पत्रकारिता के विविध आयाम: Class 11 अभिव्यक्ति और माध्यम पाठ 2, नोट्स और प्रश्न
Updated 15 October 2026 · Fact-checked
'पत्रकारिता के विविध आयाम' अभिव्यक्ति और माध्यम का दूसरा पाठ है। इसमें पत्रकारिता और समाचार का अर्थ, समाचार के तत्त्व (नवीनता, निकटता, प्रभाव, जनरुचि आदि), संपादन के सिद्धांत, संपादकीय, फ़ोटो और कार्टून जैसे आयाम, खोजपरक, वॉचडॉग, एडवोकेसी और वैकल्पिक पत्रकारिता तथा मीडिया के मौजूदा रुझान समझाए गए हैं।
What पत्रकारिता के विविध आयाम is about
पत्रकारिता के विविध आयाम अभिव्यक्ति और माध्यम (NCERT) का दूसरा पाठ है। खंड ख के प्रश्न 5 में पाठ 1, 2, 9, 10, 14, 15 और 16 से लगभग 40 शब्दों के (2 अंक) और लगभग 60 शब्दों के (3 अंक) प्रश्न विकल्प सहित आते हैं।
पाठ की संरचना:
- पत्रकारिता का मूल: मनुष्य की जिज्ञासा
- समाचार क्या है: हर सूचना समाचार नहीं
- समाचार के तत्त्व: नवीनता, निकटता, प्रभाव, जनरुचि, टकराव, महत्त्वपूर्ण लोग, उपयोगी जानकारियाँ, अनोखापन, पाठक वर्ग, नीतिगत ढाँचा
- संपादन और उसके सिद्धांत: तथ्यों की शुद्धता, वस्तुपरकता, निष्पक्षता, संतुलन, स्रोत
- पत्रकारिता के अन्य आयाम: संपादकीय, फ़ोटो पत्रकारिता, कार्टून कोना, रेखांकन और कार्टोग्राफ़ी
- पत्रकारिता के प्रकार: खोजपरक, विशेषीकृत, वॉचडॉग, एडवोकेसी, वैकल्पिक
- मौजूदा रुझान: व्यापारीकरण, समाचार और मनोरंजन का घुलना, विविधता का घटना, केंद्रीकरण, साख का ह्रास
Weightage: खंड ख (अभिव्यक्ति और माध्यम, 80 में से 22 अंक): प्रश्न 5 में पाठ 1, 2, 9, 10, 14, 15 और 16 पर आधारित प्रश्न (विकल्प सहित) आते हैं, लगभग 40 शब्दों के चार प्रश्न (2-2 अंक) और लगभग 60 शब्दों का एक प्रश्न (3 अंक)।Source: CBSE हिंदी (आधार) 302 पाठ्यक्रम 2026-27, कक्षा 11 परीक्षा हेतु पाठ्यक्रम विनिर्देशन
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
माध्यम ही संदेश है।
मार्शल मैकलुहान (कनाडा के संचारशास्त्री), पाठ में उद्धृत: पाठ के आरंभ में।
माध्यम का स्वरूप ही संदेश के प्रभाव को गढ़ता है।
जिज्ञासा नहीं रहेगी तो समाचार की भी ज़रूरत नहीं रहेगी।
NCERT पाठ: पत्रकारिता के मूल तत्त्व की चर्चा।
पत्रकारिता का आधार मनुष्य की जिज्ञासा।
संपादकीय पृष्ठ को समाचारपत्र का सबसे महत्त्वपूर्ण पृष्ठ माना जाता है।
NCERT पाठ: पत्रकारिता के अन्य आयाम।
अखबार की राय और विचार-विमर्श का स्थान।
एक तरह से कार्टून पहले पन्ने पर प्रकाशित होने वाले हस्ताक्षरित संपादकीय हैं।
NCERT पाठ: कार्टून कोना।
कार्टून की टिप्पणी की ताकत।
Key concepts
- पत्रकारिता और जिज्ञासा
अपने आसपास की घटनाओं और लोगों के बारे में ताज़ा जानकारी रखना मनुष्य का सहज स्वभाव है। यही जिज्ञासा समाचार और पत्रकारिता का मूल तत्त्व है; पत्रकारिता का विकास इसी जिज्ञासा को शांत करने की कोशिश के रूप में हुआ।
- सूचनाएँ हमें अगला कदम तय करने में मदद करती हैं।
- प्रत्यक्ष अनुभव से बाहर की दुनिया के बारे में हमारी अधिकांश जानकारी समाचार माध्यमों से आती है।
- पत्रकारिता का संबंध सूचनाओं को संकलित और संपादित करके आम पाठकों तक पहुँचाने से है।
Worked example
पाठ के अनुसार पत्रकारिता का मूल तत्त्व क्या है?
