ISC Class 11 हिंदी आउटसाइडर – मालती जोशी: कथा-बिंदु, नीलम और हल सहित प्रश्न
Updated 15 October 2026 · Fact-checked
मालती जोशी की कहानी 'आउटसाइडर' की नायिका नीलम पिता की मृत्यु के बाद भाई-बहनों के लिए सब कुछ करती है, पर माँ उसे कमाई का साधन समझती है और भाभियाँ उसकी निंदा करती हैं। बेटे जैसा दर्जा न पाकर वह मायके में ही बाहरी (आउटसाइडर) महसूस करती है और आत्मसम्मान के लिए संघर्ष करती है।
What आउटसाइडर – मालती जोशी is about
आउटसाइडर हिंदी की प्रसिद्ध कथाकार मालती जोशी (1934-2024) की कहानी है। ISC 2028 की पाठ्य-पुस्तक-सूची के अनुसार यह गद्य संकलन (Evergreen Publications) के कक्षा XI भाग का पाँचवाँ पाठ है। मालती जोशी की कहानियाँ मध्यवर्गीय परिवारों, विशेषकर स्त्रियों के मन की उलझनों और संबंधों की सूक्ष्म संवेदनाओं के लिए जानी जाती हैं; 2018 में उन्हें पद्मश्री मिला।
2025 के ISC बोर्ड प्रश्न-पत्र (प्रश्न 5, 10 अंक) में पूछा गया था: "'हमारे समाज में एक बेटी को अपने मायके में हर संभव प्रयास करने के बावजूद बेटे के समान दर्जा नहीं मिलता और उसे पराया धन माना जाता है, चाहे माता-पिता की नजर में हो या भाई और भाभी की।' 'आउट साइडर' कहानी के संदर्भ में इस कथन की समीक्षा कीजिए।" CISCE की अंक-योजना के अनुसार उत्तर के बिंदु थे: नीलम ने भाई-बहनों के लिए बहुत कुछ किया; पिता की मृत्यु के बाद माँ ने उसे कमाई का साधन समझा; भाई-बहनों के व्यवस्थित (सेटल) होने और उनके विवाह के बाद उससे छुटकारा पाने की सोच और उसके विवाह का प्रस्ताव लाना; भाभियों द्वारा पीठ पीछे निंदा, जिसे नीलम सुन लेती है; बेटे के समान दर्जा न मिलना और मायके में बाहरी व्यक्ति जैसा महसूस करना; 'पराया धन' की मानसिकता और आत्मसम्मान का संघर्ष; कॉलेज की प्रधानाचार्या द्वारा दूसरे कॉलेज में प्रधानाचार्या के पद का प्रस्ताव, जिसे नीलम पहले ठुकराती है और बाद में स्वीकार करती है।
परीक्षकों के अनुसार विद्यार्थियों ने कथन की समीक्षा के बजाय कहानी का सार लिखा और यह नहीं समझाया कि बेटी को 'पराया धन' माना जाता है।
पाठ के बारे में। यह कहानी कॉपीराइट में है और इसका पाठ हमें उपलब्ध नहीं हुआ; यह पृष्ठ केवल CISCE की 2025 अंक-योजना से पुष्ट तथ्यों पर आधारित है। कहानी के अन्य विवरण पाठ्य-पुस्तक से पढ़ें।
Weightage: CISCE अध्यायवार अंक प्रकाशित नहीं करता। गद्य संकलन से तीन प्रश्न (एक गद्यांश-आधारित, दो दीर्घ, 10-10 अंक) आते हैं; 2025 में इस कहानी पर 10 अंकों का दीर्घ प्रश्न आया था। कक्षा XI का प्रश्न-पत्र विद्यालय बनाता है।Source: CISCE का ISC 2028 परिशिष्ट I (हिंदी 805, गद्य संकलन, कक्षा XI); ISC विद्यार्थी-प्रदर्शन विश्लेषण 2025 (हिंदी), प्रश्न 5
आउटसाइडर – मालती जोशी: summary
In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.
