कार्यालयी लेखन और प्रक्रिया: Class 11 पाठ 14, औपचारिक पत्र और दफ़्तरी प्रारूप
Updated 15 October 2026 · Fact-checked
कार्यालयी लेखन सरकारी दफ़्तरों में निर्धारित प्रारूपों में होने वाला लेखन है: औपचारिक पत्र, टिप्पण (नोटिंग), अनुस्मारक, अर्धसरकारी पत्र, स्वतः स्पष्ट टिप्पणी, कार्यसूची, कार्यवृत्त, प्रेस विज्ञप्ति और परिपत्र। NCERT पाठ इन्हें एक फ़ाइल की कहानी से समझाता है; परीक्षा में औपचारिक पत्र 5 अंक का आता है।
What कार्यालयी लेखन और प्रक्रिया is about
कार्यालयी लेखन और प्रक्रिया अभिव्यक्ति और माध्यम (NCERT) का पाठ 14 है। इससे परीक्षा में दो तरह से अंक मिलते हैं: खंड ख का प्रश्न 4 औपचारिक पत्र (विकल्प सहित, 5 अंक) है, और प्रश्न 5 में पाठ 14 पर लगभग 40 शब्दों (2 अंक) और 60 शब्दों (3 अंक) के प्रश्न भी आ सकते हैं।
पाठ एक काल्पनिक संस्थान, अखिल भारतीय साहित्य एवं संस्कृति संस्थान, की एक फ़ाइल की यात्रा दिखाता है: मुंबई कार्यालय के निदेशक ने मोबाइल फ़ोन के मासिक खर्च की सीमा दो हज़ार से बढ़ाकर छह हज़ार रुपये करने का अनुरोध किया; फ़ाइल सहायक से महानिदेशक तक गई, बोर्ड ने मंज़ूरी दी और अंत में परिपत्र जारी हुआ।
पाठ के मुख्य बिंदु:
- फ़ाइल: बाईं ओर टिप्पण, दाहिनी ओर पत्र-व्यवहार
- औपचारिक पत्र और उसका प्रारूप
- मुख्य टिप्पण और आनुषंगिक टिप्पण
- अनुस्मारक (स्मरण पत्र) और अर्धसरकारी पत्र
- स्वतः स्पष्ट टिप्पणी, कार्यसूची, कार्यवृत्त
- प्रेस विज्ञप्ति और परिपत्र
Weightage: खंड ख (अभिव्यक्ति और माध्यम, 80 में से 22 अंक): प्रश्न 4 औपचारिक पत्र (विकल्प सहित), 5 अंक; पाठ 14 पर लगभग 40 और 60 शब्दों के प्रश्न भी (प्रश्न 5) पूछे जा सकते हैं।Source: CBSE हिंदी (आधार) 302 पाठ्यक्रम 2026-27, कक्षा 11 परीक्षा हेतु पाठ्यक्रम विनिर्देशन
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
सरकारी कामकाज की गाड़ी फ़ाइलों के पहियों पर ही दौड़ती है।
NCERT पाठ: पाठ के आरंभ में फ़ाइल का परिचय।
सरकारी काम में हर निर्णय लिखित रिकॉर्ड (फ़ाइल) से होकर ही आगे बढ़ता है।
टिप्पणी सदैव अन्य पुरुष में लिखी जाती है।
NCERT पाठ: टिप्पण लिखने के नियम।
टिप्पणी व्यक्तिगत नहीं, वस्तुनिष्ठ और तटस्थ होती है।
अधिकारी को अधीनस्थ की टिप्पणी को काटने, बदलने या हटाने का अधिकार नहीं है।
NCERT पाठ: आनुषंगिक टिप्पण के नियम।
फ़ाइल पर हर स्तर की राय सुरक्षित रहती है; अधिकारी केवल सहमति, आंशिक सहमति या असहमति लिख सकता है।
Key concepts
- फ़ाइल और औपचारिक पत्र
सरकारी दफ़्तर में हर विषय की एक फ़ाइल होती है। बाहर से आए पत्र या प्रस्ताव दाहिनी ओर (पत्र-व्यवहार) और उन पर लिखी टिप्पणियाँ बाईं ओर (टिप्पण) लगाई जाती हैं।
औपचारिक पत्र एक कार्यालय, विभाग या मंत्रालय से दूसरे को लिखा जाता है। पाठ के अनुसार उसके अंग:
1. शीर्ष पर कार्यालय का नाम-पता
2. बाईं ओर फ़ाइल संख्या (कौन-सा विभाग, किस विषय पर, कब)
3. प्रेषक का स्थान और तारीख
4. पाने वाले का पद, नाम, पता ('सेवा में' का प्रयोग घट रहा है)
5. विषय: पत्र का प्रयोजन संक्षेप में
6. संबोधन: 'महोदय'
7. विषय-वस्तु: सरल, सहज भाषा; ज़रूरत हो तो प्रशासनिक शब्दावली
8. अधोलेख 'भवदीय', फिर हस्ताक्षर, कोष्ठक में नाम, उसके नीचे पदनामWorked example
पाठ के औपचारिक पत्र का विषय और माँग क्या थी?
