घर की याद (भवानी प्रसाद मिश्र): Class 11 भावार्थ, काव्य-सौंदर्य और प्रश्न
Updated 15 October 2026 · Fact-checked
'घर की याद' भवानी प्रसाद मिश्र की कविता है। जेल में बंद कवि रात भर होती बारिश में घर को याद करता है: चार भाई, चार बहनें, अनपढ़ ममतामयी माँ और कभी बूढ़े न होने वाले पिता। वह सावन से विनती करता है कि माता-पिता से कहना कि वह मज़े में है, ताकि वे दुखी न हों।
What भवानी प्रसाद मिश्र – घर की याद is about
भवानी प्रसाद मिश्र सहज लय और बोलचाल की भाषा के कवि हैं। गांधीवाद में आस्था और गांधी के चरखे जैसी सहज लय के कारण उन्हें 'कविता का गांधी' भी कहा गया है। वे राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय रहे।
घर की याद कविता जेल-प्रवास के दौरान लिखी गई है। लगातार गिरता पानी कवि के मन को घेर लेता है और घर के सदस्य एक-एक कर उसकी स्मृति में आने लगते हैं। कविता की केंद्रीय संवेदना है घर का मर्म और उससे बिछड़ने की पीड़ा।
कविता के मुख्य भाग:
- बारिश और घर का आँखों में तैरना
- चार भाई, चार बहनें, मायके आई बहन
- अनपढ़ पर ममतामयी माँ
- पिता: बुढ़ापा जिन्हें छू न सका, पर 'पाँचवें' के लिए रो पड़े होंगे
- माँ और पिता की कल्पित बातें
- सावन को संदेशवाहक बनाकर झूठी तसल्ली भेजना
कक्षा 11 की वार्षिक परीक्षा में काव्य खंड से पठित काव्यांश पर पाँच बहुविकल्पी प्रश्न, लगभग 40 शब्दों के (2 अंक) और लगभग 60 शब्दों के (3 अंक) प्रश्न आते हैं।
Weightage: खंड ग (आरोह भाग 1 एवं वितान भाग 1) के 80 में से 40 अंक हैं; काव्य खंड से पठित काव्यांश पर पाँच बहुविकल्पी प्रश्न (1×5), तीन में से दो प्रश्न लगभग 60 शब्दों में (3×2) और तीन में से दो प्रश्न लगभग 40 शब्दों में (2×2) आते हैं।Source: CBSE हिंदी (आधार) 302 पाठ्यक्रम 2026-27, कक्षा 11 परीक्षा हेतु पाठ्यक्रम विनिर्देशन
भवानी प्रसाद मिश्र – घर की याद: explanation
In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.
प्रसंग: कवि जेल में है। बाहर रात भर से बहुत पानी गिर रहा है और उसके प्राण-मन उदासी से घिर गए हैं। ऐसे में उसका घर आँखों में तैरने लगता है।
घर का स्मरण: वह घर उससे दूर है, पर खुशियों से भरा-पूरा है। घर में चार भाई हैं और बहन मायके आई हुई है; पर भाई (कवि) को घर में न पाकर उसके लिए यह घर दुख (परिताप) का घर बन गया होगा। कवि के चार भाई और चार बहनें हैं; भाई उसकी भुजाएँ हैं और बहनें प्यार। माँ पढ़ी-लिखी नहीं, पर दुख में भी धीरज रखने वाली है; उसकी गोद में सिर रखते ही दुख मिट जाता है। उसकी ममता जेल तक पहुँचती है, पर वह पत्र नहीं लिख सकती।
