ISC Class 11 हिंदी सती – शिवानी: कथा-बिंदु, मदालसा का चरित्र और हल सहित प्रश्न
Updated 15 October 2026 · Fact-checked
शिवानी की कहानी 'सती' में मदालसा नाम की स्त्री यात्रा में स्वयं को सती होने जा रही विधवा बताती है और कहती है कि यह उसके कुल की परंपरा है। सहयात्री संदेह करते हुए भी उसका दिया पान खा लेते हैं, जिसमें कुकुरमुत्तों से बना विष होता है; वे बेहोश होकर लुट जाते हैं।
What सती – शिवानी is about
सती हिंदी की लोकप्रिय कथाकार शिवानी (गौरा पंत, 1923-2003) की कहानी है। ISC 2028 की पाठ्य-पुस्तक-सूची के अनुसार यह गद्य संकलन (Evergreen Publications) के कक्षा XI भाग का चौथा पाठ है। शिवानी अपनी कहानियों में कुमाऊँ के पहाड़ी जीवन, स्त्री-मन और रहस्य-रोमांच के लिए प्रसिद्ध हैं; उनकी भाषा में संस्कृतनिष्ठ हिंदी और लोकजीवन के शब्दों का सुंदर मेल मिलता है।
2024 के ISC बोर्ड प्रश्न-पत्र (प्रश्न 5, 10 अंक) में पूछा गया था: "'किसी के क्षणिक आडम्बर और व्यवहार पर आँख मूँदकर विश्वास कर लेना घातक सिद्ध हो सकता है।' - 'सती' कहानी के प्रसंग में मदालसा के चरित्र को ध्यान में रखते हुए इस कथन की व्याख्या कीजिए।" CISCE की अंक-योजना के अनुसार उत्तर के मुख्य बिंदु थे: कहानी शिवानी की है और सीख है कि यात्रा में अजनबियों पर आँख मूँदकर विश्वास न करें; मदालसा स्वयं को सती होने जा रही विधवा बताती है और इसे अपने कुल की परंपरा कहती है; सहयात्री उस पर संदेह करते हुए भी उसका दिया पान खा लेते हैं, जिसमें कुकुरमुत्तों को पीसकर बनाया गया विष होता है; वे गहरी नींद में बेसुध होकर लुट जाते हैं।
परीक्षकों के अनुसार विद्यार्थियों ने कहानी का सार लिखा पर उसे कथन से नहीं जोड़ा, और मदालसा का चरित्र नहीं उभारा।
पाठ के बारे में। शिवानी की यह कहानी कॉपीराइट में है और इसका पाठ हमें उपलब्ध नहीं हुआ। यह पृष्ठ केवल CISCE की 2024 अंक-योजना से पुष्ट तथ्यों पर आधारित है; कहानी की बाकी घटनाएँ, पात्रों के नाम और संवाद अपनी पाठ्य-पुस्तक से पढ़ें।
Weightage: CISCE अध्यायवार अंक प्रकाशित नहीं करता। गद्य संकलन से तीन प्रश्न (एक गद्यांश-आधारित, दो दीर्घ, 10-10 अंक) आते हैं; 2024 में इस कहानी पर 10 अंकों का दीर्घ प्रश्न आया था। कक्षा XI का प्रश्न-पत्र विद्यालय बनाता है।Source: CISCE का ISC 2028 परिशिष्ट I (हिंदी 805, गद्य संकलन, कक्षा XI); ISC विद्यार्थी-प्रदर्शन विश्लेषण 2024 (हिंदी), प्रश्न 5
सती – शिवानी: summary
In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.