Try it first, then show the solutionSolution
- पत्र: मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय के निदेशक राकेश कुमार, 15 मार्च 2005।
- माँग: मोबाइल फ़ोन की मासिक सीमा दो हज़ार से छह हज़ार रुपये।
Answer: विषय था 'मोबाइल फ़ोन पर होने वाले व्यय के लिए निर्धारित सीमा'। निदेशक ने लिखा कि मुंबई में फ़िल्म-टेलीविज़न निर्माता, कलाकार और प्रायोजक होने से संपर्क बहुत अधिक है, इसलिए सीमा दो हज़ार से बढ़ाकर छह हज़ार रुपये मासिक की जाए।
- परीक्षा के लिए औपचारिक पत्र का प्रारूप
प्रश्न 4 में प्रायः किसी अधिकारी, संपादक या प्रधानाचार्य को समस्या, शिकायत या अनुरोध का पत्र लिखना होता है। विद्यालयों में प्रचलित प्रारूप (पाठ के सरकारी प्रारूप का सरल रूप):
परीक्षा भवन क ख ग नगर दिनांक: 15 अक्टूबर 2026 सेवा में, पद (जैसे आयुक्त / संपादक) विभाग या समाचार-पत्र का नाम पता विषय: ........... महोदय, पहला अनुच्छेद: परिचय और पत्र का कारण दूसरा अनुच्छेद: समस्या का ब्योरा, तथ्य, प्रभाव तीसरा अनुच्छेद: स्पष्ट अनुरोध/सुझाव और आभार भवदीय / भवदीया क ख ग- विषय-पंक्ति छोटी और सटीक हो।
- भाषा शिष्ट, संक्षिप्त, तथ्यपरक; भावुकता या कटुता नहीं।
- अपना असली नाम-पता न लिखें; 'क ख ग' या प्रश्न में दिया नाम लिखें।
- टिप्पण: मुख्य और आनुषंगिक
किसी विचाराधीन पत्र या मामले को निपटाने के लिए फ़ाइल पर दी गई राय, मंतव्य, आदेश या निर्देश टिप्पणी है; उसे लिखने की प्रक्रिया टिप्पण (नोटिंग)। उद्देश्य: निर्णय के लिए तथ्य स्पष्ट और तर्कसंगत रखना और मामले को नियमानुसार निपटाना।
- मुख्य (आरंभिक) टिप्पण: प्रायः सहायक स्तर पर; पहले मूल पत्र का सार, फिर प्रस्ताव की व्याख्या, फिर नियमों का हवाला देकर राय। पाठ में सहायक ज्ञान प्रकाश ने लिखा कि सीमा बोर्ड की स्वीकृति से तय हुई है, बिना बोर्ड के बदल नहीं सकती।
- आनुषंगिक टिप्पण: मुख्य टिप्पणी के नीचे अधिकारी का मंतव्य। पूरी सहमति हो तो केवल हस्ताक्षर या 'मैं सहमत हूँ'; कुछ जोड़ना हो, आंशिक सहमति या असहमति हो तो तर्क सहित टिप्पणी। अधिकारी अधीनस्थ की टिप्पणी काट या बदल नहीं सकता।
टिप्पणी के गुण: पूर्ण, स्पष्ट, संक्षिप्त, विषय-संगत, तर्कसंगत, क्रमबद्ध; संतुलित, शिष्ट भाषा; व्यक्तिगत आक्षेप या उपदेश नहीं; सदा अन्य पुरुष में।
- फ़ाइल की यात्रा: कौन, क्या
पड़ाव व्यक्ति मंतव्य मुख्य टिप्पण ज्ञान प्रकाश, सहायक सीमा बोर्ड से तय; छूट का प्रावधान नहीं आनुषंगिक जी. शंकरन, अनुभाग अधिकारी सहमत; अतिरिक्त खर्च निदेशक के वेतन से कटे आनुषंगिक राजकुमार शर्मा, उपनिदेशक (प्रशासन) कॉल दरें गिरीं, सीमा और घटे; वेतन-कटौती से असहमत, स्पष्टीकरण माँगें हस्ताक्षर गुफ़रान अहमद, उपमहानिदेशक सहमति-स्वरूप हस्ताक्षर अंतिम मणिकांत मंडल, महानिदेशक मुंबई की स्थिति विशेष; सीमा छह हज़ार उचित; बोर्ड की अनुमति ली जाए सीख: दफ़्तर में निर्णय किसी एक व्यक्ति की राय से नहीं, कई स्तरों के तर्क से बनता है; और ऊपर का अधिकारी नीचे की अनुशंसा पलट भी सकता है।
- अनुस्मारक और अर्धसरकारी पत्र
अनुस्मारक (स्मरण पत्र, रिमाइंडर): किसी पत्र का उत्तर समय पर न मिले तो याद दिलाने के लिए। प्रारूप औपचारिक पत्र जैसा, पर छोटा; शुरू में पिछले पत्र का हवाला; एक से अधिक हों तो अनुस्मारक-1, 2, 3। पाठ में राकेश कुमार ने 26 अप्रैल 2005 को भेजा।
