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HindiCBSE Class 12 · Chapter 4

पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया: Class 12 हिंदी

Updated 14 October 2026 · Fact-checked

'पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया' अभिव्यक्ति और माध्यम का पाठ 4 है। इसमें पत्रकारीय लेखन का अर्थ, पत्रकारों के प्रकार, छह ककारों और उलटा पिरामिड शैली से समाचार लेखन, फ़ीचर, विशेष रिपोर्ट, संपादकीय, स्तंभ, संपादक के नाम पत्र, लेख और साक्षात्कार की लेखन-प्रक्रिया समझाई गई है।

What पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया is about

यह पाठ अभिव्यक्ति और माध्यम (NCERT) का पाठ 4 है और बोर्ड परीक्षा के खंड ख का हिस्सा है, जहाँ पाठ 3, 4, 5, 11 और 13 से लगभग 40 शब्दों के 2-2 अंक वाले और लगभग 80 शब्दों के 4-4 अंक वाले प्रश्न आते हैं।

पाठ बताता है कि अखबार केवल समाचार नहीं छापता; उसमें फ़ीचर, विशेष रिपोर्ट, संपादकीय, लेख, स्तंभ, पाठकों के पत्र और साक्षात्कार भी होते हैं, और हर रूप को लिखने का अपना तरीका है। समाचार तथ्य और वस्तुनिष्ठता पर टिका है, फ़ीचर में लेखक की राय और भावना के लिए जगह है, और विचारपरक लेखन में अखबार या लेखक का मत सामने आता है।

परीक्षा में प्रायः पूछा जाता है: छह ककार क्या हैं, समाचार और फ़ीचर में अंतर, विशेष रिपोर्ट के प्रकार, संपादकीय पर लेखक का नाम क्यों नहीं, स्तंभ लेखन, संपादक के नाम पत्र का महत्त्व, और सफल साक्षात्कार के लिए आवश्यक बातें।

Weightage: यह पाठ खंड ख: अभिव्यक्ति और माध्यम का भाग है, जिसके 22 अंक हैं (कुल 80 में से)। इसमें 120 शब्दों का रचनात्मक लेखन (6 अंक), लगभग 40 शब्दों के 2-2 अंक वाले और लगभग 80 शब्दों के 4-4 अंक वाले प्रश्न आते हैं।Source: CBSE हिंदी (आधार) 302 पाठ्यक्रम 2026-27 और प्रतिदर्श प्रश्नपत्र 2026-27

Key quotations

Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.

  • संपादकीय किसी व्यक्ति विशेष का विचार नहीं होता इसलिए उसे किसी के नाम के साथ नहीं छापा जाता।

    NCERT पाठ: संपादकीय लेखन

    संपादकीय पूरे अखबार की आवाज़ है।

  • एक तरह से यह स्तंभ जनमत को प्रतिबिंबित करता है।

    NCERT पाठ: संपादक के नाम पत्र

    पाठकों के पत्र समाज की राय का दर्पण हैं।

  • फ़ीचर लेखन की शैली काफ़ी हद तक कथात्मक शैली की तरह है।

    NCERT पाठ: फ़ीचर और समाचार का अंतर

    फ़ीचर में उलटा पिरामिड नहीं, कहानी जैसा प्रवाह होता है।

Key concepts

पत्रकारीय लेखन और पत्रकारों के प्रकार

पत्रकार पाठकों, दर्शकों और श्रोताओं तक सूचनाएँ पहुँचाने के लिए लेखन के जिन रूपों का प्रयोग करते हैं, वही पत्रकारीय लेखन है। इसका संबंध समसामयिक और वास्तविक घटनाओं, समस्याओं और मुद्दों से है।

पत्रकार तीन तरह के होते हैं:
1. पूर्णकालिक: किसी समाचार संगठन का नियमित वेतनभोगी कर्मचारी।
2. अंशकालिक (स्ट्रिंगर): निश्चित मानदेय पर किसी संगठन के लिए काम करने वाला।
3. फ़्रीलांसर (स्वतंत्र): किसी खास अखबार से बँधा नहीं; भुगतान के आधार पर अलग-अलग अखबारों के लिए लिखता है।

साहित्यिक लेखन से अंतर: पत्रकारीय लेखन का रिश्ता तथ्यों से है, कल्पना से नहीं; यह तात्कालिकता और पाठकों की रुचि-ज़रूरत को ध्यान में रखकर लिखा जाता है। इसे 'जल्दी में लिखा गया साहित्य' भी कहा जाता है।

भाषा: पाठक विशाल समुदाय है (कुलपति से लेकर कम पढ़े मज़दूर-किसान तक), इसलिए सीधी, सरल, साफ़-सुथरी, प्रभावी भाषा; छोटे वाक्य; गैरज़रूरी विशेषण, जार्गन और क्लीशे (पिष्टोक्ति) नहीं।

