CBSE Class 10 Hindi Course A: sample paper 2026-27
The sample question paper CBSE published for the 2026-27 session, as printed: 15 questions for 80 marks, in sections, with each OR choice shown as an alternative. Try each question first, then open our solution.
Every question here has our step-by-step solution, split into the steps that earn marks. Each one was checked by an independent re-solve from the question paper.
Source: official sample question paper from cbseacademic.nic.in: https://cbseacademic.nic.in/web_material/SQP/ClassX_2026_27/HindiCourseA-SQP.pdf. Questions are transcribed from that PDF; figures are described in words, so check the official paper for them.
How the paper is set
| Section | Questions | What it has |
|---|---|---|
| A | 1-2 | खंड - क (अपठित बोध): कुल 14 अंक; प्रश्न 1 और 2 में प्रत्येक के उप प्रश्न, कुल उप प्रश्न 10 |
| B | 3-6 | खंड - ख (व्यावहारिक व्याकरण): कुल 16 अंक; प्रश्न 3-6 में प्रत्येक में पाँच में से कोई चार; कुल उप प्रश्न 20 |
| C | 7-11 | खंड - ग (पाठ्य पुस्तक एवं पूरक पाठ्य पुस्तक): कुल 30 अंक; प्रश्न 7 में 5x1, प्रश्न 8 और 10 में चार में से कोई तीन, प्रश्न 9 में 5x1, प्रश्न 11 में तीन में से कोई दो |
| D | 12-15 | खंड - घ (रचनात्मक लेखन): कुल 20 अंक; प्रश्नों में आंतरिक विकल्प दिए गए हैं |
Instructions in brief: सभी प्रश्न अनिवार्य हैं; खंड ख, ग और घ में आंतरिक/बहुविकल्प के अनुसार चुनाव; उत्तर निर्देशों के अनुसार क्रमशः लिखने हैं।
Section A
खंड - क (अपठित बोध): कुल 14 अंक; प्रश्न 1 और 2 में प्रत्येक के उप प्रश्न, कुल उप प्रश्न 10
Q1 · 7 marks · Reading comprehensionCompetency-basedReading (unseen passages)
निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
“एक छोटा कदम एक इंसान के लिए, लेकिन एक बड़ी छलांग मानवता के लिए”- यह शब्द नील आर्मस्ट्रांग ने चंद्रमा पर कदम रखते हुए कहे थे | आज वही भावना भारतवासियों के मन में तब जगी जब भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 27 जून 2025 को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर कदम रखा | यह क्षण केवल भारत की अंतरिक्ष वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह देश की अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पहचान, आत्मनिर्भरता और युवाओं की प्रेरणा के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है | अंतरिक्ष के रहस्यों को समझने और नई तकनीकों का विकास करने के लिए अंतरिक्ष अन्वेषण मानवता की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है |
27 जून 2025 को स्पेसएक्स के फ़ाल्कन 9 रॉकेट से लॉन्च होने के बाद, शुभांशु शुक्ला और उनकी टीम ने 18 दिन आईएसएस पर बिताए। इस दौरान, उन्होंने माइक्रोग्रैविटी में 20 से अधिक विविध प्रयोग किए |
भारत ने अंतरिक्ष की यात्रा 1969 में इसरो की स्थापना से शुरू की थी | 1984 में राकेश शर्मा सोवियत अंतरिक्षयान के जरिए अंतरिक्ष में गए | राकेश शर्मा के बाद शुभांशु शुक्ला दूसरे भारतीय बने जिन्होंने अंतरिक्ष की यात्रा की, जो भारत की अंतरिक्ष यात्रा के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ता है। यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष समुदाय में भारत की बढ़ती साख को मजबूत करती है | अब 2025 में शुभांशु शुक्ला का आईएसएस पर पहुँचना इस बात का संकेत है कि भारत अब 'मानव अंतरिक्ष युग' में प्रवेश कर चुका है और यह भारत के हर युवा, वैज्ञानिक और नागरिक की उम्मीदों की उड़ान है | इस मिशन ने देश के लाखों बच्चों और युवाओं के मन में 'मैं' भी कर सकता हूँ की भावना जगाई है |स्रोत - विज्ञान प्रगति (मासिक पत्रिका)
- (I)1 mark
उपर्युक्त गद्यांश में किस विषय पर चर्चा की गई है?
- (A)नील आर्मस्ट्रांग के चंद्रमा पर कदम रखने पर
- (B)भारत के स्वर्णिम अंतरिक्ष अध्याय पर
- (C)अंतरिक्ष के रहस्यों को समझने पर
- (D)शुभांशु शुक्ला और उनकी टीम पर
- (II)1 mark
निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन करके लिखिए :
कथन : "एक छोटा कदम एक इंसान के लिए, लेकिन एक बड़ी छलांग मानवता के लिए |"
कारण : यह कदम विज्ञान, प्रौद्योगिकी और मानव अन्वेषण के क्षेत्र में एक बहुत बड़ी प्रगति का प्रतिनिधित्व करता है |- (A)कथन गलत है, किंतु कारण सही है |
- (B)कथन और कारण दोनों गलत हैं |
- (C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है |
- (D)कथन और कारण दोनों सही हैं किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है |
- (III)1 mark
भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 27 जून 2025 को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर कदम रखा | यह क्षण भारत के लिए क्यों महत्त्वपूर्ण साबित हुआ ?
- (IV)2 marks
'भारत अब 'मानव अंतरिक्ष युग' में प्रवेश कर चुका है |' गद्यांश के आधार पर इस कथन की पुष्टि कीजिए |
- (V)2 marks
बच्चों और युवाओं के मन में 'मैं' भी कर सकता हूँ की भावना शुभांशु शुक्ला के अंतरिक्ष में कदम रखने से कैसे जागृत हुई ?
