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HindiCBSE Class 11 · Chapter 7

जामुन का पेड़ (कृश्नचंदर): Class 11 सारांश, व्यंग्य और प्रश्न

Updated 15 October 2026 · Fact-checked

'जामुन का पेड़' कृश्नचंदर की हास्य-व्यंग्य कथा है। सेक्रेटेरियट के लॉन में आँधी से गिरे जामुन के पेड़ के नीचे एक आदमी दब जाता है। उसे निकालने की फ़ाइल एक विभाग से दूसरे विभाग तक घूमती रहती है। जिस दिन प्रधानमंत्री पेड़ काटने का आदेश देते हैं, उसी दिन तक वह दबा हुआ कवि दम तोड़ चुका होता है।

What कृश्नचंदर – जामुन का पेड़ is about

जामुन का पेड़ आरोह भाग 1 का सातवाँ गद्य पाठ है। उर्दू के प्रगतिशील कथाकार कृश्नचंदर की यह प्रसिद्ध हास्य-व्यंग्य कथा सरकारी दफ़्तरों की लालफ़ीताशाही, निरर्थक कागज़ी कार्यवाही और हास्यास्पद पदानुक्रम पर चोट करती है। पाठ की भूमिका याद दिलाती है कि व्यंग्य में घटनाएँ जान-बूझकर बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई जाती हैं, इसलिए उनकी विश्वसनीयता कसौटी नहीं है; असली बात है व्यवस्था की संवेदनहीनता।

फ़ाइल की यात्रा (याद रखने योग्य क्रम):

  • व्यापार-विभाग → कृषि-विभाग → हॉर्टीकल्चर डिपार्टमेंट
  • एक मनचले के सुझाव पर मेडिकल डिपार्टमेंट (प्लास्टिक सर्जन)
  • कवि होने का पता चलने पर कल्चरल डिपार्टमेंट → साहित्य अकादमी
  • फ़ॉरेस्ट डिपार्टमेंट → विदेश-विभाग → प्रधानमंत्री

कक्षा 11 की वार्षिक परीक्षा में इस पाठ से पठित गद्यांश पर पाँच बहुविकल्पी प्रश्न, लगभग 40 शब्दों के (2 अंक) और लगभग 60 शब्दों के (3 अंक) प्रश्न आ सकते हैं। हास्य के भीतर छिपी करुणा, फ़ाइल का प्रतीक और विभागों के तर्क विशेष ध्यान देने योग्य हैं।

Weightage: खंड ग (आरोह भाग 1 एवं वितान भाग 1) के 80 में से 40 अंक हैं; गद्य खंड से पठित गद्यांश पर पाँच बहुविकल्पी प्रश्न (1×5), तीन में से दो प्रश्न लगभग 60 शब्दों में (3×2) और तीन में से दो प्रश्न लगभग 40 शब्दों में (2×2) आते हैं।Source: CBSE हिंदी (आधार) 302 पाठ्यक्रम 2026-27, कक्षा 11 परीक्षा हेतु पाठ्यक्रम विनिर्देशन

कृश्नचंदर – जामुन का पेड़: summary

In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.

एक रात तेज़ आँधी में सेक्रेटेरियट के लॉन का जामुन का पेड़ गिर पड़ा। सुबह माली ने देखा कि उसके नीचे एक आदमी दबा है। खबर माली से चपरासी, क्लर्क और सुपरिंटेंडेंट तक पहुँची और भीड़ जमा हो गई। क्लर्कों को पहले पेड़ और उसकी रसीली जामुनों का अफ़सोस हुआ, आदमी की चिंता बाद में। माली और क्लर्क पेड़ उठाने को तैयार हुए, पर सुपरिंटेंडेंट ने रोक दिया कि पहले ऊपर से पूछना होगा। बात अंडर-सेक्रेटरी से मिनिस्टर तक गई और लौटी; आधा दिन बीत गया।

दोपहर में कुछ क्लर्क खुद पेड़ हटाने वाले थे कि सुपरिंटेंडेंट ने बताया कि वे व्यापार-विभाग के हैं और पेड़ कृषि-विभाग का मामला है। कृषि-विभाग ने ज़िम्मेदारी व्यापार-विभाग पर डाली, फिर कहा कि फलदार पेड़ होने से मामला हॉर्टीकल्चर का है। इस बीच पुलिस का पहरा लगा, ताकि लोग खुद पेड़ न हटाएँ; माली चोरी-छिपे दबे आदमी को खाना खिलाता रहा। आदमी ने बताया कि वह लावारिस है। हॉर्टीकल्चर विभाग ने 'पेड़ लगाओ' योजना का हवाला देकर पेड़ काटने से साफ़ मना कर दिया। एक मनचले ने सुझाव दिया कि आदमी को ही बीच से काटकर निकालें और प्लास्टिक सर्जरी से जोड़ दें; मेडिकल विभाग के सर्जन ने रिपोर्ट दी कि ऑपरेशन तो सफल होगा, पर आदमी मर जाएगा।

