वह जन्मभूमि मेरी (सोहनलाल द्विवेदी) ICSE Class 9: भावार्थ और प्रश्न
Updated 15 October 2026 · Fact-checked
'वह जन्मभूमि मेरी' सोहनलाल द्विवेदी की देशप्रेम की कविता है। कवि भारत को अपनी जन्मभूमि, मातृभूमि, पुण्यभूमि, स्वर्णभूमि, धर्मभूमि, कर्मभूमि, युद्धभूमि और बुद्धभूमि कहकर उसकी प्राकृतिक सुंदरता (हिमालय, सागर, नदियाँ, झरने) और राम, सीता, कृष्ण और गौतम बुद्ध जैसे महापुरुषों का गौरव-गान करते हैं।
What वह जन्मभूमि मेरी – सोहनलाल द्विवेदी is about
'वह जन्मभूमि मेरी' राष्ट्रीय भावना के कवि सोहनलाल द्विवेदी की कविता है, जो साहित्य सागर में संकलित है और CISCE के 2028 के पाठ्यक्रम में कक्षा 9 के लिए निर्धारित है।
कविता तीन भागों में भारत का गौरव-गान है: पहले भाग में प्राकृतिक भव्यता (आकाश चूमता हिमालय, चरणों में झूमता सागर, गंगा-यमुना-त्रिवेणी); दूसरे में प्रकृति की मधुरता (झरने, चहकती चिड़ियाँ, आम के बाग, कोयल, मलय पवन); और तीसरे में सांस्कृतिक-आध्यात्मिक गौरव (राम, सीता, कृष्ण की गीता, गौतम बुद्ध की दया)। हर भाग के अंत में भारत के लिए नए विशेषण आते हैं, और टेक 'वह जन्मभूमि मेरी, वह मातृभूमि मेरी' बार-बार लौटती है।
इस पृष्ठ पर कविता की पंक्तियाँ साहित्य सागर के अभ्यास-अवतरणों से ली गई हैं, जैसे वे प्रकाशित हल (StudiesToday) में छपे हैं; अपनी पुस्तक से मिला लें।
Weightage: CISCE कक्षा 9 के लिए अलग प्रश्न-पत्र की रूपरेखा प्रकाशित नहीं करता; परीक्षा विद्यालय लेता है। बोर्ड के स्वरूप में साहित्य सागर की कविता पर प्रश्न (पद्यांश और चार उप-प्रश्न) 10 अंक का होता है।Source: CISCE ICSE 2028 द्वितीय भाषा पाठ्यक्रम (खंड ख); CISCE हिंदी 2025 बोर्ड प्रश्न-पत्र (प्रश्नों का स्वरूप)
वह जन्मभूमि मेरी – सोहनलाल द्विवेदी: explanation
In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.
पहला भाग: प्राकृतिक भव्यता। कवि कहते हैं: यह मेरी जन्मभूमि और मातृभूमि है। इसके उत्तर में ऊँचा हिमालय खड़ा है, मानो आकाश को चूम रहा हो; नीचे इसके चरणों में झुककर सागर नित्य झूमता है। गंगा, यमुना और त्रिवेणी (गंगा, यमुना, सरस्वती का संगम) की लहरें लहरा रही हैं और पग-पग पर इसकी निराली जगमग छटा बिखरी है। यह मेरी पुण्यभूमि (पवित्र भूमि) और स्वर्णभूमि (समृद्ध भूमि) है।
दूसरा भाग: प्रकृति की मधुरता। इसकी पहाड़ियों में अनेक झरने झरते हैं, झाड़ियों में मस्त होकर चिड़ियाँ चहकती हैं। आम के घने बाग (अमराइयाँ) हैं, जिनमें कोयल पुकारती है, और सुगंधित मलय पवन बहकर तन-मन को सँवारती है। यह मेरी धर्मभूमि और कर्मभूमि है।
तीसरा भाग: सांस्कृतिक गौरव। यही वह भूमि है जहाँ रघुपति (श्रीराम) ने जन्म लिया और सीता जन्मी; जहाँ श्रीकृष्ण ने वंशी बजाई और पवित्र गीता का उपदेश सुनाया। गौतम बुद्ध ने यहाँ जन्म लेकर इसका यश बढ़ाया और संसार को दया का पाठ पढ़ाकर ज्ञान का दीपक दिखाया। यह मेरी युद्धभूमि (वीरता की भूमि) और बुद्धभूमि (ज्ञान-करुणा की भूमि) है; यही मेरी मातृभूमि, मेरी जन्मभूमि है।