यात्रा और मदालसा। CISCE की 2024 अंक-योजना के अनुसार कहानी की कथावाचिका (लेखिका) एक रेलगाड़ी की यात्रा में है, जहाँ उसका परिचय एक महाराष्ट्री और एक पंजाबी महिला सहयात्री से होता है। गाड़ी की सीटी बजते ही एक चौथी महिला डिब्बे में आती है, जो अपना नाम मदालसा सिंघाड़िया बताती है। वह स्वयं को एक विधवा बताती है जो सती होने जा रही है, क्योंकि वह अपने वंश में पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही इस प्रथा की अवहेलना नहीं कर सकती। सहयात्री स्त्रियाँ उससे तर्क करती हैं कि आज के युग में ऐसी प्रथा की कोई सार्थकता नहीं, और पंजाबी महिला उसे अपने आश्रम में शरण देने का प्रस्ताव भी रखती है। अंक-योजना के शब्दों में, किसी को भी मदालसा पर विश्वास नहीं था, फिर भी तीनों उसके झाँसे में आ जाती हैं।
संदेह के बावजूद विश्वास। CISCE की अंक-योजना के अनुसार सहयात्रियों को उस पर संदेह भी होता है, फिर भी वे उसके दिए पान खा लेते हैं। उन पानों में कुकुरमुत्तों को पीसकर बनाया गया विष होता है। पान खाकर सहयात्री गहरी नींद में बेसुध हो जाते हैं, और उनका सामान लूट लिया जाता है। अंत में मदालसा के हाथों लुटी तीनों स्त्रियाँ पछताती हुई अपना-अपना लुटा सामान गिनती हैं। मदालसा का 'सती' होने का दावा केवल एक आडंबर था, जिसके सहारे उसने लोगों का विश्वास जीता और उन्हें ठगा।
संदेश। कहानी का मुख्य संदेश है कि किसी के क्षणिक आडंबर, वेश-भूषा या भावुक कहानी पर आँख मूँदकर विश्वास कर लेना घातक हो सकता है, विशेषकर यात्रा में अजनबियों के साथ। धार्मिक भावना और परंपरा के नाम पर भी छल किया जा सकता है; इसलिए सहानुभूति के साथ सावधानी भी आवश्यक है। शीर्षक 'सती' भी व्यंग्यात्मक है, क्योंकि जिस स्त्री को लोग सती होने जा रही पवित्र विधवा समझते हैं, वह वास्तव में एक कुशल ठग निकलती है।
(यह सार केवल CISCE की 2024 अंक-योजना के तथ्यों पर आधारित है; कहानी का पूरा घटना-क्रम पाठ्य-पुस्तक से पढ़ें।)
Themes and message
अंधविश्वास और आँख मूँदकर भरोसा
2024 के प्रश्न का केंद्रीय कथन: किसी के क्षणिक आडंबर और व्यवहार पर आँख मूँदकर विश्वास करना घातक हो सकता है। सहयात्री संदेह होते हुए भी पान खा लेते हैं और लुट जाते हैं।
From the text: अंक-योजना: सहयात्री संदेह के बावजूद उसका दिया पान खाते हैं, जिसमें कुकुरमुत्तों से बना विष है।
धर्म और परंपरा के नाम पर छल
मदालसा 'सती' होने और कुल-परंपरा का दावा करके लोगों की श्रद्धा का लाभ उठाती है। कहानी दिखाती है कि धार्मिक भावनाओं का दुरुपयोग करके ठगी की जा सकती है।
From the text: मदालसा स्वयं को सती होने जा रही विधवा बताती है और इसे कुल की परंपरा कहती है।
यात्रा में सावधानी
यात्रा में अजनबियों से मिला खाना-पीना और उनकी भावुक कहानियाँ खतरनाक हो सकती हैं। अंक-योजना की पहली सीख यही है।
From the text: अंक-योजना: यात्रा में अजनबियों पर अंधा भरोसा न करें।
Characters
मदालसा
