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HindiISC Class 11 · Chapter 7

ISC Class 11 हिंदी गौरी – सुभद्रा कुमारी चौहान: कथा, गौरी का चरित्र और हल सहित प्रश्न

Updated 15 October 2026 · Fact-checked

'गौरी' सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी है, जिसकी नायिका गौरी अपनी माँ कुंती से दृढ़ता से कहती है कि वह कानपुर जाएगी। वह जेल गए सत्याग्रही सीताराम के बच्चों की देखभाल करना चाहती है, ताकि स्वतंत्रता-सेनानी पारिवारिक चिंता से मुक्त रहे। उसका त्याग किसी देशभक्त से कम नहीं।

What गौरी – सुभद्रा कुमारी चौहान is about

गौरी 'झाँसी की रानी' कविता के लिए प्रसिद्ध कवयित्री और कथाकार सुभद्रा कुमारी चौहान (1904-1948) की कहानी है। ISC 2028 की पाठ्य-पुस्तक-सूची के अनुसार यह गद्य संकलन (Evergreen Publications) के कक्षा XI भाग का दूसरा पाठ है। सुभद्रा जी स्वयं स्वतंत्रता-आंदोलन में सक्रिय रहीं और जेल भी गईं; उनकी कहानियों में स्त्री का साहस, देशभक्ति और सामाजिक रूढ़ियों का विरोध प्रमुख है।

2024 के ISC बोर्ड प्रश्न-पत्र (प्रश्न 4) में इस कहानी का यह वाक्य उद्धृत हुआ था: 'उसने अपने सारे साहस को समेटकर दृढ़ता से कहा - "माँ, मैं कानपुर जाऊँगी।"' पूछा गया था: पाठ और लेखक का नाम (1 अंक); यह कथन किसने कहा और वह कानपुर क्यों जाना चाहती है (2); कथन के पीछे वक्ता का उद्देश्य और उसका कदम उचित क्यों (2); और स्वतंत्रता-आंदोलन में वक्ता का त्याग किसी देशभक्त से कम क्यों नहीं था (5)।

CISCE की अंक-योजना के अनुसार: यह कथन गौरी ने अपनी माँ कुंती से कहा; वह जेल गए सत्याग्रही सीताराम के बच्चों की देखभाल के लिए कानपुर जाना चाहती है; उसका उद्देश्य एक स्वतंत्रता-सेनानी को पारिवारिक चिंताओं से मुक्त करना है, और यह राष्ट्र की प्रशंसनीय सेवा है; गौरी ने एक नायब तहसीलदार के साथ सुख-सुविधा वाले वैवाहिक जीवन का अवसर छोड़कर निःस्वार्थ सेवा का मार्ग चुना, इसलिए उसका त्याग सीताराम के त्याग से कम नहीं।

पाठ के बारे में। इस कहानी का पूरा पाठ हमें किसी विश्वसनीय स्रोत में नहीं मिला। इसलिए यह पृष्ठ केवल CISCE की 2024 अंक-योजना से पुष्ट तथ्यों पर आधारित है और कथा का पूरा क्रम या अन्य संवाद नहीं देता। कहानी अपनी पाठ्य-पुस्तक से अवश्य पढ़ें।

Weightage: CISCE अध्यायवार अंक प्रकाशित नहीं करता। गद्य संकलन से तीन प्रश्न (एक गद्यांश-आधारित, दो दीर्घ, 10-10 अंक) आते हैं; 2024 में इस कहानी पर 10 अंकों का गद्यांश-आधारित प्रश्न आया था। कक्षा XI का प्रश्न-पत्र विद्यालय बनाता है।Source: CISCE का ISC 2028 परिशिष्ट I (हिंदी 805, गद्य संकलन, कक्षा XI); ISC विद्यार्थी-प्रदर्शन विश्लेषण 2024 (हिंदी), प्रश्न 4

गौरी – सुभद्रा कुमारी चौहान: summary

In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.