Try it first, then show the solutionSolution
- मनुष्य की सहज जिज्ञासा।
- जिज्ञासा न हो तो समाचार की ज़रूरत भी नहीं।
Answer: पत्रकारिता का मूल तत्त्व मनुष्य की सहज जिज्ञासा है; ताज़ा जानकारी जानने की इसी इच्छा को शांत करने के लिए पत्रकारिता का विकास हुआ। जिज्ञासा नहीं रहेगी तो समाचार की ज़रूरत भी नहीं रहेगी।
- समाचार क्या है
हर सूचना समाचार नहीं होती। आपसी कुशलक्षेम या किसी मित्र की शादी हमारा निजी मामला है; उसमें बहुत लोगों की रुचि नहीं होती। समाचार माध्यम हज़ारों-लाखों लोगों के लिए काम करते हैं, इसलिए वही चुनते हैं जिसका सार्वजनिक महत्त्व हो।
पाठ की परिभाषा: समाचार किसी भी ऐसी ताज़ा घटना, विचार या समस्या की रिपोर्ट है, जिसमें अधिक से अधिक लोगों की रुचि हो और जिसका अधिक से अधिक लोगों पर प्रभाव पड़ रहा हो।
किसी समाचार का चयन, आकार और प्रस्तुति पत्रकार और समाचार संगठन तय करते हैं; इसीलिए एक अखबार की 'लीड स्टोरी' दूसरे में भीतर के पन्ने पर हो सकती है।
- समाचार के तत्त्व
किसी घटना के समाचार बनने के लिए ये तत्त्व महत्त्वपूर्ण हैं:
1. नवीनता: ताज़ा होना; पर कभी पुरानी, अब सामने आई बात भी समाचार बनती है।
2. निकटता: भौगोलिक और सांस्कृतिक निकटता; लोग अपने आसपास की खबरों में अधिक रुचि लेते हैं।
3. प्रभाव: जितने अधिक लोग या बड़ा भू-भाग प्रभावित, उतना बड़ा समाचार; नीतिगत फ़ैसलों का दीर्घकालिक प्रभाव भी।
4. जनरुचि: पाठकों-दर्शकों के बड़े तबके की रुचि।
5. टकराव या संघर्ष: लोगों की स्वाभाविक दिलचस्पी; पर ध्यान रहे कि खबर से आग न भड़के।
6. महत्त्वपूर्ण लोग: प्रसिद्ध व्यक्तियों से जुड़ी बात; पर निजी जीवन की सीमा न लाँघें।
7. उपयोगी जानकारियाँ
8. अनोखापन: असामान्य घटनाएँ; अंधविश्वास फैलाने से बचें।
9. पाठक वर्ग: किस अखबार के पाठक कौन हैं।
10. नीतिगत ढाँचा: समाचार संगठन की अपनी नीति।- संपादन और उसके सिद्धांत
संपादन का अर्थ है किसी सामग्री से अशुद्धियाँ दूर करके उसे पठनीय बनाना। उपसंपादक रिपोर्टर की खबर की भाषा-शैली, व्याकरण, वर्तनी और तथ्य की अशुद्धियाँ दूर करता है, उसे काटता-छाँटता है और तय करता है कि उसे कितनी और कहाँ जगह मिले।
संपादन के सिद्धांत:
- तथ्यों की शुद्धता (एक्युरेसी): जो घटा, वही यथासंभव सटीक।
- वस्तुपरकता (ऑब्जेक्टीविटी): अपनी धारणाओं और पूर्वाग्रहों से मुक्त प्रस्तुति।
- निष्पक्षता (फ़ेयरनेस): किसी पक्ष की ओर झुकाव नहीं; पत्रकार के लिए 'पक्षपात' अपशब्द जैसा।
- संतुलन (बैलेंस): विवादास्पद मुद्दों पर सभी पक्षों की बात।
- स्रोत (सोर्सिंग-एट्रीब्यूशन): हर सूचना का स्रोत होना चाहिए; विविध स्रोत।
पाठ में पत्रकार की 'बैसाखियाँ' भी बताई गई हैं: सचाई, संतुलन, निष्पक्षता और स्पष्टता।
- पत्रकारिता के अन्य आयाम
- संपादकीय: संपादकीय पृष्ठ अखबार का सबसे महत्त्वपूर्ण पृष्ठ माना जाता है; इस पर अखबार घटनाओं पर अपनी राय रखता है; विशेषज्ञों के लेख और संपादक के नाम पत्र भी यहीं छपते हैं।
- फ़ोटो पत्रकारिता: जो बात हज़ार शब्द नहीं कह पाते, वह एक तसवीर कह देती है; असर व्यापक और सीधा।
