स्ववृत्त (बायोडेटा) लेखन और रोज़गार संबंधी आवेदन पत्र: Class 11 पाठ 15
Updated 15 October 2026 · Fact-checked
स्ववृत्त (बायोडेटा) किसी व्यक्ति के बारे में, किसी विशेष प्रयोजन (जैसे नौकरी) को ध्यान में रखकर, सिलसिलेवार ढंग से संकलित सूचनाएँ हैं: व्यक्ति परिचय, शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, उपलब्धियाँ, कार्येतर गतिविधियाँ और संदर्भ-व्यक्ति। नौकरी के लिए इसे हर विज्ञापन के अनुसार लिखे गए आवेदन-पत्र के साथ भेजा जाता है।
What स्ववृत्त (बायोडेटा) लेखन और रोज़गार संबंधी आवेदन पत्र is about
स्ववृत्त (बायोडेटा) लेखन और रोज़गार संबंधी आवेदन पत्र अभिव्यक्ति और माध्यम (NCERT) का पाठ 15 है। खंड ख के प्रश्न 5 में पाठ 1, 2, 9, 10, 14, 15 और 16 पर लगभग 40 शब्दों के (2 अंक) और लगभग 60 शब्दों के (3 अंक) प्रश्न विकल्प सहित आते हैं। रोज़गार के लिए आवेदन-पत्र प्रश्न 4 के औपचारिक पत्र के रूप में भी अभ्यास योग्य है।
पाठ एक बातचीत के रूप में है: मार्केटिंग एक्ज़क्यूटिव बनना चाह रहे नरेंद्र को बार-बार इनकार मिलता है; मुंबई से आए उसके चाचा जी, जो एक बड़ी कंपनी के मानव संसाधन विभाग में बड़े पद पर हैं, उसे अच्छा स्ववृत्त और आवेदन-पत्र बनाना सिखाते हैं। दो महीने बाद नरेंद्र को नौकरी मिल जाती है।
पाठ के मुख्य बिंदु:
- स्ववृत्त का अर्थ और दो पक्ष (उम्मीदवार और नियोक्ता)
- विशेषताएँ: ईमानदारी, सबल पक्षों पर ज़ोर, सरल-सटीक भाषा, उचित लंबाई, साफ़ टंकण
- सूचनाओं का क्रम: व्यक्ति परिचय → शैक्षणिक योग्यता/अनुभव → उपलब्धियाँ → कार्येतर गतिविधियाँ → संदर्भ-व्यक्ति
- आवेदन-पत्र की ज़रूरत और उसके चार हिस्से
Weightage: खंड ख (अभिव्यक्ति और माध्यम, 80 में से 22 अंक): प्रश्न 5 में पाठ 1, 2, 9, 10, 14, 15 और 16 पर आधारित प्रश्न (विकल्प सहित) आते हैं, लगभग 40 शब्दों के चार प्रश्न (2-2 अंक) और लगभग 60 शब्दों का एक प्रश्न (3 अंक)।Source: CBSE हिंदी (आधार) 302 पाठ्यक्रम 2026-27, कक्षा 11 परीक्षा हेतु पाठ्यक्रम विनिर्देशन
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
नौकरी की तलाश भी एक प्रकार की मार्केटिंग ही है।
चाचा जी (नरेंद्र से): नरेंद्र की निराशा पर चाचा जी की सीख।
उम्मीदवार को अपनी योग्यता आकर्षक ढंग से प्रस्तुत करनी होती है, जैसे निर्माता अपने उत्पाद को।
पहली लड़ाई तो तुम्हारा स्ववृत्त ही तुम्हारे लिए लड़ता है।
चाचा जी (नरेंद्र से): स्ववृत्त के महत्त्व पर।
साक्षात्कार तक पहुँचने का रास्ता स्ववृत्त से होकर जाता है।
स्ववृत्त में आलंकारिक भाषा की गुंजाइश नहीं है।
चाचा जी (नरेंद्र से): स्ववृत्त की भाषा-शैली पर नरेंद्र के प्रश्न का उत्तर।
भाषा सरल, सीधी, सटीक और साफ़ हो।
स्ववृत्त सूचनाओं का एक अनुशासित प्रवाह है।
चाचा जी (नरेंद्र से): सूचनाओं के क्रम की चर्चा।
सूचनाएँ तय क्रम में भी हों और उनमें प्रवाह भी हो।
Key concepts
- स्ववृत्त: अर्थ, महत्त्व और दो पक्ष
पाठ के अनुसार स्ववृत्त विशेष प्रकार का लेखन है, जिसमें किसी व्यक्ति के बारे में किसी विशेष प्रयोजन से सिलसिलेवार सूचनाएँ जुटाई जाती हैं।
दो पक्ष: पहला, वह व्यक्ति जिसके बारे में सूचनाएँ हैं (उम्मीदवार); दूसरा, वह व्यक्ति या संस्था जिसके लिए सूचनाएँ जुटाई गईं (नियोक्ता)। इसलिए स्ववृत्त में वही सूचनाएँ हों जिनमें नियोक्ता की रुचि हो।
महत्त्व:
- कंपनियों के पास पाँच पदों के लिए पाँच हज़ार तक स्ववृत्त आ सकते हैं; साक्षात्कार के लिए अधिक-से-अधिक पचास बुलाए जाते हैं, और वे स्ववृत्त के आधार पर चुने जाते हैं।
- स्ववृत्त उम्मीदवार का दूत या प्रतिनिधि है; अच्छा स्ववृत्त चुंबक की तरह नियुक्तिकर्ता को खींचता है।
- चाचा जी के अनुसार पहली लड़ाई स्ववृत्त ही लड़ता है; वह कमज़ोर हो तो लड़ाई शुरू में ही खत्म।
- नौकरी की तलाश भी एक तरह की मार्केटिंग है: अपने 'ग्राहक' (नियोक्ता) को प्रतियोगियों के मुकाबले आपको चुनने के लिए प्रेरित करना।
Worked example
योग्य होते हुए भी नरेंद्र को साक्षात्कार का बुलावा क्यों नहीं मिल रहा था?
