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HindiCBSE Class 10 · Course A · Board exam 2026 (session 2025-26)

CBSE Class 10 Hindi Course A: 2026 board paper, set 3/1/1

The question paper set in the CBSE Class 10 board exam of 2026, as printed: 15 questions for 80 marks, in sections, with each OR choice shown as an alternative. Try each question first, then open our solution.

Every question here has our step-by-step solution, split into the steps that earn marks. Each one was checked by an independent re-solve from the question paper.

Source: official question paper from cbse.gov.in: https://www.cbse.gov.in/cbsenew/question-paper/2026/X/Hindi_Course_A_UPD.zip (a zip; this paper is the file 3-1-1_Hindi A (1).pdf). Questions are transcribed from that PDF; figures are described in words, so check the official paper for them.

How the paper is set

SectionQuestionsWhat it has
क1-2अपठित बोध (Unseen passage and poem); 10 subparts in total; no internal choice
ख3-6व्यावहारिक व्याकरण; 4 questions, each with 5 parts, attempt any 4 (4×1=4); total 16
ग7-11पाठ्यपुस्तक एवं पूरक पाठ्यपुस्तक; Q7 and Q9 are MCQ (5×1), Q8 and Q10 attempt any 3 of 4 (3×2), Q11 attempt any 2 of 3 (2×4); total 30
घ12-15रचनात्मक लेखन; Q12 attempt 1 of 3 (6 marks); Q13-Q15 each have an internal choice (i)/(ii); total 20

Instructions in brief: No overall choice; internal choices (अथवा/OR) are given only in Q13, Q14 and Q15, and Q12 offers a choice of one topic out of three. Questions in Khand ख and ग require attempting a specified number of parts.

Section क

अपठित बोध (Unseen passage and poem); 10 subparts in total; no internal choice

  1. Q1 · 7 marks · Reading comprehensionCompetency-basedReading (unseen passages)

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-

    जब हम छोटे थे, हमें सिखाया गया कि होशियार बनो। अच्छे नंबर लाओ। जीत कर दिखाओ। धीरे-धीरे ये आदत तमाम सीखें आदत में बदल गईं और पता भी नहीं चला कि कब ये आदत हमारे मन की एक दौड़ में बदल गईं। दूसरों से आगे निकलने की दौड़। कभी कक्षा में प्रथम आने की, कभी ऑफिस में पदोन्नति की, कभी समाज में इज़्ज़त कमाने की और कभी अपने ही भाई-बहनों, दोस्तों, रिश्तेदारों से बेहतर दिखने की। परंतु इस लगातार चलने वाली दौड़ में हम भूल गए कि जिस आत्मा को लेकर निकले थे, वह कहाँ है? हर सुबह उठते हैं और सोचते हैं कि किसे पछाड़ना है। हर शाम थककर सोते हैं और गिनते हैं कि कितने पीछे रह गए। यह थकान सिर्फ शरीर की नहीं है, आत्मा की थकान भी है क्योंकि हमने अपनी गति किसी और की रफ़्तार से बाँध दी है। हम अपने फैसले किसी और की कामयाबी देखकर लेने लगे हैं।

    वो किताब क्यों पढ़ रहे हो? क्योंकि सब पढ़ रहे हैं। वो कोर्स क्यों कर रहे हो? क्योंकि उससे नौकरी मिलती है। शहर क्यों जा रहे हो? क्योंकि वहाँ ज़्यादा अवसर हैं। और धीरे-धीरे हमारी ज़िंदगी, हमारी नहीं रह जाती। वह एक नक़ल बन जाती है, दूसरों के रास्तों की, दूसरों के सपनों की। ऐसा नहीं है कि प्रतिस्पर्धा बुरी चीज़ है। आपको अगर किसी से आगे ही निकलना है, तो उस 'आप' से निकलिए, जो डरता है, जो टालता है, जो रोज़ कहता है 'कल से'। आपका अपना असली प्रतिद्वंद्वी कोई और नहीं, हमारा ही कल का, हमारा ही पुराना संस्करण है।

    आज के इस प्रतिस्पर्धात्मक युग में, जहाँ सोशल मीडिया हर दिन दूसरों की उपलब्धियों को चमका कर पेश करता है, वहाँ अपने ही भीतर स्थिर रहना एक साधना है। खुशी और संतोष हमेशा भीतर से आते हैं और उनका रास्ता आत्म-साक्षात्कार से होकर जाता है, ना कि तुलना और प्रतियोगिता से।

    1. (i)

      गद्यांश के आधार पर लगातार दूसरों से की जा रही प्रतिस्पर्धा की हानि/हानियाँ है/हैं। उचित विकल्प का चयन कर लिखिए :
      I. शारीरिक थकान
      II. आत्मा की थकान
      III. सामाजिक प्रतिष्ठा की हानि
      IV. आर्थिक नुकसान

      1. (A)I और II दोनों
      2. (B)I, II और III तीनों
      3. (C)I, II और IV तीनों
      4. (D)II और IV दोनों
      1 mark
    2. (ii)

      सोशल मीडिया के युग में अपने भीतर स्थिर रहना एक साधना क्यों है?

      1. (A)यह दूसरों की उपलब्धियों को नज़र-अंदाज़ करना सिखाता है।
      2. (B)इससे हम अधिक सफल और प्रसिद्ध हो सकते हैं।
      3. (C)हर दिन दूसरों की उपलब्धियों को दिखा ललचाता रहता है।
      4. (D)प्रतिस्पर्धात्मक युग में इंद्रियों पर नियंत्रण कठिन है।
      1 mark
    3. (iii)

      निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कर लिखिए :
      कथन : हमें अपनी ज़िंदगी में दूसरों के सपनों का अनुकरण बंद कर देना चाहिए।
      कारण : दूसरों की नक़ल से सच्ची खुशी मिल सकती है।

      1. (A)कथन और कारण दोनों गलत हैं।
      2. (B)कथन सही है किंतु कारण गलत है।
      3. (C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या है।
      4. (D)कथन और कारण दोनों सही हैं किंतु कारण कथन की उचित व्याख्या नहीं है।
      1 mark
    4. (iv)

      हम सभी को बचपन में कौन-सी सीख दी जाती है और उसका क्या प्रभाव हमारे स्वभाव पर पड़ता है?

      2 marks
    5. (v)

      खुशी और संतुष्टि किस प्रकार मिल सकती है? आप उसे पाने के लिए क्या करेंगे?

      2 marks
    Try it first, then show our solutionSolution
    1. (i) गद्यांश में थकान को 'सिर्फ शरीर की नहीं, आत्मा की भी' कहा गया है। इसलिए शारीरिक और आत्मा की थकान ही हानियाँ हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा या आर्थिक हानि का उल्लेख नहीं है। सही विकल्प (A) है।

      1 mark
    2. (ii) प्रतिस्पर्धा के इस युग में सोशल मीडिया दूसरों की उपलब्धियाँ चमकाकर दिखाता है, इसलिए इंद्रियों और मन पर नियंत्रण रखकर स्थिर रहना कठिन है। इसी से यह साधना है। सही विकल्प (D) है।

      1 mark
    3. (iii) कथन सही है, क्योंकि दूसरों के सपनों की नक़ल से जीवन अपना नहीं रहता। कारण गलत है, क्योंकि गद्यांश के अनुसार सच्ची खुशी भीतर से आती है, नक़ल से नहीं। सही विकल्प (B) है।

      1 mark
    4. (iv) सीख: बचपन में सिखाया जाता है कि होशियार बनो, अच्छे अंक लाओ और जीतकर दिखाओ।

      1 mark
    5. प्रभाव: यह सीख आदत बनकर मन में दूसरों से आगे निकलने की दौड़ और प्रतिद्वंद्विता का स्वभाव बना देती है। इससे शरीर और मन थक जाते हैं और हम दूसरों की सफलता देखकर फ़ैसले लेने लगते हैं।

      1 mark
    6. (v) खुशी और संतुष्टि भीतर से आती है। यह आत्म-साक्षात्कार के रास्ते मिलती है, तुलना और प्रतियोगिता से नहीं।

      1 mark
    7. मैं दूसरों से तुलना छोड़कर अपनी क्षमता पर विश्वास रखूँगा। मैं स्वयं के कल के रूप से बेहतर बनने का प्रयास करूँगा और सोशल मीडिया की चकाचौंध से दूर रहूँगा।