नीलम का त्याग। कहानी की नायिका नीलम है। पिता की मृत्यु के बाद परिवार की ज़िम्मेदारी उस पर आ पड़ती है और वह अपने भाई-बहनों के लिए हर संभव प्रयास करती है। CISCE की अंक-योजना के अनुसार इस दौर में उसकी माँ उसे बेटी से अधिक कमाई का साधन समझने लगती है।
पराया धन। जब भाई-बहन व्यवस्थित हो जाते हैं और उनके विवाह हो जाते हैं, तो परिवार के मन में नीलम से छुटकारा पाने की सोच आने लगती है और उसके विवाह का प्रस्ताव लाया जाता है। भाभियाँ पीठ पीछे उसकी निंदा करती हैं, जिसे नीलम सुन लेती है। जिस घर के लिए उसने अपना सब कुछ दिया, वहीं उसे बेटे जैसा दर्जा नहीं मिलता; वह अपने ही मायके में बाहरी व्यक्ति, यानी 'आउटसाइडर', जैसा महसूस करती है। यही कहानी के शीर्षक का अर्थ है।
आत्मसम्मान का संघर्ष। समाज की 'बेटी पराया धन है' वाली मानसिकता और नीलम के आत्मसम्मान के बीच संघर्ष कहानी का केंद्र है। अंक-योजना के अनुसार कॉलेज की प्रधानाचार्या नीलम को दूसरे कॉलेज में प्रधानाचार्या का पद देने का प्रस्ताव रखती हैं, जिसे नीलम पहले ठुकरा देती है और बाद में स्वीकार कर लेती है; यह निर्णय उसके आत्मसम्मान और अपने जीवन को नई दिशा देने की ओर संकेत करता है।
संदेश। कहानी दिखाती है कि बेटी कितना भी त्याग करे, समाज की सोच उसे मायके में पूरा अधिकार और सम्मान नहीं देती। लेखिका बेटा-बेटी के इस भेदभाव पर प्रश्न उठाती हैं और स्त्री के आत्मसम्मान के पक्ष में खड़ी होती हैं।
(यह सार केवल CISCE की 2025 अंक-योजना के तथ्यों पर आधारित है; कहानी का पूरा घटना-क्रम पाठ्य-पुस्तक से पढ़ें।)
Themes and message
बेटा-बेटी में भेदभाव
नीलम ने परिवार के लिए वह सब किया जो बेटे से अपेक्षित होता, फिर भी उसे बेटे का दर्जा नहीं मिला। 2025 का प्रश्न इसी भेदभाव की समीक्षा पर था।
From the text: अंक-योजना: बेटे के समान दर्जा न मिलना; मायके में बाहरी व्यक्ति जैसा महसूस करना।
'पराया धन' की मानसिकता
समाज बेटी को विवाह से पहले भी 'पराया धन' मानता है; इसलिए उसके त्याग को कर्तव्य और उसकी उपस्थिति को बोझ समझा जाता है।
From the text: भाई-बहनों के सेटल होने पर नीलम से छुटकारा पाने की सोच; भाभियों की निंदा।
स्वार्थ में बदलते संबंध
पिता की मृत्यु के बाद माँ नीलम को कमाई का साधन समझने लगती है; ज़रूरत पूरी होते ही संबंधों की गर्मी समाप्त हो जाती है।
From the text: अंक-योजना: माँ का नीलम को कमाई का साधन समझना।
स्त्री का आत्मसम्मान
नीलम अंततः अपने आत्मसम्मान के पक्ष में निर्णय लेती है; प्रधानाचार्या के पद का प्रस्ताव पहले ठुकराना और फिर स्वीकारना उसके भीतरी संघर्ष और नए आरंभ का संकेत है।
