CBSE Class 10 Hindi Course A: 2026 board paper, set 3/3/1
The question paper set in the CBSE Class 10 board exam of 2026, as printed: 15 questions for 80 marks, in sections, with each OR choice shown as an alternative. Try each question first, then open our solution.
Every question here has our step-by-step solution, split into the steps that earn marks. Each one was checked by an independent re-solve from the question paper.
Source: official question paper from cbse.gov.in: https://www.cbse.gov.in/cbsenew/question-paper/2026/X/Hindi_Course_A_UPD.zip (a zip; this paper is the file 3-3-1_Hindi A (1).pdf). Questions are transcribed from that PDF; figures are described in words, so check the official paper for them.
How the paper is set
| Section | Questions | What it has |
|---|---|---|
| क | 1-2 | अपठित बोध: प्रश्न 1 और 2 प्रत्येक 7 अंक (गद्यांश/काव्यांश पर आधारित); सभी प्रश्न अनिवार्य |
| ख | 3-6 | व्यावहारिक व्याकरण: प्रश्न 3-6 प्रत्येक 4 अंक; प्रत्येक प्रश्न में पाँच में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर |
| ग | 7-11 | पाठ्य-पुस्तक एवं पूरक पाठ्य-पुस्तक: प्रश्न 7 (5×1=5), प्रश्न 8 (3×2=6, चार में से तीन), प्रश्न 9 (5×1=5), प्रश्न 10 (3×2=6, चार में से तीन), प्रश्न 11 (2×4=8, तीन में से दो) |
| घ | 12-15 | रचनात्मक लेखन: प्रश्न 12 (6 अंक, तीन विषयों में से एक), प्रश्न 13-15 में आंतरिक विकल्प (अथवा) |
Instructions in brief: कुल 15 प्रश्न, सभी अनिवार्य; समग्र विकल्प नहीं; कुछ खण्डों में आंतरिक विकल्प (अथवा) दिए गए हैं; खण्ड ख व ग में निर्देशानुसार चुनकर उत्तर देने हैं
Section क
अपठित बोध: प्रश्न 1 और 2 प्रत्येक 7 अंक (गद्यांश/काव्यांश पर आधारित); सभी प्रश्न अनिवार्य
Q1 · 7 marks · Reading comprehensionCompetency-basedReading (unseen passages)
निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए :
20 अगस्त को राष्ट्रीय अक्षय ऊर्जा दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2004 में इस दिवस को मनाने की शुरुआत की गई। इसका मुख्य उद्देश्य अक्षय ऊर्जा के प्रति आम आदमी में जागरूकता फैलाना है। आधुनिकता और भौतिकवाद की अंधी दौड़ में सबसे समझदार जीव कहे जाने वाले इंसानों ने ही प्रकृति को नज़रअंदाज़ करने का काम किया है। जीवाश्म ईंधन ने रही-सही कसर पूरी कर दी। आम आदमी यदि समझदारी दिखाए तो आधुनिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण को भी बचाया जा सकता है।
वास्तव में हमें अक्षय ऊर्जा का अर्थ समझना होगा। यह अक्षय इसलिए है, क्योंकि इसे तैयार करने के क्रम में स्रोत का क्षय नहीं होता, बल्कि उसका नवीनीकरण होता रहता है। यह ऊर्जा पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालती क्योंकि इसे तैयार करने के क्रम में प्रदूषण नहीं फैलाती। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जल-विद्युत ऊर्जा, ज्वार-भाटा से प्राप्त ऊर्जा, बायोगैस, जैव ईंधन आदि अक्षय ऊर्जा के ही कुछ उदाहरण हैं। हमारा देश प्राकृतिक संपदाओं से संपन्न है इसलिए अक्षय ऊर्जा के प्रति यदि गंभीरता से काम किया जाए तो हम इस ऊर्जा को पाने की दिशा में सबसे आगे रहेंगे। इसके लिए ज़रूरी है कि प्राकृतिक संपदाओं का अनियोजित दोहन रोका जाए। आम लोगों को इसके प्रयोग के लिए जागरूक और प्रोत्साहित किया जाए।
इसमें दो राय नहीं कि भारत में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में तेज़ी से विकास हो रहा है। हम अक्षय ऊर्जा पाने की ओर ठोस कदम बढ़ा रहे हैं। भारत गाँवों का देश है। अक्षय ऊर्जा के प्रयोग से गाँवों की ऊर्जा संबंधी समस्याओं को सुलझाया जा सकता है। अक्षय ऊर्जा देश के लिए एक अच्छा विकल्प बन सकता है। जल्द ही भारत अक्षय ऊर्जा के उत्पादन के मामले में दुनिया में सिरमौर देश सिद्ध होगा।
- (i)1 mark
अक्षय ऊर्जा दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है ?
