आषाढ़ का एक दिन (अंक 1): विलोम का चरित्र और कालिदास पर उसका व्यंग्य
Updated 18 October 2026 · Draft, not yet fact-checked
अंक 1 में विलोम गाँव का स्पष्टवादी, मुँहफट और हठी व्यक्ति है जो मल्लिका के घर बिना बुलाए आता है और कालिदास पर व्यंग्य करता है: 'राजधानी के वैभव में जाकर कहीं ग्राम-प्रांतर को भूल तो नहीं जाओगे।' वह जानना चाहता है कि कालिदास अकेला उज्जयिनी जा रहा है या मल्लिका भी। वह परंपरागत खलनायक नहीं है, क्योंकि कोई षड्यंत्र नहीं रचता।
Notice that Vilom only speaks bluntly and mocks; he plans no plot, and his taunt hints at what comes in later acts.
Illustration drawn for QuestionBuddy.
Understand विलोम का चरित्र और उसका व्यंग्य (आषाढ़ का एक दिन, अंक 1)
स्रोत की सीमा। अध्याय-पृष्ठ के अनुसार यह सामग्री CISCE की 2024 और 2025 की अंक-योजनाओं में उद्धृत प्रसंगों तक सीमित है। पाठ्य-पुस्तक का पूरा दृश्य-क्रम नहीं दिया गया है।
विलोम कौन है। गाँव का व्यक्ति और कालिदास का प्रतिद्वंद्वी। अंक-योजना के अनुसार वह मल्लिका के घर बिना बुलाए आता है, जबकि मल्लिका उसे पसंद नहीं करती।
उसका व्यंग्य। वह कालिदास से कहता है 'राजधानी के वैभव में जाकर कहीं ग्राम-प्रांतर को भूल तो नहीं जाओगे।'
उसकी जिज्ञासा। वह जानना चाहता है कि कालिदास अकेला उज्जयिनी जा रहा है या मल्लिका भी साथ जा रही है।
स्वभाव। अंबिका, मल्लिका और कालिदास, तीनों के कहने पर भी वह अपनी बात कहे बिना नहीं टलता। अंबिका से वह कहता है 'तुम तो जानती हो अंबिका, मेरा एकमात्र दोष यह है कि मैं जो अनुभव करता हूँ, स्पष्ट कह देता हूँ।'
खलनायक से भिन्न। अध्याय-पृष्ठ के अनुसार वह कोई षड्यंत्र नहीं रचता; उसका आचरण स्पष्टवादिता और कटाक्ष का है।
नाटकीय महत्त्व। उसका कटाक्ष राजधानी के आकर्षण और ग्राम-प्रांतर से दूरी की आशंका को पहले ही सामने रखता है, जो आगे के अंकों की पूर्व-सूचना है।
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
राजधानी के वैभव में जाकर कहीं ग्राम-प्रांतर को भूल तो नहीं जाओगे।
विलोम: कालिदास के उज्जयिनी जाने से पहले व्यंग्य।
राजधानी के आकर्षण की आशंका की पूर्व-सूचना।
तुम तो जानती हो अंबिका, मेरा एकमात्र दोष यह है कि मैं जो अनुभव करता हूँ, स्पष्ट कह देता हूँ।
विलोम: अंबिका से बात करते हुए।
उसकी स्पष्टवादिता का स्वीकार।
विलोम का चरित्र और उसका व्यंग्य (आषाढ़ का एक दिन, अंक 1): key facts
- विलोम के गुण
- स्पष्टवादी
- मुँहफट
- निर्भीक
- व्यंग्यकार
- हठी
- हर गुण के साथ एक प्रसंग दें।
- खलनायक से भेद
- षड्यंत्र नहीं
- कटाक्ष और स्पष्ट कथन
- बिना बुलाए आना
- अध्याय-पृष्ठ के आधार पर लिखें।
- नाटकीय कार्य
- राजधानी की आशंका
- कालिदास और मल्लिका पर प्रश्न
- आगे के अंकों की पूर्व-सूचना
- निष्कर्ष में लिखें।
How to answer विलोम का चरित्र और उसका व्यंग्य (आषाढ़ का एक दिन, अंक 1) questions
पात्र-चित्रण वाले प्रश्न में यह क्रम अपनाएँ।
- 1पात्र का परिचय एक वाक्य में दें।
- 2उसके गुण प्रसंग सहित लिखें।
- 3उद्धरण दें।
- 4अन्य पात्रों से संबंध बताएँ।
- 5नाटक में उसका महत्त्व बताकर निष्कर्ष दें।
विलोम का चरित्र और उसका व्यंग्य (आषाढ़ का एक दिन, अंक 1) in real life
The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
खरी बात कहने वाला पड़ोसी
मान लीजिए मोहल्ले का एक व्यक्ति हर किसी से कहता है, 'मैं जो महसूस करता हूँ, साफ़ कह देता हूँ', और जब कोई पड़ोसी बड़े शहर जाने लगता है तो ताना मारता है कि 'वहाँ जाकर हमें भूल मत जाना'।
यह व्यक्ति विलोम से कैसे मिलता है?
