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HindiCBSE Class 12 · Chapter 3

विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन: Class 12 हिंदी नोट्स और प्रश्न

Updated 14 October 2026 · Fact-checked

'विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन' अभिव्यक्ति और माध्यम का पाठ 3 है। इसमें प्रिंट, रेडियो, टेलीविज़न और इंटरनेट की खूबियाँ-खामियाँ, हर माध्यम के लिए लिखने के नियम, उलटा पिरामिड शैली, टी.वी. खबरों के चरण (फ़्लैश से एंकर-पैकेज तक) और भारत तथा हिंदी में इंटरनेट पत्रकारिता का विकास समझाया गया है।

What विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन is about

यह पाठ अभिव्यक्ति और माध्यम (NCERT) का पाठ 3 है और बोर्ड परीक्षा के खंड ख (22 अंक) का हिस्सा है। खंड ख में पाठ 3, 4, 5, 11 और 13 पर लगभग 40 शब्दों के 2-2 अंक वाले प्रश्न (5 में से 4) और लगभग 80 शब्दों के 4-4 अंक वाले प्रश्न (3 में से 2) आते हैं। 2026-27 के प्रतिदर्श प्रश्नपत्र में रेडियो-लेखन का प्रश्न इसी पाठ से है।

पाठ का केंद्रीय विचार है कि हर माध्यम की प्रकृति अलग है, इसलिए उसके लिए लिखने का ढंग भी अलग है: अखबार पढ़ा जाता है, रेडियो सुना जाता है, टी.वी. देखा और सुना जाता है, और इंटरनेट पर पढ़ना, सुनना, देखना और जवाब देना सब संभव है। पाठ यह भी कहता है कि ये माध्यम एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी नहीं, पूरक हैं।

परीक्षा में प्रायः ये पूछा जाता है: किसी माध्यम की खूबियाँ या सीमाएँ, उलटा पिरामिड शैली, रेडियो समाचार लिखते समय ध्यान रखने योग्य बातें, टी.वी. खबरों के चरण (ड्राई एंकर, फ़ोन-इन, एंकर-बाइट आदि), नेट साउंड, और इंटरनेट पत्रकारिता का इतिहास।

Weightage: यह पाठ खंड ख: अभिव्यक्ति और माध्यम का भाग है, जिसके 22 अंक हैं (कुल 80 में से)। इसमें 120 शब्दों का रचनात्मक लेखन (6 अंक), लगभग 40 शब्दों के 2-2 अंक वाले और लगभग 80 शब्दों के 4-4 अंक वाले प्रश्न आते हैं।Source: CBSE हिंदी (आधार) 302 पाठ्यक्रम 2026-27 और प्रतिदर्श प्रश्नपत्र 2026-27

Key quotations

Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.

  • रेडियो श्रव्य माध्यम है।

    NCERT पाठ: रेडियो की प्रकृति

    रेडियो-लेखन के सारे नियम इसी से निकलते हैं: सब कुछ सुनकर समझ आना चाहिए।

  • टी.वी. के लिए खबर लिखने की बुनियादी शर्त दृश्य के साथ लेखन है।

    NCERT पाठ: टेलीविज़न लेखन

    टी.वी. में शब्द दृश्य के सहायक हैं; जो दृश्य है, उसी की बात लिखी जाए।

  • उलटा पिरामिड शैली में कोई निष्कर्ष नहीं होता।

    NCERT पाठ: समाचार-लेखन की शैली

    सबसे ज़रूरी बात पहले आ जाती है, इसलिए अंत में निष्कर्ष की ज़रूरत नहीं।

Key concepts

प्रिंट (मुद्रित) माध्यम: खूबियाँ और सीमाएँ

प्रिंट जनसंचार के आधुनिक माध्यमों में सबसे पुराना है; आधुनिक छापेखाने का श्रेय जर्मनी के गुटेनबर्ग को जाता है और भारत में पहला छापाखाना 1556 में गोवा में खुला।

खूबियाँ:
1. छपे शब्दों में स्थायित्व: धीरे-धीरे, बार-बार पढ़ सकते हैं, कहीं से भी शुरू कर सकते हैं, संदर्भ के लिए सँभाल सकते हैं।
2. यह लिखित भाषा का विस्तार है, इसलिए भाषा, व्याकरण, वर्तनी का अनुशासन।
3. चिंतन, विचार और विश्लेषण का माध्यम: गंभीर और गूढ़ बातें लिखी जा सकती हैं।

सीमाएँ:
1. निरक्षरों के लिए किसी काम का नहीं।
2. तुरंत घटी घटनाएँ तुरंत नहीं दे सकता; निश्चित अवधि पर छपता है।
3. डेडलाइन (समय-सीमा) और जगह (स्पेस, शब्द-सीमा) का बंधन।
4. एक बार छपी गलती अगले अंक तक नहीं सुधरती।

Worked example

मुद्रित माध्यम की दो खूबियाँ और दो सीमाएँ लिखिए।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. खूबी: स्थायित्व; चिंतन-विश्लेषण का माध्यम।
  2. सीमा: निरक्षरों के लिए बेकार; तात्कालिकता नहीं, डेडलाइन का बंधन।

