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HindiCBSE Class 12 · Chapter 5

विशेष लेखन – स्वरूप और प्रकार: Class 12 हिंदी नोट्स और प्रश्न

Updated 14 October 2026 · Fact-checked

'विशेष लेखन – स्वरूप और प्रकार' अभिव्यक्ति और माध्यम का पाठ 5 है। विशेष लेखन यानी किसी खास विषय (कारोबार, खेल, विज्ञान, पर्यावरण, सिनेमा आदि) पर सामान्य लेखन से हटकर किया गया लेखन। पाठ में डेस्क, बीट, बीट रिपोर्टिंग और विशेषीकृत रिपोर्टिंग का अंतर, विशेष लेखन की भाषा-शैली, उसके क्षेत्र और विशेषज्ञता पाने के उपाय बताए गए हैं।

What विशेष लेखन – स्वरूप और प्रकार is about

यह पाठ अभिव्यक्ति और माध्यम (NCERT) का पाठ 5 है और बोर्ड परीक्षा के खंड ख का हिस्सा है, जहाँ पाठ 3, 4, 5, 11 और 13 से लगभग 40 शब्दों के 2-2 अंक वाले और लगभग 80 शब्दों के 4-4 अंक वाले प्रश्न आते हैं।

पाठ का आरंभ इस सवाल से होता है कि अखबारों में खेल, कारोबार, सिनेमा जैसे अलग पृष्ठ क्यों होते हैं। उत्तर है: पाठकों की रुचियाँ बहुत व्यापक हैं और कई पाठक किसी खास विषय के बारे में विस्तार से पढ़ना चाहते हैं; इसलिए अखबारों और चैनलों में विशेष विषयों के लिए अलग डेस्क और विशेषज्ञ पत्रकार होते हैं।

परीक्षा में प्रायः पूछा जाता है: विशेष लेखन क्या है, डेस्क और बीट क्या हैं, बीट रिपोर्टिंग और विशेषीकृत रिपोर्टिंग में अंतर, विशेष लेखन की भाषा-शैली, पत्रकारीय विशेषज्ञता का अर्थ और उसे कैसे हासिल करें, तथा कारोबार और खेल लेखन की विशेषताएँ।

Weightage: यह पाठ खंड ख: अभिव्यक्ति और माध्यम का भाग है, जिसके 22 अंक हैं (कुल 80 में से)। इसमें 120 शब्दों का रचनात्मक लेखन (6 अंक), लगभग 40 शब्दों के 2-2 अंक वाले और लगभग 80 शब्दों के 4-4 अंक वाले प्रश्न आते हैं।Source: CBSE हिंदी (आधार) 302 पाठ्यक्रम 2026-27 और प्रतिदर्श प्रश्नपत्र 2026-27

Key quotations

Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.

  • विशेष लेखन यानी किसी खास विषय पर सामान्य लेखन से हटकर किया गया लेखन।

    NCERT पाठ: विशेष लेखन की परिभाषा

    पाठ की मूल परिभाषा; 2 अंक के प्रश्न में सीधे काम आती है।

  • विशेषज्ञता एक तरह से अनुभव का पर्याय है।

    NCERT पाठ: विशेषज्ञता कैसे हासिल करें

    विशेषज्ञता निरंतर रुचि और सक्रियता से धीरे-धीरे आती है।

  • विशेष लेखन की कोई निश्चित शैली नहीं होती।

    NCERT पाठ: विशेष लेखन की शैली

    समाचार, फ़ीचर या लेख के अनुसार शैली बदलती है।

Key concepts

विशेष लेखन, डेस्क और बीट

विशेष लेखन यानी किसी खास विषय पर सामान्य लेखन से हटकर किया गया लेखन।

डेस्क: अधिकतर समाचारपत्रों, पत्रिकाओं, टी.वी. और रेडियो चैनलों में विशेष लेखन के लिए अलग डेस्क होता है, जैसे कारोबार डेस्क, खेल डेस्क; उस डेस्क के उपसंपादकों और संवाददाताओं से उस विषय में विशेषज्ञता की अपेक्षा होती है।

बीट: संवाददाताओं के बीच उनकी दिलचस्पी और ज्ञान के आधार पर किया गया काम का विभाजन। जैसे अपराध बीट वाले संवाददाता का कार्यक्षेत्र शहर की आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग है और वह उसके लिए ज़िम्मेदार और जवाबदेह है। अन्य बीट: खेल, आर्थिक, पर्यावरण, राजनीति आदि।

बीट रिपोर्टिंग के लिए भी तैयारी चाहिए: क्षेत्र का इतिहास, वर्तमान, लोग, गहरे संपर्क, नए स्रोत; किसी स्रोत पर आँख मूँदकर भरोसा नहीं, कई स्रोतों से पुष्टि।

Worked example

मीडिया की भाषा में 'बीट' किसे कहते हैं?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. संवाददाताओं में काम का बँटवारा।
  2. आधार: दिलचस्पी और ज्ञान; उदाहरण।