कवि का भाव: पूरी कविता में कवि हर भाग के अंत में भारत के लिए दो नए विशेषण जोड़ते जाते हैं, मानो वे अपनी मातृभूमि को अलग-अलग रूपों में देखकर उसकी वंदना कर रहे हों। प्रकृति की भव्यता से आरंभ होकर कविता प्रकृति की कोमलता तक और फिर महापुरुषों की महिमा तक पहुँचती है। इस क्रम से स्पष्ट होता है कि कवि के लिए भारत केवल एक भू-भाग नहीं, बल्कि सुंदरता, पवित्रता, धर्म, कर्म, वीरता और करुणा का संगम है, जिस पर हर भारतवासी को गर्व होना चाहिए।
Themes and message
देशप्रेम और गौरव
पूरी कविता भारत के प्रति गर्व और प्रेम का गीत है; टेक 'वह जन्मभूमि मेरी, वह मातृभूमि मेरी' इस भावना को बार-बार दोहराती है।
From the text: हर भाग के अंत में आने वाले विशेषण और टेक।
प्राकृतिक सौंदर्य
हिमालय, सागर, नदियाँ, झरने, चिड़ियाँ, आम के बाग और मलय पवन भारत की प्राकृतिक समृद्धि और विविधता दिखाते हैं।
From the text: 'ऊँचा खड़ा हिमालय आकाश चूमता है'
सांस्कृतिक-आध्यात्मिक विरासत
राम, सीता, कृष्ण और बुद्ध की भूमि होने से भारत धर्म, कर्म, वीरता और करुणा की भूमि है।
From the text: 'जन्मे जहाँ थे रघुपति, जन्मी जहाँ थी सीता'
दया और ज्ञान का संदेश
गौतम बुद्ध ने इसी भूमि से संसार को दया सिखाई और ज्ञान का दीपक दिखाया; भारत केवल युद्धभूमि नहीं, बुद्धभूमि भी है।
From the text: 'वह युद्ध-भूमि मेरी, वह बुद्ध-भूमि मेरी।'
The speaker and the people in the poem
कवि (वक्ता)
भारत का गौरव-गान करने वाला देशभक्त।
- मातृभूमि के प्रति गहरा प्रेम और गर्व।
- प्रकृति और संस्कृति दोनों का प्रशंसक।
पूरी कविता।
Poetic devices
| Device | Example | Effect |
|---|---|---|
| मानवीकरण | 'ऊँचा खड़ा हिमालय आकाश चूमता है'; 'नित सिंधु झूमता है'। | हिमालय और सागर सजीव लगते हैं; भारत की भव्यता प्रकट होती है। |
| टेक (आवृत्ति) | 'वह जन्मभूमि मेरी, वह मातृभूमि मेरी।' | गीतात्मकता और भावना की तीव्रता। |
| अनुप्रास | 'पग-पग', 'चिड़िया चहक'। | लय और माधुर्य। |
| पुनरुक्ति प्रकाश | 'पग-पग'। | छटा के सर्वत्र फैले होने का भाव। |
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
वह जन्मभूमि मेरी, वह मातृभूमि मेरी।
कवि: कविता की टेक।
मातृभूमि से अटूट संबंध।
ऊँचा खड़ा हिमालय आकाश चूमता है,
कवि: पहला भाग।
हिमालय की ऊँचाई और भारत की भव्यता।
जन्मे जहाँ थे रघुपति, जन्मी जहाँ थी सीता,
कवि: तीसरा भाग।
भारत की सांस्कृतिक-आध्यात्मिक महिमा।
वह युद्ध-भूमि मेरी, वह बुद्ध-भूमि मेरी।
कवि: तीसरे भाग का अंत।
वीरता और करुणा दोनों की भूमि।
वह जन्मभूमि मेरी – सोहनलाल द्विवेदी in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
देशप्रेम का कर्तव्य
मान लीजिए आपके शहर की नदी में कूड़ा फेंका जा रहा है।
कविता की 'गंगा यमुना त्रिवेणी' वाली पंक्ति आपको क्या करने की प्रेरणा देती है?