फिर पता चला कि दबा आदमी 'ओस' उपनाम का कवि है। शायरों की भीड़ जुट गई और फ़ाइल कल्चरल डिपार्टमेंट होते हुए साहित्य अकादमी पहुँची। अकादमी के सेक्रेटरी ने उसे केंद्रीय शाखा का सदस्य बना दिया और मरने पर पत्नी को वज़ीफ़ा देने का प्रस्ताव भी रखा, पर पेड़ हटाना उसके विभाग का काम नहीं था। फ़ॉरेस्ट डिपार्टमेंट के लोग आरी-कुल्हाड़ी लेकर आए तो विदेश-विभाग ने रोक दिया, क्योंकि पेड़ पीटोनिया राज्य के प्रधानमंत्री ने लगाया था। अंत में प्रधानमंत्री ने पेड़ काटने का आदेश दिया। शाम को सुपरिंटेंडेंट खुशी से फ़ाइल लेकर आया, पर तब तक कवि का हाथ ठंडा पड़ चुका था; उसके जीवन की फ़ाइल भी पूरी हो चुकी थी।

Themes and message

लालफ़ीताशाही और कागज़ी कार्यवाही

एक सीधा काम (पेड़ हटाना) फ़ाइलों, विभागों और अनुमतियों में उलझकर असंभव बन जाता है। नियम मनुष्य की सेवा के बजाय उसके विरुद्ध खड़े हो जाते हैं।

From the text: 'फ़ाइल चलती रही। इसी में आधा दिन बीत गया।'

व्यवस्था की संवेदनहीनता

किसी को दबे हुए आदमी की पीड़ा से मतलब नहीं; पेड़, विभाग की ज़िम्मेदारी, विदेशी संबंध, सब आदमी की जान से बड़े लगते हैं।

From the text: 'कवि को मर जाना चाहिए।' 'निस्संदेह।'

हास्य में छिपी करुणा

बेतुके तर्क हँसाते हैं, पर अंत में एक निर्दोष की मृत्यु पाठक को भीतर तक झकझोर देती है।

From the text: 'उसके जीवन की फ़ाइल भी पूर्ण हो चुकी थी।'

साधारण मनुष्य की मानवता

पूरी व्यवस्था में केवल माली और एक दयालु कांस्टेबल दबे आदमी के प्रति मनुष्यता दिखाते हैं।

From the text: माली रात को दाल-भात और खिचड़ी खिलाता है और उसे उम्मीद बँधाता है।

Characters

दबा हुआ आदमी (कवि 'ओस')

पेड़ के नीचे दबा लावारिस कवि, व्यवस्था का शिकार।

  • धैर्यवान और जीने की इच्छा से भरा
  • संवेदनशील कवि, पीड़ा में भी शेर कहने वाला
  • विनम्र पर असहाय

'मैं अभी जीवित हूँ... मुझे ज़िंदा रखो' कहता है और अगली सुबह तक जीवित रहने के लिए लड़ता रहता है।

माली

सेक्रेटेरियट का माली, कहानी का एकमात्र सहृदय पात्र।

  • दयालु और व्यावहारिक
  • भोला, सरकारी फ़ाइल पर भरोसा करने वाला

पहले ही दिन पेड़ हटाने का सुझाव देता है, रोज़ खाना खिलाता है और फ़ाइल की प्रगति बताता है।

सुपरिंटेंडेंट और अन्य अफ़सर

व्यवस्था के प्रतिनिधि।

  • नियम और पदानुक्रम के गुलाम
  • ज़िम्मेदारी दूसरों पर टालने वाले
  • संवेदनहीन

सुपरिंटेंडेंट कर्मचारियों को पेड़ उठाने से रोकता है और अंत में 'आज तुम्हारी फ़ाइल पूर्ण हो गई' कहकर खुश होता है।

साहित्य अकादमी का सेक्रेटरी

कल्चरल डिपार्टमेंट का अधिकारी।

  • दिखावटी साहित्य-प्रेमी
  • कागज़ी सम्मान देने वाला, असली मदद से बचने वाला

कवि को अकादमी का सदस्य बना देता है, पर कहता है कि पेड़ काटना कलम-दवात का नहीं, आरी-कुल्हाड़ी का मामला है।

How it is written

DeviceExampleEffect
अतिशयोक्तिप्लास्टिक सर्जरी से आदमी को काटकर जोड़ने का सुझाव; पेड़ के लिए विदेशी संबंधों का संकटव्यवस्था की मूर्खता को बड़ा करके दिखाना, ताकि हँसी के साथ चोट भी लगे।
आवृत्ति (दोहराव)'माली दौड़ा-दौड़ा चपरासी के पास गया, चपरासी दौड़ा-दौड़ा क्लर्क के पास गया...'पदानुक्रम की लंबी, यांत्रिक सीढ़ी का व्यंग्यात्मक चित्र।
विडंबनाऑपरेशन 'सफल भी होगा, मगर आदमी मर जाएगा'प्रक्रिया की सफलता और मनुष्य की उपेक्षा का कटु विरोधाभास।
प्रतीक'फ़ाइल' और 'उसके जीवन की फ़ाइल'सरकारी फ़ाइल का पूरा होना और जीवन का समाप्त होना एक साथ; अंत अत्यंत मार्मिक।
अंग्रेज़ी-उर्दू मिश्रित भाषाअर्जेंट, हॉर्टीकल्चर डिपार्टमेंट; वज़ीफ़ा, दरख्वास्तदफ़्तरी माहौल की यथार्थ भाषा।

Key quotations

Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.