कहानी का केंद्र। 'गौरी' स्वतंत्रता-आंदोलन की पृष्ठभूमि में लिखी कहानी है। इसकी नायिका गौरी है, जिसकी माँ का नाम कुंती है। कहानी में सीताराम नाम के एक सत्याग्रही हैं, जो देश की स्वतंत्रता के लिए जेल चले गए हैं; कानपुर में उनके छोटे बच्चे देखभाल के बिना रह गए हैं।

गौरी का निर्णय। कहानी का निर्णायक क्षण वह है जब गौरी अपने सारे साहस को समेटकर दृढ़ता से माँ से कहती है: 'माँ, मैं कानपुर जाऊँगी।' वह सीताराम के बच्चों की देखभाल करना चाहती है, ताकि जेल में बैठा देशभक्त अपने परिवार की चिंता से मुक्त रह सके। एक युवा स्त्री के लिए उस समय यह निर्णय सरल नहीं था; इसीलिए लेखिका 'साहस को समेटकर' और 'दृढ़ता से' जैसे शब्दों का प्रयोग करती हैं।

त्याग। CISCE की अंक-योजना के अनुसार गौरी के सामने एक नायब तहसीलदार के साथ सुख-सुविधाओं से भरे वैवाहिक जीवन का रास्ता था। उसने उस सुख को छोड़कर एक स्वतंत्रता-सेनानी के बच्चों की निःस्वार्थ सेवा चुनी।

अंक-योजना से मिलने वाले अन्य तथ्य। 2024 की CISCE अंक-योजना कुछ और बातें बताती है: अंग्रेज़ सरकार ने सीताराम जी को एक साल के कारावास में डाल दिया था और पत्नी न होने के कारण उनके बच्चे कानपुर में अकेले थे। घर में गौरी के पिता नहीं थे, पर उसने उनके लौटने की प्रतीक्षा नहीं की; माँ से स्पष्ट कहकर वह एक नौकर के साथ कानपुर गई और बच्चों की देखभाल करने लगी। हर महीने बच्चों की कुशलता का समाचार कारावास में सीताराम जी तक पहुँचता रहा। नायब तहसीलदार से अपने विवाह की बात से गौरी प्रसन्न नहीं थी, क्योंकि उसे अंग्रेज़ों के इशारे पर अपने ही देशवासियों पर अत्याचार करने वालों से घृणा थी; वह सीताराम जी जैसे देशभक्त की पत्नी बनना चाहती थी।

संदेश। कहानी बताती है कि स्वतंत्रता-संग्राम केवल जेल जाने वालों का नहीं था; उनके परिवारों को सँभालने वाले, विशेषकर स्त्रियाँ, भी उतने ही बड़े देशभक्त थे। गौरी का त्याग सीताराम के त्याग से कम नहीं। कहानी स्त्री के आत्मनिर्णय, साहस और देश-सेवा को सम्मान देती है।

(यह सार केवल CISCE की 2024 अंक-योजना और प्रश्न में छपे तथ्यों पर आधारित है; कहानी की अन्य घटनाएँ पाठ्य-पुस्तक से पढ़ें।)

Themes and message

देशभक्ति और राष्ट्र-सेवा

देश-सेवा के कई रूप हैं। सीताराम जेल जाकर सत्याग्रह करते हैं; गौरी उनके बच्चों को सँभालकर उन्हें निश्चिंत करती है। 2024 की अंक-योजना ने गौरी के कदम को राष्ट्र की प्रशंसनीय सेवा कहा।

From the text: 'माँ, मैं कानपुर जाऊँगी।'

स्त्री का साहस और आत्मनिर्णय

गौरी अपने जीवन का निर्णय स्वयं लेती है और माँ के सामने दृढ़ता से रखती है। लेखिका दिखाती हैं कि स्त्री भी अपने विवेक से बड़े निर्णय ले सकती है।

From the text: 'उसने अपने सारे साहस को समेटकर दृढ़ता से कहा'।

त्याग

गौरी ने सुख-सुविधा वाले वैवाहिक जीवन का अवसर छोड़कर सेवा का कठिन मार्ग चुना। उसका त्याग जेल जाने वाले देशभक्त के त्याग के बराबर है।

From the text: अंक-योजना: नायब तहसीलदार के साथ आरामदायक जीवन छोड़कर निःस्वार्थ सेवा।

Characters

गौरी

कहानी की नायिका

  • साहसी और दृढ़-निश्चयी
  • त्यागी
  • देशभक्त और सेवाभावी

माँ से दृढ़ता से कहती है कि कानपुर जाएगी; सत्याग्रही के बच्चों की देखभाल के लिए सुखी जीवन का अवसर छोड़ देती है।