- (A)सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना
- (B)अक्षय ऊर्जा के प्रति जागरूकता फैलाना
- (C)बिजली की खपत के प्रयोग को कम करना
- (D)जीवाश्म ईंधन के उत्पादन को बढ़ाना
- (ii)1 mark
गद्यांश के अनुसार अक्षय ऊर्जा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है ?
- (A)अक्षय ऊर्जा प्राप्त करने के लिए प्राकृतिक संसाधनों का दोहन किया जाता है।
- (B)अक्षय ऊर्जा का क्षय न होकर नवीनीकरण होता रहता है।
- (C)अक्षय ऊर्जा का स्रोत सीमित है और शीघ्र ही समाप्त हो जाएगा।
- (D)अक्षय ऊर्जा केवल सौर ऊर्जा को संदर्भित करती है।
- (iii)1 mark
निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए :
कथन : अक्षय ऊर्जा पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालती।
कारण : यह प्राकृतिक स्रोतों से उत्पन्न होती है और प्रदूषण नहीं फैलाती।- (A)कथन और कारण दोनों ग़लत हैं।
- (B)कारण सही है, किंतु कथन ग़लत है।
- (C)कथन सही है, किंतु कारण, कथन की ग़लत व्याख्या करता है।
- (D)कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
- (iv)2 marks
हमारे देश में अक्षय ऊर्जा के प्रयोग पर बल देने के प्रमुख कारण लिखिए।
- (v)2 marks
अक्षय ऊर्जा के उपयोग से भारत को भविष्य में क्या लाभ होगा ?
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) गद्यांश के अनुसार इस दिवस का मुख्य उद्देश्य आम आदमी में अक्षय ऊर्जा के प्रति जागरूकता फैलाना है। सही विकल्प (B)।
- 1 mark
(ii) अक्षय ऊर्जा के स्रोत का क्षय नहीं होता, उसका नवीनीकरण होता रहता है। सही विकल्प (B)।
- 1 mark
(iii) अक्षय ऊर्जा पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालती, क्योंकि वह प्रदूषण नहीं फैलाती। कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की व्याख्या करता है। सही विकल्प (D)।
- 2 marks
(iv) भारत में अक्षय ऊर्जा पर बल इसलिए दिया जाए कि (1) प्राकृतिक संपदाओं का अनियोजित दोहन रुके, और (2) पर्यावरण की सुरक्षा हो, क्योंकि यह ऊर्जा प्रदूषण नहीं फैलाती।
- 2 marks
(v) भविष्य में (1) गाँवों की ऊर्जा संबंधी समस्याएँ सुलझेंगी, और (2) विकास के साथ पर्यावरण भी बचेगा तथा भारत अक्षय ऊर्जा उत्पादन में विश्व में अग्रणी बनेगा।
Answer: (i) B; (ii) B; (iii) D; (iv) अनियोजित दोहन पर रोक, पर्यावरण सुरक्षा; (v) गाँवों की ऊर्जा समस्या का समाधान, विश्व में अग्रणी स्थान
