ICSE Class 8 Hindi संज्ञा, लिंग, वचन और कारक
Updated 15 October 2026 · Fact-checked
ICSE कक्षा 8 हिंदी में संज्ञा के तीन भेद (व्यक्तिवाचक, जातिवाचक, भाववाचक), भाववाचक संज्ञा बनाना और व्यक्तिवाचक का जातिवाचक प्रयोग पढ़ा जाता है। साथ ही वाक्यों में लिंग और वचन बदलना, तथा आठ कारकों के परसर्ग (ने, को, से, का, में, पर) सही ढंग से लगाना सिखाया जाता है।
What संज्ञा, लिंग, वचन और कारक is about
CISCE के उच्च प्राथमिक पाठ्यक्रम में कक्षा 8 की तीसरी थीम व्याकरण और भाषा है। इसमें संज्ञा से जुड़े ये बिंदु दिए हैं:
- संज्ञा के तीन भेद: व्यक्तिवाचक, जातिवाचक, भाववाचक;
- भाववाचक संज्ञाओं का निर्माण;
- व्यक्तिवाचक संज्ञा का जातिवाचक प्रयोग और इसके उलट;
- व्यावहारिक भाषा में लिंग और वचन का प्रयोग और वाक्यों में लिंग-वचन परिवर्तन;
- कारक और लिखित तथा मौखिक भाषा में सही परसर्गों का प्रयोग।
याद रखें: हिंदी में संज्ञा का लिंग और वचन बदलते ही विशेषण और क्रिया भी बदलते हैं ('अच्छा लड़का आया' → 'अच्छी लड़कियाँ आईं')। इसलिए इस अध्याय में पूरा वाक्य बदलना होता है, केवल एक शब्द नहीं। CISCE कक्षा 8 का प्रश्न-पत्र नहीं बनाता; विद्यालय व्याकरण-खंड में ऐसे प्रश्न देते हैं, और कक्षा 9-10 के ICSE व्याकरण-प्रश्न में भी लिंग, वचन और शुद्ध वाक्य के प्रश्न आते हैं।
Weightage: CISCE कक्षा 8 हिंदी का कोई प्रश्न-पत्र या अंक-विभाजन प्रकाशित नहीं करता; व्याकरण के प्रश्न और उनकी जाँच विद्यालय करता है।Source: CISCE उच्च प्राथमिक पाठ्यक्रम (कक्षा 6-8), RDCD 2016, हिंदी (कक्षा 8)
Key concepts
- संज्ञा और उसके तीन भेद
किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी या भाव के नाम को संज्ञा कहते हैं।
- व्यक्तिवाचक: किसी एक विशेष व्यक्ति, स्थान या वस्तु का नाम: गंगा, दिल्ली, हिमालय, सुभाष चंद्र बोस, रामायण।
- जातिवाचक: पूरी जाति या वर्ग का बोध कराने वाला नाम: नदी, शहर, पर्वत, लड़का, पुस्तक, गाय। (समूह के नाम जैसे सेना, कक्षा और द्रव्य के नाम जैसे सोना, दूध भी इसी में गिने जाते हैं।)
- भाववाचक: गुण, दशा, भाव या क्रिया का नाम, जिसे छुआ या देखा नहीं जा सकता, केवल अनुभव किया जाता है: मित्रता, बचपन, सुंदरता, थकान, क्रोध, मिठास।
पहचान: 'एक ही है?' तो व्यक्तिवाचक; 'पूरा वर्ग?' तो जातिवाचक; 'छू नहीं सकते, केवल अनुभव?' तो भाववाचक।
Worked example
रेखांकित संज्ञा का भेद बताइए: (क) गंगा पवित्र नदी है। (ख) बाग़ में बच्चे खेल रहे हैं। (ग) उसकी ईमानदारी सबको पसंद है।
Try it first, then show the solutionSolution
- गंगा: एक विशेष नदी का नाम।
- बच्चे: पूरे वर्ग का नाम।
- ईमानदारी: गुण, जिसे केवल अनुभव किया जाता है।
Answer: (क) व्यक्तिवाचक (ख) जातिवाचक (ग) भाववाचक।
- भाववाचक संज्ञा का निर्माण