From the text: अंक-योजना: 'पराया धन' की मानसिकता और आत्मसम्मान का संघर्ष।
Characters
नीलम
कहानी की नायिका, परिवार की कमाने वाली बेटी
- त्यागी और कर्तव्यनिष्ठ
- संवेदनशील
- आत्मसम्मानी
पिता की मृत्यु के बाद भाई-बहनों के लिए सब कुछ करती है; मायके में बाहरी जैसा महसूस करती है; आत्मसम्मान के लिए संघर्ष करती है।
नीलम की माँ
परिवार की मुखिया
- स्वार्थी दृष्टिकोण
- बेटी को कमाई का साधन समझने वाली
अंक-योजना के अनुसार पिता की मृत्यु के बाद वह नीलम को कमाई का साधन समझती है।
भाई, बहनें और भाभियाँ
परिवार के अन्य सदस्य
- नीलम के त्याग से लाभान्वित
- बाद में उदासीन; भाभियाँ निंदक
सेटल होने के बाद नीलम से छुटकारा पाने की सोच; भाभियों द्वारा निंदा।
How it is written
| Device | Example | Effect |
|---|---|---|
| अंग्रेज़ी शीर्षक | 'आउटसाइडर' (बाहरी व्यक्ति)। | आधुनिक मध्यवर्गीय परिवेश और नायिका की अलगाव की भावना, दोनों को एक शब्द में व्यक्त करता है। |
| मनोवैज्ञानिक चित्रण | नीलम का अपने ही घर में पराया महसूस करना। | मालती जोशी की शैली की विशेषता: पात्रों के भीतरी भावों की सूक्ष्म अभिव्यक्ति। |
| विरोधाभास | जिस घर को उसने सँभाला, उसी में वह बाहरी। | कहानी की करुणा और व्यंग्य को तीखा करता है। |
आउटसाइडर – मालती जोशी in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
कमाने वाली बेटी का सम्मान
मान लीजिए आपकी बड़ी बहन नौकरी करके घर का खर्च चलाती है, पर घर के निर्णयों में उसकी राय नहीं ली जाती।
'आउटसाइडर' कहानी इस स्थिति के बारे में क्या कहती है?
Try it first, then show the solutionSolution
- नीलम के त्याग को भी कर्तव्य मान लिया गया।
- उसे बेटे का दर्जा नहीं मिला।
- परिणाम: अपने घर में बाहरी होने की पीड़ा।
Answer: कहानी सिखाती है कि योगदान करने वाली बेटी को निर्णयों में बराबर भागीदार और सम्मान देना चाहिए; वरना वह अपने ही घर में आउटसाइडर बन जाती है।
Memory hook: जो घर चलाए, उसकी राय भी चले।
'पराया धन' की सोच
कल्पना कीजिए कि किसी परिवार में बेटी की पढ़ाई पर यह कहकर खर्च नहीं किया जाता कि उसे तो दूसरे घर जाना है।
कहानी के संदर्भ में यह सोच कैसी है?
Try it first, then show the solutionSolution
- 'पराया धन' की मानसिकता बेटी के अधिकार छीनती है।
- नीलम का अनुभव इसी सोच का परिणाम है।
Answer: यह सोच अन्यायपूर्ण है; बेटी भी परिवार की उतनी ही अपनी है जितना बेटा।
Memory hook: बेटी पराई नहीं, अपनी है।
आत्मसम्मान से निर्णय
मान लीजिए किसी को बार-बार उपेक्षा झेलने के बाद नए शहर में अच्छी नौकरी का प्रस्ताव मिलता है।
नीलम के निर्णय से क्या सीख मिलती है?