- कार्टून कोना: एक तरह से पहले पन्ने पर छपने वाले हस्ताक्षरित संपादकीय; चुटीली टिप्पणी कई बार कड़े संपादकीय से भी अधिक असरदार।
- रेखांकन और कार्टोग्राफ़ी: ग्राफ़ से क्रिकेट के स्कोर या सेंसेक्स जैसी बात एक नज़र में; टी.वी. में भी उपयोग।
- पत्रकारिता के प्रमुख प्रकार
- खोजपरक पत्रकारिता: गहरी छानबीन से छिपाए जा रहे तथ्य सामने लाना, विशेषकर भ्रष्टाचार और अनियमितताएँ; टी.वी. में इसका नया रूप स्टिंग ऑपरेशन; अमेरिका का वाटरगेट कांड (राष्ट्रपति निक्सन का इस्तीफ़ा) नायाब उदाहरण।
- विशेषीकृत पत्रकारिता: विषय-विशेषज्ञता से घटनाओं की तह तक जाना; सात प्रमुख क्षेत्र: संसदीय, न्यायालय, आर्थिक, खेल, विज्ञान और विकास, अपराध, फ़ैशन और फ़िल्म।
- वॉचडॉग पत्रकारिता: सरकार के कामकाज पर निगाह रखना और गड़बड़ी का परदाफ़ाश; इसका दूसरा छोर सरकारी सूत्रों पर आधारित पत्रकारिता।
- एडवोकेसी (पक्षधर) पत्रकारिता: किसी विचारधारा या मुद्दे के पक्ष में जनमत बनाने का अभियान; जैसे जेसिका लाल हत्याकांड में न्याय के लिए अभियान।
- वैकल्पिक पत्रकारिता: स्थापित व्यवस्था के विकल्प को सामने लाने वाला मीडिया; बड़ी पूँजी और विज्ञापन का समर्थन नहीं, पाठकों के सहयोग पर निर्भर। (इसके विपरीत मुख्यधारा मीडिया व्यवस्था के अनुकूल, विज्ञापन से मुनाफ़ा।)
- समाचार माध्यमों में मौजूदा रुझान
- मध्यम वर्ग, साक्षरता और क्रय शक्ति बढ़ने से मीडिया बाज़ार का विस्तार; साथ ही व्यापारीकरण।
- 'क्लास मार्केट' को 'मास मार्केट' बनाने की होड़; समाचार और मनोरंजन का अंतर घटा; समाचार भी एक 'उत्पाद' बन गया।
- पीत-पत्रकारिता और पेज-थ्री पत्रकारिता की धाराएँ पहले भी थीं, पर उनके और मुख्यधारा के बीच की विभाजन रेखा अब मिट गई।
- विविधता का अभाव: अनेक अखबार-चैनल, पर सब एक जैसे।
- केंद्रीकरण: बड़े अखबारों के अनेक संस्करण; छोटे स्थानीय प्रेस का सिमटना।
- परिणाम: साख और प्रभाव का ह्रास; उपाय: समाचारों को उनका न्यायोचित स्थान लौटाना।
पत्रकारिता के विविध आयाम in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
समाचार के तत्त्व पहचानना
मान लीजिए आप स्कूल के न्यूज़लेटर के संपादक हैं और आपके पास तीन खबरें हैं: कैंटीन का मेन्यू बदला, एक छात्र ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता जीती, और एक शिक्षक का जन्मदिन।
किसे मुख्य खबर बनाएँगे और क्यों? (लगभग 40 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- तत्त्व: नवीनता, निकटता, प्रभाव, जनरुचि, अनोखापन।
- राष्ट्रीय जीत: स्कूल के गौरव और सबकी रुचि से जुड़ी।
Answer: राष्ट्रीय प्रतियोगिता की जीत मुख्य खबर होगी, क्योंकि यह ताज़ा है, पूरे स्कूल के गौरव और रुचि से जुड़ी है और दूसरों को प्रेरित करती है; मेन्यू उपयोगी जानकारी के रूप में अंदर छपेगा।
Memory hook: रुचि + प्रभाव = पहला पन्ना।
संतुलन
कल्पना कीजिए कि आपके मोहल्ले में पार्क की जगह पार्किंग बनाने पर विवाद है और आप उस पर रिपोर्ट लिख रहे हैं।
संपादन के किस सिद्धांत का पालन करेंगे?
