कथा-पटकथा: Class 11 अभिव्यक्ति और माध्यम पाठ 10, अर्थ, प्रारूप और प्रश्न
Updated 15 October 2026 · Fact-checked
'कथा-पटकथा' अभिव्यक्ति और माध्यम का दसवाँ पाठ है। पटकथा 'पट' (परदा) और 'कथा' (कहानी) से बना शब्द है: वह कहानी जो सिनेमा या टेलीविज़न के परदे पर दिखाने के लिए दृश्यों में लिखी जाए। इसकी मूल इकाई दृश्य है, जो स्थान, समय या कार्य-व्यापार बदलने पर बदल जाता है।
What कथा-पटकथा is about
कथा-पटकथा अभिव्यक्ति और माध्यम (NCERT) का पाठ 10 है। खंड ख के प्रश्न 5 में पाठ 1, 2, 9, 10, 14, 15 और 16 पर लगभग 40 शब्दों के (2 अंक) और लगभग 60 शब्दों के (3 अंक) प्रश्न विकल्प सहित आते हैं। इस पाठ से पटकथा का अर्थ, कथा के स्रोत, नाटक और फ़िल्म की पटकथा का अंतर, फ़्लैशबैक-फ़्लैश फ़ॉरवर्ड, दृश्य-विभाजन और पटकथा के प्रारूप पर प्रश्न बनते हैं।
पाठ के मुख्य बिंदु:
- पटकथा: स्रोत, स्वरूप और संरचना
- नाटक व फ़िल्म की पटकथा में अंतर
- फ़्लैशबैक, फ़्लैश फ़ॉरवर्ड और एक ही समय में अलग-अलग स्थानों की घटनाएँ
- दृश्य: पटकथा की मूल इकाई; 'रजनी' के उदाहरण से दृश्य-विभाजन
- पटकथा लेखन का प्रारूप (दृश्य संख्या, स्थान, समय, INT./EXT., कट टू आदि)
- पटकथा और कंप्यूटर
Weightage: खंड ख (अभिव्यक्ति और माध्यम, 80 में से 22 अंक): प्रश्न 5 में पाठ 1, 2, 9, 10, 14, 15 और 16 पर आधारित प्रश्न (विकल्प सहित) आते हैं, लगभग 40 शब्दों के चार प्रश्न (2-2 अंक) और लगभग 60 शब्दों का एक प्रश्न (3 अंक)।Source: CBSE हिंदी (आधार) 302 पाठ्यक्रम 2026-27, कक्षा 11 परीक्षा हेतु पाठ्यक्रम विनिर्देशन
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
पटकथा कुछ और नहीं कैमरे से फ़िल्म के परदे पर दिखाए जाने के लिए लिखी हुई कथा है।
मनोहर श्याम जोशी, पाठ में उद्धृत: पाठ के आरंभ में।
पटकथा की सबसे सरल परिभाषा: परदे के लिए लिखी गई कहानी।
कथा ही नहीं होगी तो पटकथा कैसे बनेगी?
NCERT पाठ: कथा के स्रोतों की चर्चा से पहले।
पटकथा का पहला आधार कथा है; फिर उसे दृश्यों में बदला जाता है।
पटकथा की मूल इकाई होती है दृश्य।
NCERT पाठ: दृश्य-विभाजन की चर्चा।
पटकथा दृश्यों में सोची और लिखी जाती है।
Key concepts
- पटकथा का अर्थ और महत्त्व
'पटकथा' दो शब्दों से बना है: पट यानी परदा और कथा यानी कहानी। अर्थात वह कहानी जो परदे पर दिखाई जाए, परदा चाहे सिनेमा का बड़ा हो या टेलीविज़न का छोटा। पाठ की शुरुआत मनोहर श्याम जोशी की पुस्तक 'पटकथा लेखन—एक परिचय' के संदर्भ से होती है।
पटकथा पूरी फ़िल्म या धारावाहिक की नींव है:
- निर्देशक उसी के आधार पर शूटिंग की योजना बनाता है।
- अभिनेता अपनी भूमिका की बारीकियाँ और संवाद उसी से जानते हैं।
- कैमरे के पीछे के तकनीशियन और सहायक अपने-अपने विभाग की ज़रूरी सूचनाएँ उसी से पाते हैं।
Worked example
पटकथा को फ़िल्म का 'मूल आधार' क्यों कहा जाता है?