Where the marks are
- (i), (ii), (iii) के सही विकल्प (1+1+1 अंक)
- (iv) कोई दो उपयुक्त कारण (2 अंक)
- (v) कोई दो उपयुक्त लाभ (2 अंक)
Q2 · 7 marks · Reading comprehensionCompetency-basedReading (unseen passages)
निम्नलिखित अपठित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए :
आदमी हो, स्नेह-बाती बन नया दीपक जलाना।
दर्द की परछाइयों के दानवी बंधन हटाना।
छटपटाती ज़िंदगी को चेतना संगीत देना।
विश्व को नवपंथ देना; हारते को जीत देना।आदमी हो, बुझ रहे ईमान को विश्वास देना।
मुस्कुराकर वाटिका में मधुभरा मधुमास देना।
शूल के बदले जगत को फूल की सौगात देना।
जो पिछड़ता हो उसे नवशक्ति देना, साथ देना।आदमी हो, डूबते मँझधार में पतवार देना।
थक चला विश्वास साथी, आस्था आधार देना।
क्रांति का संदेश देकर राह युग की मोड़ देना।
फिर नया मानव बनाना, रूढ़ियों को तोड़ देना।आदमी हो, द्वेष के तूफ़ान को हँसकर मिटाना।
कंठ-भर विषपान करना, किंतु सबको प्यार देना।
मेटना मजबूरियों को; दीन को आधार देना।
खाइयों को पाटना; बिछुड़े दिलों को जोड़ देना।- (i)1 mark
काव्यांश में 'आदमी हो' की पुनरावृत्ति क्यों की गई है ? इस प्रश्न के लिए उचित विकल्प का चयन कीजिए :
I. मानवोचित काम करने का आग्रह करने के लिए
II. पिछड़े हुए व्यक्तियों को नवशक्ति देने के लिए
III. रूढ़ियों को तोड़ देने के लिए
IV. आदमी होने की याद दिलाने के लिए- (A)कथन I सही है।
- (B)कथन I और II सही हैं।
- (C)कथन I, II और III सही हैं।
- (D)कथन I, II, III और IV सही हैं।
- (ii)1 mark
'शूल के बदले फूल देना' का आशय है :
- (A)मिटते ईमान को विश्वास देना
- (B)दुर्बल को नई शक्ति देना
- (C)दुखों के बदले सुख देना
- (D)जीवन को आनंद से भर देना
- (iii)1 mark
निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए :
कथन : जो पिछड़ता हो उसे नवशक्ति देना, साथ देना।
कारण : जीवन में किसी भी कारण से पिछड़ा व्यक्ति हताश हो जाता है।- (A)कथन ग़लत है, किंतु कारण सही है।
- (B)कथन और कारण दोनों ग़लत हैं।
- (C)कथन सही है और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
- (D)कथन सही हैं, किंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।
- (iv)2 marks
काव्यांश के अनुसार रूढ़ियों और क्रांति में मानव क्या परिवर्तन ला सकता है ?
- (v)2 marks
आदमी होने के नाते द्वेष करने वालों के प्रति क्या कर्तव्य होने चाहिए ?