Try it first, then show the solutionSolution
- विवादास्पद मुद्दे पर सभी पक्ष।
- एकपक्षीय समाचार असंतुलित।
Answer: संतुलन का; पार्क चाहने वालों, पार्किंग चाहने वालों और नगर निगम, तीनों की बात रिपोर्ट में दूँगा।
Memory hook: दोनों पक्ष, पूरा सच।
स्रोत की जाँच
यदि सोशल मीडिया पर किसी प्रसिद्ध व्यक्ति के बारे में चौंकाने वाली खबर फैल रही हो और आपके मित्र उसे तुरंत आगे भेजना चाहें, तो?
पाठ के 'स्रोत' और 'तथ्यों की शुद्धता' के सिद्धांत से सलाह दीजिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- हर सूचना का विश्वसनीय स्रोत ज़रूरी।
- पुष्टि के बिना अफ़वाह न फैलाएँ।
Answer: पहले विश्वसनीय समाचार स्रोतों से पुष्टि करें; बिना स्रोत और जाँच के खबर आगे भेजना अफ़वाह फैलाना है।
Memory hook: स्रोत नहीं, तो शेयर नहीं।
Topics in this chapter
How the school exam asks पत्रकारिता के विविध आयाम
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| परिभाषा/अवधारणा (2 अंक, लगभग 40 शब्द) | समाचार, संपादन, संपादकीय, खोजपरक/वॉचडॉग/एडवोकेसी/वैकल्पिक पत्रकारिता, स्टिंग ऑपरेशन, पीत-पत्रकारिता, पेज-थ्री किसे कहते हैं? | परिभाषा + पाठ का उदाहरण (वाटरगेट, जेसिका लाल, ब्लिट्ज़)। |
| तत्त्व/सिद्धांत की व्याख्या (2-3 अंक) | समाचार के तत्त्व (निकटता, प्रभाव, टकराव आदि) या संपादन के सिद्धांत (वस्तुपरकता, संतुलन आदि) उदाहरण सहित। | तत्त्व का अर्थ + उसका कारण + एक उदाहरण। |
| विश्लेषण (3 अंक, लगभग 60 शब्द) | मीडिया के व्यापारीकरण के प्रभाव, मुख्यधारा बनाम वैकल्पिक मीडिया, लोकतंत्र में वॉचडॉग पत्रकारिता। | पाठ के तर्क + वर्तमान उदाहरण + संतुलित निष्कर्ष। |
Tricks to remember पत्रकारिता के विविध आयाम
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
समाचार के तत्त्व: 'न-नि-प्र-ज-ट-म-उ-अ-पा-नी'
नवीनता, निकटता, प्रभाव, जनरुचि, टकराव, महत्त्वपूर्ण लोग, उपयोगी जानकारी, अनोखापन, पाठक वर्ग, नीतिगत ढाँचा।
Use it when: तत्त्वों वाले प्रश्न।
संपादन के सिद्धांत: 'त-व-नि-सं-स्रो'
तथ्यों की शुद्धता, वस्तुपरकता, निष्पक्षता, संतुलन, स्रोत।
Use it when: संपादन वाले प्रश्न।
पत्रकारिता के प्रकार और उदाहरण
खोजपरक = वाटरगेट, स्टिंग; एडवोकेसी = जेसिका लाल; वॉचडॉग = सरकार पर निगाह; वैकल्पिक = पाठकों के सहयोग से; विशेषीकृत = सात क्षेत्र।
Use it when: प्रकारों वाले प्रश्न।
पत्रकारिता के विविध आयाम: exam-level solved questions
Ordered from exam level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: हर सूचना समाचार नहीं · 2 marks · Short answerExam level
'हर सूचना समाचार नहीं होती'—इस कथन को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। (लगभग 40 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- कुशलक्षेम, मित्र की शादी: निजी, सीमित रुचि।
- समाचार: सार्वजनिक महत्त्व, अधिक लोगों की रुचि और प्रभाव।
