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HindiISC Class 11 · Chapter 5

ISC Class 11 हिंदी आषाढ़ का एक दिन – अंक 1 (मोहन राकेश): सार, पात्र और हल सहित प्रश्न

Updated 15 October 2026 · Fact-checked

मोहन राकेश के नाटक 'आषाढ़ का एक दिन' के पहले अंक में ग्राम-प्रांतर का प्रकृति-प्रेमी, अभावग्रस्त कवि कालिदास और मल्लिका का प्रेम दिखता है। कालिदास घायल हरिणशावक को बचाता है और दंतुल के भय की परवाह नहीं करता। उज्जयिनी के राज्याश्रय को लेकर वह अनिर्णय में है; मल्लिका उसे जाने की प्रेरणा देती है।

What आषाढ़ का एक दिन – अंक 1 is about

आषाढ़ का एक दिन मोहन राकेश का प्रसिद्ध नाटक है, जो महाकवि कालिदास और ग्राम-कन्या मल्लिका के प्रेम के माध्यम से कलाकार, सत्ता (राज्याश्रय) और प्रेम के संबंधों की पड़ताल करता है। ISC 2028 की पाठ्य-पुस्तक-सूची के अनुसार कक्षा XI में केवल अंक 1 निर्धारित है; अंक 2 और 3 कक्षा XII के लिए हैं।

पहला अंक नाटक की नींव रखता है: ग्राम-प्रांतर का प्राकृतिक परिवेश, कालिदास और मल्लिका का प्रेम, कालिदास का स्वभाव (दयालु, निर्भीक, प्रकृति-प्रेमी, पर अनिर्णयी) और उज्जयिनी जाने का प्रश्न, जिस पर पूरा नाटक टिका है।

प्रश्न-पत्र में नाटक से संवाद-आधारित प्रश्न (वक्ता-श्रोता, संदर्भ, अर्थ, चरित्र) और 10 अंकों के दीर्घ प्रश्न आते हैं। CISCE के 2024 के प्रश्न-पत्र में कालिदास के चरित्र (प्रश्न 15) और 'राज्याश्रय में रहकर साहित्यकार का लेखन कुंठित हो जाता है' (प्रश्न 14) पर दीर्घ प्रश्न आए; उनकी अंक-योजना में पहले अंक के कई प्रसंग उद्धृत हैं।

पाठ के बारे में। नाटक कॉपीराइट में है और इसका पाठ हमें उपलब्ध नहीं हुआ। यह पृष्ठ केवल CISCE के 2024 और 2025 के प्रश्न-पत्रों और अंक-योजनाओं में पुष्ट तथ्यों पर आधारित है; दृश्य-क्रम और संवाद पाठ्य-पुस्तक से पढ़ें।

Weightage: CISCE अध्यायवार अंक प्रकाशित नहीं करता। बोर्ड प्रश्न-पत्र में नाटक से तीन प्रश्न (एक संवाद-आधारित, दो दीर्घ, 10-10 अंक) आते हैं; चार पुस्तकों में से किन्हीं तीन से कुल चार प्रश्न करने होते हैं। कक्षा XI का प्रश्न-पत्र विद्यालय बनाता है।Source: CISCE का ISC 2028 परिशिष्ट I (हिंदी 805, आषाढ़ का एक दिन, कक्षा XI: अंक 1)

आषाढ़ का एक दिन – अंक 1: summary

In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.

यह सार CISCE की 2024 और 2025 की अंक-योजनाओं में उद्धृत प्रसंगों तक सीमित है; पहले अंक का दृश्य-वार पूरा क्रम पाठ्य-पुस्तक से पढ़ें।

ग्राम-प्रांतर और प्रेम। नाटक का आरंभ ग्राम-प्रांतर में होता है। कालिदास यहीं पला-बढ़ा अभावग्रस्त युवा कवि है, जिसे प्रकृति से गहरा अनुराग है; अंक-योजना उसकी रचना 'ऋतुसंहार' को इसी प्रकृति-प्रेम का उदाहरण बताती है। मल्लिका उससे असीम और अटूट प्रेम करती है और उसके सृजन की प्रेरणा है। 2025 की अंक-योजना के अनुसार उज्जयिनी जाने से पहले की आषाढ़ की वर्षा में दोनों प्रेम में भीगे थे; यही 'आषाढ़ का एक दिन' आगे के अंकों में स्मृति बनकर लौटता है।

घायल हरिणशावक। 2024 की अंक-योजना के अनुसार नाटक के आरंभ में ही कालिदास एक घायल हरिणशावक को सहलाते हुए लाता है और उसे ठीक करने का पूरा प्रयत्न करता है। उसका कथन है: 'एक बाण प्राण ले सकता है, तो उँगलियों का कोमल स्पर्श प्राण दे भी सकता है।' दंतुल उसे प्राणों और शक्ति का भय दिखाकर कहता है कि हरिणशावक देना ही पड़ेगा, वरना परिणाम बुरा होगा; फिर भी कालिदास परिणाम की चिंता किए बिना हरिणशावक को लेकर चला जाता है। यह प्रसंग उसकी दयालुता और निर्भीकता दिखाता है।