Worked example

स्ट्रिंगर और फ़्रीलांसर पत्रकार में क्या अंतर है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. स्ट्रिंगर: अंशकालिक, एक संगठन, निश्चित मानदेय।
  2. फ़्रीलांसर: स्वतंत्र, किसी अखबार से बँधा नहीं।

Answer: स्ट्रिंगर अंशकालिक पत्रकार है जो किसी एक समाचार संगठन के लिए निश्चित मानदेय पर काम करता है, जबकि फ़्रीलांसर किसी खास अखबार से जुड़ा नहीं होता और भुगतान के आधार पर अलग-अलग अखबारों के लिए लिखता है।

समाचार लेखन: उलटा पिरामिड और छह ककार

पत्रकारीय लेखन का सबसे जाना-पहचाना रूप समाचार है, जो प्रायः उलटा पिरामिड शैली में लिखा जाता है: सबसे महत्त्वपूर्ण सूचना पहले अनुच्छेद में, फिर घटते महत्त्व-क्रम में। यह कहानी की शैली के ठीक उलट है, जिसमें क्लाइमेक्स अंत में आता है।

इतिहास: इस शैली का प्रयोग 19वीं सदी के मध्य से शुरू हुआ, पर विकास अमेरिका के गृहयुद्ध के दौरान हुआ, जब संवाददाताओं को महँगी, अनियमित टेलीग्राफ़ सेवा से खबरें भेजनी पड़ती थीं और खबर संक्षेप में देनी होती थी।

छह ककार: क्या, कौन (किसके साथ), कहाँ, कब, कैसे, क्यों।

  • मुखड़े (इंट्रो) में प्रायः चार ककार: क्या, कौन, कब, कहाँ (सूचनात्मक, तथ्य-आधारित)।
  • बॉडी में बाकी दो: कैसे और क्यों (विवरणात्मक, व्याख्यात्मक, विश्लेषणात्मक)।
  • कभी-कभी महत्त्व के कारण कैसे या क्यों भी मुखड़े में आ सकते हैं।
  • सूचना का स्रोत अवश्य उद्धृत करें (जैसे प्रत्यक्षदर्शी, मंत्री)।

Worked example

'कल शाम नगर के बस अड्डे पर एक बस के ब्रेक फेल होने से तीन यात्री घायल हो गए।' इस इंट्रो में कौन-से ककार हैं?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. क्या: तीन यात्री घायल; कौन: यात्री; कब: कल शाम; कहाँ: नगर का बस अड्डा।
  2. कैसे: ब्रेक फेल होने से।

Answer: इसमें क्या (तीन यात्री घायल), कौन (यात्री), कब (कल शाम), कहाँ (नगर का बस अड्डा) और कैसे (ब्रेक फेल होने से) ककार हैं; 'क्यों' (ब्रेक फेल होने का कारण) बॉडी में आएगा।

फ़ीचर: अर्थ, समाचार से अंतर और लेखन

फ़ीचर एक सुव्यवस्थित, सृजनात्मक और आत्मनिष्ठ लेखन है, जिसका उद्देश्य सूचना देने और शिक्षित करने के साथ मुख्य रूप से मनोरंजन करना है।

समाचार से अंतर:
1. समाचार तात्कालिक घटनाक्रम बताता है; फ़ीचर ऐसा नहीं करता।
2. समाचार में वस्तुनिष्ठता, रिपोर्टर अपने विचार नहीं डालता; फ़ीचर में लेखक अपनी राय, दृष्टिकोण और भावनाएँ व्यक्त कर सकता है।
3. फ़ीचर में उलटा पिरामिड नहीं; कोई तय ढाँचा नहीं, शैली कथात्मक।
4. भाषा सरल, रूपात्मक, आकर्षक, मन को छूने वाली; सपाटबयानी नहीं (पर दुरूह भी नहीं)।
5. शब्द-सीमा नहीं: 250 से 2000 शब्दों तक; फ़ोटो, रेखांकन, ग्राफ़िक्स ज़रूरी।

कैसे लिखें: विषय से जुड़े पात्र हों, कहानी पात्रों के ज़रिये कही जाए, पाठक को लगे वह स्वयं देख-सुन रहा है, मनोरंजक और सूचनात्मक दोनों हो; कोई थीम हो; प्रारंभ आकर्षक, फिर मध्य और अंत; छोटे अनुच्छेद, एक अनुच्छेद में एक पहलू।

प्रकार: समाचार बैकग्राउंडर, खोजपरक, साक्षात्कार, जीवनशैली, रूपात्मक, व्यक्तिचित्र, यात्रा और विशेष रुचि के फ़ीचर।

Worked example

'स्कूल का पुस्तकालय' विषय पर फ़ीचर का एक आकर्षक प्रारंभ लिखिए।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. किसी पात्र या दृश्य से शुरुआत।
  2. उत्सुकता जगाना।