Answer: खूबियाँ: छपे शब्दों का स्थायित्व (बार-बार पढ़ना, संदर्भ के लिए रखना) और गहन विचार-विश्लेषण की सुविधा। सीमाएँ: निरक्षर इसका लाभ नहीं ले सकते और यह तुरंत घटी घटनाएँ तुरंत नहीं दे सकता।

रेडियो: श्रव्य और एकरेखीय माध्यम

रेडियो श्रव्य माध्यम है: इसमें सब कुछ ध्वनि, स्वर और शब्दों का खेल है, इसलिए इसे श्रोताओं से संचालित माध्यम कहा जाता है।

  • श्रोता अखबार की तरह पीछे लौटकर नहीं सुन सकता, शब्दकोश नहीं देख सकता; बुलेटिन के समय का इंतज़ार करना पड़ता है।
  • रेडियो एकरेखीय (लीनियर) माध्यम है; कुछ भ्रामक या अरुचिकर हुआ तो श्रोता स्टेशन बदल सकता है।
  • टी.वी. भी एकरेखीय है, पर वहाँ दृश्य प्रमुख हैं; रेडियो में शब्द और आवाज़ ही सब कुछ हैं।
  • पाठ के अनुसार श्रोताओं को बाँधकर रखना रेडियो के लिए सबसे कठिन चुनौती है।

Worked example

रेडियो को 'एकरेखीय माध्यम' क्यों कहा जाता है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. समाचार एक के बाद एक, क्रम से आते हैं।
  2. पीछे लौटकर सुनने की सुविधा नहीं।

Answer: रेडियो पर समाचार एक निश्चित क्रम में, एक के बाद एक प्रसारित होते हैं और श्रोता न आगे जा सकता है, न पीछे लौटकर दोबारा सुन सकता है; इसलिए यह एकरेखीय माध्यम है।

उलटा पिरामिड शैली

समाचार-लेखन की सबसे प्रचलित, प्रभावी और लोकप्रिय शैली; पाठ के अनुसार लगभग 90 प्रतिशत खबरें इसी में लिखी जाती हैं।

  • सबसे महत्त्वपूर्ण तथ्य सबसे पहले, फिर घटते महत्त्व-क्रम में बाकी सूचनाएँ।
  • कहानी की तरह क्लाइमेक्स अंत में नहीं, बिलकुल शुरू में; कोई निष्कर्ष नहीं।
  • तीन हिस्से: इंट्रो (लीड/मुखड़ा: दो-तीन पंक्तियों में मूल तत्त्व), बॉडी (घटते क्रम में ब्योरा), समापन (अलग से कोई समापन ज़रूरी नहीं; जगह कम हो तो आखिरी अनुच्छेद काटे जा सकते हैं)।

पिरामिड को उलटा इसलिए कहते हैं क्योंकि चौड़ा (सबसे महत्त्वपूर्ण) हिस्सा ऊपर है और नुकीला (कम महत्त्वपूर्ण) नीचे।

Worked example

'शहर में भारी बारिश से जलभराव' खबर का एक इंट्रो उलटा पिरामिड शैली में लिखिए।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. सबसे ज़रूरी तथ्य: क्या, कहाँ, कब, कितना असर।
  2. दो वाक्य से अधिक नहीं।

Answer: राजधानी में आज सुबह तीन घंटे की मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया और यातायात ठप हो गया। दो अंडरपास बंद करने पड़े।

रेडियो के लिए समाचार लेखन: बुनियादी बातें

(क) साफ़-सुथरी, टाइप्ड कॉपी: समाचार वाचक पहले पढ़ता है, फिर श्रोता सुनता है।

  • ट्रिपल स्पेस में टाइप, दोनों ओर हाशिया, एक लाइन में अधिकतम 12-13 शब्द, लाइन के अंत में शब्द न टूटे, पृष्ठ के अंत में लाइन अधूरी न रहे।
  • एक से दस तक के अंक शब्दों में, 11 से 999 तक अंकों में; बड़ी संख्याएँ शब्दों में ('अट्ठाइस लाख...'), वित्तीय राशि नज़दीकी पूर्णांक में ('लगभग अट्ठाइस लाख रुपए')।
  • अपवाद: खेल के स्कोर (98 रन) और मुद्रास्फीति (दशमलव में) जस के तस।
  • प्रतिशत और डॉलर के चिह्न नहीं, 'प्रतिशत' और 'डॉलर' लिखें; आँकड़े कम और तुलनात्मक हों; समाचार कभी संख्या से शुरू न हो; तिथि बोलचाल की तरह ('15 अगस्त उन्नीस सौ पचासी')।

(ख) डेडलाइन, संदर्भ और संक्षिप्ताक्षर: डेडलाइन समाचार में ही गुँथी होती है; श्रोता का समय-फ्रेम हमेशा 'आज' है ('आज सुबह', 'आज शाम'); संक्षिप्ताक्षर से बचें, ज़रूरी हो तो पहले पूरा नाम दें (डब्ल्यूटीओ, यूनिसेफ़ जैसे लोकप्रिय संक्षिप्ताक्षर सीधे चल सकते हैं)।