अर्धसरकारी पत्र (डी.ओ. लेटर): जब लिखने वाला अधिकारी पाने वाले को व्यक्तिगत रूप से जानता हो, या किसी मसले पर उसका व्यक्तिगत ध्यान या परामर्श चाहिए। इसमें मैत्री भाव और अनौपचारिकता का पुट होता है।
- बाईं ओर शीर्ष पर प्रेषक का नाम और पदनाम; प्रायः लेटर हेड
- संबोधन 'प्रिय श्री...' या 'प्रियवर श्री...' ('महोदय' नहीं)
- अधोलेख 'आपका' ('भवदीय' नहीं)
- अंत में बाईं ओर पाने वाले का नाम, पदनाम, पता
पाठ में गुफ़रान अहमद ने 4 मई 2005 को राकेश कुमार को अंतरिम उत्तर डी.ओ. पत्र के रूप में भेजा।
- स्वतः स्पष्ट टिप्पणी, कार्यसूची, कार्यवृत्त
- स्वतः स्पष्ट टिप्पणी: फ़ाइल से अलग, स्वतंत्र रूप से (जैसे बोर्ड को) भेजी जाती है, इसलिए अपने आप में संपूर्ण हो कि केवल उसे पढ़कर पूरा मसला समझ आ जाए। क्रम: पृष्ठभूमि → पहलुओं का विवेचन → स्वीकृति के पक्ष में तर्क → स्वीकृति का अनुरोध; ज़रूरी कागज़ संलग्नक के रूप में।
- कार्यसूची (एजेंडा): बैठक में चर्चा के विषयों की अग्रिम सूची; बैठक के अनुशासित संचालन में सहायक। पाठ में बोर्ड की पचपनवीं बैठक (17 मई 2005) की छह-सूत्री कार्यसूची सचिव विष्णु सहाय ने बनाई।
- कार्यवृत्त (मिनिट्स): कार्यसूची के हर विषय पर हुए विचार-विमर्श और निर्णयों का संक्षिप्त विवरण; उपस्थित सदस्यों के नाम पद के अनुसार; बैठक, तिथि, स्थान और अध्यक्ष (पाठ में श्री नरेंद्र देसाई) का उल्लेख।
- प्रेस विज्ञप्ति और परिपत्र
- प्रेस विज्ञप्ति (प्रेस रिलीज़): संस्थान का निर्णय आम जनता तक अखबारों के माध्यम से पहुँचाने के लिए; निर्णय, उसका कारण और लाभ बताए जाते हैं। पाठ में जनसंपर्क अधिकारी देवेन्द्र शर्मा ने लेखकों-कलाकारों के पारिश्रमिक में वृद्धि की विज्ञप्ति जारी की (पिछला संशोधन सन् 2000 में हुआ था)।
- परिपत्र (सर्कुलर): बैठक के महत्त्वपूर्ण निर्णयों को लागू करने के लिए संबंधित कार्यालयों और कर्मचारियों को भेजा जाने वाला निर्देश। जिस मुद्दे पर पहला परिपत्र निकला था, उस पर नया फ़ैसला भी परिपत्र से ही जारी होता है। पाठ में 27 मई 2005 के परिपत्र से मुंबई कार्यालय की सीमा छह हज़ार रुपये प्रतिमाह की गई, बाकी प्रावधान पूर्ववत रहे।
कार्यालयी लेखन और प्रक्रिया in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
अनुस्मारक
मान लीजिए आपने विद्यालय से स्थानांतरण प्रमाण-पत्र (टी.सी.) के लिए आवेदन दिया था और तीन सप्ताह बाद भी कोई उत्तर नहीं आया।
पाठ के अनुसार अब आपको कैसा पत्र लिखना चाहिए और उसमें क्या ज़रूरी है?
Try it first, then show the solutionSolution
- उत्तर न मिलने पर अनुस्मारक।
- शुरू में पिछले आवेदन की तिथि और विषय का हवाला; छोटा और विनम्र।
Answer: अनुस्मारक लिखें, जिसकी शुरुआत पिछले आवेदन की तिथि और विषय के हवाले से हो, फिर संक्षेप में अनुरोध दोहराएँ कि प्रमाण-पत्र शीघ्र जारी किया जाए। दूसरी बार लिखना पड़े तो उस पर 'अनुस्मारक-2' लिखें।
Memory hook: उत्तर नहीं आया? याद दिलाओ, हवाला दो।
टिप्पणी की तटस्थता
कल्पना कीजिए कि आप किसी दफ़्तर में सहायक हैं और जिस कर्मचारी की छुट्टी की अर्ज़ी आपके सामने है, उससे आपकी कभी अनबन हुई थी।
उसकी अर्ज़ी पर टिप्पणी कैसे लिखेंगे?
