अपू के साथ ढाई साल (सत्यजित राय): Class 11 सार, प्रसंग और प्रश्न
Updated 15 October 2026 · Fact-checked
'अपू के साथ ढाई साल' सत्यजित राय का संस्मरण है, जिसमें उनकी पहली फ़िल्म 'पथेर पांचाली' की शूटिंग के अनुभव हैं। पैसों की कमी से शूटिंग ढाई साल चली। काशफूल चर जाने, कुत्ते भूलो और मिठाईवाले श्रीनिवास के बदल जाने जैसी कठिनाइयों को राय ने धैर्य और सूझ से ऐसे सुलझाया कि दर्शक अंतर पहचान ही नहीं पाते।
What सत्यजित राय – अपू के साथ ढाई साल is about
अपू के साथ ढाई साल आरोह भाग 1 का तीसरा गद्य पाठ है। यह संस्मरण है, जिसे सत्यजित राय ने बांग्ला में लिखा और विलास गिते ने हिंदी में अनूदित किया। इसमें 1955 में प्रदर्शित फ़िल्म पथेर पांचाली के निर्माण की कहानी है: एक नया निर्देशक, सीमित पैसे, नौसिखिया टीम और ढेर सारी अनपेक्षित मुश्किलें।
पाठ के मुख्य प्रसंग:
- अपू की भूमिका के लिए छह साल के लड़के की खोज और सुबीर बनर्जी का मिलना
- काशफूलों वाला रेलगाड़ी का दृश्य: जानवरों का काशफूल खा जाना, अगले साल शूटिंग और तीन रेलगाड़ियाँ
- भूलो कुत्ते की मृत्यु और हमशक्ल कुत्ते से दृश्य पूरा करना
- श्रीनिवास मिठाईवाले के अभिनेता की मृत्यु और पीठ दिखाकर दूसरे व्यक्ति से काम
- शरद ऋतु में बारिश का दृश्य
- बोडाल गाँव के सुबोध दा, भाषण देने वाला धोबी, भूपेन बाबू और वास्तुसर्प
कक्षा 11 की वार्षिक परीक्षा में इस पाठ से पठित गद्यांश पर पाँच बहुविकल्पी प्रश्न, लगभग 40 शब्दों के (2 अंक) और लगभग 60 शब्दों के (3 अंक) प्रश्न आ सकते हैं। 'कंटिन्युइटी', फ़िल्म-निर्माण की कठिनाइयाँ और राय की कलादृष्टि इस पाठ के प्रमुख प्रश्न-क्षेत्र हैं।
Weightage: खंड ग (आरोह भाग 1 एवं वितान भाग 1) के 80 में से 40 अंक हैं; गद्य खंड से पठित गद्यांश पर पाँच बहुविकल्पी प्रश्न (1×5), तीन में से दो प्रश्न लगभग 60 शब्दों में (3×2) और तीन में से दो प्रश्न लगभग 40 शब्दों में (2×2) आते हैं।Source: CBSE हिंदी (आधार) 302 पाठ्यक्रम 2026-27, कक्षा 11 परीक्षा हेतु पाठ्यक्रम विनिर्देशन
सत्यजित राय – अपू के साथ ढाई साल: summary
In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.
सत्यजित राय बताते हैं कि 'पथेर पांचाली' की शूटिंग ढाई साल तक चली, क्योंकि वे एक विज्ञापन कंपनी में नौकरी करते थे और खाली समय में ही शूटिंग कर पाते थे। पैसे भी कम थे; पैसे खत्म होते ही शूटिंग रुक जाती और फिर पैसे जुटने पर शुरू होती।
अपू की भूमिका के लिए छह साल का लड़का नहीं मिल रहा था। अखबार में विज्ञापन दिया, रासबिहारी एवेन्यू में कमरा लेकर बच्चों से मिले; एक पिता तो अपनी बेटी के बाल कटवाकर उसे लड़का बनाकर ले आए। अंत में राय की पत्नी ने पड़ोस की छत पर एक लड़का देखा और वही सुबीर बनर्जी अपू बना। राय को डर था कि ढाई साल में बच्चे बड़े दिखने लगेंगे, पर ऐसा नहीं हुआ; अस्सी वर्ष की चुन्नीबाला देवी भी इंदिरा ठाकरुन की भूमिका पूरी कर सकीं।
पालसिट गाँव में काशफूलों के बीच अपू-दुर्गा के पहली बार रेलगाड़ी देखने का दृश्य आधा ही फ़िल्माया जा सका। सात दिन बाद लौटे तो जानवर सारे काशफूल चर चुके थे; दृश्य की निरंतरता बचाने के लिए बाकी हिस्सा अगले साल शरद में फ़िल्माया गया। सफ़ेद काशफूलों के बीच काला धुआँ दिखाने के लिए अनिल बाबू इंजन में कोयला डलवाते थे और तीन अलग रेलगाड़ियों से शॉट लिए गए।
पैसों की कमी से छह महीने रुकने के बाद पता चला कि कुत्ता भूलो मर चुका है; उसके जैसे बादामी रंग और सफ़ेद दुम वाले दूसरे कुत्ते से दृश्य पूरा हुआ। श्रीनिवास मिठाईवाले का अभिनय करने वाले सज्जन भी चल बसे; मिलते-जुलते शरीर वाले दूसरे व्यक्ति को पीठ दिखाकर फ़िल्माया गया। कुत्ता बच्चों के पीछे नहीं दौड़ रहा था, तो दुर्गा के हाथ में मिठाई छिपाई गई। अक्टूबर में अचानक हुई बारिश में भाई-बहन का दृश्य फ़िल्माया गया। बोडाल गाँव में मानसिक रूप से अस्वस्थ सुबोध दा, भाषण देने वाला धोबी, साँप देखकर चुप हो गए साउंड-रिकॉर्डिस्ट भूपेन बाबू और वास्तुसर्प जैसे अनुभव भी हुए।