Try it first, then show the solutionSolution
- चुनाव का पहला चरण स्ववृत्त से होता है।
- नरेंद्र का स्ववृत्त कमियों से भरा था और उसकी गलत तसवीर पेश करता था।
Answer: क्योंकि साक्षात्कार के लिए उम्मीदवार स्ववृत्त के आधार पर चुने जाते हैं, और नरेंद्र का स्ववृत्त ठीक से नहीं बना था; वह उसकी खूबियाँ (वाद-विवाद के पुरस्कार, पर्यटन का शौक) दिखाने के बजाय उसकी गलत तसवीर पेश करता था।
- अच्छे स्ववृत्त की विशेषताएँ
1. ईमानदारी: झूठे दावे या अतिशयोक्ति नहीं; नियोक्ता अनुभवी होते हैं और साक्षात्कार में कलई खुल सकती है।
2. सबल पक्षों पर ज़ोर: खूबियाँ बताने में कंजूसी नहीं; व्यक्तित्व, ज्ञान, अनुभव के मज़बूत पहलू उभारें।
3. भाषा: आलंकारिक नहीं; सरल, सीधी, सटीक, साफ़, ताकि सब एक नज़र में समझ आए।
4. लंबाई: न बहुत छोटा (ज़रूरी बातें छूटेंगी), न बहुत लंबा (पाठक पहलू नज़रअंदाज़ करेगा)। बड़े पद (जैसे मैनेजिंग डायरेक्टर) के लिए उम्मीदवार कम होते हैं, तो नौ-दस पृष्ठ भी ध्यान से पढ़े जाएँगे; नीचे के पद पर आवेदन बहुत होते हैं, तो दो-तीन पृष्ठ से अधिक नहीं। कॉलेज से तुरंत निकले उम्मीदवार के लिए मोटे तौर पर दो-तीन पृष्ठ।
5. प्रस्तुति: साफ़-सुथरा टंकित या कंप्यूटर-मुद्रित; व्याकरण की भूलें नहीं, वरना उम्मीदवार लापरवाह या कम पढ़ा-लिखा लगता है।
6. हर विज्ञापन के अनुसार थोड़ा हेर-फेर या जोड़-घटाव।- सूचनाओं का क्रम: अनुशासित प्रवाह
पाठ स्ववृत्त को सूचनाओं का अनुशासित प्रवाह कहता है, जिसमें प्रवाह और अनुशासन दोनों हों (ये अवयव उदाहरण हैं, ज़रूरत के अनुसार बदले जा सकते हैं):
1. व्यक्ति परिचय: नाम, जन्मतिथि, उम्र, पत्र-व्यवहार का पता, फ़ोन, ई-मेल। जन्मतिथि और माता-पिता का नाम ज़रूर दें, क्योंकि एक ही नाम के कई उम्मीदवारों में भेद इन्हीं से होता है।
2. शैक्षणिक योग्यता (नए उम्मीदवार के लिए परिचय के तुरंत बाद): सारणी में डिग्री/डिप्लोमा, स्कूल-कॉलेज, बोर्ड-विश्वविद्यालय, वर्ष, विषय, प्रतिशत, श्रेणी।- अनुभवी उम्मीदवार बड़े पद के लिए अनुभव परिचय के तुरंत बाद रख सकता है।
3. अन्य योग्यताएँ और प्रशिक्षण: जैसे कंप्यूटर, विदेशी भाषा।
4. उपलब्धियाँ: पुरस्कार, कप्तानी आदि।
5. कार्येतर गतिविधियाँ और अभिरुचियाँ
6. संदर्भ-व्यक्ति: दो-तीन प्रतिष्ठित लोग, जो रिश्तेदार न हों पर योग्यता से परिचित हों; नए उम्मीदवार अपने प्रिंसिपल या प्रोफ़ेसरों के नाम दें।
7. अंत में: तिथि, स्थान, हस्ताक्षर।- कार्येतर गतिविधियाँ और संदर्भ-व्यक्ति क्यों