Try it first, then show the solutionSolution
- नदियाँ भारत की पहचान और पवित्रता।
- स्वच्छता अभियान में भागीदारी।
Answer: जिस प्रकृति पर कवि गर्व करते हैं, उसकी रक्षा करना ही सच्चा देशप्रेम है।
Memory hook: गर्व के साथ ज़िम्मेदारी।
विविधता में गौरव
कल्पना कीजिए आप किसी विदेशी मित्र को भारत के बारे में बता रहे हैं।
कविता के आधार पर आप किन बातों का उल्लेख करेंगे?
Try it first, then show the solutionSolution
- हिमालय से सागर तक की प्रकृति।
- राम, कृष्ण, बुद्ध की विरासत।
Answer: भारत की प्राकृतिक विविधता और समृद्ध आध्यात्मिक विरासत, दोनों ही इसे विशेष बनाती हैं।
Memory hook: प्रकृति और संस्कृति: भारत की दो पहचान।
दया का संदेश
मान लीजिए आपके विद्यालय में कोई सहपाठी किसी जानवर को सता रहा है।
'जग को दया सिखाई' की पंक्ति आपको क्या सिखाती है?
Try it first, then show the solutionSolution
- बुद्ध का करुणा का संदेश।
- उसे रोकना और समझाना।
Answer: बुद्धभूमि के निवासी होने के नाते दया और करुणा हमारी विरासत है; उसे व्यवहार में लाना चाहिए।
Memory hook: बुद्धभूमि, दया का धर्म।
Topics in this chapter
How the school exam asks वह जन्मभूमि मेरी – सोहनलाल द्विवेदी
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| प्राकृतिक वर्णन | 'कवि ने हिमालय के बारे में क्या कहा है?' / 'भारत की हवा कैसी है?' | पंक्ति का भाव + मानवीकरण। |
| विशेषण और शब्दार्थ | 'कवि ने भारत के लिए किन विशेषणों का प्रयोग किया है?' | आठों विशेषण याद रखें। |
| सांस्कृतिक संदर्भ | 'त्रिवेणी नदियों के नाम' / 'गौतम कौन थे?' | गंगा, यमुना, सरस्वती; बुद्ध, दया का संदेश। |
| केंद्रीय भाव | 'कविता का केंद्रीय भाव लिखिए।' | देशप्रेम; प्रकृति, संस्कृति और महापुरुषों का गौरव। |
Tricks to remember वह जन्मभूमि मेरी – सोहनलाल द्विवेदी
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
आठ भूमियाँ
जन्म-मातृ, पुण्य-स्वर्ण, धर्म-कर्म, युद्ध-बुद्ध: चार जोड़े।
Use it when: विशेषण वाला प्रश्न।
तीन भाग
भव्यता (हिमालय), मधुरता (कोयल), महिमा (राम-कृष्ण-बुद्ध)।
Use it when: कविता का क्रम।
त्रिवेणी = तीन
त्रि = तीन: गंगा, यमुना, सरस्वती।
Use it when: तथ्य-प्रश्न।
वह जन्मभूमि मेरी – सोहनलाल द्विवेदी: extract-based questions
Read the extract, answer every part on paper, then open the answers.
Extract 1: पद्यांश: सांस्कृतिक गौरव
जन्मे जहाँ थे रघुपति, जन्मी जहाँ थी सीता,
श्रीकृष्ण ने सुनाई, वंशी पुनीत गीता।
गौतम ने जन्म लेकर, जिसका सुयश बढ़ाया,
जग को दया सिखाई, जग को दिया दिखाया।
(1) · 2 marks · Short answer
(i) कवि भारत की भूमि को पावन क्यों मानते हैं?
