): आकर्षक शीर्षक/नारा: 'स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत — जागो, सफ़ाई अपनाओ!' और प्रदेश सरकार का नाम व जनहित में जारी।
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विषयवस्तु (2 अंक): स्वच्छता बीमारियों से बचाती है और जीवन सुखी बनाती है। कूड़ा कूड़ेदान में डालें, गीले-सूखे कचरे को अलग रखें, नदियाँ-सड़कें साफ़ रखें और घर-मोहल्ले में सफ़ाई अभियान चलाएँ। आपकी छोटी पहल से बड़ा बदलाव आएगा।
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भाषा-शुद्धता (1 अंक): सरल, प्रभावी शुद्ध भाषा, लगभग 60 शब्द।
Answer: प्रदेश सरकार की ओर से स्वच्छता पर जनहितकारी विज्ञापन (रचनात्मकता 1, विषयवस्तु 2, भाषा 1)।
Where the marks are
- आकर्षक शीर्षक/नारा और प्रस्तुति (1 अंक)
- स्वच्छता का महत्त्व और अपील (1 अंक)
- करने योग्य उपाय (1 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
OR
Q17(ख) · 4 marks · WritingCompetency-basedWriting
आपका नाम सीमा पटेल/महेश कुलकर्णी है । आपके चाचा अपने पैतृक-गाँव में जाकर बच्चों के लिए एक विद्यालय शुरू कर रहे हैं । उनके इस कार्य की सफलता हेतु लगभग 60 शब्दों में शुभकामना संदेश लिखिए ।
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प्रारूप (1 अंक): शीर्षक 'शुभकामना संदेश'; दिनांक; संबोधन: आदरणीय चाचा जी; अंत में आपका भतीजा/भतीजी, सीमा पटेल।
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विषयवस्तु (2 अंक): आपने अपने पैतृक गाँव में बच्चों के लिए विद्यालय शुरू करने का जो नेक कार्य किया है, वह सराहनीय है। शिक्षा से गाँव के बच्चों का भविष्य सँवरेगा और गाँव प्रगति करेगा।
मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ हैं कि आपका यह प्रयास सफल हो, विद्यालय खूब फले-फूले। मैं हर संभव सहयोग के लिए तैयार हूँ।
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भाषा-शुद्धता (1 अंक): आत्मीय, शुद्ध भाषा, लगभग 60 शब्द।
Answer: चाचा जी के लिए शुभकामना संदेश (प्रारूप 1, विषयवस्तु 2, भाषा 1)।
Where the marks are
- संदेश का उचित प्रारूप (1 अंक)
- कार्य की प्रशंसा और उसका महत्त्व (1 अंक)
- सफलता की शुभकामना और सहयोग का आश्वासन (1 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
Source: official question paper, cbse.gov.in. Chapter tags and solutions are ours. Spotted a transcription error? Write tosupport@questionbuddy.in.