स्वयं को सती होने जा रही विधवा बताने वाली स्त्री
- चतुर और छलपूर्ण
- अभिनय-कुशल
- लोगों की धार्मिक भावना का लाभ उठाने वाली
सती होने और कुल-परंपरा का दावा करती है; सहयात्रियों को कुकुरमुत्तों से बने विष वाला पान देकर बेहोश करती है, और वे लूट लिए जाते हैं।
कथावाचिका और सहयात्री महिलाएँ
कथावाचिका (लेखिका), एक महाराष्ट्री और एक पंजाबी महिला: मदालसा के छल की शिकार
- संदेह करने वाली, पर सावधान नहीं
- सहानुभूतिपूर्ण (पंजाबी महिला आश्रम में शरण का प्रस्ताव रखती है)
वे मदालसा से तर्क करती हैं कि आज ऐसी प्रथा की कोई सार्थकता नहीं, फिर भी संदेह होते हुए उसका दिया पान खा लेती हैं और लुट जाती हैं (2024 की अंक-योजना)।
How it is written
| Device | Example | Effect |
|---|---|---|
| व्यंग्यात्मक शीर्षक | 'सती', जबकि नायिका एक ठग है। | पाठक की अपेक्षा और वास्तविकता का अंतर कहानी का प्रभाव बढ़ाता है। |
| रहस्य और अप्रत्याशित अंत | पवित्र दिखने वाली स्त्री का ठग निकलना। | शिवानी की कहानियों का रोमांच; संदेश अधिक याद रहता है। |
| प्रतीक | पान, जो आतिथ्य और सौहार्द का प्रतीक है, यहाँ छल का साधन बन जाता है। | भरोसे के प्रतीक का दुरुपयोग खतरे को और तीखा बनाता है। |
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
मीठे सपने दिखा, सजग मनुष्य को अर्द्धविक्षिप्त-सा कर देने वाला यह अवश्य वही विष होगा।
कथावाचिका (लेखिका): लुट जाने के बाद, पान में मिले विष के बारे में (2024 की CISCE अंक-योजना में उद्धृत)।
विष का प्रभाव और कथावाचिका का पछतावा: मीठे सपनों जैसा दिखने वाला छल सजग व्यक्ति को भी बेसुध कर देता है।
सती – शिवानी in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
यात्रा में सावधानी
मान लीजिए रेल-यात्रा में एक मधुर-भाषी सहयात्री आपको मिठाई देता है और कहता है कि यह मंदिर का प्रसाद है।
'सती' कहानी के आधार पर आप क्या करेंगे?
Try it first, then show the solutionSolution
- मदालसा ने भी धार्मिक दावे से विश्वास जीता था।
- सहयात्री संदेह के बावजूद पान खा गए।
- विनम्रता से मना करना ही सुरक्षित है।
Answer: अजनबी से खाने-पीने की चीज़ विनम्रता से मना करें; धार्मिक या भावुक दावे भी ठगी का साधन हो सकते हैं।
Memory hook: प्रसाद भी परखकर।
ऑनलाइन ठगी
कल्पना कीजिए कि आपको एक संदेश मिलता है जिसमें कोई अपनी बीमार माँ की कहानी सुनाकर तुरंत पैसे माँगता है।
मदालसा के छल से इसकी क्या समानता है?
Try it first, then show the solutionSolution
- भावुक कहानी से सहानुभूति जगाना।
- जल्दबाज़ी में निर्णय करवाना।
- जाँच किए बिना भरोसा।
Answer: आज की ठगी भी वही तरीका अपनाती है जो मदालसा ने अपनाया; सत्यापन किए बिना भरोसा न करें।
Memory hook: कहानी जितनी भावुक, जाँच उतनी ज़रूरी।
संदेह को अनदेखा न करना
मान लीजिए किसी प्रस्ताव पर आपका मन खटकता है, पर दोस्त कहते हैं कि कुछ नहीं होगा।
कहानी के सहयात्रियों से क्या सीखें?