Try it first, then show the solutionSolution
- टिप्पणी में व्यक्तिगत आक्षेप या पूर्वाग्रह का स्थान नहीं।
- केवल तथ्य: कितनी छुट्टी बची है, नियम क्या कहते हैं; अन्य पुरुष में।
Answer: निजी भावनाएँ अलग रखकर केवल तथ्य और नियम लिखेंगे, जैसे 'आवेदक के खाते में दस दिन का अर्जित अवकाश शेष है; नियमानुसार अवकाश स्वीकृत किया जा सकता है', अन्य पुरुष में और शिष्ट भाषा में।
Memory hook: टिप्पणी में तथ्य बोलें, मन नहीं।
कार्यवृत्त
यदि आपकी कक्षा की वाद-विवाद क्लब की बैठक में तीन निर्णय लिए गए और अगले महीने कोई कहे कि ऐसा तय ही नहीं हुआ था, तो क्या होगा?
कार्यवृत्त ऐसी स्थिति में कैसे काम आता है?
Try it first, then show the solutionSolution
- कार्यवृत्त में उपस्थित सदस्य, चर्चा और निर्णय लिखित रूप में।
- अगली बैठक में उसकी संपुष्टि होती है; विवाद का प्रमाण।
Answer: कार्यवृत्त बैठक के निर्णयों का लिखित, संपुष्ट प्रमाण है। उसे पढ़कर तुरंत स्पष्ट हो जाएगा कि क्या तय हुआ था और कौन उपस्थित था; इसलिए हर बैठक का कार्यवृत्त बनाना और अगली बैठक में उसकी संपुष्टि करना ज़रूरी है।
Memory hook: जो लिखा गया, वही तय हुआ।
Topics in this chapter
How the school exam asks कार्यालयी लेखन और प्रक्रिया
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| औपचारिक पत्र (प्रश्न 4, 5 अंक, विकल्प सहित) | किसी समस्या या अनुरोध पर अधिकारी, संपादक या प्रधानाचार्य को पत्र। | प्रारूप के सभी अंग; विषय-पंक्ति सटीक; तीन अनुच्छेद: कारण, ब्योरा, अनुरोध; शिष्ट भाषा। |
| परिभाषा/अंतर (प्रश्न 5, 2 अंक, लगभग 40 शब्द) | टिप्पण क्या है; अनुस्मारक कब भेजते हैं; कार्यसूची और कार्यवृत्त में अंतर; परिपत्र का उद्देश्य। | परिभाषा + उद्देश्य या एक विशेषता + पाठ का संदर्भ। |
| तुलना/अनुप्रयोग (प्रश्न 5, 3 अंक, लगभग 60 शब्द) | औपचारिक और अर्धसरकारी पत्र में अंतर; मुख्य और आनुषंगिक टिप्पण; किसी स्थिति में कौन-सा प्रारूप। | तीन स्पष्ट बिंदु या स्थिति के अनुसार सही प्रारूप और उसका कारण। |
Tricks to remember कार्यालयी लेखन और प्रक्रिया
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
फ़ाइल का नियम: 'बाएँ बोलो, दाएँ जोड़ो'
बाईं ओर टिप्पण (राय बोलना), दाहिनी ओर पत्र-व्यवहार (कागज़ जोड़ना)।
Use it when: फ़ाइल की संरचना वाले प्रश्न।
डी.ओ. पत्र: 'प्रिय से आपका'
संबोधन 'प्रिय श्री...', अधोलेख 'आपका', पाने वाले का पता अंत में बाईं ओर; औपचारिक पत्र: 'महोदय' से 'भवदीय'।
Use it when: औपचारिक बनाम अर्धसरकारी।
बैठक का क्रम: 'सू-सू-वृ-प'
कार्यसूची (पहले) → स्वतः स्पष्ट टिप्पणी (साथ में) → कार्यवृत्त (बाद में) → परिपत्र (निर्णय लागू)।
Use it when: बैठक से जुड़े प्रारूपों के प्रश्न।
पत्र के तीन अनुच्छेद: 'क्यों-क्या-कृपया'
क्यों लिख रहे हैं → क्या समस्या है (तथ्य) → कृपया क्या करें (अनुरोध)।
Use it when: प्रश्न 4 का औपचारिक पत्र।
कार्यालयी लेखन और प्रक्रिया: exam-level solved questions
Ordered from exam level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: टिप्पण क्या है · 2 marks · Short answerExam level
टिप्पण किसे कहते हैं? इसका उद्देश्य क्या है? (लगभग 40 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- परिभाषा: विचाराधीन मामले पर फ़ाइल में दी गई राय, मंतव्य, निर्देश।
- उद्देश्य: तथ्य स्पष्ट करना, मामले को नियमानुसार निपटाना।
Answer: किसी विचाराधीन पत्र या मामले को निपटाने के लिए फ़ाइल पर जो राय, मंतव्य या निर्देश लिखा जाता है, वह टिप्पणी है और उसे लिखने की प्रक्रिया टिप्पण (नोटिंग)। इसका उद्देश्य निर्णय के लिए तथ्य तर्कसंगत रूप से रखना और मामले को नियमानुसार निपटाना है।
Example 2: औपचारिक और अर्धसरकारी पत्र · 3 marks · Short answerHarder exam level
औपचारिक पत्र और अर्धसरकारी पत्र में तीन अंतर लिखिए। (लगभग 60 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- स्वभाव: पूर्ण औपचारिक बनाम मैत्री भाव, अनौपचारिकता का पुट।
- संबोधन: 'महोदय' बनाम 'प्रिय श्री...'।
- अधोलेख: 'भवदीय' बनाम 'आपका'; पता: शुरू में बनाम अंत में बाईं ओर।