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) 'आदमी हो' की पुनरावृत्ति मानवोचित कार्य करने का आग्रह करने के लिए है; शेष कथन इसका कारण नहीं हैं। सही विकल्प (A)।
- 1 mark
(ii) 'शूल के बदले फूल देना' का आशय दुखों के बदले सुख देना है। सही विकल्प (C)।
- 1 mark
(iii) पिछड़े को शक्ति और साथ देना सही कथन है; हताशा इसका सही कारण है। सही विकल्प (C)।
- 2 marks
(iv) मानव (1) रूढ़ियों को तोड़कर समाज को नई दिशा दे सकता है, और (2) क्रांति के संदेश से युग की राह मोड़कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।
- 2 marks
(v) द्वेष करने वालों के प्रति (1) द्वेष को हँसकर मिटाकर उनसे भी प्रेम करना चाहिए, और (2) आपसी दूरियाँ मिटाकर बिछुड़े दिलों को जोड़ना चाहिए।
Answer: (i) A; (ii) C; (iii) C; (iv) रूढ़ियों को तोड़ नई दिशा, सकारात्मक परिवर्तन; (v) द्वेष के बदले प्रेम, दूरियाँ मिटाना
Where the marks are
- (i), (ii), (iii) के सही विकल्प (1+1+1 अंक)
- (iv) दो उपयुक्त बिंदु (2 अंक)
- (v) दो उपयुक्त बिंदु (2 अंक)
Section ख
व्यावहारिक व्याकरण: प्रश्न 3-6 प्रत्येक 4 अंक; प्रत्येक प्रश्न में पाँच में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर
Q3 · 4 marks · GrammarGrammar
निर्देशानुसार 'रचना के आधार पर वाक्य-भेद' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 4×1=4
- (i)1 mark
कहानी यह कहती है कि बड़े ही नहीं बच्चे भी इसमें शामिल हैं। (रचना की दृष्टि से वाक्य का भेद लिखिए)
- (ii)1 mark
एक चश्मेवाला है जिसका नाम कैप्टन है। (आश्रित उपवाक्य और उसका भेद भी पहचानकर लिखिए)
- (iii)1 mark
झरी के दोनों बैलों को गया के घर मजबूरन जाना पड़ा। (संयुक्त वाक्य में बदलिए)
- (iv)1 mark
शिक्षक के आते ही पूरी कक्षा कविता का स्वर पाठ करने लगी। (मिश्र वाक्य में बदलिए)
- (v)1 mark
जब बच्चे समय पर घर नहीं पहुँचे तब अभिभावक चिंतित हो उठे। (सरल वाक्य में बदलिए)
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) मिश्र (मिश्रित) वाक्य, क्योंकि इसमें एक प्रधान उपवाक्य और 'कि' से जुड़ा आश्रित उपवाक्य है।
- 1 mark
(ii) आश्रित उपवाक्य: 'जिसका नाम कैप्टन है'; भेद: विशेषण उपवाक्य।
- 1 mark
(iii) संयुक्त वाक्य: झूरी के दो बैल थे और उन्हें मजबूरन गया के घर जाना पड़ा।
- 1 mark
(iv) मिश्र वाक्य: जैसे ही शिक्षक आए, वैसे ही पूरी कक्षा कविता का सस्वर पाठ करने लगी।
- 1 mark
(v) सरल वाक्य: बच्चों के समय पर घर नहीं पहुँचने से अभिभावक चिंतित हो उठे।
Answer: (i) मिश्र वाक्य; (ii) जिसका नाम कैप्टन है, विशेषण उपवाक्य; (iii) झूरी के दो बैल थे और उन्हें मजबूरन गया के घर जाना पड़ा; (iv) जैसे ही शिक्षक आए, वैसे ही पूरी कक्षा कविता का सस्वर पाठ करने लगी; (v) बच्चों के समय पर घर नहीं पहुँचने से अभिभावक चिंतित हो उठे
Where the marks are
- कोई चार उपभाग सही (4×1 अंक); (ii) में उपवाक्य और भेद ½+½
Q4 · 4 marks · GrammarGrammar
निर्देशानुसार 'वाच्य' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 4×1=4
- (i)1 mark
मुझसे अच्छी तरह सोया नहीं गया। (वाच्य को पहचानकर उसका भेद लिखिए)
- (ii)1 mark
वह सुंदर चित्र बनाता है। (वाच्य को पहचानकर उसका भेद लिखिए)
- (iii)1 mark
मुझसे उसका हाल सुना नहीं गया। (कर्तृवाच्य में बदलिए)
- (iv)1 mark
नवाब साहब ने संगति के लिए उत्साह नहीं दिखाया। (कर्मवाच्य में बदलिए)
- (v)1 mark
तुम क्यों नहीं उठे ? (भाववाच्य में बदलिए)
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) भाववाच्य, क्योंकि क्रिया 'सोया गया' भाव के अनुसार है और अकर्मक है।
- 1 mark
(ii) कर्तृवाच्य, क्योंकि क्रिया 'बनाता है' कर्ता के अनुसार है।
- 1 mark
(iii) कर्तृवाच्य: मैं उसका हाल सुन नहीं पाया/पाई।
- 1 mark
(iv) कर्मवाच्य: नवाब साहब द्वारा संगति के लिए उत्साह नहीं दिखाया गया।
- 1 mark
(v) भाववाच्य: तुमसे उठा क्यों नहीं गया?