Try it first, then show the solutionSolution
- नीलम ने प्रधानाचार्या के पद का प्रस्ताव पहले ठुकराया, फिर स्वीकार किया।
- भीतरी संघर्ष के बाद आत्मसम्मान का चुनाव।
Answer: अपने सम्मान और भविष्य के लिए निर्णय लेना स्वार्थ नहीं, आत्मसम्मान है।
Memory hook: सम्मान के साथ नई शुरुआत।
Topics in this chapter
How the school exam asks आउटसाइडर – मालती जोशी
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| दीर्घ प्रश्न: कथन की समीक्षा (10 अंक) | 'हमारे समाज में एक बेटी को अपने मायके में... पराया धन माना जाता है...' 'आउट साइडर' कहानी के संदर्भ में इस कथन की समीक्षा कीजिए। (2025) | कथन के अंश अलग करें (दर्जा, पराया धन, माता-पिता, भाई-भाभी); हर अंश के लिए कहानी से प्रमाण; अपना मत; सार नहीं। |
| चरित्र-चित्रण | नीलम के चरित्र की विशेषताएँ लिखिए। | त्याग, कर्तव्य, संवेदनशीलता, आत्मसम्मान; हर गुण के साथ कहानी का प्रमाण। |
| शीर्षक और संदेश | 'आउटसाइडर' शीर्षक की सार्थकता; कहानी का उद्देश्य। | नीलम का मायके में बाहरी होना; बेटा-बेटी भेदभाव पर प्रश्न। |
Tricks to remember आउटसाइडर – मालती जोशी
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
त्या-मा-भा-बा-आ
त्याग (नीलम), माँ (कमाई का साधन), भाभियाँ (निंदा), बाहरी (आउटसाइडर), आत्मसम्मान (प्रस्ताव)।
Use it when: 2025 के प्रश्न के बिंदु।
आउटसाइडर – मालती जोशी: exam-level solved questions
Ordered from exam level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: दीर्घ प्रश्न: कथन की समीक्षा (2025) · 10 marks · Long answerHarder exam level
'हमारे समाज में एक बेटी को अपने मायके में हर संभव प्रयास करने के बावजूद बेटे के समान दर्जा नहीं मिलता और उसे पराया धन माना जाता है, चाहे माता-पिता की नजर में हो या भाई और भाभी की।' 'आउट साइडर' कहानी के संदर्भ में इस कथन की समीक्षा कीजिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- कथन का अर्थ।
- नीलम के प्रयास: भाई-बहनों के लिए सब कुछ।
- माँ की दृष्टि: कमाई का साधन।
- भाई-बहन और भाभियाँ: छुटकारा पाने की सोच, निंदा।
- परिणाम: बेटे का दर्जा नहीं, आउटसाइडर की भावना; 'पराया धन'।
- आत्मसम्मान का संघर्ष; प्रधानाचार्या के पद का प्रस्ताव।
- अपना मत और निष्कर्ष।
Answer: प्रस्तुत कथन हमारे समाज की उस सोच पर चोट करता है जिसमें बेटी चाहे जितना करे, उसे मायके में बेटे के बराबर अधिकार और सम्मान नहीं मिलता और उसे 'पराया धन' ही समझा जाता है। मालती जोशी की कहानी 'आउटसाइडर' इस कथन की सच्चाई सिद्ध करती है।
बेटी के प्रयास। कहानी की नायिका नीलम ने पिता की मृत्यु के बाद अपने भाई-बहनों के लिए हर संभव प्रयास किया; परिवार को सँभालने में उसने वही भूमिका निभाई जो प्रायः बेटे से अपेक्षित होती है।
माता-पिता की नज़र। पर उसकी माँ ने उसे बेटी से अधिक कमाई का साधन समझा। उसके त्याग को कर्तव्य माना गया, उपकार नहीं।
भाई और भाभियों की नज़र। जब भाई-बहन व्यवस्थित हो गए, तो परिवार में उससे छुटकारा पाने की सोच आ गई, और भाभियाँ उसकी निंदा करने लगीं। जिसने घर सँभाला, वही घर के लिए बोझ बन गई।
पराया धन। इस व्यवहार के कारण नीलम को बेटे जैसा दर्जा नहीं मिला और वह अपने ही मायके में बाहरी व्यक्ति जैसा महसूस करने लगी; कहानी का शीर्षक इसी भावना को व्यक्त करता है।
आत्मसम्मान। इस 'पराया धन' की मानसिकता के सामने नीलम अपने आत्मसम्मान के लिए संघर्ष करती है; दूसरे कॉलेज में प्रधानाचार्या के पद का प्रस्ताव पहले ठुकराकर बाद में स्वीकार करना उसके नए निर्णय का संकेत है।
निष्कर्ष। कहानी स्पष्ट करती है कि कथन पूरी तरह सत्य है। मेरे विचार से बेटा-बेटी को समान अधिकार और सम्मान देना ही इस अन्याय का उपाय है; आज कानून भी बेटी को पैतृक संपत्ति में बराबर अधिकार देता है, पर सोच बदलना अभी बाकी है।
Example 2: लघु प्रश्न: शीर्षक का अर्थ · 2 marks · Short answerExam level
कहानी का शीर्षक 'आउटसाइडर' क्यों रखा गया है?