भाववाचक संज्ञाएँ पाँच प्रकार के शब्दों में प्रत्यय लगाकर बनती हैं:
मूल शब्द उदाहरण जातिवाचक संज्ञा से मित्र → मित्रता, बच्चा → बचपन, मनुष्य → मनुष्यता, लड़का → लड़कपन सर्वनाम से अपना → अपनापन, मम → ममता, निज → निजता विशेषण से सुंदर → सुंदरता, मीठा → मिठास, बूढ़ा → बुढ़ापा, लंबा → लंबाई, चतुर → चतुराई, गर्म → गर्मी क्रिया से हँसना → हँसी, पढ़ना → पढ़ाई, लिखना → लिखावट, घबराना → घबराहट, बचना → बचाव, थकना → थकान अव्यय से दूर → दूरी, निकट → निकटता, शीघ्र → शीघ्रता ध्यान दें: प्रत्यय लगने पर मूल शब्द का स्वर कई बार बदल जाता है (मीठा → मिठास, बूढ़ा → बुढ़ापा, लड़का → लड़कपन)।
Worked example
भाववाचक संज्ञा बनाइए: (क) बूढ़ा (ख) घबराना (ग) अपना (घ) मनुष्य।
Try it first, then show the solutionSolution
- मूल शब्द का भेद पहचानें: विशेषण, क्रिया, सर्वनाम, जातिवाचक संज्ञा।
- उचित प्रत्यय लगाएँ: आपा, आहट, पन, ता।
Answer: (क) बुढ़ापा (ख) घबराहट (ग) अपनापन (घ) मनुष्यता।
- व्यक्तिवाचक का जातिवाचक प्रयोग और इसके उलट
व्यक्तिवाचक → जातिवाचक: जब किसी प्रसिद्ध व्यक्ति का नाम उसके गुण के लिए पूरे वर्ग पर लगे:
- 'वह अपने गाँव का हरिश्चंद्र है।' (हरिश्चंद्र = सत्यवादी व्यक्ति)
- 'देश को आज भी अनेक भगत सिंहों की आवश्यकता है।' (भगत सिंह = वीर देशभक्त)
- 'घर के विभीषणों से सावधान रहो।' (विभीषण = घर का भेद देने वाला)
जातिवाचक → व्यक्तिवाचक: जब कोई सामान्य शब्द किसी एक विशेष व्यक्ति के लिए रूढ़ हो जाए:
- 'नेताजी ने आज़ाद हिंद फ़ौज का नेतृत्व किया।' (नेताजी = सुभाष चंद्र बोस)
- 'गोस्वामी जी ने रामचरितमानस की रचना की।' (गोस्वामी = तुलसीदास)
- 'राष्ट्रपिता का जन्म पोरबंदर में हुआ था।' (राष्ट्रपिता = महात्मा गांधी)
पहचान: व्यक्तिवाचक का जातिवाचक प्रयोग होने पर वह प्रायः बहुवचन में आ जाता है या 'का/की' के साथ तुलना करता है।
Worked example
बताइए कि रेखांकित संज्ञा मूल रूप में किस भेद की है और यहाँ किस भेद के रूप में प्रयुक्त है: 'हमारी कक्षा में दो-तीन एकलव्य भी हैं।'
Try it first, then show the solutionSolution
- एकलव्य: महाभारत का एक विशेष पात्र, अतः मूल रूप में व्यक्तिवाचक।
- यहाँ अर्थ: लगन से स्वयं सीखने वाले विद्यार्थी, यानी एक पूरा वर्ग।
Answer: मूल रूप में व्यक्तिवाचक; यहाँ जातिवाचक के रूप में प्रयुक्त (एकलव्य = लगनशील, स्वयं सीखने वाला शिष्य)।
- लिंग: पहचान और परिवर्तन
हिंदी में दो लिंग हैं: पुल्लिंग और स्त्रीलिंग। निर्जीव वस्तुओं का लिंग क्रिया और विशेषण से पहचानें: 'पानी ठंडा है' (पुल्लिंग), 'चाय गर्म थी' (स्त्रीलिंग)।
परिवर्तन के मुख्य नियम:- आ → ई: लड़का-लड़की, घोड़ा-घोड़ी
- अ → ई: पुत्र-पुत्री, देव-देवी
- आ → इया: बूढ़ा-बुढ़िया, चूहा-चुहिया
- इन / आइन: धोबी-धोबिन, माली-मालिन, पंडित-पंडिताइन