Try it first, then show the solutionSolution
- निर्देशक, अभिनेता, तकनीशियन, सबका काम पटकथा से तय होता है।
- पटकथा के बिना शूटिंग की योजना ही नहीं बन सकती।
Answer: क्योंकि शूटिंग की योजना, अभिनेताओं के संवाद और भूमिकाएँ तथा तकनीशियनों के काम की सूचनाएँ, सब पटकथा से ही मिलती हैं; पटकथा के बिना फ़िल्म या धारावाहिक का निर्माण शुरू ही नहीं हो सकता।
- कथा के स्रोत
पटकथा के लिए सबसे पहले कथा चाहिए। पाठ के अनुसार कथा कई स्रोतों से मिल सकती है:
1. अपने साथ या आसपास की ज़िंदगी में घटी कोई घटना
2. अखबार में छपा कोई समाचार
3. अपनी कल्पना से उपजी कहानी
4. इतिहास का कोई व्यक्तित्व या सच्चा किस्सा
5. साहित्य की किसी दूसरी विधा की रचना (उपन्यास, कहानी, नाटक)उदाहरण: शरत्चंद्र चट्टोपाध्याय का उपन्यास 'देवदास' हिंदी में तीन बार फ़िल्माया गया; प्रेमचंद, फणीश्वरनाथ रेणु, धर्मवीर भारती, मन्नू भंडारी की रचनाएँ परदे पर आईं; दूरदर्शन अकसर साहित्यिक रचनाओं पर धारावाहिक और टेलीफ़िल्में बनवाता है।
- नाटक और फ़िल्म की पटकथा: समानता और अंतर
समानता: फ़िल्म की पटकथा की संरचना नाटक से बहुत मिलती है, इसीलिए अंग्रेज़ी में इसे 'स्क्रीनप्ले' कहते हैं। दोनों में पात्र, नायक-प्रतिनायक, घटनास्थल, दृश्य, कहानी का क्रमिक विकास, द्वंद्व और समाधान होते हैं।
अंतर:
आधार नाटक फ़िल्म/टीवी दृश्य की लंबाई अकसर लंबे छोटे-छोटे घटनास्थल सीमित कोई सीमा नहीं माध्यम सजीव: अभिनेता दर्शकों के सामने, उसी समय पहले से रिकॉर्ड छवियाँ और ध्वनियाँ अवधि/स्थान एक मंच, निश्चित अवधि अलग-अलग सेट-लोकेशन, दो दिन से दो साल तक कथा का विकास लीनियर (एक-रेखीय) फ़्लैशबैक-फ़्लैश फ़ॉरवर्ड से किसी भी क्रम में इसी कारण नाटक में कार्य-व्यापार, दृश्य और पात्रों की संख्या सीमित रखनी पड़ती है, फ़िल्म में नहीं।
- फ़्लैशबैक और फ़्लैश फ़ॉरवर्ड
- फ़्लैशबैक: वर्तमान से अतीत में जाकर पहले घटी घटना दिखाना। पाठ का उदाहरण: रांगेय राघव की कहानी 'गूँगे' पर फ़िल्म; पिटा हुआ गूँगा दरवाज़े पर आता है और चमेली को उससे पहली मुलाकात का दिन याद आता है।
- फ़्लैश फ़ॉरवर्ड: भविष्य में होने वाली (या आशंकित) घटना को पहले दिखा देना। पाठ का उदाहरण: मोहन राकेश के नाटक 'अंडे के छिलके' में वीना को अंडे के छिलकों वाला मोज़ा मिलता है और उसके मन में कौंधता है कि सास जमुना देवी ने सबके सामने छिलके गिरा दिए हैं।