Answer: संवाददाताओं के बीच उनकी दिलचस्पी और ज्ञान के आधार पर किया गया काम का विभाजन बीट कहलाता है; जैसे अपराध बीट के संवाददाता को अपने क्षेत्र की आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग करनी होती है।

बीट रिपोर्टिंग बनाम विशेषीकृत रिपोर्टिंग

1. बीट रिपोर्टिंग के लिए उस क्षेत्र की जानकारी और दिलचस्पी पर्याप्त है; विशेषीकृत रिपोर्टिंग में विषय की गहरी जानकारी के साथ उसकी भाषा-शैली पर पूरा अधिकार चाहिए।
2. बीट रिपोर्टर प्रायः अपनी बीट की सामान्य खबरें लिखता है; विशेषीकृत रिपोर्टर सामान्य खबरों से आगे बढ़कर घटनाओं, मुद्दों और समस्याओं का बारीकी से विश्लेषण करता है और पाठकों के लिए उनका अर्थ स्पष्ट करता है।
3. दर्जा: बीट रिपोर्टर को संवाददाता, विशेषीकृत रिपोर्टर को विशेष संवाददाता कहा जाता है।

पाठ का उदाहरण: शेयर बाज़ार में भारी गिरावट आए तो बीट रिपोर्टर तथ्यात्मक रिपोर्ट देगा, जबकि विशेषीकृत रिपोर्टर बताएगा कि गिरावट क्यों आई और आम निवेशकों पर उसका क्या असर होगा।

विशेष लेखन केवल विशेषीकृत रिपोर्टिंग भी नहीं: इसमें उस विषय पर फ़ीचर, टिप्पणी, साक्षात्कार, लेख, समीक्षा और स्तंभ लेखन भी आता है, जिसे पत्रकार से लेकर फ़्रीलांसर या विषय-विशेषज्ञ तक कोई भी कर सकता है, बशर्ते वह उस विषय में माहिर हो।

Worked example

पेट्रोल के दाम बढ़ने की खबर बीट रिपोर्टर और विशेष संवाददाता कैसे लिखेंगे?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. बीट रिपोर्टर: तथ्य।
  2. विशेष संवाददाता: कारण और असर का विश्लेषण।

Answer: बीट रिपोर्टर नई कीमतें, लागू होने की तारीख और घोषणा करने वाली संस्था जैसे तथ्य देगा; विशेष संवाददाता विश्लेषण करेगा कि दाम क्यों बढ़े (अंतरराष्ट्रीय कीमतें, कर) और इसका किराए, सब्ज़ियों और आम परिवार के बजट पर क्या असर होगा।

विशेष लेखन की भाषा और शैली

भाषा: सामान्य लेखन की तरह सरल और समझ में आने वाली; पर विशेष लेखन के अधिकांश क्षेत्र तकनीकी रूप से जटिल हैं।

  • हर क्षेत्र की अपनी तकनीकी शब्दावली होती है; लेखक को उससे परिचित होना चाहिए और पाठक को भी इस तरह परिचित कराना चाहिए कि रिपोर्ट समझने में दिक्कत न हो।
  • कारोबार: तेजड़िए, मंदड़िए, बिकवाली, मुद्रास्फीति, राजकोषीय घाटा, एफ.डी.आई., आवक; शीर्षक जैसे 'सोने में भारी उछाल', 'चाँदी लुढ़की', 'सेंसेक्स आसमान पर'।
  • पर्यावरण-मौसम: पश्चिमी हवाएँ, आर्द्रता, ग्लोबल वार्मिंग; खेल: 'भारत ने पाकिस्तान को चार विकेट से पीटा', 'मलेशिया ने जर्मनी के आगे घुटने टेके'।

शैली: कोई निश्चित शैली नहीं।

  • बीट से जुड़ा समाचार: उलटा पिरामिड।
  • फ़ीचर: कथात्मक।
  • लेख या टिप्पणी: फ़ीचर जैसी शुरुआत, केस स्टडी से या किसी ताज़ा खबर से जोड़कर (न्यूज़पेग); पुराने संदर्भ आज से जोड़कर।

पाठक-वर्ग: विशेष लेखन सभी नहीं पढ़ते; पर जो पढ़ते हैं उनकी अपेक्षा अधिक होती है, वे ज़्यादा विस्तार और गहराई चाहते हैं।

Worked example

'न्यूज़पेग' का क्या अर्थ है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. लेख को किसी ताज़ा खबर से जोड़ना।

Answer: किसी लेख या टिप्पणी की शुरुआत को किसी ताज़ा खबर से जोड़ना न्यूज़पेग कहलाता है; जैसे किसी नई रिपोर्ट के जारी होने की खबर से वायु प्रदूषण पर लेख शुरू करना।

विशेष लेखन के क्षेत्र

रोज़मर्रा की रिपोर्टिंग और बीट को छोड़कर वे सभी क्षेत्र जिनमें अलग विशेषज्ञता चाहिए।