Worked example

रेडियो के लिए यह वाक्य सुधारिए: '2837550 रु. की लागत से 85% काम पूरा हुआ।'

Try it first, then show the solutionSolution
  1. बड़ी राशि नज़दीकी पूर्णांक में, शब्दों में।
  2. % की जगह 'प्रतिशत'।

Answer: लगभग अट्ठाइस लाख रुपए की लागत से पचासी प्रतिशत काम पूरा हो गया है।

टेलीविज़न: दृश्य के साथ लेखन और खबरों के चरण

टी.वी. देखने और सुनने का माध्यम है; बुनियादी शर्त है 'दृश्य के साथ लेखन'—कम से कम शब्दों में ज़्यादा से ज़्यादा खबर। खबर दो हिस्सों में: पहले एंकर बिना दृश्य के मुख्य सूचना पढ़ता है, फिर दृश्य दिखाए जाते हैं।

खबर के चरण:
1. फ़्लैश या ब्रेकिंग न्यूज़: कम से कम शब्दों में तुरंत सूचना।
2. ड्राई एंकर: दृश्य आने तक एंकर रिपोर्टर से मिली जानकारी सीधे बताता है।
3. फ़ोन-इन: घटनास्थल पर मौजूद रिपोर्टर से फ़ोन पर बात।
4. एंकर-विजुअल: दृश्यों के आधार पर लिखी खबर एंकर पढ़ता है।
5. एंकर-बाइट: बाइट यानी कथन; प्रत्यक्षदर्शी या संबंधित व्यक्ति का कथन खबर को प्रामाणिकता देता है।
6. लाइव: घटनास्थल से ओ.बी. वैन के ज़रिये सीधा प्रसारण।
7. एंकर-पैकेज: दृश्य, बाइट, ग्राफ़िक सहित खबर की संपूर्ण प्रस्तुति।

नेट साउंड: शूटिंग के समय अपने-आप आने वाली प्राकृतिक आवाज़ें (नारे, चिड़ियों का चहचहाना, मशीन की आवाज़); वॉयस ओवर में इनके लिए जगह छोड़नी चाहिए।

Worked example

एंकर-बाइट और नेट साउंड में क्या अंतर है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. बाइट = किसी व्यक्ति का कथन।
  2. नेट साउंड = दृश्य के साथ आने वाली प्राकृतिक आवाज़।

Answer: बाइट किसी प्रत्यक्षदर्शी या संबंधित व्यक्ति का कथन है जो खबर की पुष्टि करता है, जबकि नेट साउंड शूटिंग के समय अपने-आप रिकॉर्ड होने वाली प्राकृतिक आवाज़ें हैं, जैसे नारे या गाड़ियों का शोर, जो खबर का माहौल बनाती हैं।

रेडियो और टी.वी. समाचार की भाषा

रेडियो-टी.वी. आम आदमी के माध्यम हैं (पढ़े-लिखे से निरक्षर तक), इसलिए भाषा बोलचाल की, सरल और गरिमापूर्ण हो।

  • वाक्य छोटे, सीधे, स्पष्ट; लिखकर बोल-बोलकर पढ़ें।
  • 'निम्नलिखित', 'उपरोक्त', 'अधोहस्ताक्षरित', 'क्रमांक' जैसे शब्द वर्जित।
  • 'द्वारा' से बचें: 'पुलिस द्वारा चोरी करते हुए दो व्यक्तियों को पकड़ लिया गया' की जगह 'पुलिस ने दो व्यक्तियों को चोरी करते हुए पकड़ लिया'।
  • 'तथा, एवं, अथवा, व, किंतु, परंतु, यथा' की जगह 'और, या, लेकिन'।
  • गैरज़रूरी विशेषण, सामासिक-तत्सम शब्द, अतिरंजित उपमाएँ नहीं।
इंटरनेट पत्रकारिता

इंटरनेट पर अखबारों का प्रकाशन या खबरों का आदान-प्रदान ही इंटरनेट पत्रकारिता है। खूबियाँ: अंतरक्रियात्मकता (इंटरएक्टिविटी), सूचनाओं का विशाल भंडार, तुरंत बैकग्राउंडर; टेलीप्रिंटर पर मिनट में 80 शब्द जाते थे, अब एक सेकंड में लगभग 70 हज़ार शब्द।

विश्व में तीन दौर: पहला 1982-1992 (प्रयोग, एओएल), दूसरा 1993-2001 (एचटीएमएल, ईमेल, ब्राउज़र; डॉटकॉम का उफ़ान और बुलबुला), तीसरा 2002 से।

भारत में: पहला दौर 1993 से, दूसरा 2003 से। सच्ची वेब पत्रकारिता: रीडिफ़ डॉटकॉम (भारत की पहली गंभीर साइट), इंडियाइंफोलाइन, सीफी; विशुद्ध वेब पत्रकारिता का श्रेय तहलका डॉटकॉम को।

हिंदी नेट संसार: शुरुआत 'वेब दुनिया' (इंदौर, नयी दुनिया समूह) से; 'प्रभासाक्षी' केवल इंटरनेट पर; पाठ के अनुसार सर्वश्रेष्ठ हिंदी साइट बीबीसी की। सबसे बड़ी समस्या: फ़ॉन्ट और की-बोर्ड का मानकीकरण न होना।

विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन in real life

Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.

