जामुन का पेड़ (कृश्नचंदर): लालफ़ीताशाही पर व्यंग्य और फ़ाइल की यात्रा
Updated 17 October 2026 · Fact-checked
जामुन का पेड़ में आँधी से गिरे पेड़ के नीचे एक आदमी दब जाता है, पर उसे निकालने की फ़ाइल एक विभाग से दूसरे विभाग तक घूमती रहती है। हर विभाग कहता है कि यह उसका काम नहीं। जिस दिन प्रधानमंत्री पेड़ काटने का आदेश देते हैं, उसी दिन तक दबा हुआ कवि मर चुका होता है। कथा हास्य के माध्यम से व्यवस्था की संवेदनहीनता पर चोट करती है।
Understand जामुन का पेड़: लालफ़ीताशाही पर व्यंग्य और फ़ाइल की यात्रा
कथा का ढाँचा। रात की आँधी में सेक्रेटेरियट के लॉन का पेड़ गिरा। सुबह माली ने देखा कि उसके नीचे एक आदमी दबा है। क्लर्कों को पहले पेड़ और उसकी जामुनों का अफ़सोस हुआ, आदमी की चिंता बाद में। सुपरिंटेंडेंट ने पेड़ हटाने से रोक दिया कि पहले ऊपर से पूछना होगा।
फ़ाइल की यात्रा। फ़ाइल व्यापार-विभाग से कृषि-विभाग, फिर हॉर्टीकल्चर विभाग तक पहुँची। हॉर्टीकल्चर ने पेड़ लगाओ योजना का हवाला देकर पेड़ काटने से मना कर दिया। एक मनचले ने सुझाव दिया कि आदमी को बीच से काटकर निकाल लें और प्लास्टिक सर्जरी से जोड़ दें; मेडिकल विभाग ने कहा कि ऑपरेशन सफल होगा, पर आदमी मर जाएगा। फिर पता चला कि वह कवि है, तो फ़ाइल कल्चरल विभाग से साहित्य अकादमी पहुँची, पर पेड़ हटाना उसका काम नहीं निकला।
व्यंग्य और करुणा। हर विभाग नियम के आगे इंसान को भूल जाता है। हास्य-व्यंग्य कथा में घटनाएँ जान-बूझकर बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई जाती हैं, इसलिए असली बात विश्वसनीयता नहीं, व्यवस्था की संवेदनहीनता है। हँसी के पीछे करुणा है, क्योंकि दबा आदमी मर जाता है।
माली और मानवता। साधारण माली चोरी-छिपे दबे आदमी को खाना खिलाता है। इससे पता चलता है कि पद के नीचे के लोग अधिक मानवीय हैं। पाठ के शेष प्रसंग अध्याय-पृष्ठ पर हैं।
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
बेचारा जामुन का पेड़। कितना फलदार था!
क्लर्क: पेड़ गिरने पर।
व्यंग्य: आदमी से पहले पेड़ की चिंता।
अगर पेड़ काटा नहीं जा सकता, तो इस आदमी ही को काटकर निकाल लिया जाए।
मनचला: सुझाव के रूप में।
विभागीय नियमों की हास्यास्पद चरम सीमा।
उसके जीवन की फ़ाइल भी पूर्ण हो चुकी थी।
कथावाचक: अंत में।
फ़ाइल और जीवन की तुलना का करुण व्यंग्य।
जामुन का पेड़: लालफ़ीताशाही पर व्यंग्य और फ़ाइल की यात्रा: key facts
- फ़ाइल की यात्रा
- व्यापार
- कृषि
- हॉर्टीकल्चर
- मेडिकल
- कल्चरल
- साहित्य अकादमी
- क्रम से याद रखें।
- व्यंग्य के उपकरण
- अतिशयोक्ति
- विडंबना
- हास्य
- हर उपकरण का उदाहरण दें।
- मूल संदेश
- नियम बनाम इंसान | संवेदनहीनता
- पाठ का सार।
जामुन का पेड़: लालफ़ीताशाही पर व्यंग्य और फ़ाइल की यात्रा in real life
The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
अनुमति की प्रतीक्षा
मान लीजिए किसी स्कूल के गेट पर बच्चे को चोट लगती है, पर चौकीदार कहता है कि प्राथमिक उपचार का फ़ैसला प्रधानाचार्य करेंगे, और प्रधानाचार्य कहते हैं कि यह स्वास्थ्य विभाग का काम है।
यह स्थिति पाठ के किस पक्ष से मिलती है?
Try it first, then show the solutionSolution
- हर कोई दूसरे पर टालता है।
- नियम इंसान से बड़े हो जाते हैं।
- संवेदनहीनता दिखती है।
Answer: यह फ़ाइल के विभागों में घूमने और हर विभाग द्वारा काम टाल देने के प्रसंग से मिलती है, जहाँ नियम इंसान की जान से अधिक महत्त्व पा जाते हैं।
Memory hook: पहले नियम, फिर इंसान।
Tricks to remember जामुन का पेड़: लालफ़ीताशाही पर व्यंग्य और फ़ाइल की यात्रा
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
व-कृ-हॉ-मे-क-सा
विभागों का क्रम।
Use it when: फ़ाइल की यात्रा।
पेड़ पहले, आदमी बाद
क्लर्कों की चिंता का क्रम।
Use it when: व्यंग्य का पहला उदाहरण।
जामुन का पेड़: लालफ़ीताशाही पर व्यंग्य और फ़ाइल की यात्रा: solved examples
Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.