आजकल अधिक महत्त्व: खेल, कारोबार, सिनेमा, मनोरंजन, फ़ैशन, स्वास्थ्य, विज्ञान, पर्यावरण, शिक्षा, जीवनशैली और रहन-सहन।

विशेषीकृत रिपोर्टिंग की प्राथमिकता: रक्षा, विदेश नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा और विधि।

पाठ में प्रमुख क्षेत्रों के रूप में अर्थ-व्यापार, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, फ़िल्म-मनोरंजन और सामाजिक मुद्दे भी गिनाए गए हैं।

विषय-विशेषज्ञ भी लिखते हैं: रक्षा, विज्ञान, कृषि आदि में वर्षों से काम कर रहे प्रोफ़ेशनल; खेल में हर्ष भोगले, जसदेव सिंह, नरोत्तम पुरी जैसे कमेंटेटर, जिनके लेख पाठक रुचि से पढ़ते हैं।

पत्रकारीय विशेषज्ञता और उसे पाने के उपाय

पत्रकारीय विशेषज्ञता का अर्थ: व्यावसायिक रूप से प्रशिक्षित (जैसे अर्थशास्त्री, डॉक्टर) न होते हुए भी जानकारी और अनुभव से अपनी समझ इतनी विकसित करना कि उस क्षेत्र की घटनाओं और मुद्दों की सहज व्याख्या कर सकें और पाठकों के लिए उनके मायने स्पष्ट कर सकें।

आज 'जैक ऑफ़ ऑल ट्रेड्स, बट मास्टर ऑफ़ नन' की जगह 'मास्टर ऑफ़ वन' की माँग है।

उपाय:
1. विषय में वास्तविक रुचि।
2. +2 और स्नातक स्तर पर उसी या जुड़े विषय की पढ़ाई।
3. संबंधित पुस्तकें खूब पढ़ना; स्वयं को अपडेट रखना।
4. खबरों, रिपोर्टों और विशेषज्ञों के लेखों की कटिंग की फ़ाइल; संदर्भ सामग्री।
5. विषय का शब्दकोश और इनसाइक्लोपीडिया।
6. सरकारी-गैरसरकारी संस्थाओं, वेबसाइटों और विशेषज्ञों के नाम-नंबर की डायरी; पत्रकार की विशेषज्ञता कुछ हद तक उसके सूत्रों और स्रोतों पर निर्भर।

विशेषज्ञता एक दिन में नहीं आती; यह अनुभव का पर्याय है।

Worked example

'मास्टर ऑफ़ वन' से क्या तात्पर्य है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. पहले: सब विषयों का थोड़ा ज्ञान।
  2. अब: एक विषय में विशेषज्ञता।

Answer: आज पत्रकारिता में ऐसे पत्रकार की माँग है जो सब विषयों का थोड़ा-थोड़ा जानने के बजाय किसी एक विषय (जैसे खेल या अर्थ-जगत) में गहरी विशेषज्ञता रखता हो; इसे ही 'मास्टर ऑफ़ वन' कहा गया है।

कारोबार और खेल पर विशेष लेखन

कारोबार और व्यापार:

  • अर्थ (धन) हर आदमी के जीवन का आधार है; पाठ के अनुसार आर्थिक और खेल पृष्ठ के बिना समाचारपत्र संपूर्ण नहीं माना जाता।
  • क्षेत्र बहुत व्यापक (कृषि, उद्योग, व्यापार, शेयर बाज़ार); इसलिए शेयर बाज़ार, बैंकिंग, बजट, मंडी जैसे किसी एक क्षेत्र में विशेषज्ञता।
  • आर्थिक उदारीकरण के बाद आर्थिक पत्रकारिता का महत्त्व बढ़ा; अर्थनीति और राजनीति का गहरा रिश्ता है, इसलिए राजनीति की जानकारी भी ज़रूरी।
  • सबसे बड़ी चुनौती: जटिल शब्दावली को आम पाठक की समझ लायक बनाना, साथ ही जानकार पाठकों की ज़रूरत भी पूरी करना।
  • रोज़मर्रा की आर्थिक खबरें उलटा पिरामिड में; विश्लेषण वाले फ़ीचर कथात्मक भी।

खेल:

  • अधिकांश लोगों की रुचि; हर समाचारपत्र में एक-दो पृष्ठ, खेल विशेषांक और परिशिष्ट।
  • लेखक को खेल की तकनीक, नियम, बारीकियाँ और रिकॉर्ड पता हों; प्रायः किसी एक खेल में विशेषज्ञता।
  • भाषा-शैली में ऊर्जा, जोश, रोमांच और उत्साह; विश्लेषण खेल की तरह ही रोमांचक।
  • खेल की खबर उलटा पिरामिड में शुरू होती है, पर दूसरे अनुच्छेद से कथात्मक (घटनानुक्रम) शैली में चली जाती है।

विशेष लेखन – स्वरूप और प्रकार in real life

Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.