Answer: दोपहर की छुट्टी की घंटी बजते ही जहाँ बाकी बच्चे कैंटीन की ओर दौड़ते हैं, वहीं कक्षा नौ की रिया सीधे उस कमरे में पहुँचती है जहाँ बीस हज़ार किताबें उसका इंतज़ार कर रही हैं।

विशेष रिपोर्ट

सामान्य समाचार से अलग, किसी घटना, समस्या या मुद्दे की गहरी छानबीन, विश्लेषण और व्याख्या पर आधारित रिपोर्ट; महत्त्वपूर्ण तथ्य जुटाकर उनके नतीजे, प्रभाव और कारण स्पष्ट किए जाते हैं।

प्रकार:
1. खोजी रिपोर्ट (इंवेस्टिगेटिव): मौलिक शोध और छानबीन से ऐसी सूचनाएँ सामने लाना जो पहले सार्वजनिक नहीं थीं; प्रायः भ्रष्टाचार, अनियमितताएँ उजागर करने के लिए।
2. इन-डेप्थ रिपोर्ट: सार्वजनिक रूप से उपलब्ध तथ्यों, आँकड़ों की गहरी छानबीन।
3. विश्लेषणात्मक रिपोर्ट: तथ्यों के विश्लेषण और व्याख्या पर ज़ोर।
4. विवरणात्मक रिपोर्ट: घटना या समस्या का विस्तृत, बारीक विवरण।

शैली: प्रायः उलटा पिरामिड, पर कई बार फ़ीचर शैली या दोनों का मेल; बहुत बड़ी हो तो कई दिनों तक किस्तों में; भाषा सरल, आम बोलचाल की। पाठ में उदाहरण: पी. साईंनाथ की 'बिरहोरों का विलुप्त होता संसार'।

Worked example

खोजी रिपोर्ट और इन-डेप्थ रिपोर्ट में क्या अंतर है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. खोजी: नई, अप्रकाशित सूचना।
  2. इन-डेप्थ: उपलब्ध सूचना की गहरी छानबीन।

Answer: खोजी रिपोर्ट मौलिक छानबीन से ऐसी सूचनाएँ सामने लाती है जो पहले सार्वजनिक नहीं थीं, जैसे भ्रष्टाचार; इन-डेप्थ रिपोर्ट पहले से उपलब्ध तथ्यों और आँकड़ों की गहरी छानबीन करके मुद्दे के महत्त्वपूर्ण पहलू उजागर करती है।

विचारपरक लेखन: संपादकीय, स्तंभ, लेख, संपादक के नाम पत्र

संपादकीय पृष्ठ (और ऑप-एड पृष्ठ) पर छपने वाला विचारपूर्ण लेखन अखबार की छवि बनाता है।

संपादकीय: अखबार की अपनी आवाज़; किसी घटना, समस्या या मुद्दे पर अखबार की राय। यह किसी व्यक्ति का विचार नहीं, इसलिए किसी के नाम से नहीं छपता। संपादक और सहयोगी (प्रायः सहायक संपादक) लिखते हैं; बाहर का लेखक नहीं लिख सकता। हिंदी अखबारों में एक से तीन संपादकीय।

स्तंभ लेखन: खास वैचारिक रुझान और लेखन-शैली वाले लोकप्रिय लेखकों को नियमित स्तंभ (कॉलम) दिया जाता है; विषय चुनने और विचार रखने की पूरी छूट; स्तंभ अपने लेखक के नाम से जाने जाते हैं; नए लेखकों को यह मौका नहीं मिलता।

लेख: वरिष्ठ पत्रकारों और विशेषज्ञों द्वारा समसामयिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा; लेखक के विचार प्रमुख, पर तथ्यों और तर्कों पर आधारित; प्रारंभ (ताज़ा प्रसंग), मध्य (विश्लेषण), अंत (निष्कर्ष/मत)।

संपादक के नाम पत्र: पाठकों का अपना स्थायी स्तंभ; राय और जन-समस्याएँ; जनमत को प्रतिबिंबित करता है; अखबार का सहमत होना ज़रूरी नहीं; नए लेखकों के लिए हाथ माँजने का अवसर।

Worked example

संपादकीय के साथ लेखक का नाम क्यों नहीं छपता?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. संपादकीय अखबार की आवाज़ है।
  2. व्यक्ति का निजी विचार नहीं।

Answer: संपादकीय किसी व्यक्ति का निजी विचार नहीं, बल्कि पूरे अखबार की आवाज़ और राय माना जाता है; इसलिए इसे संपादक-मंडल लिखता है और यह किसी के नाम से नहीं छपता।

साक्षात्कार (इंटरव्यू)

पत्रकार साक्षात्कार से ही समाचार, फ़ीचर, विशेष रिपोर्ट आदि के लिए 'कच्चा माल' जुटाते हैं। सामान्य बातचीत से अंतर: साक्षात्कार में पत्रकार किसी व्यक्ति से तथ्य, उसकी राय और भावनाएँ जानने के लिए सवाल पूछता है; इसका स्पष्ट मकसद और ढाँचा होता है।