Example 1: विधा · 1 mark · MCQBoard level
जामुन का पेड़ किस प्रकार की रचना है?
(क) संस्मरण (ख) हास्य-व्यंग्य कथा (ग) रिपोर्ताज (घ) जीवनी
Try it first, then show the solutionSolution
- यह कृश्नचंदर की हास्य-व्यंग्य कथा है (1 अंक)।
Answer: (ख)
Example 2: माली · 2 marks · Short answerBoard level
माली का व्यवहार अफ़सरों से कैसे भिन्न है? (लगभग 40 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- माली चोरी-छिपे खाना खिलाता है (1)।
- अफ़सर नियम और विभाग देखते हैं (1)।
Answer: माली दबे आदमी को चोरी-छिपे खाना खिलाता है, जबकि अफ़सर हर बात ऊपर से पूछने और विभाग तय करने में लगे रहते हैं। माली संवेदनशील है, अफ़सर नियमों के बंधन में हैं। यह भेद कथा का मानवीय पक्ष दिखाता है।
Example 3: फ़ाइल की यात्रा · 3 marks · Short answerHarder board level
फ़ाइल की यात्रा के माध्यम से लेखक ने किस पर व्यंग्य किया है? (लगभग 60 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- फ़ाइल का एक विभाग से दूसरे में घूमना (1)।
- हर विभाग का काम टालना (1)।
- भाषा और शब्द-सीमा (1)।
Answer: फ़ाइल व्यापार से कृषि, हॉर्टीकल्चर, मेडिकल, कल्चरल विभाग और साहित्य अकादमी तक घूमती है, और हर विभाग काम को दूसरे का बताता है। इससे लेखक ने सरकारी दफ़्तरों की लालफ़ीताशाही, निरर्थक कागज़ी कार्यवाही और संवेदनहीनता पर व्यंग्य किया है।
Example 4: गद्यांश · 5 marks · Source-basedHarder board level
पाठ के भाव पर आधारित अंश (अपने शब्दों में): पेड़ को काटने का प्रश्न हॉर्टीकल्चर विभाग के पास गया तो उसने पेड़ लगाओ योजना का हवाला देकर मना कर दिया। एक मनचले ने सुझाव दिया कि आदमी को बीच से काटकर निकाल लें और प्लास्टिक सर्जरी से जोड़ दें। मेडिकल विभाग ने कहा कि ऑपरेशन सफल होगा, पर आदमी मर जाएगा।
(i) हॉर्टीकल्चर विभाग ने क्या कारण बताया
(क) पेड़ पुराना है (ख) पेड़ लगाओ योजना (ग) मौसम खराब है (घ) पैसा नहीं है
(ii) मनचले का सुझाव था
(क) आदमी को काटकर निकालना (ख) पेड़ जलाना (ग) क्रेन मँगाना (घ) इंतज़ार
(iii) सुझाव में व्यंग्य है
(क) नियमों की हास्यास्पद चरम सीमा का (ख) विज्ञान का (ग) शिक्षा का (घ) खेती का
(iv) मेडिकल विभाग की रिपोर्ट थी
(क) आदमी बच जाएगा (ख) ऑपरेशन सफल, आदमी मरेगा (ग) पेड़ कट जाएगा (घ) कोई उपाय नहीं
(v) अंश का मूल भाव है
(क) व्यवस्था की संवेदनहीनता (ख) चिकित्सा की प्रगति (ग) हास्य मात्र (घ) पर्यावरण-प्रेम
Try it first, then show the solutionSolution
- प्रत्येक उप-प्रश्न 1 अंक का है।
Answer: (i) (ख); (ii) (क); (iii) (क); (iv) (ख); (v) (क)।
Example 5: अंत की सार्थकता · 3 marks · Short answerHOTS / competency
"उसके जीवन की फ़ाइल भी पूर्ण हो चुकी थी।" इस अंतिम पंक्ति की व्यंजना पर अपना मत दीजिए। (लगभग 60 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- फ़ाइल और जीवन की तुलना (1)।
- व्यवस्था की देरी का परिणाम (1)।
- निष्कर्ष (1)।
Answer: इस पंक्ति में जीवन की तुलना फ़ाइल से की गई है, यानी व्यवस्था के लिए इंसान भी एक फ़ाइल है। देरी से आदमी मर चुका है, पर फ़ाइल अब पूर्ण मानी जाती है। इस विडंबना में करुणा और तीखा व्यंग्य है।
Where students lose marks in जामुन का पेड़: लालफ़ीताशाही पर व्यंग्य और फ़ाइल की यात्रा
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: कथा को वास्तविक घटना मानना
यह हास्य-व्यंग्य कथा है।
Wrong working
ऐसा सचमुच हुआ था।
Right working
घटनाएँ बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई गई हैं; असली बात संवेदनहीनता है।