उज्जयिनी का प्रश्न। कालिदास को उज्जयिनी का राज्याश्रय मिलने की स्थिति बनती है, पर अंक-योजना के अनुसार वह उज्जयिनी नहीं जाना चाहता। वह प्रकृति की गोद में रहने वाला स्वतंत्र, स्वच्छंद कवि है और उसे लगता है कि राज-संरक्षण से उसका स्वतंत्र अस्तित्व मिट जाएगा। वह ग्राम-प्रांतर के सूत्र से स्वयं को दूर नहीं करना चाहता और अनिर्णय में पड़ा रहता है। अंक-योजना में उसका एक कथन राजपुरुष के प्रति उद्धृत है: 'शब्द और अर्थ राजपुरुषों की संपत्ति है, यह जानकर आश्चर्य हुआ।'

मल्लिका की प्रेरणा। मल्लिका कालिदास के अभावों को समझती है और चाहती है कि वह राज्याश्रय स्वीकार करे, ताकि वह दुःख, दरिद्रता और साधनहीनता से बाहर निकले, और वह स्वयं उसकी कीर्ति, सम्मान और सृजन के मार्ग की बाधा न बने। अनिर्णय की घड़ी में वही कालिदास की सहायता करती है।

विलोम। 2025 की अंक-योजना के अनुसार गाँव का विलोम मल्लिका के घर बिना बुलाए आता है, यद्यपि मल्लिका उसे पसंद नहीं करती। वह कालिदास पर व्यंग्य करता है ('राजधानी के वैभव में जाकर ग्राम-प्रांतर को भूल तो नहीं जाओगे?') और जानना चाहता है कि कालिदास अकेला उज्जयिनी जा रहा है या मल्लिका भी साथ जा रही है। अंबिका, मल्लिका और कालिदास, तीनों के कहने पर भी वह अपनी बात कहे बिना नहीं टलता। वह स्पष्टवादी और मुँहफट है; अंबिका से कहता है: 'तुम तो जानती हो अंबिका, मेरा एकमात्र दोष यह है कि मैं जो अनुभव करता हूँ, स्पष्ट कह देता हूँ।'

दूसरे पात्रों की दृष्टि। कालिदास के मातुल (मामा), अंबिका और गाँववालों की दृष्टि में वह एक अकर्मण्य व्यक्ति है; अंबिका उसे आत्मकेंद्रित और सुखाभिलाषी मानती है, जिसे दूसरों की भावनाओं की परवाह नहीं। मातुल का विचार मल्लिका से मिलता-जुलता है (कालिदास राज्याश्रय स्वीकार करे), पर अंक-योजना के अनुसार उसकी दृष्टि में त्याग के स्थान पर लालच, चाटुकारिता और राजकीय आतंक है।

अंक का महत्त्व। पहला अंक प्रेम और महत्त्वाकांक्षा, ग्राम और राजधानी, सृजन और सत्ता के उस द्वंद्व की नींव रखता है जो अंक 2 और 3 (कक्षा XII) में कालिदास के राजकवि बनने और थके-टूटे लौटने तक पहुँचता है।

Themes and message

प्रेम और त्याग

मल्लिका का प्रेम निःस्वार्थ है: वह कालिदास को अपने पास रोकने के बजाय उसकी उन्नति चाहती है और उसे उज्जयिनी जाने की प्रेरणा देती है।

From the text: 2024 अंक-योजना (प्रश्न 14): मल्लिका कालिदास की कीर्ति और सृजन के मार्ग की बाधा नहीं बनना चाहती।

कलाकार और राज्याश्रय (सृजन बनाम सत्ता)

कालिदास राज-संरक्षण से डरता है, क्योंकि उसे लगता है कि इससे उसका स्वतंत्र अस्तित्व मिट जाएगा। पूरे नाटक का केंद्रीय प्रश्न यही है कि राज्याश्रय में साहित्यकार का सृजन फलता है या कुंठित होता है।

From the text: 'शब्द और अर्थ राजपुरुषों की संपत्ति है, यह जानकर आश्चर्य हुआ।' (2024 अंक-योजना में उद्धृत)

प्रकृति और करुणा

ग्राम-प्रांतर की प्रकृति कालिदास की प्रेरणा है; घायल हरिणशावक की सेवा उसकी करुणा और प्रकृति-प्रेम दोनों दिखाती है।

From the text: 'एक बाण प्राण ले सकता है, तो उँगलियों का कोमल स्पर्श प्राण दे भी सकता है।'

अनिर्णय और आंतरिक द्वंद्व

कालिदास प्रतिभाशाली है, पर निर्णय लेने में अक्षम है; ग्राम-प्रांतर से जुड़ाव और राजधानी के अवसर के बीच वह झूलता रहता है।