Themes and message
साधनहीनता में कला-साधना
राय के पास न पैसा था, न अनुभवी टीम; फिर भी उन्होंने अपनी कलादृष्टि से समझौता नहीं किया। पाठ फ़िल्मी दुनिया की चमक के पीछे के संघर्ष को दिखाता है।
From the text: सूरज की रोशनी के साथ 'जो पैसे थे, वे भी खत्म हुए', और शूटिंग छह महीने रुकी रही।
धैर्य और सूझबूझ
काशफूलों के लिए एक साल रुकना, हमशक्ल कुत्ता ढूँढ़ना, कुत्ते को मिठाई से दौड़ाना: हर बाधा का हल धैर्य और रचनात्मक सोच से निकला।
From the text: 'अब यहाँ धीरज रखने के सिवा दूसरा उपाय नहीं था।'
फ़िल्म का व्याकरण: कंटिन्युइटी
अलग-अलग दिनों में फ़िल्माए गए हिस्से परदे पर एक ही क्षण लगने चाहिए। इसलिए राय रंग, मौसम, कुत्ते की दुम तक का मेल बैठाते हैं।
From the text: 'उसमें से कंटिन्युइटी नदारद हो जाती!'
गाँव और लोगों से आत्मीय संबंध
बार-बार बोडाल जाने से राय गाँव के लोगों से घुल-मिल गए; वहाँ के विचित्र और सरल व्यक्तियों को वे स्नेह से याद करते हैं।
From the text: सुबोध दा, जो पहले लाठी से मारने की बात करते थे, बाद में वायलिन पर लोकधुनें सुनाने लगे।
Characters
सत्यजित राय (लेखक-निर्देशक)
पथेर पांचाली के निर्देशक और संस्मरण के वाचक।
- धैर्यवान और जुझारू
- कला के प्रति समर्पित, बारीकी पर ध्यान देने वाले
- सूझबूझ वाले समस्या-समाधानकर्ता
- विनोदप्रिय और आत्मीय
काशफूलों के लिए अगले शरद तक रुकना, धुएँ के लिए कोयला डलवाना और दुर्गा के हाथ में मिठाई छिपवाना।
सुबोध दा
बोडाल गाँव के साठ-पैंसठ वर्ष के अकेले रहने वाले व्यक्ति।
- मानसिक रूप से अस्वस्थ, सबको दुश्मन समझने वाले
- भीतर से कलाप्रेमी: वायलिन पर लोकधुनें बजाते हैं
पहले 'फ़िल्म वाले आए हैं' कहकर चिल्लाते थे, बाद में टीम को पास बुलाकर वायलिन सुनाते थे।
भूपेन बाबू
साउंड-रिकॉर्डिस्ट।
- अलग कमरे से काम करने वाले
- साँप देखकर सहम जाने वाले साधारण मनुष्य
साँप देखकर उनकी बोलती बंद हो गई और वे 'साउंड ठीक है न?' का जवाब नहीं दे पाए।
How it is written
| Device | Example | Effect |
|---|---|---|
| संस्मरण शैली (प्रथम पुरुष) | 'मैं तब एक विज्ञापन कंपनी में नौकरी करता था।' | आत्मीयता और विश्वसनीयता; पाठक निर्देशक के साथ शूटिंग पर पहुँच जाता है। |
| फ़िल्मी शब्दावली | शूटिंग, शॉट, सीन, कंटिन्युइटी, साउंड-रिकॉर्डिस्ट, कट् | विषय की प्रामाणिकता; फ़िल्म-निर्माण की तकनीकी समझ। |
| तत्सम, तद्भव, उर्दू और बांग्ला शब्दों का मेल | निरभ्र, कालखंड; भात, पुकुर; इश्तहार, नदारद | अनूदित पाठ में भी सहज, जीवंत भाषा। |
| हास्य और विस्मय | 'वे सज्जन पकड़े गए', 'अब लाओ पकड़ के उस कुत्ते को!' | कठिनाइयों का वर्णन बोझिल नहीं होता। |
| प्रश्नवाचक वाक्य | 'अब क्या होगा?', 'दृश्य कैसे अच्छा लगेगा?' | उस समय की उलझन और तनाव को पाठक तक पहुँचाते हैं। |
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
अच्छी तकनीक वह है जिसका इस्तेमाल दिखाई न पड़े।
सत्यजित राय (पाठ के आरंभ में दिया गया उनका कथन, 'पटकथा-16' के साक्षात्कार से): लेखक-परिचय के साथ उद्धृत।
पूरे पाठ की कुंजी: तीन रेलगाड़ियाँ, दो कुत्ते, दो श्रीनिवास, पर दर्शक को पता नहीं चलता।
फ़िल्म पूरी होती है तो फ़िल्मकार जन्म लेता है।
पाठ की भूमिका (संपादकीय टिप्पणी): पहली फ़िल्म को 'अबूझ पहेली' बताते हुए।
पहली फ़िल्म किसी निर्देशक की असली पहचान बनाती है।
बीच के सात दिनों में जानवरों ने वे सारे काशफूल खा डाले थे!