      1 mark

    Answer: (i) A; (ii) D; (iii) B; (iv) सीख: होशियार बनो, अच्छे अंक लाओ, जीतकर दिखाओ; प्रभाव: दूसरों से आगे निकलने की दौड़ और थकान; (v) आत्म-साक्षात्कार से; मैं तुलना छोड़कर अपनी क्षमता पर भरोसा करूँगा

    Where the marks are

    • (i) सही विकल्प A (1 अंक)
    • (ii) सही विकल्प D (1 अंक)
    • (iii) सही विकल्प B (1 अंक)
    • (iv) सीख के दो बिंदु और प्रभाव के दो बिंदु, प्रत्येक ½ अंक (2 अंक)
    • (v) खुशी पाने का मार्ग और अपने प्रयास के उपयुक्त बिंदु (1+1 अंक)

    Open Q1 on its own page

  2. Q2 · 7 marks · Reading comprehensionCompetency-basedReading (unseen passages)

    निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :

    गाँव में वो दिन था इतवार।
    मैं नन्हीं पीढ़ी का हाथ थाम
    निकल गई बाज़ार।
    सूखे दरख़्तों के बीच देख
    एक पतली पगडंडी
    मैंने नन्हीं पीढ़ी से कहा
    देखो, यही थी कभी गाँव की नदी।
    आगे देख ज़मीन पर बड़ी सी दरार
    मैंने कहा, इसी में समा गए सारे पहाड़।

    नन्हीं पीढ़ी दौड़ी : हम आ गए बाज़ार!
    क्या-क्या लेना है? पूछने लगा दुकानदार।
    भैया! थोड़ी बारिश, थोड़ी गीली मिट्टी,
    एक बोतल नदी, वो डिब्बाबंद पहाड़
    उधर दीवार पर टँगी एक प्रकृति भी दे दो,
    और ये बारिश इतनी महँगी क्यों?
    दुकानदार बोला : यह नमी यहाँ की नहीं!
    दूसरे ग्रह से आई है,
    मंदी है, छटाँक भर मँगाई है।
    पैसे निकालने को साड़ी की कोर टटोली
    चौंकी! देखा आँचल की गाँठ में
    रुपयों की जगह
    पूरा वजूद मुड़ा पड़ा था...

    1. (i)

      नदी के बोतल में और पहाड़ के डिब्बाबंद होने का क्या अर्थ है?

      1. (A)भविष्य की आशंकाओं के चित्र खींचना
      2. (B)पर्यावरण के प्रति मनुष्य की उपेक्षा दिखाना
      3. (C)बाज़ारीकरण की भयावहता स्पष्ट करना
      4. (D)जीवन से प्रकृति और उसका साहचर्य गायब होना
      1 mark
    2. (ii)

      निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कर लिखिए :
      कथन : कवयित्री अपने वजूद को मुड़ा हुआ पाती हैं।
      कारण : वह प्रकृति के बिना अपने अस्तित्व को खतरे में पाती हैं।

      1. (A)कथन सही है किंतु कारण गलत है।
      2. (B)कथन और कारण दोनों गलत हैं।
      3. (C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या है।
      4. (D)कथन और कारण दोनों सही हैं किंतु कारण कथन की उचित व्याख्या नहीं है।
      1 mark
    3. (iii)

      कविता के मुख्य भाव को प्रस्तुत करने वाले विकल्प हैं।
      उचित विकल्प का चयन कर लिखिए :
      I. बाज़ारीकरण का बढ़ता प्रभाव
      II. प्रकृति की उपेक्षा
      III. भावी पीढ़ी का भय
      विकल्प :

      1. (A)केवल III सही है।
      2. (B)केवल II सही है।
      3. (C)I और III सही हैं।
      4. (D)I और II सही हैं।
      1 mark
    4. (iv)

      'नन्हीं पीढ़ी' का अर्थ स्पष्ट करते हुए लिखिए कि उसे साथ लेकर जाने का क्या कारण था?

      2 marks
    5. (v)

      कविता जिन खतरों की ओर इशारा कर रही है उनसे बचने के दो प्रभावी उपाय लिखिए।

      2 marks
    Try it first, then show our solutionSolution
    1. (i) नदी का बोतल में और पहाड़ का डिब्बे में बंद होना बताता है कि वास्तविक नदी-पहाड़ खत्म हो चुके हैं और जीवन से प्रकृति और उसका साहचर्य गायब हो गया है। सही विकल्प (D) है।

      1 mark
    2. (ii) कथन सही है, क्योंकि अंत में कवयित्री को रुपयों की जगह मुड़ा हुआ पूरा वजूद मिलता है। कारण भी सही है, क्योंकि प्रकृति के बिना उसका अस्तित्व खतरे में है। कारण कथन की उचित व्याख्या है। सही विकल्प (C) है।

      1 mark
    3. (iii) कविता का मुख्य भाव बाज़ारीकरण का बढ़ता प्रभाव (I) और प्रकृति की उपेक्षा (II) है। भावी पीढ़ी का भय मुख्य भाव नहीं है। सही विकल्प (D) है।

      1 mark
    4. (iv) 'नन्हीं पीढ़ी' का अर्थ है आने वाली पीढ़ी, यानी छोटे बच्चे।

      1 mark
    5. उसे साथ ले जाने का कारण: उसे प्रकृति (नदी, पहाड़) के नष्ट होने की सच्चाई दिखाना और प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाना।

      1 mark
    6. (v) पहला उपाय: पर्यावरण-जागरूकता के कार्यक्रम, जैसे नुक्कड़ नाटक और अभियान चलाना।

      1 mark
    7. दूसरा उपाय: वृक्षारोपण करना और नदियों, पहाड़ों जैसे प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना।

      1 mark

    Answer: (i) D; (ii) C; (iii) D; (iv) नन्हीं पीढ़ी = आने वाली पीढ़ी/बच्चे; उन्हें प्रकृति के विनाश से अवगत कराने के लिए साथ ले गईं; (v) जागरूकता कार्यक्रम (नुक्कड़ नाटक) और वृक्षारोपण/संरक्षण

    Where the marks are

    • (i) सही विकल्प D (1 अंक)
    • (ii) सही विकल्प C (1 अंक)
    • (iii) सही विकल्प D (1 अंक)
    • (iv) 'नन्हीं पीढ़ी' का अर्थ (1) और साथ ले जाने का उपयुक्त कारण (1)
    • (v) बचाव के दो उपयुक्त उपाय (1+1 अंक)

    Open Q2 on its own page

Section ख

व्यावहारिक व्याकरण; 4 questions, each with 5 parts, attempt any 4 (4×1=4); total 16

  1. Q3 · 4 marks · GrammarGrammar

    निर्देशानुसार 'रचना के आधार पर वाक्य भेद' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 4 × 1 = 4

    1. (i)

      वे जब उनका ज़िक्र करते हैं तब उसी नैसर्गिक आनंद में आँखें चमक उठती हैं। (रचना की दृष्टि से वाक्य का भेद लिखिए)

      1 mark
    2. (ii)

      पान वाले के खुद के मुँह में पान ठूँसा हुआ था। (मिश्र वाक्य में बदलकर लिखिए)

      1 mark
    3. (iii)

      पान वाले के लिए यह एक मज़ेदार बात थी लेकिन हालदार साहब के लिए चकित करने वाली। (सरल वाक्य में बदलकर लिखिए)

      1 mark
    4. (iv)

      आषाढ़ की रिमझिम है। समूचा गाँव खेतों में उतर पड़ा। (संयुक्त वाक्य में बदलकर लिखिए)

      1 mark
    5. (v)

      जब उत्साह कविता लिखी गई तब देश आज़ाद नहीं था। (आश्रित उपवाक्य और उसका भेद पहचान कर लिखिए)

      1 mark
    Try it first, then show our solutionSolution
    1. (i) वाक्य में मुख्य उपवाक्य के साथ आश्रित उपवाक्य 'जब उनका ज़िक्र करते हैं' है, इसलिए यह मिश्र वाक्य है।

      1 mark
    2. (ii) मिश्र वाक्य: जो पानवाला था, उसके खुद के मुँह में पान ठूँसा हुआ था।

      1 mark
    3. (iii) सरल वाक्य: पानवाले के लिए मज़ेदार बात हालदार साहब के लिए चकित करने वाली थी।