  • बेचारा जामुन का पेड़। कितना फलदार था!

    एक क्लर्क: पेड़ के नीचे दबे आदमी के चारों ओर भीड़ जुटने पर।

    मनुष्य से अधिक पेड़ और अपने स्वार्थ की चिंता।

  • अगर पेड़ काटा नहीं जा सकता, तो इस आदमी ही को काटकर निकाल लिया जाए।

    एक मनचला: हॉर्टीकल्चर विभाग के पेड़ काटने से मना करने पर।

    मनुष्य के जीवन के प्रति भयानक उदासीनता पर व्यंग्य।

  • गुमनामी में नहीं,— एक पेड़ के नीचे दबा हूँ

    दबा हुआ कवि: अकादमी के सेक्रेटरी के यह कहने पर कि इतना बड़ा कवि अँधेरी गुमनामी में दबा पड़ा है।

    कागज़ी सम्मान और असली ज़रूरत का अंतर।

  • पेड़ काटने का मामला कलम-दवात से नहीं, आरी-कुल्हाड़ी से संबंधित है।

    साहित्य अकादमी का सेक्रेटरी: कवि को सदस्य बनाने के बाद पेड़ हटाने से इनकार करते हुए।

    हर विभाग का अपनी सीमा का बहाना बनाना।

  • उसके जीवन की फ़ाइल भी पूर्ण हो चुकी थी।

    लेखक: कहानी का अंतिम वाक्य।

    फ़ाइल का प्रतीक; हास्य का करुण अंत।

कृश्नचंदर – जामुन का पेड़ in real life

Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.

ज़िम्मेदारी टालना

मान लीजिए आपके स्कूल के गलियारे में बिजली का तार लटक रहा है और चौकीदार, क्लर्क और प्रधानाचार्य का कार्यालय एक-दूसरे को सूचना देते रहते हैं, पर कोई बिजली मिस्त्री नहीं बुलाता।

'जामुन का पेड़' के आधार पर इस स्थिति में आप क्या करेंगे? (लगभग 40 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. कहानी: हर विभाग ने ज़िम्मेदारी दूसरे पर डाली, आदमी मर गया।
  2. खतरे की स्थिति में तुरंत कदम: जगह घेरना, सीधे ज़िम्मेदार व्यक्ति को बुलाना।

Answer: मैं तुरंत उस जगह को घेरकर बच्चों को दूर रखूँगा और प्रधानाचार्य को सीधे बताऊँगा। कहानी सिखाती है कि खतरे के समय 'किसका काम है' से पहले 'जान कैसे बचे' सोचना चाहिए।

Memory hook: पहले जान, फिर फ़ाइल।

प्रक्रिया बनाम उद्देश्य

कल्पना कीजिए कि अस्पताल में एक गंभीर घायल को इसलिए रोक लिया जाता है कि उसके साथ आए व्यक्ति ने फ़ॉर्म पूरा नहीं भरा।

कहानी का कौन-सा प्रसंग इससे मिलता है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. प्लास्टिक सर्जन की रिपोर्ट: ऑपरेशन सफल, आदमी मृत।
  2. प्रक्रिया उद्देश्य से बड़ी हो जाए तो मनुष्य हारता है।

Answer: मेडिकल रिपोर्ट वाला प्रसंग; दोनों में प्रक्रिया पूरी करना मनुष्य की जान से बड़ा मान लिया गया।

Memory hook: नियम मनुष्य के लिए, मनुष्य नियम के लिए नहीं।

दिखावटी सम्मान

यदि किसी बीमार खिलाड़ी को इलाज के पैसे देने के बजाय केवल स्मृति-चिह्न और प्रमाण-पत्र दिया जाए, तो?

यह कहानी के किस पात्र के व्यवहार जैसा है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. साहित्य अकादमी का सेक्रेटरी: सदस्यता दी, पेड़ नहीं हटवाया।
  2. ज़रूरत पहचानकर मदद करना ही सच्चा सम्मान।

Answer: साहित्य अकादमी के सेक्रेटरी जैसा, जिसने कवि को सदस्य बना दिया पर उसकी जान नहीं बचाई।

Memory hook: प्रमाण-पत्र नहीं, प्राण।

Topics in this chapter

How the school exam asks कृश्नचंदर – जामुन का पेड़

The question patterns to expect, and the method that works for each.