Do this: विधा का उल्लेख करें।
Usually costs: 1-2 अंक
Mistake: विभागों का क्रम गलत लिखना
क्रम व्यंग्य की धार बढ़ाता है।
Wrong working
पहले मेडिकल फिर कृषि।
Right working
पहले व्यापार, कृषि, हॉर्टीकल्चर और फिर अन्य।
Do this: क्रम याद रखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: केवल हँसी का वर्णन
करुणा भी पूछी जाती है।
Wrong working
कहानी हास्य की है।
Right working
कहानी हास्य के माध्यम से करुणा और व्यंग्य दिखाती है।
Do this: अंत की मृत्यु जोड़ें।
Usually costs: 2 अंक
Exam tips
- व्यंग्य किस पर है, यह पहले वाक्य में लिखें।
- फ़ाइल की यात्रा के तीन विभाग उदाहरण के रूप में दें।
- माली की मानवीयता का उल्लेख करें।
- अंतिम पंक्ति की व्यंजना ज़रूर समझाएँ।
- 40 और 60 शब्दों की सीमा रखें।
Practice questions on जामुन का पेड़: लालफ़ीताशाही पर व्यंग्य और फ़ाइल की यात्रा
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQBoard level
पेड़ के नीचे दबा आदमी कौन था?
(क) माली (ख) क्लर्क (ग) उपनाम ओस वाला कवि (घ) सुपरिंटेंडेंटHint
कहानी के बीच में उसकी पहचान खुलती है।
Answer
(ग)
Q2 · 3 marks · Short answerHarder board level
क्लर्कों को आदमी से पहले पेड़ की चिंता क्यों हुई? इसमें क्या व्यंग्य है? (लगभग 60 शब्द)
Hint
फलदार पेड़ और रसीली जामुनें।
Answer
क्लर्कों को पेड़ की रसीली जामुनों का अफ़सोस हुआ और आदमी की चिंता बाद में आई। यह उनकी स्वार्थी और संवेदनहीन सोच दिखाता है। व्यंग्य यह है कि जान से अधिक चीज़ों की फ़िक्र होती है।
Q3 · 3 marks · Short answerHarder board level
पाठ में हास्य और करुणा एक साथ कैसे चलते हैं? (लगभग 60 शब्द)
Hint
सुझावों की हास्यास्पदता और अंत की मृत्यु।
Answer
पेड़ के बजाय आदमी को काटने जैसे सुझाव हँसी पैदा करते हैं, पर इन सबके पीछे एक आदमी दबा हुआ है जो मरने वाला है। अंत में उसकी मृत्यु करुणा जगाती है। इस तरह हँसी हमें व्यवस्था की क्रूरता पर सोचने पर मजबूर करती है।
Q4 · 1 mark · Assertion-reasonHarder board level
कथन (A): कहानी की घटनाएँ बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई गई हैं। कारण (R): इससे व्यवस्था की संवेदनहीनता उभरकर आती है।
(क) A और R सही, R व्याख्या है (ख) A सही, R गलत (ग) A गलत, R सही (घ) दोनों गलतHint
व्यंग्य की तकनीक पर विचार करें।
Answer
(क)
Q5 · 3 marks · Short answerHOTS / competency
आज के संदर्भ में इस कहानी की प्रासंगिकता पर अपने विचार लिखिए। (लगभग 60 शब्द)
Hint
दफ़्तरों में देरी और जवाबदेही देखें।
Answer
आज भी जब फ़ाइलें विभागों में घूमती हैं और हर विभाग अपनी ज़िम्मेदारी टालता है, तो आम आदमी को देरी झेलनी पड़ती है। कहानी चेतावनी देती है कि नियम इंसान के लिए हैं, इंसान नियमों के लिए नहीं। इसलिए यह आज भी प्रासंगिक है।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.जामुन का पेड़ के लेखक कौन हैं?Show answer
कृश्नचंदर।
2.पेड़ कहाँ गिरा?Show answer
सेक्रेटेरियट के लॉन में।
3.दबे आदमी का उपनाम क्या था?Show answer
ओस।
4.किसने आदमी को चोरी-छिपे खाना खिलाया?Show answer
माली ने।
5.कथा की विधा क्या है?Show answer
हास्य-व्यंग्य कथा।
जामुन का पेड़: लालफ़ीताशाही पर व्यंग्य और फ़ाइल की यात्रा: frequently asked questions
कथा किस पर व्यंग्य करती है?
लालफ़ीताशाही और निरर्थक कागज़ी कार्यवाही पर।
कथा में करुणा कहाँ है?
दबे आदमी की मृत्यु और व्यवस्था की संवेदनहीनता में।
पाठ किस पुस्तक में है?
आरोह भाग 1 में।