सफल साक्षात्कार के लिए:
1. ज्ञान के साथ संवेदनशीलता, कूटनीति, धैर्य और साहस।
2. विषय और व्यक्ति के बारे में पर्याप्त जानकारी।
3. साक्षात्कार से क्या निकालना है, इसकी स्पष्टता।
4. वे सवाल पूछें जो आम पाठक के मन में हों।
5. रिकॉर्ड करें, संभव न हो तो नोट्स लें।

लिखने के दो तरीके: सवाल-जवाब के रूप में, या आलेख की तरह।

पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया in real life

Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.

छह ककार

मान लीजिए आपके मोहल्ले में कल रात एक ट्रांसफ़ॉर्मर में आग लगी और आपको स्कूल के अखबार के लिए इसकी खबर लिखनी है।

छह ककारों के आधार पर इंट्रो और बॉडी में क्या-क्या रखेंगे?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. इंट्रो: क्या (ट्रांसफ़ॉर्मर में आग), कौन (मोहल्ले के लोग प्रभावित), कब (कल रात), कहाँ (मोहल्ले का नाम)।
  2. बॉडी: कैसे (आग कैसे फैली, किसने बुझाई) और क्यों (ओवरलोड, बिजली विभाग का कथन)।

Answer: इंट्रो: 'कल रात लगभग दस बजे गांधी नगर में बिजली के ट्रांसफ़ॉर्मर में आग लगने से पूरे मोहल्ले की बिजली छह घंटे गुल रही।' बॉडी में आग बुझाने का विवरण, कारण और बिजली विभाग के अधिकारी का कथन (स्रोत) दूँगा।

Memory hook: चार ऊपर, दो नीचे।

समाचार और फ़ीचर का अंतर

कल्पना कीजिए कि आपके स्कूल में वार्षिक विज्ञान प्रदर्शनी हुई। एक साथी इसकी समाचार-रिपोर्ट लिख रहा है और आपको इसी पर फ़ीचर लिखना है।

आपका लेखन साथी के लेखन से कैसे अलग होगा?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. समाचार: कब, कहाँ, किसने उद्घाटन किया, कितने मॉडल, कौन जीता; उलटा पिरामिड, बिना राय।
  2. फ़ीचर: किसी छात्र के मॉडल बनाने की कहानी, उसकी रातों की मेहनत, आपकी अनुभूति; कथात्मक, आकर्षक भाषा, फ़ोटो।

Answer: साथी की रिपोर्ट तथ्यपरक और संक्षिप्त होगी; मेरा फ़ीचर पात्रों के माध्यम से प्रदर्शनी की कहानी कहेगा, जिसमें मेरी दृष्टि और भावनाएँ होंगी और पाठक को लगेगा कि वह स्वयं प्रदर्शनी में घूम रहा है।

Memory hook: समाचार बताता है, फ़ीचर दिखाता है।

संपादक के नाम पत्र

मान लीजिए आपके स्कूल के सामने की सड़क पर कोई ज़ेब्रा क्रॉसिंग या स्पीड ब्रेकर नहीं है और रोज़ बच्चों को सड़क पार करने में खतरा होता है।

पाठ के आधार पर बताइए कि आप यह समस्या किस पत्रकारीय रूप से उठा सकते हैं और क्यों।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. संपादक के नाम पत्र पाठकों का अपना स्तंभ है, जिसमें जन-समस्याएँ उठाई जाती हैं।
  2. यह जनमत को प्रतिबिंबित करता है और अधिकारियों का ध्यान खींचता है।

Answer: मैं स्थानीय अखबार में संपादक के नाम पत्र लिखूँगा, जिसमें समस्या, खतरे की घटनाएँ और सुझाव (ज़ेब्रा क्रॉसिंग, स्पीड ब्रेकर, ट्रैफ़िक पुलिस) संक्षेप में दूँगा। यह नए लेखक के लिए भी शुरुआत का अच्छा अवसर है।

Memory hook: पत्र = पाठक की आवाज़।

Topics in this chapter

How the board asks पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया

The question patterns to expect, and the method that works for each.