From the text: 2024 अंक-योजना (प्रश्न 15): उज्जयिनी जाने के संदर्भ में अनिर्णय; मल्लिका उसकी सहायता करती है।

Characters

कालिदास

नायक: ग्राम-प्रांतर का अभावग्रस्त, प्रकृति-प्रेमी युवा कवि।

  • प्रकृति-प्रेमी ('ऋतुसंहार' उसके प्रकृति-अनुराग का उदाहरण)।
  • दयालु: घायल हरिणशावक की सेवा करता है।
  • निर्भीक: दंतुल की धमकी के बाद भी हरिणशावक लेकर चला जाता है।
  • स्वतंत्रता-प्रिय: राज्याश्रय से अपना अस्तित्व मिटने का भय।
  • अनिर्णयी: उज्जयिनी जाने के प्रश्न पर निर्णय नहीं ले पाता।

2024 प्रश्न 14 और 15 की अंक-योजना।

मल्लिका

नायिका: कालिदास से प्रेम करने वाली ग्राम-कन्या, उसकी प्रेरणा।

  • असीम और अटूट प्रेम करने वाली।
  • निःस्वार्थ: कालिदास की उन्नति की बाधा नहीं बनना चाहती।
  • स्वतंत्र विचारों वाली और व्यावहारिक: कालिदास के अभावों को समझती है।
  • कालिदास को उज्जयिनी जाने की प्रेरणा देने वाली।

2024 प्रश्न 13 और 14 की अंक-योजना।

मातुल

कालिदास का मातुल (मामा)।

  • चाहता है कि कालिदास राज्याश्रय स्वीकार करे।
  • अंक-योजना के अनुसार उसकी दृष्टि में लालच, चाटुकारिता और राजकीय आतंक है।
  • कालिदास को अकर्मण्य मानता है।

2024 प्रश्न 14 और 15 की अंक-योजना।

अंबिका

नाटक की पात्र, जो कालिदास के प्रति आलोचनात्मक है।

  • कालिदास को आत्मकेंद्रित और सुखाभिलाषी मानती है।
  • उसकी दृष्टि में कालिदास को दूसरों की भावनाओं की परवाह नहीं।

2024 प्रश्न 15 की अंक-योजना।

दंतुल

वह पात्र जो हरिणशावक के लिए कालिदास को धमकाता है।

  • शक्ति और प्राणों का भय दिखाने वाला।
  • हरिणशावक लौटाने की माँग करता है।

2024 प्रश्न 15 की अंक-योजना।

विलोम

गाँव का व्यक्ति, कालिदास का प्रतिद्वंद्वी; मल्लिका के घर बिना बुलाए आने वाला।

  • स्पष्टवादी, मुँहफट और निर्भीक: जो अनुभव करता है, कह देता है।
  • व्यंग्य करने वाला: कालिदास पर राजधानी के वैभव को लेकर कटाक्ष।
  • हठी: सबके कहने पर भी अपनी बात कहे बिना नहीं टलता।
  • परंपरागत खलनायक से भिन्न: वह कोई षड्यंत्र नहीं रचता।

2025 प्रश्न 14 की अंक-योजना।

How it is written

DeviceExampleEffect
प्रतीकात्मक शीर्षक'आषाढ़ का एक दिन': उज्जयिनी जाने से पहले की वह वर्षा जिसमें कालिदास और मल्लिका प्रेम में भीगे थे।एक दिन की वर्षा पूरे नाटक में प्रेम की स्मृति और खोए हुए अतीत का प्रतीक बन जाती है।
प्रतीक: घायल हरिणशावक'एक बाण प्राण ले सकता है, तो उँगलियों का कोमल स्पर्श प्राण दे भी सकता है।'बाण (शक्ति, सत्ता) और कोमल स्पर्श (करुणा, कला) का विरोध नाटक के सत्ता बनाम सृजन वाले द्वंद्व की ओर संकेत करता है।
व्यंग्यपूर्ण संवाद'शब्द और अर्थ राजपुरुषों की संपत्ति है, यह जानकर आश्चर्य हुआ।'कवि की स्वतंत्रता पर सत्ता के अधिकार-भाव की विडंबना उजागर होती है।

Key quotations

Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.