Answer: (i) भाववाच्य; (ii) कर्तृवाच्य; (iii) मैं उसका हाल सुन नहीं पाया; (iv) नवाब साहब द्वारा संगति के लिए उत्साह नहीं दिखाया गया; (v) तुमसे उठा क्यों नहीं गया?
Where the marks are
- कोई चार उपभाग सही (4×1 अंक)
Q5 · 4 marks · GrammarGrammar
निर्देशानुसार 'पद-परिचय' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के रेखांकित पदों का पद-परिचय लिखिए : 4×1=4
- (i)1 mark
नैतिक बहुत तेज़ दौड़ता है। (रेखांकित पद 'दौड़ता है')
- (ii)1 mark
नवाब साहब खीरों को जतन से छीलकर सुखाकर रख रहे थे। (रेखांकित पद 'खीरों')
- (iii)1 mark
तुम्हारी ईमानदारी प्रशंसा के योग्य है। (रेखांकित पद 'तुम्हारी')
- (iv)1 mark
मन्नू भंडारी अपने माता-पिता की पाँचवीं संतान थी। (रेखांकित पद 'पाँचवीं')
- (v)1 mark
शाबाश ! तुमने अपना वादा पूरा कर दिखाया। (रेखांकित पद 'शाबाश')
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) दौड़ता है: क्रिया, अकर्मक, पुल्लिंग, एकवचन, कर्तृवाच्य, वर्तमान काल।
- 1 mark
(ii) खीरों: संज्ञा, जातिवाचक, पुल्लिंग, बहुवचन, कर्म कारक।
- 1 mark
(iii) तुम्हारी: विशेषण, सार्वनामिक, 'ईमानदारी' विशेष्य, स्त्रीलिंग, एकवचन।
- 1 mark
(iv) पाँचवीं: विशेषण, निश्चित संख्यावाचक (क्रमसूचक), 'संतान' विशेष्य, स्त्रीलिंग।
- 1 mark
(v) शाबाश: अव्यय, विस्मयादिबोधक, प्रशंसासूचक।
Answer: (i) क्रिया, अकर्मक; (ii) जातिवाचक संज्ञा, बहुवचन, कर्म कारक; (iii) सार्वनामिक विशेषण, 'ईमानदारी' का विशेषण; (iv) क्रमसूचक विशेषण, 'संतान' का विशेषण; (v) विस्मयादिबोधक अव्यय
Where the marks are
- कोई चार उपभाग: सही भेद तथा एक अन्य बिंदु (½+½ प्रत्येक)
Q6 · 4 marks · GrammarGrammar
निर्देशानुसार 'अलंकार' पर आधारित निम्नलिखित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 4×1=4
- (i)1 mark
अतिशयोक्ति अलंकार का एक उपयुक्त उदाहरण लिखिए।
- (ii)1 mark
उपमा अलंकार का एक उपयुक्त उदाहरण लिखिए।
- (iii)1 mark
'राम कृपा बल पाई कपिंदा
भए पच्छजुत मनहुँ गिरिंदा ।' — काव्य पंक्ति में कौन-सा अलंकार है ? - (iv)1 mark
'उदित उदयगिरि मंच पर, रघुवर बाल पतंग' — काव्य पंक्ति में कौन-सा अलंकार है ?
- (v)1 mark
'सागर के ऊपर नाच-नाच
करती हैं लहरें मधुर गान' — काव्य पंक्ति में कौन-सा अलंकार है ?