- नी / आनी: मोर-मोरनी, शेर-शेरनी, सेठ-सेठानी, नौकर-नौकरानी
- वान → वती, मान → मती: गुणवान-गुणवती, बुद्धिमान-बुद्धिमती, श्रीमान-श्रीमती
- अक → इका: लेखक-लेखिका, अध्यापक-अध्यापिका
- अलग शब्द: पिता-माता, राजा-रानी, भाई-बहन, बैल-गाय, सम्राट-सम्राज्ञी, वर-वधू
कुछ प्राणी नित्य पुल्लिंग (कौआ, खरगोश, चीता) या नित्य स्त्रीलिंग (मक्खी, कोयल, चील, मैना) हैं; इनके साथ 'नर' या 'मादा' लगाते हैं: मादा कौआ, नर कोयल।
जिनके लिंग में गलती होती है: दही, मोती, पानी, हाथी, दिन, महीनों के नाम (पुल्लिंग); चाय, आग, सरकार, पुस्तक, आत्मा, भाषाओं के नाम (स्त्रीलिंग)।Worked example
लिंग बदलकर वाक्य फिर से लिखिए: 'बुद्धिमान लेखक अपने घोड़े पर बैठकर गया।'
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- बुद्धिमान → बुद्धिमती, लेखक → लेखिका, घोड़े → घोड़ी।
- क्रिया भी बदलें: बैठकर गया → बैठकर गई।
- 'अपने' 'घोड़ी' के अनुसार 'अपनी' होगा।
Answer: बुद्धिमती लेखिका अपनी घोड़ी पर बैठकर गई।
- वचन: एकवचन और बहुवचन
एकवचन: एक का बोध (लड़का, नदी); बहुवचन: एक से अधिक का बोध (लड़के, नदियाँ)।
परसर्ग के बिना बहुवचन के नियम:- आकारांत पुल्लिंग: आ → ए (कमरा-कमरे, बेटा-बेटे); पर पिता, चाचा, दादा, राजा जैसे संबंध और आदर-सूचक शब्द नहीं बदलते।
- अकारांत स्त्रीलिंग: अ → एँ (बात-बातें, पुस्तक-पुस्तकें)
- इ/ई अंत वाले स्त्रीलिंग: इयाँ (नदी-नदियाँ, तिथि-तिथियाँ, लड़की-लड़कियाँ)
- 'या' अंत वाले स्त्रीलिंग: याँ (चिड़िया-चिड़ियाँ, गुड़िया-गुड़ियाँ)
- आ, उ, ऊ अंत वाले स्त्रीलिंग: एँ (माता-माताएँ, कथा-कथाएँ, वस्तु-वस्तुएँ, बहू-बहुएँ)
- अकारांत पुल्लिंग नहीं बदलते (घर, बालक); क्रिया से पता चलता है: 'बालक आया' / 'बालक आए'।
परसर्ग के साथ (विकारी रूप) बहुवचन में 'ओं' लगता है: लड़कों ने, घरों में, नदियों का, बातों से। संबोधन बहुवचन में अनुस्वार नहीं लगता: 'बच्चो! शांत रहो।'
कुछ शब्द सदा बहुवचन (दर्शन, प्राण, हस्ताक्षर, होश) और कुछ सदा एकवचन (जनता, पानी, दूध, सोना) में प्रयोग होते हैं। आदर के लिए एक व्यक्ति के साथ भी बहुवचन क्रिया: 'पिताजी आ रहे हैं।'Worked example
वचन बदलकर वाक्य लिखिए: 'चिड़िया पेड़ की डाल पर बैठी है।'
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- चिड़िया → चिड़ियाँ; डाल → डालों ('पर' परसर्ग के कारण 'ओं')।
- पेड़ → पेड़ों (परसर्ग 'की' के कारण)।
- क्रिया: बैठी है → बैठी हैं।
Answer: चिड़ियाँ पेड़ों की डालों पर बैठी हैं।
- कारक और परसर्ग
संज्ञा या सर्वनाम का वाक्य के दूसरे शब्दों (विशेषकर क्रिया) से संबंध कारक कहलाता है। संबंध बताने वाले चिह्न परसर्ग (विभक्ति-चिह्न) हैं।