बीट और विशेषीकृत रिपोर्टिंग

मान लीजिए आपके शहर में अचानक प्याज़ के दाम तीन गुना हो गए हैं और आप स्थानीय अखबार के रिपोर्टर हैं।

बीट रिपोर्ट और विशेषीकृत रिपोर्ट में आप क्या-क्या देंगे?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. बीट रिपोर्ट: मंडी में आज के भाव, पिछले सप्ताह से तुलना, आवक कितनी घटी (उलटा पिरामिड)।
  2. विशेषीकृत रिपोर्ट: दाम क्यों बढ़े (बारिश से फ़सल खराब, जमाखोरी), आम परिवार के बजट पर असर, आगे के अनुमान, विशेषज्ञों के कथन।

Answer: पहली रिपोर्ट पाठक को बताएगी कि क्या हुआ; दूसरी समझाएगी कि क्यों हुआ और उसके लिए इसका क्या अर्थ है। यही संवाददाता और विशेष संवाददाता का अंतर है।

Memory hook: बीट = क्या; विशेषीकृत = क्यों और असर।

विशेषज्ञता की तैयारी

कल्पना कीजिए कि आप भविष्य में पर्यावरण पत्रकार बनना चाहते हैं।

पाठ के आधार पर अभी से क्या तैयारी कर सकते हैं?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. रुचि को पढ़ाई से जोड़ें: +2 और स्नातक में भूगोल, पर्यावरण विज्ञान जैसे विषय।
  2. पर्यावरण पत्रिकाएँ और रिपोर्टें पढ़ें, कटिंग की फ़ाइल बनाएँ, शब्दावली (आर्द्रता, ग्लोबल वार्मिंग) सीखें, संस्थाओं और विशेषज्ञों की सूची रखें।

Answer: रुचि, पढ़ाई, संदर्भ सामग्री और स्रोत, इन चारों पर अभी से काम करके धीरे-धीरे पत्रकारीय विशेषज्ञता विकसित की जा सकती है, क्योंकि विशेषज्ञता एक दिन में नहीं, अनुभव से आती है।

Memory hook: रुचि + पढ़ाई + फ़ाइल + स्रोत।

तकनीकी शब्दावली को सरल बनाना

मान लीजिए आपको स्कूल पत्रिका में 'बजट में राजकोषीय घाटा कम हुआ' विषय पर छोटी टिप्पणी लिखनी है, और पाठक कक्षा 9-10 के विद्यार्थी हैं।

आप इसे कैसे लिखेंगे ताकि पाठक समझ सकें?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. शब्दावली का प्रयोग करें, पर उसका अर्थ सरल उदाहरण से समझाएँ।
  2. विद्यार्थियों के जीवन से जोड़ें (जैसे जेब-खर्च और खर्च का अंतर)।

Answer: 'राजकोषीय घाटा यानी सरकार की कमाई से उसका खर्च कितना ज़्यादा है; जैसे आपका जेब-खर्च 500 रुपये हो और खर्च 600, तो 100 रुपये का घाटा।' इस तरह शब्दावली भी रहती है और अर्थ भी पहुँचता है।

Memory hook: शब्द कठिन, समझाना सरल।

Topics in this chapter

How the board asks विशेष लेखन – स्वरूप और प्रकार

The question patterns to expect, and the method that works for each.

Question typeHow it is askedMethod
परिभाषा (2 अंक, लगभग 40 शब्द)विशेष लेखन क्या है? डेस्क / बीट / विशेष संवाददाता / न्यूज़पेग / पत्रकारीय विशेषज्ञता किसे कहते हैं?पाठ की परिभाषा अपने शब्दों में + एक उदाहरण (अपराध बीट, खेल डेस्क)।
अंतर (4 अंक, लगभग 80 शब्द)बीट रिपोर्टिंग और विशेषीकृत रिपोर्टिंग में अंतर; सामान्य लेखन और विशेष लेखन की भाषा में अंतर।आधार: आवश्यक योग्यता, काम की प्रकृति (सूचना बनाम विश्लेषण), दर्जा (संवाददाता बनाम विशेष संवाददाता); शेयर बाज़ार वाला उदाहरण।
प्रक्रिया / उपाय (4 अंक)किसी विषय में विशेषज्ञता कैसे हासिल करें? आर्थिक पत्रकार के सामने क्या चुनौतियाँ हैं? खेल लेखन की भाषा-शैली कैसी हो?पाठ में दिए उपाय बिंदुवार; अंत में 'विशेषज्ञता अनुभव का पर्याय' जैसा निष्कर्ष।
क्षेत्र और महत्त्व (2 या 4 अंक)विशेष लेखन के प्रमुख क्षेत्र; अखबारों में विशेष लेखन की ज़रूरत क्यों; कारोबार/खेल पृष्ठ का महत्त्व।पाठकों की व्यापक रुचि + विविधता + गहराई की माँग; क्षेत्रों के नाम सही लिखें।

Tricks to remember विशेष लेखन – स्वरूप और प्रकार

Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.