(2) · 2 marks · Short answer
(ii) गौतम कौन थे? उन्होंने संसार को क्या सिखाया?
(3) · 3 marks · Short answer
(iii) 'श्रीकृष्ण ने सुनाई, वंशी पुनीत गीता' का आशय स्पष्ट कीजिए।
(4) · 3 marks · Long answer
(iv) शब्दार्थ लिखिए: रघुपति, वंशी, पुनीत, जग। कविता में भारत के लिए प्रयुक्त कोई चार विशेषण भी लिखिए।
Show the answersAnswers
- क्योंकि यहाँ श्रीराम और सीता ने जन्म लिया, श्रीकृष्ण ने वंशी बजाई और गीता का उपदेश दिया, और गौतम बुद्ध ने जन्म लेकर संसार को दया सिखाई।
- गौतम बुद्ध, बौद्ध धर्म के प्रवर्तक; उन्होंने संसार को सभी जीवों पर दया करना सिखाया और ज्ञान का दीपक दिखाया।
- यह वही भूमि है जहाँ श्रीकृष्ण ने अपनी वंशी की मधुर धुन सुनाई और कुरुक्षेत्र में अर्जुन को पवित्र गीता का उपदेश दिया; अर्थात भारत प्रेम-संगीत और कर्म-ज्ञान दोनों की भूमि है।
- रघुपति = श्रीराम; वंशी = बाँसुरी; पुनीत = पवित्र; जग = संसार। विशेषण (कोई चार): जन्मभूमि, मातृभूमि, पुण्यभूमि, स्वर्णभूमि, धर्मभूमि, कर्मभूमि, युद्धभूमि, बुद्धभूमि।
वह जन्मभूमि मेरी – सोहनलाल द्विवेदी: exam-level solved questions
Ordered from exam level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: हिमालय और सागर · 2 marks · Short answerExam level
कवि ने हिमालय और सागर के बारे में क्या कहा है?
Try it first, then show the solutionSolution
- हिमालय: आकाश चूमता।
- सागर: चरणों में झुककर झूमता।
Answer: हिमालय इतना ऊँचा खड़ा है मानो आकाश को चूम रहा हो, और सागर भारत के चरणों के नीचे झुककर नित्य झूमता रहता है।
Example 2: त्रिवेणी · 2 marks · Short answerExam level
त्रिवेणी किसे कहते हैं? कविता में नदियों का उल्लेख क्यों किया गया है?
Try it first, then show the solutionSolution
- गंगा, यमुना, सरस्वती का संगम।
- पवित्रता और समृद्धि।
Answer: गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम को त्रिवेणी कहते हैं। नदियों का उल्लेख भारत की पवित्रता, उर्वरता और निराली छटा दिखाने के लिए किया गया है।
Example 3: विशेषणों का अर्थ · 3 marks · Short answerHarder exam level
कवि ने भारत को 'धर्मभूमि' और 'कर्मभूमि' क्यों कहा है?
Try it first, then show the solutionSolution
- धर्म: आस्था, संस्कृति।
- कर्म: परिश्रम, कर्तव्य।
Answer: भारत अनेक धर्मों और आध्यात्मिक परंपराओं की भूमि है, इसलिए धर्मभूमि है; और यहाँ के लोग परिश्रम और कर्तव्य को महत्त्व देते हैं, गीता का कर्मयोग भी यहीं दिया गया, इसलिए यह कर्मभूमि है।
Example 4: 'युद्धभूमि' और 'बुद्धभूमि' · 3 marks · Short answerHOTS / competency
'वह युद्ध-भूमि मेरी, वह बुद्ध-भूमि मेरी' में दो विरोधी लगने वाले शब्द एक साथ क्यों रखे गए हैं?
