काकी (सियारामशरण गुप्त) ICSE Class 9: सारांश, चरित्र-चित्रण और प्रश्न
Updated 15 October 2026 · Fact-checked
'काकी' सियारामशरण गुप्त की बाल-मनोविज्ञान पर आधारित कहानी है। माँ की मृत्यु के बाद नन्हा श्यामू सोचता है कि उसकी काकी राम के घर गई है। वह पिता के पैसे चुराकर पतंग और रस्सी मँगवाता है ताकि काकी को नीचे उतार सके। पतंग पर 'काकी' लिखा देखकर पिता विश्वेश्वर हतबुद्धि रह जाते हैं।
What काकी – सियारामशरण गुप्त is about
'काकी' हिंदी के कवि और कथाकार सियारामशरण गुप्त की प्रसिद्ध कहानी है, जो साहित्य सागर में संकलित है और CISCE के 2028 के पाठ्यक्रम में कक्षा 9 के लिए निर्धारित है। कहानी में 'काकी' शब्द माँ के लिए प्रयुक्त हुआ है।
यह बाल-मनोविज्ञान की मार्मिक कहानी है। एक छोटे बच्चे के लिए माँ की मृत्यु का अर्थ समझना कठिन है। बड़े उससे सच छिपाते हैं, साथी बच्चों से वह सुनता है कि माँ 'राम के यहाँ' गई है, और अपनी भोली कल्पना से वह माँ को पतंग के सहारे वापस लाने की योजना बनाता है। कहानी माँ-बेटे के प्रेम, बच्चे की निश्छलता और बड़ों की असंवेदनशीलता को उजागर करती है।
2025 के ICSE हिंदी बोर्ड प्रश्न-पत्र में इसका अंतिम अवतरण पूछा गया था। परीक्षकों के अनुसार छात्रों ने पतंग मँगाने वाले श्यामू का नाम नहीं लिखा, काकी को राम के घर से उतारने वाला पूरा कारण नहीं दिया, विश्वेश्वर का गलत परिचय दिया और 'हतबुद्धि' का अर्थ नहीं जाना।
Weightage: CISCE कक्षा 9 के लिए अलग प्रश्न-पत्र की रूपरेखा प्रकाशित नहीं करता; परीक्षा विद्यालय लेता है। बोर्ड के स्वरूप में साहित्य सागर के हर प्रश्न (अवतरण और चार उप-प्रश्न) के 10 अंक होते हैं।Source: CISCE ICSE 2028 द्वितीय भाषा पाठ्यक्रम (खंड ख); CISCE हिंदी 2025 बोर्ड प्रश्न-पत्र और परीक्षकों की रिपोर्ट
काकी – सियारामशरण गुप्त: summary
In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.
एक दिन बड़े सवेरे नन्हे श्यामू की नींद खुली तो उसने देखा कि घर में कुहराम मचा है। उसकी माँ (काकी) कपड़ा ओढ़े भूमि पर लेटी है और सब लोग उसे घेरकर रो रहे हैं। जब काकी को श्मशान ले जाया जाने लगा, तो श्यामू ने बड़ा उपद्रव मचाया। बड़े-बूढ़ों ने उसे बहलाने के लिए कहा कि उसकी काकी मामा के यहाँ गई है। पर साथी बच्चों से उसे पता चला कि काकी ऊपर 'राम के यहाँ' गई है।
कई दिनों तक रोने के बाद उसका रोना तो थम गया, पर जैसे वर्षा का पानी ऊपर से सूख जाने पर भी धरती के भीतर नमी बनी रहती है, वैसे ही उसके मन में शोक बस गया। वह अक्सर शून्य में आकाश की ओर ताका करता।
एक दिन उसने आसमान में उड़ती पतंग देखी और उसका हृदय खिल उठा। उसे लगा कि पतंग के सहारे वह काकी को राम के यहाँ से नीचे उतार सकता है। पिता विश्वेश्वर से पतंग माँगने पर नहीं मिली, तो उसने उनके कोट से चवन्नी निकाली और सुखिया दासी के बेटे, अपने साथी भोला से पतंग और डोर मँगवाई। जवाहर भैया से उसने पतंग पर 'काकी' लिखवा लिया, ताकि पतंग सीधे काकी के पास पहुँचे।
भोला ने कहा कि पतली डोर काकी का भार नहीं सह पाएगी, इसके लिए मोटी रस्सी चाहिए। चिंता में श्यामू को रात भर नींद नहीं आई। अगले दिन उसने फिर पिता के कोट से पैसे निकाले और भोला से रस्सी मँगवाई।