Answer: पहला, औपचारिक पत्र पूरी तरह औपचारिक होता है, जबकि अर्धसरकारी पत्र में मैत्री भाव होता है, क्योंकि लेखक पाने वाले अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से जानता है। दूसरा, औपचारिक पत्र में संबोधन 'महोदय' होता है, अर्धसरकारी में 'प्रिय श्री...'। तीसरा, औपचारिक पत्र का अधोलेख 'भवदीय' होता है, अर्धसरकारी का 'आपका', और उसमें पाने वाले का नाम-पता अंत में बाईं ओर लिखा जाता है।
Example 3: कार्यसूची और कार्यवृत्त · 2 marks · Short answerHarder exam level
कार्यसूची और कार्यवृत्त में क्या अंतर है? (लगभग 40 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- कार्यसूची: बैठक से पहले, चर्चा के विषयों की सूची।
- कार्यवृत्त: बैठक के बाद, चर्चा और निर्णयों का विवरण।
Answer: कार्यसूची बैठक से पहले भेजी जाती है और उसमें चर्चा के लिए तय विषयों की सूची होती है, जिससे बैठक अनुशासित चलती है। कार्यवृत्त बैठक के बाद बनता है; उसमें उपस्थित सदस्यों के नाम, हर विषय पर हुई चर्चा और लिए गए निर्णय दर्ज होते हैं।
Example 4: स्थिति के अनुसार सही प्रारूप · 3 marks · Short answerHOTS / competency
नीचे दी गई स्थितियों में कार्यालयी लेखन का कौन-सा रूप उपयुक्त होगा? कारण सहित लिखिए। (क) एक महीने से किसी पत्र का उत्तर नहीं आया। (ख) विद्यालय की प्रबंध समिति की बैठक में हुए निर्णय दर्ज करने हैं। (ग) नगर निगम को जनता को बताना है कि अगले सप्ताह जल-आपूर्ति बंद रहेगी। (लगभग 60 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- (क) उत्तर न मिलना → अनुस्मारक।
- (ख) बैठक के निर्णय → कार्यवृत्त।
- (ग) जनता तक सूचना → प्रेस विज्ञप्ति।
Answer: (क) अनुस्मारक, क्योंकि उत्तर समय पर न मिलने पर पिछले पत्र का हवाला देकर याद दिलाया जाता है। (ख) कार्यवृत्त, क्योंकि उसमें बैठक में उपस्थित सदस्यों, हर विषय पर चर्चा और निर्णयों का विवरण दर्ज होता है। (ग) प्रेस विज्ञप्ति, क्योंकि किसी संस्था का निर्णय या सूचना अखबारों के ज़रिये आम जनता तक इसी से पहुँचाई जाती है।
Example 5: नमूना पत्र: नगर निगम आयुक्त को · 5 marks · Long answerExam level
आपके मोहल्ले में बरसात के बाद से जगह-जगह पानी भरा है और मच्छरों के कारण डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं। नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर तुरंत कार्रवाई का अनुरोध कीजिए। (5 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- प्रेषक का पता, दिनांक, सेवा में, पद-पता।
- विषय: जलभराव और डेंगू के प्रकोप के संबंध में।
- तीन अनुच्छेद: परिचय, समस्या और प्रभाव, ठोस अनुरोध।
- भवदीय, नाम।
Answer: परीक्षा भवन
क ख ग नगर
दिनांक: 15 अक्टूबर 2026
सेवा में,
आयुक्त
नगर निगम
क ख ग नगर
विषय: मोहल्ले में जलभराव और डेंगू के बढ़ते मामलों के संबंध में
महोदय,
मैं आपका ध्यान अपने मोहल्ले, सुभाष नगर, की एक गंभीर समस्या की ओर दिलाना चाहता हूँ।
पिछले तीन सप्ताह से बरसात का पानी गलियों और खाली प्लॉटों में भरा हुआ है। नालियाँ जाम होने के कारण पानी निकल नहीं पा रहा और उसमें मच्छर पनप रहे हैं। इस महीने मोहल्ले में डेंगू के बारह मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें चार बच्चे हैं। बुज़ुर्गों और बच्चों का घर से निकलना कठिन हो गया है।
अतः आपसे अनुरोध है कि नालियों की तुरंत सफ़ाई करवाई जाए, भरे पानी की निकासी की व्यवस्था हो और पूरे क्षेत्र में मच्छर-रोधी दवा का छिड़काव कराया जाए। आशा है, आप शीघ्र कार्रवाई करेंगे।
भवदीय
क ख ग
निवासी, सुभाष नगर
Example 6: नमूना पत्र: संपादक को · 5 marks · Long answerHarder exam level
स्कूलों के आसपास दोपहर में तेज़ रफ़्तार वाहनों से विद्यार्थियों की सुरक्षा खतरे में है। किसी प्रमुख समाचार-पत्र के संपादक को पत्र लिखकर इस ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कीजिए। (5 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- संपादक को पत्र: 'आपके लोकप्रिय समाचार-पत्र के माध्यम से' वाला वाक्य।
- तथ्य: छुट्टी का समय, स्पीड ब्रेकर और ज़ेब्रा क्रॉसिंग का अभाव, हाल की घटना।
- सुझाव: ट्रैफ़िक पुलिस, स्पीड ब्रेकर, 'स्कूल क्षेत्र' संकेत।
Answer: परीक्षा भवन
क ख ग नगर
दिनांक: 15 अक्टूबर 2026
सेवा में,
संपादक
दैनिक जनवाणी
क ख ग नगर
विषय: विद्यालयों के पास तेज़ रफ़्तार वाहनों से विद्यार्थियों की सुरक्षा पर खतरा