- ज़रूरी नियम: दोनों युक्तियों के बाद वर्तमान में लौटना आवश्यक है, ताकि दर्शक असमंजस में न रहें।
- एक ही समय, अलग-अलग स्थान: फ़िल्म एक साथ दो जगह की घटनाएँ बारी-बारी दिखा सकती है (जैसे वीना का हलुआ बनाना और उधर जमुना देवी का घर पहुँचना); इससे नाटकीय तनाव बढ़ता है।
- दृश्य: पटकथा की मूल इकाई
एक स्थान पर, एक ही समय में, लगातार चल रहे कार्य-व्यापार से एक दृश्य बनता है। इन तीनों में से कोई एक भी बदले तो दृश्य बदल जाता है।
पाठ में 'रजनी' (मन्नू भंडारी) का उदाहरण:
- दृश्य 1: लीला बेन का फ़्लैट, दोपहर; दृश्य 2: अगले दिन हेडमास्टर का कमरा; दृश्य 3: उसी दिन रजनी का फ़्लैट, शाम।
- यदि रजनी और लीला बेन बात करते-करते रसोई में चली जाएँ तो समय, पात्र, कार्य-व्यापार वही रहने पर भी स्थान बदलने से दृश्य संख्या बदलेगी।
- दृश्य 4, 5, 6 में कार्य-व्यापार लगातार है, पर स्थान (बाहरी कक्ष / अधिकारी का कमरा) बदलता है।
- दृश्य 6 और 6 क का स्थान एक है, पर बीच में पाँच-दस मिनट का अंतर है, इसलिए अलग दृश्य।
- 15-20 मिनट का इंतज़ार ज्यों का त्यों दिखाने पर दर्शक ऊब जाएँगे; इसलिए इंतज़ार को छोटे-छोटे दृश्यों (चपरासी से बात, अंदर साहब का पेपरवेट घुमाना, घूस देकर किसी और का अंदर जाना) में बाँटा गया।
- पटकथा लेखन का प्रारूप
हर दृश्य के शीर्ष पर तीन सूचनाएँ अंतरराष्ट्रीय रूप से स्वीकृत क्रम में लिखी जाती हैं:
1. दृश्य संख्या और घटनास्थल (कमरा, पार्क, रेलवे स्टेशन...)
2. समय: दिन/रात/सुबह/शाम
3. अंदर या बाहर: INT. (इंटीरियर) या EXT. (एक्सटीरियर)फिर कोष्ठक में दृश्य का विवरण (परिवेश, पात्रों की स्थिति, भाव), उसके बाद पात्र का नाम और संवाद, संवाद के बीच कोष्ठक में अभिनय-संकेत। दृश्य के अंत में कट टू, डिज़ॉल्व टू, फ़ेड आउट जैसे संकेत निर्देशक और एडिटर की मदद करते हैं; शुरू के संकेत निर्देशक, कैमरामैन, साउंड रिकॉर्डिस्ट, आर्ट डायरेक्टर और प्रोडक्शन मैनेजर के काम आते हैं।
पटकथा और कंप्यूटर: अब ऐसे सॉफ़्टवेयर हैं जिनमें प्रारूप पहले से बना रहता है; वे गड़बड़ियाँ बताते और सुधार सुझाते हैं, पर सुझाव मानना लेखक की सूझबूझ पर है।
कथा-पटकथा in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
दृश्य-विभाजन
मान लीजिए आपकी कक्षा स्कूल के वार्षिकोत्सव के लिए पाँच मिनट की लघु फ़िल्म बना रही है: एक विद्यार्थी सुबह घर से देर से निकलता है, बस छूटती है, वह दौड़कर स्कूल पहुँचता है।
इस कहानी को पाठ की कसौटी पर कितने दृश्यों में बाँटेंगे?