Try it first, then show the solutionSolution
- वह स्पष्ट बोलता है।
- उसकी बात में कटाक्ष है।
- पर वह कोई षड्यंत्र नहीं रचता।
Answer: विलोम की तरह वह खरी बात कहता है और व्यंग्य करता है, पर जरूरी नहीं कि बुरा हो।
Memory hook: खरी बात, कटाक्ष, षड्यंत्र नहीं।
Tricks to remember विलोम का चरित्र और उसका व्यंग्य (आषाढ़ का एक दिन, अंक 1)
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
स-मु-व्य-ह
स्पष्टवादी, मुँहफट, व्यंग्यकार, हठी।
Use it when: विलोम के गुण।
ताना नहीं, आशंका
उसका ताना आगे की घटना की आहट है।
Use it when: नाटकीय महत्त्व।
विलोम का चरित्र और उसका व्यंग्य (आषाढ़ का एक दिन, अंक 1): solved examples
Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.
Example 1: विलोम का आना · 1 mark · MCQBoard level
विलोम मल्लिका के घर किस प्रकार आता है? (क) निमंत्रण पर (ख) बिना बुलाए (ग) कालिदास के साथ (घ) अंबिका के बुलाने पर
Try it first, then show the solutionSolution
- अंक-योजना के अनुसार वह बिना बुलाए आता है।
Answer: (ख) बिना बुलाए।
Example 2: विलोम की जिज्ञासा · 1 mark · Very short answerBoard level
विलोम कालिदास से क्या जानना चाहता है?
Try it first, then show the solutionSolution
- अकेला जा रहा है या मल्लिका भी साथ।
Answer: कि वह अकेला उज्जयिनी जा रहा है या मल्लिका भी उसके साथ जा रही है।
Example 3: व्यंग्य का आशय · 2 marks · Short answerHarder board level
'राजधानी के वैभव में जाकर कहीं ग्राम-प्रांतर को भूल तो नहीं जाओगे', इस कथन का आशय लिखिए। (लगभग 40 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- वैभव का आकर्षण।
- ग्राम-प्रांतर की उपेक्षा की आशंका।
Answer: विलोम व्यंग्य से कहता है कि राजधानी की चमक-दमक में कालिदास अपनी जड़ों, यानी ग्राम-प्रांतर और अपने लोगों को भूल सकता है। इसमें उसकी आशंका और कटाक्ष दोनों हैं।
Example 4: चरित्र-चित्रण · 5 marks · Long answerHarder board level
अंक 1 के आधार पर विलोम का चरित्र-चित्रण कीजिए। (लगभग 100 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- स्पष्टवादी और मुँहफट।
- व्यंग्य और हठ।
- षड्यंत्रकारी नहीं।
Answer: विलोम गाँव का स्पष्टवादी और मुँहफट व्यक्ति है। वह मल्लिका के घर बिना बुलाए आता है, कालिदास पर राजधानी के वैभव को लेकर व्यंग्य करता है और यह जानना चाहता है कि मल्लिका भी उज्जयिनी जाएगी या नहीं। अंबिका, मल्लिका और कालिदास के कहने पर भी वह अपनी बात कहे बिना नहीं टलता, इसलिए हठी भी है। परंपरागत खलनायक की तरह वह षड्यंत्र नहीं रचता।
Example 5: खलनायक से भिन्नता · 5 marks · Long answerHOTS / competency
'विलोम परंपरागत खलनायक नहीं है।' इस कथन की समीक्षा कीजिए। (लगभग 100 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- खलनायक षड्यंत्र रचता है।
- विलोम कटाक्ष और स्पष्ट कथन करता है।
- उसका कथन सच की आशंका भी है।
Answer: परंपरागत खलनायक षड्यंत्र रचकर नायक को हानि पहुँचाता है, पर अंक 1 में विलोम केवल स्पष्ट कथन और व्यंग्य करता है। वह अपने बारे में कहता है कि वह जो अनुभव करता है, कह देता है। उसके कटाक्ष में राजधानी के आकर्षण की जो आशंका है, वह आगे के अंकों की घटनाओं की पूर्व-सूचना बन जाती है। इसलिए वह अप्रिय होकर भी केवल बुरा पात्र नहीं है।
Where students lose marks in विलोम का चरित्र और उसका व्यंग्य (आषाढ़ का एक दिन, अंक 1)
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: विलोम को खलनायक कह देना
वह षड्यंत्र नहीं रचता।
Wrong working
वह कालिदास के विरुद्ध षड्यंत्र रचता है।
Right working
वह कटाक्ष और स्पष्ट कथन करता है।
Do this: अध्याय-पृष्ठ का कथन लिखें।
Usually costs: 2 अंक
Mistake: उद्धरण बिना प्रसंग के देना
संदर्भ ज़रूरी है।
Wrong working