- कार्येतर गतिविधियाँ: नियोक्ता उम्मीदवार के संपूर्ण व्यक्तित्व को देखता है। अच्छा फ़ुटबॉल खिलाड़ी है तो उसमें टीम भावना होगी; भाषण-वाद-विवाद के पुरस्कार वाक्पटुता बताते हैं। नरेंद्र के वाद-विवाद पुरस्कार और पर्यटन का शौक मार्केटिंग एक्ज़क्यूटिव पद के लिए सीधे काम के थे, क्योंकि उस पद पर वाक्पटु और घूमने-फिरने के शौकीन लोग सफल होते हैं।
- संदर्भ-व्यक्ति: उम्मीदवार की क्षमता की गवाही। वे उसी क्षेत्र के जाने-माने लोग हों तो 'सोने पर सुहागा'। कॉलेज से तुरंत निकले छात्रों के लिए प्रिंसिपल या प्रोफ़ेसरों की राय अहम मानी जाती है, क्योंकि उन्होंने छात्र को वर्षों तक पास से देखा-परखा है।
- रोज़गार संबंधी आवेदन-पत्र
स्ववृत्त के साथ आवेदन-पत्र क्यों?
- स्ववृत्त बना-बनाया होता है; उससे पता नहीं चलता कि उम्मीदवार उस पद और संस्थान को लेकर कितना गंभीर है।
- स्ववृत्त में भाषा का वैयक्तिक स्पर्श नहीं होता; आवेदन-पत्र हर विज्ञापन के लिए खास लिखा जाता है और भाषा-ज्ञान तथा अभिव्यक्ति-क्षमता दिखाता है।
- नियोक्ता चाहता है कि चुना गया व्यक्ति कुछ वर्ष टिके; आवेदन-पत्र इसका आभास देता है।
ढाँचा सामान्य आवेदन-पत्र जैसा, पर उद्देश्य अलग: पद के लिए अपनी योग्यता और गंभीरता पर नियोक्ता का विश्वास जगाना।
विषय-वस्तु के चार हिस्से:
1. भूमिका: विज्ञापन (समाचार-पत्र, तिथि) और पद का हवाला, उम्मीदवारी की इच्छा।
2. योग्यता: विज्ञापन में माँगी योग्यताएँ आप कैसे पूरी करते हैं (बिंदुवार)।
3. गंभीरता और रुचि: संस्थान के बारे में जानकारी और वह आपकी योजनाओं से कैसे मेल खाता है।
4. उपसंहार: विचार करने का अनुरोध, धन्यवाद, भवदीय, नाम; साथ में 'संलग्न: स्ववृत्त'।
स्ववृत्त (बायोडेटा) लेखन और रोज़गार संबंधी आवेदन पत्र in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
हर विज्ञापन के अनुसार बदलाव
मान लीजिए आप एक ही स्ववृत्त से दो जगह आवेदन कर रहे हैं: एक बच्चों की पत्रिका में संपादकीय सहायक के लिए, दूसरा किसी कंपनी में डेटा-एंट्री के लिए।
क्या दोनों जगह बिना बदले एक ही स्ववृत्त भेजना ठीक है?
Try it first, then show the solutionSolution
- पाठ: विज्ञापन की योग्यताओं के अनुसार हेर-फेर या जोड़-घटाव।
- पत्रिका के लिए लेखन-पुरस्कार आगे; डेटा-एंट्री के लिए कंप्यूटर, टाइपिंग-गति आगे।
Answer: नहीं। मूल स्ववृत्त वही रहे, पर हर पद के अनुसार उपयुक्त योग्यताएँ और उपलब्धियाँ आगे रखें: पत्रिका के लिए लेखन और संपादन, कंपनी के लिए कंप्यूटर कौशल और टाइपिंग-गति।
Memory hook: एक स्ववृत्त, हर विज्ञापन पर नया रंग।
ईमानदारी
कल्पना कीजिए कि आपका दोस्त स्ववृत्त में लिखना चाहता है कि उसे फ्रेंच 'धाराप्रवाह' आती है, जबकि उसने केवल तीन महीने का कोर्स किया है।
आप उसे क्या सलाह देंगे?