Try it first, then show the solutionSolution
- स्थान बदलते ही नया दृश्य: घर (अंदर), बस स्टॉप (बाहर), सड़क (बाहर), स्कूल का गेट (बाहर)।
- हर दृश्य के शीर्ष पर स्थान/समय/INT.-EXT. लिखें।
Answer: कम-से-कम चार दृश्य: घर/सुबह/अंदर, बस स्टॉप/सुबह/बाहर, सड़क/सुबह/बाहर, स्कूल का गेट/सुबह/बाहर। स्थान बदलना ही हर नए दृश्य का आधार है।
Memory hook: जगह बदली, दृश्य बदला।
फ़्लैशबैक
कल्पना कीजिए कि आप दादी के जीवन पर पाँच मिनट का वीडियो बना रहे हैं; वीडियो में आज की दादी पुराना फ़ोटो एल्बम खोलती हैं।
यहाँ फ़्लैशबैक का प्रयोग कैसे करेंगे और उसकी शर्त क्या है?
Try it first, then show the solutionSolution
- एल्बम का फ़ोटो → दादी के बचपन या शादी का दृश्य (अतीत)।
- अंत में वर्तमान में लौटें: दादी एल्बम बंद करके मुसकराती हैं।
Answer: किसी फ़ोटो पर कैमरा रुके और अतीत का दृश्य दिखे; फिर कहानी वर्तमान में लौटे, ताकि दर्शक भ्रमित न हों।
Memory hook: पीछे जाओ, पर लौट आओ।
एक समय, दो स्थान
मान लीजिए आपकी फ़िल्म में एक ओर माँ अस्पताल में बेटे का इंतज़ार कर रही हैं और दूसरी ओर बेटा ट्रैफ़िक जाम में फँसा है।
पटकथा में तनाव बढ़ाने के लिए क्या करेंगे?
Try it first, then show the solutionSolution
- दोनों स्थानों के छोटे-छोटे दृश्य बारी-बारी (कट टू)।
- हर कट के साथ घड़ी और बेचैनी बढ़ती दिखे।
Answer: अस्पताल और जाम के दृश्य बारी-बारी काटकर दिखाएँगे, जैसे पाठ में वीना का हलुआ और जमुना देवी का घर पहुँचना; इससे नाटकीय तनाव बढ़ेगा।
Memory hook: इधर-उधर काटो, धड़कन बढ़ाओ।
Topics in this chapter
How the school exam asks कथा-पटकथा
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| परिभाषा/अवधारणा (2 अंक, लगभग 40 शब्द) | पटकथा का अर्थ; पटकथा की मूल इकाई; फ़्लैशबैक या फ़्लैश फ़ॉरवर्ड क्या है; INT./EXT. का अर्थ। | शब्द-विग्रह या परिभाषा + पाठ का एक उदाहरण। |
| तुलना/कारण (3 अंक, लगभग 60 शब्द) | नाटक और फ़िल्म की पटकथा में अंतर; दृश्य कब बदलता है; पटकथा लिखते समय किन बातों का ध्यान रखें। | तीन स्पष्ट बिंदु, हर बिंदु का कारण। |
| अनुप्रयोग (2-3 अंक) | किसी स्थिति को दृश्यों में बाँटना; किसी दृश्य का शीर्ष (स्थान/समय/INT.-EXT.) लिखना; किसी फ़िल्म की तकनीक पहचानना। | स्थान-समय-कार्य-व्यापार की कसौटी लगाएँ; प्रारूप का क्रम सही रखें। |
Tricks to remember कथा-पटकथा
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
दृश्य का सूत्र: 'स्था-स-का'
स्थान + समय + कार्य-व्यापार = एक दृश्य; तीनों में से एक भी बदला तो दृश्य बदला।
Use it when: दृश्य-विभाजन वाले प्रश्न।
शीर्ष का क्रम: 'सं-स्था-स-अं'
दृश्य संख्या → स्थान → समय (दिन/रात) → अंदर/बाहर (INT./EXT.)।
Use it when: प्रारूप लिखने वाले प्रश्न।
कथा के पाँच स्रोत: 'घ-स-क-इ-सा'
घटना, समाचार, कल्पना, इतिहास, साहित्य।
Use it when: स्रोत वाले 2 अंक के प्रश्न।
नाटक बनाम फ़िल्म: 'लं-स्था-स-ली'
लंबाई (दृश्य), स्थान (घटनास्थल), सजीव बनाम रिकॉर्डेड, लीनियर बनाम फ़्लैशबैक।
Use it when: अंतर वाले 3 अंक के प्रश्न।
कथा-पटकथा: exam-level solved questions
Ordered from exam level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: पटकथा का अर्थ · 2 marks · Short answerExam level