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(I) सही विकल्प (B) है। गद्यांश में शुभांशु शुक्ला की उपलब्धि के माध्यम से भारत की वर्तमान अंतरिक्ष उपलब्धि और उसके स्वर्णिम अध्याय की चर्चा है।
- 1 mark
(II) सही विकल्प (C) है। यह कथन नील आर्मस्ट्रांग का है (कथन सही) और यह कदम विज्ञान व अन्वेषण में बड़ी प्रगति का प्रतीक है, इसलिए कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
- 1 mark
(III) यह क्षण भारत की अंतरिक्ष-वैज्ञानिक उपलब्धि है, इससे देश की अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पहचान बनी, आत्मनिर्भरता बढ़ी और युवाओं को प्रेरणा मिली।
- 1 mark
(IV) भारत ने 1969 में इसरो की स्थापना से यात्रा शुरू की; 1984 में राकेश शर्मा अंतरिक्ष गए।
- 1 mark
राकेश शर्मा के बाद शुभांशु शुक्ला दूसरे भारतीय बने और 2025 में उनका आईएसएस पर पहुँचना, 18 दिन रहकर प्रयोग करना, भारत की बढ़ती साख और मानव अंतरिक्ष युग में प्रवेश का संकेत है।
- 1 mark
(V) जब किसी को अभूतपूर्व सफलता मिलती है तो बच्चों-युवाओं में 'मैं भी कर सकता हूँ' का भाव जागता है; शुभांशु की सफलता उनके सामने जीवंत उदाहरण बनी।
- 1 mark
इस मिशन ने उन्हें बड़े सपने देखने और कड़ी मेहनत करने की प्रेरणा दी; यह हर युवा, वैज्ञानिक और नागरिक की उम्मीदों की उड़ान है।
Answer: (I) B; (II) C; (III) अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पहचान, आत्मनिर्भरता व युवा-प्रेरणा का ऐतिहासिक क्षण; (IV) 1969 इसरो, 1984 राकेश शर्मा, 2025 शुभांशु; (V) सफलता से प्रेरणा
Where the marks are
- (I) सही विकल्प B (1 अंक)
- (II) सही विकल्प C (1 अंक)
- (III) महत्त्व का एक कारण (1 अंक)
- (IV) दो बिंदु (2 अंक)
- (V) दो बिंदु (2 अंक)
Q2 · 7 marks · Reading comprehensionCompetency-basedReading (unseen passages)
निम्नलिखित अपठित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
ज़िंदगी को
वह गढ़ेंगे जो शिलाएँ तोड़ते हैं,
जो भगीरथ नीर की निर्भय शिराएँ मोड़ते हैं |
यज्ञ को इस शक्ति-श्रम के
श्रेष्ठतम में मानता हूँ !!ज़िंदगी को
वे गढ़ेंगे जो खदानें खोदते हैं,
लौह के सोए असुर को कर्म-रथ में जोतते हैं |
यज्ञ को इस शक्ति श्रम के
श्रेष्ठतम में मानता हूँ !!ज़िंदगी को
वे गढ़ेंगे जो प्रभंजन हाँकते हैं,
शूरवीरों के चरण से रक्त-रेखा आँकते हैं |
यज्ञ को इस शक्ति-श्रम के
श्रेष्ठतम में मानता हूँ !!ज़िंदगी को
वे गढ़ेंगे जो प्रलय को रोकते हैं,
रक्त से रंजित धरा पर शांति का पथ खोजते हैं |
यज्ञ को इस शक्ति-श्रम के
श्रेष्ठतम में मानता हूँ !!मैं नया इंसान हूँ इस यज्ञ में सहयोग दूँगा |
खूबसूरत ज़िंदगी की नौजवानी भोग लूँगा |- केदारनाथ अग्रवाल (जो शिलाएँ तोड़ते हैं)
- (I)1 mark
प्रस्तुत कविता का मुख्य भाव है :
- (A)शूरवीरों के साहस की सराहना
- (B)नौजवानों की ताकत का सम्मान
- (C)किसानों और मजदूरों की प्रशंसा
- (D)मेहनती और दृढ़-निश्चयी लोगों का गुणगान
- (II)1 mark
मैं नए विचारों से प्रेरित इंसान हूँ । श्रम और मानवता से समाज के निर्माण में सहयोग दूँगा |
यह भाव कविता की किन पंक्तियों में व्यक्त हुआ है ?- (A)खूबसूरत ज़िंदगी की नौजवानी भोग लूँगा
- (B)मैं नया इंसान हूँ इस यज्ञ में सहयोग दूँगा
- (C)ज़िंदगी को वह गढ़ेंगे जो शिलाएँ तोड़ते हैं
- (D)ज़िंदगी को वे गढ़ेंगे जो प्रभंजन हाँकते हैं
- (III)1 mark
निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कर लिखिए :
कथन - जो लोग कठिनाइयों और बाधाओं को तोड़कर आगे बढ़ते हैं, वे अपने जीवन और समाज को गढ़ने वाले होते हैं।
कारण - इतिहास गवाह है कि हमारे महापुरुषों ने मेहनत, धैर्य और संघर्ष के आधार पर सुंदर समाज का निर्माण किया |
विकल्प :
(A)कथन गलत है, किंतु कारण सही है |
(B)कथन और कारण दोनों ही गलत हैं |
(C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है |
(D)कथन और कारण दोनों सही हैं किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है | - (IV)2 marks
मानव जीवन का श्रेष्ठतम यज्ञ कवि ने किसे माना है और क्यों?
- (V)2 marks
यह कविता साहस और संघर्ष का प्रतीक है - कैसे ? कविता से उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए |
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(I) सही विकल्प (D)। कविता में शिलाएँ तोड़ने, खदान खोदने वाले आदि मेहनती, दृढ़-निश्चयी लोगों का गुणगान है।
- 1 mark
(II) सही विकल्प (B)। 'मैं नया इंसान हूँ इस यज्ञ में सहयोग दूँगा' में यही भाव है।
- 1 mark
(III) सही विकल्प (C)। कथन सही है और महापुरुषों के परिश्रम-संघर्ष का उदाहरण उसकी सही व्याख्या करता है।
- 1 mark
(IV) कवि ने शक्ति-श्रम (परिश्रम) के यज्ञ को श्रेष्ठतम माना है।
- 1 mark
क्योंकि परिश्रम ही सफलता का आधार है और जीवन व समाज को वही गढ़ता है।
- 1 mark
(V) कविता में शिलाएँ तोड़ने, नदी की धारा मोड़ने (भगीरथ), खदान खोदने और प्रभंजन हाँकने वालों का वर्णन उनके साहस व संघर्ष को दर्शाता है।
- 1 mark
'लौह के सोए असुर को कर्म-रथ में जोतते हैं' तथा 'प्रलय को रोकते हैं' जैसी पंक्तियाँ शक्ति और संघर्ष का प्रतीक हैं।
Answer: (I) D; (II) B; (III) C; (IV) शक्ति-श्रम का यज्ञ, क्योंकि परिश्रम सफलता का आधार है; (V) शिला तोड़ना, नीर मोड़ना आदि उदाहरण
Where the marks are
- (I) D (1)
- (II) B (1)
- (III) C (1)
- (IV) श्रम को श्रेष्ठ यज्ञ तथा कारण (2)
- (V) कविता से उदाहरण सहित साहस-संघर्ष (2)
Section B
खंड - ख (व्यावहारिक व्याकरण): कुल 16 अंक; प्रश्न 3-6 में प्रत्येक में पाँच में से कोई चार; कुल उप प्रश्न 20
Q3 · 4 marks · GrammarGrammar
निर्देशानुसार 'रचना के आधार पर वाक्य भेद' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए : (4x1=4)
- (I)1 mark
चैत आया और टेसू के फूल दहकने लगे। (सरल वाक्य में बदलकर लिखिए)
- (II)1 mark
उसके पास घड़ी तो थी, किन्तु ठीक नहीं थी। (मिश्र वाक्य में बदलकर लिखिए)
- (III)1 mark
जब बाबू जी रामायण का पाठ करते तब हम उनकी बगल में बैठे रहते | (संयुक्त वाक्य में बदलकर लिखिए)
- (IV)1 mark
घर में पतोहू रो रही है, जिसे गाँव की स्त्रियाँ चुप कराने की कोशिश कर रही हैं| (रचना की दृष्टि से वाक्य का भेद लिखिए)
- (V)1 mark
जब बाबू जी हमारी ओर देखते, तब हम कुछ लजाकर और मुस्कुराकर आइना नीचे रख देते | (रेखांकित उपवाक्य का भेद लिखिए)