Try it first, then show the solutionSolution
- उन्हें भी संदेह था।
- फिर भी उन्होंने पान खा लिया।
- परिणाम: लूट।
Answer: मन का संदेह एक चेतावनी है; उसे दबाने के बजाय रुककर सोचना चाहिए।
Memory hook: शक हो, तो रुको।
Topics in this chapter
How the school exam asks सती – शिवानी
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| दीर्घ प्रश्न: कथन की व्याख्या (10 अंक) | "'किसी के क्षणिक आडम्बर और व्यवहार पर आँख मूँदकर विश्वास कर लेना घातक सिद्ध हो सकता है।' - 'सती' कहानी के प्रसंग में मदालसा के चरित्र को ध्यान में रखते हुए इस कथन की व्याख्या कीजिए।" (2024) | कथन का अर्थ; मदालसा का आडंबर; सहयात्रियों का संदेह के बावजूद विश्वास; परिणाम; निष्कर्ष। सार नहीं, कथन से जुड़ा विश्लेषण। |
| चरित्र-चित्रण (5 या 10 अंक) | मदालसा के चरित्र की विशेषताएँ लिखिए। | चतुराई, अभिनय, छल, भावनाओं का दुरुपयोग; हर गुण के साथ कहानी का प्रमाण। |
| शीर्षक और संदेश | 'सती' शीर्षक की सार्थकता; कहानी से मिलने वाली सीख। | शीर्षक का व्यंग्य; यात्रा में सावधानी और विवेक की सीख। |
Tricks to remember सती – शिवानी
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
दा-सं-पा-लू
दावा (सती), संदेह, पान (कुकुरमुत्तों का विष), लूट।
Use it when: 2024 के प्रश्न के चार बिंदु।
सती – शिवानी: exam-level solved questions
Ordered from exam level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: दीर्घ प्रश्न: कथन की व्याख्या (2024) · 10 marks · Long answerHarder exam level
'किसी के क्षणिक आडम्बर और व्यवहार पर आँख मूँदकर विश्वास कर लेना घातक सिद्ध हो सकता है।' 'सती' कहानी के प्रसंग में मदालसा के चरित्र को ध्यान में रखते हुए इस कथन की व्याख्या कीजिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- कथन का अर्थ।
- कहानी और लेखिका का उल्लेख; सीख: यात्रा में अजनबियों पर अंधा भरोसा न करें।
- मदालसा का आडंबर: सती होने जा रही विधवा, कुल-परंपरा।
- संदेह के बावजूद पान खाना; कुकुरमुत्तों से बना विष।
- परिणाम: बेहोशी और लूट।
- निष्कर्ष: कथन की सार्थकता।
Answer: प्रस्तुत कथन का अर्थ है कि किसी व्यक्ति के कुछ क्षणों के दिखावे, वेश-भूषा या मधुर व्यवहार को देखकर, बिना परखे उस पर पूरा भरोसा कर लेना बहुत हानिकारक हो सकता है। शिवानी की कहानी 'सती' इस कथन का सटीक उदाहरण है, और उसकी सीख है कि यात्रा में अजनबियों पर आँख मूँदकर विश्वास नहीं करना चाहिए।
कहानी की पात्र मदालसा यात्रा में स्वयं को एक ऐसी विधवा के रूप में प्रस्तुत करती है जो सती होने जा रही है, और कहती है कि यह उसके कुल की परंपरा है। इस आडंबर से सहयात्री स्त्रियों के मन में सहानुभूति जागती है; वे उसे समझाती हैं कि आज ऐसी प्रथा की कोई सार्थकता नहीं, और एक पंजाबी महिला उसे अपने आश्रम में शरण देने का प्रस्ताव रखती है।
सहयात्रियों को उस पर संदेह भी होता है, फिर भी वे उसका दिया पान खा लेते हैं। उस पान में कुकुरमुत्तों को पीसकर बनाया गया विष होता है। पान खाते ही वे गहरी नींद में बेसुध हो जाते हैं और उनका सामान लूट लिया जाता है।
मदालसा का चरित्र चतुराई, अभिनय-कौशल और छल से भरा है; वह लोगों की धार्मिक भावनाओं को ही अपना हथियार बनाती है। सहयात्रियों की भूल यह थी कि उन्होंने अपने संदेह को अनदेखा कर दिया।
अतः कहानी सिद्ध करती है कि क्षणिक आडंबर पर किया गया अंधा विश्वास घातक होता है; सहानुभूति के साथ विवेक और सावधानी भी आवश्यक है।
Example 2: लघु प्रश्न: मदालसा का दावा · 2 marks · Short answerExam level
मदालसा ने सहयात्रियों के सामने अपना परिचय किस रूप में दिया? उसका यह दावा क्यों प्रभावी था?