Answer: दोस्तों का आपसी कुशलक्षेम या किसी मित्र की शादी हमारे लिए सूचना है, पर इसमें बाहर के लोगों की रुचि नहीं होती, इसलिए यह समाचार नहीं। समाचार वही बनता है, जिसका सार्वजनिक महत्त्व हो, जिसमें अधिक लोगों की रुचि हो और जो अधिक लोगों को प्रभावित करे।
Example 2: निकटता का तत्त्व · 2 marks · Short answerExam level
समाचार के तत्त्व के रूप में 'निकटता' का क्या अर्थ है? (लगभग 40 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- भौगोलिक निकटता: अपने इलाके की खबर अधिक रोचक।
- सांस्कृतिक निकटता: दूर होकर भी जुड़ाव वाले लोग-देश।
Answer: लोग अपने आसपास की घटनाओं में अधिक रुचि लेते हैं, इसलिए किसी खबर का महत्त्व उसकी स्थानीयता से भी तय होता है; यह भौगोलिक निकटता है। कभी दूर की घटना भी सांस्कृतिक जुड़ाव के कारण निकट लगती है; इसे सांस्कृतिक निकटता कहते हैं।
Example 3: वस्तुपरकता और निष्पक्षता · 3 marks · Short answerHarder exam level
संपादन के सिद्धांतों में वस्तुपरकता और निष्पक्षता का क्या महत्त्व है? (लगभग 60 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- वस्तुपरकता: अपनी धारणाओं, पूर्वाग्रहों से मुक्त प्रस्तुति।
- निष्पक्षता: किसी पक्ष की ओर झुकाव नहीं; 'पक्षपात' अपशब्द जैसा।
- परिणाम: विश्वसनीयता।
Answer: वस्तुपरकता का अर्थ है कि पत्रकार किसी घटना को अपनी पहले से बनी धारणाओं और पूर्वाग्रहों से मुक्त होकर, जैसी है वैसी प्रस्तुत करे। निष्पक्षता का अर्थ है किसी पक्ष की ओर न झुकना; पत्रकार के लिए 'पक्षपात' अपशब्द जैसा है और पक्षपाती पत्रकार को पाठक ही खारिज कर देते हैं। इन दोनों सिद्धांतों से ही पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनती है।
Example 4: खोजपरक पत्रकारिता · 3 marks · Short answerHarder exam level
खोजपरक पत्रकारिता किसे कहते हैं? लोकतंत्र में इसका क्या महत्त्व है? पाठ से एक उदाहरण दीजिए। (लगभग 60 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- गहरी छानबीन से छिपाए जा रहे तथ्य सामने लाना।
- भ्रष्टाचार और अनियमितताएँ; जब कोई और उपाय न बचे।
- उदाहरण: वाटरगेट, निक्सन का इस्तीफ़ा; स्टिंग ऑपरेशन नया रूप।
Answer: जिस पत्रकारिता में गहरी छानबीन करके ऐसे तथ्य सामने लाए जाते हैं, जिन्हें दबाने या छिपाने की कोशिश हो रही हो, उसे खोजपरक पत्रकारिता कहते हैं। जब गोपनीयता अधिक और भ्रष्टाचार व्यापक हो, तब सच सामने लाने का यही उपाय बचता है; इससे शासन जवाबदेह रहता है। अमेरिका का वाटरगेट कांड इसका उदाहरण है, जिसमें राष्ट्रपति निक्सन को इस्तीफ़ा देना पड़ा।
Example 5: वैकल्पिक बनाम मुख्यधारा मीडिया · 3 marks · Short answerHOTS / competency
मुख्यधारा के मीडिया और वैकल्पिक पत्रकारिता में क्या अंतर है? (लगभग 60 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- मुख्यधारा: व्यवस्था के अनुकूल, आलोचना का सीमित दायरा, बड़ी पूँजी, विज्ञापन से मुनाफ़ा।
- वैकल्पिक: व्यवस्था के विकल्प को सामने लाना, सरकार-पूँजी का समर्थन नहीं, पाठकों पर निर्भर।
- निष्कर्ष: लोकतंत्र में विविध आवाज़ों के लिए दोनों का महत्त्व।