पैसे गायब होने पर विश्वेश्वर क्रोधित होकर खोज करते हुए बच्चों के पास पहुँचे। डाँटने पर भोला ने सब सच बता दिया। विश्वेश्वर ने श्यामू को मारा और पतंग फाड़ दी। तब भोला ने कहा कि श्यामू ने ये चीज़ें इसलिए मँगाई थीं ताकि पतंग तानकर काकी को राम के यहाँ से नीचे उतार सके। विश्वेश्वर हतबुद्धि होकर वहीं खड़े रह गए। उन्होंने फटी पतंग उठाकर देखी; उस पर चिपके कागज़ पर लिखा था: काकी।
Themes and message
बाल-मनोविज्ञान
कहानी दिखाती है कि बच्चा मृत्यु जैसे सत्य को अपने ढंग से समझता है। 'राम के यहाँ गई है' सुनकर वह उसे शाब्दिक रूप से लेता है और पतंग-रस्सी जैसी भोली योजना बनाता है। बड़े यदि बच्चे के मन को न समझें तो उसकी व्यथा और बढ़ जाती है।
From the text: पतंग पर 'काकी' लिखवाना; मोटी रस्सी की चिंता में रात भर न सोना।
माँ-बेटे का अटूट प्रेम
श्यामू के लिए काकी ही उसका संसार थी। रोना थमने के बाद भी शोक उसके मन में बस गया, और वह उसे वापस लाने के लिए चोरी तक कर बैठता है।
From the text: वर्षा की नमी वाली उपमा; श्यामू का शून्य में ताकना।
बड़ों की असंवेदनशीलता
बड़े सच छिपाते हैं, बच्चे की भावनाएँ नहीं समझते और पैसे की चोरी पर बिना कारण जाने उसे मारते हैं। अंत में विश्वेश्वर का हतबुद्धि होना उनके पश्चाताप का क्षण है।
From the text: विश्वेश्वर का श्यामू को मारना और पतंग फाड़ना, फिर 'काकी' लिखा देखकर स्तब्ध होना।
निश्छल मित्रता
भोला श्यामू की योजना में साथ देता है, उसकी कमी (पतली डोर) भी बताता है। दोनों बच्चों की मासूमियत कहानी को और मार्मिक बनाती है।
From the text: भोला का पतंग और रस्सी लाना; मोटी रस्सी का सुझाव।
Characters
श्यामू
कहानी का केंद्रीय पात्र; छोटा बालक जिसकी माँ (काकी) की मृत्यु हो गई है।
- अबोध और भोला: मृत्यु का अर्थ नहीं समझता।
- माँ से अत्यधिक प्रेम करने वाला, भावुक।
- कल्पनाशील: पतंग से माँ को लाने की योजना।
- दृढ़ निश्चयी: माँ के लिए चोरी तक कर बैठता है।
पतंग, रस्सी और 'काकी' लिखी चिट।
भोला
सुखिया दासी का पुत्र; श्यामू का साथी।
- समझदार: पतली डोर की कमी बताता है।
- मासूम और सहायक।
- डरपोक: डाँट पड़ते ही सच बता देता है।
पतंग-रस्सी लाना; विश्वेश्वर के सामने सच कहना।
विश्वेश्वर
श्यामू के पिता।
- बच्चे की भावनाएँ न समझने वाले।
- क्रोधी: बिना कारण जाने मारते हैं।
- अंत में पश्चाताप से भरे, हतबुद्धि।
पतंग न दिलाना; चोरी पर क्रोध; अंत में 'काकी' लिखा देखकर स्तब्ध होना।
How it is written
| Device | Example | Effect |
|---|---|---|
| उपमा | वर्षा के बाद धरती के भीतर बनी नमी की तरह श्यामू के मन में बसा शोक। | बालक के गहरे, छिपे दुख को सजीव करती है। |
| प्रतीक | पतंग और उस पर लिखा 'काकी'। | माँ तक पहुँचने की बाल-आकांक्षा का प्रतीक; अंत को मार्मिक बनाता है। |
| मार्मिक अंत | फटी पतंग पर 'काकी' लिखा देखना। | पाठक और विश्वेश्वर दोनों को झकझोर देता है। |
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
उस दिन बड़े सबेरे श्यामू की नींद खुली तो उसने देखा घर भर में कुहराम मचा हुआ है।
कथावाचक: कहानी का आरंभ, काकी की मृत्यु का दिन।
शोक की पृष्ठभूमि और बालक के दृष्टिकोण से कहानी का आरंभ।
वैसे ही उसके अंतस्तल में वह शोक जाकर बस गया था।