Try it first, then show the solutionSolution
- परिचय: सती होने जा रही विधवा; कुल की परंपरा।
- प्रभाव: सहानुभूति जगाता है; पंजाबी महिला आश्रम में शरण का प्रस्ताव रखती है।
Answer: मदालसा ने स्वयं को एक ऐसी विधवा बताया जो सती होने जा रही है और कहा कि यह उसके कुल की परंपरा है। इस भावुक दावे से सहयात्रियों में सहानुभूति जागी; वे उस पर संदेह करती रहीं, फिर भी उसके प्रति नरम पड़ गईं, और एक पंजाबी महिला ने उसे अपने आश्रम में शरण देने का प्रस्ताव भी रखा।
Example 3: लघु प्रश्न: सहयात्रियों की भूल · 2 marks · Short answerHarder exam level
सहयात्रियों से क्या भूल हुई और उसका क्या परिणाम हुआ?
Try it first, then show the solutionSolution
- भूल: संदेह होते हुए भी पान खाना।
- परिणाम: कुकुरमुत्तों से बने विष से बेहोशी, लूट।
Answer: सहयात्रियों को मदालसा पर संदेह था, फिर भी उन्होंने उसका दिया पान खा लिया। पान में कुकुरमुत्तों से बना विष था, जिससे वे गहरी नींद में बेसुध हो गए और उनका सामान लूट लिया गया।
Example 4: विचारात्मक प्रश्न: शीर्षक का व्यंग्य · 5 marks · Long answerHOTS / competency
'सती' शीर्षक में छिपे व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- सती से जुड़ी श्रद्धा और पवित्रता की धारणा।
- मदालसा का 'सती' होने का दावा केवल छल।
- पाठक की अपेक्षा और वास्तविकता का अंतर।
Answer: समाज में 'सती' शब्द के साथ पवित्रता और त्याग की धारणा जुड़ी रही है (यद्यपि सती-प्रथा एक क्रूर कुप्रथा थी, जिसे कानून ने बहुत पहले समाप्त कर दिया)। कहानी का शीर्षक पढ़कर पाठक किसी त्यागमयी स्त्री की कथा की अपेक्षा करता है। पर कहानी में 'सती' होने का दावा करने वाली मदालसा एक कुशल ठग निकलती है, जो इसी श्रद्धा का लाभ उठाकर सहयात्रियों को विषैला पान खिलाकर लुटवा देती है। इस प्रकार शीर्षक व्यंग्यात्मक है: जो पवित्रता का प्रतीक दिखता है, वही छल का साधन बन जाता है, और कहानी अंधश्रद्धा पर चोट करती है।
Example 5: विचारात्मक प्रश्न: आज की प्रासंगिकता · 10 marks · Long answerHOTS / competency
आज के समय में 'सती' कहानी का संदेश कितना प्रासंगिक है? उदाहरण सहित लिखिए।
Try it first, then show the solutionSolution
- कहानी का संदेश।
- आज के उदाहरण: रेल/बस में अजनबियों का दिया खाना, ऑनलाइन ठगी, भावुक कहानियों से धोखा।
- क्या करें: सावधानी, पहचान की जाँच, संदेह को अनदेखा न करना।
- संतुलन: सहायता करें, पर विवेक से।
Answer: 'सती' का संदेश, कि क्षणिक आडंबर पर आँख मूँदकर विश्वास घातक होता है, आज और भी प्रासंगिक है।
रेल और बस यात्राओं में आज भी अजनबियों द्वारा नशीला खाना खिलाकर लूटने की घटनाएँ सुनाई देती हैं; रेलवे स्वयं यात्रियों को अजनबियों से खाने-पीने की चीज़ें न लेने की सलाह देता है। यह ठीक वैसा ही है जैसा मदालसा के पान से हुआ।
इंटरनेट के युग में ठगी के नए रूप आ गए हैं: भावुक कहानियाँ सुनाकर पैसे माँगना, धार्मिक या दान के नाम पर नकली अभियान, या किसी अधिकारी का वेश धरकर फ़ोन करना। इन सबमें ठग वही करता है जो मदालसा ने किया: लोगों की श्रद्धा, सहानुभूति या भय का लाभ उठाना।