सत्यजित राय: पालसिट गाँव में आधा दृश्य फ़िल्माने के बाद लौटने पर।
कंटिन्युइटी की समस्या का आरंभ।
अब यहाँ धीरज रखने के सिवा दूसरा उपाय नहीं था।
सत्यजित राय: कुत्ते के बच्चों के पीछे न दौड़ने पर।
फ़िल्म-निर्माण में धैर्य का महत्त्व।
नेबूर-पाता करमचा, हे वृष्टी घरे जा!
दुर्गा (फ़िल्म के दृश्य में): बारिश में भीगकर पेड़ के नीचे भाई के पास बैठते हुए।
बांग्ला लोक-बोली से दृश्य की ग्रामीण सच्चाई और बचपन की मासूमियत।
सत्यजित राय – अपू के साथ ढाई साल in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
कंटिन्युइटी (निरंतरता)
मान लीजिए आप स्कूल के वार्षिक उत्सव के लिए मोबाइल से एक छोटी फ़िल्म बना रहे हैं और नायक का एक दृश्य आधा सोमवार को, आधा शुक्रवार को फ़िल्माना है।
राय के अनुभव से आप किन बातों का ध्यान रखेंगे? (लगभग 40 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- काशफूल प्रसंग: पृष्ठभूमि बदलने से मेल टूटता है।
- कपड़े, बाल, रोशनी, स्थान की तस्वीरें लेकर रखना।
Answer: मैं पहले दिन नायक के कपड़ों, बालों, रोशनी और पृष्ठभूमि की तस्वीरें लेकर रखूँगा ताकि शुक्रवार को सब वैसा ही रहे। राय के काशफूल प्रसंग की तरह पृष्ठभूमि बदली तो दृश्य का मेल टूट जाएगा।
Memory hook: एक दृश्य, दो दिन, पर एक जैसा सब कुछ।
साधन कम, सूझ ज़्यादा
कल्पना कीजिए कि आपकी विज्ञान प्रदर्शनी के मॉडल का एक हिस्सा प्रदर्शनी से एक दिन पहले टूट जाता है और नया खरीदने के पैसे नहीं हैं।
भूलो कुत्ते वाले प्रसंग से आपको क्या प्रेरणा मिलती है?
Try it first, then show the solutionSolution
- राय ने हार नहीं मानी; मिलता-जुलता विकल्प खोजा।
- घर के सामान से वैसा ही हिस्सा बनाना।
Answer: जैसे राय ने भूलो जैसा दिखने वाला दूसरा कुत्ता ढूँढ़कर दृश्य पूरा किया, वैसे ही मैं घर में उपलब्ध सामग्री से मिलता-जुलता हिस्सा बनाकर मॉडल पूरा करूँगा।
Memory hook: विकल्प खोजो, काम मत छोड़ो।
धैर्य
यदि आप किसी पक्षी की तस्वीर खींचना चाहते हैं और वह घंटों तक सही जगह पर नहीं बैठता, तो आप क्या करेंगे?
पाठ के किस प्रसंग से यह स्थिति मिलती है?