कारक परसर्ग उदाहरण कर्ता ने (कभी शून्य) सीता ने गीत गाया। कर्म को माँ ने बच्चे को सुलाया। करण से, के द्वारा वह कलम से लिखता है। संप्रदान को, के लिए पिताजी मेरे लिए घड़ी लाए। अपादान से (अलग होना) पेड़ से पत्ता गिरा। संबंध का, के, की; रा, रे, री यह राम की किताब है। अधिकरण में, पर मछली पानी में रहती है। संबोधन हे, अरे, ओ अरे मोहन! इधर आओ। दो कठिन जोड़े:
- करण बनाम अपादान ('से'): साधन हो तो करण (चाकू से काटा), अलगाव हो तो अपादान (छत से गिरा)।
- कर्म बनाम संप्रदान ('को'): जिस पर क्रिया का फल पड़े वह कर्म (मोहन को पीटा); जिसे कुछ दिया जाए या जिसके लिए क्रिया हो वह संप्रदान (भिखारी को रोटी दी)।
'ने' का नियम: सकर्मक क्रिया के पूर्णता वाले भूतकाल रूपों (खाया, खाया है, खाया था) में कर्ता के साथ 'ने' लगता है, और तब क्रिया कर्म के लिंग-वचन से चलती है: 'राम ने रोटी खाई।' अकर्मक क्रिया के साथ 'ने' नहीं: 'वह घर गया' (न कि 'उसने घर गया')। 'लाना' सकर्मक होकर भी 'ने' नहीं लेता: 'वह किताब लाया।' उलटे, नहाना, छींकना, खाँसना जैसी कुछ अकर्मक क्रियाएँ 'ने' लेती हैं: 'उसने छींका।'
लेखन-नियम: संज्ञा के साथ परसर्ग अलग लिखें (राम ने, घर में); सर्वनाम के साथ मिलाकर (उसने, मैंने, आपको, उसका)।Worked example
कारक बताइए: (क) बच्चा छत से गिर पड़ा। (ख) उसने चाकू से फल काटा। (ग) गुरुजी ने शिष्य को पुस्तक दी।
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- (क) छत से अलग होना: अपादान।
- (ख) चाकू साधन है: करण।
- (ग) शिष्य को पुस्तक दी गई: संप्रदान।
Answer: (क) अपादान (ख) करण (ग) संप्रदान।
संज्ञा, लिंग, वचन और कारक in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
लिंग और क्रिया का मेल
मान लीजिए आपकी बहन फ़ोन पर संदेश लिखती है: 'मैं स्कूल पहुँच गया।'
सुनने वाले को क्या अटपटा लगेगा?
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- कर्ता 'मैं' बहन है, यानी स्त्रीलिंग।
- क्रिया 'गया' पुल्लिंग है; मेल नहीं बैठता।
Answer: सही संदेश होगा 'मैं स्कूल पहुँच गई।' हिंदी में बोलने वाले का लिंग क्रिया में दिखता है, इसलिए लिंग की गलती तुरंत पकड़ में आती है।
Memory hook: कर्ता जैसा, क्रिया वैसी।
परसर्ग से अर्थ बदलना
कल्पना कीजिए कि दो संदेश हैं: 'रीना ने मीना को पत्र लिखा।' और 'रीना को मीना ने पत्र लिखा।'
पत्र किसने लिखा?
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- पहले वाक्य में 'ने' रीना के साथ है: लिखने वाली रीना है।
- दूसरे में 'ने' मीना के साथ है: लिखने वाली मीना है, पत्र रीना को मिला।
Answer: शब्द वही हैं, पर परसर्ग की जगह बदलते ही लिखने वाला और पाने वाला बदल जाते हैं; इसलिए परसर्ग सोच-समझकर लगाएँ।
Memory hook: छोटा परसर्ग, बड़ा अर्थ।
भाववाचक संज्ञा का प्रयोग
मान लीजिए आपको अपने मित्र के लिए जन्मदिन-कार्ड पर एक पंक्ति लिखनी है।
भाववाचक संज्ञा से पंक्ति को प्रभावी कैसे बनाएँ?