महोदय,
आपके लोकप्रिय समाचार-पत्र के माध्यम से मैं प्रशासन का ध्यान विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ी एक गंभीर समस्या की ओर दिलाना चाहती हूँ।
हमारे शहर के मुख्य मार्ग पर तीन विद्यालय हैं। दोपहर में छुट्टी के समय हज़ारों बच्चे सड़क पार करते हैं, पर वहाँ न ज़ेब्रा क्रॉसिंग है, न स्पीड ब्रेकर और न ही कोई ट्रैफ़िक कर्मी। वाहन तेज़ रफ़्तार से गुज़रते हैं। पिछले सप्ताह एक छात्र मोटरसाइकिल की चपेट में आकर घायल हो गया।
प्रशासन से निवेदन है कि विद्यालयों के पास 'स्कूल क्षेत्र' के संकेत-पट, स्पीड ब्रेकर और ज़ेब्रा क्रॉसिंग बनाए जाएँ तथा छुट्टी के समय ट्रैफ़िक पुलिस तैनात की जाए। आशा है, यह पत्र प्रकाशित कर आप इस समस्या को उचित मंच देंगे।
भवदीया
क ख ग
Example 7: आनुषंगिक टिप्पण: असहमति · 3 marks · Short answerHOTS / competency
पाठ में उपनिदेशक राजकुमार शर्मा ने अनुभाग अधिकारी की टिप्पणी से आंशिक सहमति कैसे जताई? इससे आनुषंगिक टिप्पण का कौन-सा नियम स्पष्ट होता है? (लगभग 60 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- सहमति: सहायक से सहमत; कॉल दरें गिरने से सीमा और घटाने का सुझाव।
- असहमति: वेतन से वसूली नहीं, स्पष्टीकरण माँगा जाए।
- नियम: आंशिक सहमति/असहमति तर्क सहित; पिछली टिप्पणी काटी नहीं जाती।
Answer: राजकुमार शर्मा ने लिखा कि वे सहायक से सहमत हैं और कॉल दरें गिरने के कारण सीमा और घटाई जा सकती है। पर वे अनुभाग अधिकारी के इस सुझाव से असहमत थे कि अतिरिक्त राशि निदेशक के वेतन से काटी जाए; उन्होंने केवल स्पष्टीकरण माँगने की बात कही। इससे नियम स्पष्ट होता है कि अधिकारी आंशिक सहमति या असहमति तर्क सहित लिखता है, पर पिछली टिप्पणी काटता या बदलता नहीं।
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
औपचारिक पत्र (5 अंक); सुझाया गया अंक-विभाजन (यह हमारा कार्य-ढाँचा है, CBSE की अंक-योजना से उद्धृत नहीं) (5 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| आरंभ की औपचारिकताएँ: प्रेषक, दिनांक, पाने वाले का पद-पता, विषय, संबोधन | 1 |
| विषय-वस्तु: कारण, तथ्य सहित समस्या, स्पष्ट अनुरोध | 2 |
| भाषा: शिष्ट, शुद्ध, संक्षिप्त | 1 |
| अंत की औपचारिकताएँ: अधोलेख, नाम/क ख ग | 1 |
औपचारिक और अर्धसरकारी पत्र में तीन अंतर (लगभग 60 शब्द, 3 अंक) (3 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| स्वभाव: औपचारिक बनाम मैत्री भाव | 1 |
| संबोधन: 'महोदय' बनाम 'प्रिय श्री...' | 1 |
| अधोलेख/पता: 'भवदीय' बनाम 'आपका', पता अंत में | 1 |
Where students lose marks in कार्यालयी लेखन और प्रक्रिया
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: औपचारिक पत्र में विषय-पंक्ति छोड़ देना या बहुत लंबी लिखना
विषय पत्र का प्रयोजन एक नज़र में बताता है; प्रारूप के अंक इसी पर कटते हैं।
Do this: 8-12 शब्दों की सटीक विषय-पंक्ति: 'विषय: ...के संबंध में'।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: औपचारिक पत्र में 'प्रिय' संबोधन या 'आपका' अधोलेख
ये अर्धसरकारी पत्र के लक्षण हैं; औपचारिक पत्र में 'महोदय' और 'भवदीय/भवदीया' चाहिए।
Do this: 'महोदय' से शुरू, 'भवदीय/भवदीया' पर समाप्त।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: पत्र में भावुक, कटु या अपमानजनक भाषा
कार्यालयी लेखन की भाषा शिष्ट, संतुलित और तथ्यपरक होनी चाहिए।
Do this: शिकायत को तथ्य, प्रभाव और अनुरोध के रूप में रखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: कार्यसूची और कार्यवृत्त, या टिप्पण और टिप्पणी को एक मान लेना
कार्यसूची बैठक से पहले, कार्यवृत्त बाद में; टिप्पणी लिखी गई राय है, टिप्पण उसे लिखने की प्रक्रिया।
Do this: समय (पहले/बाद) और 'वस्तु बनाम प्रक्रिया' का अंतर लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: पत्र में अपना असली नाम-पता लिखना
परीक्षा में अपनी पहचान प्रकट करना वर्जित है।
Do this: 'परीक्षा भवन', 'क ख ग' या प्रश्न में दिया नाम लिखें।
Usually costs: पूरे उत्तर पर जोखिम
Practice questions on कार्यालयी लेखन और प्रक्रिया
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQExam level
फ़ाइल के किस ओर टिप्पणियाँ लिखी जाती हैं?