Question typeHow it is askedMethod
पठित गद्यांश (प्रश्न 9, 1×5)भीड़ की प्रतिक्रिया, पदानुक्रम की सीढ़ी, हॉर्टीकल्चर का उत्तर, प्लास्टिक सर्जरी, साहित्य अकादमी या अंतिम दृश्य से गद्यांश पर पाँच बहुविकल्पी प्रश्न।पहले पहचानें कि फ़ाइल उस समय किस विभाग में है; फिर व्यंग्य का निशाना ढूँढ़ें।
लगभग 40 शब्द (प्रश्न 11, 2 अंक)मेडिकल विभाग की रिपोर्ट, पीटोनिया वाला प्रसंग, माली की भूमिका, अंतिम वाक्य का अर्थ।विभाग + उसका तर्क + उस तर्क की विडंबना।
लगभग 60 शब्द (प्रश्न 10, 3 अंक)कहानी का व्यंग्य, फ़ाइल का प्रतीक, कहानी की आज के समय में प्रासंगिकता, कवि की मृत्यु के लिए ज़िम्मेदारी।तीन बिंदु; हर बिंदु के लिए किसी विभाग का उदाहरण।

Tricks to remember कृश्नचंदर – जामुन का पेड़

Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.

  • फ़ाइल की यात्रा: 'व्या-कृ-हॉ-मे-क-सा-फ़ॉ-वि-प्र'

    व्यापार → कृषि → हॉर्टीकल्चर → मेडिकल → कल्चरल → साहित्य अकादमी → फ़ॉरेस्ट → विदेश → प्रधानमंत्री।

    Use it when: विभागों के क्रम वाले प्रश्न।

  • दो बार टूटा संकल्प

    सुबह: 'ठहरो, ऊपर पूछ लूँ'; दोपहर: 'हम व्यापार-विभाग के हैं'।

    Use it when: लोगों के मदद को तैयार होने और रुकने वाले प्रसंग।

  • कवि की पहचान

    ओस → 'ओस के फूल' (गद्य-संग्रह) → अकादमी का सदस्य, पर पेड़ के नीचे।

    Use it when: साहित्य अकादमी वाले गद्यांश।

कृश्नचंदर – जामुन का पेड़: extract-based questions

Read the extract, answer every part on paper, then open the answers.

Extract 1: गद्यांश 1: पदानुक्रम की सीढ़ी

मिनिस्टर ने चीफ़ सेक्रेटरी से कुछ कहा। चीफ़ सेक्रेटरी ने ज्वाइंट सेक्रेटरी से कुछ कहा। ज्वाइंट सेक्रेटरी ने डिप्टी सेक्रेटरी से कहा। डिप्टी सेक्रेटरी ने अंडर सेक्रेटरी से कहा। फ़ाइल चलती रही। इसी में आधा दिन बीत गया।

  1. (1) · 1 mark · MCQ

    (संदर्भ: इससे पहले सुपरिंटेंडेंट 'ठहरो!' कहकर अंडर-सेक्रेटरी से पूछने चला जाता है, और बात अंडर, डिप्टी, ज्वाइंट और चीफ़ सेक्रेटरी से होते हुए मिनिस्टर तक पहुँचती है।) सुपरिंटेंडेंट ने 'ठहरो!' किन्हें कहा?
    (क) पुलिस को
    (ख) पेड़ उठाने के लिए तैयार माली, चपरासियों और क्लर्कों को
    (ग) शायरों को
    (घ) फ़ॉरेस्ट विभाग के लोगों को

  2. (2) · 1 mark · MCQ

    (संदर्भ: बात ऊपर जाते समय भी पदों के नाम इसी तरह एक-एक करके दोहराए गए हैं।) गद्यांश में पदों के नाम बार-बार दोहराने का मुख्य उद्देश्य है:
    (क) पदों की जानकारी देना
    (ख) पदानुक्रम की निरर्थक लंबी सीढ़ी पर व्यंग्य करना
    (ग) मिनिस्टर की प्रशंसा
    (घ) भाषा को कठिन बनाना

  3. (3) · 1 mark · MCQ

    'मिनिस्टर ने चीफ़ सेक्रेटरी से कुछ कहा'—'कुछ' शब्द से क्या व्यंजित होता है?
    (क) कोई ठोस फ़ैसला नहीं हुआ, बात केवल घूमती रही
    (ख) मिनिस्टर ने पेड़ काटने का आदेश दिया
    (ग) मिनिस्टर ने आदमी को बचा लिया
    (घ) मिनिस्टर चुप रहे

  4. (4) · 1 mark · MCQ

    इस पूरी प्रक्रिया का परिणाम क्या रहा?
    (क) आदमी तुरंत निकाल लिया गया
    (ख) आधा दिन बीत गया और फ़ाइल चलती रही
    (ग) पेड़ काट दिया गया
    (घ) सुपरिंटेंडेंट को दंड मिला

  5. (5) · 1 mark · Assertion-reason

    कथन (A): सुपरिंटेंडेंट का ऊपर पूछना नियमों के प्रति सजगता का उदाहरण है, इसलिए प्रशंसनीय है। कारण (R): एक घायल आदमी की जान बचाने के लिए तुरंत कार्रवाई ज़रूरी थी।
    (क) A और R दोनों सही हैं, R, A की सही व्याख्या है
    (ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं है
    (ग) A गलत, R सही
    (घ) A सही, R गलत