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(I) चैत आते ही टेसू के फूल दहकने लगे। (सरल वाक्य: एक ही मुख्य क्रिया)
- 1 mark
(II) जो घड़ी उसके पास थी, वह ठीक नहीं थी। (मिश्र वाक्य: आश्रित उपवाक्य 'जो' से)
- 1 mark
(III) बाबू जी रामायण का पाठ करते और हम उनकी बगल में बैठे रहते। (संयुक्त वाक्य: समानाधिकरण योजक 'और')
- 1 mark
(IV) मिश्र वाक्य, क्योंकि 'जिसे... कोशिश कर रही हैं' आश्रित उपवाक्य है।
- 1 mark
(V) क्रियाविशेषण उपवाक्य ('जब' से आरंभ, समय बताता है)।
Answer: किन्हीं चार: (I) चैत आते ही टेसू के फूल दहकने लगे; (II) जो घड़ी उसके पास थी, वह ठीक नहीं थी; (III) बाबू जी रामायण का पाठ करते और हम उनकी बगल में बैठे रहते; (IV) मिश्र वाक्य; (V) क्रियाविशेषण उपवाक्य
Where the marks are
- प्रत्येक सही उत्तर 1 अंक, कुल चार (4 अंक)
Q4 · 4 marks · GrammarGrammar
निर्देशानुसार 'वाच्य' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए : (4x1=4)
- (I)1 mark
लेखिका के पिताजी रसोई को भटियारखाना कहते थे | (कर्मवाच्य में बदलकर लिखिए)
- (II)1 mark
बालगोबिन भगत द्वारा पतोहू को मायके भेज दिया गया | (कर्तृवाच्य में बदलकर लिखिए)
- (III)1 mark
चोट लगने के कारण वह चल नहीं पाया | (भाववाच्य में बदलकर लिखिए)
- (IV)1 mark
बच्चों द्वारा नेताजी को चश्मा पहनाया गया | (वाच्य पहचानकर भेद लिखिए)
- (V)1 mark
आराम से सेकंड क्लास में जाने के लिए दाम अधिक लगते हैं | (वाच्य पहचानकर भेद लिखिए)
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(I) लेखिका के पिताजी द्वारा रसोई को भटियारखाना कहा जाता था। (कर्मवाच्य)
- 1 mark
(II) बालगोबिन भगत ने पतोहू को मायके भेज दिया। (कर्तृवाच्य)
- 1 mark
(III) चोट लगने के कारण उससे चला नहीं गया/जा सका। (भाववाच्य, 'से' के साथ अकर्मक क्रिया)
- 1 mark
(IV) कर्मवाच्य, क्योंकि 'द्वारा' से कर्ता और क्रिया कर्म 'नेताजी' के अनुसार है।
- 1 mark
(V) कर्तृवाच्य, क्योंकि क्रिया कर्ता 'दाम' के अनुसार है।
Answer: किन्हीं चार: (I) रसोई को भटियारखाना कहा जाता था; (II) बालगोबिन भगत ने पतोहू को मायके भेज दिया; (III) उससे चला नहीं जा सका; (IV) कर्मवाच्य; (V) कर्तृवाच्य
Where the marks are
- प्रत्येक सही उत्तर 1 अंक, कुल चार (4 अंक)
Q5 · 4 marks · GrammarGrammar
निर्देशानुसार 'पद परिचय' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के रेखांकित पदों का पद-परिचय लिखिए : (4x1=4)
- (I)1 mark
आज भी भारत में अनेक अभिमन्यु हैं |
- (II)1 mark
यह पुस्तक मेरी बड़ी बहन ने लिखी है |
- (III)1 mark
उनके बेटे और पतोहू को तो मैंने देखा था।
- (IV)1 mark
वर्षा के बाद धीरे-धीरे हरियाली बढ़ने लगी।
- (V)1 mark
वाह ! भारत ने महिला क्रिकेट विश्व कप जीत लिया |
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(I) अभिमन्यु – संज्ञा, जातिवाचक संज्ञा, पुल्लिंग, बहुवचन, 'हैं' का कर्ता।
- 1 mark
(II) यह – विशेषण, सार्वनामिक विशेषण, विशेष्य 'पुस्तक', एकवचन, स्त्रीलिंग।
- 1 mark
(III) देखा था – क्रिया, सकर्मक, भूतकाल, एकवचन, पुल्लिंग, कर्तृवाच्य।
- 1 mark
(IV) धीरे-धीरे – क्रियाविशेषण, रीतिवाचक, 'बढ़ने लगी' क्रिया की विशेषता बताता है।
- 1 mark
(V) वाह – अव्यय, विस्मयादिबोधक (हर्षसूचक/प्रसन्नता सूचक)।
Answer: किन्हीं चार पद-परिचय ऊपर दिए अनुसार
Where the marks are
- सही व्याकरणिक कोटि तथा एक अन्य बिंदु, प्रत्येक 1 अंक (कुल 4)
Q6 · 4 marks · GrammarGrammar
निर्देशानुसार 'अलंकार' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए : (4x1=4)
- (I)1 mark
खड़-खड़ करताल बजा, नाच रही बेसुध हवा | (रेखांकित काव्य पंक्ति में अलंकार पहचान कर लिखिए)
- (II)1 mark
सुख स्वर्ग-सा जहाँ है, वह देश कौन-सा है ? (रेखांकित काव्य पंक्ति में अलंकार पहचान कर लिखिए)
- (III)1 mark
भूप सहस दस एकहिं बारा | लगे उठावन टरत न टारा || (रेखांकित काव्य पंक्तियों में अलंकार पहचान कर लिखिए)
- (IV)1 mark
रूपक अलंकार का एक उदाहरण उपयुक्त काव्य पंक्ति द्वारा लिखिए।
- (V)1 mark
उत्प्रेक्षा अलंकार का एक उदाहरण उपयुक्त काव्य पंक्ति द्वारा लिखिए।
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(I) मानवीकरण अलंकार, क्योंकि हवा का बेसुध नाचना मानव-क्रिया है।
- 1 mark
(II) उपमा अलंकार, क्योंकि 'स्वर्ग-सा' वाचक शब्द से सुख की स्वर्ग से समानता है।
- 1 mark
(III) अतिशयोक्ति अलंकार, क्योंकि दस हज़ार राजाओं का धनुष न उठा पाना बढ़ा-चढ़ाकर कहा गया है।
- 1 mark
(IV) रूपक: 'चरन-कमल बंदौं हरि राई' (चरणों पर कमल का आरोप)।
- 1 mark
(V) उत्प्रेक्षा: 'सोहत ओढ़े पीत पट स्याम सलोने गात। मनहुँ नीलमनि सैल पर आतप परयौ प्रभात।।'
Answer: किन्हीं चार: (I) मानवीकरण; (II) उपमा; (III) अतिशयोक्ति; (IV) चरन-कमल बंदौं हरि राई; (V) मनहुँ नीलमनि सैल पर आतप परयौ प्रभात
Where the marks are
- प्रत्येक सही उत्तर 1 अंक, कुल चार (4 अंक)
Section C
खंड - ग (पाठ्य पुस्तक एवं पूरक पाठ्य पुस्तक): कुल 30 अंक; प्रश्न 7 में 5x1, प्रश्न 8 और 10 में चार में से कोई तीन, प्रश्न 9 में 5x1, प्रश्न 11 में तीन में से कोई दो
Q7 · 5 marks · MCQCompetency-basedReading (unseen passages)
निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
एक संस्कृत व्यक्ति किसी नयी चीज़ की खोज करता है; किंतु उसकी संतान को वह अपने पूर्वज से अनायास ही प्राप्त हो जाती है | जिस व्यक्ति की बुद्धि ने अथवा उसके विवेक ने किसी भी नए तथ्य का दर्शन किया, वह व्यक्ति ही वास्तविक संस्कृत व्यक्ति है और उसकी संतान जिसे अपने पूर्वज से वह वस्तु अनायास ही प्राप्त हो गई है, वह अपने पूर्वज की भाँति सभ्य भले ही बन जाए, संस्कृत नहीं कहला सकता |
एक आधुनिक उदाहरण लें | न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत का आविष्कार किया | वह संस्कृत मानव था | आज के युग का भौतिक विज्ञान का विद्यार्थी न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण से तो परिचित है ही; लेकिन उसके साथ उसे और भी अनेक बातों का ज्ञान प्राप्त है जिनसे शायद न्यूटन अपरिचित ही रहा | ऐसा होने पर भी हम आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को न्यूटन की अपेक्षा अधिक सभ्य भले ही कह सकें; पर न्यूटन जितना संस्कृत नहीं कह सकते |- (I)1 mark
संस्कृत व्यक्ति की संतान को लेखक ने किसकी संज्ञा दी है?