(क) दाहिनी ओर
(ख) बाईं ओर
(ग) सबसे ऊपर
(घ) अलग फ़ाइल मेंHint
दाहिनी ओर पत्र-व्यवहार।
Answer
(ख) बाईं ओर
Q2 · 1 mark · Very short answerExam level
अर्धसरकारी पत्र में अधोलेख के रूप में क्या लिखा जाता है?
Hint
'भवदीय' नहीं।
Answer
'आपका'।
Q3 · 1 mark · MCQHarder exam level
कथन (A): स्वतः स्पष्ट टिप्पणी अपने आप में संपूर्ण होनी चाहिए। कारण (R): वह फ़ाइल से अलग, स्वतंत्र रूप से भेजी जाती है, इसलिए पढ़ने वाले के पास पूरी फ़ाइल नहीं होती।
(क) A और R दोनों सही, R व्याख्या करता है
(ख) A और R दोनों सही, R व्याख्या नहीं करता
(ग) A सही, R गलत
(घ) A गलत, R सहीHint
बोर्ड को भेजी गई टिप्पणी।
Answer
(क) A और R दोनों सही, R व्याख्या करता है
Q4 · 2 marks · Short answerHarder exam level
परिपत्र किसे कहते हैं? पाठ के अंतिम परिपत्र में क्या निर्णय लागू किया गया? (लगभग 40 शब्द)
Hint
27 मई 2005।
Answer
बैठक के महत्त्वपूर्ण निर्णयों को लागू करने के लिए संबंधित कार्यालयों और कर्मचारियों को भेजा गया निर्देश-पत्र परिपत्र है। पाठ के परिपत्र में पिछले परिपत्र में आंशिक संशोधन कर मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय की मोबाइल व्यय सीमा छह हज़ार रुपये प्रतिमाह की गई; बाकी प्रावधान पूर्ववत रहे।
Q5 · 3 marks · Short answerExam level
टिप्पणी लिखते समय किन तीन बातों का ध्यान रखना चाहिए? (लगभग 60 शब्द)
Hint
पूर्णता-संक्षिप्तता, शिष्ट भाषा, अन्य पुरुष।
Answer
पहला, लिखने से पहले विषय को अच्छी तरह समझें; टिप्पणी अपने आप में पूर्ण, स्पष्ट, संक्षिप्त और क्रमबद्ध हो तथा असली मुद्दे पर ज़ोर दे। दूसरा, विचार संतुलित और शिष्ट भाषा में हों; व्यक्तिगत आक्षेप, उपदेश या पूर्वाग्रह न हों। तीसरा, टिप्पणी सदा अन्य पुरुष में लिखी जाए, ताकि वह तटस्थ और वस्तुनिष्ठ रहे।
Q6 · 3 marks · Short answerHOTS / competency
मान लीजिए आप अपने विद्यालय की छात्र-परिषद के सचिव हैं और वार्षिक खेल-दिवस की तैयारी के लिए परिषद की बैठक होनी है। इस बैठक की चार-सूत्री कार्यसूची तैयार कीजिए और बताइए कि कार्यसूची पहले से भेजना क्यों उपयोगी है। (लगभग 60 शब्द)
Hint
पिछली बैठक के कार्यवृत्त की संपुष्टि से शुरू; अंत में 'अध्यक्ष की अनुमति से अन्य विषय'।
Answer
कार्यसूची: 1. पिछली बैठक के कार्यवृत्त की संपुष्टि। 2. खेल-दिवस की तिथि और कार्यक्रम-सूची तय करना। 3. विभिन्न समितियों (मैदान, पुरस्कार, प्राथमिक चिकित्सा) का गठन। 4. अध्यक्ष की अनुमति से अन्य विषय। पहले से भेजने पर सदस्य तैयारी के साथ आते हैं, चर्चा विषय पर टिकी रहती है और बैठक अनुशासित ढंग से चलती है।
Q7 · 5 marks · Long answerHarder exam level
आपके क्षेत्र के डाकघर में कर्मचारियों की कमी के कारण लंबी कतारें लगती हैं और वरिष्ठ नागरिकों को घंटों खड़ा रहना पड़ता है। डाकपाल (पोस्टमास्टर) को समस्या बताते हुए व्यवस्था सुधारने का अनुरोध-पत्र लिखिए। (5 अंक)
Hint
प्रारूप पूरा; तथ्य (कितनी खिड़कियाँ खुली, कितना समय); सुझाव (अतिरिक्त कर्मचारी, वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग खिड़की, बैठने की व्यवस्था)।
Answer