Try it first, then show the solutionSolution
- आउटसाइडर = बाहरी व्यक्ति।
- नीलम मायके में ही बाहरी जैसा महसूस करती है।
Answer: 'आउटसाइडर' का अर्थ है बाहरी व्यक्ति। नीलम ने जिस घर के लिए सब कुछ किया, वहीं उसे बेटे का दर्जा नहीं मिला और वह अपने ही मायके में बाहरी जैसा महसूस करती है; इसलिए शीर्षक सार्थक है।
Example 3: लघु प्रश्न: माँ का बदला हुआ व्यवहार · 2 marks · Short answerHarder exam level
पिता की मृत्यु के बाद नीलम के प्रति माँ का दृष्टिकोण कैसा हो गया?
Try it first, then show the solutionSolution
- अंक-योजना: माँ ने उसे कमाई का साधन समझा।
Answer: पिता की मृत्यु के बाद माँ नीलम को बेटी के रूप में कम और परिवार की कमाई के साधन के रूप में अधिक देखने लगी; उसके त्याग को उसका कर्तव्य मान लिया गया।
Example 4: चरित्र-चित्रण: नीलम · 5 marks · Long answerHarder exam level
नीलम के चरित्र की विशेषताएँ लिखिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- त्यागी और कर्तव्यनिष्ठ।
- संवेदनशील: उपेक्षा से आहत।
- आत्मसम्मानी: संघर्ष और निर्णय।
Answer: नीलम त्यागी और कर्तव्यनिष्ठ है: पिता की मृत्यु के बाद उसने भाई-बहनों के लिए हर संभव प्रयास किया। वह संवेदनशील है: माँ की स्वार्थी दृष्टि, भाभियों की निंदा और परिवार की उपेक्षा उसे भीतर तक आहत करती है और वह मायके में बाहरी जैसा महसूस करती है। साथ ही वह आत्मसम्मानी है: 'पराया धन' मानी जाने की मानसिकता के सामने वह अपने सम्मान के लिए संघर्ष करती है और अंततः दूसरे कॉलेज में प्रधानाचार्या का पद स्वीकार करके अपने जीवन के लिए निर्णय लेती है। इस प्रकार वह आधुनिक, कर्मठ और स्वाभिमानी स्त्री का प्रतीक है।
Example 5: विचारात्मक प्रश्न: आज की स्थिति · 10 marks · Long answerHOTS / competency
क्या आज के समाज में भी बेटियों के साथ 'आउटसाइडर' जैसा व्यवहार होता है? कहानी के संदर्भ में अपने विचार लिखिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- कहानी की स्थिति का संक्षेप।
- आज के परिवर्तन: शिक्षा, नौकरी, कानूनी अधिकार।
- बची हुई सोच: पराया धन, विवाह का दबाव, कमाने वाली बेटी की उपेक्षा।
- समाधान और अपना मत।
Answer: 'आउटसाइडर' में नीलम परिवार के लिए सब कुछ करके भी मायके में बाहरी बन जाती है। आज समाज में बहुत परिवर्तन आया है: बेटियाँ पढ़ रही हैं, नौकरी कर रही हैं, माता-पिता की देखभाल कर रही हैं, और कानून ने उन्हें पैतृक संपत्ति में बेटों के बराबर अधिकार दिया है।
फिर भी 'बेटी पराया धन है' की सोच पूरी तरह समाप्त नहीं हुई। कई परिवारों में कमाने वाली बेटी की आय पर निर्भर रहते हुए भी निर्णयों में उसकी राय नहीं ली जाती; विवाह को ही उसके जीवन का अंतिम लक्ष्य माना जाता है; और भाइयों के विवाह के बाद वह स्वयं को घर में मेहमान जैसा महसूस करती है।
इसलिए कहानी आज भी प्रासंगिक है। समाधान परिवार की सोच में है: बेटा-बेटी को समान सम्मान, निर्णयों में बराबर भागीदारी और बेटी के त्याग की खुली स्वीकृति। मेरे विचार से जब तक बेटी को घर का 'अपना' सदस्य नहीं माना जाएगा, तब तक नीलम जैसी कहानियाँ सच होती रहेंगी।