- (A)सुसंस्कृत मानव
- (B)सभ्य मानव
- (C)सुयोग्य मानव
- (D)समृद्ध मानव
- (II)1 mark
लेखक के अनुसार प्रस्तुत गद्यांश में एक 'संस्कृत' व्यक्ति कौन है?
- (A)जो संस्कृत विषय का विशेषज्ञ हो
- (B)जो नयी वस्तुओं का उपयोग करता हो
- (C)जो अनेक बातों का ज्ञान रखता हो
- (D)जो किसी नयी चीज़ की खोज करता हो
- (III)1 mark
निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कर लिखिए :
कथन : लेखक ने 'संस्कृत' व्यक्ति की संतान को 'संस्कृत' नहीं माना है |
कारण : 'संस्कृत' व्यक्ति की संतान ने किसी नयी चीज़ की खोज नहीं की, बल्कि उसे वह वस्तु अपने पूर्वजों से अनायास ही प्राप्त हो गई है |- (A)कथन गलत है, किंतु कारण सही है |
- (B)कथन और कारण दोनों ही गलत हैं |
- (C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है |
- (D)कथन और कारण दोनों सही हैं किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है |
- (IV)1 mark
प्रस्तुत गद्यांश के अनुसार कौन-सा कथन / कौन-से कथन सही हैं? उचित विकल्प/विकल्पों का चयन कीजिए -
(i) न्यूटन गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत का आविष्कार करने के कारण संस्कृत मानव कहलाए |
(ii) आज भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को न्यूटन के समान संस्कृत कह सकते हैं|
(iii) आज का विद्यार्थी न्यूटन के सिद्धांत के साथ-साथ अन्य बातों का भी ज्ञान रखता है |
(iv) आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को अधिक सभ्य नहीं माना जा सकता है |- (A)कथन (i) और (ii) सही हैं
- (B)केवल कथन (iii) सही है
- (C)कथन (i) और (iv) सही हैं
- (D)कथन (i) और (iii) सही हैं
- (V)1 mark
एक संस्कृत व्यक्ति में आम लोगों से अलग कौन-से गुण होते हैं?
उचित विकल्प/विकल्पों का चयन कीजिए -
(i) नई खोज करना
(ii) संस्कृति का सम्मान करना
(iii) साहसी और परिश्रमी होना
(iv) अपनी बुद्धि, विवेक के बल पर आविष्कार करना- (A)विकल्प (i) और (iv) सही हैं
- (B)केवल विकल्प (iii) सही है
- (C)विकल्प (i) और (ii) सही हैं
- (D)विकल्प (i), (ii) और (iv) सही हैं
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(I) B – संस्कृत व्यक्ति की संतान को वस्तु अनायास मिलती है, इसलिए वह सभ्य है, संस्कृत नहीं।
- 1 mark
(II) D – जिसकी बुद्धि या विवेक ने किसी नए तथ्य की खोज की, वही संस्कृत है।
- 1 mark
(III) C – कथन व कारण दोनों सही; खोज न करने के कारण ही संतान संस्कृत नहीं मानी गई।
- 1 mark
(IV) D – (i) न्यूटन ने आविष्कार किया, इसलिए संस्कृत; (iii) विद्यार्थी को और बातों का ज्ञान है। (ii),(iv) गलत।
- 1 mark
(V) A – नई खोज करना और बुद्धि-विवेक से आविष्कार करना संस्कृत व्यक्ति के गुण हैं।
Answer: (I) B; (II) D; (III) C; (IV) D; (V) A
Where the marks are
- प्रत्येक सही विकल्प 1 अंक (कुल 5)
Q8 · 6 marks · Very short answerरामवृक्ष बेनीपुरी – बालगोबिन भगत
निर्धारित गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए : (3x2=6)
- (I)2 marks
'बुढ़ापा आ गया था, किंतु टेक वही जवानीवाली' - 'बालगोबिन भगत' पाठ के आधार पर इस कथन का आशय स्पष्ट कीजिए |
- (II)2 marks
लेखिका मन्नू भंडारी को साधारण से असाधारण बनाने में 'शीला अग्रवाल' की भूमिका पर 'एक कहानी यह भी' पाठ के आधार पर प्रकाश डालिए |
- (III)2 marks
कैसे कहा जा सकता है कि बिस्मिल्ला ख़ाँ साहब सच्चे अर्थों में भारत रत्न थे । 'नौबतखाने में इबादत' पाठ के आधार पर लिखिए |
- (IV)2 marks
यदि लेखक ने खीरा खा लिया होता तो क्या नवाब साहब भी खीरा खा लेते? 'लखनवी अंदाज़' पाठ के आधार पर तर्क सहित स्पष्ट कीजिए |
Try it first, then show our solutionSolution
- 2 marks
(I) बालगोबिन भगत वृद्ध हो गए थे, पर उनके नित्य-नियम न बदले; अंतिम समय तक वे गंगा-स्नान पैदल जाते, उपवास रखते और किसी का सहारा नहीं लेते थे। इससे उनकी दृढ़ता व स्वावलंबन झलकते हैं।
- 1 mark
(II) शीला अग्रवाल ने लंबी बहसों और पुस्तकों के सुझाव से मन्नू की साहित्य-दृष्टि व चिंतन सँवारा।
- 1 mark
उन्होंने उन्हें साहसी बनाकर स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय किया, जिससे मन्नू का व्यक्तित्व निखरा।
- 1 mark
(III) बिस्मिल्ला खाँ में सांप्रदायिक सद्भाव, विनम्रता, सादगी, हुनर और साधना के भारतीय मूल्य थे।
- 1 mark
भारत रत्न व अन्य सम्मानों के बाद भी उन्हें घमंड नहीं छू सका और वे जीवन भर सादगी से सुर-साधना करते रहे।
- 1 mark
(IV) यदि लेखक खीरा खा लेते तो संभव है नवाब साहब भी खा लेते, क्योंकि वे खीरे का आनंद लेना चाहते थे।
- 1 mark
पर लेखक के सामने वे अपनी नवाबी शान और दिखावा बनाए रखने के कारण नहीं खा सके।
Answer: किन्हीं तीन उप-प्रश्नों के ऊपर दिए उत्तर (सभी दिए गए हैं)
Where the marks are
- प्रत्येक उत्तर में दो बिंदु, 1+1 अंक (कुल 6)
Q9 · 5 marks · MCQCompetency-basedसूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' – उत्साह, अट नहीं रही है
निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
अट नहीं रही है
आभा फागुन की तन
सट नहीं रही है।
कहीं साँस लेते हो,
घर-घर भर देते हो,
उड़ने को नभ में तुम
पर-पर कर देते हो,
आँख हटाता हूँ तो
हट नहीं रही है।
पत्तों से लदी डाल
कहीं हरी, कहीं लाल,
कहीं पड़ी है उर में
मंद-गंध-पुष्प-माल,
पाट-पाट शोभा-श्री
पट नहीं रही है।- (I)1 mark
'अट नहीं रही है' कविता में किस ऋतु के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन किया गया है ?