पिता का चित्र: पिता को बुढ़ापा छू तक नहीं गया; वे अब भी दौड़ते, खिलखिलाते हैं, मौत और शेर से नहीं डरते, उनकी आवाज़ में बादल-सी गरज और काम में आँधी-सी गति है। कवि कल्पना करता है कि आज गीता-पाठ करके, दो सौ साठ दंड लगाकर और मुगदर घुमाकर जब वे नीचे आए होंगे, तो बच्चों को खेलते देखकर उनकी आँखें भर आई होंगी और वे 'पाँचवें' बेटे का नाम लेकर रो पड़े होंगे। कवि वही पाँचवाँ बेटा है, जिसे पिता 'सोने पर सुहागा' कहते थे; आज उसकी याद में बाकी सोने जैसे बेटे भी उन्हें फीके लगे होंगे।
माँ ने पिता को समझाया होगा कि भवानी वहाँ अच्छा है; वह तुम्हारा (पिता का) मन और अपनापन समझकर गया है, यह तुम्हारी ही लीक (परंपरा) है; पीछे हटता तो मेरी कोख लजाती। पिता ने आँसू छिपाकर कहा होगा कि वे रो कहाँ रहे हैं।
अंत में कवि सावन से विनती करता है कि तुम बरस लो, पर मेरे माता-पिता की आँखें न बरसें। उनसे कहना कि मैं मज़े में हूँ, लिखता-पढ़ता हूँ, चरखा कातता हूँ, खूब खाता हूँ और दुख को डटकर ठेलता हूँ। यह मत कहना कि मैं रात को जागता हूँ, लोगों से भागता हूँ, चुप रहता हूँ; उन्हें कोई शक न होने देना।
Themes and message
घर का मर्म और विस्थापन की पीड़ा
घर केवल इमारत नहीं, परिजनों का स्नेह है; उससे दूर होना जेल की दीवारों से बड़ा दुख है।
From the text: 'घर नज़र में तिर रहा है'
पारिवारिक स्नेह
भाई-बहन, माँ और पिता, सबके प्रति कवि का गहरा लगाव; हर सदस्य का अलग, जीवंत चित्र।
From the text: 'चार भाई चार बहिनें, भुजा भाई प्यार बहिनें'
देशभक्ति और त्याग
कवि स्वेच्छा से देश के लिए जेल गया है; माँ इसे पिता की ही परंपरा ('तुम्हारी लीक') मानती है।
From the text: माँ कहती होगी कि पीछे हटने वाला बेटा 'कोख को मेरी लजाता'।
अपनों को दुख से बचाने का भाव
कवि अपनी पीड़ा छिपाकर माता-पिता को झूठी तसल्ली भेजना चाहता है।
From the text: 'तुम बरस लो वे न बरसें'
The speaker and the people in the poem
कवि (भवानी, पाँचवाँ बेटा)
जेल में बंद, घर को याद करता वक्ता।
- संवेदनशील और परिवार से गहरा जुड़ा
- देशभक्त, स्वेच्छा से कष्ट सहने वाला
- माता-पिता की चिंता करने वाला
- भीतर से अकेला और उदास
सावन से कहता है कि माता-पिता को बताना वह मस्त है, पर यह न बताना कि वह जागता और चुप रहता है।
पिता
कवि के ओजस्वी, कर्मठ पिता।
- बुढ़ापे में भी स्वस्थ और फुर्तीले
- निर्भीक: मौत और शेर से न डरने वाले
- धार्मिक: गीता-पाठ करने वाले
- भीतर से कोमल: बेटे की याद में रो पड़ने वाले
'पिता जी जिनको बुढ़ापा, एक क्षण भी नहीं व्यापा' और 'रो पड़े होंगे बराबर, पाँचवें का नाम लेकर'।
माँ
कवि की अनपढ़ पर धैर्यवान माँ।
- ममतामयी
- दुख में भी धैर्य रखने वाली
- स्वाभिमानी, देशभक्ति को परिवार की लीक मानने वाली
'माँ कि जिसकी गोद में सिर, रख लिया तो दुख नहीं फिर' और पिता को धीरज बँधाना।
Poetic devices
| Device | Example | Effect |
|---|---|---|
| सावन का मानवीकरण (संदेशवाहक) | 'हे सजीले हरे सावन, हे कि मेरे पुण्य पावन' | प्रकृति को दूत बनाकर कवि अपनी बात घर तक पहुँचाता है; मेघदूत की परंपरा की याद। |