      1 mark
    4. (iv) संयुक्त वाक्य: आषाढ़ की रिमझिम है और समूचा गाँव खेतों में उतर पड़ा।

      1 mark
    5. (v) आश्रित उपवाक्य 'जब उत्साह कविता लिखी गई' है। यह समय बताता है, इसलिए इसका भेद क्रियाविशेषण उपवाक्य है।

      1 mark

    Answer: (i) मिश्र वाक्य; (ii) जो पानवाला था उसके खुद के मुँह में पान ठूँसा हुआ था; (iii) पानवाले के लिए मज़ेदार बात हालदार साहब के लिए चकित करने वाली थी; (iv) आषाढ़ की रिमझिम है और समूचा गाँव खेतों में उतर पड़ा; (v) 'जब उत्साह कविता लिखी गई', क्रियाविशेषण उपवाक्य

    Where the marks are

    • रचना के आधार पर वाक्य-भेद सही (1 अंक)
    • मिश्र वाक्य में रूपांतरण (1 अंक)
    • सरल वाक्य में रूपांतरण (1 अंक)
    • संयुक्त वाक्य में रूपांतरण (1 अंक)
    • आश्रित उपवाक्य और उसका भेद, ½+½ (1 अंक)

    Open Q3 on its own page

  2. Q4 · 4 marks · GrammarGrammar

    निर्देशानुसार 'वाच्य' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 4 × 1 = 4

    1. (i)

      सभी बच्चों ने पाठ पढ़ा। (कर्मवाच्य में बदलकर लिखिए)

      1 mark
    2. (ii)

      नागार्जुन ने बच्चे की मुस्कान पर कविता लिखी। (वाच्य का भेद पहचान कर लिखिए)

      1 mark
    3. (iii)

      वृद्धा से चला नहीं जा रहा था। (कर्तृवाच्य में बदलकर लिखिए)

      1 mark
    4. (iv)

      तुम जा नहीं सकते। (भाववाच्य में बदलकर लिखिए)

      1 mark
    5. (v)

      आपके द्वारा अपनी सफलता का उल्लेख नहीं किया गया। (वाच्य का भेद पहचान कर लिखिए)

      1 mark
    Try it first, then show our solutionSolution
    1. (i) कर्मवाच्य: सभी बच्चों द्वारा पाठ पढ़ा गया।

      1 mark
    2. (ii) कर्ता 'नागार्जुन' प्रधान है और क्रिया कर्ता के अनुसार है, इसलिए कर्तृवाच्य।

      1 mark
    3. (iii) कर्तृवाच्य: वृद्धा चल नहीं पा रही थी।

      1 mark
    4. (iv) भाववाच्य: तुमसे जाया नहीं जा सकता।

      1 mark
    5. (v) क्रिया कर्म 'उल्लेख' के अनुसार है और कर्ता 'द्वारा' से जुड़ा है, इसलिए कर्मवाच्य।

      1 mark

    Answer: (i) सभी बच्चों द्वारा पाठ पढ़ा गया; (ii) कर्तृवाच्य; (iii) वृद्धा चल नहीं पा रही थी; (iv) तुमसे जाया नहीं जा सकता; (v) कर्मवाच्य

    Where the marks are

    • (i) कर्मवाच्य रूपांतरण (1 अंक)
    • (ii) कर्तृवाच्य पहचान (1 अंक)
    • (iii) कर्तृवाच्य रूपांतरण (1 अंक)
    • (iv) भाववाच्य रूपांतरण (1 अंक)
    • (v) कर्मवाच्य पहचान (1 अंक)

    Open Q4 on its own page

  3. Q5 · 4 marks · GrammarGrammar

    निर्देशानुसार 'पद-परिचय' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के रेखांकित पदों का पद-परिचय लिखिए : 4 × 1 = 4

    1. (i)

      बालगोबिन भगत समूचा शरीर कीचड़ में लिथड़े, अपने खेत में धान रोप रहे थे।

      1 mark
    2. (ii)

      मेरी गणित की किताब उधर रखी है।

      1 mark
    3. (iii)

      वह आँखों-ही-आँखों में हँसा।

      1 mark
    4. (iv)

      उत्तराखंड में आए दिन भूस्खलन की घटनाएँ हो रही हैं।

      1 mark
    5. (v)

      हे भगवान ! यह कैसी खबर आई?

      1 mark
    Try it first, then show our solutionSolution
    1. (i) अपने – सार्वनामिक विशेषण, 'खेत' विशेष्य, पुल्लिंग, एकवचन।

      1 mark
    2. (ii) उधर – अव्यय, स्थानवाचक क्रियाविशेषण, 'रखी है' क्रिया की विशेषता बताता है।

      1 mark
    3. (iii) वह – सर्वनाम, अन्य पुरुषवाचक, पुल्लिंग, एकवचन, कर्ताकारक।

      1 mark
    4. (iv) घटनाएँ – जातिवाचक संज्ञा, स्त्रीलिंग, बहुवचन, 'हो रही हैं' का कर्ता।

      1 mark
    5. (v) हे भगवान! – अव्यय, विस्मयादिबोधक (शोक/विस्मयसूचक)।

      1 mark

    Answer: (i) सार्वनामिक विशेषण; (ii) स्थानवाचक क्रियाविशेषण अव्यय; (iii) अन्य पुरुष सर्वनाम, कर्ताकारक; (iv) जातिवाचक संज्ञा, स्त्रीलिंग, बहुवचन; (v) विस्मयादिबोधक अव्यय

    Where the marks are

    • (i) व्याकरणिक कोटि और एक अन्य बिंदु, ½+½ (1 अंक)
    • (ii) कोटि और एक अन्य बिंदु, ½+½ (1 अंक)
    • (iii) कोटि और एक अन्य बिंदु, ½+½ (1 अंक)
    • (iv) कोटि और एक अन्य बिंदु, ½+½ (1 अंक)
    • (v) कोटि और एक अन्य बिंदु, ½+½ (1 अंक)

    Open Q5 on its own page

  4. Q6 · 4 marks · GrammarGrammar

    निर्देशानुसार 'अलंकार' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 4 × 1 = 4

    1. (i)

      गोपी पद-पंकज पावन कि रज जामे सिर भीजे – पंक्ति में रेखांकित अंश के अलंकार का भेद लिखिए।

      1 mark
    2. (ii)

      आँधी चली, धूल भागी घाघरा उठाए – पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

      1 mark
    3. (iii)

      तुम्हारी यह दंतुरित मुस्कान
      मृतक में भी डाल देगी जान
      उपरोक्त पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है?

      1 mark
    4. (iv)

      'उपमा अलंकार' का एक उपयुक्त उदाहरण काव्य-पंक्ति द्वारा लिखिए।

      1 mark
    5. (v)

      'उत्प्रेक्षा अलंकार' का एक उपयुक्त उदाहरण काव्य-पंक्ति द्वारा लिखिए।

      1 mark
    Try it first, then show our solutionSolution
    1. (i) 'पद-पंकज' में पद (चरण) को पंकज (कमल) कहकर अभेद बताया गया है, इसलिए रूपक अलंकार।

      1 mark
    2. (ii) आँधी और धूल पर मानवीय क्रिया (घाघरा उठाकर भागना) का आरोप है, इसलिए मानवीकरण अलंकार।

      1 mark
    3. (iii) मुस्कान का मृतक में भी जान डाल देना बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कहा गया है, इसलिए अतिशयोक्ति अलंकार।

      1 mark
    4. (iv) उपमा का उदाहरण: 'पीपर पात सरिस मन डोला।'

      1 mark
    5. (v) उत्प्रेक्षा का उदाहरण: 'मानो हँसी हिमालय की है, फूट चली करती कल गान।'

      1 mark

    Answer: (i) रूपक; (ii) मानवीकरण; (iii) अतिशयोक्ति; (iv) पीपर पात सरिस मन डोला; (v) मानो हँसी हिमालय की है, फूट चली करती कल गान

    Where the marks are

    • (i) रूपक अलंकार (1 अंक)
    • (ii) मानवीकरण अलंकार (1 अंक)
    • (iii) अतिशयोक्ति अलंकार (1 अंक)
    • (iv) उपमा का उपयुक्त उदाहरण (1 अंक)
    • (v) उत्प्रेक्षा का उपयुक्त उदाहरण (1 अंक)