एक ही खबर, अलग माध्यम

मान लीजिए आपके स्कूल के खेल-दिवस पर एक छात्रा ने राज्य-स्तरीय रिकॉर्ड तोड़ा है और आपको यह खबर स्कूल पत्रिका, स्कूल रेडियो और स्कूल के यूट्यूब चैनल तीनों के लिए तैयार करनी है।

तीनों माध्यमों के लिए लेखन में क्या अंतर रखेंगे?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. पत्रिका: उलटा पिरामिड, पूरा ब्योरा, आँकड़े, फ़ोटो कैप्शन।
  2. रेडियो: छोटे वाक्य, 'आज', अंक शब्दों में; वीडियो: दृश्य के साथ लेखन, छात्रा की बाइट, तालियों का नेट साउंड।

Answer: पत्रिका में विस्तृत, विश्लेषणात्मक रिपोर्ट; रेडियो में सरल, बोलचाल की छोटी खबर; वीडियो में दृश्यों पर आधारित छोटी स्क्रिप्ट, जिसमें छात्रा का कथन और मैदान की आवाज़ें हों। खबर एक, लेखन तीन तरह का।

Memory hook: पढ़ो, सुनो, देखो: तीन माध्यम, तीन ढंग।

अफ़वाह और इंटरनेट

कल्पना कीजिए कि आपके मोहल्ले के व्हाट्सऐप समूह पर संदेश आता है कि कल से स्कूल एक सप्ताह के लिए बंद हैं, पर कोई आधिकारिक सूचना नहीं है।

इंटरनेट पत्रकारिता के बारे में पाठ की सीख से आप क्या करेंगे?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. इंटरनेट पर सूचना तुरंत फैलती है, पर पुष्टि ज़रूरी है।
  2. स्कूल की वेबसाइट या आधिकारिक सूचना से मिलान करें, तब आगे भेजें।

Answer: मैं संदेश आगे भेजने से पहले स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट या शिक्षक से पुष्टि करूँगा। तेज़ी इंटरनेट की ताकत है, पर बिना पुष्टि की खबर उसकी सबसे बड़ी कमज़ोरी।

Memory hook: पहले पुष्टि, फिर फ़ॉरवर्ड।

रेडियो की भाषा

मान लीजिए आप सामुदायिक रेडियो पर गाँव के किसानों के लिए मौसम और फ़सल की खबर पढ़ने वाले हैं, और आपकी कॉपी में लिखा है: 'उपरोक्त क्षेत्रों में 72.6% वर्षा हुई।'

इसे रेडियो के अनुकूल कैसे बनाएँगे?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. 'उपरोक्त' जैसे शब्द वर्जित; श्रोता पीछे लौटकर नहीं सुन सकता।
  2. दशमलव को पूर्णांक में, % को 'प्रतिशत' में बदलें; क्षेत्र का नाम दोहराएँ।

Answer: 'इन तीनों ज़िलों में इस बार सामान्य की लगभग तिहत्तर प्रतिशत बारिश हुई है।' यह किसान एक बार सुनकर समझ जाएँगे।

Memory hook: कान के लिए लिखो।

Topics in this chapter

How the board asks विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन

The question patterns to expect, and the method that works for each.

Question typeHow it is askedMethod
परिभाषा / संक्षिप्त अवधारणा (2 अंक, लगभग 40 शब्द)उलटा पिरामिड शैली क्या है? ड्राई एंकर / फ़ोन-इन / एंकर-बाइट / नेट साउंड किसे कहते हैं? डेडलाइन क्या है? रेडियो एकरेखीय माध्यम क्यों?पहले वाक्य में सीधी परिभाषा, दूसरे में एक उदाहरण या विशेषता। 40 शब्दों के आसपास रुकें।
तुलना / खूबियाँ-खामियाँ (4 अंक, लगभग 80 शब्द)प्रिंट, रेडियो, टी.वी., इंटरनेट में से किसी की खूबियाँ और सीमाएँ; रेडियो और टी.वी. समाचार में अंतर; कौन-सा माध्यम श्रोताओं को सबसे अधिक बाँधता है।दो खूबियाँ + दो सीमाएँ या दोनों माध्यमों के तीन-चार बिंदु; अंत में एक पंक्ति का निष्कर्ष (माध्यम पूरक हैं)।
लेखन-नियम / अनुप्रयोग (4 अंक)रेडियो समाचार लिखते समय ध्यान रखने योग्य बातें; किसी घटना की खबर टी.वी. के लिए कैसे लिखेंगे; रेडियो-टी.वी. की भाषा।नियम बिंदुवार (अंक, संक्षिप्ताक्षर, समय-संदर्भ, कॉपी) और जहाँ हो सके एक छोटा उदाहरण।
इंटरनेट पत्रकारिता (2 या 4 अंक)इंटरनेट पत्रकारिता क्या है; भारत/विश्व में इसके दौर; हिंदी नेट पत्रकारिता की शुरुआत और समस्याएँ; इसके लाभ और दुष्परिणाम।तिथियाँ और नाम सही लिखें (1982-92, 1993-2001, 2002 से; भारत 1993, 2003; वेब दुनिया, प्रभासाक्षी, रीडिफ़, तहलका)।

Tricks to remember विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन

Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.