Answer: मुख्यधारा का मीडिया स्थापित व्यवस्था के साथ तालमेल बिठाकर, आलोचना के एक सीमित दायरे में काम करता है; उसका स्वामित्व बड़ी पूँजी के पास होता है और मुनाफ़ा मुख्यतः विज्ञापनों से आता है। वैकल्पिक पत्रकारिता व्यवस्था के विकल्प और उससे जुड़ी सोच को सामने लाती है; उसे सरकार, बड़ी पूँजी या बड़े विज्ञापनों का सहारा नहीं मिलता और वह पाठकों के सहयोग पर चलती है।
Example 6: व्यापारीकरण का असर · 3 marks · Short answerHOTS / competency
पाठ के अनुसार मीडिया के व्यापारीकरण ने समाचारों की प्रकृति को कैसे बदला है? क्या आप इस विश्लेषण से सहमत हैं? (लगभग 60 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- मास मार्केट की होड़; समाचार और मनोरंजन का अंतर घटा।
- पीत/पेज-थ्री और मुख्यधारा की रेखा मिटी; सब एक जैसे।
- मत: सहमति + आज का उदाहरण + उपाय।
Answer: पाठ के अनुसार मुनाफ़े की होड़ में समाचार मीडिया ने खास पाठक वर्ग के बजाय आम बाज़ार को लुभाना शुरू किया; समाचार 'उत्पाद' बन गया और समाचार व मनोरंजन का अंतर घटा। पीत और पेज-थ्री पत्रकारिता से विभाजन रेखा मिट गई और सब अखबार-चैनल एक जैसे लगने लगे। मैं सहमत हूँ; आज भी सनसनीखेज़ खबरें ज़रूरी मुद्दों को पीछे धकेल देती हैं, जिससे मीडिया की साख घटती है।
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
खोजपरक पत्रकारिता: अर्थ, महत्त्व, उदाहरण (लगभग 60 शब्द, 3 अंक) (3 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| परिभाषा | 1 |
| लोकतंत्र में महत्त्व | 1 |
| उदाहरण (वाटरगेट/स्टिंग ऑपरेशन) | 1 |
'निकटता' तत्त्व का अर्थ (लगभग 40 शब्द, 2 अंक) (2 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| भौगोलिक निकटता | 1 |
| सांस्कृतिक निकटता | 1 |
Where students lose marks in पत्रकारिता के विविध आयाम
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: वॉचडॉग और खोजपरक पत्रकारिता को एक ही मान लेना
वॉचडॉग सरकार के कामकाज पर निरंतर निगरानी है; खोजपरक गहरी छानबीन से छिपाए गए तथ्य उजागर करना है।
Do this: दोनों की परिभाषा और उदाहरण अलग रखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: वस्तुपरकता और तथ्यपरकता में अंतर न करना
तथ्यपरकता अधिकाधिक सही तथ्यों से जुड़ी है; वस्तुपरकता अपने पूर्वाग्रहों से मुक्त प्रस्तुति से।
Do this: दोनों के अर्थ अलग-अलग लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: उदाहरण गढ़ लेना या गलत उदाहरण देना
पाठ में वाटरगेट (खोजपरक) और जेसिका लाल (एडवोकेसी) जैसे स्पष्ट उदाहरण हैं।
Do this: पाठ के उदाहरण सही प्रकार के साथ लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: 3 अंक के प्रश्न में केवल परिभाषा लिखना
लगभग 60 शब्दों में अर्थ, महत्त्व और उदाहरण अपेक्षित हैं।
Do this: परिभाषा + महत्त्व/कारण + उदाहरण।
Usually costs: 1 अंक
Practice questions on पत्रकारिता के विविध आयाम
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQExam level
'माध्यम ही संदेश है'—यह कथन किसका है?