- (A)चैत्र माह में आने वाली ग्रीष्म ऋतु का वर्णन
- (B)चैत्र माह में आने वाली वर्षा ऋतु का वर्णन
- (C)फागुन माह में आने वाली वसंत ऋतु का वर्णन
- (D)फागुन माह में आने वाली वर्षा ऋतु का वर्णन
- (II)1 mark
फागुन माह में प्रकृति में क्या-क्या परिवर्तन होते हैं?
सही विकल्प/विकल्पों का चयन कीजिए -
(i) नव पल्लवों से युक्त डालियाँ
(ii) अनगिनत रंग-बिरंगे सुगंधित पुष्प
(iii) प्रकृति का सौंदर्य चरम सीमा पर
(iv) आकाश में बादलों का छाना- (A)कथन (i) और (ii) सही हैं
- (B)केवल कथन (iii) सही है
- (C)कथन (i) और (iv) सही हैं
- (D)कथन (i), (ii) और (iii) सही हैं
- (III)1 mark
निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कर लिखिए :
कथन : आभा फागुन की तन सट नहीं रही है।
कारण : फाल्गुन की सुंदरता इतनी अधिक है कि वह धरती पर समा नहीं पा रही है और चारों ओर बिखरी हुई है |- (A)कथन गलत है, किंतु कारण सही है |
- (B)कथन और कारण दोनों ही गलत हैं |
- (C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है|
- (D)कथन और कारण दोनों सही हैं किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है |
- (IV)1 mark
यह कविता कवि के किस प्रेम को दर्शाती है?
- (A)देश प्रेम
- (B)प्रकृति प्रेम
- (C)कला प्रेम
- (D)मानव प्रेम
- (V)1 mark
'आँख हटाता हूँ तो हट नहीं रही है' - कवि किसकी ओर से अपनी आँख हटा नहीं पा रहा है?
- (A)प्राकृतिक सौंदर्य की ओर से
- (B)काले बादलों की ओर से
- (C)ऊँचे पहाड़ों की ओर से
- (D)हरे-भरे पेड़ों की ओर से
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- 1 mark
(I) C – कविता फागुन में आने वाली वसंत ऋतु का वर्णन है।
- 1 mark
(II) D – नव पल्लव, रंग-बिरंगे सुगंधित पुष्प और चरम सौंदर्य, पर बादल छाना नहीं।
- 1 mark
(III) C – कथन सही है और सौंदर्य का धरती पर न समाना उसकी सही व्याख्या है।
- 1 mark
(IV) B – कविता कवि के प्रकृति-प्रेम को दर्शाती है।
- 1 mark
(V) A – कवि चारों ओर बिखरे प्राकृतिक सौंदर्य से आँख नहीं हटा पाता।
Answer: (I) C; (II) D; (III) C; (IV) B; (V) A
Where the marks are
- प्रत्येक सही विकल्प 1 अंक (कुल 5)
Q10 · 6 marks · Very short answerसूरदास – पद
निर्धारित कविताओं के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए : (3x2=6)
- (I)2 marks
'सूरदास अब धीर धरहिं क्यों ?' - इस प्रश्न में निहित गोपियों की व्यथा का चित्रण 'सूरदास के पद' के आधार पर संक्षेप में लिखिए |
- (II)2 marks
"क्या यह अच्छा नहीं कि औरों की सुनता मैं मौन रहूँ ?" 'आत्मकथ्य' कविता के आधार पर लिखिए कि कवि 'दूसरों की सुनकर मौन रहना' क्यों श्रेयस्कर मानता है?
- (III)2 marks
'यह दंतुरित मुसकान' कविता में बच्चे और कवि के बीच का संबंध मुख्यतः संवादहीन है, फिर भी अत्यंत गहन और भावपूर्ण है | 'यह दंतुरित मुसकान' कविता के आधार पर तर्कपूर्ण उत्तर लिखिए |
- (IV)2 marks
'और यह कि फिर से गाया जा सकता है गाया जा चुका राग' - यह पंक्ति संगतकार के स्वर में किस भावना और विश्वास को व्यक्त करती है?
'संगतकार' कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए |
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- 1 mark
(I) कृष्ण के आने की अवधि अनिश्चित है, आस में गोपियाँ तन-मन से पीड़ा सह रही हैं।
- 1 mark
उद्धव के योग-संदेश ने विरह को और जलाया; मर्यादा टूट गई, गुहार बेकार रही, अतः वे धैर्य नहीं रख सकतीं।
- 1 mark
(II) कवि के अनुसार जीवन में सुनाने योग्य कोई बड़ी उपलब्धि नहीं है, इसलिए अपनी कथा कहने से दूसरों की सुनना बेहतर है।
- 1 mark
वे नहीं चाहते कि उनकी भोली व्यथा उपहास या मनोरंजन का विषय बने; इसलिए मौन श्रेयस्कर है।
- 1 mark
(III) संबंध संवादहीन है; बच्चे की दंतुरित मुसकान ही संचार का माध्यम है, जो कवि को छविमान सौंदर्य का अनुभव कराती है।
- 1 mark
कवि 'अतिथि' व पराया है, बच्चा अनिमेष देखता है; यह हृदय से हृदय का जुड़ाव शब्दों से परे है।
- 1 mark
(IV) यह पंक्ति आशा, पुनः प्रयास और अवसर की अनंतता का विश्वास जगाती है।
- 1 mark
संगतकार मानता है कि बीती विफलता अंत नहीं; राग फिर गाया जा सकता है, इसलिए हार न मानने का संदेश मिलता है।
Answer: किन्हीं तीन उप-प्रश्नों के ऊपर दिए उत्तर
Where the marks are
- प्रत्येक उत्तर में दो बिंदु, 1+1 अंक (कुल 6)
Q11 · 8 marks · Short answerमाता का अँचल
पूरक पाठ्य पुस्तक के निर्धारित पाठों पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए : (2x4=8)
- (I)4 marks
'माता का अँचल' पाठ में वर्णित बच्चों के 'खेती के खेल' से ग्रामीण जीवन की किन सामाजिक-आर्थिक वास्तविकताओं का पता चलता है?