'पटकथा' शब्द का अर्थ स्पष्ट कीजिए और बताइए कि फ़िल्म-निर्माण में इसकी क्या भूमिका है। (लगभग 40 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- पट = परदा, कथा = कहानी।
- भूमिका: निर्देशक, अभिनेता, तकनीशियन सबका आधार।
Answer: पटकथा 'पट' (परदा) और 'कथा' (कहानी) से बना है, यानी परदे पर दिखाने के लिए लिखी गई कहानी। इसी के अनुसार निर्देशक शूटिंग की योजना बनाता है, अभिनेता संवाद और भूमिका समझते हैं तथा तकनीशियन अपने विभाग की सूचनाएँ पाते हैं।
Example 2: नाटक और फ़िल्म की पटकथा में अंतर · 3 marks · Short answerExam level
मंच के नाटक और फ़िल्म की पटकथा में तीन मूलभूत अंतर बताइए। (लगभग 60 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- दृश्य: नाटक में लंबे, फ़िल्म में छोटे।
- घटनास्थल: नाटक में सीमित, फ़िल्म में असीमित।
- कथा-विकास: नाटक एक-रेखीय, फ़िल्म में फ़्लैशबैक-फ़्लैश फ़ॉरवर्ड।
Answer: पहला, नाटक के दृश्य प्रायः लंबे होते हैं, जबकि फ़िल्म के छोटे-छोटे। दूसरा, नाटक एक ही मंच पर सीमित घटनास्थलों में चलता है, पर फ़िल्म का हर दृश्य नई जगह हो सकता है। तीसरा, नाटक की कथा एक-रेखीय आगे बढ़ती है, जबकि फ़िल्म फ़्लैशबैक और फ़्लैश फ़ॉरवर्ड से घटनाओं को किसी भी क्रम में दिखा सकती है।
Example 3: दृश्य कब बदलता है · 2 marks · Short answerHarder exam level
रजनी और लीला बेन बातें करते-करते बैठक से रसोई में चली जाती हैं; पात्र, समय और बातचीत वही है। फिर भी पटकथा में नया दृश्य क्यों लिखा जाएगा? (लगभग 40 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- दृश्य = एक स्थान + एक समय + लगातार कार्य-व्यापार।
- स्थान बदला, इसलिए दृश्य बदला।
Answer: दृश्य एक स्थान, एक समय और लगातार चल रहे कार्य-व्यापार से बनता है; इनमें से किसी एक के बदलते ही दृश्य बदल जाता है। यहाँ समय और पात्र वही हैं, पर घटनास्थल बैठक से रसोई हो गया, इसलिए दृश्य संख्या बदलेगी।
Example 4: फ़्लैशबैक के बाद वर्तमान · 2 marks · Short answerHarder exam level
फ़्लैशबैक और फ़्लैश फ़ॉरवर्ड का प्रयोग करने के बाद कहानी को वर्तमान में लौटाना क्यों ज़रूरी है? उदाहरण सहित समझाइए। (लगभग 40 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- न लौटें तो दर्शक नहीं समझेंगे कि अभी क्या हो रहा है।
- उदाहरण: वीना की कल्पना के बाद उसका संवाद पूरा होना।
Answer: वर्तमान में न लौटें तो दर्शक असमंजस में रहेंगे कि कौन-सी घटना अभी घट रही है। 'अंडे के छिलके' के फ़्लैश फ़ॉरवर्ड में वीना की आशंका दिखाने के बाद कहानी वर्तमान में लौटती है, वीना अपना संवाद पूरा करती है और चाय बनाने चली जाती है।
Example 5: इंतज़ार का दृश्य · 3 marks · Short answerHOTS / competency
रजनी को शिक्षा अधिकारी से मिलने के लिए 15-20 मिनट इंतज़ार करना पड़ता है। पटकथा-लेखक इस इंतज़ार को एक लंबे दृश्य के बजाय कई छोटे दृश्यों में क्यों बाँटता है? पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए। (लगभग 60 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- केवल बैठे रहना दिखाने से दर्शक ऊबेंगे।
- छोटे दृश्य: चपरासी से संवाद, अंदर साहब का पेपरवेट घुमाना, घूस देकर किसी का भीतर जाना।
- प्रभाव: व्यवस्था पर व्यंग्य, रजनी का बढ़ता तनाव, कथा आगे बढ़ती है।