Question typeHow it is askedMethod
परिभाषा (2 अंक, लगभग 40 शब्द)छह ककार क्या हैं? फ़ीचर / स्तंभ लेखन / संपादकीय / खोजी रिपोर्ट / फ़्रीलांसर / क्लीशे किसे कहते हैं?परिभाषा एक वाक्य में, फिर एक विशेषता या उदाहरण। ककार वाले प्रश्न में छहों के नाम लिखें।
अंतर स्पष्ट कीजिए (4 अंक, लगभग 80 शब्द)समाचार और फ़ीचर; संपादकीय और लेख; खोजी और इन-डेप्थ रिपोर्ट; पत्रकारीय और साहित्यिक लेखन।कम से कम तीन-चार आधार (उद्देश्य, शैली, भाषा, शब्द-सीमा, लेखक की राय) और हर आधार पर दोनों पक्ष।
लेखन-प्रक्रिया (4 अंक)फ़ीचर कैसे लिखें? सफल साक्षात्कार के लिए क्या आवश्यक है? विशेष रिपोर्ट कैसे तैयार होती है? संपादक के नाम पत्र का महत्त्व।पाठ में दिए क्रम से बिंदु, अंत में एक वाक्य का निष्कर्ष।
अनुप्रयोग (2 या 4 अंक)दिए गए समाचार में ककार पहचानिए; किसी विषय पर फ़ीचर का प्रारंभ लिखिए; साक्षात्कार के लिए प्रश्न-सूची बनाइए।पहले नियम पहचानें (कौन-सा ककार/शैली), फिर उसी के अनुसार छोटा नमूना।

Tricks to remember पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया

Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.

  • छह ककार: 'क्या-कौन-कब-कहाँ' + 'कैसे-क्यों'

    पहले चार सूचना (इंट्रो में), बाद के दो व्याख्या (बॉडी में)।

    Use it when: ककार और इंट्रो वाले प्रश्नों में।

  • विशेष रिपोर्ट के चार प्रकार: 'खो-इन-वि-वि'

    खोजी, इन-डेप्थ, विश्लेषणात्मक, विवरणात्मक।

    Use it when: प्रकार वाले प्रश्न में।

  • पत्रकार तीन: 'पूर्ण-अंश-फ़्री'

    पूर्णकालिक (वेतन), अंशकालिक/स्ट्रिंगर (मानदेय), फ़्रीलांसर (भुगतान, स्वतंत्र)।

    Use it when: परिभाषा वाले 2 अंक के प्रश्न में।

  • विचारपरक लेखन: 'सं-स्तं-ले-प'

    संपादकीय (अखबार की आवाज़, बिना नाम), स्तंभ (लेखक के नाम), लेख (विशेषज्ञ, तर्क), पत्र (पाठक की आवाज़)।

    Use it when: अंतर वाले प्रश्नों में।

पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया: board-level solved questions

Ordered from board level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.

Example 1: छह ककार · 2 marks · Short answerBoard level

समाचार लेखन के छह ककार कौन-से हैं? इंट्रो और बॉडी में इनका प्रयोग कैसे होता है? (लगभग 40 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. छहों के नाम।
  2. इंट्रो में चार, बॉडी में दो।

Answer: छह ककार हैं: क्या, कौन, कहाँ, कब, कैसे और क्यों। समाचार के मुखड़े (इंट्रो) में प्रायः सूचनात्मक चार ककार (क्या, कौन, कब, कहाँ) आते हैं, जबकि बॉडी में विश्लेषणात्मक दो ककारों (कैसे और क्यों) का उत्तर दिया जाता है।

Example 2: समाचार बनाम फ़ीचर · 4 marks · Short answerBoard level

समाचार और फ़ीचर में क्या अंतर है? (लगभग 80 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. उद्देश्य और तात्कालिकता।
  2. वस्तुनिष्ठता बनाम आत्मनिष्ठता।
  3. शैली, भाषा, शब्द-सीमा।

Answer: समाचार पाठकों को तात्कालिक घटनाओं की सूचना देता है, जबकि फ़ीचर का मुख्य उद्देश्य सूचना और शिक्षा के साथ मनोरंजन है। समाचार में वस्तुनिष्ठता और तथ्यों की शुद्धता ज़रूरी है और रिपोर्टर अपनी राय नहीं डालता; फ़ीचर आत्मनिष्ठ होता है, लेखक अपनी राय और भावनाएँ रख सकता है। समाचार उलटा पिरामिड में लिखा जाता है, फ़ीचर कथात्मक शैली में। फ़ीचर की भाषा आकर्षक और मन को छूने वाली होती है और वह 250 से 2000 शब्दों तक का हो सकता है।

Example 3: संपादकीय और स्तंभ · 4 marks · Short answerHarder board level

संपादकीय और स्तंभ लेखन में क्या अंतर है? (लगभग 80 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. किसकी आवाज़।
  2. कौन लिखता है, नाम छपता है या नहीं।
  3. विषय की छूट।

Answer: संपादकीय अखबार की अपनी आवाज़ है, जिसमें किसी घटना या मुद्दे पर अखबार की राय होती है; यह किसी व्यक्ति का विचार नहीं, इसलिए किसी के नाम से नहीं छपता और इसे संपादक या सहायक संपादक ही लिखते हैं। स्तंभ किसी लोकप्रिय, विशिष्ट वैचारिक रुझान वाले लेखक का नियमित कॉलम है, जो उसी के नाम से छपता और पहचाना जाता है। स्तंभ लेखक को विषय चुनने और अपने विचार रखने की पूरी छूट होती है, जबकि संपादकीय अखबार की नीति से बँधा होता है।