  • टी.वी. खबर के 7 चरण: 'फ़्ला-ड्रा-फ़ो-वि-बा-ला-पै'

    फ़्लैश → ड्राई एंकर → फ़ोन-इन → एंकर-विजुअल → एंकर-बाइट → लाइव → एंकर-पैकेज।

    Use it when: टी.वी. खबर के चरण वाले 4 अंक के प्रश्न में क्रम सही रखने के लिए।

  • इंटरनेट पत्रकारिता के दौर: '82-93-02 / 93-03'

    विश्व: 1982-1992, 1993-2001, 2002 से; भारत: 1993 और 2003।

    Use it when: इतिहास वाले प्रश्न में।

  • रेडियो अंक-नियम: '1-10 शब्द, 11-999 अंक, बड़ी संख्या शब्द'

    चिह्न नहीं, शब्द: प्रतिशत, डॉलर; स्कोर और मुद्रास्फीति अपवाद; खबर अंक से शुरू नहीं।

    Use it when: रेडियो लेखन के नियमों में।

विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन: board-level solved questions

Ordered from board level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.

Example 1: उलटा पिरामिड शैली · 2 marks · Short answerBoard level

उलटा पिरामिड शैली क्या है? (लगभग 40 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. सबसे महत्त्वपूर्ण तथ्य पहले।
  2. इंट्रो, बॉडी, समापन।

Answer: उलटा पिरामिड समाचार-लेखन की सबसे प्रचलित शैली है, जिसमें सबसे महत्त्वपूर्ण तथ्य सबसे पहले और बाकी सूचनाएँ घटते महत्त्व-क्रम में दी जाती हैं। इसके तीन हिस्से हैं: इंट्रो (मुखड़ा), बॉडी और समापन; इसमें कोई निष्कर्ष नहीं होता।

Example 2: रेडियो समाचार के नियम · 4 marks · Short answerHarder board level

रेडियो के लिए समाचार लेखन करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? (लगभग 80 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. कॉपी।
  2. अंक और आँकड़े।
  3. समय-संदर्भ और संक्षिप्ताक्षर।
  4. भाषा।

Answer: रेडियो समाचार की कॉपी साफ़-सुथरी, ट्रिपल स्पेस में टाइप्ड हो, एक लाइन में 12-13 शब्द हों और लाइन के अंत में शब्द न टूटे, ताकि वाचक अटके नहीं। एक से दस तक के अंक शब्दों में और बड़ी राशियाँ नज़दीकी पूर्णांक में लिखी जाएँ; % की जगह 'प्रतिशत' हो और समाचार संख्या से शुरू न हो। श्रोता के लिए समय-फ्रेम 'आज' होता है, इसलिए 'आज सुबह', 'आज शाम' लिखें। संक्षिप्ताक्षरों से बचें, और भाषा बोलचाल की, छोटे वाक्यों वाली हो।

Example 3: टी.वी. खबर के चरण · 4 marks · Short answerBoard level

टी.वी. पर किसी बड़ी घटना की खबर दर्शकों तक किन चरणों में पहुँचती है? (लगभग 80 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. फ़्लैश, ड्राई एंकर, फ़ोन-इन।
  2. एंकर-विजुअल, एंकर-बाइट।
  3. लाइव, एंकर-पैकेज।

Answer: सबसे पहले फ़्लैश या ब्रेकिंग न्यूज़ में कम शब्दों में सूचना दी जाती है। फिर ड्राई एंकर दृश्य आने तक रिपोर्टर से मिली जानकारी बताता है। फ़ोन-इन में घटनास्थल पर मौजूद रिपोर्टर फ़ोन से जानकारी देता है। दृश्य मिलने पर एंकर-विजुअल और प्रत्यक्षदर्शियों के कथन मिलने पर एंकर-बाइट से खबर प्रामाणिक बनती है। लाइव में ओ.बी. वैन से सीधा प्रसारण होता है और अंत में एंकर-पैकेज में दृश्य, बाइट और ग्राफ़िक के साथ खबर पूरी तरह पेश की जाती है।

Example 4: रेडियो बनाम टी.वी. · 4 marks · Short answerHarder board level

रेडियो और टेलीविज़न समाचार में क्या अंतर है? (लगभग 80 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. श्रव्य बनाम दृश्य-श्रव्य।
  2. शब्द की भूमिका।
  3. लेखन की शर्त।