Answer: पूरे इंतज़ार में रजनी को केवल बैठा दिखाने से दर्शक ऊब जाएँगे। इसलिए लेखक कट करके कभी रजनी और चपरासी की बातचीत, कभी अंदर पेपरवेट घुमाते साहब और कभी पाँच रुपये देकर भीतर जाते आदमी को दिखाता है। इससे दफ़्तर की लापरवाही और घूसखोरी उजागर होती है, रजनी का तनाव बढ़ता है और दृश्य रोचक बना रहता है।
Example 6: दृश्य का शीर्ष लिखना · 2 marks · Short answerHOTS / competency
किसी बस अड्डे पर रात के समय खुले में घटने वाले दृश्य का शीर्ष पटकथा के प्रारूप में लिखिए और प्रत्येक अंश का उपयोग बताइए। (लगभग 40 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- क्रम: दृश्य संख्या/स्थान, समय, अंदर-बाहर।
- उपयोग: लोकेशन, रोशनी और कैमरे की तैयारी।
Answer: दृश्य-आठ / बस अड्डा / रात / बाहर (EXT.)। दृश्य संख्या और स्थान से प्रोडक्शन टीम लोकेशन तय करती है, 'रात' से कैमरामैन रोशनी की योजना बनाता है और EXT. से पता चलता है कि शूटिंग खुले में होगी, सेट के भीतर नहीं।
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
नाटक और फ़िल्म की पटकथा में तीन अंतर (लगभग 60 शब्द, 3 अंक) (3 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| पहला अंतर (जैसे दृश्य की लंबाई) | 1 |
| दूसरा अंतर (जैसे घटनास्थल की सीमा) | 1 |
| तीसरा अंतर (जैसे एक-रेखीय बनाम फ़्लैशबैक) | 1 |
दृश्य कब बदलता है (लगभग 40 शब्द, 2 अंक) (2 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| दृश्य की परिभाषा: स्थान, समय, कार्य-व्यापार | 1 |
| दी गई स्थिति में कौन-सी कसौटी बदली, स्पष्टीकरण | 1 |
Where students lose marks in कथा-पटकथा
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: फ़्लैशबैक और फ़्लैश फ़ॉरवर्ड की परिभाषाएँ आपस में बदल देना
फ़्लैशबैक अतीत में जाना है, फ़्लैश फ़ॉरवर्ड भविष्य की घटना पहले दिखाना।
Do this: 'बैक = पीछे (अतीत), फ़ॉरवर्ड = आगे (भविष्य)' याद रखें।
Usually costs: 1-2 अंक
Mistake: दृश्य बदलने का कारण केवल 'स्थान' बताना
पाठ के अनुसार स्थान, समय या कार्य-व्यापार, तीनों में से किसी के बदलने पर दृश्य बदलता है (दृश्य 6 और 6 क में केवल समय बदला)।
Do this: तीनों कसौटियाँ लिखें और प्रश्न के अनुसार सही कसौटी पहचानें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: दृश्य के शीर्ष में क्रम गड़बड़ाना या INT./EXT. छोड़ देना
मानक प्रारूप में दृश्य संख्या, स्थान, समय और अंदर/बाहर, चारों सूचनाएँ ज़रूरी हैं।
Do this: 'सं-स्था-स-अं' क्रम अपनाएँ।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: नाटक और फ़िल्म के अंतर में केवल एक-दो सामान्य बातें लिखना ('फ़िल्म बड़ी होती है')
3 अंक के लिए पाठ-आधारित तीन ठोस अंतर चाहिए।
Do this: दृश्य-लंबाई, घटनास्थल, सजीव/रिकॉर्डेड, एक-रेखीय/फ़्लैशबैक में से तीन चुनें।
Usually costs: 1-2 अंक
Mistake: वर्तमान में लौटने की शर्त न लिखना
फ़्लैशबैक के प्रश्न में यह पाठ का मुख्य बिंदु है।
Do this: उत्तर के अंत में 'दर्शकों का असमंजस दूर करने के लिए वर्तमान में लौटना' जोड़ें।
Usually costs: 1 अंक
Practice questions on कथा-पटकथा
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQExam level
पाठ के अनुसार पटकथा की मूल इकाई क्या है?