| यमक/श्लेष जैसा चमत्कार: 'बस' शब्द | 'घर नहीं हूँ बस यही है, किंतु यह बस बड़ा बस है, इसी बस से सब विरस है' | 'बस' (केवल) और 'बस' (वश, विवशता) से पीड़ा का गहरा व्यंग्य। |
| उपमा और रूपक | 'बोल में बादल गरजता, काम में झंझा लरजता'; 'भुजा भाई प्यार बहिनें' | पिता का ओजस्वी चित्र और भाई-बहनों का सजीव रूप। |
| मुहावरा | 'सोने पर सुहागा', 'नज़र में तिरना' | बोलचाल की सहजता और भाव की तीव्रता। |
| तुकांत, गेयता और पुनरावृत्ति | 'गिर रहा है... घिरता रहा है... तिर रहा है'; 'हे सजीले हरे सावन' दो बार | बारिश जैसी लगातार लय; कविता पढ़ने में भावुक संगीत। |
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
घर नज़र में तिर रहा है,
कवि: रात भर बारिश के बीच घर की याद।
पूरी कविता की केंद्रीय अनुभूति।
माँ कि जिसकी गोद में सिर, रख लिया तो दुख नहीं फिर,
कवि: माँ का स्मरण।
माँ के स्नेह की शक्ति।
पाँचवाँ मैं हूँ अभागा,
कवि: पिता के उसे याद करके रोने की कल्पना पर।
घर से दूर होने का आत्म-दुख।
किंतु यह बस बड़ा बस है, इसी बस से सब विरस है,
कवि: सावन को संदेश देते हुए।
'बस' शब्द का चमत्कार; घर से दूर रहने की विवशता।
तुम बरस लो वे न बरसें,
कवि: सावन से विनती।
माता-पिता को दुख से बचाने की कामना; 'बरसना' का दोहरा अर्थ (बारिश और आँसू)।
भवानी प्रसाद मिश्र – घर की याद in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
घर से दूर रहने की पीड़ा
मान लीजिए आपके बड़े भाई नौकरी के लिए दूसरे देश गए हैं और वीडियो कॉल पर हमेशा कहते हैं कि सब बढ़िया है, पर उनकी आवाज़ थकी लगती है।
'घर की याद' के कवि के आधार पर उनके मन को समझाइए। (लगभग 40 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- कवि भी 'मस्त हूँ' कहलवाना चाहता है, पर भीतर उदास है।
- भाई भी परिवार को चिंता से बचाने के लिए दुख छिपा रहे हो सकते हैं।
Answer: कवि की तरह भाई भी शायद परिवार को चिंता से बचाने के लिए अपना अकेलापन छिपा रहे हैं। हमें उनसे स्नेह से बात करनी चाहिए और भरोसा दिलाना चाहिए कि वे अपनी तकलीफ़ भी बाँट सकते हैं।
Memory hook: 'मस्त हूँ' के पीछे की थकान सुनो।
माता-पिता का छिपा दुख
कल्पना कीजिए कि आप स्कूल-टूर पर एक सप्ताह के लिए बाहर गए हैं और आपके सख्त दिखने वाले पिता रोज़ आपकी खाली कुर्सी देखकर चुप हो जाते हैं।
कविता का कौन-सा अंश इस स्थिति से मिलता है?
Try it first, then show the solutionSolution
- निर्भीक पिता भी 'पाँचवें का नाम लेकर' रो पड़े होंगे।
- कठोर बाहरी रूप के भीतर कोमल स्नेह।
Answer: पिता वाला अंश; बुढ़ापे से अछूते, शेर से न डरने वाले पिता भी पाँचवें बेटे की याद में रो पड़े होंगे।
Memory hook: कड़क पिता, कोमल मन।
प्रकृति से संवाद
यदि आप घर से दूर हों और खिड़की से बादल को घर की दिशा में जाते देखें, तो उससे क्या कहना चाहेंगे?