Show the answersAnswers
  1. (ख) पेड़ उठाने के लिए तैयार माली, चपरासियों और क्लर्कों को
  2. (ख) पदानुक्रम की निरर्थक लंबी सीढ़ी पर व्यंग्य करना
  3. (क) कोई ठोस फ़ैसला नहीं हुआ, बात केवल घूमती रही
  4. (ख) आधा दिन बीत गया और फ़ाइल चलती रही
  5. (ग) A गलत, R सही (जान बचाने की घड़ी में अनुमति के लिए रुकना संवेदनहीनता है, प्रशंसनीय सजगता नहीं)

Extract 2: गद्यांश 2: साहित्य अकादमी का 'सम्मान'

बल्कि हम तो यहाँ तक कर सकते हैं कि अगर तुम मर जाओ, तो तुम्हारी बीवी को वज़ीफा दे सकते हैं, अगर तुम दरख्वास्त दो, तो हम वह भी कर सकते हैं।’’ “मैं अभी जीवित हूँ।’’ कवि रुक-रुककर बोला, “मुझे ज़िंदा रखो।’’

  1. (1) · 1 mark · MCQ

    (संदर्भ: सेक्रेटरी पहले कहता है कि 'जो हम कर सकते थे, वह हमने कर दिया है'।) सेक्रेटरी ने 'जो हम कर सकते थे' कहकर किस काम की ओर संकेत किया?
    (क) पेड़ कटवाने की
    (ख) कवि को साहित्य अकादमी की केंद्रीय शाखा का सदस्य चुनने की
    (ग) डॉक्टर बुलाने की
    (घ) पुलिस हटाने की

  2. (2) · 1 mark · MCQ

    'अगर तुम मर जाओ, तो तुम्हारी बीवी को वज़ीफा दे सकते हैं'—इस कथन में व्यंग्य किस पर है?
    (क) कवि की पत्नी पर
    (ख) जीवित व्यक्ति को बचाने के बजाय मृत्यु के बाद की औपचारिक सहायता की बात करने वाली व्यवस्था पर
    (ग) वज़ीफ़े की राशि पर
    (घ) कविता पर

  3. (3) · 1 mark · MCQ

    'वज़ीफा' और 'दरख्वास्त' शब्दों के अर्थ क्रमशः हैं:
    (क) छात्रवृत्ति/आर्थिक सहायता और प्रार्थना-पत्र
    (ख) नौकरी और इस्तीफ़ा
    (ग) पुरस्कार और शिकायत
    (घ) वेतन और आदेश

  4. (4) · 1 mark · MCQ

    'मुझे ज़िंदा रखो' कहकर कवि क्या जताना चाहता है?
    (क) उसे सदस्यता नहीं चाहिए
    (ख) उसकी असली ज़रूरत जीवन है, कागज़ी सम्मान नहीं
    (ग) वह पत्नी से मिलना चाहता है
    (घ) वह अकादमी से नाराज़ है

  5. (5) · 1 mark · MCQ

    इसके बाद सेक्रेटरी ने फ़ाइल किस विभाग को भेजी?
    (क) मेडिकल डिपार्टमेंट
    (ख) फ़ॉरेस्ट डिपार्टमेंट
    (ग) विदेश-विभाग
    (घ) कृषि-विभाग

Show the answersAnswers
  1. (ख) कवि को साहित्य अकादमी की केंद्रीय शाखा का सदस्य चुनने की
  2. (ख) जीवित व्यक्ति को बचाने के बजाय मृत्यु के बाद की औपचारिक सहायता की बात करने वाली व्यवस्था पर
  3. (क) छात्रवृत्ति/आर्थिक सहायता और प्रार्थना-पत्र
  4. (ख) उसकी असली ज़रूरत जीवन है, कागज़ी सम्मान नहीं
  5. (ख) फ़ॉरेस्ट डिपार्टमेंट

कृश्नचंदर – जामुन का पेड़: exam-level solved questions

Ordered from exam level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.

Example 1: मेडिकल विभाग की रिपोर्ट · 2 marks · Short answerExam level

प्लास्टिक सर्जन ने अपनी रिपोर्ट में क्या लिखा? इस रिपोर्ट में छिपी विडंबना स्पष्ट कीजिए। (लगभग 40 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. रिपोर्ट: ऑपरेशन हो सकता है, सफल भी होगा, मगर आदमी मर जाएगा।
  2. विडंबना: प्रक्रिया की सफलता, मनुष्य की मृत्यु।

Answer: सर्जन ने पूरी जाँच के बाद लिखा कि आदमी का प्लास्टिक ऑपरेशन हो सकता है और सफल भी होगा, पर आदमी मर जाएगा। विडंबना यह है कि व्यवस्था के लिए प्रक्रिया का सफल होना महत्त्वपूर्ण है, मनुष्य का जीवित रहना नहीं।

Example 2: पीटोनिया का पेड़ · 2 marks · Short answerHarder exam level

फ़ॉरेस्ट डिपार्टमेंट को पेड़ काटने से क्यों रोका गया? इस प्रसंग से व्यवस्था की कौन-सी प्राथमिकता उजागर होती है? (लगभग 40 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. विदेश-विभाग: पेड़ दस साल पहले पीटोनिया के प्रधानमंत्री ने लगाया था; संबंध बिगड़ने का डर।
  2. प्राथमिकता: सहायता और कूटनीति, मनुष्य की जान नहीं।