कथावाचक: वर्षा की नमी से तुलना करते हुए श्यामू के दुख का वर्णन।
रोना थमने के बाद भी गहरा शोक बना रहता है।
एक दिन उसने ऊपर आसमान में पतंग उड़ती देखी। न जाने क्या सोचकर उसका हृदय एकदम खिल उठा।
कथावाचक: पतंग देखकर योजना सूझना।
कहानी का मोड़: माँ को वापस लाने की भोली कल्पना।
इन्होंने मँगाई थी। कहते थे, इनसे पतंग तानकर काकी को राम के यहाँ से नीचे उतारेंगे।
भोला: विश्वेश्वर के पूछने पर।
सच सामने आता है; विश्वेश्वर हतबुद्धि हो जाते हैं।
काकी – सियारामशरण गुप्त in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
बच्चों की भावनाओं को समझना
मान लीजिए आपका छोटा भाई दादी के निधन के बाद अजीब प्रश्न पूछता है और चुप-चुप रहता है।
कहानी से क्या सीख लेकर आप उसकी मदद करेंगे?
Try it first, then show the solutionSolution
- उसकी बात ध्यान से सुनें।
- सरल शब्दों में सच बताएँ और साथ रहें।
Answer: श्यामू की तरह बच्चे दुख को अपने ढंग से समझते हैं; उन्हें डाँटने के बजाय सुनना और स्नेह देना ज़रूरी है।
Memory hook: डाँट नहीं, साथ।
व्यवहार के पीछे का कारण
कल्पना कीजिए कोई बच्चा कक्षा में बार-बार खिड़की से बाहर ताकता रहता है।
शिक्षक को क्या करना चाहिए?
Try it first, then show the solutionSolution
- पहले कारण पूछें।
- फिर सहायता करें।
Answer: विश्वेश्वर ने कारण जाने बिना दंड दिया और बाद में पछताए; व्यवहार के पीछे की भावना समझना पहला कदम है।
Memory hook: पहले पूछो, फिर परखो।
माँ का स्थान
मान लीजिए आप कुछ दिनों के लिए माँ से दूर छात्रावास में हैं।
श्यामू की भावनाएँ आपको कैसे समझ आती हैं?
Try it first, then show the solutionSolution
- माँ की कमी हर पल खलती है।
- मन बार-बार उसी ओर जाता है।
Answer: माँ से कुछ दिन की दूरी भी कठिन लगती है; श्यामू की स्थायी जुदाई की पीड़ा इससे कहीं गहरी थी, इसलिए उसकी योजना हमें द्रवित करती है।
Memory hook: माँ का कोई विकल्प नहीं।
Topics in this chapter
How the school exam asks काकी – सियारामशरण गुप्त
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| पात्र-परिचय | 'भोला कौन है?' / 'विश्वेश्वर का परिचय दीजिए।' | नाम, संबंध और दो विशेषताएँ। |
| घटना का कारण | 'श्यामू ने पतंग क्यों मँगाई?' / 'श्यामू को रात भर नींद क्यों नहीं आई?' | बालक की सोच के अनुसार कारण लिखें: माँ को राम के घर से उतारना। |
| पंक्ति का आशय | 'वर्षा के अनंतर... शोक जाकर बस गया था' का आशय। | उपमा समझाएँ: ऊपर से शांत, भीतर गहरा दुख। |
| उद्देश्य और संदेश | 'कहानी का उद्देश्य स्पष्ट कीजिए।' | बाल-मनोविज्ञान, माँ-बेटे का प्रेम, बड़ों की संवेदनशीलता की आवश्यकता। |
Tricks to remember काकी – सियारामशरण गुप्त
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
कहानी-क्रम
कुहराम → राम के यहाँ → पतंग → चवन्नी → 'काकी' चिट → मोटी रस्सी → मार → हतबुद्धि।
Use it when: घटना-क्रम।
तीन पात्र
श्यामू (बेटा), भोला (साथी, सुखिया का बेटा), विश्वेश्वर (पिता)।
Use it when: परिचय वाले प्रश्न।
काकी = माँ
कहानी में 'काकी' माँ के लिए है।
Use it when: शीर्षक और संदर्भ।
काकी – सियारामशरण गुप्त: extract-based questions
Read the extract, answer every part on paper, then open the answers.