कवि ने सावन से जो कहा, उससे तुलना कीजिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- कवि ने सावन को दूत बनाकर तसल्ली भेजी।
- मन की बात कहने के लिए प्रकृति का सहारा।
Answer: मैं भी बादल से कहूँगा कि घर जाकर माँ को बताना मैं ठीक हूँ; कवि की तरह प्रकृति मन का भार हल्का करने का सहारा बन जाती है।
Memory hook: बादल डाकिया, मन चिट्ठी।
Topics in this chapter
How the school exam asks भवानी प्रसाद मिश्र – घर की याद
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| पठित काव्यांश (प्रश्न 6, 1×5) | बारिश और घर की याद, माँ, पिता, माँ-पिता की कल्पित बातें या सावन को संदेश वाले अंश पर पाँच बहुविकल्पी प्रश्न। | पहचानें कि अंश किस परिजन से जुड़ा है; 'बस', 'बरसना' जैसे शब्दों के दोहरे अर्थ पकड़ें। |
| लगभग 40 शब्द (प्रश्न 8, 2 अंक) | माँ का चित्रण, 'सोने पर सुहागा' का अर्थ, सावन का मानवीकरण, माँ ने बेटे के जेल जाने को कैसे देखा। | पंक्ति का भाव + पारिवारिक संदर्भ, दो वाक्यों में। |
| लगभग 60 शब्द (प्रश्न 7, 3 अंक) | कविता की केंद्रीय संवेदना, काव्य-सौंदर्य, कवि की मनःस्थिति, आज के प्रवासी जीवन से तुलना। | तीन बिंदु; कविता की पंक्तियाँ उद्धृत करके। |
Tricks to remember भवानी प्रसाद मिश्र – घर की याद
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
कविता का क्रम: 'पा-भा-माँ-पि-बा-सा'
पानी गिरना → भाई-बहन → माँ → पिता → माँ-पिता की बातें → सावन को संदेश।
Use it when: भावार्थ और काव्यांश पहचानने के लिए।
पिता की संख्याएँ
दंड 260; कवि का वज़न 70 सेर; भाई-बहन 4+4; कवि = 5वाँ।
Use it when: बहुविकल्पी प्रश्न।
क्या कहना, क्या न कहना
कहना: लिखता, पढ़ता, कातता, खाता, खेलता, मस्त; न कहना: जागता, भागता, मौन।
Use it when: अंतिम अंश के प्रश्न।
भवानी प्रसाद मिश्र – घर की याद: extract-based questions
Read the extract, answer every part on paper, then open the answers.
Extract 1: काव्यांश 1: कभी बूढ़े न होने वाले पिता
पिता जी जिनको बुढ़ापा,
एक क्षण भी नहीं व्यापा,
जो अभी भी दौड़ जाएँ,
जो अभी भी खिलखिलाएँ,
मौत के आगे न हिचकें,
शेर के आगे न बिचकें,
(1) · 1 mark · MCQ
'जिनको बुढ़ापा एक क्षण भी नहीं व्यापा' से पिता की कौन-सी विशेषता प्रकट होती है?
(क) वे युवा हैं
(ख) उम्र होने पर भी वे स्वस्थ, फुर्तीले और उत्साही हैं
(ग) वे बीमार हैं
(घ) वे आलसी हैं(2) · 1 mark · MCQ
'मौत के आगे न हिचकें, शेर के आगे न बिचकें' से पिता का कौन-सा गुण प्रकट होता है?
(क) क्रोध
(ख) निर्भीकता
(ग) चालाकी
(घ) उदासीनता(3) · 1 mark · MCQ
(संदर्भ: आगे कवि पिता के बारे में कहता है—'बोल में बादल गरजता, / काम में झंझा लरजता'।) 'बोल में बादल गरजता' में कौन-सा अलंकार है?
(क) यमक
(ख) उत्प्रेक्षा
(ग) अनुप्रास और रूपक (बोल पर बादल की गरज का आरोप)
(घ) श्लेष(4) · 1 mark · MCQ
'झंझा' का अर्थ है:
(क) झरना
(ख) आँधी-तूफ़ान
(ग) झगड़ा
(घ) झंडा(5) · 1 mark · Assertion-reason
कथन (A): इतने निर्भीक पिता भी कवि की याद में रो पड़े होंगे। कारण (R): कठोर दिखने वाले व्यक्ति के भीतर भी संतान के लिए कोमल स्नेह होता है।
(क) A और R दोनों सही हैं, R, A की सही व्याख्या है
(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं है
(ग) A सही, R गलत
(घ) A गलत, R सही
Show the answersAnswers
- (ख) उम्र होने पर भी वे स्वस्थ, फुर्तीले और उत्साही हैं
- (ख) निर्भीकता
- (ग) अनुप्रास और रूपक (बोल पर बादल की गरज का आरोप)
- (ख) आँधी-तूफ़ान
- (क) A और R दोनों सही हैं, R, A की सही व्याख्या है
Extract 2: काव्यांश 2: सावन को संदेश
हे सजीले हरे सावन,
हे कि मेरे पुण्य पावन,
तुम बरस लो वे न बरसें,
पाँचवें को वे न तरसें,
मैं मज़े में हूँ सही है,
घर नहीं हूँ बस यही है,
(1) · 1 mark · MCQ
कवि सावन को किस रूप में संबोधित करता है?