केवल पंक्ति लिखना।
Right working
वक्ता और प्रसंग के साथ लिखना।
Do this: कौन, किससे, कब लिखें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: पात्रों को मिलाना
मातुल, दंतुल और विलोम भिन्न हैं।
Wrong working
मातुल ने ग्राम-प्रांतर का व्यंग्य किया।
Right working
विलोम ने किया।
Do this: वक्ता याद करें।
Usually costs: 1 अंक
Exam tips
- उद्धरण के साथ वक्ता और प्रसंग लिखें।
- विलोम के चार गुण प्रसंग सहित बताएँ।
- खलनायक से उसका भेद स्पष्ट करें।
- राजधानी की आशंका को नाटक के आगे के अंकों से जोड़ें।
- पाठ से बाहर के प्रसंग न जोड़ें।
Practice questions on विलोम का चरित्र और उसका व्यंग्य (आषाढ़ का एक दिन, अंक 1)
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQBoard level
'राजधानी के वैभव में जाकर कहीं ग्राम-प्रांतर को भूल तो नहीं जाओगे' किसका कथन है? (क) मातुल (ख) दंतुल (ग) विलोम (घ) कालिदास
Hint
व्यंग्य करने वाला पात्र।
Answer
(ग) विलोम।
Q2 · 2 marks · Short answerHarder board level
'तुम तो जानती हो अंबिका, मेरा एकमात्र दोष यह है कि मैं जो अनुभव करता हूँ, स्पष्ट कह देता हूँ।' वक्ता और प्रसंग बताते हुए इस कथन से विलोम के स्वभाव पर टिप्पणी कीजिए। (लगभग 40 शब्द)
Hint
अंबिका से कथन; स्पष्टवादिता।
Answer
यह कथन विलोम का है, जो अंबिका से बात करते हुए कहता है। इसमें वह अपनी स्पष्टवादिता को ही अपना एकमात्र दोष मानता है। इससे पता चलता है कि वह मुँहफट और निर्भीक है और अप्रिय लगने पर भी मन की बात कह देता है।
Q3 · 2 marks · Short answerHarder board level
मल्लिका विलोम को पसंद क्यों नहीं करती, इस पर अपना मत लिखिए। उत्तर अंक-योजना के विवरण के अनुसार हो। (लगभग 40 शब्द)
Hint
मुँहफट और बिना बुलाए आना।
Answer
मल्लिका को विलोम का मुँहफट स्वभाव, उसका बिना बुलाए आ जाना और कालिदास तथा मल्लिका पर कटाक्ष करना पसंद नहीं है। इन बातों से वह असहज हो जाती है।
Q4 · 5 marks · Long answerHarder board level
विलोम का व्यंग्य कालिदास और मल्लिका के संबंध पर कैसा प्रभाव डालता है? (लगभग 100 शब्द)
Hint
राजधानी की आशंका।
Answer
उसका व्यंग्य कालिदास को याद दिलाता है कि राजधानी का वैभव उसे ग्राम-प्रांतर से दूर कर सकता है। वह यह भी पूछता है कि मल्लिका साथ जा रही है या नहीं, जिससे अनिर्णय में पड़े कालिदास और मल्लिका के संबंध पर प्रश्नचिह्न लगता है। यह कटाक्ष आगे की दूरी की पूर्व-सूचना है।
Q5 · 5 marks · Long answerHOTS / competency
'विलोम अप्रिय है, पर झूठा नहीं।' क्या आप सहमत हैं? अंक 1 के आधार पर तर्क दीजिए। (लगभग 100 शब्द)
Hint
स्पष्टवादिता और आशंका।
Answer
सहमत हूँ। वह बिना बुलाए आता है और व्यंग्य करता है, इसलिए अप्रिय है, पर उसका कहना कि वैभव में कालिदास ग्राम-प्रांतर को भूल सकता है, नाटक में आगे सच होने वाली आशंका है। वह स्वयं कहता है कि उसका दोष केवल स्पष्ट कहना है।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.विलोम कहाँ आता है?Show answer
मल्लिका के घर, बिना बुलाए।
2.वह कालिदास पर क्या व्यंग्य करता है?Show answer
कि राजधानी के वैभव में वह ग्राम-प्रांतर को भूल न जाए।
3.वह अपना दोष क्या बताता है?Show answer
स्पष्ट कह देना।
4.वह परंपरागत खलनायक क्यों नहीं?Show answer
क्योंकि वह षड्यंत्र नहीं रचता।
5.विलोम किस अंक-योजना में आया है?Show answer
CISCE 2025 की अंक-योजना में उद्धृत, अध्याय-पृष्ठ के अनुसार।
विलोम का चरित्र और उसका व्यंग्य (आषाढ़ का एक दिन, अंक 1): frequently asked questions
यह अंक किस कक्षा में है?
ISC कक्षा 11 में अंक 1 है, अध्याय-पृष्ठ के अनुसार।
क्या विलोम का पूरा संवाद इस पृष्ठ पर है?
नहीं, केवल अंक-योजना में उद्धृत अंश हैं।
किस पर प्रश्न आए थे?
2024 और 2025 की अंक-योजनाओं में विलोम पर प्रश्न उद्धृत हैं।