  • डेस्क-बीट-विशेष संवाददाता

    डेस्क = विभाग (खेल डेस्क); बीट = कार्यक्षेत्र (अपराध बीट); बीट वाला = संवाददाता; विश्लेषण वाला = विशेष संवाददाता।

    Use it when: परिभाषा और अंतर वाले प्रश्नों में।

  • विशेषज्ञता के उपाय: 'रु-प-फ़ा-को-डा'

    रुचि, पढ़ाई (+2 और स्नातक), फ़ाइल (कटिंग), कोश (शब्दकोश-इनसाइक्लोपीडिया), डायरी (स्रोत)।

    Use it when: विशेषज्ञता कैसे हासिल करें वाले 4 अंक के प्रश्न में।

  • खेल खबर की शैली: 'पहला पिरामिड, फिर कहानी'

    पहला अनुच्छेद उलटा पिरामिड, दूसरे से कथात्मक; भाषा में जोश।

    Use it when: खेल लेखन वाले प्रश्न में।

विशेष लेखन – स्वरूप और प्रकार: board-level solved questions

Ordered from board level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.

Example 1: विशेष लेखन की परिभाषा · 2 marks · Short answerBoard level

विशेष लेखन किसे कहते हैं? समाचार माध्यमों में इसकी आवश्यकता क्यों पड़ती है? (लगभग 40 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. परिभाषा।
  2. कारण: पाठकों की व्यापक और गहरी रुचि।

Answer: किसी खास विषय पर सामान्य लेखन से हटकर किया गया लेखन विशेष लेखन है, जैसे खेल, कारोबार या विज्ञान पर। पाठकों की रुचियाँ व्यापक हैं और कई पाठक किसी विषय के बारे में विस्तार से पढ़ना चाहते हैं, इसलिए इसकी आवश्यकता पड़ती है।

Example 2: बीट बनाम विशेषीकृत रिपोर्टिंग · 4 marks · Short answerBoard level

बीट रिपोर्टिंग और विशेषीकृत रिपोर्टिंग में क्या अंतर है? उदाहरण सहित लिखिए। (लगभग 80 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. योग्यता।
  2. काम की प्रकृति और उदाहरण।
  3. दर्जा।

Answer: बीट रिपोर्टिंग के लिए संवाददाता में अपने क्षेत्र की जानकारी और दिलचस्पी पर्याप्त है और वह प्रायः उस बीट की सामान्य खबरें लिखता है। विशेषीकृत रिपोर्टिंग में विषय की गहरी जानकारी और उसकी भाषा-शैली पर अधिकार चाहिए; रिपोर्टर सामान्य खबर से आगे जाकर घटनाओं का विश्लेषण करता है। जैसे शेयर बाज़ार गिरने पर बीट रिपोर्टर तथ्य देगा, जबकि विशेषीकृत रिपोर्टर बताएगा कि गिरावट क्यों आई और निवेशकों पर क्या असर होगा। इसीलिए बीट रिपोर्टर संवाददाता और विशेषीकृत रिपोर्टर विशेष संवाददाता कहलाता है।

Example 3: विशेषज्ञता कैसे पाएँ · 4 marks · Short answerHarder board level

किसी विषय में पत्रकारीय विशेषज्ञता हासिल करने के लिए क्या-क्या करना चाहिए? (लगभग 80 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. रुचि और पढ़ाई।
  2. अपडेट रहना, संदर्भ सामग्री।
  3. स्रोत और अनुभव।

Answer: सबसे पहले उस विषय में वास्तविक रुचि होनी चाहिए और बेहतर हो कि +2 तथा स्नातक में उसी या उससे जुड़े विषय की पढ़ाई की जाए। उस विषय की पुस्तकें खूब पढ़ें और खबरों, रिपोर्टों तथा विशेषज्ञों के लेखों की कटिंग की फ़ाइल बनाकर स्वयं को अपडेट रखें। विषय का शब्दकोश और इनसाइक्लोपीडिया पास रखें। संबंधित संस्थाओं, वेबसाइटों और विशेषज्ञों के नाम-नंबर की डायरी बनाएँ, क्योंकि पत्रकार की विशेषज्ञता उसके स्रोतों पर भी निर्भर करती है। याद रहे, विशेषज्ञता एक दिन में नहीं आती; वह निरंतर सक्रियता और अनुभव से आती है।

Example 4: आर्थिक पत्रकार की चुनौती · 4 marks · Short answerHarder board level

आर्थिक मामलों की पत्रकारिता को सामान्य पत्रकारिता से अधिक जटिल क्यों माना जाता है? (लगभग 80 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. जटिल शब्दावली।
  2. दो तरह के पाठक।
  3. राजनीति से संबंध।