Answer: रेडियो केवल श्रव्य माध्यम है, जबकि टी.वी. देखने और सुनने दोनों का माध्यम है। दोनों एकरेखीय हैं, पर रेडियो में शब्द और आवाज़ ही सब कुछ हैं, इसलिए हर बात शब्दों से स्पष्ट करनी पड़ती है। टी.वी. में दृश्य सबसे महत्त्वपूर्ण हैं और शब्द उनके सहयोगी होते हैं; लिखने की शर्त है 'दृश्य के साथ लेखन'। रेडियो में बाइट और ध्वनि सुनाई जाती है, जबकि टी.वी. में बाइट के साथ दृश्य और नेट साउंड भी खबर का माहौल बनाते हैं।

Example 5: इंटरनेट पत्रकारिता: लाभ और खतरे · 4 marks · Short answerHOTS / competency

इंटरनेट पत्रकारिता सूचनाएँ तत्काल उपलब्ध कराती है, पर इसके कुछ दुष्परिणाम भी हैं। उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। (लगभग 80 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. लाभ: तात्कालिकता, अंतरक्रिया, बैकग्राउंडर।
  2. दुष्परिणाम: अपुष्ट खबरें, अफ़वाहें, जल्दबाज़ी।
  3. उपाय।

Answer: इंटरनेट पर खबर पलक झपकते लाखों लोगों तक पहुँचती है, पाठक तुरंत प्रतिक्रिया दे सकता है और किसी भी खबर का बैकग्राउंडर मिनटों में मिल जाता है। पर इसी तेज़ी के दुष्परिणाम भी हैं: बिना पुष्टि की खबरें और अफ़वाहें तेज़ी से फैलती हैं, जैसे किसी दुर्घटना में मृतकों की गलत संख्या या किसी व्यक्ति की मृत्यु की झूठी खबर। जल्दबाज़ी में तथ्य, भाषा और संतुलन की अनदेखी होती है। इसलिए इंटरनेट पत्रकारिता में भी पुष्टि और ज़िम्मेदारी उतनी ही ज़रूरी है जितनी अखबार में।

Where the marks are

How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.

रेडियो के लिए समाचार लेखन करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? (लगभग 80 शब्द) (4 marks)

StepMarks
साफ़-सुथरी टाइप्ड कॉपी (ट्रिपल स्पेस, 12-13 शब्द प्रति लाइन, शब्द न टूटे)1
अंकों और आँकड़ों के नियम (1-10 शब्दों में, बड़ी राशि पूर्णांक में, प्रतिशत, अंक से शुरुआत नहीं)1
समय-संदर्भ 'आज' और संक्षिप्ताक्षरों से बचना1
सरल बोलचाल की भाषा, छोटे वाक्य; प्रस्तुति1

उलटा पिरामिड शैली क्या है? (लगभग 40 शब्द) (2 marks)

StepMarks
सबसे महत्त्वपूर्ण तथ्य पहले, फिर घटते महत्त्व-क्रम में1
इंट्रो-बॉडी-समापन; निष्कर्ष नहीं1

Where students lose marks in विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन

The slips examiners see most often, and what to write instead.

  • Mistake: उलटा पिरामिड में 'निष्कर्ष' को एक हिस्सा बताना

    पाठ स्पष्ट कहता है कि इस शैली में कोई निष्कर्ष नहीं होता; हिस्से हैं इंट्रो, बॉडी और समापन (समापन भी काटा जा सकता है)।

    Do this: तीन हिस्से सही नामों से लिखें और 'निष्कर्ष नहीं' जोड़ें।

    Usually costs: 1 अंक

  • Mistake: बाइट को 'खबर का छोटा टुकड़ा' लिखना

    पाठ में बाइट का अर्थ है 'कथन', यानी किसी व्यक्ति का बयान जो खबर को प्रामाणिक बनाता है।

    Do this: 'बाइट यानी कथन' से उत्तर शुरू करें।

    Usually costs: 1 अंक

  • Mistake: 4 अंक के तुलना-प्रश्न में केवल एक माध्यम के बारे में लिखना

    तुलना में दोनों पक्षों के बिंदु चाहिए; एकतरफ़ा उत्तर में आधे अंक ही मिलते हैं।

    Do this: दो कॉलम सोचकर लिखें: रेडियो में..., जबकि टी.वी. में...।

    Usually costs: 2 अंक

  • Mistake: इंटरनेट पत्रकारिता के दौर या साइटों के नाम गड़बड़ करना

    तिथियाँ और नाम तथ्य हैं; हिंदी नेट पत्रकारिता 'वेब दुनिया' से शुरू हुई, 'प्रभासाक्षी' केवल इंटरनेट पर है, विशुद्ध वेब पत्रकारिता का श्रेय 'तहलका डॉटकॉम' को।

    Do this: स्मृति-सूत्र से तिथियाँ और साइटें दोहराएँ।

    Usually costs: 1 अंक

  • Mistake: 2 अंक के प्रश्न में 80-100 शब्द लिख देना

    लंबा उत्तर अतिरिक्त अंक नहीं देता और 4 अंक वाले प्रश्नों का समय खा जाता है।

    Do this: 2 अंक: परिभाषा + एक उदाहरण, लगभग 40 शब्द।

    Usually costs: समय

Practice questions on विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन

Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.

