CBSE Class 10 Hindi Course A 2023: question 2(a)
Set in the CBSE Class 10 board exam of 2023, paper 3/2/1, section अ, question 2(a), for 5 marks. Try it first; the hints and our step-by-step solution are below.
Q2(a) · 5 marks · Reading comprehensionCompetency-basedमैथिलीशरण गुप्त – मनुष्यता
निम्नलिखित दो पद्यांशों में से किसी एक को ध्यान से पढ़कर उस पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
(I) सँभलो कि सुयोग न जाय चला,
कब व्यर्थ हुआ सदुपाय भला
समझो जग को न निरा सपना
पथ आप प्रशस्त करो अपना
अखिलेश्वर है अवलंबन को
नर हो, न निराश करो मन को।
जब प्राप्त तुम्हें सब तत्त्व यहाँ
फिर जा सकता वह सत्त्व कहाँ
तुम स्वत्त्व सुधा रस पान करो
उठके अमरत्व विधान करो
दवरूप रहो भव कानन को
नर हो न निराश करो मन को।
निज गौरव का नित ज्ञान रहे
हम भी कुछ हैं यह ध्यान रहे
मरणोत्तर गुंजित गान रहे
सब जाय अभी पर मान रहे
कुछ हो न तजो निज साधन को
नर हो, न निराश करो मन को।
प्रभु ने तुमको कर दान किए,
सब वांछित वस्तु विधान किए
तुम प्राप्त करो उनको न अहो
फिर है यह किसका दोष कहो
समझो न अलभ्य किसी धन को
नर हो, न निराश करो मन को।
- (i)1 mark
प्रस्तुत पद्यांश में मनुष्य को किस हेतु प्रेरित किया गया है ?
- (a)मन को एकाग्र करने हेतु
- (b)शरीर को स्वस्थ रखने हेतु
- (c)मन को आशान्वित रखने हेतु
- (d)ईश्वर के शरण में जाने हेतु
- (ii)1 mark
'पथ आप प्रशस्त करो अपना' का आशय है :
- (a)जीवन का मार्ग ईश्वर दिखाएँ
- (b)जीवन का मार्ग माता-पिता सुझाएँ
- (c)जीवन का मार्ग स्वयं बनाएँ
- (d)जीवन का मार्ग मित्र बताएँ
- (iii)1 mark
पद्यांश में 'मृत्यु के उपरांत भी कीर्ति बनी रहे' इस भाव को व्यक्त करने वाली पंक्ति है :
- (a)निज गौरव का नित ज्ञान रहे
- (b)सब जाय अभी पर मान रहे
- (c)हम भी कुछ हैं यह ध्यान रहे
- (d)मरणोत्तर गुंजित गान रहे
- (iv)1 mark
पद्यांश में किन चीज़ों को प्राप्त नहीं करने के लिए मनुष्य को दोषी माना गया है ?
- (a)प्रकृति से उपलब्ध सुविधाओं को
- (b)भाग्य से प्राप्त वरदानों को
- (c)मनोवांछित वस्तुओं को
- (d)अलभ्य, परिश्रम से प्राप्त वस्तुओं को
- (v)1 mark
'प्रभु ने तुमको कर दान किए' पंक्ति के द्वारा कवि क्या प्रेरणा देता है ?
- (a)आलसी बने रहने के लिए
- (b)परिश्रम करने के लिए
- (c)भाग्य पर आश्रित रहने के लिए
- (d)चलने-फिरने के लिए
Source: official question paper from cbse.gov.in (PDF). See it in the full 2023 board paper, set 3/2/1.
Hints
Open one hint at a time and try again before the next.
Hint 1
कविता की टेक 'नर हो, न निराश करो मन को' पर ध्यान दीजिए।
Hint 2
(iii) में 'मरण के बाद' जैसा शब्द किस पंक्ति में है, खोजिए।
Hint 3
अंतिम पद में ईश्वर के दान और मनुष्य के प्रयास का संबंध देखिए।
Step-by-step solution
Each step shows the marks it earns, as an examiner would award them. Checked by an independent re-solve from the question paper.
- 1 mark
(i) कविता का स्वर 'नर हो, न निराश करो मन को' है, अतः मन को आशान्वित रखने की प्रेरणा है। उत्तर (c)।
- 1 mark
(ii) 'पथ आप प्रशस्त करो अपना' का आशय है अपने जीवन का मार्ग स्वयं बनाना। उत्तर (c)।
- 1 mark
(iii) मृत्यु के बाद कीर्ति के भाव की पंक्ति 'मरणोत्तर गुंजित गान रहे' है। उत्तर (d)।
- 1 mark
(iv) ईश्वर ने सब मनोवांछित वस्तुएँ दी हैं, उन्हें प्राप्त न करने पर दोष मनुष्य का है। उत्तर (c)।
- 1 mark
(v) प्रभु ने सब दान दिए हैं, उन्हें पाने के लिए परिश्रम करना है। उत्तर (b)।
Answer: (i) c; (ii) c; (iii) d; (iv) c; (v) b
Where the marks are
- (i) विकल्प (c) (1 अंक)
- (ii) विकल्प (c) (1 अंक)
- (iii) विकल्प (d) (1 अंक)
- (iv) विकल्प (c) (1 अंक)
- (v) विकल्प (b) (1 अंक)
Revise the chapter
- Chapter: मैथिलीशरण गुप्त – मनुष्यता (notes, formulas, where marks are lost and every past question)
More questions from मैथिलीशरण गुप्त – मनुष्यता
- 2026 board paper, set 4/3/1 (Course B), Q9 · 5 marksनिम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्पों का चयन करके लिखिए : 5×1=5…
- 2026 board paper, set 4/4/1 (Course B), Q10 · 6 marksनिर्धारित कविताओं के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों मे…
- 2026 board paper, set 4/5/1 (Course B), Q10 · 6 marksकाव्य खंड पर आधारित निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए :…
The question is transcribed from the official paper; figures are described in words. The solution, hints and chapter tag are ours. Spotted an error? Write tosupport@questionbuddy.in.