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HindiCBSE Class 10 · Course A · Board exam 2026, set 3/1/1 · 6 marks · Very short answer

CBSE Class 10 Hindi Course A 2026: question 8

Set in the CBSE Class 10 board exam of 2026, paper 3/1/1, section ग, question 8, for 6 marks. Try it first; the hints and our step-by-step solution are below.

Q8 · 6 marks · Very short answerस्वयं प्रकाश – नेताजी का चश्मा

निर्धारित गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए : 3 × 2 = 6

  1. (i)

    'नेताजी का चश्मा' पाठ में नेताजी की मूर्ति पर पत्थर का चश्मा न होना बड़ी बात नहीं थी, बड़ी बात तो असली चश्मे की मौजूदगी थी। क्यों? उपयुक्त तर्कों के आधार पर उत्तर लिखिए।

    2 marks
  2. (ii)

    बालगोबिन भगत का बेटा सामान्य बच्चों से अलग कैसे था? वे उसके साथ किस प्रकार का बर्ताव करते थे?

    2 marks
  3. (iii)

    किस आधार पर यह कहा जा सकता है कि 'लखनवी अंदाज़' पाठ में नवाब साहब खीरे के साथ देखे जाने पर ही असहज हो गए थे?

    2 marks
  4. (iv)

    'एक कहानी यह भी' पाठ में मन्नू भंडारी ने स्वयं पर अपने पिता के प्रभाव को स्वीकारा है। उनके व्यक्तित्व के किन्हीं दो पहलुओं का उल्लेख कीजिए जो पिता के प्रभाव को दर्शाते हों।

    2 marks

Source: official question paper from cbse.gov.in (PDF). See it in the full 2026 board paper, set 3/1/1.

Hints

Open one hint at a time and try again before the next.

Hint 1

प्रत्येक पाठ की उस घटना को याद कीजिए जिस पर प्रश्न आधारित है।

Hint 2

उत्तर में एक कारण या बिंदु और उसका पाठ से तर्क या उदाहरण जोड़िए।

Step-by-step solution

Each step shows the marks it earns, as an examiner would award them. Checked by an independent re-solve from the question paper.

  1. (i) कारण: मूर्ति पर असली चश्मा देशभक्तों के सम्मान की भावना और लोगों के हृदय में आज भी बसे देशप्रेम को दिखाता है।

    1 mark
  2. तर्क: कैप्टन को मूर्ति पर चश्मा न होना खटका और वह अपनी सामर्थ्य से उसे लगाता रहा। यह उदासीनता और उपहास के बजाय जागरूकता और सक्रियता का भाव है।

    1 mark
  3. (ii) बालगोबिन भगत का बेटा सुस्त और बोदा था, अर्थात मंदबुद्धि और काम में ढीला।

    1 mark
  4. भगत उसके साथ अधिक प्रेम और देखभाल का बर्ताव करते थे। उनके अनुसार ऐसे लोगों पर ज़्यादा ध्यान और स्नेह चाहिए।

    1 mark
  5. (iii) नवाब साहब ने लेखक को देखकर खीरे खाने से इनकार किया और बाद में फाँकों को सूँघकर फेंक दिया, जबकि उनकी खाने की तीव्र इच्छा थी। इससे उनकी असहजता झलकती है।

    1 mark
  6. उन्होंने संगति के लिए उत्साह नहीं दिखाया और लेखक को अनदेखा किया। एकांत में विघ्न पड़ने का असंतोष स्पष्ट था।

    1 mark
  7. (iv) पहला पहलू: मन्नू जी में शक्की स्वभाव है। यश मिलने के बाद भी हीन-भावना और सहज विश्वास न कर पाने की प्रवृत्ति पिता से आई।

    1 mark
  8. दूसरा पहलू: देश और समाज के प्रति जागरूकता और अध्ययन-लेखन की प्रवृत्ति। पिता से मिली राजनीतिक चेतना ने उन्हें आज़ादी के आंदोलन से जोड़ा।

    1 mark

Answer: (i) असली चश्मा लोगों में देशभक्ति और जागरूकता का प्रतीक; (ii) सुस्त और बोदा; भगत अधिक स्नेह/देखभाल करते; (iii) खीरा देखकर संकोच, इनकार और फाँकें सूँघकर फेंकना; (iv) शक्की स्वभाव और देश-समाज के प्रति जागरूकता

Where the marks are

  • (i) उपयुक्त कारण (1) और तर्क (1)
  • (ii) बेटा कैसे अलग था (1) और भगत का बर्ताव (1)
  • (iii) दो उपयुक्त बिंदु (1+1)
  • (iv) व्यक्तित्व के दो पहलू (1+1)

Revise the chapter

The question is transcribed from the official paper; figures are described in words. The solution, hints and chapter tag are ours. Spotted an error? Write tosupport@questionbuddy.in.