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
दीर्घ प्रश्न (10 अंक), 2025 के प्रश्न 5 की अंक-योजना के बिंदुओं पर आधारित। विभाजन संकेतात्मक है। (10 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| कथन का अर्थ और 'पराया धन' की व्याख्या | 2 |
| नीलम का त्याग; माँ का उसे कमाई का साधन समझना | 2 |
| भाई-बहनों के सेटल होने पर छुटकारे की सोच; भाभियों की निंदा | 2 |
| बेटे का दर्जा न मिलना, आउटसाइडर की भावना, आत्मसम्मान का संघर्ष, प्रधानाचार्या के पद का प्रस्ताव | 2 |
| अपना मत, निष्कर्ष और भाषा | 2 |
Where students lose marks in आउटसाइडर – मालती जोशी
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: समीक्षा के बजाय सार लिखना
2025 के परीक्षकों के अनुसार विद्यार्थियों ने कहानी का सार लिख दिया।
Do this: कथन के हर अंश को अलग अनुच्छेद दें और कहानी के प्रमाण उसी से जोड़ें।
Usually costs: अधिकांश अंक।
Mistake: 'पराया धन' की व्याख्या न करना
2025 में यह अंश कई उत्तरों से गायब था।
Do this: स्पष्ट लिखें कि समाज बेटी को दूसरे घर की अमानत मानता है, इसलिए मायके में उसे पूरा अधिकार नहीं देता।
Usually costs: कथन के एक अंश के अंक।
Mistake: भाई-भाभी वाला अंश छोड़ना
कथन में 'माता-पिता की नजर में हो या भाई और भाभी की' दोनों हैं।
Do this: माँ का व्यवहार और भाई-बहनों/भाभियों का व्यवहार, दोनों लिखें।
Usually costs: कथन के एक अंश के अंक।
Mistake: विवरण गढ़ना
कहानी का पाठ न पढ़ने पर विद्यार्थी नाम या घटनाएँ गढ़ लेते हैं।
Do this: केवल पाठ्य-पुस्तक में पढ़े तथ्य लिखें।
Usually costs: विश्वसनीयता।
Practice questions on आउटसाइडर – मालती जोशी
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQExam level
'आउटसाइडर' कहानी की लेखिका कौन हैं? (a) शिवानी (b) मालती जोशी (c) मन्नू भंडारी (d) कृष्णा सोबती
Hint
2018 में पद्मश्री।
Answer
(b) मालती जोशी।
Q2 · 2 marks · Short answerExam level
भाई-बहनों के व्यवस्थित होने के बाद परिवार का नीलम के प्रति व्यवहार कैसा हो गया?
Hint
छुटकारा, निंदा।
Answer
परिवार के मन में उससे छुटकारा पाने की सोच आ गई और भाभियाँ उसकी निंदा करने लगीं; जिसने घर सँभाला, वही उपेक्षित हो गई।
Q3 · 5 marks · Long answerHarder exam level
'पराया धन' से क्या अभिप्राय है? कहानी के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।
Hint
2025 में कई विद्यार्थियों ने यह स्पष्ट नहीं किया।
Answer
अपेक्षित बिंदु: बेटी को जन्म से ही दूसरे घर (ससुराल) की अमानत मानने की सोच; इसलिए मायके में उसे पूरा अधिकार नहीं दिया जाता; नीलम के त्याग के बावजूद उसे बेटे का दर्जा न मिलना; उपेक्षा और छुटकारे की सोच; इस मानसिकता से उसका आहत होना।
Q4 · 3 marks · Short answerHarder exam level
2025 के प्रश्न का उत्तर लिखते समय विद्यार्थियों ने कौन-सी भूल की? परीक्षकों ने क्या सुझाव दिया?