  • एक बाण प्राण ले सकता है, तो उँगलियों का कोमल स्पर्श प्राण दे भी सकता है।

    कालिदास: नाटक के आरंभ में, घायल हरिणशावक की सेवा करते हुए (2024 प्रश्न 15 की अंक-योजना में उद्धृत)।

    कालिदास की करुणा; हिंसा पर कोमलता की श्रेष्ठता।

  • शब्द और अर्थ राजपुरुषों की संपत्ति है, यह जानकर आश्चर्य हुआ।

    कालिदास: राजपुरुष को संबोधित करते हुए (2024 प्रश्न 14 की अंक-योजना में उद्धृत)।

    कवि की स्वतंत्रता और सत्ता के अधिकार-भाव का टकराव; राजनीति के प्रति कालिदास का आकर्षण स्थायी नहीं।

  • राजधानी के वैभव में जाकर कहीं ग्राम-प्रांतर को भूल तो नहीं जाओगे।

    विलोम: कालिदास के उज्जयिनी जाने से पहले, उस पर व्यंग्य करते हुए (2025 प्रश्न 14 और 2024 प्रश्न 14 की अंक-योजनाओं में उद्धृत)।

    विलोम का कटाक्ष; राजधानी के आकर्षण और ग्राम-प्रांतर से दूरी की आशंका, जो आगे के अंकों की पूर्व-सूचना है।

  • सुना है, वहाँ जाकर व्यक्ति बहुत व्यस्त हो जाता है।

    विलोम (2024 अंक-योजना में पिछले वाक्य के साथ एक ही उद्धरण में): उसी प्रसंग में (2024 प्रश्न 14 की अंक-योजना)।

    राजकीय जीवन की व्यस्तता सृजन और प्रेम दोनों से दूर कर सकती है।

आषाढ़ का एक दिन – अंक 1 in real life

Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.

स्वतंत्रता बनाम संरक्षण

मान लीजिए किसी युवा चित्रकार को एक बड़ी कंपनी अच्छी तनख़्वाह पर रखना चाहती है, पर शर्त है कि वह केवल कंपनी के विज्ञापन बनाएगा।

कालिदास की दुविधा इससे कैसे मेल खाती है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. कालिदास को भी राज्याश्रय से साधन और सम्मान मिल सकता था।
  2. पर उसे डर था कि उसका स्वतंत्र अस्तित्व मिट जाएगा।
  3. दोनों स्थितियों में प्रश्न है: सुरक्षा या सृजन की स्वतंत्रता?

Answer: चित्रकार की तरह कालिदास भी सुरक्षा और स्वतंत्रता के बीच फँसा है; नाटक बताता है कि संरक्षण की कीमत कलाकार की प्रेरणा और स्वतंत्रता हो सकती है, इसलिए निर्णय सोच-समझकर लेना चाहिए।

Memory hook: सोने का पिंजरा भी पिंजरा है।

निःस्वार्थ प्रेम

कल्पना कीजिए आपका सबसे अच्छा मित्र किसी दूसरे शहर के बड़े कॉलेज में चुना गया है, पर आपको छोड़कर जाने से हिचक रहा है।

मल्लिका की तरह आप क्या करेंगे?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. मल्लिका ने कालिदास को रोका नहीं, जाने की प्रेरणा दी।
  2. वह उसकी उन्नति की बाधा नहीं बनना चाहती थी।
  3. सच्चा स्नेह प्रिय की प्रगति चाहता है।

Answer: मल्लिका की तरह मित्र को जाने की प्रेरणा देना ही सच्चा स्नेह है; अपने अकेलेपन से ऊपर उसकी उन्नति को रखना।

Memory hook: प्रेम पंख देता है, बेड़ियाँ नहीं।

करुणा और साहस

मान लीजिए सड़क पर किसी घायल पिल्ले को कुछ लोग भगा रहे हैं और आपको भी धमकाते हैं कि बीच में मत पड़ो।

हरिणशावक वाला प्रसंग यहाँ क्या सिखाता है?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. कालिदास ने घायल हरिणशावक की सेवा की।
  2. दंतुल की धमकी के बावजूद वह पीछे नहीं हटा।
  3. करुणा के साथ साहस भी चाहिए।

Answer: प्रसंग सिखाता है कि करुणा तभी सार्थक है जब उसके साथ साहस हो; कालिदास की तरह घायल जीव की रक्षा करना और धमकी से न डरना।

Memory hook: कोमल स्पर्श, अडिग कदम।

Topics in this chapter

How the school exam asks आषाढ़ का एक दिन – अंक 1

The question patterns to expect, and the method that works for each.

Question typeHow it is askedMethod
संवाद-आधारित प्रश्न (1 + 2 + 2 + 5 अंक)कोई संवाद उद्धृत करके: वक्ता और श्रोता कौन हैं; संदर्भ स्पष्ट कीजिए; कथन का अंतर्निहित अर्थ; वक्ता के चरित्र की विशेषताएँ।पहले वक्ता-श्रोता सही पहचानें (परीक्षकों के अनुसार यहीं सबसे अधिक भूलें होती हैं); संदर्भ में अंक और प्रसंग बताएँ; चरित्र-चित्रण को उसी संवाद से जोड़ें।
दीर्घ प्रश्न: चरित्र-चित्रण (10 अंक)'कालिदास जहाँ एक तरफ अप्रतिम प्रतिभा के स्वामी हैं, तो वहीं दूसरी तरफ उनके स्वभाव में दुर्बलताओं को भी देखा गया है।' कालिदास का चरित्र-चित्रण कीजिए। (2024)कथन के दोनों अंश: पहले प्रतिभा (प्रकृति-प्रेम, दयालुता, निर्भीकता), फिर दुर्बलताएँ (अनिर्णय, आत्मकेंद्रितता); हर बिंदु के साथ प्रसंग; सार न लिखें।
दीर्घ प्रश्न: विचार की समीक्षा (10 अंक)'राज्याश्रय में रहकर साहित्यकार का लेखन कुंठित हो जाता है।' नाटक के आधार पर समीक्षा कीजिए। (2024)कथन का अर्थ; कालिदास का उज्जयिनी न जाना चाहना और कारण; मल्लिका और मातुल की दृष्टि; अपना मत और निष्कर्ष।

Tricks to remember आषाढ़ का एक दिन – अंक 1

Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.