- (II)4 marks
'साना-साना हाथ जोड़ि' पाठ के आधार पर लिखिए कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सैनिकों के जीवन और उनके योगदान पर लेखिका की टिप्पणी क्या प्रतिबिंबित करती है?
- (III)4 marks
'मैं क्यों लिखता हूँ' पाठ के आधार पर बताइए कि भीतरी विवशता क्या होती है ? लेखक अज्ञेय ने इसे स्पष्ट करने के लिए किसकी चर्चा की है?
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- 1 mark
(I) बच्चे घिरनी से कुआँ, मूँज की रस्सी, कंकड़ों से बीज बनाकर खेती की पूरी प्रक्रिया दोहराते थे।
- 1 mark
'ऊँच-नीच में बई कियारी, जो उपजी सो भई हमारी' जैसे लोकगीत गाते हुए वे फसल काटते, रौंदते और ओसाते थे।
- 1 mark
इससे पता चलता है कि गाँव के बच्चे बचपन से खेती के संघर्ष, सहयोग और उत्सव से परिचित थे।
- 1 mark
गीतों का 'ऊँच-नीच' भूमि की विषमता और सामूहिक श्रम के महत्त्व को दर्शाता है; खेल ग्रामीण जीवन का सूक्ष्म दस्तावेज़ है।
- 1 mark
(II) कटाओ जैसे दुर्गम इलाके में -15°C पर सैनिकों का निरंतर पहरा उनके अदम्य साहस को दर्शाता है।
- 1 mark
सैनिक का कथन 'आप चैन की नींद सो सकें, इसीलिए हम पहरा दे रहे हैं' लेखिका को विचलित करता है।
- 1 mark
छावनी का नारा 'वी गिव अवर टुडे फॉर योर टुमारो' उनके समर्पण का प्रतीक है।
- 1 mark
लेखिका नागरिक आराम और सीमा के कष्टों का अंतर दिखाते हुए राष्ट्रीय चेतना व कृतज्ञता प्रकट करती हैं।
Answer: किन्हीं दो प्रश्नों के ऊपर दिए उत्तर (I) और (II) (तीसरा भी संभव)
Where the marks are
- प्रत्येक उत्तर में चार बिंदु, 1-1 अंक (4 अंक)
Section D
खंड - घ (रचनात्मक लेखन): कुल 20 अंक; प्रश्नों में आंतरिक विकल्प दिए गए हैं
Answer one of these 3 alternatives.
Q12(i) · 6 marks · WritingWriting
प्रगति पथ पर अग्रसर भारत
- भारत की उपलब्धियाँ
- अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान
- देश की प्रगति के लिए हमारे कर्तव्य
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- 1 mark
आरंभ (1 अंक): आज भारत विकास की राह पर तेज़ी से बढ़ता राष्ट्र है। प्राचीन सभ्यता की विरासत और आधुनिक विज्ञान का मेल उसे 'प्रगति पथ पर अग्रसर' बनाता है।
- 2 marks
भारत की उपलब्धियाँ: चंद्रयान और मंगलयान की सफलता, शुभांशु शुक्ला का अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुँचना, डिजिटल भुगतान (UPI), हरित क्रांति के बाद खाद्यान्न में आत्मनिर्भरता तथा चिकित्सा, रक्षा और खेलों में बड़ी सफलताएँ भारत की शक्ति दिखाती हैं।
- 2 marks
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान: आज विश्व मंचों पर भारत की बात गंभीरता से सुनी जाती है। जी-20 की अध्यक्षता, योग और आयुर्वेद की लोकप्रियता, शांति-सेना में योगदान और विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में स्थान भारत की साख बढ़ाते हैं।
हमारे कर्तव्य (विषयवस्तु): नागरिक के रूप में हमें ईमानदारी से कर्तव्य निभाना, शिक्षा और विज्ञान को अपनाना, पर्यावरण और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना, स्वदेशी को बढ़ावा देना तथा भेदभाव छोड़कर एकता रखना चाहिए। (इस अंश में एक अंक विषयवस्तु का है)
- 1 mark
भाषा शुद्धता (1 अंक): लगभग 120 शब्दों में, शुद्ध वर्तनी और व्याकरण सहित, क्रमबद्ध अनुच्छेद; अंत में निष्कर्ष कि सबके प्रयास से भारत विश्वगुरु बनेगा।
Answer: संकेत-बिंदुओं पर लगभग 120 शब्दों का क्रमबद्ध अनुच्छेद (उपलब्धियाँ, अंतरराष्ट्रीय पहचान, हमारे कर्तव्य)।
Where the marks are
- सार्थक आरंभ (1 अंक)
- उपलब्धियाँ तथ्यों सहित (2 अंक)
- अंतरराष्ट्रीय पहचान और कर्तव्य (2 अंक)
- भाषा की शुद्धता और शब्द-सीमा (1 अंक)
OR
Q12(ii) · 6 marks · WritingWriting
भारतीय रसोई में बसता है सेहत का खजाना
- भारतीय रसोईघर : एक औषधालय
- संतुलित एवं संपूर्ण आहार
- स्वादिष्ट और सेहतमंद आहार
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- 1 mark
आरंभ (1 अंक): कहते हैं 'पहला सुख निरोगी काया'। हमारी रसोई में ही स्वास्थ्य का ऐसा खजाना है जो महँगी दवाओं से भी बढ़कर काम करता है।
- 2 marks
भारतीय रसोईघर: एक औषधालय: हल्दी रोगाणुरोधी है, अदरक-तुलसी सर्दी-खाँसी में लाभ देते हैं, अजवाइन और जीरा पाचन सुधारते हैं, लौंग और दालचीनी दर्द व संक्रमण में उपयोगी हैं। दादी-नानी के घरेलू नुस्खे इसी पर आधारित हैं।
- 1 mark
संतुलित एवं संपूर्ण आहार: दाल-चावल, रोटी, सब्ज़ी, दही और सलाद की थाली में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, खनिज और रेशा सभी मिलते हैं। मौसम के अनुसार भोजन शरीर को संतुलित रखता है।
- 1 mark
स्वादिष्ट और सेहतमंद आहार: मसालों से स्वाद बढ़ता है और भाप, उबालने व कम तेल में पकाने से पोषण बना रहता है। इसके विपरीत फास्ट-फूड मोटापा और रोग देता है, इसलिए घर का भोजन अपनाना चाहिए।
- 1 mark
भाषा शुद्धता (1 अंक): लगभग 120 शब्द, शुद्ध वर्तनी, क्रमबद्धता और सार्थक निष्कर्ष।
Answer: संकेत-बिंदुओं पर लगभग 120 शब्दों का क्रमबद्ध अनुच्छेद (रसोई औषधालय, संतुलित आहार, स्वादिष्ट-सेहतमंद भोजन)।
Where the marks are
- आरंभ (1 अंक)
- रसोई के औषधीय गुण (2 अंक)