Try it first, then show the solutionSolution
- युद्ध: वीरता, धर्म-युद्ध।
- बुद्ध: करुणा, शांति।
Answer: भारत ने आवश्यकता पड़ने पर अन्याय के विरुद्ध वीरता से युद्ध किया (जैसे महाभारत में), और उसी भूमि से बुद्ध ने करुणा और शांति का संदेश दिया। कवि दिखाते हैं कि भारत में शक्ति और करुणा दोनों का संतुलन है।
Example 5: केंद्रीय भाव · 4 marks · Long answerHOTS / competency
कविता का केंद्रीय भाव लगभग 60 शब्दों में लिखिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- देशप्रेम।
- प्रकृति, संस्कृति, महापुरुष।
- विशेषणों द्वारा गौरव।
Answer: कविता में कवि ने अपनी जन्मभूमि भारत के प्रति गहरा प्रेम और गर्व प्रकट किया है। आकाश चूमता हिमालय, झूमता सागर, पवित्र नदियाँ, झरने, कोयल और मलय पवन इसकी प्राकृतिक सुंदरता दिखाते हैं, जबकि राम, सीता, कृष्ण और बुद्ध इसकी सांस्कृतिक महिमा। पुण्यभूमि, स्वर्णभूमि, धर्मभूमि, कर्मभूमि, युद्धभूमि और बुद्धभूमि जैसे विशेषणों से कवि भारत का गौरव-गान करते हैं।
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
3 अंक: ''वह युद्ध-भूमि मेरी, वह बुद्ध-भूमि मेरी' का भाव' (विभाजन संकेतात्मक) (3 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| युद्धभूमि: वीरता, अन्याय के विरुद्ध संघर्ष | 1 |
| बुद्धभूमि: करुणा, शांति, ज्ञान | 1 |
| दोनों का संतुलन: भारत की विशेषता | 1 |
Where students lose marks in वह जन्मभूमि मेरी – सोहनलाल द्विवेदी
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: विशेषण अधूरे गिनाना
छात्र दो-तीन ही याद रखते हैं।
Do this: आठ विशेषण क्रम से याद करें: जन्म, मातृ, पुण्य, स्वर्ण, धर्म, कर्म, युद्ध, बुद्ध।
Usually costs: विशेषण वाले प्रश्न के अंक।
Mistake: त्रिवेणी का अर्थ न जानना
छात्र इसे एक नदी समझते हैं।
Do this: गंगा, यमुना, सरस्वती का संगम।
Usually costs: तथ्य-प्रश्न के अंक।
Mistake: मानवीकरण न पहचानना
हिमालय का 'चूमना' शाब्दिक लिखना।
Do this: बताएँ कि जड़ प्रकृति को सजीव की तरह दिखाया गया है।
Usually costs: काव्य-सौंदर्य के अंक।
Mistake: केंद्रीय भाव में केवल प्रकृति
तीसरे भाग (महापुरुष) को छोड़ देना।
Do this: प्रकृति + संस्कृति + महापुरुष + विशेषण, चारों।
Usually costs: केंद्रीय भाव के अंक।
Practice questions on वह जन्मभूमि मेरी – सोहनलाल द्विवेदी
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 2 marks · Short answerExam level
भारत की हवा कैसी है और उसका हम पर क्या प्रभाव होता है?
Hint
मलय पवन।
Answer
भारत में सुगंधित मलय पवन बहती है, जो तन-मन को सँवारती है, यानी ताज़गी और प्रसन्नता देती है।
Q2 · 2 marks · Short answerExam level
शब्दार्थ लिखिए: सिंधु, नित, अमराइयाँ, मलय।
Hint
पहला और दूसरा भाग।
Answer
सिंधु = सागर; नित = प्रतिदिन; अमराइयाँ = आम के पेड़ों के बाग; मलय = दक्षिण का एक पर्वत (मलयगिरि), जहाँ से सुगंधित हवा आती है।
Q3 · 2 marks · Short answerHarder exam level
दूसरे भाग में प्रकृति के किन-किन रूपों का वर्णन है?