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Section ग

पाठ्यपुस्तक एवं पूरक पाठ्यपुस्तक; Q7 and Q9 are MCQ (5×1), Q8 and Q10 attempt any 3 of 4 (3×2), Q11 attempt any 2 of 3 (2×4); total 30

  1. Q7 · 5 marks · MCQCompetency-basedयतींद्र मिश्र – नौबतखाने में इबादत

    निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : 5 × 1 = 5

    किसी दिन एक शिष्या ने डरते-डरते खाँ साहब को टोका, ''बाबा! आप यह क्या करते हैं, इतनी प्रतिष्ठा है आपकी। अब तो आपको भारतरत्न भी मिल चुका है, यह फटी तहमद न पहना करें। अच्छा नहीं लगता, जब भी कोई आता है आप इसी फटी तहमद में सबसे मिलते हैं।'' खाँ साहब मुस्कराए। लाड़ से भरकर बोले, ''धत्! पगली ई भारतरत्न हमको शहनईया पे मिला है, लुंगिया पे नाहीं। तुम लोगों की तरह बनाव सिंगार देखते रहते, तो उमर ही बीत जाती, हो चुकती शहनाई। तब क्या खाक रियाज़ हो पाता। ठीक है बिटिया, आगे से नहीं पहनेंगे, मगर इतना बताई देते हैं कि मालिक से यही दुआ है फटा सुर न बख्शें। लुंगिया का क्या है, आज फटी है, तो कल सी जाएगी।''

    1. (i)

      शिष्या द्वारा बिस्मिल्ला खाँ को टोकने के पीछे कौन-से कारण थे?
      उचित विकल्प का चयन कर लिखिए :
      I. शिष्या को फटी तहमद के कारण शर्म आ रही थी।
      II. शिष्या खाँ साहब की प्रतिष्ठा के लिए चिंतित थी।
      III. खाँ साहब बनाव-शृंगार को विशेष महत्त्व नहीं देते थे।
      IV. शिष्या खाँ साहब के प्रति आत्मीयता का भाव रखती थी।
      विकल्प :

      1. (A)कथन I और III सही हैं।
      2. (B)कथन I और IV सही हैं।
      3. (C)कथन II और IV सही हैं।
      4. (D)कथन II और III सही हैं।
      1 mark
    2. (ii)

      बिस्मिल्ला खाँ द्वारा अपनी शिष्या को 'धत्! पगली' कहकर संबोधित करने में कौन-सा भाव प्रकट होता है?

      1. (A)हास का
      2. (B)स्नेह का
      3. (C)क्रोध का
      4. (D)उपहास का
      1 mark
    3. (iii)

      निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए :
      कथन : बिस्मिल्ला खाँ ईश्वर से सच्चे सुरों की प्रार्थना करते थे।
      कारण : भारतरत्न पुरस्कार से सम्मानित होने के कारण वे अधिक विनम्र हो गए थे।

      1. (A)कथन सही है परंतु कारण गलत है।
      2. (B)कथन और कारण दोनों गलत हैं।
      3. (C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या है।
      4. (D)कथन और कारण दोनों सही हैं परंतु कारण कथन की उचित व्याख्या नहीं है।
      1 mark
    4. (iv)

      इस गद्यांश के आधार पर खाँ साहब की विशेषताएँ हैं।
      उचित विकल्प का चयन कर लिखिए :
      I. परिश्रमी
      II. प्रतिभावान
      III. सरल

      1. (A)I, II और III तीनों
      2. (B)I और II दोनों
      3. (C)II और III दोनों
      4. (D)I और III दोनों
      1 mark
    5. (v)

      'मालिक फटा सुर न बख्शें' का क्या आशय है?

      1. (A)ईश्वर उनके वादन में सुरीलापन सदैव बनाए रखे।
      2. (B)ईश्वर उनके गायन में सुरीलापन सदैव बनाए रखे।
      3. (C)ईश्वर की अनुकंपा सदैव बनी रही।
      4. (D)ईश्वर किसी को बेसुरा न बनाए।
      1 mark
    Try it first, then show our solutionSolution
    1. (i) शिष्या खाँ साहब की प्रतिष्ठा के लिए चिंतित थी (II) और आत्मीयता रखती थी (IV)। उसे शर्म नहीं आ रही थी। सही विकल्प (C) है।

      1 mark
    2. (ii) 'धत्! पगली' लाड़ से भरकर कहा गया है, इसलिए इसमें स्नेह का भाव है। सही विकल्प (B) है।

      1 mark
    3. (iii) कथन सही है, क्योंकि वे 'फटा सुर न बख्शें' की दुआ करते थे। कारण गलत है, क्योंकि प्रार्थना का कारण पुरस्कार से आई विनम्रता नहीं, संगीत के प्रति समर्पण है। सही विकल्प (A) है।

      1 mark
    4. (iv) रियाज़ पर ज़ोर से परिश्रमी, शहनाई पर भारतरत्न मिलने से प्रतिभावान और सादे पहनावे से सरल। तीनों सही हैं, इसलिए (A)।

      1 mark
    5. (v) 'फटा सुर' का संबंध शहनाई वादन से है। इसका आशय है कि ईश्वर उनके वादन में सुरीलापन सदा बनाए रखे। सही विकल्प (A) है।

      1 mark

    Answer: (i) C; (ii) B; (iii) A; (iv) A; (v) A

    Where the marks are

    • (i) सही विकल्प C (1 अंक)
    • (ii) सही विकल्प B (1 अंक)
    • (iii) सही विकल्प A (1 अंक)
    • (iv) सही विकल्प A (1 अंक)
    • (v) सही विकल्प A (1 अंक)

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  2. Q8 · 6 marks · Very short answerस्वयं प्रकाश – नेताजी का चश्मा

    निर्धारित गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए : 3 × 2 = 6

    1. (i)

      'नेताजी का चश्मा' पाठ में नेताजी की मूर्ति पर पत्थर का चश्मा न होना बड़ी बात नहीं थी, बड़ी बात तो असली चश्मे की मौजूदगी थी। क्यों? उपयुक्त तर्कों के आधार पर उत्तर लिखिए।

      2 marks
    2. (ii)

      बालगोबिन भगत का बेटा सामान्य बच्चों से अलग कैसे था? वे उसके साथ किस प्रकार का बर्ताव करते थे?

      2 marks
    3. (iii)

      किस आधार पर यह कहा जा सकता है कि 'लखनवी अंदाज़' पाठ में नवाब साहब खीरे के साथ देखे जाने पर ही असहज हो गए थे?

      2 marks
    4. (iv)

      'एक कहानी यह भी' पाठ में मन्नू भंडारी ने स्वयं पर अपने पिता के प्रभाव को स्वीकारा है। उनके व्यक्तित्व के किन्हीं दो पहलुओं का उल्लेख कीजिए जो पिता के प्रभाव को दर्शाते हों।

      2 marks
    Try it first, then show our solutionSolution
    1. (i) कारण: मूर्ति पर असली चश्मा देशभक्तों के सम्मान की भावना और लोगों के हृदय में आज भी बसे देशप्रेम को दिखाता है।

      1 mark
    2. तर्क: कैप्टन को मूर्ति पर चश्मा न होना खटका और वह अपनी सामर्थ्य से उसे लगाता रहा। यह उदासीनता और उपहास के बजाय जागरूकता और सक्रियता का भाव है।

      1 mark
    3. (ii) बालगोबिन भगत का बेटा सुस्त और बोदा था, अर्थात मंदबुद्धि और काम में ढीला।

      1 mark
    4. भगत उसके साथ अधिक प्रेम और देखभाल का बर्ताव करते थे। उनके अनुसार ऐसे लोगों पर ज़्यादा ध्यान और स्नेह चाहिए।

      1 mark
    5. (iii) नवाब साहब ने लेखक को देखकर खीरे खाने से इनकार किया और बाद में फाँकों को सूँघकर फेंक दिया, जबकि उनकी खाने की तीव्र इच्छा थी। इससे उनकी असहजता झलकती है।

      1 mark
    6. उन्होंने संगति के लिए उत्साह नहीं दिखाया और लेखक को अनदेखा किया। एकांत में विघ्न पड़ने का असंतोष स्पष्ट था।

      1 mark
    7. (iv) पहला पहलू: मन्नू जी में शक्की स्वभाव है। यश मिलने के बाद भी हीन-भावना और सहज विश्वास न कर पाने की प्रवृत्ति पिता से आई।

