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HindiCBSE Class 10 · Course B · Board exam 2024, set 4/1/1 · 6 marks · Very short answer

CBSE Class 10 Hindi Course B 2024: question 11

Set in the CBSE Class 10 board exam of 2024, paper 4/1/1, section B, question 11, for 6 marks. Try it first; the hints and our step-by-step solution are below.

Q11 · 6 marks · Very short answerनिदा फ़ाज़ली – अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले

गद्य खण्ड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए :

  1. (क)

    शेख अयाज़ के पिता ने अपनी बाजू पर काले च्योंटे को रेंगता देख क्या किया? इससे उनकी कौनसी विशेषताएँ उभर कर आती हैं? 'अब कहाँ दूसरे के दुःख से दुःखी होने वाले' पाठ के आधार पर लिखिए।

    3 marks
  2. (ख)

    'झेन परंपरा की यह बड़ी देन मिली है जापानियों को।' इस कथन में झेन परंपरा की किस बड़ी देन की बात कही गई है? स्पष्ट कीजिए।

    3 marks
  3. (ग)

    'डायरी का एक पन्ना' पाठ के आधार पर बताइए कि 'ओपन लड़ाई' किसे कहा गया है और यह अपूर्व थी, कैसे?

    3 marks

Source: official question paper from cbse.gov.in (PDF). See it in the full 2024 board paper, set 4/1/1.

Hints

Open one hint at a time and try again before the next.

Hint 1

पाठ में अयाज़ के पिता का च्योंटे को लौटाने का प्रसंग याद कीजिए।

Hint 2

झेन परंपरा की देन चाय पीने की एक विशेष पद्धति से जुड़ी है।

Hint 3

26 जनवरी 1931 को कलकत्ता में क्या आयोजित हुआ और पुलिस ने क्या कहा था?

Step-by-step solution

Each step shows the marks it earns, as an examiner would award them. Checked by an independent re-solve from the question paper.

  1. (क) क्या किया: बाजू पर काला च्योंटा रेंगता देख शेख अयाज़ के पिता भोजन छोड़कर तुरंत उठ खड़े हुए। उन्होंने उसे कुएँ के पास जहाँ से वह आया था, वहीं पहुँचाने का निर्णय लिया और उसे घर तक छोड़ने चल पड़े।

    1 mark
  2. (क) विशेषताएँ: इससे जीव-जंतुओं के प्रति करुणा और दया, संवेदनशीलता, उदारता और परोपकार की भावना उभरती है। वे दूसरे प्राणी के दुख को अपना दुख समझते थे। (ख) और (ग) में से कोई एक और लिखना है।

    2 marks
  3. (ख) झेन की देन: झेन परंपरा की बड़ी देन 'चा-नो-यू' (टी सेरेमनी) है, जिससे ध्यान लगाने की परंपरा बनी। इसमें मन को शांत कर तनाव से मुक्त होकर वर्तमान में जीना सिखाया जाता है।

    1 mark
  4. (ख) इस पद्धति में अतीत की खट्टी-मीठी यादों और भविष्य की कल्पनाओं में न उलझकर केवल वर्तमान क्षण को जिया जाता है। इससे भागदौड़ भरे जीवन में मानसिक शांति मिलती है।

    2 marks
  5. (ग) ओपन लड़ाई: 26 जनवरी 1931 को सभा का समय और स्थान घोषित करके खुलेआम सभा आयोजित करने को 'ओपन लड़ाई' कहा गया।

    1 mark
  6. (ग) अपूर्व कैसे: पुलिस कमिश्नर ने नोटिस दिया कि सभा न हो और भाग लेने वाले दोषी माने जाएँगे। कौंसिल ने उसी समय चार बजकर चौबीस मिनट पर झंडा फहराने और प्रतिज्ञा पढ़ने के लिए सबको बुलाया। प्रशासन को ऐसी खुली चुनौती और इतनी बड़ी उपस्थिति पहले कभी नहीं मिली थी।

    2 marks

Answer: किन्हीं दो उत्तर (क), (ख), (ग) में से: (क) च्योंटे को लौटाने गए, करुणा व संवेदनशीलता; (ख) चा-नो-यू द्वारा वर्तमान में जीना; (ग) खुली सभा की घोषणा, पुलिस नोटिस को चुनौती।

Where the marks are

  • (क) च्योंटे को घर पहुँचाने के लिए भोजन छोड़कर चल पड़े (1 अंक)
  • (क) करुणा, संवेदनशीलता, उदारता आदि विशेषताएँ (2 अंक)
  • (ख) चा-नो-यू से ध्यान की परंपरा (1 अंक)
  • (ख) वर्तमान में जीना, अतीत-भविष्य में न उलझना (2 अंक)
  • (ग) 26 जनवरी 1931 की खुली सभा 'ओपन लड़ाई' (1 अंक)
  • (ग) पुलिस नोटिस के विरुद्ध सभा और अभूतपूर्व उपस्थिति (2 अंक)

Revise the chapter

The question is transcribed from the official paper; figures are described in words. The solution, hints and chapter tag are ours. Spotted an error? Write tosupport@questionbuddy.in.