कुंती

गौरी की माँ

  • गौरी के निर्णय की श्रोता

2024 की अंक-योजना के अनुसार गौरी ने यह बात अपनी माँ कुंती से कही।

सीताराम

जेल गए सत्याग्रही

  • देशभक्त, स्वतंत्रता-सेनानी

उनके बच्चे कानपुर में हैं, जिनकी देखभाल के लिए गौरी जाना चाहती है। (2024 में कई विद्यार्थियों ने भूल से सीताराम को वक्ता मान लिया।)

How it is written

DeviceExampleEffect
निर्णायक संवाद'माँ, मैं कानपुर जाऊँगी।'छोटा, सीधा वाक्य नायिका के दृढ़ निश्चय को प्रकट करता है।
भावपूर्ण विशेषण'सारे साहस को समेटकर', 'दृढ़ता से'।निर्णय की कठिनाई और नायिका के मनोबल को एक साथ दिखाते हैं।
सरल, प्रवाहपूर्ण भाषासुभद्रा जी की कहानियों की बोलचाल के निकट हिंदी।पाठक सीधे पात्रों की भावनाओं से जुड़ता है।

Key quotations

Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.

  • माँ, मैं कानपुर जाऊँगी।

    गौरी: अपनी माँ कुंती से (2024 प्रश्न-पत्र में उद्धृत)।

    गौरी का दृढ़ निश्चय: सत्याग्रही सीताराम के बच्चों की सेवा के लिए घर छोड़ना।

  • उसने अपने सारे साहस को समेटकर दृढ़ता से कहा

    लेखिका: गौरी के निर्णय से ठीक पहले (2024 प्रश्न-पत्र में उद्धृत)।

    निर्णय की कठिनाई और नायिका का मनोबल।

गौरी – सुभद्रा कुमारी चौहान in real life

Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.

पर्दे के पीछे का योगदान

मान लीजिए आपके पड़ोस में किसी सैनिक का परिवार रहता है, जिसके पिता सीमा पर तैनात हैं।

'गौरी' कहानी से आप उस परिवार के बारे में क्या सोचेंगे?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. सैनिक का त्याग प्रत्यक्ष दिखता है।
  2. परिवार को सँभालने वाले का त्याग अनदेखा रह जाता है।
  3. दोनों मिलकर देश-सेवा करते हैं।

Answer: जैसे गौरी ने सीताराम के बच्चों को सँभालकर देश-सेवा की, वैसे ही सैनिकों के परिवार भी देश-सेवा में भागीदार हैं; उनकी सहायता करना भी देशभक्ति है।

Memory hook: जो घर सँभाले, वह भी सेनानी।

साहसी निर्णय

कल्पना कीजिए कि आपकी बड़ी बहन एक अच्छी नौकरी छोड़कर किसी गाँव में बच्चों को पढ़ाने का निर्णय लेती है।

गौरी के निर्णय से इसकी क्या समानता है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. दोनों ने सुविधाजनक जीवन छोड़ा।
  2. दोनों का उद्देश्य दूसरों की सेवा।
  3. निर्णय में साहस और दृढ़ता चाहिए।

Answer: गौरी की तरह ऐसे निर्णय व्यक्तिगत सुख से ऊपर समाज की भलाई रखते हैं; परिवार का समर्थन उन्हें शक्ति देता है।

Memory hook: साहस समेटो, सेवा चुनो।

स्त्री का आत्मनिर्णय

मान लीजिए किसी लड़की के परिवार ने उसके भविष्य के बारे में निर्णय कर लिया है, पर वह अपना अलग रास्ता चुनना चाहती है।

गौरी के व्यवहार से क्या सीख मिलती है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. गौरी ने माँ के सामने विनम्र पर दृढ़ होकर निर्णय रखा।
  2. उसका निर्णय सोच-समझकर और उद्देश्यपूर्ण था।

Answer: अपने निर्णय को सम्मान और दृढ़ता के साथ रखना, और उसके पीछे सार्थक उद्देश्य होना, गौरी के चरित्र की सीख है।

Memory hook: विनम्र स्वर, दृढ़ निर्णय।

Topics in this chapter

How the school exam asks गौरी – सुभद्रा कुमारी चौहान

The question patterns to expect, and the method that works for each.