  1. Q1 · 2 marks · Short answerBoard level

    डेडलाइन किसे कहते हैं? प्रिंट माध्यम में इसका क्या महत्त्व है? (लगभग 40 शब्द)

    Hint

    प्रकाशन के लिए सामग्री स्वीकार करने की समय-सीमा।

    Answer

    अखबार या पत्रिका में समाचार या रिपोर्ट को प्रकाशन के लिए स्वीकार करने की निश्चित समय-सीमा डेडलाइन कहलाती है। इसके बाद आई सामग्री प्रायः नहीं छपती, इसलिए प्रिंट के पत्रकार को समय-सीमा का पूरा ध्यान रखना पड़ता है।

  2. Q2 · 2 marks · Short answerHarder board level

    फ़ोन-इन और लाइव में क्या अंतर है? (लगभग 40 शब्द)

    Hint

    फ़ोन पर आवाज़ बनाम ओ.बी. वैन से दृश्य।

    Answer

    फ़ोन-इन में घटनास्थल पर मौजूद रिपोर्टर एंकर से फ़ोन पर बात करके केवल आवाज़ के ज़रिये जानकारी देता है। लाइव में रिपोर्टर और कैमरामैन ओ.बी. वैन के ज़रिये घटनास्थल से दृश्यों सहित सीधा प्रसारण करते हैं।

  3. Q3 · 2 marks · Short answerHarder board level

    रेडियो-टी.वी. समाचार में 'द्वारा', 'तथा', 'उपरोक्त' जैसे शब्दों से क्यों बचना चाहिए? उदाहरण दीजिए। (लगभग 40 शब्द)

    Hint

    आम आदमी के माध्यम; भ्रामक अर्थ।

    Answer

    रेडियो-टी.वी. आम लोगों के माध्यम हैं, इसलिए बोलचाल की भाषा चाहिए। 'द्वारा' कभी भ्रम पैदा करता है: 'पुलिस द्वारा चोरी करते हुए दो व्यक्तियों को पकड़ा गया' की जगह 'पुलिस ने दो व्यक्तियों को चोरी करते पकड़ा' स्पष्ट है। 'तथा' की जगह 'और' बेहतर है।

  4. Q4 · 4 marks · Short answerBoard level

    मुद्रित माध्यम में लेखन के लिए ध्यान रखने योग्य बातें लिखिए। (लगभग 80 शब्द)

    Hint

    भाषा, समय-सीमा और जगह, गलतियाँ, तारतम्यता, पाठक।

    Answer

    मुद्रित माध्यम में भाषा, व्याकरण, वर्तनी और शैली का पूरा ध्यान रखना चाहिए और प्रचलित भाषा का प्रयोग करना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग समझ सकें। डेडलाइन और आवंटित जगह (शब्द-सीमा) का अनुशासन हर हाल में मानना पड़ता है। छपने से पहले सभी गलतियाँ और अशुद्धियाँ ठीक करनी चाहिए, क्योंकि छपी गलती अगले अंक तक बनी रहती है। लेखन में सहज प्रवाह के लिए तारतम्यता ज़रूरी है, और पाठकों के भाषा-ज्ञान, शैक्षिक स्तर तथा रुचियों का ध्यान रखना चाहिए।

  5. Q5 · 4 marks · Short answerHarder board level

    भारत और हिंदी में इंटरनेट पत्रकारिता के विकास पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। (लगभग 80 शब्द)

    Hint

    दो दौर; रीडिफ़, तहलका; वेब दुनिया, प्रभासाक्षी; फ़ॉन्ट की समस्या।

    Answer

    भारत में इंटरनेट पत्रकारिता का पहला दौर 1993 से और दूसरा 2003 से माना जाता है। पहले दौर में डॉटकॉम का तूफ़ान आया और बुलबुले की तरह फूट गया। रीडिफ़ डॉटकॉम को गंभीर इंटरनेट पत्रकारिता करने वाली पहली भारतीय साइट और तहलका डॉटकॉम को विशुद्ध वेब पत्रकारिता का श्रेय दिया जाता है। हिंदी में नेट पत्रकारिता इंदौर के नयी दुनिया समूह के 'वेब दुनिया' से शुरू हुई; 'प्रभासाक्षी' केवल इंटरनेट पर छपता है। हिंदी वेब पत्रकारिता की सबसे बड़ी समस्या फ़ॉन्ट और की-बोर्ड का मानकीकरण न होना बताई गई है।

  6. Q6 · 4 marks · Short answerHOTS / competency

    श्रोताओं या पाठकों को बाँधकर रखने की दृष्टि से प्रिंट, रेडियो और टी.वी. में से सबसे सशक्त माध्यम कौन-सा है? पक्ष-विपक्ष में तर्क दीजिए। (लगभग 80 शब्द)