Try it first, then show the solutionSolution
- बारिश के लिए राय रोज़ गाँव में बैठे रहे।
- प्रकृति पर निर्भर काम में प्रतीक्षा ही उपाय।
Answer: शरद ऋतु में बारिश की प्रतीक्षा वाला प्रसंग; राय की तरह धैर्य से रोज़ प्रयास करना ही अच्छा परिणाम देता है।
Memory hook: बादल का इंतज़ार, फिर बेहतरीन शॉट।
Topics in this chapter
How the school exam asks सत्यजित राय – अपू के साथ ढाई साल
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| पठित गद्यांश (प्रश्न 9, 1×5) | अपू की खोज, काशफूल और रेलगाड़ी, भूलो कुत्ता, श्रीनिवास, बारिश या भूपेन बाबू वाले अंश पर पाँच बहुविकल्पी प्रश्न (कथन-कारण सहित)। | पहले पहचानें कि गद्यांश किस दृश्य से है; फिर समस्या और उसका समाधान, दोनों याद करें। |
| लगभग 40 शब्द (प्रश्न 11, 2 अंक) | शूटिंग ढाई साल क्यों चली, अपू कैसे मिला, बारिश के दृश्य की कठिनाई, सुबोध दा या धोबी का प्रसंग। | कारण और परिणाम, दो वाक्यों में; एक ठोस तथ्य (संख्या, नाम) अवश्य दें। |
| लगभग 60 शब्द (प्रश्न 10, 3 अंक) | वे तीन प्रसंग जिनमें दर्शक तरकीब नहीं पहचान पाते, फ़िल्मकार की समस्याएँ, राय फ़िल्म को कला-माध्यम मानते हैं या व्यवसाय। | तीन बिंदु; हर बिंदु में समस्या + समाधान + परिणाम। |
Tricks to remember सत्यजित राय – अपू के साथ ढाई साल
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
तीन छिपी तरकीबें: '3-2-2'
3 रेलगाड़ियाँ, 2 कुत्ते (भूलो), 2 श्रीनिवास।
Use it when: 'दर्शक पहचान नहीं पाते' वाले प्रश्न।
स्थान और व्यक्ति
पालसिट = काशफूल और रेल; बोडाल = घर, भूलो, सुबोध दा, धोबी, साँप; रासबिहारी एवेन्यू = इंटरव्यू।
Use it when: बहुविकल्पी प्रश्नों में स्थान पहचानने के लिए।
प्रसंग-क्रम: 'अ-का-भू-श्री-बा-सु'
अपू की खोज → काशफूल → भूलो → श्रीनिवास → बारिश → सुबोध दा और बोडाल।
Use it when: सार लिखते समय क्रम बनाए रखने के लिए।
सत्यजित राय – अपू के साथ ढाई साल: extract-based questions
Read the extract, answer every part on paper, then open the answers.
Extract 1: गद्यांश 1: चर लिए गए काशफूल
कहाँ गए वे सारे काशफूल। बीच के सात दिनों में जानवरों ने वे सारे काशफूल खा डाले थे! अब अगर हम उस जगह बाकी आधे सीन की शूटिंग करते, तो पहले आधे सीन के साथ उसका मेल कैसे बैठता? उसमें से ‘कंटिन्युइटी’ नदारद हो जाती!
(1) · 1 mark · MCQ
टीम सात दिन पहले इस जगह पर कौन-सा दृश्य फ़िल्मा रही थी?
(क) बारिश में भाई-बहन का दृश्य
(ख) अपू-दुर्गा का पहली बार रेलगाड़ी देखना
(ग) मिठाईवाले के पीछे दौड़ना
(घ) अपू का भात खाना(2) · 1 mark · MCQ
(संदर्भ: सात दिन बाद शूटिंग के लिए लौटने पर टीम उस जगह को पहचान ही नहीं पाई।) लेखक उस जगह को पहचान क्यों नहीं पाए?
(क) रास्ता भूल गए थे
(ख) वहाँ रेल-लाइन हटा दी गई थी
(ग) जानवर सारे काशफूल खा गए थे
(घ) बाढ़ आ गई थी(3) · 1 mark · MCQ
गद्यांश में आए फ़िल्मी शब्द 'कंटिन्युइटी' का अर्थ है:
(क) शूटिंग की गति
(ख) निरंतरता, तारतम्यता
(ग) कैमरे का कोण
(घ) अभिनय की शैली(4) · 1 mark · MCQ
इस समस्या का समाधान लेखक ने कैसे किया?
(क) नकली फूल लगवाकर
(ख) दृश्य फ़िल्म से हटाकर
(ग) अगले साल शरद ऋतु में मैदान फिर काशफूलों से भरने पर बाकी हिस्सा फ़िल्माकर
(घ) दूसरे गाँव में पूरा दृश्य दोबारा फ़िल्माकर(5) · 1 mark · MCQ
'नदारद' शब्द का अर्थ और भाषा-स्रोत क्या है?