Example 4: सफल साक्षात्कार · 4 marks · Short answerHarder board level

एक सफल साक्षात्कार के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? (लगभग 80 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. गुण।
  2. तैयारी और उद्देश्य।
  3. प्रश्न, रिकॉर्डिंग, लेखन।

Answer: साक्षात्कारकर्ता में ज्ञान के साथ संवेदनशीलता, कूटनीति, धैर्य और साहस होना चाहिए। जिस व्यक्ति और विषय पर साक्षात्कार है, उसकी पर्याप्त जानकारी पहले से जुटा लें और स्पष्ट रहें कि साक्षात्कार से क्या निकालना है। वही सवाल पूछें जो आम पाठक के मन में हों। बातचीत रिकॉर्ड करें, संभव न हो तो नोट्स लेते रहें। अंत में साक्षात्कार को सवाल-जवाब के रूप में या एक आलेख की तरह लिखें, ताकि पाठक को व्यक्ति के तथ्य, राय और भावनाएँ साफ़ मिलें।

Example 5: संपादक के नाम पत्र का महत्त्व · 4 marks · Short answerHOTS / competency

आज सोशल मीडिया पर हर कोई अपनी राय लिख सकता है। ऐसे में अखबार के 'संपादक के नाम पत्र' स्तंभ का क्या महत्त्व रह जाता है? तर्क दीजिए। (लगभग 80 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. पाठ के अनुसार स्तंभ की भूमिका।
  2. सोशल मीडिया से अंतर।
  3. निष्कर्ष।

Answer: संपादक के नाम पत्र पाठकों का अपना स्थायी स्तंभ है, जिसमें वे विभिन्न मुद्दों पर राय रखते और जन-समस्याएँ उठाते हैं; यह जनमत को प्रतिबिंबित करता है। सोशल मीडिया पर राय तुरंत और बिना संपादन के फैलती है, जबकि अखबार में चुना और संपादित पत्र छपता है, इसलिए उसकी विश्वसनीयता और गंभीरता अधिक होती है और अधिकारी भी उसे ध्यान से पढ़ते हैं। यह नए लेखकों के लिए अनुशासित लेखन सीखने का अवसर भी है। अतः इसका महत्त्व आज भी बना हुआ है।

Where the marks are

How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.

समाचार और फ़ीचर में क्या अंतर है? (लगभग 80 शब्द) (4 marks)

StepMarks
उद्देश्य: तात्कालिक सूचना बनाम सूचना-शिक्षा के साथ मनोरंजन1
वस्तुनिष्ठ (राय नहीं) बनाम आत्मनिष्ठ (राय और भावना)1
उलटा पिरामिड बनाम कथात्मक शैली; भाषा1
शब्द-सीमा (फ़ीचर 250-2000 शब्द), फ़ोटो/ग्राफ़िक्स; प्रस्तुति1

छह ककार कौन-से हैं? (लगभग 40 शब्द) (2 marks)

StepMarks
छहों ककारों के नाम1
इंट्रो में चार (क्या, कौन, कब, कहाँ), बॉडी में दो (कैसे, क्यों)1

Where students lose marks in पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया

The slips examiners see most often, and what to write instead.

  • Mistake: छह ककारों में 'किसने' और 'कौन' दोनों गिनकर सात बना देना या 'कैसे' छोड़ देना

    पाठ में छह ककार हैं: क्या, कौन (किसके), कहाँ, कब, कैसे, क्यों।

    Do this: 'चार ऊपर, दो नीचे' सूत्र से गिनें।

    Usually costs: 1 अंक

  • Mistake: फ़ीचर को उलटा पिरामिड शैली में बताना

    फ़ीचर में उलटा पिरामिड का प्रयोग नहीं होता; उसकी शैली कथात्मक है और कोई तय ढाँचा नहीं।

    Do this: अंतर वाले उत्तर में 'शैली' का बिंदु ज़रूर लिखें।

    Usually costs: 1 अंक

  • Mistake: लिखना कि संपादकीय कोई भी बाहरी विशेषज्ञ लिख सकता है

    संपादकीय अखबार का संपादक-मंडल (प्रायः सहायक संपादक) लिखता है; बाहर का लेखक नहीं लिख सकता। बाहरी विशेषज्ञ लेख या स्तंभ लिखते हैं।

    Do this: संपादकीय = अंदर का, बिना नाम; लेख/स्तंभ = नाम सहित।

    Usually costs: 1 अंक

  • Mistake: 4 अंक के अंतर-प्रश्न में केवल परिभाषाएँ लिख देना

    अंतर के लिए आधार-वार तुलना चाहिए; केवल परिभाषा से आधे अंक मिलते हैं।

    Do this: कम से कम तीन आधार लेकर 'जबकि' से दोनों पक्ष जोड़ें।

    Usually costs: 2 अंक

Practice questions on पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया

Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.