- संतुलित आहार और स्वाद-सेहत (2 अंक)
- भाषा शुद्धता (1 अंक)
OR
Q12(iii) · 6 marks · WritingWriting
पाश्चात्य सभ्यता की गिरफ्त में आती युवा पीढ़ी
- पाश्चात्य संस्कृति का अर्थ
- पाश्चात्य संस्कृति का आकर्षण
- मानवीय मूल्यों में बदलाव
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- 1 mark
आरंभ (1 अंक): आज की युवा पीढ़ी पश्चिमी चकाचौंध की ओर तेज़ी से खिंच रही है, जिससे हमारी जड़ों और संस्कारों पर संकट दिखाई देता है।
- 1 mark
पाश्चात्य संस्कृति का अर्थ: यह यूरोप-अमेरिका की जीवनशैली, पहनावे, खान-पान, भाषा और विचारों का समूह है। इसमें व्यक्तिगत स्वतंत्रता और भौतिक सुख पर अधिक बल रहता है। इसके अच्छे गुण, जैसे समय-पालन और अनुशासन, अपनाने योग्य हैं।
- 1 mark
आकर्षण: फिल्मों, सोशल मीडिया और विज्ञापनों से फैशन, फास्ट-फूड, पार्टी-संस्कृति और अंग्रेज़ी का आकर्षण बढ़ा है। युवा इसे आधुनिकता और प्रतिष्ठा का प्रतीक मानने लगे हैं।
- 1 mark
मानवीय मूल्यों में बदलाव: बड़ों के प्रति आदर, परिवार का साथ, सहनशीलता और सेवा-भाव घट रहे हैं। उनकी जगह स्वार्थ, दिखावा, अकेलापन और उपभोक्तावाद ले रहे हैं।
- 1 mark
निष्कर्ष: अच्छाई ग्रहण करें पर अपनी संस्कृति न छोड़ें; आँख मूँदकर नकल के बजाय विवेक से चुनाव करें। (इस अंश में एक अंक विषयवस्तु का है)
- 1 mark
भाषा शुद्धता (1 अंक): लगभग 120 शब्द, शुद्ध वर्तनी और व्याकरण।
Answer: संकेत-बिंदुओं पर लगभग 120 शब्दों का क्रमबद्ध अनुच्छेद (अर्थ, आकर्षण, मूल्यों में बदलाव, निष्कर्ष)।
Where the marks are
- आरंभ (1 अंक)
- पाश्चात्य संस्कृति का अर्थ व आकर्षण (2 अंक)
- मूल्यों में बदलाव व निष्कर्ष (2 अंक)
- भाषा शुद्धता (1 अंक)
Answer one of these 2 alternatives.
Q13(A) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting
आप रेवा/रवि हैं । दैनिक समाचार-पत्रों में विज्ञापनों की भरमार को कम करने और समसामयिक विषयों पर लेखन की आवश्यकता को दर्शाते हुए किसी दैनिक समाचार-पत्र के संपादक को लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए |
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- 1 mark
प्रारूप (1 अंक): प्रेषक का पता और दिनांक; सेवा में, संपादक महोदय, दैनिक '...', नई दिल्ली; विषय: समाचार-पत्रों में विज्ञापनों की अधिकता कम करने तथा समसामयिक लेखन बढ़ाने हेतु; संबोधन 'महोदय,'; अंत में 'भवदीय, रेवा/रवि' ।
- 1 mark
विषयवस्तु: महोदय, मैं आपके पत्र का नियमित पाठक हूँ। आजकल अनेक पृष्ठ विज्ञापनों से भरे रहते हैं, जिससे समाचार और विचार के लिए स्थान कम रह जाता है। पाठक को खबर खोजने में कठिनाई होती है।
- 1 mark
पर्यावरण, शिक्षा, विज्ञान, अर्थव्यवस्था और सामाजिक मुद्दों जैसे समसामयिक विषयों पर विश्लेषणात्मक लेख, संपादकीय और पाठकों के विचार अधिक छपने चाहिए। इससे जागरूकता बढ़ेगी और युवाओं में पढ़ने की रुचि जागेगी।
- 1 mark
मेरा निवेदन है कि विज्ञापनों की संख्या सीमित की जाए और ज्ञानवर्धक सामग्री बढ़ाई जाए। आशा है आप इस सुझाव पर विचार करेंगे। धन्यवाद।
- 1 mark
भाषा शुद्धता (1 अंक): लगभग 100 शब्द, औपचारिक शैली और शुद्ध भाषा।
Answer: संपादक को औपचारिक पत्र, लगभग 100 शब्द, विज्ञापन घटाने और समसामयिक लेखन बढ़ाने के अनुरोध सहित।
Where the marks are
- औपचारिक प्रारूप: पता, दिनांक, संबोधन, विषय, अंत (1 अंक)
- विज्ञापनों की अधिकता की समस्या (1 अंक)
- समसामयिक लेखन की आवश्यकता (1 अंक)
- अनुरोध और सुझाव (1 अंक)
- भाषा शुद्धता (1 अंक)
OR
Q13(B) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting
आप रेवा/रवि हैं । आपको माताजी के पत्र से पता चला है कि आपके छोटे भाई का स्वभाव, बोलने का तरीका दिन-प्रतिदिन उग्र होता जा रहा है | संयमित व्यवहार और मीठी वाणी का महत्त्व समझाते हुए उसे लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए।
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- 1 mark
प्रारूप (1 अंक): पता, दिनांक; संबोधन 'प्रिय अनुज (नाम)', 'सस्नेह आशीर्वाद'; अंत में 'तुम्हारा शुभचिंतक भाई/बहन, रेवा/रवि'।
- 1 mark
विषयवस्तु: माँ के पत्र से ज्ञात हुआ कि तुम आजकल बात-बात पर क्रोधित हो जाते हो और कठोर भाषा बोलते हो। यह जानकर मुझे चिंता हुई।
- 1 mark
क्रोध में कही बात रिश्ते बिगाड़ती है और बाद में पछतावा देती है। मीठी वाणी से शत्रु भी मित्र बन जाते हैं; जैसे कबीर ने कहा है कि ऐसी वाणी बोलिए जो मन का आपा खो दे और दूसरों को शीतल करे।
- 1 mark
संयम के लिए गहरी साँस लो, गुस्से में तुरंत उत्तर मत दो, योग-खेल में मन लगाओ और बड़ों की बात ध्यान से सुनो। विश्वास है कि तुम अपने व्यवहार में सुधार करोगे। माँ-पिताजी को प्रणाम।
- 1 mark
भाषा शुद्धता (1 अंक): लगभग 100 शब्द, आत्मीय शैली और शुद्ध भाषा।
Answer: अनुज को अनौपचारिक पत्र, लगभग 100 शब्द, संयम और मीठी वाणी के महत्त्व सहित।
Where the marks are
- अनौपचारिक पत्र का प्रारूप (1 अंक)
- भाई के उग्र व्यवहार पर चिंता (1 अंक)
- मीठी वाणी का महत्त्व, उदाहरण सहित (1 अंक)
- संयम के उपाय और सीख (1 अंक)
- भाषा शुद्धता (1 अंक)
Answer one of these 2 alternatives.