(क) गायब, उर्दू-फ़ारसी
(ख) नष्ट, संस्कृत
(ग) अधूरा, बांग्ला
(घ) धुँधला, अंग्रेज़ी
Show the answersAnswers
- (ख) अपू-दुर्गा का पहली बार रेलगाड़ी देखना
- (ग) जानवर सारे काशफूल खा गए थे
- (ख) निरंतरता, तारतम्यता
- (ग) अगले साल शरद ऋतु में मैदान फिर काशफूलों से भरने पर बाकी हिस्सा फ़िल्माकर
- (क) गायब, उर्दू-फ़ारसी
Extract 2: गद्यांश 2: काला धुआँ और सफ़ेद काशफूल
रेलगाड़ी स्टेशन से निकलते समय अनिल बाबू भी इंजिन-ड्राइवर की केबिन में चढ़ते थे। क्योंकि गाड़ी के शूटिंग की जगह के पास आते ही बॉयलर में कोयला डालना ज़रूरी था, ताकि काला धुआँ निकले। सफ़ेद काशफूलों की पृष्ठभूमि पर अगर काला धुआँ नहीं आया, तो दृश्य कैसे अच्छा लगेगा?
(1) · 1 mark · MCQ
(संदर्भ: जिस स्टेशन से रेलगाड़ियाँ आने वाली थीं, वहाँ टीम के अनिल बाबू तैनात थे।) अनिल बाबू इंजन-ड्राइवर की केबिन में क्यों चढ़ते थे?
(क) रेलगाड़ी रुकवाने के लिए
(ख) शूटिंग की जगह आते ही बॉयलर में कोयला डलवाने के लिए
(ग) टिकट बचाने के लिए
(घ) ड्राइवर का अभिनय करने के लिए(2) · 1 mark · MCQ
काले धुएँ से लेखक कौन-सा दृश्य-प्रभाव चाहते थे?
(क) डर का वातावरण
(ख) सफ़ेद काशफूलों के सामने रंगों का तीखा विरोध (कंट्रास्ट)
(ग) रात का दृश्य
(घ) प्रदूषण का संदेश(3) · 1 mark · MCQ
इस दृश्य के लिए कुल कितनी रेलगाड़ियों का प्रयोग हुआ?
(क) एक
(ख) दो
(ग) तीन
(घ) चार(4) · 1 mark · MCQ
गद्यांश से सत्यजित राय के व्यक्तित्व की कौन-सी विशेषता सबसे अधिक झलकती है?
(क) जल्दबाज़ी
(ख) दृश्य की सुंदरता के लिए बारीक योजना
(ग) पैसों के प्रति लापरवाही
(घ) तकनीक से डर(5) · 1 mark · Assertion-reason
कथन (A): आज के डीज़ल और बिजली वाले इंजनों से यह दृश्य उसी रूप में फ़िल्माना कठिन होता। कारण (R): ऐसे इंजनों में कोयला डालकर काला धुआँ नहीं निकाला जा सकता।
(क) A और R दोनों सही हैं, R, A की सही व्याख्या है
(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं है
(ग) A सही, R गलत
(घ) A गलत, R सही
Show the answersAnswers
- (ख) शूटिंग की जगह आते ही बॉयलर में कोयला डलवाने के लिए
- (ख) सफ़ेद काशफूलों के सामने रंगों का तीखा विरोध (कंट्रास्ट)
- (ग) तीन
- (ख) दृश्य की सुंदरता के लिए बारीक योजना
- (क) A और R दोनों सही हैं, R, A की सही व्याख्या है
सत्यजित राय – अपू के साथ ढाई साल: exam-level solved questions
Ordered from exam level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: अपू की खोज · 2 marks · Short answerExam level
अपू की भूमिका के लिए बालक ढूँढ़ने में राय को किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा? (लगभग 40 शब्द)
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- छह साल का उपयुक्त लड़का नहीं मिल रहा था; विज्ञापन और इंटरव्यू बेकार गए।
- एक पिता बेटी के बाल कटवाकर ले आए; अंत में पड़ोस का सुबीर मिला।
Answer: राय को छह साल का ऐसा लड़का नहीं मिल रहा था जो अपू के पात्र में ठीक बैठे। अखबार में विज्ञापन देकर इंटरव्यू लिए, पर कोई जँचा नहीं; एक पिता तो बेटी के बाल कटवाकर ले आए। अंत में पत्नी ने पड़ोस की छत पर सुबीर बनर्जी को देखा।
Example 2: धोबी से परेशानी · 2 marks · Short answerHarder exam level
शूटिंग वाले घर के पड़ोसी धोबी से टीम को किस परेशानी की आशंका रहती थी और वह कैसे टली? (लगभग 40 शब्द)
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- धोबी कभी भी 'भाइयों और बहनों!' कहकर लंबा राजनीतिक भाषण शुरू कर देता था।
- शूटिंग के समय इससे साउंड बिगड़ सकता था; उसके रिश्तेदारों ने मदद की।