Question typeHow it is askedMethod
गद्यांश: पाठ और लेखक (1 अंक)'उक्त कथन से संबंधित पाठ और उसके लेखक का नाम लिखिए।' (2024)पाठ 'गौरी', लेखिका सुभद्रा कुमारी चौहान; सही वर्तनी में, दोनों अवश्य।
गद्यांश: वक्ता, कारण, उद्देश्य (2 + 2 अंक)'यह कथन किसने कहा है? वह कानपुर क्यों जाना चाहती है?' 'इस कथन के पीछे वक्ता का क्या उद्देश्य था? आप किस आधार पर कहेंगे कि वक्ता ने उचित कदम उठाया?' (2024)वक्ता गौरी (सीताराम नहीं), श्रोता माँ कुंती; कारण पूरा; उद्देश्य और औचित्य दोनों।
गद्यांश: त्याग की तुलना (5 अंक) और दीर्घ प्रश्न'स्पष्ट कीजिए कि स्वतंत्रता प्राप्ति के आन्दोलन में वक्ता का त्याग भी किसी देशभक्त से कम नहीं था?' (2024)दोनों के त्याग की तुलना करें; केवल सीताराम का या केवल बच्चों की देखभाल का वर्णन अधूरा है।

Tricks to remember गौरी – सुभद्रा कुमारी चौहान

Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.

  • गौ-कुं-सी-का

    गौरी (वक्ता), कुंती (माँ, श्रोता), सीताराम (सत्याग्रही), कानपुर (बच्चे)।

    Use it when: 2024 जैसे वक्ता-श्रोता प्रश्न।

  • त्याग बराबर

    सीताराम: जेल; गौरी: सुख छोड़ा; दोनों: देश।

    Use it when: 5 अंकों का तुलना-प्रश्न।

गौरी – सुभद्रा कुमारी चौहान: exam-level solved questions

Ordered from exam level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.

Example 1: गद्यांश (i): पाठ और लेखक (2024) · 1 mark · Very short answerExam level

उसने अपने सारे साहस को समेटकर दृढ़ता से कहा - "माँ, मैं कानपुर जाऊँगी।" उक्त कथन से संबंधित पाठ और उसके लेखक का नाम लिखिए।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. पाठ: गौरी।
  2. लेखिका: सुभद्रा कुमारी चौहान (2024 में नाम छोड़ने या गलत वर्तनी पर अंक कटे)।

Answer: पाठ 'गौरी'; लेखिका सुभद्रा कुमारी चौहान।

Example 2: गद्यांश (ii): वक्ता और कारण (2024) · 2 marks · Short answerHarder exam level

यह कथन किसने कहा है? वह कानपुर क्यों जाना चाहती है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. वक्ता: गौरी; श्रोता: माँ कुंती।
  2. कारण: जेल गए सत्याग्रही सीताराम के बच्चों की देखभाल।

Answer: यह कथन गौरी ने अपनी माँ कुंती से कहा। वह कानपुर इसलिए जाना चाहती है कि स्वतंत्रता-आंदोलन में जेल गए सत्याग्रही सीताराम के बच्चों की देखभाल कर सके।

Example 3: गद्यांश (iii): उद्देश्य और औचित्य (2024) · 2 marks · Short answerHarder exam level

इस कथन के पीछे वक्ता का क्या उद्देश्य था? आप किस आधार पर कहेंगे कि वक्ता ने उचित कदम उठाया?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. उद्देश्य: स्वतंत्रता-सेनानी को पारिवारिक चिंता से मुक्त करना।
  2. औचित्य: यह राष्ट्र की सेवा है।

Answer: गौरी का उद्देश्य था कि जेल में बंद सत्याग्रही सीताराम अपने बच्चों की चिंता से मुक्त होकर देश के लिए संघर्ष करते रहें। उसका कदम उचित था, क्योंकि स्वतंत्रता-सेनानी के परिवार को सँभालना भी देश-सेवा ही है; इससे आंदोलन को बल मिलता है।

Example 4: गद्यांश (iv): गौरी का त्याग (2024, 5 अंक) · 5 marks · Long answerHOTS / competency