(क) संवाद
(ख) दृश्य
(ग) पात्र
(घ) कथानकHint
स्थान, समय, कार्य-व्यापार।
Answer
(ख) दृश्य
Q2 · 1 mark · Very short answerExam level
किस उपन्यास को हिंदी में तीसरी बार फ़िल्माए जाने का उल्लेख पाठ में है?
Hint
शरत्चंद्र।
Answer
शरत्चंद्र चट्टोपाध्याय का 'देवदास'।
Q3 · 1 mark · MCQHarder exam level
कथन (A): नाटक में घटनास्थल और पात्रों की संख्या सीमित रखनी पड़ती है। कारण (R): नाटक एक ही मंच पर, निश्चित अवधि में, जीवंत दर्शकों के सामने घटित होता है।
(क) A और R दोनों सही, R व्याख्या करता है
(ख) A और R दोनों सही, R व्याख्या नहीं करता
(ग) A सही, R गलत
(घ) A गलत, R सहीHint
सजीव माध्यम की सीमा।
Answer
(क) A और R दोनों सही, R व्याख्या करता है
Q4 · 2 marks · Short answerHarder exam level
एक ही स्थान, एक ही पात्र, पर बीच में दस मिनट का अंतर: क्या यह एक ही दृश्य होगा? पाठ के उदाहरण से उत्तर दीजिए। (लगभग 40 शब्द)
Hint
दृश्य-छह और छह क।
Answer
नहीं। समय बदलने से दृश्य बदल जाता है। पाठ में दृश्य-छह और दृश्य-छह क का स्थान एक ही (अधिकारी का बाहरी कक्ष) है, पर दोनों के बीच पाँच-दस मिनट का फ़ासला है, इसलिए उन्हें अलग दृश्य संख्या दी गई।
Q5 · 3 marks · Short answerHOTS / competency
मान लीजिए आप प्रेमचंद की कहानी 'नमक का दारोगा' पर टेलीफ़िल्म की पटकथा लिख रहे हैं। फ़िल्म अदालत के दृश्य से शुरू करनी है। फ़्लैशबैक का प्रयोग कहाँ और कैसे करेंगे? (लगभग 60 शब्द)
Hint
वर्तमान (अदालत) → अतीत (यमुना का पुल, रात) → वापस वर्तमान।
Answer
फ़िल्म अदालत में खड़े वंशीधर से शुरू होगी। जैसे ही वकील पूछेगा कि उस रात क्या हुआ, कैमरा वंशीधर के चेहरे पर ठहरेगा और फ़्लैशबैक में यमुना के पुल पर रात का दृश्य आएगा, जहाँ पंडित अलोपीदीन की गाड़ियाँ रोकी जाती हैं। उस घटना के बाद कहानी फिर अदालत में लौटेगी, ताकि दर्शक असमंजस में न रहें।
Q6 · 2 marks · Short answerExam level
पटकथा में दृश्य के अंत में लिखे जाने वाले 'कट टू', 'डिज़ॉल्व टू', 'फ़ेड आउट' जैसे संकेत किनके काम आते हैं और क्यों? (लगभग 40 शब्द)
Hint
निर्देशक और एडिटर।
Answer
ये संकेत मुख्यतः निर्देशक और एडिटर के काम आते हैं। इनसे उन्हें पता चलता है कि एक दृश्य से दूसरे दृश्य में कैसे जाना है: झटके से काटकर, धीरे-धीरे घुलाकर या परदे को धुंधला करते हुए। इससे शूटिंग और संपादन की योजना स्पष्ट रहती है।