Answer: पड़ोसी धोबी थोड़ा पागल था और कभी भी 'भाइयों और बहनों!' कहकर किसी राजकीय मुद्दे पर लंबा भाषण शुरू कर देता था। शूटिंग के समय ऐसा होने पर साउंड का काम बिगड़ सकता था। उसके रिश्तेदारों की मदद से यह परेशानी सँभल गई।
Example 3: दिखाई न देने वाली तकनीक · 3 marks · Short answerHarder exam level
'अच्छी तकनीक वह है जिसका इस्तेमाल दिखाई न पड़े।' पाठ के किन्हीं दो प्रसंगों से इस कथन की पुष्टि कीजिए। (लगभग 60 शब्द)
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- रेलगाड़ी का दृश्य: तीन अलग गाड़ियाँ, फिर भी एक ही गाड़ी लगती है।
- श्रीनिवास का दृश्य: दूसरा व्यक्ति पीठ दिखाकर; किसी का ध्यान नहीं गया।
- निष्कर्ष: तकनीक कहानी में घुल जाए।
Answer: काशफूलों वाले दृश्य में एक के बाद एक तीन अलग रेलगाड़ियाँ फ़िल्माई गईं, फिर भी परदे पर एक ही गाड़ी दिखती है। श्रीनिवास मिठाईवाले के दृश्य में दूसरे व्यक्ति को कैमरे की ओर पीठ करके फ़िल्माया गया, और राय के अनुसार किसी दर्शक ने यह अंतर नहीं पकड़ा। दोनों जगह तकनीक कहानी में घुल गई, यही अच्छी तकनीक की पहचान है।
Example 4: बाल-कलाकारों का कष्ट · 3 marks · Short answerExam level
शरद ऋतु की बारिश वाले दृश्य में बाल-कलाकारों को क्या कष्ट सहना पड़ा और टीम ने उनकी देखभाल कैसे की? इससे बाल-कलाकारों के प्रति फ़िल्मकार की ज़िम्मेदारी के बारे में क्या पता चलता है? (लगभग 60 शब्द)
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- धुआँधार बारिश, ठंड, अपू का बदन खुला; वह सिहर रहा था।
- शॉट के बाद दूध में थोड़ी ब्रांडी देकर शरीर गरम किया।
- ज़िम्मेदारी: अच्छे शॉट के साथ बच्चों की सुरक्षा भी।
Answer: अक्टूबर की ठंड में धुआँधार बारिश हो रही थी, अपू का बदन खुला था और कैमरे से देखने पर वह ठंड से सिहरता दिख रहा था। शॉट पूरा होते ही टीम ने दूध में थोड़ी ब्रांडी मिलाकर दी और भाई-बहन का शरीर गरम किया। इससे पता चलता है कि फ़िल्मकार को अच्छे दृश्य के साथ बाल-कलाकारों के स्वास्थ्य और सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखना चाहिए।
Example 5: बोडाल गाँव: तब और अब · 3 marks · Short answerHOTS / competency
राय ने शूटिंग के लिए बोडाल गाँव को अधिक उपयुक्त क्यों माना? आज उस गाँव में आए बदलाव 'पथेर पांचाली' जैसी फ़िल्म की शूटिंग को कैसे प्रभावित करते? (लगभग 60 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- बोडाल में अपू-दुर्गा का घर, स्कूल, मैदान, खेत, पुकुर, आम के पेड़, बाँस का झुरमुट, सब पास-पास।
- अब बिजली, पक्के घर, पक्के रास्ते।
- पुराने ग्रामीण परिवेश को दिखाने के लिए सेट या दूसरी जगह खोजनी पड़ती।
Answer: बोडाल और उसके आसपास अपू-दुर्गा का घर, स्कूल, मैदान, खेत, पुकुर, आम के पेड़ और बाँस का झुरमुट, सब मिल गए थे, इसलिए राय ने उसे गोपाल ग्राम से बेहतर माना। अब वहाँ बिजली, पक्के घर और पक्के रास्ते बन गए हैं। ऐसे में बिना बिजली वाले पुराने गाँव का सच्चा परिवेश दिखाने के लिए सेट बनाना या कोई दूसरा गाँव खोजना पड़ता।
Example 6: आज वही दृश्य · 2 marks · Short answerHOTS / competency
मान लीजिए आज काशफूलों के बीच रेलगाड़ी वाला दृश्य उसी रूप में दोबारा फ़िल्माना हो। पाठ के आधार पर कौन-सी कठिनाई आएगी और आप क्या उपाय सुझाएँगे? (लगभग 40 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- राय के अनुसार डीज़ल-बिजली के इंजनों से वह काला धुआँ नहीं मिलेगा।
- उपाय: किसी हेरिटेज भाप इंजन का उपयोग या धुएँ का दृश्य-प्रभाव।