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- 'तुम अच्छे और सच्चे मित्र हो' में विशेषण हैं।
- भाववाचक रूप: 'तुम्हारी अच्छाई और सच्चाई ही हमारी मित्रता की नींव है।'
Answer: विशेषण से बनी भाववाचक संज्ञाएँ (अच्छाई, सच्चाई, मित्रता) भाव को गहराई से व्यक्त करती हैं।
Memory hook: जो छू न सको, वह भाव है।
Topics in this chapter
How the school exam asks संज्ञा, लिंग, वचन और कारक
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| संज्ञा के भेद और भाववाचक निर्माण | 'रेखांकित संज्ञा का भेद बताइए' / 'भाववाचक संज्ञा बनाइए' / 'व्यक्तिवाचक संज्ञा का जातिवाचक प्रयोग करते हुए वाक्य बनाइए।' | पहले मूल शब्द का भेद पहचानें, फिर उचित प्रत्यय लगाएँ; वर्तनी पर ध्यान दें (मिठास, बुढ़ापा)। |
| लिंग परिवर्तन | 'लिंग बदलिए' (शब्द) या 'वाक्य का लिंग बदलकर फिर से लिखिए।' | संज्ञा के साथ विशेषण, संबंध-सूचक (अपना/अपनी) और क्रिया भी बदलें। |
| वचन परिवर्तन | 'वचन बदलिए' (शब्द) या 'वाक्य का वचन बदलिए।' | परसर्ग हो तो 'ओं' वाला रूप; सहायक क्रिया 'है' → 'हैं'। |
| कारक और परसर्ग | 'कारक बताइए' / 'उचित परसर्ग भरिए' / 'शुद्ध वाक्य लिखिए।' | क्रिया से संबंध सोचें: साधन, अलगाव, देना, स्थान; 'ने' का नियम जाँचें। |
Tricks to remember संज्ञा, लिंग, वचन और कारक
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
तीन सवालों से संज्ञा
एक ही है? व्यक्तिवाचक। पूरी जाति? जातिवाचक। छू नहीं सकते? भाववाचक।
Use it when: संज्ञा के भेद पहचानना।
'से' के दो चेहरे
साधन से साधा = करण; छूटकर भागा = अपादान।
Use it when: करण और अपादान का अंतर।
'ने' का दरवाज़ा
'ने' का दरवाज़ा सकर्मक क्रिया के भूतकाल में खुलता है; 'लाना' के लिए बंद रहता है (वह किताब लाया)।
Use it when: 'ने' का सही प्रयोग।
पुकारो तो बिंदी हटाओ
बुलाने (संबोधन) में 'बच्चो!', 'भाइयो!'; परसर्ग के साथ 'बच्चों को', 'भाइयों से'।
Use it when: संबोधन बहुवचन की वर्तनी।
संज्ञा, लिंग, वचन और कारक: exam-level solved questions
Ordered from exam level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: भाववाचक संज्ञा: पाँच स्रोत · 5 marks · Short answerExam level
भाववाचक संज्ञा बनाइए और बताइए कि मूल शब्द किस भेद का है: (क) मित्र (ख) मम (ग) चतुर (घ) लिखना (ङ) निकट।
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- मित्र: जातिवाचक संज्ञा; मम: सर्वनाम; चतुर: विशेषण; लिखना: क्रिया; निकट: अव्यय।
- प्रत्यय: ता, ता, आई, आवट, ता।
Answer: (क) मित्रता (जातिवाचक संज्ञा से) (ख) ममता (सर्वनाम से) (ग) चतुराई (विशेषण से) (घ) लिखावट (क्रिया से) (ङ) निकटता (अव्यय से)।
Example 2: पूरे वाक्य का लिंग परिवर्तन · 3 marks · Short answerHarder exam level
लिंग बदलकर लिखिए: 'बूढ़ा माली अपने बेटे के साथ बाज़ार गया। वहाँ उसने एक मोर देखा।'
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- बूढ़ा माली → बूढ़ी मालिन; अपने बेटे → अपनी बेटी; गया → गई।
- मोर → मोरनी; 'ने' के कारण क्रिया कर्म से: देखा → देखी।
- 'बाज़ार' निर्जीव है, नहीं बदलेगा।
Answer: बूढ़ी मालिन अपनी बेटी के साथ बाज़ार गई। वहाँ उसने एक मोरनी देखी। (ध्यान दें: दूसरे वाक्य में कर्ता 'उसने' के साथ 'ने' है, इसलिए क्रिया कर्म 'मोरनी' के अनुसार बदली।)
Example 3: परसर्ग वाला वचन परिवर्तन · 3 marks · Short answerHarder exam level
वचन बदलकर लिखिए: 'लड़के ने कमरे की खिड़की खोली।'
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- लड़के ने → लड़कों ने (परसर्ग के साथ 'ओं')।