Try it first, then show the solutionSolution
- बढ़ा-चढ़ाकर दावा साक्षात्कार में पकड़ा जा सकता है।
- सच भी खूबी बन सकता है: 'फ्रेंच का कार्य-योग्य/प्रारंभिक ज्ञान'।
Answer: सच लिखने की सलाह देंगे, जैसे 'फ्रेंच का प्रारंभिक ज्ञान (तीन माह का पाठ्यक्रम)'। यदि साक्षात्कार में फ्रेंच में सवाल पूछ लिया गया, तो झूठा दावा पूरी उम्मीदवारी डुबो देगा।
Memory hook: सच छोटा हो, तब भी टिकता है।
स्ववृत्त की पहली लड़ाई
यदि आप किसी प्रतियोगिता के आयोजक हों और आपके पास 500 प्रविष्टियाँ आई हों, पर अंतिम दौर में केवल 20 को बुलाना हो, तो आप कैसे चुनेंगे?
इस अनुभव से स्ववृत्त का महत्त्व समझाइए।
Try it first, then show the solutionSolution
- हर व्यक्ति से मिलना संभव नहीं; पहली छँटनी कागज़ से।
- जिसकी प्रविष्टि साफ़, सटीक और प्रासंगिक, वही आगे।
Answer: पहली छँटनी कागज़ देखकर ही होगी; साफ़, सटीक और प्रासंगिक प्रविष्टियाँ आगे जाएँगी। नियोक्ता भी यही करता है: पाँच हज़ार में से पचास को बुलाने का आधार स्ववृत्त ही है।
Memory hook: कागज़ पहले बोलता है, आप बाद में।
Topics in this chapter
How the school exam asks स्ववृत्त (बायोडेटा) लेखन और रोज़गार संबंधी आवेदन पत्र
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| परिभाषा/महत्त्व (2 अंक, लगभग 40 शब्द) | स्ववृत्त क्या है; उसके दो पक्ष; व्यक्ति परिचय में माता-पिता का नाम और जन्मतिथि क्यों; कार्येतर गतिविधियाँ क्यों। | पाठ की परिभाषा या कारण + एक उदाहरण (नरेंद्र का प्रसंग)। |
| विशेषताएँ/संरचना (3 अंक, लगभग 60 शब्द) | स्ववृत्त लिखते समय ध्यान रखने योग्य बातें; सूचनाओं का क्रम; आवेदन-पत्र के चार हिस्से। | तीन बिंदु, हर एक का कारण। |
| अनुप्रयोग (2-5 अंक) | किसी स्ववृत्त की कमियाँ पहचानना; किसी पद के लिए स्ववृत्त या आवेदन-पत्र तैयार करना। | पाठ की कसौटियाँ (ईमानदारी, क्रम, भाषा, लंबाई, प्रासंगिकता) लगाएँ; आवेदन में चारों हिस्से। |
Tricks to remember स्ववृत्त (बायोडेटा) लेखन और रोज़गार संबंधी आवेदन पत्र
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
स्ववृत्त का क्रम: 'परि-शि-उप-का-सं'
परिचय → शिक्षा (या अनुभव) → उपलब्धियाँ → कार्येतर गतिविधियाँ → संदर्भ-व्यक्ति; अंत में तिथि, स्थान, हस्ताक्षर।
Use it when: स्ववृत्त की संरचना वाले प्रश्न।
पाँच गुण: 'ई-ज़ो-भा-लं-सा'
ईमानदारी, सबल पक्षों पर ज़ोर, सरल भाषा, उचित लंबाई, साफ़ प्रस्तुति।
Use it when: विशेषताओं वाले 3 अंक के प्रश्न।
आवेदन-पत्र के चार हिस्से: 'भू-यो-गं-उ'
भूमिका → योग्यता → गंभीरता/रुचि → उपसंहार।
Use it when: आवेदन-पत्र लिखना और उसके हिस्सों वाले प्रश्न।
स्ववृत्त (बायोडेटा) लेखन और रोज़गार संबंधी आवेदन पत्र: exam-level solved questions
Ordered from exam level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: स्ववृत्त और उसके दो पक्ष · 2 marks · Short answerExam level
स्ववृत्त किसे कहते हैं? इसके दो पक्ष कौन-से हैं? (लगभग 40 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- परिभाषा: व्यक्ति के बारे में, विशेष प्रयोजन से, सिलसिलेवार सूचनाएँ।
- दो पक्ष: उम्मीदवार और नियोक्ता।
Answer: स्ववृत्त वह लेखन है जिसमें किसी व्यक्ति के बारे में किसी विशेष प्रयोजन को ध्यान में रखकर सिलसिलेवार सूचनाएँ संकलित की जाती हैं। इसके दो पक्ष हैं: उम्मीदवार, जिसके बारे में सूचनाएँ हैं, और नियोक्ता, जिसके लिए वे जुटाई जाती हैं।
Example 2: स्ववृत्त लिखते समय सावधानियाँ · 3 marks · Short answerExam level
स्ववृत्त तैयार करते समय किन तीन बातों का ध्यान रखना चाहिए? (लगभग 60 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- ईमानदारी: झूठे दावे नहीं, पर खूबियाँ ज़रूर।
- भाषा: सरल, सीधी, सटीक, आलंकारिक नहीं।
- लंबाई और प्रस्तुति: उचित आकार, साफ़ टंकण, व्याकरण शुद्ध।