Extract 1: अवतरण: अंतिम दृश्य (2025 बोर्ड प्रश्न-पत्र में पूछा गया)
भोला ने कहा, "इन्होंने मँगाई थी। कहते थे, इनसे पतंग तानकर काकी को राम के यहाँ से नीचे उतारेंगे।" विश्वेश्वर हतबुद्धि होकर वहीं खड़े रह गए। उन्होंने फटी हुई पतंग उठाकर देखी। उस पर चिपके हुए कागज पर लिखा हुआ था - काकी।
(1) · 2 marks · Short answer
(i) भोला कौन है? पतंग किसने मँगाई थी?
(2) · 2 marks · Short answer
(ii) श्यामू ने पतंग क्यों मँगाई थी?
(3) · 3 marks · Short answer
(iii) विश्वेश्वर कौन हैं? वे हतबुद्धि होकर क्यों खड़े रह गए? 'हतबुद्धि' का अर्थ लिखिए।
(4) · 3 marks · Long answer
(iv) कहानी के आधार पर बच्चों के स्वभाव की विशेषताएँ लिखिए।
Show the answersAnswers
- भोला सुखिया दासी का पुत्र और श्यामू का साथी है। पतंग श्यामू ने मँगाई थी।
- उसे लगता था कि उसकी माँ (काकी) राम के घर गई है; वह पतंग की डोर तानकर उसे वहाँ से नीचे उतारना चाहता था।
- विश्वेश्वर श्यामू के पिता हैं। उन्होंने पैसों की चोरी पर श्यामू को मारा और पतंग फाड़ दी थी; जब भोला ने कारण बताया और पतंग पर 'काकी' लिखा देखा, तो उन्हें बेटे की मातृ-वियोग की पीड़ा न समझ पाने का गहरा पश्चाताप हुआ। हतबुद्धि = जिसकी बुद्धि काम न करे, स्तब्ध।
- बच्चे अबोध, निश्छल और भावुक होते हैं; वे माँ से अत्यधिक प्रेम करते हैं और बड़ों की बातों को शाब्दिक रूप से लेते हैं। श्यामू ने काकी को लाने के लिए पैसे तक चुराए, जो उसकी मासूमियत और प्रेम दिखाता है, लोभ नहीं।
काकी – सियारामशरण गुप्त: exam-level solved questions
Ordered from exam level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: सत्य का पता · 2 marks · Short answerExam level
श्यामू को माँ की मृत्यु के बारे में बड़ों ने क्या बताया और उसे सत्य का पता कैसे चला?
Try it first, then show the solutionSolution
- बड़ों का बहाना।
- साथी बच्चों की बात।
Answer: बड़ों ने बताया कि काकी मामा के यहाँ गई है, पर साथी बच्चों से उसे पता चला कि काकी ऊपर राम के यहाँ गई है।
Example 2: उपमा का भाव · 3 marks · Short answerHarder exam level
'वर्षा के अनंतर... वैसे ही उसके अंतस्तल में वह शोक जाकर बस गया था।' का भाव स्पष्ट कीजिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- वर्षा का पानी ऊपर सूखता, भीतर नमी रहती।
- श्यामू का रोना थमा, दुख भीतर रहा।
Answer: जैसे वर्षा के एक-दो दिन बाद धरती के ऊपर का पानी दिखाई नहीं देता, पर भीतर नमी बहुत दिनों तक बनी रहती है, वैसे ही श्यामू का रोना तो थम गया, पर माँ के वियोग का शोक उसके हृदय में गहराई तक बस गया। इसी कारण वह अक्सर शून्य में ताकता रहता था।
Example 3: भोला का योगदान · 3 marks · Short answerHarder exam level
श्यामू की योजना में भोला ने क्या कमी बताई और उसका क्या परिणाम हुआ?