- कमरे की → कमरों की; खिड़की → खिड़कियाँ।
- 'ने' के कारण क्रिया कर्म (खिड़कियाँ) से: खोली → खोलीं।
Answer: लड़कों ने कमरों की खिड़कियाँ खोलीं।
Example 4: करण और अपादान का अंतर · 2 marks · Short answerHOTS / competency
दोनों वाक्यों में 'से' किस कारक का चिह्न है? कारण सहित लिखिए: (क) गंगा हिमालय से निकलती है। (ख) किसान हल से खेत जोतता है।
Try it first, then show the solutionSolution
- (क) गंगा हिमालय से अलग होकर निकलती है: अलगाव।
- (ख) हल खेत जोतने का साधन है।
Answer: (क) अपादान कारक, क्योंकि यहाँ अलग होने का भाव है। (ख) करण कारक, क्योंकि हल क्रिया का साधन है। एक ही 'से' अर्थ के अनुसार दो कारक बताता है।
Example 5: परसर्ग की अशुद्धियाँ · 3 marks · Short answerHOTS / competency
शुद्ध कीजिए: (क) मैंने कल दिल्ली जाना है। (ख) सीता ने घर गई। (ग) मेरे को पानी चाहिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- (क) आवश्यकता बताने के लिए 'मुझे ... जाना है'।
- (ख) 'जाना' अकर्मक है, इसलिए 'ने' नहीं लगेगा।
- (ग) 'मेरे को' अमानक है; 'मुझे' या 'मुझको'।
Answer: (क) मुझे कल दिल्ली जाना है। (ख) सीता घर गई। (ग) मुझे पानी चाहिए।
Example 6: व्यक्तिवाचक संज्ञा का जातिवाचक प्रयोग · 2 marks · Short answerHarder exam level
'कर्ण' और 'जयचंद' का जातिवाचक संज्ञा के रूप में प्रयोग करते हुए एक-एक वाक्य बनाइए और अर्थ स्पष्ट कीजिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- कर्ण: महाभारत के दानवीर; जातिवाचक अर्थ: बड़ा दानी।
- जयचंद: इतिहास-कथाओं में देशद्रोह का प्रतीक; जातिवाचक अर्थ: विश्वासघाती।
Answer: 'सेठ जी अपने शहर के कर्ण हैं; कोई भी ज़रूरतमंद उनके द्वार से खाली हाथ नहीं लौटता।' (कर्ण = बड़ा दानी) 'देश को जयचंदों से सदा सावधान रहना चाहिए।' (जयचंद = विश्वासघाती)
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
शब्द-स्तर के प्रश्न (भाववाचक बनाना, लिंग/वचन बदलना), हर शब्द 1/2 या 1 अंक (विद्यालय-स्तर, संकेतात्मक)। CISCE कक्षा 8 की कोई अंक-योजना प्रकाशित नहीं करता। (1 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| सही रूप और शुद्ध वर्तनी | 1 |
वाक्य का लिंग या वचन बदलना (2 अंक, संकेतात्मक)। (2 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| सभी संज्ञाएँ और विशेषण सही बदले | 1 |
| क्रिया और सहायक क्रिया का सही मेल (है/हैं, गया/गई) | 1 |
Where students lose marks in संज्ञा, लिंग, वचन और कारक
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: वाक्य में केवल संज्ञा बदलना, क्रिया नहीं
शब्द-परिवर्तन की आदत से पूरा वाक्य न देखना।
Wrong working
लड़की बाज़ार गया।
Right working
लड़की बाज़ार गई।
Do this: बदलने के बाद क्रिया, विशेषण और 'अपना/अपनी' एक बार ज़रूर जाँचें।
Usually costs: आधे या पूरे अंक।
Mistake: परसर्ग के साथ गलत बहुवचन
बिना परसर्ग वाला रूप ही लिख देना।
Wrong working
लड़के ने → लड़के ने (बहुवचन में भी वही)
Right working
लड़कों ने
Do this: परसर्ग (ने, को, से, में, का) हो तो बहुवचन में 'ओं' वाला रूप।
Usually costs: पूरा अंक।
Mistake: 'ने' का गलत प्रयोग
बोलचाल की आदत (मैंने जाना है, उसने घर गया)।
Wrong working
मैंने जाना है।
Right working
मुझे जाना है।
Do this: 'ने' केवल सकर्मक क्रिया के भूतकाल में; अकर्मक के साथ नहीं।
Usually costs: पूरा अंक।
Mistake: करण और अपादान में भ्रम
दोनों का परसर्ग 'से' है।
Do this: पूछें: साधन है (करण) या अलगाव है (अपादान)?