Answer: आर्थिक खबरों में तेजड़िए, मंदड़िए, बिकवाली, मुद्रास्फीति, राजकोषीय घाटा जैसी तकनीकी शब्दावली होती है, जिसका अर्थ आम लोग ठीक से नहीं जानते। इसे आम पाठक की समझ लायक बनाना सबसे बड़ी चुनौती है। साथ ही एक ऐसा पाठक-वर्ग भी है जो उस क्षेत्र से जुड़ा है और गहराई चाहता है; पत्रकार को दोनों की ज़रूरत पूरी करनी पड़ती है। आर्थिक उदारीकरण के बाद अर्थनीति और राजनीति का रिश्ता गहरा हुआ है, इसलिए आर्थिक पत्रकार को राजनीति की भी जानकारी रखनी पड़ती है।

Example 5: खेल लेखन की शैली · 4 marks · Short answerHOTS / competency

एक खेल पत्रकार के रूप में आपको भारत-ऑस्ट्रेलिया हॉकी फ़ाइनल की रिपोर्ट लिखनी है। पाठ के आधार पर बताइए कि आपकी रिपोर्ट की भाषा और शैली कैसी होगी। (लगभग 80 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. शुरुआत: उलटा पिरामिड।
  2. दूसरे अनुच्छेद से कथात्मक।
  3. भाषा में ऊर्जा, सही तकनीकी जानकारी।

Answer: रिपोर्ट का पहला अनुच्छेद उलटा पिरामिड शैली में होगा: परिणाम, स्कोर, निर्णायक गोल और खिलाड़ी सबसे पहले। दूसरे अनुच्छेद से रिपोर्ट कथात्मक, यानी घटनानुक्रम शैली में चलेगी: पहले क्वार्टर से अंतिम सीटी तक मैच कैसे बदला। भाषा में ऊर्जा, जोश, रोमांच और उत्साह होगा, जैसे 'भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 3-2 से पछाड़ा'। साथ ही पेनल्टी कॉर्नर, ड्रैग फ़्लिक जैसी तकनीकी बातें और रिकॉर्ड सही होंगे, ताकि आम पाठक को रोमांच मिले और जानकार पाठक को गहराई।

Where the marks are

How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.

बीट रिपोर्टिंग और विशेषीकृत रिपोर्टिंग में क्या अंतर है? (लगभग 80 शब्द) (4 marks)

StepMarks
आवश्यक योग्यता: जानकारी-दिलचस्पी बनाम गहरी जानकारी और भाषा-शैली पर अधिकार1
काम: सामान्य खबरें बनाम विश्लेषण और अर्थ स्पष्ट करना1
उदाहरण (जैसे शेयर बाज़ार में गिरावट)1
दर्जा: संवाददाता बनाम विशेष संवाददाता; प्रस्तुति1

विशेष लेखन किसे कहते हैं? (लगभग 40 शब्द) (2 marks)

StepMarks
खास विषय पर सामान्य लेखन से हटकर लेखन1
उदाहरण/क्षेत्र या आवश्यकता का कारण1

Where students lose marks in विशेष लेखन – स्वरूप और प्रकार

The slips examiners see most often, and what to write instead.

  • Mistake: बीट रिपोर्टिंग और विशेष लेखन को एक ही मान लेना

    पाठ स्पष्ट करता है कि विशेष लेखन केवल बीट रिपोर्टिंग नहीं, और केवल विशेषीकृत रिपोर्टिंग भी नहीं; इसमें फ़ीचर, लेख, टिप्पणी, साक्षात्कार, समीक्षा और स्तंभ भी आते हैं।

    Do this: तीनों स्तर अलग-अलग लिखें: बीट रिपोर्टिंग, विशेषीकृत रिपोर्टिंग, विशेष लेखन।

    Usually costs: 1-2 अंक

  • Mistake: पत्रकारीय विशेषज्ञता का अर्थ 'उस विषय की प्रोफ़ेशनल डिग्री' लिखना

    पाठ के अनुसार पत्रकारीय विशेषज्ञता व्यावसायिक प्रशिक्षण के बिना भी जानकारी और अनुभव से विकसित समझ है।

    Do this: 'व्यावसायिक प्रशिक्षण न होते हुए भी' वाक्यांश ज़रूर लिखें।

    Usually costs: 1 अंक

  • Mistake: खेल की खबर को पूरी तरह उलटा पिरामिड में बताना

    खेल की खबर उलटा पिरामिड में शुरू होती है, पर दूसरे अनुच्छेद से कथात्मक (घटनानुक्रम) शैली में चलती है।

    Do this: 'शुरू में पिरामिड, फिर कथात्मक' दोनों लिखें।

    Usually costs: 1 अंक

  • Mistake: उदाहरण के बिना अंतर लिखना

    4 अंक के अंतर-प्रश्न में उदाहरण (जैसे शेयर बाज़ार में गिरावट) उत्तर को स्पष्ट करता है और विषय-वस्तु के पूरे अंक दिलाता है।

    Do this: पाठ का उदाहरण या अपना एक छोटा उदाहरण जोड़ें।

    Usually costs: 1 अंक

Practice questions on विशेष लेखन – स्वरूप और प्रकार

Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.