Answer: पहला, स्ववृत्त ईमानदार हो; झूठे या बढ़ा-चढ़ाकर किए दावे साक्षात्कार में पकड़े जाते हैं, पर अपनी खूबियाँ बताने में कंजूसी भी न करें। दूसरा, भाषा सरल, सीधी, सटीक और साफ़ हो, आलंकारिक नहीं। तीसरा, आकार न बहुत छोटा हो, न बहुत लंबा, और स्ववृत्त साफ़ टंकित तथा व्याकरण की भूलों से मुक्त हो।
Example 3: कार्येतर गतिविधियों का महत्त्व · 2 marks · Short answerHarder exam level
स्ववृत्त में कार्येतर गतिविधियों का उल्लेख क्यों ज़रूरी है? पाठ के उदाहरण से स्पष्ट कीजिए। (लगभग 40 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- नियोक्ता संपूर्ण व्यक्तित्व देखता है।
- उदाहरण: फ़ुटबॉल = टीम भावना; नरेंद्र के वाद-विवाद पुरस्कार और पर्यटन = मार्केटिंग के गुण।
Answer: नियोक्ता उम्मीदवार का संपूर्ण व्यक्तित्व देखता है और कार्येतर गतिविधियाँ उसके गुण बताती हैं, जैसे फ़ुटबॉल से टीम भावना। नरेंद्र के वाद-विवाद पुरस्कार और पर्यटन का शौक मार्केटिंग एक्ज़क्यूटिव पद के लिए ज़रूरी वाक्पटुता और घूमने की रुचि दिखाते थे।
Example 4: आवेदन-पत्र की ज़रूरत · 2 marks · Short answerHarder exam level
जब स्ववृत्त में सारी जानकारी होती है, तब नौकरी के लिए अलग से आवेदन-पत्र क्यों लिखा जाता है? (लगभग 40 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- स्ववृत्त बना-बनाया; गंभीरता का पता नहीं चलता।
- आवेदन-पत्र हर विज्ञापन के लिए खास; भाषा-क्षमता और गंभीरता दिखाता है।
Answer: स्ववृत्त बना-बनाया होता है, उससे पता नहीं चलता कि उम्मीदवार उस पद और संस्थान को लेकर कितना गंभीर है। आवेदन-पत्र हर विज्ञापन के लिए खास लिखा जाता है; वह भाषा-ज्ञान, अभिव्यक्ति-क्षमता और गंभीरता दिखाता है।
Example 5: आवेदन-पत्र के चार हिस्से · 3 marks · Short answerHarder exam level
रोज़गार संबंधी आवेदन-पत्र की विषय-वस्तु के चार हिस्से कौन-से हैं? संक्षेप में बताइए। (लगभग 60 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- भूमिका: विज्ञापन और पद का हवाला।
- योग्यता: माँगी गई अर्हताएँ कैसे पूरी।
- गंभीरता-रुचि; उपसंहार।
Answer: पहला हिस्सा भूमिका है, जिसमें विज्ञापन और पद का हवाला देकर उम्मीदवारी की इच्छा बताई जाती है। दूसरे में बताया जाता है कि उम्मीदवार विज्ञापन की योग्यताएँ कैसे पूरी करता है। तीसरे में पद और संस्थान के प्रति अपनी गंभीरता और रुचि प्रकट की जाती है। चौथा हिस्सा उपसंहार है, जिसमें औपचारिक समापन और विचार का अनुरोध होता है।
Example 6: नए और अनुभवी उम्मीदवार का स्ववृत्त · 3 marks · Short answerHOTS / competency
कॉलेज से तुरंत निकले उम्मीदवार और दस वर्ष के अनुभव वाले उम्मीदवार के स्ववृत्त में सूचनाओं के क्रम और संदर्भ-व्यक्तियों के चुनाव में क्या अंतर होगा? कारण सहित लिखिए। (लगभग 60 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- नया: परिचय के बाद शैक्षणिक योग्यता; अनुभवी (बड़े पद): परिचय के बाद अनुभव।
- संदर्भ: नया = प्रिंसिपल, प्रोफ़ेसर; अनुभवी = उसी क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोग।
- कारण: जिसकी सबसे मज़बूत पूँजी, वही पहले।
Answer: नए उम्मीदवार के पास मुख्य पूँजी उसकी पढ़ाई है, इसलिए व्यक्ति परिचय के बाद शैक्षणिक योग्यता आएगी; अनुभवी उम्मीदवार बड़े पद के लिए परिचय के तुरंत बाद अनुभव रख सकता है। संदर्भ-व्यक्तियों में नया उम्मीदवार प्रिंसिपल या प्रोफ़ेसरों के नाम देगा, जिन्होंने उसे वर्षों देखा है; अनुभवी व्यक्ति अपने क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोगों के नाम देगा।
Example 7: नमूना: रोज़गार संबंधी आवेदन-पत्र · 5 marks · Long answerHOTS / competency
किसी समाचार-पत्र में 'शिशु विहार पब्लिक स्कूल' को पुस्तकालय सहायक की आवश्यकता का विज्ञापन छपा है। पाठ में बताए चार हिस्सों का ध्यान रखते हुए प्रधानाचार्य को आवेदन-पत्र लिखिए। (5 अंक)
Try it first, then show the solutionSolution