      1 mark
    8. दूसरा पहलू: देश और समाज के प्रति जागरूकता और अध्ययन-लेखन की प्रवृत्ति। पिता से मिली राजनीतिक चेतना ने उन्हें आज़ादी के आंदोलन से जोड़ा।

      1 mark

    Answer: (i) असली चश्मा लोगों में देशभक्ति और जागरूकता का प्रतीक; (ii) सुस्त और बोदा; भगत अधिक स्नेह/देखभाल करते; (iii) खीरा देखकर संकोच, इनकार और फाँकें सूँघकर फेंकना; (iv) शक्की स्वभाव और देश-समाज के प्रति जागरूकता

    Where the marks are

    • (i) उपयुक्त कारण (1) और तर्क (1)
    • (ii) बेटा कैसे अलग था (1) और भगत का बर्ताव (1)
    • (iii) दो उपयुक्त बिंदु (1+1)
    • (iv) व्यक्तित्व के दो पहलू (1+1)

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  3. Q9 · 5 marks · MCQCompetency-basedसूरदास – पद

    निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : 5 × 1 = 5

    ऊधो! तुम हौ अति बड़भागी।
    अपरस रहत सनेह तगा तैं, नाहिन मन अनुरागी।
    पुरइनि पात रहत जल भीतर, ता रस देह न दागी।
    ज्यौं जल माहँ तेल की गागरि, बूँद न ताकौं लागी।
    प्रीति-नदी मैं पाउँ न बोरयौ, दृष्टि न रूप परागी।
    'सूरदास' अबला हम भोरी, गुर चाँटी ज्यौं पागी।।

    1. (i)

      'ज्यौं जल माहँ तेल की गागरि, बूँद न ताकौं लागी।' पंक्ति के द्वारा क्या स्पष्ट होता है?

      1. (A)श्रीकृष्ण का मन प्रेम से अछूता रहा।
      2. (B)उद्धव का मन प्रेम से अछूता रहा।
      3. (C)गोपियाँ प्रेम रूपी रस से अछूती रहीं।
      4. (D)तेल से युक्त मटकी पर जल का प्रभाव नहीं होता।
      1 mark
    2. (ii)

      कृष्ण-प्रेम में डूबी गोपियों की तुलना किससे की गई है?
      उचित विकल्प का चयन कर लिखिए :
      I. कमल के पत्ते से
      II. जल में पड़े तेल चुपड़े घड़े से
      III. गुड़ से चिपटी चींटियों से
      विकल्प :

      1. (A)केवल III सही है।
      2. (B)केवल I सही है।
      3. (C)I और III दोनों सही हैं।
      4. (D)II और III दोनों सही हैं।
      1 mark
    3. (iii)

      प्रस्तुत पद के आधार पर सूरदास के काव्य के बारे में कहा जा सकता है।
      उचित विकल्प का चयन कर लिखिए :
      I. सहज उपमाओं द्वारा गूढ़ भाव व्यक्त किए गए हैं।
      II. उनके काव्य में केवल दार्शनिक चिंतन है।
      III. उनका काव्य बहुत अधिक अलंकृत और सजावटी है।
      IV. योग साधना से अधिक कृष्ण-प्रेम को महत्त्व दिया गया है।
      विकल्प :

      1. (A)I और II सही हैं।
      2. (B)III और IV सही हैं।
      3. (C)II और III सही हैं।
      4. (D)I और IV सही हैं।
      1 mark
    4. (iv)

      निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए :
      कथन : गोपियाँ उद्धव को 'बड़भागी' कहते हुए वास्तव में 'भाग्यहीन' बता रही हैं।
      कारण : वे योग का संदेश लेकर आए हैं।

      1. (A)कथन सही है परंतु कारण गलत है।
      2. (B)कथन और कारण दोनों गलत हैं।
      3. (C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या है।
      4. (D)कारण और कथन दोनों सही हैं परंतु कारण कथन की उचित व्याख्या नहीं है।
      1 mark
    5. (v)

      गोपियों के अनुसार 'कृष्ण' किसके समान हैं?

      1. (A)प्रेम-भाव से भरी नदी के समान
      2. (B)स्नेह के स्पर्श से भी दूर
      3. (C)कमल के पत्तों सरीखे
      4. (D)अनुरागी मन वाले 'बड़भागी'
      1 mark
    Try it first, then show our solutionSolution
    1. (i) जल में तेल की गागर पर जल की बूँद नहीं टिकती। यह उद्धव के प्रेम से अछूते मन का दृष्टांत है। सही विकल्प (B) है।

      1 mark
    2. (ii) गोपियाँ स्वयं को गुड़ से चिपटी चींटियों जैसी बताती हैं (केवल III)। कमल का पत्ता और तेल की गागर उद्धव के उदाहरण हैं। सही विकल्प (A) है।

      1 mark
    3. (iii) सहज उपमाओं से गूढ़ भाव व्यक्त हुए हैं (I) और योग से अधिक कृष्ण-प्रेम को महत्त्व दिया गया है (IV)। सही विकल्प (D) है।

      1 mark
    4. (iv) 'बड़भागी' कहना व्यंग्य है, इसलिए कथन सही है। कारण भी सही है, क्योंकि उद्धव योग-संदेश लाए हैं। पर यह कथन की पूरी व्याख्या नहीं है; व्यंग्य का मुख्य आधार उनका प्रेम से अछूता रहना है। सही विकल्प (D) है।

      1 mark
    5. (v) गोपियों के लिए कृष्ण प्रेम-भाव से भरी नदी के समान हैं, जिसमें उद्धव ने पाँव नहीं डुबोए। सही विकल्प (A) है।

      1 mark

    Answer: (i) B; (ii) A; (iii) D; (iv) D; (v) A

    Where the marks are

    • (i) सही विकल्प B (1 अंक)
    • (ii) सही विकल्प A (1 अंक)
    • (iii) सही विकल्प D (1 अंक)
    • (iv) सही विकल्प D (1 अंक)
    • (v) सही विकल्प A (1 अंक)

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  4. Q10 · 6 marks · Very short answerतुलसीदास – राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

    निर्धारित कविताओं के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए : 3 × 2 = 6

    1. (i)

      परशुराम के आगमन के पश्चात् राजा जनक की सभा का दृश्य 'राम-लक्ष्मण-परशुराम' संवाद के आधार पर अपने शब्दों में वर्णित कीजिए।

      2 marks
    2. (ii)

      'संगतकार' कविता में कवि जिसे संगतकार की मनुष्यता बता रहा है वह वास्तव में उसका कर्त्तव्य ही है। इस कथन के पक्ष में उचित तर्कों को प्रस्तुत कीजिए।

      2 marks
    3. (iii)

      'यह दंतुरित मुस्कान' कविता में बाँस या बबूल की संज्ञा से किसे संबोधित किया गया है और क्यों?

      2 marks
    4. (iv)

      'उत्साह' कविता का केन्द्रीय भाव स्पष्ट करते हुए लिखिए कि उसकी अभिव्यक्ति 'बादल' के सहारे क्यों की गई है?

      2 marks
    Try it first, then show our solutionSolution
    1. (i) धनुष-भंग के बाद परशुराम के क्रोधित रूप में आते ही सभा में भय छा गया और उपस्थित राजा सहम गए।

      1 mark
    2. राम विनम्रता से उन्हें शांत करते रहे, जबकि लक्ष्मण निर्भय व्यंग्य करते रहे। परशुराम की चेतावनी से क्रोध और बढ़ा और सब अनिष्ट की आशंका से भर उठे।

      1 mark
    3. (ii) तर्क 1: मुख्य गायक का साथ देना संगतकार का कर्त्तव्य है। यह पेशेवर प्रतिबद्धता है, कोई विशेष त्याग नहीं।

      1 mark
    4. तर्क 2: वह विशिष्ट उद्देश्यों के कारण संगतकार की भूमिका स्वीकार करता है और साथ देकर कोई अलग विशेष कार्य नहीं कर रहा। इसलिए इसे मनुष्यता कहना कर्त्तव्य का ही रूप है।

      1 mark
    5. (iii) कवि ने स्वयं को (पिता को) बाँस या बबूल कहा है।

      1 mark
    6. कारण: कठोर, नीरस और रूखे जीवन के कारण वे बाँस-बबूल जैसे हैं, जो शिशु की मुस्कान के स्पर्श से शेफालिका के फूल झराने लगे।

      1 mark
    7. (iv) केंद्रीय भाव: परिवर्तन और नवनिर्माण का आह्वान।

      1 mark
    8. बादल विध्वंस, विप्लव और क्रांति-चेतना के प्रतीक हैं। जैसे वे तपती धरती को राहत देते हैं, वैसे शोषित जनता की आकांक्षा पूरी होने की कल्पना की गई है।

      1 mark

    Answer: (i) भय, राजाओं की आशंका, राम की विनम्रता, लक्ष्मण का व्यंग्य, परशुराम का क्रोध; (ii) कर्त्तव्य और पेशेवर प्रतिबद्धता; (iii) स्वयं कवि/पिता को, कठोर-नीरस जीवन के कारण; (iv) परिवर्तन/नवनिर्माण का आह्वान, बादल क्रांति के प्रतीक

    Where the marks are

    • (i) सभा के दृश्य के दो उपयुक्त बिंदु (1+1)
    • (ii) कर्त्तव्य के पक्ष में दो तर्क (1+1)
    • (iii) किसे संबोधित (1) और क्यों (1)
    • (iv) केंद्रीय भाव (1) और बादल का कारण (1)

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  5. Q11 · 8 marks · Long answerमाता का अँचल

    पूरक पाठ्यपुस्तक के निर्धारित पाठों पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए : 2 × 4 = 8

    1. (i)

      'प्रयास करने पर पुरुष भी बच्चों का पालन-पोषण भली-भाँति कर सकते हैं।' 'माता का अँचल' पाठ में वर्णित भोलानाथ और उसके पिता के जीवन-प्रसंगों से दो उदाहरण लेते हुए इस कथन के पक्ष में उचित तर्क प्रस्तुत कीजिए।

      4 marks
    2. (ii)

      'साना-साना हाथ जोड़ि' पाठ की लेखिका को 'लायुंग' किन कारणों से अधिक पसंद आया? आपके विचार से किसी पर्यटन स्थल को प्रसिद्ध और दर्शनीय बनाने वाले बिंदु कौन-से होते हैं?

      4 marks
    3. (iii)

      क्या किसी एक लेखक के लिए जो बातें प्रेरणास्रोत हैं वे अन्य लेखक को भी प्रेरित कर सकती हैं? सहमति या असहमति को उचित तर्कों एवं उदाहरणों द्वारा 'मैं क्यों लिखता हूँ' पाठ के संदर्भ में लिखिए।

      4 marks
    Try it first, then show our solutionSolution
    1. (i) तर्क: बच्चे का पालन-पोषण किसी एक माता-पिता का जन्मजात कर्त्तव्य नहीं है। जो भी धैर्य से पर्याप्त समय देगा, वह यह दायित्व निभा सकता है।

      2 marks
    2. उदाहरण 1: भोलानाथ के पिता उसे अपने साथ सुलाते, नहलाते और पूजा में साथ बैठाते थे। उदाहरण 2: वे उसके साथ कुश्ती खेलते और हार जाने का नाटक करके उसे खुश करते थे। उसके साँप से डरने पर भी वे व्याकुल हुए और उसकी सुरक्षा की।

      2 marks
    3. (ii) कारण: लायुंग की शांति और रमणीयता। ऊँचे पहाड़ों से घिरी घाटी, तिस्ता नदी की शांत कल-कल ध्वनि और मंद हवा ने लेखिका को मोहा।

      2 marks
    4. मेरे विचार से स्थान को दर्शनीय बनाने वाले बिंदु: प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक और धार्मिक-सांस्कृतिक महत्त्व, आवागमन-निवास-भोजन की सुविधाएँ तथा प्रदूषणरहित वातावरण।

      2 marks
    5. (iii) सहमति: एक लेखक के अनुभव, विचार और संघर्ष दूसरे लेखकों को भी प्रभावित कर सकते हैं। उन रचनाओं से नए लेखकों के मन में लिखने की प्रेरणा और भीतरी विवशता पैदा हो सकती है।

      2 marks
    6. उदाहरण: अज्ञेय के लिए हिरोशिमा की घटना की अनुभूति भीतरी विवशता बनी। ऐसी ही अनुभूति अन्य लेखकों को भी लिखने को प्रेरित कर सकती है, इसलिए प्रेरणास्रोत केवल एक लेखक तक सीमित नहीं हैं।

      2 marks

    Answer: (i) पिता के साथ सोना, खेलना और हार का नाटक करके खुश करना; पालन-पोषण का दायित्व धैर्य और समय पर निर्भर; (ii) लायुंग की शांति, रमणीयता और प्राकृतिक सुंदरता; स्थल की प्रसिद्धि के बिंदु: प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक-सांस्कृतिक महत्त्व, सुविधाएँ; (iii) सहमति: अनुभव और प्रेरणा अन्य लेखकों को भी प्रभावित करते हैं

    Where the marks are

    • (i) उपयुक्त तर्क (2) और दो उदाहरण (1+1), कुल 4 अंक
    • (ii) लायुंग पसंद आने के दो कारण (1+1) और पर्यटन स्थल के दो बिंदु (1+1)
    • (iii) दो उपयुक्त बिंदुओं का उदाहरण सहित तर्कसंगत उत्तर (2+2)

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Section घ

रचनात्मक लेखन; Q12 attempt 1 of 3 (6 marks); Q13-Q15 each have an internal choice (i)/(ii); total 20

  1. Answer one of these 3 alternatives.

    Q12(i) · 6 marks · WritingWriting

    निम्नलिखित तीन विषयों में से किसी एक विषय पर संकेत बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए :

    (i) यात्राएँ हमें बेहतर मनुष्य बनाती हैं
    संकेत बिंदु – • सांस्कृतिक, भौगोलिक जानकारी
    • भिन्न परिवेश और मान्यताएँ
    • अनुभव की व्यापकता

    Try it first, then show our solutionSolution
    1. भूमिका: यात्राएँ केवल स्थान-परिवर्तन नहीं हैं; वे मनुष्य को भीतर से गढ़ती हैं। घर की सीमाओं से बाहर निकलकर ही हम दुनिया और स्वयं को पहचानते हैं।

      1 mark
    2. विषयवस्तु (सांस्कृतिक व भौगोलिक जानकारी): यात्रा में हम नदियों, पहाड़ों, रेगिस्तानों और अलग-अलग क्षेत्रों की बोली, पहनावे, भोजन, लोककला और त्योहारों को प्रत्यक्ष देखते हैं। किताबों का ज्ञान आँखों देखे अनुभव में बदल जाता है।

      1 mark
    3. विषयवस्तु (भिन्न परिवेश और मान्यताएँ): भिन्न परिवेश में रहने वाले लोगों की मान्यताओं और जीवन-शैली को जानकर हमारी संकीर्णता टूटती है। हम दूसरों के प्रति सहिष्णु, उदार और संवेदनशील बनते हैं।

      1 mark
    4. विषयवस्तु (अनुभव की व्यापकता): कठिन रास्तों, नई परिस्थितियों और अजनबियों के बीच हम आत्मनिर्भरता, धैर्य, सामंजस्य और निर्णय-क्षमता सीखते हैं। इससे दृष्टि व्यापक और व्यक्तित्व परिपक्व होता है।

      1 mark
    5. निष्कर्ष: अतः यात्राएँ ज्ञान, अनुभव और मानवीयता का भंडार हैं, जो हमें सचमुच बेहतर मनुष्य बनाती हैं। हर व्यक्ति को अवसर मिलते ही यात्रा अवश्य करनी चाहिए।

      1 mark
    6. भाषा-शुद्धता: वर्तनी, वाक्य-रचना और अनुच्छेद-प्रवाह शुद्ध व प्रभावी हो; लगभग 120 शब्द।

      1 mark

    Answer: संकेत-बिंदुओं पर आधारित लगभग 120 शब्दों का भूमिका, विषयवस्तु और निष्कर्ष सहित अनुच्छेद।

    Where the marks are

    • भूमिका (1 अंक)
    • विषयवस्तु: तीनों संकेत बिंदु (3 अंक)
    • निष्कर्ष (1 अंक)
    • भाषा-शुद्धता (1 अंक)

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    OR

    Q12(ii) · 6 marks · WritingWriting

    निम्नलिखित तीन विषयों में से किसी एक विषय पर संकेत बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए :

    (ii) उत्तम स्वास्थ्य : सबसे बड़ा धन
    संकेत बिंदु – • स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन/विचार
    • स्वस्थ तन-मन से ही सभी कार्य संभव
    • स्वास्थ्य-रक्षा के लिए आवश्यक कदम

    Try it first, then show our solutionSolution
    1. भूमिका: कहा गया है 'पहला सुख निरोगी काया'। धन-संपत्ति होते हुए भी यदि स्वास्थ्य न हो तो जीवन बोझ बन जाता है, इसीलिए उत्तम स्वास्थ्य सबसे बड़ा धन है।

      1 mark
    2. विषयवस्तु (स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन): स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन और सकारात्मक विचार निवास करते हैं। रोगी व्यक्ति चिड़चिड़ा, निराश और चिंतित रहता है, जबकि स्वस्थ व्यक्ति प्रसन्न और उत्साही रहता है।

      1 mark
    3. विषयवस्तु (सभी कार्य संभव): पढ़ाई, नौकरी, व्यवसाय या समाज-सेवा, हर कार्य स्वस्थ तन-मन से ही सुचारु रूप से हो पाता है। बीमारी में धन और समय दोनों नष्ट होते हैं।

      1 mark
    4. विषयवस्तु (आवश्यक कदम): नियमित व्यायाम, योग, संतुलित और पौष्टिक भोजन, पर्याप्त नींद, स्वच्छता, समय पर जाँच तथा नशे और जंक फूड से दूरी स्वास्थ्य-रक्षा के लिए आवश्यक हैं।

      1 mark
    5. निष्कर्ष: अतः हमें स्वास्थ्य को सर्वोपरि मानकर उसकी रक्षा करनी चाहिए, क्योंकि स्वस्थ व्यक्ति ही परिवार, समाज और राष्ट्र की सच्ची संपत्ति है।

      1 mark
    6. भाषा-शुद्धता: शुद्ध वर्तनी, सुसंगत वाक्य और लगभग 120 शब्द।

      1 mark

    Answer: संकेत-बिंदुओं पर आधारित लगभग 120 शब्दों का अनुच्छेद।

    Where the marks are

    • भूमिका (1 अंक)
    • विषयवस्तु: तीनों संकेत बिंदु (3 अंक)
    • निष्कर्ष (1 अंक)
    • भाषा-शुद्धता (1 अंक)

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    OR

    Q12(iii) · 6 marks · WritingWriting

    निम्नलिखित तीन विषयों में से किसी एक विषय पर संकेत बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए :

    (iii) जब मैंने बैंक में बचत खाता खुलवाया
    संकेत बिंदु – • खाता खुलवाने की प्रक्रिया की जानकारी
    • आवश्यक दस्तावेज़ों सहित बैंक जाना
    • खाता खुलवाना और प्रसन्नता का अनुभव

    Try it first, then show our solutionSolution
    1. भूमिका: बचत की आदत भविष्य को सुरक्षित करती है। मैं लंबे समय से सोच रहा था कि मेरा अपना बैंक खाता हो, और आखिर वह दिन आ गया जब मैंने बचत खाता खुलवाया।

      1 mark
    2. विषयवस्तु (प्रक्रिया की जानकारी): मैंने पिताजी और बैंक की वेबसाइट से जाना कि खाता-खोलने का फ़ॉर्म भरना होता है, पहचान-पता प्रमाण देना होता है और नाबालिग के लिए अभिभावक के हस्ताक्षर आवश्यक हैं।

      1 mark
    3. विषयवस्तु (दस्तावेज़ सहित बैंक जाना): आधार कार्ड, जन्म-प्रमाण, पासपोर्ट आकार के फ़ोटो और पिताजी के दस्तावेज़ लेकर मैं बैंक गया। वहाँ अधिकारी ने फ़ॉर्म भरने में सहायता की और सत्यापन किया।

      1 mark
    4. विषयवस्तु (खाता खुलना व प्रसन्नता): कुछ दिनों में पासबुक और एटीएम कार्ड मिला। अपने नाम की पासबुक देखकर मुझे गर्व और बहुत प्रसन्नता हुई, और मैंने हर माह बचत का संकल्प लिया।

      1 mark
    5. निष्कर्ष: यह अनुभव मेरे लिए आत्मनिर्भरता की पहली सीढ़ी रहा, जिसने मुझे धन के सही प्रबंधन का महत्त्व सिखाया।

      1 mark
    6. भाषा-शुद्धता: शुद्ध, प्रवाहपूर्ण भाषा; लगभग 120 शब्द।

      1 mark

    Answer: संकेत-बिंदुओं पर आधारित लगभग 120 शब्दों का अनुच्छेद।

    Where the marks are

    • भूमिका (1 अंक)
    • विषयवस्तु: तीनों संकेत बिंदु (3 अंक)
    • निष्कर्ष (1 अंक)
    • भाषा-शुद्धता (1 अंक)

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  2. Answer one of these 2 alternatives.

    Q13(i) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting

    आप कवीश/काव्या हैं। आपने अपने मुहल्ले में 'कचरा पृथक्करण' (वेस्ट सेग्रीगेशन) के अभियान को सफलतापूर्वक संचालित किया है। इसकी जानकारी देते हुए दैनिक समाचार-पत्र के संपादक को लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए।

    Try it first, then show our solutionSolution
    1. प्रारूप: प्रेषक का पता व दिनांक; सेवा में, संपादक महोदय, (समाचार-पत्र का नाम व पता); विषय: मुहल्ले में कचरा पृथक्करण अभियान की सफलता के संबंध में; संबोधन 'महोदय'; अंत में 'भवदीय, कवीश/काव्या'।

      1 mark
    2. विषयवस्तु 1: महोदय, मैं अपने मुहल्ले 'शांति नगर' में चलाए गए कचरा पृथक्करण अभियान की सफलता की जानकारी आपके लोकप्रिय समाचार-पत्र के माध्यम से देना चाहता/चाहती हूँ। पहले कचरा सड़कों पर बिखरा रहता था, जिससे गंदगी और बीमारियाँ फैलती थीं।

      1 mark
    3. विषयवस्तु 2: मैंने मित्रों के साथ घर-घर जाकर गीले और सूखे कचरे के लिए हरे-नीले डिब्बे बाँटे, पोस्टर लगाए और निवासियों को पृथक्करण का लाभ समझाया। नगर निगम के वाहन से नियमित संग्रह की व्यवस्था भी कराई।

      1 mark
    4. विषयवस्तु 3: आज लगभग सभी परिवार कचरा अलग करते हैं, गलियाँ स्वच्छ हैं और खाद बनाने की पहल भी शुरू हुई है। मेरा अनुरोध है कि इस समाचार को स्थान देकर अन्य मुहल्लों को भी प्रेरित करें। धन्यवाद।

      1 mark
    5. भाषा-शुद्धता: औपचारिक, शुद्ध भाषा; लगभग 100 शब्द।

      1 mark

    Answer: संपादक को औपचारिक प्रारूप में लगभग 100 शब्दों का पत्र।

    Where the marks are

    • उपयुक्त प्रारूप व औपचारिकताएँ (1 अंक)
    • विषयवस्तु (3 अंक)
    • भाषा-शुद्धता (1 अंक)

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    Q13(ii) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting

    आप कवीश/काव्या हैं। एक सप्ताह के लिए आपके माता-पिता को अचानक दूसरे शहर में जाना पड़ा। उनके पीछे से आपने घर का प्रबंधन कैसे संभाला। इस अनुभव की विस्तृत जानकारी देते हुए अपने प्रिय मित्र को लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए।

    Try it first, then show our solutionSolution
    1. प्रारूप: पता व दिनांक; संबोधन 'प्रिय मित्र रोहन'; अभिवादन; अंत में 'तुम्हारा मित्र, कवीश/काव्या'।

      1 mark
    2. विषयवस्तु 1: प्रिय मित्र, आशा है तुम स्वस्थ होगे। पिछले सप्ताह माता-पिता अचानक दूसरे शहर चले गए तो घर की पूरी ज़िम्मेदारी मुझ पर आ गई। मैंने सुबह उठकर समय-सारणी बनाई।

      1 mark
    3. विषयवस्तु 2: मैंने सादा भोजन बनाया, सब्ज़ी-राशन लाया, बिलों और साफ़-सफ़ाई का ध्यान रखा, दादी की दवाइयाँ समय पर दीं और साथ ही अपनी पढ़ाई भी जारी रखी।

      1 mark
    4. विषयवस्तु 3: इस अनुभव से मुझे माता-पिता के परिश्रम का एहसास हुआ और मैंने समय-प्रबंधन व आत्मनिर्भरता सीखी। कभी घर आओ तो तुम्हें मेरे हाथ की चाय पिलाऊँगा/पिलाऊँगी। शेष मिलने पर।

      1 mark
    5. भाषा-शुद्धता: आत्मीय, शुद्ध भाषा; लगभग 100 शब्द।

      1 mark

    Answer: मित्र को अनौपचारिक प्रारूप में लगभग 100 शब्दों का पत्र।

    Where the marks are

    • उपयुक्त प्रारूप (1 अंक)
    • विषयवस्तु (3 अंक)
    • भाषा-शुद्धता (1 अंक)

    Open Q13(ii) on its own page

  3. Answer one of these 2 alternatives.

    Q14(i) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting

    आप जयपुर शहर के निवासी अमन/रोमा हैं। शहर में आए दिन होने वाली बारिश की वजह से उत्पन्न समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए नगर निगम अध्यक्ष को लगभग 80 शब्दों में एक ई-मेल लिखिए, जिसमें शीघ्रातिशीघ्र समस्याओं के समाधान का आग्रह भी किया गया हो।

    Try it first, then show our solutionSolution
    1. प्रारूप: प्रति: अध्यक्ष, नगर निगम, जयपुर (ईमेल पता); प्रेषक: अमन/रोमा; विषय: बारिश से उत्पन्न समस्याओं के समाधान हेतु; संबोधन 'महोदय'; अंत में नाम व संपर्क।

      1 mark
    2. विषयवस्तु 1: महोदय, जयपुर में हल्की बारिश होते ही सड़कों पर पानी भर जाता है, नालियाँ जाम हो जाती हैं और गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे यातायात बाधित और दुर्घटनाओं का खतरा रहता है।

      1 mark
    3. विषयवस्तु 2: जलजमाव से मच्छर पनपते हैं, बीमारियाँ फैलती हैं तथा बच्चों और बुज़ुर्गों को आने-जाने में कठिनाई होती है।

      1 mark
    4. विषयवस्तु 3: अतः आपसे आग्रह है कि नालों की सफ़ाई, जल-निकासी की उचित व्यवस्था और सड़कों की मरम्मत शीघ्रातिशीघ्र करवाएँ। धन्यवाद।

      1 mark
    5. भाषा-शुद्धता: औपचारिक शुद्ध भाषा; लगभग 80 शब्द।

      1 mark

    Answer: नगर निगम अध्यक्ष को लगभग 80 शब्दों का ई-मेल।

    Where the marks are

    • ई-मेल प्रारूप (1 अंक)
    • विषयवस्तु: समस्याएँ व समाधान का आग्रह (3 अंक)
    • भाषा-शुद्धता (1 अंक)

    Open Q14(i) on its own page

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    Q14(ii) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting

    आपका नाम हुमा/फरहान है। आप अंग्रेजी विषय में स्नातकोत्तर (एम.ए.) की पढ़ाई एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से कर रहे हैं। इसी दौरान एक प्रमुख प्रकाशन संस्थान में इंटर्नशिप की जानकारी आपको मिली है। इंटर्नशिप के लिए आवेदन हेतु लगभग 80 शब्दों में अपना स्ववृत्त लेख तैयार कीजिए।

    Try it first, then show our solutionSolution
    1. प्रारूप: शीर्षक 'स्ववृत्त'; नाम, पता, ई-मेल, मोबाइल, जन्म-तिथि आदि के क्रमबद्ध शीर्षक।

      1 mark
    2. विषयवस्तु 1 (व्यक्तिगत जानकारी/उद्देश्य): नाम: हुमा/फरहान; पता: जयपुर (राजस्थान); ई-मेल व मोबाइल; उद्देश्य: प्रकाशन संस्थान में इंटर्नशिप कर संपादन व लेखन का अनुभव प्राप्त करना।

      1 mark
    3. विषयवस्तु 2 (शैक्षिक योग्यता): दसवीं – 90%, बारहवीं – 88%, बी.ए. (अंग्रेज़ी) – 8.5 सीजीपीए; एम.ए. अंग्रेज़ी (अध्ययनरत), प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय।

      1 mark
    4. विषयवस्तु 3 (कौशल/रुचियाँ): प्रूफ़-रीडिंग, रचनात्मक लेखन, कंप्यूटर (एम.एस. ऑफ़िस), हिंदी-अंग्रेज़ी भाषाएँ; विश्वविद्यालय पत्रिका में लेख प्रकाशित; रुचि: पठन-लेखन। घोषणा व हस्ताक्षर।

      1 mark
    5. भाषा-शुद्धता: संक्षिप्त शुद्ध भाषा; लगभग 80 शब्द।

      1 mark

    Answer: इंटर्नशिप हेतु लगभग 80 शब्दों का स्ववृत्त।

    Where the marks are

    • स्ववृत्त का प्रारूप (1 अंक)
    • व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षिक योग्यताएँ व कौशल (3 अंक)
    • भाषा-शुद्धता (1 अंक)

    Open Q14(ii) on its own page

  4. Answer one of these 2 alternatives.

    Q15(i) · 4 marks · WritingCompetency-basedWriting

    आपने अपने पिता के साथ मिलकर दुग्ध उत्पादों (डेयरी प्रोडक्ट्स) की एक कंपनी 'एकम' शुरू की है। उसके प्रचार-प्रसार हेतु लगभग 40 शब्दों में उसका एक आकर्षक विज्ञापन तैयार कीजिए।

    Try it first, then show our solutionSolution
    1. रचनात्मकता: आकर्षक नारा/शीर्षक, जैसे 'एकम् – शुद्धता का पहला कदम!'

      1 mark
    2. विषयवस्तु: 'एकम्' के दूध, दही, घी, पनीर, छाछ और मक्खन ताज़ा, शुद्ध, बिना मिलावट के, प्रतिदिन घर तक पहुँचाए जाते हैं; पौष्टिकता, स्वाद और स्वास्थ्य की गारंटी।

      2 marks
    3. समग्र प्रभाव: पता/संपर्क-नंबर, विशेष छूट या ऑफ़र तथा प्रभावी पंक्ति 'एकम् अपनाएँ, सेहत बनाएँ'।

      1 mark

    Answer: 'एकम्' डेयरी का लगभग 40 शब्दों का आकर्षक विज्ञापन।

    Where the marks are

    • रचनात्मकता (1 अंक)
    • विषयवस्तु (2 अंक)
    • समग्र प्रभाव (1 अंक)

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    OR

    Q15(ii) · 4 marks · WritingCompetency-basedWriting

    आपकी बड़ी बहन का लिखा गीत- 'मेरे देश की मिट्टी' प्रसिद्ध हो गया। लगभग 40 शब्दों में उनको एक बधाई संदेश लिखिए।

    Try it first, then show our solutionSolution
    1. प्रारूप: दिनांक, संबोधन 'प्रिय दीदी', अंत में 'तुम्हारी छोटी बहन/तुम्हारा छोटा भाई, नाम'।

      1 mark
    2. विषयवस्तु 1: दीदी, तुम्हारा गीत 'मेरे देश की मिट्टी' प्रसिद्ध होने पर हार्दिक बधाई! यह सुनकर हम सबको तुम पर बहुत गर्व है।

      1 mark
    3. विषयवस्तु 2: गीत में देशप्रेम की सच्ची भावना है, जो हर श्रोता के हृदय को छू जाती है। यह तुम्हारी लगन और प्रतिभा का फल है; ईश्वर करे तुम और ऊँचाइयाँ छुओ।

      1 mark
    4. भाषा-शुद्धता: आत्मीय शुद्ध भाषा; लगभग 40 शब्द।

      1 mark

    Answer: बड़ी बहन को लगभग 40 शब्दों का बधाई संदेश।

    Where the marks are

    • संदेश का प्रारूप (1 अंक)
    • विषयवस्तु (2 अंक)
    • भाषा-शुद्धता (1 अंक)

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Source: official question paper, cbse.gov.in. Chapter tags and solutions are ours. Spotted a transcription error? Write tosupport@questionbuddy.in.