स्पष्ट कीजिए कि स्वतंत्रता प्राप्ति के आन्दोलन में वक्ता का त्याग भी किसी देशभक्त से कम नहीं था।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. सीताराम का त्याग: जेल जाना, परिवार से दूर।
  2. गौरी का त्याग: सुख-सुविधा वाले विवाहित जीवन (नायब तहसीलदार) का अवसर छोड़ना, निःस्वार्थ सेवा।
  3. तुलना: दोनों का लक्ष्य देश की स्वतंत्रता।
  4. निष्कर्ष।

Answer: स्वतंत्रता-आंदोलन में सीताराम ने जेल जाकर देश के लिए कष्ट उठाया; यह प्रत्यक्ष त्याग है। पर उनके बच्चे असहाय रह गए थे। गौरी ने उनकी देखभाल का दायित्व स्वयं उठाया, ताकि एक देशभक्त निश्चिंत होकर संघर्ष कर सके।
इसके लिए गौरी ने अपना सुख छोड़ा। CISCE की अंक-योजना के अनुसार उसके सामने एक नायब तहसीलदार के साथ आरामदायक वैवाहिक जीवन का रास्ता था, पर उसने उसके स्थान पर निःस्वार्थ सेवा का कठिन मार्ग चुना और पिता के लौटने की प्रतीक्षा किए बिना साहस के साथ माँ के सामने अपना निर्णय रखा।
सीताराम ने जेल की यातना सही, तो गौरी ने व्यक्तिगत सुख का बलिदान दिया; दोनों का लक्ष्य एक ही था, देश की स्वतंत्रता। इसलिए गौरी का त्याग किसी देशभक्त से कम नहीं; वह उन असंख्य स्त्रियों का प्रतीक है जिन्होंने पर्दे के पीछे रहकर स्वतंत्रता-संग्राम को सहारा दिया।

Example 5: दीर्घ प्रश्न: गौरी का चरित्र · 10 marks · Long answerHarder exam level

'गौरी' कहानी के आधार पर गौरी के चरित्र की विशेषताएँ लिखिए।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. साहसी और दृढ़-निश्चयी: 'माँ, मैं कानपुर जाऊँगी।'
  2. त्यागी: सुख-सुविधा वाला जीवन छोड़ा।
  3. देशभक्त: सत्याग्रही के परिवार की सेवा।
  4. सेवाभावी और संवेदनशील: बच्चों की चिंता।
  5. आत्मनिर्भर स्त्री का प्रतीक।

Answer: गौरी सुभद्रा कुमारी चौहान की कहानी की वह नायिका है जो साधारण दिखते हुए भी असाधारण निर्णय लेती है।
साहसी और दृढ़-निश्चयी। वह अपने सारे साहस को समेटकर माँ कुंती से दृढ़ता से कहती है, 'माँ, मैं कानपुर जाऊँगी।' उस समय एक युवा स्त्री के लिए ऐसा निर्णय लेना कठिन था।
त्यागी। उसने एक नायब तहसीलदार के साथ सुख-सुविधा वाले वैवाहिक जीवन का अवसर छोड़ दिया।
देशभक्त। वह जेल गए सत्याग्रही सीताराम के बच्चों की देखभाल करके एक स्वतंत्रता-सेनानी को पारिवारिक चिंता से मुक्त करना चाहती है; यह भी देश-सेवा है।
सेवाभावी और संवेदनशील। उसे उन असहाय बच्चों की चिंता है जिनका पिता देश के लिए जेल में है।
आत्मनिर्भर स्त्री का प्रतीक। वह अपने जीवन का मार्ग स्वयं चुनती है।
इस प्रकार गौरी साहस, त्याग और देशभक्ति की प्रतिमूर्ति है; उसके माध्यम से लेखिका स्वतंत्रता-संग्राम में स्त्रियों के मौन योगदान को सम्मान देती हैं।

Where the marks are

How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.