(क) शत्रु के रूप में
(ख) संदेशवाहक (दूत) के रूप में
(ग) किसान के रूप में
(घ) गुरु के रूप में(2) · 1 mark · MCQ
'तुम बरस लो वे न बरसें' में 'वे न बरसें' का अर्थ है:
(क) माता-पिता पर बारिश न हो
(ख) माता-पिता की आँखों से आँसू न बहें
(ग) बादल न गरजें
(घ) भाई-बहन न आएँ(3) · 1 mark · MCQ
(संदर्भ: कवि आगे कहता है कि घर से दूर होने के इसी कारण से उसके लिए 'सब विरस है'।) 'इसी बस से सब विरस है' में 'विरस' का अर्थ है:
(क) रस से भरा
(ख) फीका, नीरस
(ग) वीर
(घ) वर्षा(4) · 1 mark · MCQ
(संदर्भ: आगे कवि सावन से कहता है कि यह बात माता-पिता से न कहना, बल्कि उन्हें धीरज देते रहना।) कवि सावन से यह बात माता-पिता से छिपाने को क्यों कहता है?
(क) वह झूठ बोलना पसंद करता है
(ख) वह नहीं चाहता कि उसकी पीड़ा जानकर वे और दुखी हों
(ग) वह उनसे नाराज़ है
(घ) वह घर लौटना नहीं चाहता(5) · 1 mark · MCQ
'पाँचवें' शब्द किसके लिए आया है?
(क) पाँचवीं बहन के लिए
(ख) स्वयं कवि के लिए, जो पाँचवाँ बेटा है
(ग) पाँचवें दिन के लिए
(घ) पिता के लिए
Show the answersAnswers
- (ख) संदेशवाहक (दूत) के रूप में
- (ख) माता-पिता की आँखों से आँसू न बहें
- (ख) फीका, नीरस
- (ख) वह नहीं चाहता कि उसकी पीड़ा जानकर वे और दुखी हों
- (ख) स्वयं कवि के लिए, जो पाँचवाँ बेटा है
भवानी प्रसाद मिश्र – घर की याद: exam-level solved questions
Ordered from exam level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: माँ का चित्रण · 2 marks · Short answerExam level
कविता में कवि की माँ का चित्रण किस प्रकार किया गया है? (लगभग 40 शब्द)
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- अनपढ़, पर दुख में धीर; गोद में सिर रखते ही दुख दूर।
- पत्र नहीं लिख सकती, पर स्नेह जेल तक पहुँचता है।
Answer: कवि की माँ पढ़ी-लिखी नहीं है, पर दुख में धीरज रखने वाली है। उसकी गोद में सिर रखते ही सारा दुख मिट जाता है। वह पत्र नहीं लिख सकती, फिर भी उसकी ममता की धारा जेल में बैठे बेटे तक पहुँचती है।
Example 2: 'सोने पर सुहागा' · 2 marks · Short answerHarder exam level
पिता कवि को 'सोने पर सुहागा' क्यों कहते थे और आज उनके 'स्वर्ण बेटे' उन्हें 'हेटे' क्यों लगे होंगे? (लगभग 40 शब्द)
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- सब बेटे सोने जैसे; कवि उनमें भी विशेष, सुहागा।
- आज उसकी कमी में बाकी बेटे भी फीके लगे।
Answer: पिता के सब बेटे सोने जैसे गुणी थे, पर कवि को वे उनमें भी विशेष, यानी सोने पर सुहागा, मानते थे। आज वही बेटा जेल में बँधा है; उसकी कमी इतनी खल रही होगी कि बाकी सोने जैसे बेटे भी उन्हें फीके (हेटे) लगे होंगे।
Example 3: माँ की 'लीक' · 3 marks · Short answerHarder exam level
कवि की कल्पना में माँ ने बेटे के जेल जाने को किस दृष्टि से देखा और पिता को कैसे समझाया? इससे माँ के व्यक्तित्व के बारे में क्या पता चलता है? (लगभग 60 शब्द)
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- माँ: भवानी वहाँ अच्छा है, पिता का मन समझकर गया है, यह पिता की ही लीक है।
- पीछे हटता तो कोख लजाती; पिता से कहती है कि कच्चे न हों, बच्चे रो पड़ेंगे।