  • अंक 1 के चार प्रसंग: 'व-ह-उ-प्रे'

    वर्षा (प्रेम में भीगना), हरिणशावक (दया और निर्भीकता), उज्जयिनी का प्रश्न (अनिर्णय), प्रेरणा (मल्लिका)।

    Use it when: सार का क्रम याद रखने के लिए।

  • किसकी क्या दृष्टि

    मल्लिका = त्याग; मातुल = लालच और भय; अंबिका = आलोचना (आत्मकेंद्रित, अकर्मण्य)।

    Use it when: पात्रों की तुलना वाले प्रश्न।

आषाढ़ का एक दिन – अंक 1: exam-level solved questions

Ordered from exam level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.

Example 1: संवाद (i): वक्ता और प्रसंग · 1 mark · Very short answerExam level

'एक बाण प्राण ले सकता है, तो उँगलियों का कोमल स्पर्श प्राण दे भी सकता है।' यह कथन किसका है और किस प्रसंग में कहा गया?

Try it first, then show the solutionSolution
  1. वक्ता: कालिदास।
  2. प्रसंग: नाटक के आरंभ में घायल हरिणशावक की सेवा।

Answer: यह कथन कालिदास का है; नाटक के आरंभ में वह बाण से घायल हरिणशावक को सहलाते हुए लाता है और उसे ठीक करने का प्रयत्न करता है।

Example 2: संवाद (ii): अंतर्निहित अर्थ · 2 marks · Short answerHarder exam level

'एक बाण प्राण ले सकता है, तो उँगलियों का कोमल स्पर्श प्राण दे भी सकता है।' इस कथन का अंतर्निहित अर्थ स्पष्ट कीजिए।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. बाण: हिंसा और शक्ति; कोमल स्पर्श: करुणा और सेवा।
  2. जो शक्ति प्राण ले सकती है, उसके सामने करुणा प्राण लौटा सकती है; कवि करुणा का पक्षधर है।

Answer: बाण हिंसा और शक्ति का प्रतीक है और उँगलियों का कोमल स्पर्श करुणा और सेवा का। कालिदास कहता है कि जैसे हिंसा प्राण ले सकती है, वैसे ही करुणा प्राण दे भी सकती है; इससे उसकी दयालुता और शक्ति के सामने कोमलता को श्रेष्ठ मानने की दृष्टि प्रकट होती है।

Example 3: संवाद (iv): वक्ता का चरित्र · 5 marks · Long answerHarder exam level

हरिणशावक वाले प्रसंग के आलोक में कालिदास के चरित्र की विशेषताएँ लिखिए।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. दयालु: घायल हरिणशावक को सहलाकर लाना और उपचार।
  2. निर्भीक: दंतुल की धमकी के बावजूद हरिणशावक लेकर जाना।
  3. प्रकृति-प्रेमी: ग्राम-प्रांतर की प्रकृति उसकी प्रेरणा; 'ऋतुसंहार'।
  4. संवेदनशील कवि: शक्ति के स्थान पर करुणा का पक्ष।
  5. सीमा: यही कवि आगे राज्याश्रय के प्रश्न पर अनिर्णयी दिखता है।

Answer: यह प्रसंग कालिदास के चरित्र के कई पक्ष उजागर करता है। दयालुता: वह बाण से घायल हरिणशावक को सहलाते हुए लाता है और उसे ठीक करने का पूरा प्रयत्न करता है। निर्भीकता: दंतुल उसे प्राणों और शक्ति का भय दिखाकर हरिणशावक माँगता है, फिर भी वह परिणाम की चिंता किए बिना उसे लेकर चला जाता है। प्रकृति-प्रेम: ग्राम-प्रांतर की प्रकृति उसकी प्रेरणा है; उसकी रचना 'ऋतुसंहार' इसी अनुराग का उदाहरण है। संवेदनशील कवि-हृदय: 'उँगलियों का कोमल स्पर्श प्राण दे भी सकता है' कहकर वह शक्ति के सामने करुणा का पक्ष लेता है। पर यही कालिदास आगे उज्जयिनी जाने के प्रश्न पर निर्णय नहीं ले पाता; उसकी प्रतिभा के साथ यह दुर्बलता भी नाटक का अंग है।