गद्यांश-आधारित प्रश्न (10 अंक: 1 + 2 + 2 + 5), 2024 के प्रश्न 4 के ढाँचे पर। उप-भागों के भीतर का विभाजन संकेतात्मक है। (10 marks)

StepMarks
(i) पाठ और लेखिका का नाम1
(ii) वक्ता-श्रोता और कानपुर जाने का कारण2
(iii) उद्देश्य और कदम का औचित्य2
(iv) गौरी और सीताराम के त्याग की तुलना, निष्कर्ष सहित5

Where students lose marks in गौरी – सुभद्रा कुमारी चौहान

The slips examiners see most often, and what to write instead.

  • Mistake: लेखिका का नाम छोड़ना या गलत लिखना

    2024 के परीक्षकों के अनुसार कई विद्यार्थियों ने पाठ का नाम लिखा पर लेखिका का नाम गलत, गलत वर्तनी में या छोड़ दिया।

    Do this: 'गौरी' – सुभद्रा कुमारी चौहान, सही वर्तनी के साथ याद करें।

    Usually costs: 1 अंक।

  • Mistake: सीताराम को वक्ता मान लेना

    2024 में कुछ विद्यार्थियों ने यही भूल की।

    Do this: वक्ता गौरी, श्रोता माँ कुंती।

    Usually costs: 2 अंकों में से अधिकांश।

  • Mistake: कानपुर जाने का केवल एक कारण

    परीक्षकों के अनुसार कई ने अधूरा कारण दिया।

    Do this: कारण पूरा लिखें: जेल गए सत्याग्रही सीताराम के बच्चों की देखभाल, ताकि वे पारिवारिक चिंता से मुक्त रहें।

    Usually costs: 1 अंक।

  • Mistake: त्याग की तुलना न करना

    2024 में कई ने केवल एक पक्ष का वर्णन किया।

    Do this: दोनों के त्याग लिखकर स्पष्ट तुलना करें।

    Usually costs: 5 अंकों में से अधिकांश।

Practice questions on गौरी – सुभद्रा कुमारी चौहान

Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.

  1. Q1 · 1 mark · MCQExam level

    'माँ, मैं कानपुर जाऊँगी' किसने किससे कहा? (a) सीताराम ने कुंती से (b) गौरी ने कुंती से (c) कुंती ने गौरी से (d) गौरी ने सीताराम से

    Hint

    2024 में कई ने सीताराम को वक्ता मान लिया था।

    Answer

    (b) गौरी ने कुंती से।

  2. Q2 · 2 marks · Short answerExam level

    सीताराम कौन थे और उनके बच्चों की देखभाल की आवश्यकता क्यों थी?

    Hint

    सत्याग्रह और जेल।

    Answer

    सीताराम एक सत्याग्रही (स्वतंत्रता-सेनानी) थे, जो आंदोलन में जेल चले गए थे; इसलिए कानपुर में उनके बच्चों की देखभाल करने वाला कोई नहीं था।

  3. Q3 · 5 marks · Long answerHarder exam level

    स्वतंत्रता-संग्राम में स्त्रियों के योगदान पर 'गौरी' कहानी के आधार पर अपने विचार लिखिए।

    Hint

    प्रत्यक्ष संघर्ष और परिवारों को सँभालना; सुभद्रा जी का अपना जीवन।

    Answer

    अपेक्षित: स्त्रियों ने आंदोलन में प्रत्यक्ष भाग लिया और परिवारों को सँभालकर सेनानियों को निश्चिंत किया; गौरी इसी दूसरे, अनदेखे योगदान का प्रतीक है; सुख छोड़कर सेवा; लेखिका स्वयं आंदोलन में जेल गईं; निष्कर्ष कि स्वतंत्रता स्त्री-पुरुष दोनों के त्याग से मिली।

  4. Q4 · 5 marks · Long answerHOTS / competency

    गौरी के कदम को आप उचित मानते हैं या नहीं? तर्क सहित उत्तर दीजिए।

    Hint

    देश-सेवा, व्यक्तिगत सुख, स्त्री का आत्मनिर्णय।

    Answer

    अपेक्षित: उचित, क्योंकि उसका उद्देश्य एक देशभक्त को पारिवारिक चिंता से मुक्त कर आंदोलन को बल देना था (अंक-योजना); सुख छोड़कर सेवा चुनना महान त्याग; यह उसका अपना, सोच-समझकर लिया गया निर्णय था; विरोधी पक्ष (माँ की चिंता, समाज) का उल्लेख करके भी अपना मत स्पष्ट रखें।