(क) विल्बर श्रैम
(ख) मार्शल मैकलुहान
(ग) प्रभाष जोशी
(घ) जुगल किशोर शुक्लHint
कनाडा के संचारशास्त्री।
Answer
(ख) मार्शल मैकलुहान
Q2 · 1 mark · Very short answerExam level
विशेषीकृत पत्रकारिता के किन्हीं चार क्षेत्रों के नाम लिखिए।
Hint
सात क्षेत्र।
Answer
संसदीय, न्यायालय, आर्थिक और खेल पत्रकारिता (अन्य: विज्ञान और विकास, अपराध, फ़ैशन और फ़िल्म)।
Q3 · 2 marks · Short answerHarder exam level
कार्टून को 'हस्ताक्षरित संपादकीय' क्यों कहा गया है? (लगभग 40 शब्द)
Hint
राय, नाम के साथ, पहले पन्ने पर; चुटीला असर।
Answer
संपादकीय की तरह कार्टून भी किसी घटना पर टिप्पणी और राय प्रकट करता है, और वह कार्टूनिस्ट के नाम के साथ, अक्सर पहले पन्ने पर छपता है। उसकी चुटीली टिप्पणी कई बार कड़े और धारदार संपादकीय से भी अधिक प्रभावी होती है।
Q4 · 1 mark · MCQHarder exam level
कथन (A): वॉचडॉग पत्रकारिता का दूसरा छोर सरकारी सूत्रों पर आधारित पत्रकारिता है। कारण (R): सरकारी सूत्रों पर आधारित पत्रकारिता में मीडिया केवल वही देता है जो सरकार चाहती है और आलोचनात्मक पक्ष छोड़ देता है।
(क) A और R दोनों सही, R व्याख्या करता है
(ख) A और R दोनों सही, R व्याख्या नहीं करता
(ग) A सही, R गलत
(घ) A गलत, R सहीHint
निगरानी बनाम आज्ञापालन।
Answer
(क) A और R दोनों सही, R व्याख्या करता है
Q5 · 3 marks · Short answerHOTS / competency
मान लीजिए आपके शहर में एक पुल गिर गया है। एक स्थानीय अखबार के संपादक के रूप में आप समाचार के किन तीन तत्त्वों के आधार पर इसे पहले पन्ने की खबर बनाएँगे और संपादन के किन दो सिद्धांतों का विशेष ध्यान रखेंगे? (लगभग 60 शब्द)
Hint
नवीनता, निकटता, प्रभाव; तथ्यों की शुद्धता, संतुलन/स्रोत।
Answer
यह ताज़ा घटना है (नवीनता), हमारे ही शहर की है (निकटता) और हज़ारों लोगों के आवागमन और सुरक्षा पर असर डालती है (प्रभाव); इसलिए यह पहले पन्ने की खबर होगी। संपादन में तथ्यों की शुद्धता का ध्यान रखूँगा, ताकि हताहतों की संख्या अफ़वाह पर आधारित न हो, और संतुलन का, यानी प्रशासन, ठेकेदार और प्रभावित लोगों, सभी पक्षों की बात देंगे।
Q6 · 2 marks · Short answerHarder exam level
एडवोकेसी पत्रकारिता किसे कहते हैं? पाठ में दिए उदाहरण के साथ लिखिए। (लगभग 40 शब्द)
Hint
जनमत बनाने का अभियान; जेसिका लाल।
Answer
जब कोई समाचार संगठन किसी विचारधारा, उद्देश्य या मुद्दे के पक्ष में जनमत बनाने के लिए लगातार और ज़ोर-शोर से अभियान चलाता है, तो उसे एडवोकेसी या पक्षधर पत्रकारिता कहते हैं। जैसे जेसिका लाल हत्याकांड में न्याय के लिए समाचार माध्यमों ने सक्रिय अभियान चलाया।
Q7 · 3 marks · Short answerHOTS / competency