Answer: विदेश-विभाग ने आदेश दिया कि पेड़ न काटा जाए, क्योंकि उसे दस साल पहले पीटोनिया के प्रधानमंत्री ने लगाया था और उसे काटने से संबंध बिगड़ सकते थे। इससे पता चलता है कि व्यवस्था के लिए विदेशी सहायता और कूटनीति एक नागरिक की जान से बड़ी है।

Example 3: फ़ाइल का प्रतीक · 3 marks · Short answerHarder exam level

कहानी में 'फ़ाइल' शब्द बार-बार आता है और अंत में 'जीवन की फ़ाइल' पूरी होती है। फ़ाइल के प्रतीक को स्पष्ट करते हुए अंतिम वाक्य का मर्म लिखिए। (लगभग 60 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. फ़ाइल = सरकारी कार्यप्रणाली, जहाँ मनुष्य केवल 'केस' है।
  2. सुपरिंटेंडेंट की खुशी: 'आज तुम्हारी फ़ाइल पूर्ण हो गई'।
  3. उसी समय जीवन की फ़ाइल भी पूर्ण: करुण विडंबना।

Answer: फ़ाइल सरकारी कार्यप्रणाली का प्रतीक है, जिसमें जीवित मनुष्य केवल एक 'केस' बनकर रह जाता है। सुपरिंटेंडेंट खुशी से बताता है कि प्रधानमंत्री के आदेश से फ़ाइल पूरी हो गई, पर तभी पता चलता है कि कवि मर चुका है। अंतिम वाक्य का मर्म यह है कि कागज़ी प्रक्रिया पूरी होने तक मनुष्य का जीवन ही समाप्त हो गया; व्यवस्था की देरी हत्या के समान है।

Example 4: अतिशयोक्ति के उदाहरण · 3 marks · Short answerExam level

व्यवस्था की अमानवीयता उभारने के लिए लेखक ने कहानी में अतिशयोक्ति के कौन-से तीन उदाहरण रखे हैं? (लगभग 60 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. आदमी को बीच से काटकर प्लास्टिक सर्जरी से जोड़ने का सुझाव।
  2. मरने पर पत्नी को वज़ीफ़ा देने का प्रस्ताव, पर पेड़ हटाने से इनकार।
  3. एक पेड़ के लिए विदेशी संबंध बिगड़ने का डर; अंत में प्रधानमंत्री तक फ़ाइल।

Answer: पहला, एक मनचला सुझाव देता है कि पेड़ नहीं कट सकता तो आदमी को ही बीच से काटकर निकालें और प्लास्टिक सर्जरी से जोड़ दें। दूसरा, साहित्य अकादमी कवि को सदस्य बनाती है और मरने पर पत्नी को वज़ीफ़ा देने की बात करती है, पर पेड़ नहीं हटवाती। तीसरा, एक पेड़ के कारण पीटोनिया से संबंध बिगड़ने का डर दिखाया जाता है और फ़ाइल प्रधानमंत्री तक जाती है।

Example 5: कवि की मृत्यु का दोषी · 3 marks · Short answerHOTS / competency

कवि की मृत्यु के लिए किसी एक व्यक्ति को दोषी ठहराना कठिन क्यों है? कहानी के आधार पर तर्क दीजिए कि असली दोषी कौन है। (लगभग 60 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. हर अधिकारी ने 'नियम के अनुसार' अपना हिस्सा किया।
  2. किसी ने मनुष्य को केंद्र में नहीं रखा।
  3. दोषी: संवेदनहीन व्यवस्था और उसे स्वीकार करने वाले लोग।

Answer: हर अधिकारी ने अपनी नज़र में नियम के अनुसार ही काम किया: सुपरिंटेंडेंट ने ऊपर पूछा, विभागों ने अपने अधिकार-क्षेत्र देखे, विदेश-विभाग ने संबंधों की चिंता की। इसलिए किसी एक को दोषी ठहराना कठिन है। असली दोषी वह संवेदनहीन व्यवस्था है, जिसमें प्रक्रिया मनुष्य से बड़ी हो गई, और वे सब लोग भी, जिन्होंने उसे बिना प्रश्न किए माना।

Example 6: शायरों की भीड़ · 2 marks · Short answerHOTS / competency

दबा आदमी कवि है, यह जानकर शायरों और कविता-प्रेमी क्लर्कों ने क्या किया? इस प्रसंग में व्यंग्य किस पर है? (लगभग 40 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. कवि-सम्मेलन जैसा माहौल; लोग अपनी कविताएँ सुनाने और आलोचना करवाने लगे।
  2. व्यंग्य: आत्ममुग्धता; पीड़ित की ज़रूरत से बेखबर।

Answer: शहर भर से शायर जुट गए और लॉन में कवि-सम्मेलन जैसा माहौल बन गया; लोग उसे अपनी कविताएँ सुनाने और उन पर राय देने को मजबूर करने लगे। व्यंग्य उन आत्ममुग्ध साहित्य-प्रेमियों पर है, जिन्हें पेड़ के नीचे तड़पते कवि की नहीं, अपनी कविता की चिंता थी।

Where the marks are

How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.