Example 4: दीर्घ प्रश्न: राज्याश्रय की समीक्षा (2024) · 10 marks · Long answerHOTS / competency

'राज्याश्रय में रहकर साहित्यकार का लेखन कुंठित हो जाता है।' 'आषाढ़ का एक दिन' के पहले अंक के प्रसंगों के आधार पर इस कथन की समीक्षा कीजिए।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. कथन का अर्थ: राजकीय संरक्षण में साहित्यकार की स्वतंत्रता घटती है।
  2. कालिदास उज्जयिनी नहीं जाना चाहता: स्वतंत्र, स्वच्छंद प्रकृति-कवि; अस्तित्व मिटने का भय।
  3. 'शब्द और अर्थ राजपुरुषों की संपत्ति है...': सत्ता के अधिकार-भाव पर व्यंग्य।
  4. मल्लिका की दृष्टि: दरिद्रता से मुक्ति और कीर्ति के लिए राज्याश्रय स्वीकारना।
  5. मातुल की दृष्टि: लालच, चाटुकारिता, राजकीय आतंक।
  6. अपना मत: संरक्षण साधन दे सकता है, पर स्वतंत्रता और प्रेरणा की कीमत पर; नाटक आगे इसी आशंका को सच दिखाता है।

Answer: कथन का अर्थ। यह कथन कहता है कि जब साहित्यकार राजकीय संरक्षण में रहता है, तो उसकी स्वतंत्रता और मौलिकता घट जाती है और लेखन कुंठित हो जाता है। मोहन राकेश का नाटक इसी समस्या को लेकर चलता है।

कालिदास की आशंका। पहले अंक में कालिदास उज्जयिनी नहीं जाना चाहता। वह प्रकृति की गोद में रहकर प्राकृतिक संपदा का गायन करने वाला स्वतंत्र, स्वच्छंद कवि है; उसे लगता है कि राज-संरक्षण पाने पर उसका स्वतंत्र अस्तित्व मिट जाएगा। राजपुरुष से कहा गया उसका कथन, 'शब्द और अर्थ राजपुरुषों की संपत्ति है, यह जानकर आश्चर्य हुआ', सत्ता के उस अधिकार-भाव पर व्यंग्य है जो कवि के शब्दों पर भी स्वामित्व चाहता है।

मल्लिका और मातुल। मल्लिका चाहती है कि कालिदास राज्याश्रय स्वीकार करे, ताकि वह दुःख और दरिद्रता से निकले और वह स्वयं उसकी कीर्ति की बाधा न बने; उसके आग्रह में त्याग है। मातुल भी यही चाहता है, पर उसकी दृष्टि में लालच, चाटुकारिता और राजकीय आतंक है।

समीक्षा। पहला अंक दिखाता है कि राज्याश्रय कवि को साधन और सम्मान दे सकता है, पर उसके मूल स्रोत, प्रकृति, प्रेम और स्वतंत्रता, से उसे दूर भी कर सकता है। नाटक के आगे के अंक इसी आशंका को सच होते दिखाते हैं। मेरे विचार से यह कथन बहुत हद तक सत्य है: सृजन के लिए स्वतंत्रता आवश्यक है, और जो लेखन किसी को प्रसन्न करने के लिए हो, वह कालजयी नहीं बनता।

Example 5: दीर्घ प्रश्न: मल्लिका का प्रेम · 10 marks · Long answerHarder exam level

'मल्लिका का प्रेम कालिदास को बाँधता नहीं, मुक्त करता है।' पहले अंक के आधार पर इस कथन की विवेचना कीजिए।

Try it first, then show the solutionSolution
  1. मल्लिका का असीम और अटूट प्रेम; वह कालिदास की प्रेरणा।
  2. कालिदास के अभावों की समझ; दरिद्रता से मुक्ति की कामना।
  3. उज्जयिनी जाने की प्रेरणा; अनिर्णय में सहायता।
  4. अपने सुख के ऊपर कालिदास की कीर्ति और सृजन को रखना।
  5. निष्कर्ष: त्यागमय, निःस्वार्थ प्रेम।

Answer: भूमिका। 'आषाढ़ का एक दिन' की नायिका मल्लिका कालिदास से असीम और अटूट प्रेम करती है; वह उसके सृजन की प्रेरणा है। पर उसका प्रेम स्वामित्व का नहीं, मुक्ति का है।

कालिदास के अभावों की समझ। मल्लिका जानती है कि कालिदास ग्राम-प्रांतर का अभावग्रस्त कवि है। वह चाहती है कि वह दुःख, दरिद्रता और साधनहीनता से बाहर निकले, इसलिए वह राज्याश्रय स्वीकार करने के पक्ष में है।

प्रेरणा और सहायता। जब कालिदास उज्जयिनी जाने के प्रश्न पर अनिर्णय में पड़ा रहता है और ग्राम-प्रांतर से अपना सूत्र नहीं तोड़ना चाहता, तब मल्लिका उसकी सहायता करती है और उसे जाने की प्रेरणा देती है।