  1. Q1 · 2 marks · Short answerBoard level

    डेस्क से क्या तात्पर्य है? (लगभग 40 शब्द)

    Hint

    विशेष लेखन का अलग विभाग।

    Answer

    समाचारपत्रों, पत्रिकाओं, टी.वी. और रेडियो चैनलों में किसी विशेष विषय के लेखन के लिए बना अलग विभाग डेस्क कहलाता है, जैसे खेल डेस्क या कारोबार डेस्क। वहाँ काम करने वाले उपसंपादकों और संवाददाताओं से उस विषय की विशेषज्ञता की अपेक्षा होती है।

  2. Q2 · 2 marks · Short answerHarder board level

    पत्रकारीय विशेषज्ञता का क्या अर्थ है? (लगभग 40 शब्द)

    Hint

    व्यावसायिक प्रशिक्षण के बिना भी समझ।

    Answer

    व्यावसायिक रूप से प्रशिक्षित न होते हुए भी जानकारी और अनुभव से किसी विषय की समझ इतनी विकसित करना कि उस क्षेत्र की घटनाओं की सहज व्याख्या की जा सके और पाठकों के लिए उनके मायने स्पष्ट किए जा सकें, पत्रकारीय विशेषज्ञता है।

  3. Q3 · 2 marks · Short answerHarder board level

    विशेष लेखन में तकनीकी शब्दावली के प्रयोग में क्या सावधानी रखनी चाहिए? (लगभग 40 शब्द)

    Hint

    स्वयं परिचित हों, पाठक को परिचित कराएँ।

    Answer

    लेखक को उस क्षेत्र की तकनीकी शब्दावली से भलीभाँति परिचित होना चाहिए, और उसका प्रयोग ऐसे करना चाहिए कि आम पाठक भी उसका अर्थ समझ ले; जैसे 'मुद्रास्फीति' लिखें तो साथ में बताएँ कि इससे चीज़ें महँगी होती हैं।

  4. Q4 · 4 marks · Short answerBoard level

    विशेष लेखन के प्रमुख क्षेत्रों का परिचय दीजिए। (लगभग 80 शब्द)

    Hint

    रोज़मर्रा की बीट से अलग; आज के प्रमुख क्षेत्र; विशेषीकृत रिपोर्टिंग वाले क्षेत्र।

    Answer

    रोज़मर्रा की रिपोर्टिंग और बीट को छोड़कर वे सभी क्षेत्र विशेष लेखन के दायरे में आते हैं जिनमें अलग विशेषज्ञता चाहिए। आजकल खेल, कारोबार, सिनेमा, मनोरंजन, फ़ैशन, स्वास्थ्य, विज्ञान, पर्यावरण, शिक्षा, जीवनशैली और रहन-सहन जैसे विषयों को विशेष महत्त्व मिल रहा है। रक्षा, विदेश नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा और विधि जैसे क्षेत्रों में विशेषीकृत रिपोर्टिंग को प्राथमिकता दी जा रही है। इन क्षेत्रों पर पत्रकार ही नहीं, वर्षों से काम कर रहे विशेषज्ञ और प्रोफ़ेशनल भी लेख और स्तंभ लिखते हैं।

  5. Q5 · 4 marks · Short answerHarder board level

    खेल पत्रकार में कौन-सी योग्यताएँ होनी चाहिए? (लगभग 80 शब्द)

    Hint

    तकनीक, नियम, रिकॉर्ड; एक खेल; दिलचस्प प्रस्तुति।

    Answer

    खेल पत्रकार को खेल की तकनीक, नियमों, बारीकियों और उससे जुड़ी सभी बातों की अच्छी जानकारी होनी चाहिए। हर खेल पर समान अधिकार कठिन है, इसलिए वह क्रिकेट, हॉकी या एथलेटिक्स जैसे किसी एक खेल में विशेषज्ञ हो सकता है, पर उस खेल में उसकी समझ का स्तर ऊँचा हो और रिकॉर्ड-कीर्तिमान उसे पता हों। सबसे ज़रूरी है जानकारी को दिलचस्प ढंग से पेश करना; उसका विश्लेषण खेल की तरह ही रोमांचक हो और भाषा में ऊर्जा, जोश और उत्साह दिखे।

  6. Q6 · 4 marks · Short answerHOTS / competency

    आज कई अखबार खेल और कारोबार के अलग पृष्ठ निकालते हैं, जबकि सामान्य पाठक उन्हें कम पढ़ते हैं। क्या यह संसाधनों की बर्बादी है? पाठ के आधार पर तर्क दीजिए। (लगभग 80 शब्द)

    Hint

    विशेष पाठक-वर्ग की अधिक अपेक्षा; अखबार की संपूर्णता; विविधता।

    Answer

    यह बर्बादी नहीं है। पाठ के अनुसार विशेष लेखन को भले सभी पाठक न पढ़ें, पर जो पढ़ते हैं उनकी अपेक्षा सामान्य पाठकों से अधिक होती है; वे उस क्षेत्र से जुड़े होते हैं और गहराई चाहते हैं। अर्थ हर आदमी के जीवन का आधार है और खेलों में अधिकांश लोगों की रुचि है, इसलिए आर्थिक और खेल पृष्ठ के बिना अखबार संपूर्ण नहीं माना जाता। इनसे अखबार में विविधता आती है, उसका कलेवर व्यापक होता है और अलग-अलग रुचियों वाले पाठक उससे जुड़ते हैं।

Test your recall

Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.