फ़ाइल का प्रतीक और अंतिम वाक्य का मर्म (लगभग 60 शब्द, 3 अंक) (3 marks)

StepMarks
फ़ाइल = संवेदनहीन सरकारी कार्यप्रणाली1
अंतिम वाक्य: सरकारी फ़ाइल और जीवन की फ़ाइल साथ-साथ पूरी; करुण विडंबना1.5
भाषा और शब्द-सीमा0.5

मेडिकल विभाग की रिपोर्ट और उसकी विडंबना (लगभग 40 शब्द, 2 अंक) (2 marks)

StepMarks
रिपोर्ट: ऑपरेशन सफल, पर आदमी मर जाएगा1
विडंबना: प्रक्रिया की सफलता बनाम मनुष्य का जीवन1

Where students lose marks in कृश्नचंदर – जामुन का पेड़

The slips examiners see most often, and what to write instead.

  • Mistake: कहानी को केवल हास्य-कथा कहना

    इसमें व्यंग्य के साथ करुणा की अंतर्धारा है; अंत में एक निर्दोष की मृत्यु होती है।

    Do this: 'हास्य-व्यंग्य कथा' लिखें और करुण अंत का उल्लेख करें।

    Usually costs: 1 अंक

  • Mistake: यह लिखना कि अंत में कवि बच गया

    प्रधानमंत्री का आदेश आने तक कवि मर चुका था।

    Do this: अंतिम दृश्य: ठंडा हाथ, निर्जीव पुतलियाँ, चींटियों की पाँत।

    Usually costs: 1 अंक

  • Mistake: विभागों का क्रम या तर्क आपस में मिला देना

    कृषि-विभाग ने 'फलदार पेड़' का तर्क देकर हॉर्टीकल्चर को भेजा; हॉर्टीकल्चर ने 'पेड़ लगाओ' स्कीम का।

    Do this: फ़ाइल-यात्रा का सूत्र याद रखें।

    Usually costs: 1 अंक

  • Mistake: घटनाओं की 'अविश्वसनीयता' को कहानी की कमी बताना

    पाठ की भूमिका के अनुसार व्यंग्य में अतिशयोक्ति जान-बूझकर होती है; विश्वसनीयता कसौटी नहीं।

    Do this: अतिशयोक्ति को व्यंग्य का उपकरण बताएँ।

    Usually costs: 1 अंक

Practice questions on कृश्नचंदर – जामुन का पेड़

Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.

  1. Q1 · 1 mark · MCQExam level

    जामुन का पेड़ कहाँ गिरा था?
    (क) प्रधानमंत्री निवास में
    (ख) सेक्रेटेरियट के लॉन में
    (ग) साहित्य अकादमी में
    (घ) कृषि-विभाग के बगीचे में

    Hint

    रात को झक्कड़ चला।

    Answer

    (ख) सेक्रेटेरियट के लॉन में

  2. Q2 · 1 mark · Very short answerExam level

    दबे हुए कवि का उपनाम और उसकी प्रकाशित पुस्तक का नाम क्या था?

    Hint

    सुबह की नमी।

    Answer

    उपनाम 'ओस'; उसका गद्य-संग्रह 'ओस के फूल' हाल ही में प्रकाशित हुआ था।

  3. Q3 · 2 marks · Short answerHarder exam level

    हॉर्टीकल्चर विभाग का उत्तर 'कड़ा और व्यंग्यपूर्ण' क्यों कहा गया है? (लगभग 40 शब्द)

    Hint

    'पेड़ लगाओ' स्कीम; दूसरे अफ़सरों पर ताना।

    Answer

    विभाग के सेक्रेटरी ने ताना मारा कि जब 'पेड़ लगाओ' योजना ऊँचे स्तर पर चल रही है, तब कुछ अफ़सर पेड़ काटने का सुझाव देते हैं, वह भी फलदार जामुन के पेड़ का। उसने अनुमति देने से साफ़ मना कर दिया; दबे आदमी का ज़िक्र तक नहीं किया।

  4. Q4 · 1 mark · MCQHarder exam level

    कथन (A): माली ने दबे हुए आदमी को रात में खाना खिलाया। कारण (R): पुलिस ने आदमी को खाना देना अनिवार्य कर दिया था।
    (क) A और R दोनों सही, R व्याख्या करता है
    (ख) A और R दोनों सही, R व्याख्या नहीं करता
    (ग) A सही, R गलत
    (घ) A गलत, R सही

    Hint

    पहरा किस लिए था? एक कांस्टेबल ने क्या किया?