Try it first, then show the solutionSolution
- कमी: पतली डोर।
- परिणाम: रस्सी के लिए फिर पैसे लेना, पकड़ा जाना।
Answer: भोला ने कहा कि पतली डोर काकी का भार नहीं सह पाएगी, मोटी रस्सी चाहिए। श्यामू चिंता में रात भर सो नहीं पाया और रस्सी के लिए फिर पिता के कोट से पैसे लिए। पैसे गायब होने पर विश्वेश्वर ने खोज की और पूरा भेद खुल गया।
Example 4: चोरी या प्रेम? · 3 marks · Short answerHOTS / competency
क्या श्यामू को चोर कहना उचित है? तर्क सहित उत्तर दीजिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- कार्य: बिना पूछे पैसे लेना।
- उद्देश्य: माँ को लाना।
- निष्कर्ष।
Answer: नहीं। उसने बिना पूछे पैसे अवश्य लिए, पर किसी लोभ या स्वार्थ से नहीं, बल्कि माँ को वापस लाने की भोली इच्छा से। वह इतना छोटा था कि सही-गलत का भेद नहीं समझता था; इसलिए यह चोरी नहीं, मातृ-प्रेम और अबोधता का परिणाम था।
Example 5: विश्वेश्वर का पश्चाताप · 4 marks · Long answerHOTS / competency
यदि विश्वेश्वर ने पहले ही श्यामू की भावनाएँ समझी होतीं तो कहानी का अंत कैसा होता? अपने विचार लिखिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- पिता की भूमिका।
- बच्चे को सांत्वना देने के उपाय।
Answer: यदि विश्वेश्वर पतंग माँगने पर ही उसका कारण पूछते, तो उन्हें बेटे की पीड़ा का पता चल जाता। वे उसे प्यार से माँ के बारे में समझाते, उसके साथ समय बिताते और उसका दुख बाँटते। तब श्यामू को चोरी नहीं करनी पड़ती और उसे मार भी नहीं खानी पड़ती। कहानी हमें सिखाती है कि बच्चों के व्यवहार के पीछे की भावना को समझना ज़रूरी है।
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
3 अंक: 'विश्वेश्वर कौन हैं? वे हतबुद्धि होकर क्यों खड़े रह गए?' (2025 की अंक-योजना के अपेक्षित बिंदुओं पर आधारित; विभाजन संकेतात्मक) (3 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| विश्वेश्वर श्यामू के पिता | 1 |
| भोला से कारण जानना और पतंग पर 'काकी' लिखा देखना | 1 |
| बेटे की मातृ-वियोग की पीड़ा न समझ पाने का पश्चाताप; 'हतबुद्धि' का अर्थ | 1 |
Where students lose marks in काकी – सियारामशरण गुप्त
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: पतंग मँगाने वाले का नाम न लिखना
2025 में छात्रों ने भोला का परिचय दिया पर श्यामू का नाम नहीं लिखा।
Do this: प्रश्न के दोनों अंश (भोला कौन, पतंग किसने मँगाई) का उत्तर दें।
Usually costs: आधे अंक।
Mistake: पतंग मँगाने का अधूरा कारण
2025 में परीक्षकों के अनुसार कई छात्र पूरा कारण नहीं दे पाए; केवल 'माँ के लिए' जैसा अधूरा उत्तर पर्याप्त नहीं है।
Do this: पूरा कारण: माँ राम के घर गई है, पतंग तानकर उसे नीचे उतारना।
Usually costs: कारण वाले प्रश्न के अंक।
Mistake: विश्वेश्वर का गलत परिचय
2025 में परीक्षकों ने विश्वेश्वर के गलत परिचय को आम भूल बताया।
Do this: विश्वेश्वर श्यामू के पिता हैं।
Usually costs: परिचय के अंक।
Mistake: 'काकी' का अर्थ न समझना
सामान्य बोलचाल में 'काकी' का अर्थ चाची होता है, इसलिए भ्रम हो सकता है (यह हमारी सलाह है)।
Do this: कहानी में श्यामू अपनी माँ को 'काकी' कहता है।
Usually costs: पूरे उत्तर की समझ पर असर।
Practice questions on काकी – सियारामशरण गुप्त
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 2 marks · Short answerExam level
काकी को श्मशान ले जाते समय श्यामू ने क्या किया?
Hint
उपद्रव।
Answer
उसने माँ को ले जाने से रोकने के लिए बड़ा उपद्रव मचाया।
Q2 · 2 marks · Short answerExam level
श्यामू ने पतंग पर 'काकी' किससे और क्यों लिखवाया?
Hint
जवाहर भैया।
Answer
जवाहर भैया से, ताकि पतंग सीधे उसकी काकी के पास पहुँचे।
Q3 · 2 marks · Short answerHarder exam level
श्यामू ने पतंग के लिए पैसों की व्यवस्था कैसे की?