Q14(A) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting
आप आभा/अभय हैं | आपने हिन्दी विषय में एम.ए.किया है | अ.ब.स. समाचार पत्र में सामग्री लेखक (कंटेंट राइटर) की नौकरी का विज्ञापन जारी हुआ है | आपको उस पद के लिए आवेदन करना है | इसके लिए लगभग 80 शब्दों में अपना एक स्ववृत्त लेख तैयार कीजिए |
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- 1 mark
प्रारूप (1 अंक): शीर्षक 'स्ववृत्त (बायोडेटा)'; पद: सामग्री लेखक (कंटेंट राइटर), अ.ब.स. समाचार पत्र।
- 1 mark
व्यक्तिगत विवरण: नाम: आभा/अभय; पिता का नाम: ...; जन्म-तिथि: ...; पता: ...; मोबाइल व ई-मेल: ...; भाषाएँ: हिंदी, अंग्रेज़ी; राष्ट्रीयता: भारतीय।
- 1 mark
शैक्षिक योग्यता: एम.ए. (हिंदी), 60% अंक, ... विश्वविद्यालय; बी.ए. (हिंदी ऑनर्स); 12वीं और 10वीं, CBSE बोर्ड, प्रथम श्रेणी।
- 1 mark
अनुभव/कौशल: कॉलेज पत्रिका में लेखन और संपादन, हिंदी टंकण, कंप्यूटर व डिजिटल सामग्री का ज्ञान, शोध व रचनात्मक लेखन। अभिरुचि: पढ़ना, कविता। घोषणा: उपर्युक्त विवरण सत्य है। दिनांक, स्थान, हस्ताक्षर।
- 1 mark
भाषा शुद्धता (1 अंक): लगभग 80 शब्द, संक्षिप्त और शुद्ध प्रस्तुति।
Answer: कंटेंट राइटर पद हेतु लगभग 80 शब्दों का स्ववृत्त (व्यक्तिगत विवरण, योग्यता, अनुभव, घोषणा)।
Where the marks are
- स्ववृत्त का प्रारूप (1 अंक)
- व्यक्तिगत विवरण (1 अंक)
- शैक्षिक योग्यता (1 अंक)
- अनुभव, कौशल और घोषणा (1 अंक)
- भाषा शुद्धता (1 अंक)
OR
Q14(B) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting
आप आभा/अभय हैं | आपकी कॉलोनी की सड़कें नगर-पालिका द्वारा नई बनवा दी गई हैं | नगर-पालिका के अध्यक्ष को नई सड़कें बनवाने के लिए धन्यवाद ज्ञापन करते हुए लगभग 80 शब्दों में एक ई-मेल लिखिए |
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- 1 mark
प्रारूप (1 अंक): प्रति: adhyaksh.nagarpalika@... ; प्रेषक: abha/abhay@...; विषय: कॉलोनी में नई सड़कें बनवाने हेतु धन्यवाद; संबोधन 'आदरणीय अध्यक्ष महोदय'; अंत में नाम व पता।
- 1 mark
विषयवस्तु: मैं ... कॉलोनी का निवासी हूँ। हमारी कॉलोनी की टूटी-फूटी सड़कों से लंबे समय से कठिनाई होती थी, विशेषकर बरसात में जलभराव और दुर्घटना का भय रहता था।
- 1 mark
आपके प्रयास से नई सड़कें बन गई हैं। इससे आवागमन सुगम हुआ, बच्चों और बुज़ुर्गों को सुविधा मिली तथा कॉलोनी की शोभा बढ़ी। सभी निवासियों की ओर से हार्दिक धन्यवाद।
- 1 mark
आशा है आगे भी नालियों, प्रकाश और सफ़ाई पर ऐसा ही ध्यान मिलेगा। सधन्यवाद, आभा/अभय।
- 1 mark
भाषा शुद्धता (1 अंक): लगभग 80 शब्द, औपचारिक और शुद्ध भाषा।
Answer: नगर-पालिका अध्यक्ष को लगभग 80 शब्दों का धन्यवाद-ई-मेल।
Where the marks are
- ई-मेल प्रारूप: प्रति, प्रेषक, विषय, संबोधन, अंत (1 अंक)
- पूर्व समस्या का उल्लेख (1 अंक)
- नई सड़कों से लाभ और धन्यवाद (1 अंक)
- आगे की अपेक्षा (1 अंक)
- भाषा शुद्धता (1 अंक)
Answer one of these 2 alternatives.
Q15(A) · 4 marks · WritingCompetency-basedWriting
इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के साथ ही ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर क्राइम में भी बहुत वृद्धि हुई है | इस ओर आम नागरिक को सतर्क और जागरूक करने के लिए एक आकर्षक विज्ञापन लगभग 40 शब्दों में पुलिस विभाग की ओर से तैयार कीजिए |
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- 1 mark
रचनात्मक प्रस्तुति (1 अंक): आकर्षक शीर्षक और नारा, जैसे 'सावधान! एक क्लिक, और खाता खाली!' चित्र/बॉक्स की सज्जा का संकेत।
- 2 marks
विषयवस्तु (2 अंक): अनजान लिंक, OTP, पासवर्ड या कार्ड-विवरण किसी को न बताएँ। फ़र्ज़ी कॉल और लॉटरी संदेशों से सावधान रहें। मज़बूत पासवर्ड रखें। धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 पर या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।
- 1 mark
भाषा शुद्धता (1 अंक): लगभग 40 शब्द, संक्षिप्त वाक्य, अंत में जारीकर्ता: पुलिस विभाग, जनहित में जारी।
Answer: पुलिस विभाग की ओर से साइबर अपराध पर लगभग 40 शब्दों का आकर्षक विज्ञापन।
Where the marks are
- आकर्षक शीर्षक/नारा (1 अंक)
- बचाव के उपाय और शिकायत-सूचना (2 अंक)
- भाषा शुद्धता और जारीकर्ता (1 अंक)
OR
Q15(B) · 4 marks · WritingCompetency-basedWriting
अपने विद्यालय के प्राचार्य / प्राचार्या की ओर से आगामी बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित होने वाले सभी परीक्षार्थियों के लिए शुभकामना-संदेश लगभग 40 शब्दों में लिखिए |
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- 1 mark
प्रारूप (1 अंक): शीर्षक 'शुभकामना-संदेश'; दिनांक; विद्यालय का नाम; अंत में प्रधानाचार्य/प्राचार्या का नाम व पद।
- 2 marks
विषयवस्तु (2 अंक): प्रिय परीक्षार्थियो, आपने वर्ष भर कठोर परिश्रम किया है। अब आत्मविश्वास और शांत मन से परीक्षा दीजिए। तनाव न लें, पर्याप्त नींद और संतुलित भोजन लें, प्रश्न ध्यान से पढ़ें। मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ, आप सफल हों और विद्यालय का नाम रोशन करें।
- 1 mark
भाषा शुद्धता (1 अंक): लगभग 40 शब्द, शुद्ध वर्तनी और प्रेरक भाषा।
Answer: प्राचार्य की ओर से बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए लगभग 40 शब्दों का शुभकामना-संदेश।
Where the marks are
- संदेश का प्रारूप (1 अंक)
- प्रेरणा, सुझाव और शुभकामना (2 अंक)
- भाषा शुद्धता (1 अंक)
Source: official sample paper, cbseacademic.nic.in. Chapter tags and solutions are ours. Spotted a transcription error? Write tosupport@questionbuddy.in.