परीक्षा भवन
क ख ग नगर
दिनांक: 15 अक्टूबर 2026सेवा में,
डाकपाल
प्रधान डाकघर
क ख ग नगरविषय: डाकघर में लंबी कतारों और वरिष्ठ नागरिकों की असुविधा के संबंध में
महोदय,
मैं इस क्षेत्र का निवासी हूँ और आपका ध्यान डाकघर की एक समस्या की ओर दिलाना चाहता हूँ।पिछले दो महीनों से डाकघर की चार में से केवल दो खिड़कियाँ खुलती हैं। पेंशन और बचत खाते के काम के लिए लोगों को दो-दो घंटे कतार में खड़ा रहना पड़ता है। बैठने की व्यवस्था न होने से वरिष्ठ नागरिकों को सबसे अधिक कष्ट होता है।
अतः निवेदन है कि अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए, वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग खिड़की खोली जाए और प्रतीक्षा के लिए बैठने की व्यवस्था हो। आशा है, आप शीघ्र उचित कदम उठाएँगे।
भवदीय
क ख ग
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1.पाठ के आरंभ में किस कवि की पंक्तियाँ हैं?Show answer
वेणु गोपाल की।
2.मुख्य टिप्पण किसने लिखा?Show answer
सहायक ज्ञान प्रकाश ने।
3.किसने सुझाव दिया कि अतिरिक्त खर्च निदेशक के वेतन से काटा जाए?Show answer
अनुभाग अधिकारी जी. शंकरन ने।
4.अनुस्मारक किस तिथि को भेजा गया?Show answer
26 अप्रैल 2005 को।
5.बोर्ड की पचपनवीं बैठक की अध्यक्षता किसने की?Show answer
बोर्ड के अध्यक्ष श्री नरेंद्र देसाई ने।
6.प्रेस विज्ञप्ति किस निर्णय के बारे में थी?Show answer
लेखकों, कलाकारों और विशेषज्ञों के पारिश्रमिक में वृद्धि के बारे में।
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप फ़ाइल के बाएँ और दाएँ हिस्से का उपयोग बता सकते हैं?
- क्या आप औपचारिक पत्र का पूरा प्रारूप बिना देखे लिख सकते हैं?
- क्या आप मुख्य और आनुषंगिक टिप्पण का अंतर पाठ के उदाहरण से बता सकते हैं?
- क्या आप औपचारिक और अर्धसरकारी पत्र के तीन अंतर लिख सकते हैं?
- क्या आप कार्यसूची, कार्यवृत्त, प्रेस विज्ञप्ति और परिपत्र का उद्देश्य एक-एक वाक्य में बता सकते हैं?
कार्यालयी लेखन और प्रक्रिया: frequently asked questions
क्या 'सेवा में' लिखना ज़रूरी है?
पाठ के अनुसार सरकारी पत्रों में 'सेवा में' का प्रयोग धीरे-धीरे कम हो रहा है; विद्यालयी परीक्षा के पत्रों में इसे लिखना अब भी प्रचलित और स्वीकार्य है।
अर्धसरकारी पत्र कब लिखा जाता है?
जब लेखक अधिकारी पाने वाले अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से जानता हो, या किसी मसले पर उसका व्यक्तिगत ध्यान या परामर्श चाहिए।
प्रेस विज्ञप्ति और परिपत्र में क्या अंतर है?
प्रेस विज्ञप्ति निर्णय को अखबारों के माध्यम से आम जनता तक पहुँचाती है; परिपत्र निर्णय लागू करने के लिए संस्था के कार्यालयों और कर्मचारियों को भेजा जाता है।
पाठ में अंतिम निर्णय किसने लिया?
अखिल भारतीय साहित्य एवं संस्कृति बोर्ड ने 17 मई 2005 की पचपनवीं बैठक में मुंबई कार्यालय की सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी; 27 मई 2005 को परिपत्र जारी हुआ।
Based on: CBSE हिंदी (आधार) (302) पाठ्यक्रम, कक्षा 11-12, 2026-27; NCERT अभिव्यक्ति और माध्यम (Reprint 2026-27), पाठ 14: कार्यालयी लेखन और प्रक्रिया