- भूमिका: समाचार-पत्र का नाम, तिथि, पद।
- योग्यता बिंदुवार: पुस्तकालय विज्ञान, कंप्यूटर, अनुभव।
- गंभीरता: विद्यालय की जानकारी, बच्चों में पढ़ने की आदत की रुचि।
- उपसंहार और संलग्नक।
Answer: परीक्षा भवन
क ख ग नगर
दिनांक: 15 अक्टूबर 2026
सेवा में,
प्रधानाचार्य
शिशु विहार पब्लिक स्कूल
क ख ग नगर
विषय: पुस्तकालय सहायक पद के लिए आवेदन
महोदय,
दैनिक जनवाणी के 12 अक्टूबर 2026 के अंक में प्रकाशित विज्ञापन से ज्ञात हुआ कि आपके विद्यालय को पुस्तकालय सहायक की आवश्यकता है। मैं इस पद के लिए अपना आवेदन प्रस्तुत कर रहा हूँ।
मेरा स्ववृत्त संलग्न है। संक्षेप में:
(क) मैंने पुस्तकालय विज्ञान में स्नातक की उपाधि प्रथम श्रेणी में प्राप्त की है।
(ख) मुझे पुस्तकालय सॉफ़्टवेयर और कंप्यूटर का अच्छा ज्ञान है।
(ग) मैंने एक सार्वजनिक पुस्तकालय में छह माह का प्रशिक्षण पूरा किया है।
मुझे जानकारी है कि आपका विद्यालय हर वर्ष 'पुस्तक सप्ताह' मनाता है। बच्चों में पढ़ने की आदत डालना मेरी विशेष रुचि है, इसलिए मुझे विश्वास है कि यहाँ मैं अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे सकूँगा।
अनुरोध है कि मेरे आवेदन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करें।
सधन्यवाद
भवदीय
क ख ग
संलग्न: स्ववृत्त
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
स्ववृत्त तैयार करते समय तीन सावधानियाँ (लगभग 60 शब्द, 3 अंक) (3 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| पहली सावधानी कारण सहित (जैसे ईमानदारी) | 1 |
| दूसरी सावधानी कारण सहित (जैसे सरल, सटीक भाषा) | 1 |
| तीसरी सावधानी कारण सहित (जैसे लंबाई/प्रस्तुति) | 1 |
रोज़गार संबंधी आवेदन-पत्र (5 अंक); सुझाया गया अंक-विभाजन (यह हमारा कार्य-ढाँचा है, CBSE की अंक-योजना से उद्धृत नहीं) (5 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| आरंभ की औपचारिकताएँ: पता, दिनांक, पद-पता, विषय, संबोधन | 1 |
| भूमिका और योग्यता-विवरण (विज्ञापन का हवाला, बिंदुवार अर्हताएँ) | 2 |
| गंभीरता/रुचि और भाषा | 1 |
| उपसंहार, अधोलेख, संलग्नक | 1 |
Where students lose marks in स्ववृत्त (बायोडेटा) लेखन और रोज़गार संबंधी आवेदन पत्र
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: स्ववृत्त और आवेदन-पत्र को एक ही मान लेना
स्ववृत्त सूचनाओं का सिलसिलेवार संकलन है; आवेदन-पत्र हर विज्ञापन के लिए लिखा जाता है और गंभीरता दिखाता है; दोनों साथ भेजे जाते हैं।
Do this: दोनों का अलग उद्देश्य लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: संदर्भ-व्यक्ति में रिश्तेदारों के नाम लिखना
पाठ के अनुसार संदर्भ-व्यक्ति रिश्तेदार न हों, पर योग्यता से परिचित प्रतिष्ठित लोग हों।
Do this: नए उम्मीदवार प्रिंसिपल या प्रोफ़ेसरों के नाम दें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: आवेदन-पत्र में विज्ञापन (समाचार-पत्र, तिथि) का हवाला न देना
भूमिका का पहला काम यही बताना है कि आप किस विज्ञापन और पद के लिए लिख रहे हैं।
Do this: पहले वाक्य में समाचार-पत्र, तिथि और पद लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: स्ववृत्त की लंबाई पर 'जितना लंबा उतना अच्छा' लिखना
पाठ के अनुसार लंबाई पद पर निर्भर है; नए उम्मीदवार के लिए दो-तीन पृष्ठ।
Do this: बड़े पद और नीचे के पद का अंतर कारण सहित लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: स्ववृत्त में शैक्षणिक योग्यता गद्य में लिख देना
पाठ सारणी की सलाह देता है, ताकि सब एक नज़र में दिखे।
Do this: डिग्री, संस्थान, बोर्ड, वर्ष, विषय, प्रतिशत, श्रेणी की सारणी बनाएँ।
Usually costs: 1 अंक
Practice questions on स्ववृत्त (बायोडेटा) लेखन और रोज़गार संबंधी आवेदन पत्र
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQExam level
पाठ के अनुसार स्ववृत्त की तुलना किससे की गई है?