  1. Q1 · 2 marks · Short answerBoard level

    फ़ीचर किसे कहते हैं? (लगभग 40 शब्द)

    Hint

    सुव्यवस्थित, सृजनात्मक, आत्मनिष्ठ; मनोरंजन।

    Answer

    फ़ीचर एक सुव्यवस्थित, सृजनात्मक और आत्मनिष्ठ लेखन है, जिसका उद्देश्य पाठकों को सूचना देने और शिक्षित करने के साथ मुख्य रूप से उनका मनोरंजन करना है। इसकी शैली कथात्मक और भाषा आकर्षक होती है।

  2. Q2 · 2 marks · Short answerHarder board level

    उलटा पिरामिड शैली का विकास कब और क्यों हुआ? (लगभग 40 शब्द)

    Hint

    अमेरिकी गृहयुद्ध, टेलीग्राफ़।

    Answer

    इस शैली का प्रयोग 19वीं सदी के मध्य से शुरू हुआ, पर विकास अमेरिका के गृहयुद्ध के दौरान हुआ। तब खबरें महँगी और अनियमित टेलीग्राफ़ सेवा से भेजनी पड़ती थीं, इसलिए संवाददाता सबसे ज़रूरी बात पहले, संक्षेप में भेजते थे।

  3. Q3 · 2 marks · Short answerHarder board level

    पत्रकारीय लेखन में 'जार्गन' और 'क्लीशे' से क्यों बचना चाहिए? (लगभग 40 शब्द)

    Hint

    विशाल पाठक-वर्ग; भाषा बोझिल।

    Answer

    जार्गन ऐसी शब्दावली है जिससे बहुत कम पाठक परिचित होते हैं और क्लीशे घिसी-पिटी, बार-बार दोहराई गई उक्तियाँ हैं। अखबार कुलपति से किसान तक सबके लिए होता है; इनके प्रयोग से भाषा बोझिल और कम प्रभावी हो जाती है।

  4. Q4 · 4 marks · Short answerBoard level

    विशेष रिपोर्ट के प्रमुख प्रकारों का परिचय दीजिए। (लगभग 80 शब्द)

    Hint

    खोजी, इन-डेप्थ, विश्लेषणात्मक, विवरणात्मक।

    Answer

    विशेष रिपोर्ट किसी घटना या मुद्दे की गहरी छानबीन और विश्लेषण पर आधारित होती है। खोजी रिपोर्ट में रिपोर्टर मौलिक शोध से ऐसी सूचनाएँ सामने लाता है जो पहले सार्वजनिक नहीं थीं; इसका प्रयोग प्रायः भ्रष्टाचार और गड़बड़ियाँ उजागर करने में होता है। इन-डेप्थ रिपोर्ट में उपलब्ध तथ्यों और आँकड़ों की गहरी छानबीन होती है। विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तथ्यों की व्याख्या और विश्लेषण पर ज़ोर देती है, जबकि विवरणात्मक रिपोर्ट घटना या समस्या का विस्तृत और बारीक विवरण प्रस्तुत करती है।

  5. Q5 · 4 marks · Short answerHarder board level

    पत्रकारीय लेखन साहित्यिक-सृजनात्मक लेखन से किन बातों में भिन्न है? (लगभग 80 शब्द)

    Hint

    तथ्य बनाम कल्पना; तात्कालिकता; पाठक; भाषा।

    Answer

    पत्रकारीय लेखन का रिश्ता तथ्यों से है, जबकि कविता, कहानी, उपन्यास जैसे साहित्यिक लेखन में कल्पना की बड़ी भूमिका होती है। पत्रकारीय लेखन अनिवार्य रूप से तात्कालिकता और पाठकों की रुचियों-ज़रूरतों को ध्यान में रखकर किया जाता है, जबकि साहित्यिक लेखक को विषय, समय और शैली में काफ़ी छूट होती है। पत्रकार विशाल और विविध पाठक-वर्ग के लिए लिखता है, इसलिए उसकी भाषा अलंकारिक-संस्कृतनिष्ठ नहीं, बल्कि सरल, आम बोलचाल की होती है। इसी कारण पत्रकारिता को 'जल्दी में लिखा गया साहित्य' भी कहते हैं।

  6. Q6 · 4 marks · Short answerHOTS / competency

    आप अपने शहर के किसी प्रसिद्ध खिलाड़ी पर व्यक्तिचित्र फ़ीचर लिखना चाहते हैं। पाठ के आधार पर उसकी रूपरेखा (प्रारंभ, मध्य, अंत) बताइए। (लगभग 80 शब्द)