Answer: राय स्वयं कहते हैं कि डीज़ल और बिजली के इंजनों के युग में वह दृश्य वैसा नहीं बन पाता, क्योंकि कोयले से उठता काला धुआँ नहीं मिलेगा। उपाय के रूप में किसी पुराने भाप इंजन वाली हेरिटेज गाड़ी का उपयोग किया जा सकता है।
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
'अच्छी तकनीक वह है जिसका इस्तेमाल दिखाई न पड़े' की दो प्रसंगों से पुष्टि (लगभग 60 शब्द, 3 अंक) (3 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| दो उपयुक्त प्रसंग (रेलगाड़ी, भूलो या श्रीनिवास) और उनमें अपनाई गई तरकीब | 1.5 |
| कथन से जोड़ता निष्कर्ष: दर्शक तरकीब नहीं पहचान पाते | 1 |
| भाषा और शब्द-सीमा | 0.5 |
अपू की खोज में आई कठिनाइयाँ (लगभग 40 शब्द, 2 अंक) (2 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| उपयुक्त लड़का न मिलना; विज्ञापन और इंटरव्यू का असफल रहना | 1 |
| अंत में पत्नी द्वारा पड़ोस के सुबीर बनर्जी को देखना | 1 |
Where students lose marks in सत्यजित राय – अपू के साथ ढाई साल
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: पाठ को कहानी या आत्मकथा कहना
यह संस्मरण है, बांग्ला से विलास गिते द्वारा अनूदित।
Do this: विधा और अनुवादक, दोनों सही लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: यह लिखना कि काशफूल बारिश या आग से नष्ट हुए
पाठ के अनुसार सात दिनों में जानवर उन्हें खा गए थे।
Do this: समस्या का कारण पाठ के अनुसार ही लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: 'कंटिन्युइटी' का अर्थ केवल 'लगातार शूटिंग' लिखना
इसका अर्थ है अलग-अलग समय पर फ़िल्माए गए हिस्सों में दृश्य का मेल बना रहना।
Do this: परिभाषा के साथ काशफूल या भूलो का उदाहरण दें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: तीन तरकीबों वाले प्रश्न में बारिश का दृश्य गिनना
बारिश का दृश्य असली बारिश में फ़िल्माया गया था; उसमें कोई छिपी तरकीब नहीं थी।
Do this: '3-2-2' याद रखें: रेलगाड़ी, कुत्ता, श्रीनिवास।
Usually costs: 1 अंक
Practice questions on सत्यजित राय – अपू के साथ ढाई साल
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQExam level
अपू की भूमिका निभाने वाला बालक राय को कैसे मिला?
(क) अखबार के विज्ञापन से
(ख) स्कूल में ऑडिशन से
(ग) राय की पत्नी ने पड़ोस की छत पर देखा
(घ) एक मित्र की सिफ़ारिश सेHint
विज्ञापन से काम नहीं बना।
Answer
(ग) राय की पत्नी ने पड़ोस की छत पर देखा
Q2 · 1 mark · Very short answerExam level
भूपेन बाबू ने एक दिन 'साउंड ठीक है न?' का जवाब क्यों नहीं दिया?
Hint
कमरे की खिड़की।
Answer
कमरे की खिड़की से एक बड़ा साँप उतर रहा था; उसे देखकर वे सहम गए और उनकी बोलती बंद हो गई।
Q3 · 2 marks · Short answerHarder exam level
कुत्ता बच्चों के पीछे नहीं दौड़ रहा था। राय ने यह समस्या कैसे सुलझाई और यह दौड़ना दृश्य के लिए ज़रूरी क्यों था? (लगभग 40 शब्द)
Hint
दुर्गा के हाथ में क्या छिपाया गया?
Answer
राय ने दुर्गा के हाथ में थोड़ी मिठाई छिपवाई और उसे कुत्ते को दिखाकर दौड़ने को कहा; तब कुत्ता पीछे भागा। यह ज़रूरी था, क्योंकि बच्चों के पीछे दौड़ने पर ही कुत्ता उनका पालतू लग सकता था।
Q4 · 1 mark · MCQHarder exam level
कथन (A): राय को डर था कि ढाई साल में अपू और दुर्गा बड़े दिखने लगेंगे। कारण (R): शूटिंग लंबी खिंचने का अंदाज़ा उन्हें पहले से था, इसलिए उन्होंने बड़े बच्चे चुने थे।
(क) A और R दोनों सही, R व्याख्या करता है
(ख) A और R दोनों सही, R व्याख्या नहीं करता
(ग) A सही, R गलत
(घ) A गलत, R सहीHint
क्या राय को पहले से अंदाज़ा था?