Hint
पाँच चीज़ें।
Answer
पहाड़ियों में झरते झरने, झाड़ियों में चहकती चिड़ियाँ, घनी अमराइयाँ, पुकारती कोयल और बहती मलय पवन।
Q4 · 2 marks · Short answerHarder exam level
'स्वर्णभूमि' विशेषण से कवि क्या कहना चाहते हैं?
Hint
समृद्धि।
Answer
भारत प्राकृतिक संसाधनों, उपजाऊ भूमि और सांस्कृतिक धरोहर से इतना समृद्ध है कि उसे सोने के समान मूल्यवान कहा गया है।
Q5 · 3 marks · Short answerHOTS / competency
यदि आप इस कविता में एक नया छंद जोड़ें, तो भारत के किन महापुरुषों या विशेषताओं का उल्लेख करेंगे? दो पंक्तियाँ लिखिए।
Hint
कविता की शैली।
Answer
मुक्त रचनात्मक उत्तर; उदाहरण: 'गांधी ने जहाँ सिखाया, सच-अहिंसा का नाता, / वह सत्य-भूमि मेरी, वह शांति-भूमि मेरी।'
Q6 · 4 marks · Long answerHOTS / competency
आज के युवा अपनी मातृभूमि के प्रति प्रेम कैसे प्रकट कर सकते हैं? कविता से प्रेरणा लेकर लिखिए।
Hint
प्रकृति और संस्कृति की रक्षा।
Answer
मुक्त उत्तर: नदियों और प्रकृति को स्वच्छ रखना (कविता की गंगा-यमुना, झरने), सांस्कृतिक धरोहर का सम्मान, बुद्ध की तरह दया और सद्भाव फैलाना, अपने कर्तव्य निष्ठा से निभाना (कर्मभूमि)।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.'वह जन्मभूमि मेरी' के कवि कौन हैं?Show answer
सोहनलाल द्विवेदी।
2.हिमालय क्या करता हुआ दिखाया गया है?Show answer
आकाश चूमता हुआ।
3.त्रिवेणी में कौन-सी नदियाँ हैं?Show answer
गंगा, यमुना, सरस्वती।
4.'रघुपति' किसे कहा गया है?Show answer
श्रीराम को।
5.गौतम बुद्ध ने संसार को क्या सिखाया?Show answer
दया।
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप कविता के तीनों भागों का भावार्थ लिख सकते हैं?
- क्या आप आठों विशेषण बता सकते हैं?
- क्या आप मानवीकरण के दो उदाहरण दे सकते हैं?
- क्या आप कठिन शब्दों के अर्थ लिख सकते हैं?
- क्या आप कविता का केंद्रीय भाव लिख सकते हैं?
वह जन्मभूमि मेरी – सोहनलाल द्विवेदी: frequently asked questions
सोहनलाल द्विवेदी कौन थे?
राष्ट्रीय भावना और बाल-कविताओं के लिए प्रसिद्ध हिंदी कवि; उनकी कविताएँ स्वतंत्रता आंदोलन के समय देशप्रेम जगाने के लिए जानी जाती हैं।
'मलय पवन' का क्या अर्थ है?
दक्षिण भारत के मलय पर्वत की ओर से आने वाली सुगंधित, शीतल हवा; साहित्य में यह सुखद हवा का प्रतीक है।
क्या यह कविता कक्षा 10 में भी है?
नहीं। 2028 के पाठ्यक्रम में यह कक्षा 9 की निर्धारित कविताओं में है।
केंद्रीय भाव कितने शब्दों में लिखें?
अंकों के अनुसार; सामान्यतः 50-70 शब्द पर्याप्त हैं, जिनमें प्रकृति, संस्कृति, महापुरुष और देशप्रेम चारों आ जाएँ।
Based on: CISCE ICSE 2028 Second Languages syllabus (Indian Languages); CISCE ICSE 2028 Appendix I: List of Prescribed Textbooks (Hindi); CISCE circular CISCE/CIRCULAR/2026-27/33: Bifurcation of the Prescribed Texts for Selected Indian Languages; CISCE Regulations for ICSE Examination Year 2028; Sahitya Sagar: Vah Janmabhumi Meri, textbook exercise passages and solutions (StudiesToday)