आज कई चैनल एक ही खबर को एक ही ढंग से दिखाते हैं। पाठ में बताए 'विविधता के अभाव' और 'केंद्रीकरण' के रुझान का पाठकों और लोकतंत्र पर क्या असर पड़ता है? (लगभग 60 शब्द)
Hint
एक जैसे समाचार, स्थानीय मुद्दे गायब, सीमित दृष्टिकोण, साख का ह्रास।
Answer
जब सब अखबार और चैनल सबसे बिकाऊ बनने की होड़ में एक ही तरह की खबरें दिखाते हैं, तो पाठकों को अलग-अलग दृष्टिकोण नहीं मिलते और कई ज़रूरी स्थानीय मुद्दे छूट जाते हैं। केंद्रीकरण से छोटे स्थानीय अखबार सिमटते हैं। इससे नागरिक 'जानकार' नहीं बन पाते, लोकतांत्रिक बहस कमज़ोर होती है और मीडिया की साख भी घटती है।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.पत्रकारिता का मूल तत्त्व क्या है?Show answer
मनुष्य की जिज्ञासा।
2.अखबार का सबसे महत्त्वपूर्ण पृष्ठ कौन-सा माना जाता है?Show answer
संपादकीय पृष्ठ।
3.वाटरगेट कांड में किसे इस्तीफ़ा देना पड़ा?Show answer
अमेरिका के राष्ट्रपति निक्सन को।
4.पत्रकार की चार 'बैसाखियाँ' कौन-सी हैं?Show answer
सचाई, संतुलन, निष्पक्षता और स्पष्टता।
5.वैकल्पिक मीडिया किस पर निर्भर होता है?Show answer
अपने पाठकों के सहयोग पर।
6.भारत का कौन-सा समाचारपत्र सनसनीखेज़ पत्रकारिता के उदाहरण के रूप में पाठ में आया है?Show answer
'ब्लिट्ज़'।
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप समाचार की परिभाषा और 'हर सूचना समाचार नहीं' का अर्थ लिख सकते हैं?
- क्या आप समाचार के दस तत्त्व क्रम से बता सकते हैं?
- क्या आप संपादन के पाँच सिद्धांत उदाहरण सहित समझा सकते हैं?
- क्या आप पत्रकारिता के पाँच प्रकार और उनके उदाहरण बता सकते हैं?
- क्या आप मीडिया के मौजूदा रुझानों पर 60 शब्दों में टिप्पणी लिख सकते हैं?
पत्रकारिता के विविध आयाम: frequently asked questions
समाचार की पाठ में दी गई परिभाषा क्या है?
समाचार किसी भी ऐसी ताज़ा घटना, विचार या समस्या की रिपोर्ट है, जिसमें अधिक से अधिक लोगों की रुचि हो और जिसका अधिक से अधिक लोगों पर प्रभाव पड़ रहा हो।
संपादन का क्या अर्थ है?
किसी सामग्री से भाषा, व्याकरण, वर्तनी और तथ्य की अशुद्धियाँ दूर करके उसे पठनीय बनाना और उसके महत्त्व के अनुसार स्थान तय करना।
स्टिंग ऑपरेशन किसका रूप है?
टेलीविज़न में खोजपरक (खोजी) पत्रकारिता का नया रूप।
पीत-पत्रकारिता और पेज-थ्री पत्रकारिता के बारे में पाठ क्या कहता है?
ये धाराएँ समाचार मीडिया में हमेशा रही हैं, पर पहले मुख्यधारा से उनकी एक विभाजन रेखा थी, जिसे व्यापारीकरण के मौजूदा रुझान ने मिटा दिया है।
Based on: CBSE हिंदी (आधार) (302) पाठ्यक्रम, कक्षा 11-12, 2026-27; NCERT अभिव्यक्ति और माध्यम (Reprint 2026-27), पाठ 2: पत्रकारिता के विविध आयाम