- व्यक्तित्व: धैर्यवान, स्वाभिमानी, देशभक्त।
Answer: माँ ने पिता से कहा होगा कि आँखों में आँसू क्यों हैं, भवानी वहाँ अच्छा है; वह पिता का मन और अपनापन समझकर गया है, यह उन्हीं की लीक है। बेटा पीछे हटता तो उसकी कोख लजाती। उसने पिता को कच्चा न होने को कहा, ताकि बच्चे न रोएँ। इससे पता चलता है कि माँ भीतर से दुखी होकर भी धैर्यवान, स्वाभिमानी और देशभक्त है।
Example 4: कविता की केंद्रीय संवेदना · 3 marks · Short answerExam level
'घर की याद' कविता की केंद्रीय संवेदना क्या है? बारिश का वातावरण इस संवेदना को कैसे गहरा करता है? (लगभग 60 शब्द)
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- संवेदना: घर का मर्म, परिजनों से बिछड़ने की पीड़ा।
- बारिश: रात भर गिरता पानी, मन का घिरना, घर का आँखों में तैरना।
- अंत में सावन दूत; बरसना = आँसू।
Answer: कविता की केंद्रीय संवेदना घर का मर्म और जेल में बंद कवि की परिजनों से बिछड़ने की पीड़ा है। रात भर गिरता पानी उदासी का वातावरण बनाता है; जैसे-जैसे पानी गिरता है, कवि का मन घिरता जाता है और घर आँखों में तैरने लगता है। अंत में वही सावन संदेशवाहक बनता है और बादल का बरसना माता-पिता के आँसुओं से जुड़ जाता है।
Example 5: सच छिपाने की विनती · 3 marks · Short answerHOTS / competency
कवि सावन से अपनी वास्तविक दशा छिपाने को कहता है। क्या अपनों से सच छिपाना उचित है? कविता के संदर्भ में अपना मत तर्क सहित लिखिए। (लगभग 60 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- कवि की दशा: रात को जागना, लोगों से भागना, चुप रहना।
- छिपाने का उद्देश्य: माता-पिता का दुख न बढ़े; वे कुछ कर भी नहीं सकते।
- मत: यहाँ यह झूठ स्नेह और त्याग से उपजा है; सामान्यतः सच बाँटना भी ज़रूरी।
Answer: कवि जेल में रात को जागता है, लोगों से कटता है और चुप रहता है, पर चाहता है कि माता-पिता को केवल यही पता चले कि वह मस्त है। जेल से उसे छुड़ाना उनके वश में नहीं था, इसलिए सच जानकर उनका दुख ही बढ़ता। इस स्थिति में यह 'झूठ' स्नेह और त्याग से उपजा है, इसलिए उचित लगता है। सामान्य जीवन में अपनी तकलीफ़ अपनों से बाँटना भी ज़रूरी है।
Example 6: 'बरसना' का दोहरा अर्थ · 2 marks · Short answerHOTS / competency
'तुम बरस लो वे न बरसें' पंक्ति में 'बरसना' शब्द के दो अर्थ स्पष्ट करते हुए उसका सौंदर्य बताइए। (लगभग 40 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- सावन का बरसना = वर्षा।
- माता-पिता का बरसना = आँसू बहाना; श्लेष जैसा चमत्कार।
Answer: पहला 'बरसना' सावन की वर्षा है और दूसरा माता-पिता की आँखों से आँसू बहना। एक ही शब्द से प्रकृति और मनुष्य के दुख को जोड़कर कवि ने गहरी करुणा पैदा की है; यही इस पंक्ति का चमत्कार और सौंदर्य है।
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
कविता की केंद्रीय संवेदना और बारिश की भूमिका (लगभग 60 शब्द, 3 अंक) (3 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| केंद्रीय संवेदना: घर का मर्म, परिजनों से बिछड़ने की पीड़ा | 1 |
| बारिश की भूमिका: उदासी, मन का घिरना, सावन दूत, बरसना = आँसू | 1.5 |