त्याग। वह कालिदास को अपने पास रोककर रख सकती थी, पर वह उसकी कीर्ति, मान-सम्मान और सृजन के मार्ग की बाधा नहीं बनना चाहती। अपने सुख से ऊपर वह प्रिय की उन्नति को रखती है।

निष्कर्ष। इस प्रकार मल्लिका का प्रेम कालिदास को बाँधता नहीं, उसे अपने पंख फैलाने की स्वतंत्रता देता है। यही निःस्वार्थ, त्यागमय प्रेम आगे के अंकों में भी उसके चरित्र की पहचान बना रहता है।

Where the marks are

How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.

दीर्घ प्रश्न (10 अंक), कालिदास का चरित्र-चित्रण (2024 प्रश्न 15 की अंक-योजना पर आधारित)। विभाजन संकेतात्मक है। (10 marks)

StepMarks
भूमिका: कथन के दोनों अंश (प्रतिभा और दुर्बलता)1
प्रतिभा: प्रकृति-प्रेम ('ऋतुसंहार'), दयालुता (हरिणशावक), निर्भीकता (दंतुल)4
दुर्बलताएँ: अनिर्णय, दूसरों की दृष्टि में आत्मकेंद्रित, अकर्मण्य3
निष्कर्ष, अपना मत और भाषा2

Where students lose marks in आषाढ़ का एक दिन – अंक 1

The slips examiners see most often, and what to write instead.

  • Mistake: वक्ता-श्रोता गलत पहचानना

    परीक्षकों (2024, 2025) के अनुसार कई विद्यार्थियों ने श्रोता गलत लिखा, जिससे संदर्भ और चरित्र वाले भाग भी गलत हो गए।

    Do this: हर महत्त्वपूर्ण संवाद के साथ वक्ता, श्रोता और अंक लिखकर याद करें।

    Usually costs: पूरे संवाद-प्रश्न के अधिकांश अंक।

  • Mistake: चरित्र-चित्रण के स्थान पर नाटक का सार

    2024 के परीक्षकों ने लिखा कि कुछ विद्यार्थियों ने केवल नाटक का सार लिख दिया।

    Do this: हर विशेषता का शीर्षक दें और उसी के साथ प्रसंग जोड़ें।

    Usually costs: 4-5 अंक।

  • Mistake: कथन के एक ही अंश का उत्तर

    2024 प्रश्न 15 में विद्यार्थियों ने प्रतिभा और दुर्बलता, दोनों अंश स्पष्ट नहीं किए।

    Do this: कथन को भागों में बाँटें; हर भाग का अलग अनुच्छेद।

    Usually costs: 3-4 अंक।

  • Mistake: कक्षा XII के अंकों की घटनाएँ अंक 1 में लिखना

    राजकवि बनना, विवाह और लौटना अंक 2-3 की घटनाएँ हैं।

    Do this: संदर्भ लिखते समय अंक स्पष्ट रखें; अंक 1 में उज्जयिनी जाने का प्रश्न है, वहाँ का जीवन नहीं।

    Usually costs: संदर्भ के 2 अंक।

Practice questions on आषाढ़ का एक दिन – अंक 1

Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.

  1. Q1 · 1 mark · MCQExam level

    'आषाढ़ का एक दिन' नाटक के लेखक कौन हैं? (a) जयशंकर प्रसाद (b) मोहन राकेश (c) धर्मवीर भारती (d) भीष्म साहनी

    Hint

    आधुनिक नाटककार।

    Answer

    (b) मोहन राकेश।

  2. Q2 · 1 mark · Very short answerExam level

    कालिदास नाटक के आरंभ में किस घायल जीव को लेकर आता है?

    Hint

    बाण से घायल।

    Answer

    घायल हरिणशावक (हिरन का बच्चा)।

  3. Q3 · 1 mark · Very short answerExam level

    मातुल कालिदास का कौन है?

    Hint

    रिश्ता।

    Answer

    कालिदास का मामा।

  4. Q4 · 2 marks · Short answerHarder exam level

    कालिदास उज्जयिनी क्यों नहीं जाना चाहता था? दो कारण लिखिए।

    Hint

    स्वतंत्रता, प्रकृति।

    Answer

    (1) वह प्रकृति की गोद में रहने वाला स्वतंत्र, स्वच्छंद कवि था और ग्राम-प्रांतर से अपना सूत्र नहीं तोड़ना चाहता था। (2) उसे लगता था कि राज-संरक्षण से उसका स्वतंत्र अस्तित्व मिट जाएगा।

  5. Q5 · 5 marks · Long answerHarder exam level

    मल्लिका और मातुल, दोनों चाहते हैं कि कालिदास राज्याश्रय स्वीकार करे। दोनों के उद्देश्यों में क्या अंतर है?