(क) उम्मीदवार के दूत या प्रतिनिधि से
(ख) नियोक्ता के आदेश से
(ग) प्रमाण-पत्र से
(घ) डायरी सेHint
स्वामी का सुंदर चित्र प्रस्तुत करने वाला।
Answer
(क) उम्मीदवार के दूत या प्रतिनिधि से
Q2 · 1 mark · Very short answerExam level
व्यक्ति परिचय में जन्मतिथि और माता-पिता का नाम अवश्य क्यों देना चाहिए?
Hint
एक ही नाम के कई उम्मीदवार।
Answer
क्योंकि बड़ी संख्या में आवेदनों में एक ही नाम के कई उम्मीदवार होते हैं; पिता के नाम और जन्मतिथि से उनमें भेद किया जाता है।
Q3 · 1 mark · MCQHarder exam level
कथन (A): नीचे के पद के लिए भेजा गया स्ववृत्त दो-तीन पृष्ठों से अधिक लंबा नहीं होना चाहिए। कारण (R): ऐसे पदों के लिए आवेदन बहुत अधिक आते हैं और पढ़ने वाला धैर्य खो सकता है।
(क) A और R दोनों सही, R व्याख्या करता है
(ख) A और R दोनों सही, R व्याख्या नहीं करता
(ग) A सही, R गलत
(घ) A गलत, R सहीHint
बड़े पद पर नौ-दस पृष्ठ भी चल सकते हैं।
Answer
(क) A और R दोनों सही, R व्याख्या करता है
Q4 · 2 marks · Short answerExam level
स्ववृत्त में झूठे या बढ़ा-चढ़ाकर किए गए दावे खतरनाक क्यों हैं? (लगभग 40 शब्द)
Hint
कलई खुलना।
Answer
नियोक्ताओं को उम्मीदवार चुनने का लंबा अनुभव होता है, इसलिए झूठे दावे पकड़े जाते हैं। यदि ऐसे स्ववृत्त से साक्षात्कार का बुलावा मिल भी जाए, तो वहाँ कलई खुलने का पूरा डर रहता है, जिससे उम्मीदवार की विश्वसनीयता खत्म हो जाती है।
Q5 · 3 marks · Short answerHOTS / competency
मान लीजिए किसी उम्मीदवार के स्ववृत्त में ये बातें हैं: पहले पृष्ठ पर लंबा कविता-नुमा परिचय, शैक्षणिक योग्यता की जगह केवल 'बहुत अच्छे अंक', संदर्भ-व्यक्ति में अपने मामा का नाम, और कई वर्तनी की गलतियाँ। पाठ के आधार पर इसकी तीन कमियाँ और उनके सुधार बताइए। (लगभग 60 शब्द)
Hint
आलंकारिक भाषा, सारणी, रिश्तेदार, व्याकरण।
Answer
पहली कमी: आलंकारिक, कविता-नुमा भाषा; स्ववृत्त की भाषा सरल, सटीक हो। दूसरी: अस्पष्ट योग्यता; उसे सारणी में डिग्री, संस्थान, बोर्ड, वर्ष, विषय, प्रतिशत और श्रेणी के साथ दें। तीसरी: संदर्भ में रिश्तेदार; उसकी जगह प्रिंसिपल या प्रोफ़ेसर जैसे प्रतिष्ठित, परिचित व्यक्ति हों। साथ ही वर्तनी की गलतियाँ सुधारें, वरना उम्मीदवार लापरवाह लगता है।
Q6 · 2 marks · Short answerHarder exam level
आवेदन-पत्र में संस्थान के प्रति अपनी रुचि और गंभीरता बताने का नियोक्ता पर क्या प्रभाव पड़ता है? (लगभग 40 शब्द)
Hint
टिकने की संभावना।
Answer
इससे नियोक्ता को लगता है कि उम्मीदवार ने संस्थान के बारे में जानकारी जुटाई है और उसे अपनी योजनाओं के अनुरूप पाया है। ऐसा उम्मीदवार लंबे समय तक टिकने की संभावना रखता है, इसलिए नियोक्ता पर इसका बहुत अच्छा असर पड़ता है।
Q7 · 5 marks · Long answerHOTS / competency
कल्पना कीजिए कि आपने कक्षा 12 पूरी कर ली है और किसी संस्था की छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करना है। अपना संक्षिप्त स्ववृत्त (केवल शीर्षक-वार ढाँचा, काल्पनिक विवरण के साथ) तैयार कीजिए। (5 अंक)
Hint
व्यक्ति परिचय, शैक्षणिक योग्यता (सारणी), उपलब्धियाँ, कार्येतर गतिविधियाँ, संदर्भ-व्यक्ति, तिथि-स्थान-हस्ताक्षर।