| भाषा और शब्द-सीमा | 0.5 |
माँ का चित्रण (लगभग 40 शब्द, 2 अंक) (2 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| अनपढ़ पर धैर्यवान; गोद में दुख मिटना | 1 |
| पत्र न लिख पाना, पर स्नेह का जेल तक पहुँचना | 1 |
Where students lose marks in भवानी प्रसाद मिश्र – घर की याद
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: कवि को विदेश में या नौकरी पर बताना
कविता जेल-प्रवास के दौरान लिखी गई है; 'बँधा बैठा हूँ' इसका संकेत है।
Do this: प्रसंग में 'जेल में बंद कवि' अवश्य लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: 'बस' शब्द के केवल एक अर्थ का उल्लेख
'बस' का प्रयोग 'केवल' और 'विवशता/वश' दोनों अर्थों की ओर संकेत करता है; यही चमत्कार है।
Do this: दोनों अर्थ और उनसे उपजी पीड़ा लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: यह मान लेना कि कवि सचमुच मज़े में है
वह केवल माता-पिता को तसल्ली देने के लिए ऐसा कहलवाना चाहता है; असल में वह जागता और चुप रहता है।
Do this: कही गई बात और वास्तविक मनःस्थिति का अंतर लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: सावन के मानवीकरण को साधारण प्रकृति-वर्णन कहना
सावन यहाँ संदेशवाहक है, जिससे कवि बात करता है।
Do this: 'मानवीकरण, दूत के रूप में सावन' लिखें।
Usually costs: आधा अंक
Practice questions on भवानी प्रसाद मिश्र – घर की याद
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQExam level
कवि कहाँ बैठकर घर को याद कर रहा है?
(क) विदेश में
(ख) जेल में
(ग) छात्रावास में
(घ) अस्पताल मेंHint
'बँधा बैठा हूँ अभागा'।
Answer
(ख) जेल में
Q2 · 1 mark · Very short answerExam level
कवि के कितने भाई और बहनें हैं, और भाइयों में उसका कौन-सा स्थान है?
Hint
चार भाई चार बहिनें।
Answer
उसके चार भाई और चार बहनें हैं; वह स्वयं पाँचवाँ बेटा है।
Q3 · 2 marks · Short answerHarder exam level
पिता की दिनचर्या के किन कामों का उल्लेख कविता में है और उनसे पिता के बारे में क्या पता चलता है? (लगभग 40 शब्द)
Hint
गीता-पाठ, दंड, मुगदर।
Answer
पिता गीता-पाठ करते हैं, दो सौ साठ दंड लगाते हैं और मुगदर घुमाते हैं। इससे पता चलता है कि वे धार्मिक, अनुशासित और शारीरिक रूप से बलवान हैं; बुढ़ापा उन्हें छू नहीं पाया।
Q4 · 1 mark · MCQHarder exam level
कथन (A): कवि सावन से कहता है कि माता-पिता को बताना कि वह चरखा कातने में व्यस्त है। कारण (R): गांधीवादी आंदोलन में चरखा कातना स्वावलंबन और आंदोलन से जुड़ाव का प्रतीक था।
(क) A और R दोनों सही, R व्याख्या करता है
(ख) A और R दोनों सही, R व्याख्या नहीं करता
(ग) A सही, R गलत
(घ) A गलत, R सहीHint
कवि की गांधीवाद पर आस्था।
Answer
(क) A और R दोनों सही, R व्याख्या करता है
Q5 · 3 marks · Short answerHOTS / competency
मान लीजिए आप पढ़ाई के लिए दूसरे शहर के छात्रावास में हैं और त्योहार पर घर नहीं जा पाए। 'घर की याद' की शैली में माता-पिता को भेजे जाने वाले संदेश के लिए चार बातें लिखिए और बताइए कि कौन-सी बातें आप छिपाना चाहेंगे और क्यों। (लगभग 60 शब्द)
Hint