    Answer

    (ग) A सही, R गलत (पुलिस का पहरा लोगों को पेड़ हटाने से रोकने के लिए था; एक कांस्टेबल ने दया करके माली को खाना खिलाने दिया)

  5. Q5 · 3 marks · Short answerHOTS / competency

    मान लीजिए आज यह घटना घटती और कोई राहगीर मोबाइल से उसका वीडियो सोशल मीडिया पर डाल देता। कहानी की घटनाओं में क्या बदलाव आ सकता था? अपने विचार लिखिए। (लगभग 60 शब्द)

    Hint

    जन-दबाव, मीडिया, आपदा-प्रबंधन; पर फ़ाइल-संस्कृति कितनी बदली?

    Answer

    वीडियो फैलते ही जन-दबाव बनता और मीडिया सवाल पूछता, इसलिए अफ़सरों के लिए फ़ाइल को दिनों तक घुमाना कठिन होता; आपदा-प्रबंधन दल शायद कुछ घंटों में पेड़ हटा देता। फिर भी, यदि अफ़सर केवल कैमरे के डर से काम करें और संवेदना से नहीं, तो व्यवस्था की असली बीमारी बनी रहती है।

  6. Q6 · 2 marks · Short answerHarder exam level

    कहानी में माली ही एकमात्र मानवीय पात्र क्यों लगता है? दो प्रमाण दीजिए। (लगभग 40 शब्द)

    Hint

    सुझाव, भोजन, सांत्वना।

    Answer

    माली ने सबसे पहले पेड़ हटाकर आदमी को निकालने का सुझाव दिया। वह पहरे के बावजूद रात में उसे दाल-भात और खिचड़ी खिलाता रहा और फ़ाइल की प्रगति बताकर उसकी उम्मीद बँधाता रहा; अफ़सरों के विपरीत उसे आदमी की पीड़ा दिखाई देती थी।

  7. Q7 · 2 marks · Short answerHOTS / competency

    'कवि को मर जाना चाहिए।' 'निस्संदेह।'—इन दो छोटे संवादों में कहानी का कौन-सा भयावह सच छिपा है? (लगभग 40 शब्द)

    Hint

    राष्ट्रीय हित के नाम पर व्यक्ति का बलिदान।

    Answer

    इन संवादों से पता चलता है कि 'राष्ट्रीय हित' और विदेशी सहायता के नाम पर लोग एक निर्दोष की मृत्यु को सहज ही स्वीकार कर लेते हैं। व्यवस्था में रहते-रहते मनुष्य इतना संवेदनहीन हो जाता है कि किसी की जान उसे सस्ती लगने लगती है।

Test your recall

Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.

  1. 1.कहानी के लेखक कौन हैं?Show answer

    कृश्नचंदर।

  2. 2.पेड़ के नीचे दबे आदमी को सबसे पहले किसने देखा?Show answer

    माली ने।

  3. 3.पेड़ किस देश के प्रधानमंत्री ने लगाया था?Show answer

    पीटोनिया राज्य के प्रधानमंत्री ने, दस साल पहले।

  4. 4.दबे आदमी ने अपने वारिस के बारे में क्या बताया?Show answer

    कि वह लावारिस है।

  5. 5.कवि होने का पता चलने पर फ़ाइल किस विभाग में गई?Show answer

    कल्चरल डिपार्टमेंट में, फिर साहित्य अकादमी के सेक्रेटरी के पास।

  6. 6.प्रधानमंत्री के फ़ैसले की खबर लेकर कौन आया?Show answer

    स्वयं सुपरिंटेंडेंट, शाम पाँच बजे।

Quick revision checklist

The night before the exam: can you do each of these without looking?

  • क्या आप फ़ाइल की पूरी यात्रा क्रम से बता सकते हैं?
  • क्या आप हर विभाग का तर्क और उसकी विडंबना लिख सकते हैं?
  • क्या आप माली की भूमिका और कहानी की करुणा समझा सकते हैं?
  • क्या आप 'जीवन की फ़ाइल' का प्रतीकार्थ लिख सकते हैं?
  • क्या आप कहानी की आज के समय में प्रासंगिकता पर लिख सकते हैं?

कृश्नचंदर – जामुन का पेड़: frequently asked questions

'जामुन का पेड़' किस प्रकार की कहानी है?

यह हास्य-व्यंग्य कथा है, जो सरकारी दफ़्तरों की लालफ़ीताशाही, निरर्थक कार्यप्रणाली और संवेदनहीनता पर व्यंग्य करती है।

कृश्नचंदर किस भाषा के कथाकार हैं?

उर्दू के; वे प्रगतिशील लेखक संघ से जुड़े यथार्थवादी लेखक थे।

पेड़ काटने का अंतिम आदेश किसने दिया?

प्रधानमंत्री ने, जिन्होंने इस घटना की सारी अंतर्राष्ट्रीय ज़िम्मेदारी अपने सिर ले ली।

कहानी आज भी प्रासंगिक क्यों है?

क्योंकि आज भी कई जगह काम 'फ़ाइल', अनुमति और विभागीय सीमाओं में अटक जाते हैं, और आम आदमी की तकलीफ़ प्रक्रिया के नीचे दब जाती है।

Based on: CBSE हिंदी (आधार) (302) पाठ्यक्रम, कक्षा 11-12, 2026-27; NCERT आरोह भाग 1 (Reprint 2026-27), पाठ 7: जामुन का पेड़