  1. 1.बीट रिपोर्टर को क्या दर्जा मिलता है?Show answer

    संवाददाता का।

  2. 2.आज पत्रकारिता में किसकी माँग है: 'जैक ऑफ़ ऑल ट्रेड्स' या 'मास्टर ऑफ़ वन'?Show answer

    'मास्टर ऑफ़ वन' (किसी एक विषय में विशेषज्ञता)।

  3. 3.पाठ में किन खेल-विशेषज्ञ कमेंटेटरों के नाम आए हैं?Show answer

    हर्ष भोगले, जसदेव सिंह, नरोत्तम पुरी।

  4. 4.किस घटना के बाद आर्थिक पत्रकारिता का महत्त्व बढ़ा?Show answer

    आर्थिक उदारीकरण और खुली अर्थव्यवस्था लागू होने के बाद।

  5. 5.रोज़मर्रा की कारोबार की खबरें किस शैली में लिखी जाती हैं?Show answer

    उलटा पिरामिड शैली में।

  6. 6.किन क्षेत्रों में विशेषीकृत रिपोर्टिंग को प्राथमिकता दी जा रही है?Show answer

    रक्षा, विदेश नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा और विधि।

Quick revision checklist

The night before the exam: can you do each of these without looking?

  • विशेष लेखन: किसी खास विषय पर सामान्य लेखन से हटकर लेखन; कारण: पाठकों की व्यापक और गहरी रुचि, अखबार में विविधता।
  • डेस्क = विशेष विषय का विभाग; बीट = संवाददाता का कार्यक्षेत्र (दिलचस्पी और ज्ञान के आधार पर)।
  • बीट रिपोर्टिंग (संवाददाता, सामान्य खबर) बनाम विशेषीकृत रिपोर्टिंग (विशेष संवाददाता, विश्लेषण); विशेष लेखन में फ़ीचर, लेख, टिप्पणी, साक्षात्कार, समीक्षा, स्तंभ भी।
  • भाषा: सरल, पर तकनीकी शब्दावली का ज्ञान और पाठक को उससे परिचित कराना; शैली निश्चित नहीं (समाचार-पिरामिड, फ़ीचर-कथात्मक, लेख-न्यूज़पेग)।
  • क्षेत्र: खेल, कारोबार, सिनेमा, मनोरंजन, फ़ैशन, स्वास्थ्य, विज्ञान, पर्यावरण, शिक्षा, जीवनशैली; रक्षा, विदेश नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा, विधि।
  • पत्रकारीय विशेषज्ञता: प्रशिक्षण के बिना भी अनुभव से समझ; 'मास्टर ऑफ़ वन'; उपाय: रुचि, पढ़ाई, पुस्तकें, कटिंग, कोश, स्रोतों की डायरी; विशेषज्ञता = अनुभव।
  • कारोबार: जटिल शब्दावली, दो तरह के पाठक, राजनीति से संबंध; खेल: तकनीक-नियम-रिकॉर्ड, जोशीली भाषा, पहले पिरामिड फिर कथात्मक।

विशेष लेखन – स्वरूप और प्रकार: frequently asked questions

विशेष लेखन किसे कहते हैं?

किसी खास विषय (जैसे खेल, कारोबार, विज्ञान, पर्यावरण, सिनेमा) पर सामान्य लेखन से हटकर किया गया लेखन विशेष लेखन है।

बीट क्या है?

संवाददाताओं के बीच उनकी दिलचस्पी और ज्ञान के आधार पर किया गया काम का बँटवारा बीट कहलाता है, जैसे अपराध बीट, खेल बीट।

विशेष संवाददाता किसे कहते हैं?

जो रिपोर्टर सामान्य बीट रिपोर्टिंग से आगे बढ़कर किसी विशेष क्षेत्र की घटनाओं का गहराई से विश्लेषण करता है (विशेषीकृत रिपोर्टिंग), उसे विशेष संवाददाता का दर्जा दिया जाता है।

इस पाठ से परीक्षा में कैसे प्रश्न आते हैं?

खंड ख में लगभग 40 शब्दों के 2 अंक वाले (परिभाषा) और लगभग 80 शब्दों के 4 अंक वाले (अंतर, उपाय, भाषा-शैली) प्रश्न आते हैं।

Based on: CBSE हिंदी (आधार) पाठ्यक्रम (302), कक्षा 12, 2026-27; NCERT अभिव्यक्ति और माध्यम (Reprint 2025-26), पाठ 5: विशेष लेखन – स्वरूप और प्रकार