  5. Q5 · 10 marks · Long answerHOTS / competency

    'देश-सेवा के लिए जेल जाना ही एकमात्र मार्ग नहीं है।' 'गौरी' कहानी के आधार पर इस कथन की समीक्षा कीजिए।

    Hint

    सीताराम और गौरी के मार्गों की तुलना; आज के उदाहरण।

    Answer

    अपेक्षित बिंदु: सीताराम का मार्ग (सत्याग्रह, जेल) और गौरी का मार्ग (परिवार की सेवा) दोनों राष्ट्र-सेवा; गौरी का त्याग सीताराम से कम नहीं (2024 की अंक-योजना); पर्दे के पीछे का योगदान भी आवश्यक; आज के संदर्भ में सैनिकों के परिवार, आपदा में स्वयंसेवक आदि; निष्कर्ष कि कथन उचित है।

  6. Q6 · 3 marks · Short answerHarder exam level

    2024 के प्रश्न (iv) का उत्तर लिखते समय विद्यार्थियों ने कौन-सी भूल की थी? सही उत्तर का ढाँचा बताइए।

    Hint

    परीक्षकों की टिप्पणी: केवल एक पक्ष का वर्णन।

    Answer

    कई विद्यार्थियों ने केवल सीताराम के त्याग का या केवल गौरी द्वारा बच्चों की देखभाल का वर्णन किया, यह नहीं दिखाया कि गौरी का त्याग सीताराम के त्याग से कम नहीं। ढाँचा: सीताराम का त्याग; गौरी का त्याग (सुखी जीवन छोड़ना, निःस्वार्थ सेवा); दोनों की तुलना; निष्कर्ष।

Test your recall

Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.

  1. 1.'गौरी' कहानी की लेखिका कौन हैं?Show answer

    सुभद्रा कुमारी चौहान।

  2. 2.गौरी ने अपना निर्णय किससे कहा?Show answer

    अपनी माँ कुंती से।

  3. 3.गौरी कानपुर क्यों जाना चाहती थी?Show answer

    जेल गए सत्याग्रही सीताराम के बच्चों की देखभाल करने।

  4. 4.गौरी ने किस सुख का त्याग किया?Show answer

    2024 की अंक-योजना के अनुसार, एक नायब तहसीलदार के साथ सुख-सुविधा वाले वैवाहिक जीवन का।

Quick revision checklist

The night before the exam: can you do each of these without looking?

  • क्या आप वक्ता, श्रोता, सत्याग्रही और स्थान के नाम बता सकते हैं?
  • क्या आप गौरी के उद्देश्य और कदम के औचित्य पर दो-दो वाक्य लिख सकते हैं?
  • क्या आप गौरी और सीताराम के त्याग की तुलना कर सकते हैं?
  • क्या आप गौरी के चार गुण बता सकते हैं?

गौरी – सुभद्रा कुमारी चौहान: frequently asked questions

इस पृष्ठ पर कहानी का पूरा सार क्यों नहीं है?

कहानी का पूरा पाठ हमें किसी विश्वसनीय स्रोत में नहीं मिला। इसलिए हमने केवल वही तथ्य दिए हैं जो CISCE की 2024 अंक-योजना से पुष्ट हैं। पूरी कहानी गद्य संकलन से पढ़ें।

सुभद्रा कुमारी चौहान किस लिए प्रसिद्ध हैं?

'झाँसी की रानी' कविता ('खूब लड़ी मर्दानी वह तो...') और 'बिखरे मोती', 'उन्मादिनी' जैसे कहानी-संग्रहों के लिए; वे स्वतंत्रता-आंदोलन में भी सक्रिय रहीं।

कहानी का मुख्य संदेश क्या है?

देश-सेवा के अनेक रूप हैं; स्वतंत्रता-सेनानियों के परिवारों को सँभालने वालों, विशेषकर स्त्रियों, का त्याग भी उतना ही महान है।

Based on: CISCE ISC 2028 Appendix I: List of Prescribed Textbooks (Hindi 805, Gadya Sanklan, Class XI); CISCE ISC Analysis of Pupil Performance 2024: Hindi, Question 4 (Gauri extract, marking scheme, examiners' comments)