Usually costs: पूरा अंक।
Mistake: निर्जीव शब्दों का गलत लिंग
अंग्रेज़ी में ऐसा भेद नहीं होता।
Wrong working
दही खट्टी है। / चाय ठंडा है।
Right working
दही खट्टा है। / चाय ठंडी है।
Do this: कठिन शब्दों की सूची बनाकर याद करें: दही, मोती, पानी (पुल्लिंग); चाय, आग, आत्मा (स्त्रीलिंग)।
Usually costs: पूरा अंक।
Practice questions on संज्ञा, लिंग, वचन और कारक
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQExam level
इनमें भाववाचक संज्ञा कौन-सी है? (क) पर्वत (ख) हिमालय (ग) ऊँचाई (घ) सेना
Hint
जिसे केवल अनुभव किया जा सके।
Answer
(ग) ऊँचाई।
Q2 · 2 marks · Short answerExam level
भाववाचक संज्ञा बनाइए: (क) गर्म (ख) बचना (ग) शीघ्र (घ) लड़का।
Hint
ई, आव, ता, पन।
Answer
(क) गर्मी (ख) बचाव (ग) शीघ्रता (घ) लड़कपन।
Q3 · 2 marks · Short answerExam level
लिंग बदलिए: (क) सेठ (ख) गुणवान (ग) सम्राट (घ) अध्यापक।
Hint
आनी, वती, अलग शब्द, इका।
Answer
(क) सेठानी (ख) गुणवती (ग) सम्राज्ञी (घ) अध्यापिका।
Q4 · 2 marks · Short answerExam level
वचन बदलिए: (क) तिथि (ख) बहू (ग) गुड़िया (घ) कथा।
Hint
इयाँ, एँ, याँ, एँ।
Answer
(क) तिथियाँ (ख) बहुएँ (ग) गुड़ियाँ (घ) कथाएँ।
Q5 · 2 marks · Short answerHarder exam level
वचन बदलकर वाक्य लिखिए: 'मेरी बहन ने एक नई कहानी पढ़ी।'
Hint
'ने' के कारण क्रिया कर्म से चलेगी।
Answer
मेरी बहनों ने कई नई कहानियाँ पढ़ीं। ('एक' का बहुवचन रूप 'कई' या 'कुछ' लिखें; कर्म बहुवचन होने से 'पढ़ी' → 'पढ़ीं'।)
Q6 · 3 marks · Short answerHarder exam level
उचित परसर्ग भरिए और कारक का नाम लिखिए: (क) दादी ___ पोते ___ खिलौना खरीदा। (ख) वृक्ष ___ फल गिरा। (ग) अलमारी ___ किताबें रखी हैं।
Hint
देना/लिए, अलगाव, स्थान।
Answer
(क) दादी ने (कर्ता) पोते के लिए (संप्रदान) खिलौना खरीदा। (ख) वृक्ष से (अपादान) फल गिरा। (ग) अलमारी में (अधिकरण) किताबें रखी हैं।
Q7 · 2 marks · Short answerHOTS / competency
एक विद्यार्थी ने लिखा: 'बच्चों! ध्यान से सुनो।' और 'उसने पुस्तक लाई।' दोनों वाक्यों की अशुद्धि बताकर शुद्ध रूप लिखिए।
Hint
संबोधन बहुवचन और 'लाना' क्रिया।
Answer
(1) संबोधन बहुवचन में अनुस्वार नहीं लगता: 'बच्चो! ध्यान से सुनो।' (2) 'लाना' क्रिया के साथ 'ने' नहीं लगता, और क्रिया कर्ता (वह, पुल्लिंग) से चलती है: 'वह पुस्तक लाया।' (कर्ता स्त्रीलिंग हो तो 'वह पुस्तक लाई।')
Q8 · 2 marks · Short answerHOTS / competency
'नेताजी ने दिल्ली चलो का नारा दिया।' इस वाक्य में 'नेताजी' मूल रूप में किस भेद की संज्ञा है और यहाँ किस भेद के रूप में प्रयुक्त है?