Answer
(ग) A सही, R गलत (राय को पहले यह अंदाज़ा नहीं था कि काम ढाई साल चलेगा)
Q5 · 3 marks · Short answerHOTS / competency
सुबोध दा के व्यवहार में आए परिवर्तन से मनुष्य के स्वभाव के बारे में क्या पता चलता है? (लगभग 60 शब्द)
Hint
पहले क्रोध और शक, बाद में वायलिन; अपनापन।
Answer
पहले सुबोध दा फ़िल्म वालों को देखकर लाठी से मारने की बात चिल्लाते थे और सबको अपना दुश्मन समझते थे। परिचय बढ़ने पर वही टीम को पास बुलाकर वायलिन पर लोकधुनें सुनाने लगे। इससे पता चलता है कि अपरिचय से शक और डर पैदा होता है, जबकि धैर्य और अपनेपन से कठोर दिखने वाला व्यक्ति भी अपना कोमल, कलाप्रेमी रूप दिखा देता है।
Q6 · 3 marks · Short answerHarder exam level
बेटी के बाल कटवाकर उसे 'अपू' बनाकर लाने वाले पिता के प्रसंग से फ़िल्म में भूमिका पाने की होड़ के बारे में क्या पता चलता है? राय ने उसे तुरंत कैसे पहचान लिया? (लगभग 60 शब्द)
Hint
गर्दन पर पाउडर, नाज़ुक आवाज़, 'टिया'; अभिभावकों की महत्त्वाकांक्षा।
Answer
राय ने बच्चे की गर्दन पर लगा पाउडर देखा और नाम पूछने पर नाज़ुक आवाज़ में 'टिया' सुना, तो उन्हें शक हुआ; पूछते ही पिता ने सच मान लिया। इस प्रसंग से पता चलता है कि फ़िल्म में भूमिका पाने के लिए कुछ अभिभावक बच्चे की पहचान तक बदल देने को तैयार हो जाते थे। यह महत्त्वाकांक्षा बच्चे के साथ अन्याय भी है।
Q7 · 2 marks · Short answerHOTS / competency
'जो फ़िल्मी दुनिया हमें चमक-दमक भरी लगती है, उसके पीछे भारी संघर्ष होता है।' पाठ और आज के किसी उदाहरण के आधार पर इस कथन पर अपना मत लिखिए। (लगभग 40 शब्द)
Hint
राय का संघर्ष; आज के स्वतंत्र फ़िल्मकार।
Answer
यह कथन सही है। राय को नौकरी के साथ, सीमित पैसों में, ढाई साल संघर्ष करना पड़ा। आज भी छोटे बजट वाले स्वतंत्र फ़िल्मकार उधार, क्राउडफ़ंडिंग और कम संसाधनों में काम करते हैं; परदे की चमक के पीछे वर्षों की मेहनत छिपी रहती है।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.'पथेर पांचाली' कब प्रदर्शित हुई?Show answer
1955 में।
2.अपू की भूमिका किसने निभाई?Show answer
सुबीर बनर्जी ने।
3.इंदिरा ठाकरुन की भूमिका किसने निभाई और उनकी उम्र कितनी थी?Show answer
चुन्नीबाला देवी, अस्सी वर्ष।
4.काशफूलों वाला दृश्य किस गाँव में फ़िल्माया गया?Show answer
कलकत्ता से सत्तर मील दूर पालसिट गाँव में।
5.अपू की माँ का नाम क्या है?Show answer
सर्वजया।
6.साउंड-रिकॉर्डिस्ट कौन थे?Show answer
भूपेन बाबू।
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप शूटिंग के ढाई साल खिंचने के दो कारण बता सकते हैं?
- क्या आप '3-2-2' वाली तीनों छिपी तरकीबें समझा सकते हैं?
- क्या आप कंटिन्युइटी का अर्थ काशफूल प्रसंग से स्पष्ट कर सकते हैं?
- क्या आप बारिश के दृश्य की कठिनाई और समाधान लिख सकते हैं?
- क्या आप सिद्ध कर सकते हैं कि राय फ़िल्म को कला-माध्यम मानते थे?
सत्यजित राय – अपू के साथ ढाई साल: frequently asked questions
'अपू के साथ ढाई साल' किस विधा की रचना है?
यह संस्मरण है। सत्यजित राय ने इसे बांग्ला में लिखा और विलास गिते ने हिंदी में अनुवाद किया।
पाठ का शीर्षक 'अपू के साथ ढाई साल' क्यों रखा गया?
'पथेर पांचाली' का नायक बालक अपू है और फ़िल्म की शूटिंग ढाई साल चली; यह शीर्षक उसी लंबे साथ और अनुभव को दर्शाता है।
'पथेर पांचाली' किस पर आधारित है?
पाठ के अनुसार यह एक मूल उपन्यास पर आधारित है, जिसमें भूलो कुत्ते का भी उल्लेख है। लेखक-परिचय बताता है कि राय के पसंदीदा साहित्यकारों में विभूति भूषण बंद्योपाध्याय शामिल हैं।
वास्तुसर्प किसे कहा गया है?
वह साँप जो बहुत दिनों से घर में रहता हो; स्थानीय मान्यता के कारण लोगों ने उसे मारने नहीं दिया।
Based on: CBSE हिंदी (आधार) (302) पाठ्यक्रम, कक्षा 11-12, 2026-27; NCERT आरोह भाग 1 (Reprint 2026-27), पाठ 3: अपू के साथ ढाई साल