Answer
स्ववृत्त
नाम: क ख ग
पिता का नाम: (काल्पनिक) | माता का नाम: (काल्पनिक)
जन्मतिथि: 5 जुलाई 2009
पत्र-व्यवहार का पता: 12, शांति नगर, क ख ग नगर
मोबाइल: 98XXXXXXXX | ई-मेल: kkg@example.comशैक्षणिक योग्यता
परीक्षा वर्ष विद्यालय/बोर्ड विषय प्रतिशत कक्षा 10 2025 राजकीय विद्यालय, CBSE हिंदी, अंग्रेज़ी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान 91% कक्षा 12 2027 वही हिंदी, अंग्रेज़ी, भौतिकी, रसायन, गणित 89% उपलब्धियाँ: ज़िला स्तरीय हिंदी वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम; विद्यालय विज्ञान प्रदर्शनी में द्वितीय।
कार्येतर गतिविधियाँ: विद्यालय पत्रिका की संपादक-मंडली की सदस्यता, बैडमिंटन, पौधारोपण अभियान।
संदर्भ-व्यक्ति: 1. प्रधानाचार्य, राजकीय विद्यालय, क ख ग नगर; 2. हिंदी प्रवक्ता, वही।तिथि: ____ स्थान: ____ हस्ताक्षर: ____
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1.पाठ के आरंभ में किसकी पंक्तियाँ हैं?Show answer
सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' की।
2.चाचा जी किस विभाग में काम करते हैं?Show answer
मुंबई की एक बड़ी कंपनी के मानव संसाधन विभाग में।
3.पाठ के अनुसार पाँच पदों के लिए अधिक-से-अधिक कितने उम्मीदवार साक्षात्कार के लिए बुलाए जा सकते हैं?Show answer
पचास।
4.स्ववृत्त की तुलना किससे की गई है जो नियुक्तिकर्ता को खींच लेता है?Show answer
चुंबक से।
5.नरेंद्र ने किस कंपनी में आवेदन किया?Show answer
इंडिया केमिकल्स लिमिटेड।
6.नरेंद्र ने आवेदन किस समाचार-पत्र के विज्ञापन पर किया?Show answer
नवभारत टाइम्स (16 अप्रैल 2006, दिल्ली से प्रकाशित प्रातः संस्करण)।
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप स्ववृत्त की परिभाषा और उसके दो पक्ष बता सकते हैं?
- क्या आप अच्छे स्ववृत्त की पाँच विशेषताएँ गिना सकते हैं?
- क्या आप स्ववृत्त में सूचनाओं का क्रम और नए-अनुभवी उम्मीदवार का अंतर बता सकते हैं?
- क्या आप बता सकते हैं कि स्ववृत्त के साथ आवेदन-पत्र क्यों भेजा जाता है?
- क्या आप आवेदन-पत्र के चार हिस्सों के साथ एक नमूना पत्र लिख सकते हैं?
स्ववृत्त (बायोडेटा) लेखन और रोज़गार संबंधी आवेदन पत्र: frequently asked questions
स्ववृत्त, बायोडेटा और रिज़्यूमे में क्या अंतर है?
पाठ 'स्ववृत्त' को बायोडेटा के अर्थ में लेता है। व्यवहार में तीनों शब्द प्रायः एक ही अर्थ में चलते हैं: नौकरी या प्रवेश के लिए व्यक्ति की सूचनाओं का सिलसिलेवार संकलन।
स्ववृत्त कितने पृष्ठ का हो?
कोई निश्चित नियम नहीं। बड़े पद पर नौ-दस पृष्ठ भी चल सकते हैं; कॉलेज से तुरंत निकले उम्मीदवार का स्ववृत्त मोटे तौर पर दो-तीन पृष्ठ से अधिक न हो।
नरेंद्र किस पद के लिए आवेदन कर रहा था?
मार्केटिंग एक्ज़क्यूटिव के; उसने इंडिया केमिकल्स लिमिटेड के विज्ञापन पर आवेदन किया और दो महीने बाद सफल हुआ।
चाचा जी ने नरेंद्र की सिफ़ारिश क्यों नहीं की?
वे कंपनी के महाप्रबंधक को जानते थे, पर उन्हें विश्वास था कि नरेंद्र अपनी योग्यता के बल पर पद पा सकता है।
Based on: CBSE हिंदी (आधार) (302) पाठ्यक्रम, कक्षा 11-12, 2026-27; NCERT अभिव्यक्ति और माध्यम (Reprint 2026-27), पाठ 15: स्ववृत्त