Q7 · 2 marks · Short answerHOTS / competency
कंप्यूटर के पटकथा-सॉफ़्टवेयर सुधार के सुझाव देते हैं, फिर भी पाठ अंतिम निर्णय लेखक पर क्यों छोड़ता है? आपकी राय में इसका क्या महत्त्व है? (लगभग 40 शब्द)
Hint
सूझबूझ और इच्छा।
Answer
सॉफ़्टवेयर प्रारूप और तकनीकी गड़बड़ियाँ पकड़ सकता है, पर कहानी की भावना, पात्रों की गहराई और दृश्य का असर लेखक ही समझता है। इसलिए सुझाव मानना या न मानना लेखक की सूझबूझ पर है; मशीन सहायक है, रचनाकार नहीं।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.'पटकथा लेखन—एक परिचय' पुस्तक किसकी है?Show answer
मनोहर श्याम जोशी की।
2.'पट' का अर्थ क्या है?Show answer
परदा।
3.फ़्लैशबैक के लिए पाठ में किस कहानी का उदाहरण है?Show answer
रांगेय राघव की 'गूँगे'।
4.फ़्लैश फ़ॉरवर्ड के लिए किस नाटक का उदाहरण है?Show answer
मोहन राकेश का 'अंडे के छिलके'।
5.'अंडे के छिलके' में वीना की सास का नाम क्या है?Show answer
जमुना देवी।
6.फ़िल्म की शूटिंग की अवधि पाठ के अनुसार कितनी हो सकती है?Show answer
दो दिन से लेकर दो साल तक।
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप 'पटकथा' शब्द का अर्थ और उसकी भूमिका बता सकते हैं?
- क्या आप कथा के पाँच स्रोत गिना सकते हैं?
- क्या आप नाटक और फ़िल्म की पटकथा के तीन अंतर लिख सकते हैं?
- क्या आप फ़्लैशबैक और फ़्लैश फ़ॉरवर्ड को पाठ के उदाहरणों से समझा सकते हैं?
- क्या आप दृश्य बदलने की तीन कसौटियाँ और दृश्य के शीर्ष का प्रारूप लिख सकते हैं?
कथा-पटकथा: frequently asked questions
पटकथा को अंग्रेज़ी में क्या कहते हैं?
स्क्रीनप्ले। इसकी संरचना नाटक से बहुत मिलती है, इसलिए यह नाम पड़ा।
INT. और EXT. का क्या अर्थ है?
INT. (इंटीरियर) यानी दृश्य किसी बंद जगह के अंदर है; EXT. (एक्सटीरियर) यानी खुले में, बाहर।
क्या साहित्यिक रचना पर पटकथा लिखी जा सकती है?
हाँ। साहित्य की दूसरी विधाएँ कथा का एक प्रमुख स्रोत हैं; 'देवदास' और प्रेमचंद, रेणु, धर्मवीर भारती, मन्नू भंडारी की रचनाएँ परदे पर आ चुकी हैं।
पाठ में दृश्य-विभाजन का उदाहरण किस रचना से दिया गया है?
मन्नू भंडारी की 'रजनी' से, जो आरोह भाग 1 में भी है।
Based on: CBSE हिंदी (आधार) (302) पाठ्यक्रम, कक्षा 11-12, 2026-27; NCERT अभिव्यक्ति और माध्यम (Reprint 2026-27), पाठ 10: कथा-पटकथा