Hint
'नेता' सामान्य शब्द है।
Answer
'नेता' मूल रूप में जातिवाचक संज्ञा है (कोई भी नेता); यहाँ 'नेताजी' एक विशेष व्यक्ति सुभाष चंद्र बोस के लिए आया है, अतः जातिवाचक संज्ञा का व्यक्तिवाचक संज्ञा के रूप में प्रयोग है।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.संज्ञा के तीन भेद कौन-से हैं?Show answer
व्यक्तिवाचक, जातिवाचक और भाववाचक।
2.'मीठा' से भाववाचक संज्ञा क्या बनेगी?Show answer
मिठास।
3.'कोयल' का पुल्लिंग कैसे लिखेंगे?Show answer
नर कोयल (कोयल नित्य स्त्रीलिंग है)।
4.'नदी' का बहुवचन क्या है?Show answer
नदियाँ।
5.'पेड़ से पत्ता गिरा' में कौन-सा कारक है?Show answer
अपादान कारक।
6.संबंध कारक के परसर्ग कौन-से हैं?Show answer
का, के, की (सर्वनाम में रा, रे, री, जैसे मेरा, तेरी)।
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप संज्ञा के तीनों भेद उदाहरण सहित पहचान सकते हैं?
- क्या आप पाँचों प्रकार के शब्दों से भाववाचक संज्ञा बना सकते हैं?
- क्या आप व्यक्तिवाचक संज्ञा का जातिवाचक प्रयोग करते हुए वाक्य बना सकते हैं?
- क्या आप लिंग बदलते समय क्रिया और विशेषण भी बदलते हैं?
- क्या आप परसर्ग वाले बहुवचन ('ओं') और संबोधन बहुवचन का अंतर जानते हैं?
- क्या आप आठों कारकों के परसर्ग और 'ने' का नियम बता सकते हैं?
संज्ञा, लिंग, वचन और कारक: frequently asked questions
क्या कक्षा 8 में संज्ञा के पाँच भेद पढ़ने हैं?
CISCE पाठ्यक्रम में तीन भेद दिए हैं: व्यक्तिवाचक, जातिवाचक, भाववाचक। कुछ पुस्तकें समूहवाचक और द्रव्यवाचक को अलग भेद मानती हैं, पर वे जातिवाचक के अंतर्गत ही आते हैं।
निर्जीव वस्तु का लिंग कैसे पहचानें?
उस शब्द के साथ 'अच्छा/अच्छी' (विशेषण) या 'गया/गई' (क्रिया) लगाकर बोलें; मानक प्रयोग में जो रूप सही बैठे वही लिंग है। संदेह हो तो शब्दकोश देखें।
परसर्ग को शब्द से मिलाकर लिखें या अलग?
संज्ञा के साथ अलग (राम ने, घर में) और सर्वनाम के साथ मिलाकर (उसने, मुझको, आपका) लिखें। यह केंद्रीय हिंदी निदेशालय की मानक वर्तनी के अनुसार है।
'मैंने जाना है' क्यों गलत है?
'जाना' अकर्मक क्रिया है और 'ने' केवल सकर्मक क्रिया के भूतकाल में लगता है। आवश्यकता बताने के लिए मानक हिंदी में 'मुझे जाना है' लिखा जाता है।
Based on: CISCE Curriculum for Upper Primary Classes (VI-VIII), Hindi (Class VIII); CISCE RDCD: Curriculum Pre-School to Class VIII