    Hint

    टी.वी. के दृश्य बनाम प्रिंट का स्थायित्व बनाम रेडियो की सीमा।

    Answer

    मेरे विचार में टी.वी. सबसे सशक्त है, क्योंकि उसमें दृश्य, ध्वनि और शब्द तीनों हैं; लाइव प्रसारण और घटनाओं की तसवीरें दर्शक को जीवंतता का एहसास कराती हैं और निरक्षर भी उसे समझ लेते हैं। विपक्ष में तर्क है कि टी.वी. एकरेखीय है और दर्शक चैनल बदल सकता है, जबकि प्रिंट का पाठक अपनी गति से पढ़ता, रुककर सोचता और दोबारा पढ़ता है। रेडियो के लिए श्रोता को बाँधे रखना सबसे कठिन है। अंततः सब माध्यम एक-दूसरे के पूरक हैं।

Test your recall

Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.

  1. 1.भारत में पहला छापाखाना कब और कहाँ खुला?Show answer

    1556 में, गोवा में (मिशनरियों ने खोला)।

  2. 2.आधुनिक छापेखाने के आविष्कार का श्रेय किसे है?Show answer

    जर्मनी के गुटेनबर्ग को।

  3. 3.कितने प्रतिशत खबरें उलटा पिरामिड शैली में लिखी जाती हैं?Show answer

    लगभग 90 प्रतिशत।

  4. 4.रेडियो कॉपी की एक लाइन में अधिकतम कितने शब्द हों?Show answer

    12-13 शब्द।

  5. 5.इंट्रो को हिंदी में क्या कहते हैं?Show answer

    मुखड़ा (लीड)।

  6. 6.भारत में विशुद्ध वेब पत्रकारिता शुरू करने का श्रेय किसे है?Show answer

    तहलका डॉटकॉम को।

Quick revision checklist

The night before the exam: can you do each of these without looking?

  • चार माध्यम: प्रिंट (पढ़ना), रेडियो (सुनना), टी.वी. (देखना-सुनना), इंटरनेट (सब + अंतरक्रिया); माध्यम पूरक हैं, प्रतिद्वंद्वी नहीं।
  • प्रिंट: सबसे पुराना; स्थायित्व, लिखित भाषा, चिंतन-विश्लेषण; सीमाएँ: निरक्षर, तात्कालिकता नहीं, डेडलाइन, जगह, छपी गलती।
  • रेडियो: श्रव्य, एकरेखीय, श्रोताओं से संचालित; टाइप्ड कॉपी, अंक-नियम, 'आज', संक्षिप्ताक्षर से बचें।
  • उलटा पिरामिड: सबसे ज़रूरी पहले; इंट्रो (मुखड़ा), बॉडी, समापन; निष्कर्ष नहीं; ~90% खबरें।
  • टी.वी.: दृश्य के साथ लेखन; फ़्लैश, ड्राई एंकर, फ़ोन-इन, एंकर-विजुअल, एंकर-बाइट (कथन), लाइव (ओ.बी. वैन), एंकर-पैकेज; नेट साउंड।
  • रेडियो-टी.वी. भाषा: बोलचाल, छोटे वाक्य; 'द्वारा', 'उपरोक्त', 'तथा' से बचें।
  • इंटरनेट: विश्व 1982-92, 1993-2001, 2002 से; भारत 1993, 2003; रीडिफ़, तहलका; हिंदी: वेब दुनिया, प्रभासाक्षी, बीबीसी; समस्या: फ़ॉन्ट, की-बोर्ड।

विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन: frequently asked questions

इस पाठ से बोर्ड परीक्षा में कितने अंक के प्रश्न आते हैं?

खंड ख में पाठ 3, 4, 5, 11 और 13 पर लगभग 40 शब्दों के 2-2 अंक वाले (5 में से 4) और लगभग 80 शब्दों के 4-4 अंक वाले (3 में से 2) प्रश्न आते हैं; इस पाठ से इनमें से कोई भी प्रश्न आ सकता है।

रेडियो को श्रोताओं से संचालित माध्यम क्यों कहा जाता है?

क्योंकि रेडियो में सब कुछ ध्वनि और शब्दों पर टिका है और श्रोता पीछे लौटकर नहीं सुन सकता; भ्रामक या अरुचिकर लगे तो वह तुरंत स्टेशन बदल सकता है, इसलिए लेखन श्रोता को ध्यान में रखकर होता है।

नेट साउंड किसे कहते हैं?

टी.वी. शूटिंग के समय अपने-आप रिकॉर्ड होने वाली प्राकृतिक आवाज़ें, जैसे नारे, चिड़ियों का चहचहाना या मशीन की आवाज़, नेट या नेट साउंड कहलाती हैं।

हिंदी में इंटरनेट पत्रकारिता की शुरुआत किससे हुई?

इंदौर के नयी दुनिया समूह के पोर्टल 'वेब दुनिया' से।

Based on: CBSE हिंदी (आधार) पाठ्यक्रम (302), कक्षा 12, 2026-27; NCERT अभिव्यक्ति और माध्यम (Reprint 2025-26), पाठ 3: विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन