CBSE Class 10 Hindi Course B 2023: question 11
Set in the CBSE Class 10 board exam of 2023, paper 4/2/1, section ब, question 11, for 6 marks. Try it first; the hints and our step-by-step solution are below.
Q11 · 6 marks · Very short answerCompetency-basedनिदा फ़ाज़ली – अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले
गद्य पाठों पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए : 2×3=6
- (क)3 marks
'अब कहाँ दूसरों के दुख से दुखी होने वाले' पाठ में लेखक की माँ उन्हें प्रकृति का ख़्याल रखने के बारे में क्या-क्या बताती थीं ? इनके माध्यम से वह लेखक में किन जीवन-मूल्यों का विकास करना चाहती थी ?
- (ख)3 marks
'तताँरा-वामीरो कथा' का नायक अपने क्रोध का शमन करने के लिए तलवार को धरती में घोंप उसे दूर तक ले जाता है । आप अपने निजी जीवन में क्रोध का शमन करने के लिए क्या-क्या करते हैं ?
- (ग)3 marks
'तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र' पाठ से लिए गए कथन — "ऐसा नहीं कि शैलेंद्र बीस सालों तक फ़िल्म इंडस्ट्री में रहते हुए भी वहाँ के तौर-तरीकों से नावाकिफ़ थे, परंतु उनमें उलझकर वे अपनी आदमियत नहीं खो सके थे ।" — के संदर्भ में शैलेंद्र की विशेषताएँ लिखिए ।
Source: official question paper from cbse.gov.in (PDF). See it in the full 2023 board paper, set 4/2/1.
Hints
Open one hint at a time and try again before the next.
Hint 1
(क) पाठ में माँ की दी हुई सीखों को याद कीजिए: फूल, दरिया, कबूतर, मुर्गा।
Hint 2
(ख) अपने जीवन से सच्चे और व्यावहारिक उपाय लिखिए।
Hint 3
(ग) 'आदमियत न खोना' का अर्थ सोचिए: सादगी, संवेदनशीलता और निर्लोभ।
Step-by-step solution
Each step shows the marks it earns, as an examiner would award them. Checked by an independent re-solve from the question paper.
- 2 marks
(क) माँ प्रकृति के बारे में बताती थीं: दीया-बाती के समय फूल मत तोड़ो, फूल बददुआ देते हैं। दरिया पर जाओ तो उसे सलाम करो, वह खुश होता है। कबूतरों को मत सताओ, वे हज़रत मोहम्मद को प्रिय हैं। मुर्गे को परेशान मत करो, वह मुल्ला जी से पहले अज़ान देकर सबको जगाता है। (कोई दो बातें लिखने पर 2 अंक)
- 1 mark
इनसे माँ लेखक में प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता, दया और सम्मान का मूल्य विकसित करना चाहती थीं।
- 3 marks
(ख) मुक्त उत्तर, तर्कसंगत होने पर मान्य। उदाहरण: क्रोध आने पर मैं गहरी साँस लेकर पानी पीता/पीती हूँ और उस जगह से हट जाता/जाती हूँ। फिर टहलता/टहलती हूँ या संगीत सुनता/सुनती हूँ। शांत होकर ही बात करता/करती हूँ ताकि पछतावा न हो।
(ग) (वैकल्पिक, केवल दो भाग करने हैं) शैलेंद्र भावुक और संवेदनशील कवि थे। फ़िल्मी चकाचौंध में रहकर भी उन्होंने यश और धन की लालसा नहीं की। आत्म-संतुष्टि को ही सच्चा सुख माना। फ़िल्म निर्माता के रूप में वे अपने कर्तव्य के प्रति सजग रहे। (कोई तीन बिंदु, 3 अंक)
Answer: (क) माँ की सीखें और प्रकृति व जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता का मूल्य; (ख) क्रोध शमन के निजी उपाय; (ग) शैलेंद्र की विशेषताएँ
Where the marks are
- (क) प्रकृति संबंधी दो बातें (2 अंक)
- (क) संवेदनशीलता का जीवन-मूल्य (1 अंक)
- (ख) क्रोध शांत करने के तर्कसंगत निजी उपाय (3 अंक)
- (ग) शैलेंद्र की तीन विशेषताएँ (3 अंक, वैकल्पिक भाग)
Revise the chapter
- Chapter: निदा फ़ाज़ली – अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले (notes, formulas, where marks are lost and every past question)
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The question is transcribed from the official paper; figures are described in words. The solution, hints and chapter tag are ours. Spotted an error? Write tosupport@questionbuddy.in.