कहानी यह भी सिखाती है कि संदेह को अनदेखा न करें; सहयात्रियों को संदेह था, फिर भी उन्होंने पान खाया। आज भी किसी अनजान लिंक या प्रस्ताव पर संदेह हो, तो रुककर जाँच करना चाहिए।
पर इसका अर्थ यह नहीं कि हम दूसरों की सहायता करना छोड़ दें; सहायता करें, पर विवेक और सावधानी के साथ। यही संतुलन कहानी की सबसे बड़ी सीख है।
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
दीर्घ प्रश्न (10 अंक), 2024 के प्रश्न 5 की अंक-योजना के बिंदुओं पर आधारित। विभाजन संकेतात्मक है। (10 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| कथन का अर्थ और कहानी/लेखिका का उल्लेख | 2 |
| मदालसा का आडंबर: सती होने जा रही विधवा, कुल-परंपरा | 2 |
| संदेह के बावजूद पान खाना; कुकुरमुत्तों से बना विष | 2 |
| परिणाम (बेहोशी, लूट) और मदालसा का चरित्र | 2 |
| निष्कर्ष: कथन की सार्थकता, भाषा | 2 |
Where students lose marks in सती – शिवानी
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: केवल कहानी का सार लिखना
2024 के परीक्षकों के अनुसार विद्यार्थियों ने सार लिखा और उसे कथन से नहीं जोड़ा।
Do this: पहले कथन का अर्थ, फिर कहानी के प्रमाण, अंत में कथन की पुष्टि।
Usually costs: अधिकांश अंक।
Mistake: मदालसा का चरित्र न उभारना
प्रश्न ने 'मदालसा के चरित्र को ध्यान में रखते हुए' कहा था; कई ने यह अंश छोड़ा।
Do this: उसकी चतुराई, अभिनय और छल को अलग से स्पष्ट करें।
Usually costs: प्रश्न के एक अंश के अंक।
Mistake: पान में मिले पदार्थ या परिणाम का गलत वर्णन
छोटे तथ्य भूल जाने से उत्तर कमज़ोर होता है।
Do this: याद रखें: पान में कुकुरमुत्तों से बना विष; सहयात्री बेहोश होकर लुटे।
Usually costs: विश्वसनीयता।
Mistake: प्रश्न के हर भाग को रेखांकित न करना
परीक्षकों ने सुझाव दिया कि प्रश्न ध्यान से पढ़कर हर बिंदु रेखांकित करें।
Do this: प्रश्न के अंश गिनें और क्रम से उत्तर दें।
Usually costs: छूटे अंश के अंक।
Practice questions on सती – शिवानी
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQExam level
'सती' कहानी की लेखिका कौन हैं? (a) सुभद्रा कुमारी चौहान (b) शिवानी (c) मालती जोशी (d) महादेवी वर्मा
Hint
गौरा पंत का उपनाम।
Answer
(b) शिवानी।
Q2 · 2 marks · Short answerExam level
मदालसा ने सहयात्रियों को किस प्रकार ठगा?
Hint
पान और कुकुरमुत्ता।
Answer
उसने स्वयं को सती होने जा रही विधवा बताकर उनका विश्वास जीता और उन्हें ऐसे पान खिलाए जिनमें कुकुरमुत्तों से बना विष था; पान खाकर वे बेहोश हो गए और लूट लिए गए।
Q3 · 5 marks · Long answerHarder exam level
मदालसा के चरित्र की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
Hint
चतुराई, अभिनय, धार्मिक भावनाओं का दुरुपयोग, निर्ममता।
Answer
अपेक्षित बिंदु: चतुर और योजनाबद्ध; अभिनय-कुशल (सती होने जा रही विधवा का रूप); लोगों की धार्मिक श्रद्धा और सहानुभूति का दुरुपयोग; निर्मम (विषैला पान); छल से लूट; हर बिंदु के साथ कहानी का प्रमाण।
Q4 · 3 marks · Short answerHarder exam level
2024 के प्रश्न का उत्तर लिखते समय विद्यार्थियों से कौन-सी भूलें हुईं? सही उत्तर कैसे लिखें?