    Hint

    ताज़ा उपलब्धि या मोड़ वाली घटना से शुरुआत; करीबी लोगों के कथन; भविष्य की योजना।

    Answer

    प्रारंभ खिलाड़ी की किसी ताज़ा उपलब्धि या उस घटना से करूँगा जिसने उसके जीवन की दिशा बदल दी, ताकि पाठक में उत्सुकता जागे; फिर फ़ीचर को उसके पिछले संघर्षों की ओर मोड़ूँगा। मध्य भाग में उसके कोच, माता-पिता और साथियों के दिलचस्प कथन उद्धृत करते हुए उसके व्यक्तित्व के पहलू दिखाऊँगा और एक-दो अनूठी घटनाएँ उसी की ज़बान में दूँगा। अंत में उसकी भविष्य की योजनाओं और चुनौतियों पर फ़ोकस करूँगा। अनुच्छेद छोटे रखूँगा और साथ में फ़ोटो दूँगा।

Test your recall

Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.

  1. 1.अंशकालिक पत्रकार को और क्या कहते हैं?Show answer

    स्ट्रिंगर।

  2. 2.उलटा पिरामिड शैली का विकास किस घटना के दौरान हुआ?Show answer

    अमेरिका के गृहयुद्ध के दौरान।

  3. 3.मुखड़े में प्रायः कौन-से चार ककार होते हैं?Show answer

    क्या, कौन, कब, कहाँ।

  4. 4.संपादकीय प्रायः कौन लिखता है?Show answer

    सहायक संपादक (संपादक-मंडल)।

  5. 5.पाठ में विशेष रिपोर्ट का कौन-सा उदाहरण दिया गया है?Show answer

    पी. साईंनाथ की 'बिरहोरों का विलुप्त होता संसार'।

  6. 6.साक्षात्कार लिखने के दो तरीके कौन-से हैं?Show answer

    सवाल-जवाब के रूप में, या आलेख की तरह।

Quick revision checklist

The night before the exam: can you do each of these without looking?

  • पत्रकारीय लेखन: तथ्य-आधारित, तात्कालिक, पाठक-केंद्रित; 'जल्दी में लिखा गया साहित्य'; पत्रकार: पूर्णकालिक, अंशकालिक (स्ट्रिंगर), फ़्रीलांसर।
  • भाषा: सरल, छोटे वाक्य; जार्गन, क्लीशे, गैरज़रूरी विशेषण नहीं।
  • समाचार: उलटा पिरामिड (अमेरिकी गृहयुद्ध, टेलीग्राफ़); छह ककार: क्या-कौन-कब-कहाँ (इंट्रो), कैसे-क्यों (बॉडी); स्रोत उद्धृत करें।
  • फ़ीचर: सृजनात्मक, आत्मनिष्ठ, मनोरंजन; कथात्मक शैली; 250-2000 शब्द; पात्र, थीम, आकर्षक प्रारंभ; कई प्रकार।
  • विशेष रिपोर्ट: गहरी छानबीन; खोजी, इन-डेप्थ, विश्लेषणात्मक, विवरणात्मक; उलटा पिरामिड/फ़ीचर/मिश्रित; किस्तों में।
  • विचारपरक: संपादकीय (अखबार की आवाज़, बिना नाम), स्तंभ (लेखक के नाम), लेख (विशेषज्ञ, तर्क), संपादक के नाम पत्र (जनमत, नए लेखकों का अवसर)।
  • साक्षात्कार: स्पष्ट मकसद; संवेदनशीलता, कूटनीति, धैर्य, साहस; तैयारी, पाठक के सवाल, रिकॉर्ड/नोट्स; सवाल-जवाब या आलेख।

पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया: frequently asked questions

छह ककार कौन-से हैं?

क्या, कौन, कहाँ, कब, कैसे और क्यों। इंट्रो में प्रायः पहले चार और बॉडी में कैसे और क्यों का उत्तर दिया जाता है।

संपादकीय किसे कहते हैं?

संपादकीय पृष्ठ पर छपने वाला वह लेख जिसमें अखबार किसी घटना, समस्या या मुद्दे पर अपनी राय प्रकट करता है; यह अखबार की आवाज़ है और किसी के नाम से नहीं छपता।

फ़ीचर कितने शब्दों का होता है?

फ़ीचर की कोई अधिकतम शब्द-सीमा नहीं होती; अखबारों और पत्रिकाओं में 250 से 2000 शब्दों तक के फ़ीचर छपते हैं।

इस पाठ से परीक्षा में कैसे प्रश्न आते हैं?

खंड ख में लगभग 40 शब्दों के 2 अंक वाले (परिभाषा) और लगभग 80 शब्दों के 4 अंक वाले (अंतर, प्रक्रिया) प्रश्न आते हैं।

Based on: CBSE हिंदी (आधार) पाठ्यक्रम (302), कक्षा 12, 2026-27; NCERT अभिव्यक्ति और माध्यम (Reprint 2025-26), पाठ 4: पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया