CBSE Class 10 Hindi Course A 2026: question 10
Set in the CBSE Class 10 board exam of 2026, paper 3/1/1, section ग, question 10, for 6 marks. Try it first; the hints and our step-by-step solution are below.
Q10 · 6 marks · Very short answerतुलसीदास – राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
निर्धारित कविताओं के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए : 3 × 2 = 6
- (i)2 marks
परशुराम के आगमन के पश्चात् राजा जनक की सभा का दृश्य 'राम-लक्ष्मण-परशुराम' संवाद के आधार पर अपने शब्दों में वर्णित कीजिए।
- (ii)2 marks
'संगतकार' कविता में कवि जिसे संगतकार की मनुष्यता बता रहा है वह वास्तव में उसका कर्त्तव्य ही है। इस कथन के पक्ष में उचित तर्कों को प्रस्तुत कीजिए।
- (iii)2 marks
'यह दंतुरित मुस्कान' कविता में बाँस या बबूल की संज्ञा से किसे संबोधित किया गया है और क्यों?
- (iv)2 marks
'उत्साह' कविता का केन्द्रीय भाव स्पष्ट करते हुए लिखिए कि उसकी अभिव्यक्ति 'बादल' के सहारे क्यों की गई है?
Source: official question paper from cbse.gov.in (PDF). See it in the full 2026 board paper, set 3/1/1.
Hints
Open one hint at a time and try again before the next.
Hint 1
प्रत्येक कविता के भाव का मूल बिंदु याद कीजिए।
Hint 2
उत्तर में पहले मुख्य बिंदु लिखिए, फिर कविता की पंक्ति या प्रसंग से उसका कारण जोड़िए।
Step-by-step solution
Each step shows the marks it earns, as an examiner would award them. Checked by an independent re-solve from the question paper.
- 1 mark
(i) धनुष-भंग के बाद परशुराम के क्रोधित रूप में आते ही सभा में भय छा गया और उपस्थित राजा सहम गए।
- 1 mark
राम विनम्रता से उन्हें शांत करते रहे, जबकि लक्ष्मण निर्भय व्यंग्य करते रहे। परशुराम की चेतावनी से क्रोध और बढ़ा और सब अनिष्ट की आशंका से भर उठे।
- 1 mark
(ii) तर्क 1: मुख्य गायक का साथ देना संगतकार का कर्त्तव्य है। यह पेशेवर प्रतिबद्धता है, कोई विशेष त्याग नहीं।
- 1 mark
तर्क 2: वह विशिष्ट उद्देश्यों के कारण संगतकार की भूमिका स्वीकार करता है और साथ देकर कोई अलग विशेष कार्य नहीं कर रहा। इसलिए इसे मनुष्यता कहना कर्त्तव्य का ही रूप है।
- 1 mark
(iii) कवि ने स्वयं को (पिता को) बाँस या बबूल कहा है।
- 1 mark
कारण: कठोर, नीरस और रूखे जीवन के कारण वे बाँस-बबूल जैसे हैं, जो शिशु की मुस्कान के स्पर्श से शेफालिका के फूल झराने लगे।
- 1 mark
(iv) केंद्रीय भाव: परिवर्तन और नवनिर्माण का आह्वान।
- 1 mark
बादल विध्वंस, विप्लव और क्रांति-चेतना के प्रतीक हैं। जैसे वे तपती धरती को राहत देते हैं, वैसे शोषित जनता की आकांक्षा पूरी होने की कल्पना की गई है।
Answer: (i) भय, राजाओं की आशंका, राम की विनम्रता, लक्ष्मण का व्यंग्य, परशुराम का क्रोध; (ii) कर्त्तव्य और पेशेवर प्रतिबद्धता; (iii) स्वयं कवि/पिता को, कठोर-नीरस जीवन के कारण; (iv) परिवर्तन/नवनिर्माण का आह्वान, बादल क्रांति के प्रतीक
Where the marks are
- (i) सभा के दृश्य के दो उपयुक्त बिंदु (1+1)
- (ii) कर्त्तव्य के पक्ष में दो तर्क (1+1)
- (iii) किसे संबोधित (1) और क्यों (1)
- (iv) केंद्रीय भाव (1) और बादल का कारण (1)
Revise the chapter
- Chapter: तुलसीदास – राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद (notes, formulas, where marks are lost and every past question)
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