Hint
सार बनाम समीक्षा।
Answer
विद्यार्थियों ने कथन की समीक्षा के बजाय कहानी का सार लिख दिया और यह स्पष्ट नहीं किया कि बेटी को 'पराया धन' माना जाता है। परीक्षकों का सुझाव था कि पहले प्रश्न के विभिन्न अंशों का विश्लेषण करके उन्हें रेखांकित करें, फिर क्रम से उत्तर दें।
Q5 · 5 marks · Long answerHOTS / competency
नीलम की माँ के व्यवहार को आप कहाँ तक उचित मानते हैं? तर्क सहित लिखिए।
Hint
परिस्थिति (पति की मृत्यु) और स्वार्थ, दोनों पर विचार।
Answer
अपेक्षित: पति की मृत्यु के बाद आर्थिक संकट में बेटी पर निर्भर होना समझ में आता है; पर उसे केवल कमाई का साधन समझना और उसके त्याग को अनदेखा करना अनुचित; माँ का दायित्व बेटी के सुख और भविष्य की चिंता भी था; संतुलित पर स्पष्ट निष्कर्ष।
Q6 · 10 marks · Long answerHOTS / competency
'आउटसाइडर' कहानी के माध्यम से लेखिका ने क्या संदेश दिया है? अपने शब्दों में लिखिए।
Hint
भेदभाव, स्वार्थी संबंध, आत्मसम्मान।
Answer
अपेक्षित बिंदु: बेटा-बेटी में भेदभाव और 'पराया धन' की सोच पर प्रश्न; बेटी के त्याग की उपेक्षा; ज़रूरत के अनुसार बदलते संबंध; स्त्री के आत्मसम्मान और आत्मनिर्णय का समर्थन (प्रस्ताव पहले ठुकराना, फिर स्वीकारना); आज की प्रासंगिकता; निष्कर्ष।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.कहानी की नायिका कौन है?Show answer
नीलम।
2.पिता की मृत्यु के बाद माँ ने नीलम को कैसे देखा?Show answer
कमाई के साधन के रूप में।
3.'आउटसाइडर' का अर्थ क्या है?Show answer
बाहरी व्यक्ति; नीलम मायके में ही बाहरी जैसा महसूस करती है।
4.दूसरे कॉलेज में प्रधानाचार्या के पद के प्रस्ताव पर नीलम ने क्या किया?Show answer
पहले ठुकराया, फिर स्वीकार किया।
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप 2025 के कथन के सभी अंश पहचानकर उत्तर लिख सकते हैं?
- क्या आप 'पराया धन' की व्याख्या कर सकते हैं?
- क्या आप नीलम के तीन गुण बता सकते हैं?
- क्या आप शीर्षक की सार्थकता समझा सकते हैं?
आउटसाइडर – मालती जोशी: frequently asked questions
इस पृष्ठ पर कहानी का पूरा घटना-क्रम और उद्धरण क्यों नहीं हैं?
मालती जोशी की कहानी कॉपीराइट में है और इसका पाठ हमें उपलब्ध नहीं हुआ। इसलिए यहाँ केवल CISCE की 2025 अंक-योजना से पुष्ट तथ्य हैं; कहानी पाठ्य-पुस्तक से अवश्य पढ़ें।
मालती जोशी कौन थीं?
हिंदी और मराठी की प्रसिद्ध कथाकार (1934-2024), जिनकी कहानियाँ मध्यवर्गीय पारिवारिक जीवन और स्त्री-मन पर केंद्रित हैं; उन्हें 2018 में पद्मश्री मिला।
क्या यह कहानी बोर्ड परीक्षा में आई थी?
हाँ, 2025 के ISC हिंदी प्रश्न-पत्र के प्रश्न 5 में, जब पूरा गद्य संकलन कक्षा XII में पढ़ाया जाता था।
Based on: CISCE ISC 2028 Appendix I: List of Prescribed Textbooks (Hindi 805, Gadya Sanklan, Class XI); CISCE ISC Analysis of Pupil Performance 2025: Hindi, Question 5 (Outsider, marking scheme, examiners' comments)