क्या बताना: पढ़ाई, खाना, दोस्त; क्या छिपाना: अकेलापन।
Answer
मैं संदेश भेजूँगा कि मैं मन लगाकर पढ़ रहा हूँ, समय पर खाना खाता हूँ, नए दोस्त बने हैं और मैं खेलकूद में भी भाग लेता हूँ। कवि की तरह मैं यह छिपाना चाहूँगा कि त्योहार की रात मुझे घर की बहुत याद आई और मैं अकेला महसूस कर रहा था, ताकि माता-पिता चिंता न करें। पर यदि अकेलापन बढ़े, तो उनसे बात करना भी ज़रूरी है।
Q6 · 2 marks · Short answerHarder exam level
कवि ने भाइयों को 'भुजा' और बहनों को 'प्यार' क्यों कहा है? (लगभग 40 शब्द)
Hint
शक्ति और स्नेह।
Answer
भाई जीवन में सहारा और शक्ति होते हैं, जैसे भुजाएँ शरीर की ताकत होती हैं; इसलिए उन्हें भुजा कहा। बहनें घर में स्नेह और कोमलता लाती हैं, इसलिए वे प्यार का रूप हैं। एक पंक्ति में पूरे परिवार की शक्ति और स्नेह झलकता है।
Q7 · 2 marks · Short answerHOTS / competency
कवि को 'कविता का गांधी' क्यों कहा जाता है? इस कविता से इसका एक प्रमाण दीजिए। (लगभग 40 शब्द)
Hint
सहज लय, चरखा, अहिंसा और सहनशीलता।
Answer
उनकी कविता में गांधी के चरखे जैसी सहज लय, बोलचाल की सरलता और अहिंसा-सहनशीलता की भावना है। इस कविता में कवि जेल का दुख चुपचाप सहता है, चरखा कातने की बात करता है और किसी के प्रति कटुता नहीं दिखाता।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.कविता के कवि कौन हैं?Show answer
भवानी प्रसाद मिश्र।
2.पिता कितने दंड लगाते हैं?Show answer
दो सौ साठ।
3.पिता कवि को क्या कहते थे?Show answer
सोने पर सुहागा।
4.माँ की कल्पित बातों में कवि का कौन-सा नाम आता है?Show answer
भवानी।
5.कवि अपना वज़न कितना बताने को कहता है?Show answer
सत्तर सेर।
6.'परिताप' का अर्थ क्या है?Show answer
अत्यधिक दुख।
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप बता सकते हैं कि बारिश और कवि के मन की दशा का क्या संबंध है?
- क्या आप माँ और पिता, दोनों का चित्रण पंक्तियों सहित लिख सकते हैं?
- क्या आप 'सोने पर सुहागा' और 'हेटे' का अर्थ समझा सकते हैं?
- क्या आप 'बस' और 'बरसना' के दोहरे अर्थ बता सकते हैं?
- क्या आप सावन को दिए संदेश में 'क्या कहना, क्या न कहना' गिना सकते हैं?
भवानी प्रसाद मिश्र – घर की याद: frequently asked questions
'घर की याद' कविता किस परिस्थिति में लिखी गई?
कवि के जेल-प्रवास के दौरान, जब बरसात की एक रात उसे घर और परिजनों की बहुत याद आई।
कवि सावन से क्या विनती करता है?
कि सावन चाहे बरसे, पर उसके माता-पिता की आँखें न बरसें; उन्हें बताना कि वह मस्त है, लिखता-पढ़ता और चरखा कातता है।
भवानी प्रसाद मिश्र को 'कविता का गांधी' क्यों कहा जाता है?
उनकी कविता की सहज लय गांधी के चरखे की लय से जुड़ती है और उसमें गांधीवादी अहिंसा तथा सहनशीलता की अभिव्यक्ति है।
'घर की याद' में सावन को किस रूप में दिखाया गया है?
संदेशवाहक (दूत) के रूप में: कवि सावन का मानवीकरण करके उसे 'सजीले हरे' और 'पुण्य पावन' कहता है और उसी के हाथ माता-पिता को तसल्ली का संदेश भेजता है।
Based on: CBSE हिंदी (आधार) (302) पाठ्यक्रम, कक्षा 11-12, 2026-27; NCERT आरोह भाग 1 (Reprint 2026-27), पाठ 3: घर की याद