Hint
पिता का कोट।
Answer
पिता ने पतंग नहीं दिलाई, तो उसने खूँटी पर टँगे पिता के कोट से चवन्नी निकाल ली और भोला से पतंग-डोर मँगवाई।
Q4 · 2 marks · Short answerHarder exam level
भोला के चरित्र की दो विशेषताएँ लिखिए।
Hint
समझदार, डरपोक।
Answer
समझदार: पतली डोर की कमी बताई। डरपोक और मासूम: विश्वेश्वर की डाँट पर तुरंत सच बता दिया।
Q5 · 3 marks · Short answerHOTS / competency
कहानी के शीर्षक 'काकी' की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।
Hint
पूरी कहानी किसके इर्द-गिर्द है।
Answer
पूरी कहानी श्यामू की काकी (माँ) के वियोग और उसे वापस लाने की इच्छा के इर्द-गिर्द घूमती है; अंत में पतंग पर लिखा 'काकी' शब्द ही कहानी का सबसे मार्मिक क्षण है। इसलिए शीर्षक सार्थक है।
Q6 · 4 marks · Long answerHOTS / competency
किसी बच्चे को प्रियजन की मृत्यु के बारे में कैसे बताना चाहिए? कहानी के आधार पर सुझाव दीजिए।
Hint
सच, स्नेह, साथ।
Answer
मुक्त उत्तर। उदाहरण: बच्चे से झूठ न बोलकर उसकी आयु के अनुसार सरल शब्दों में सच बताना; उसे रोने और प्रश्न पूछने देना; अधिक समय और स्नेह देना; उसकी अजीब लगने वाली बातों के पीछे की भावना समझना। श्यामू के साथ यह सब न होने से उसकी पीड़ा बढ़ी।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.'काकी' कहानी के लेखक कौन हैं?Show answer
सियारामशरण गुप्त।
2.बड़ों ने श्यामू से काकी के बारे में क्या कहा?Show answer
कि वह मामा के यहाँ गई है।
3.भोला किसका पुत्र था?Show answer
सुखिया दासी का।
4.पतंग पर 'काकी' किसने लिखा?Show answer
जवाहर भैया ने।
5.भोला ने योजना में क्या कमी बताई?Show answer
पतली डोर टूट जाएगी, मोटी रस्सी चाहिए।
6.अंत में विश्वेश्वर ने पतंग पर क्या लिखा देखा?Show answer
काकी।
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप कहानी को आठ चरणों में सुना सकते हैं?
- क्या आप वर्षा वाली उपमा का भाव समझा सकते हैं?
- क्या आप श्यामू, भोला और विश्वेश्वर का परिचय दे सकते हैं?
- क्या आप शीर्षक की सार्थकता लिख सकते हैं?
- क्या आप कहानी का बाल-मनोवैज्ञानिक संदेश बता सकते हैं?
काकी – सियारामशरण गुप्त: frequently asked questions
कहानी में 'काकी' कौन है?
श्यामू की माँ, जिसे वह 'काकी' कहता है।
क्या यह कहानी कक्षा 10 में भी है?
नहीं। 2028 के पाठ्यक्रम में 'काकी' कक्षा 9 के निर्धारित पाठों में है।
कहानी का अंत इतना मार्मिक क्यों माना जाता है?
क्योंकि जिस बच्चे को चोरी के लिए मारा गया, उसका उद्देश्य केवल अपनी माँ को वापस लाना था; फटी पतंग पर लिखा 'काकी' यह सत्य एक क्षण में प्रकट कर देता है।
उत्तर में कहानी का उद्देश्य कैसे लिखें?
बाल-मनोविज्ञान, माँ-बेटे का प्रेम, बच्चों की निश्छलता और बड़ों को उनकी भावनाएँ समझने का संदेश, ये चार बिंदु लिखें।
Based on: CISCE ICSE 2028 Second Languages syllabus (Indian Languages); CISCE ICSE 2028 Appendix I: List of Prescribed Textbooks (Hindi); CISCE circular CISCE/CIRCULAR/2026-27/33: Bifurcation of the Prescribed Texts for Selected Indian Languages; CISCE Regulations for ICSE Examination Year 2028; CISCE Analysis of Pupil Performance 2025: Hindi (examiners' comments); Sahitya Sagar: Kaki, textbook exercise passages and solutions (StudiesToday)