    Hint

    त्याग बनाम लालच।

    Answer

    मल्लिका का उद्देश्य त्यागमय है: वह चाहती है कि कालिदास दरिद्रता और साधनहीनता से निकले और उसकी कीर्ति तथा सृजन का मार्ग खुले; वह स्वयं उसकी बाधा नहीं बनना चाहती। मातुल का विचार ऊपर से मल्लिका जैसा लगता है, पर अंक-योजना के अनुसार उसकी दृष्टि में त्याग नहीं, लालच, चाटुकारिता और राजकीय आतंक है। इस प्रकार एक ही इच्छा के पीछे एक ओर प्रेम है, दूसरी ओर स्वार्थ और सत्ता का भय।

  6. Q6 · 5 marks · Long answerHOTS / competency

    अंबिका, मातुल और गाँववाले कालिदास को कैसा व्यक्ति मानते हैं? क्या आप उनसे सहमत हैं? पहले अंक के आधार पर उत्तर दीजिए।

    Hint

    अकर्मण्य, आत्मकेंद्रित; प्रमाण दोनों पक्षों के।

    Answer

    इन पात्रों की दृष्टि में कालिदास अकर्मण्य है; अंबिका उसे आत्मकेंद्रित और सुखाभिलाषी भी मानती है, जिसे दूसरों की भावनाओं की परवाह नहीं। इस मत के पक्ष में यह है कि वह निर्णय लेने में अक्षम है और मल्लिका के प्रेम के बावजूद अपनी ही दुविधा में घिरा रहता है। पर पहला अंक उसका दूसरा पक्ष भी दिखाता है: वह घायल हरिणशावक की सेवा करता है, दंतुल की धमकी से नहीं डरता और प्रकृति-प्रेमी प्रतिभाशाली कवि है। इसलिए मैं आंशिक रूप से सहमत हूँ: कालिदास अनिर्णयी है, पर अकर्मण्य कहना उसके संवेदनशील कवि-हृदय के साथ अन्याय है।

Test your recall

Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.

  1. 1.कक्षा XI में 'आषाढ़ का एक दिन' का कौन-सा भाग निर्धारित है?Show answer

    केवल अंक 1।

  2. 2.अंक-योजना कालिदास की किस रचना को उसके प्रकृति-प्रेम का उदाहरण बताती है?Show answer

    'ऋतुसंहार'।

  3. 3.हरिणशावक के लिए कालिदास को कौन धमकाता है?Show answer

    दंतुल।

  4. 4.कौन-सा पात्र कालिदास पर व्यंग्य करता है कि वह राजधानी के वैभव में ग्राम-प्रांतर को भूल तो नहीं जाएगा?Show answer

    विलोम (2025 प्रश्न 14 की अंक-योजना)।

Quick revision checklist

The night before the exam: can you do each of these without looking?

  • मोहन राकेश; कक्षा XI: अंक 1; विषय: प्रेम, राज्याश्रय, सृजन बनाम सत्ता।
  • कालिदास: प्रकृति-प्रेमी अभावग्रस्त कवि, दयालु (हरिणशावक), निर्भीक (दंतुल), अनिर्णयी (उज्जयिनी)।
  • मल्लिका: असीम प्रेम, त्याग, कालिदास को उज्जयिनी जाने की प्रेरणा।
  • मातुल: राज्याश्रय के पक्ष में, पर लालच और भय से; अंबिका: कालिदास को आत्मकेंद्रित मानती है।

आषाढ़ का एक दिन – अंक 1: frequently asked questions

'आषाढ़ का एक दिन' शीर्षक का अर्थ क्या है?

यह उस आषाढ़ की वर्षा का संकेत है जिसमें उज्जयिनी जाने से पहले कालिदास और मल्लिका प्रेम में भीगे थे; यह दिन पूरे नाटक में प्रेम की स्मृति बनकर लौटता है।

इस पृष्ठ पर दृश्य-वार पूरा सार क्यों नहीं है?

नाटक कॉपीराइट में है और उसका पाठ उपलब्ध नहीं था। यहाँ केवल CISCE के 2024-25 प्रश्न-पत्रों और अंक-योजनाओं से पुष्ट तथ्य दिए गए हैं; पूरा अंक पाठ्य-पुस्तक से पढ़ें।

क्या कक्षा XI की परीक्षा में अंक 2 या 3 से प्रश्न आ सकते हैं?

नहीं। CISCE के अनुसार कक्षा XI की परीक्षा कक्षा XI के निर्धारित भाग (अंक 1) पर होती है; अंक 2 और 3 कक्षा XII में पढ़े जाते हैं।

Based on: CISCE ISC 2028 Appendix I: List of Prescribed Textbooks (Hindi 805, Aashad Ka Ek Din, Class XI: Ank 1); CISCE ISC Analysis of Pupil Performance 2024: Hindi (board paper, marking scheme, examiners' comments); CISCE ISC Analysis of Pupil Performance 2025: Hindi (board paper, marking scheme, examiners' comments)