Hint
परीक्षकों की टिप्पणी।
Answer
परीक्षकों के अनुसार विद्यार्थियों ने केवल कहानी का सार लिखा और उसे कथन से नहीं जोड़ा, तथा मदालसा का चरित्र नहीं उभारा। सही उत्तर: कथन का अर्थ, मदालसा का आडंबर, सहयात्रियों का संदेह के बावजूद विश्वास, परिणाम, और निष्कर्ष; प्रश्न के हर अंश को रेखांकित करके क्रम से उत्तर।
Q5 · 5 marks · Long answerHOTS / competency
यदि आप उन सहयात्रियों में होते, तो मदालसा के व्यवहार पर संदेह होने पर क्या करते?
Hint
विवेक, सावधानी, सहायता।
Answer
अपेक्षित: अजनबी से खाने की चीज़ विनम्रता से मना करता; संदेह की बात अन्य यात्रियों या अधिकारियों को बताता; अपना सामान सुरक्षित रखता; पर उसके प्रति अपमानजनक व्यवहार नहीं करता; कहानी की सीख से जोड़कर निष्कर्ष।
Q6 · 10 marks · Long answerHOTS / competency
'धर्म और परंपरा के नाम पर लोगों को ठगना सबसे आसान है।' 'सती' कहानी के आधार पर इस कथन पर अपने विचार लिखिए।
Hint
मदालसा का दावा; श्रद्धा के कारण विवेक का दब जाना; आज के उदाहरण।
Answer
अपेक्षित बिंदु: मदालसा ने 'सती' और 'कुल-परंपरा' के नाम पर श्रद्धा जगाई; श्रद्धा में लोग प्रश्न करना भूल जाते हैं; संदेह होते हुए भी सहयात्री पान खा गए; आज भी धार्मिक नाम पर दान-ठगी, नकली बाबा आदि; बचाव: विवेक, जानकारी, प्रश्न करने का साहस; संतुलित निष्कर्ष।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.'सती' कहानी किसने लिखी?Show answer
शिवानी (गौरा पंत) ने।
2.मदालसा ने अपने बारे में क्या दावा किया?Show answer
कि वह सती होने जा रही विधवा है और यह उसके कुल की परंपरा है।
3.सहयात्रियों को किस चीज़ से बेहोश किया गया?Show answer
कुकुरमुत्तों से बने विष वाले पान से।
4.कहानी की मुख्य सीख क्या है?Show answer
किसी के क्षणिक आडंबर पर, विशेषकर यात्रा में अजनबियों पर, आँख मूँदकर विश्वास न करें।
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप मदालसा के छल के चार चरण बता सकते हैं?
- क्या आप 2024 के प्रश्न का उत्तर कथन से जोड़कर लिख सकते हैं?
- क्या आप मदालसा के चार गुण-दोष बता सकते हैं?
- क्या आप शीर्षक का व्यंग्य समझा सकते हैं?
सती – शिवानी: frequently asked questions
इस पृष्ठ पर कहानी का पूरा घटना-क्रम और उद्धरण क्यों नहीं हैं?
शिवानी की कहानी कॉपीराइट में है और इसका पाठ हमें उपलब्ध नहीं हुआ। इसलिए यहाँ केवल CISCE की 2024 अंक-योजना से पुष्ट तथ्य दिए गए हैं; कहानी पाठ्य-पुस्तक से अवश्य पढ़ें।
शिवानी कौन थीं?
हिंदी की लोकप्रिय कथाकार गौरा पंत (1923-2003), जो 'शिवानी' नाम से लिखती थीं; 'कृष्णकली' जैसे उपन्यास उनकी प्रसिद्ध रचनाएँ हैं।
क्या कहानी सती-प्रथा का समर्थन करती है?
नहीं। कहानी में 'सती' होने का दावा ठगी का साधन है; कहानी अंधश्रद्धा पर चोट करती है।
Based on: CISCE ISC 2028 Appendix I: List of Prescribed Textbooks (Hindi 805, Gadya Sanklan, Class XI); CISCE ISC Analysis of Pupil Performance 2024: Hindi, Question 5 (Sati, marking scheme, examiners' comments)