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) अतिशयोक्ति: 'हनूमान की पूँछ में लग न पाई आग, लंका सारी जल गई, गए निशाचर भाग।'
- 1 mark
(ii) उपमा: 'पीपर पात सरिस मन डोला।'
- 1 mark
(iii) उत्प्रेक्षा अलंकार, क्योंकि वानरों के पंखयुक्त पर्वत होने की 'मनहुँ' से संभावना है।
- 1 mark
(iv) रूपक अलंकार, क्योंकि राम पर बाल सूर्य का और सभा पर उदयगिरि का आरोप है।
- 1 mark
(v) मानवीकरण अलंकार, क्योंकि लहरों को नाचते-गाते मनुष्य जैसा बताया है।
Answer: (iii) उत्प्रेक्षा; (iv) रूपक; (v) मानवीकरण; (i) और (ii) में उपयुक्त उदाहरण
Where the marks are
- कोई चार उपभाग सही (4×1 अंक)
Section ग
पाठ्य-पुस्तक एवं पूरक पाठ्य-पुस्तक: प्रश्न 7 (5×1=5), प्रश्न 8 (3×2=6, चार में से तीन), प्रश्न 9 (5×1=5), प्रश्न 10 (3×2=6, चार में से तीन), प्रश्न 11 (2×4=8, तीन में से दो)
Q7 · 5 marks · MCQCompetency-basedतुलसीदास – राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : 5×1=5
नाथ संभुधनु भंजनिहारा, होइहि केउ एक दास तुम्हारा ॥
आयेसु काह कहिअ किन मोही। सुनि रिसाइ बोले मुनि कोही ॥
सेवकु सो जो करै सेवकाई। अरिकरनी करि करिअ लराई ॥
सुनहु राम जेहि सिवधनु तोरा। सहसबाहु सम सो रिपु मोरा ॥
सो बिलगाउ बिहाइ समाजा। न त मारे जैहहिं सब राजा ॥
सुनि मुनिबचन लखन मुसुकाने। बोले परसुधरहि अवमाने ॥
बहु धनुही तोरी लरिकाईं। कबहुँ न असि रिस कीन्हि गोसाईं॥
येहि धनु पर ममता केहि हेतू। सुनि रिसाइ कह भृगुकुलकेतू ॥- (i)1 mark
राम ने शिव धनुष तोड़ने वाले को क्या कहा है ?
- (A)शिव का भक्त
- (B)शिव का दास
- (C)परशुराम का दास
- (D)विश्वामित्र का शिष्य
- (ii)1 mark
परशुराम के अनुसार शिव धनुष तोड़ने वाला उनके लिए किसके समान है ? इस कथन के लिए उचित विकल्प का चयन कीजिए :
I. शत्रु के समान
II. सहस्रबाहु के समान
III. सेवक के समान- (A)केवल I और II सही हैं।
- (B)केवल II और III सही हैं।
- (C)केवल I और III सही हैं।
- (D)I, II और III तीनों सही हैं।
- (iii)1 mark
निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए :
कथन : परशुराम के अहंकारपूर्ण वचनों को सुनकर लक्ष्मण मुस्कुराने लगे।
कारण : उन्होंने बचपन से ही बहुत से धनुष तोड़े हैं।- (A)कथन सही है, किंतु कारण ग़लत है।
- (B)कथन और कारण दोनों ग़लत हैं।
- (C)कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की उचित व्याख्या करता है।
- (D)कथन और कारण दोनों सही हैं, किंतु कारण, कथन की उचित व्याख्या नहीं करता है।
- (iv)1 mark
इस काव्यांश के आधार पर लक्ष्मण की वाणी किस प्रकार की थी ?
- (A)कटु
- (B)व्यंग्यपूर्ण
- (C)गंभीर
- (D)विनोदप्रिय
- (v)1 mark
परशुराम सभा में मौजूद राजाओं से क्या कह रहे हैं ?
- (A)शत्रु को उनके सामने उपस्थित कर दें।
- (B)दोषी स्वयं ही सभा से अलग हो जाए।
- (C)सभी राजा सभा से अलग हो जाएँ।
- (D)सभी राजा इसके लिए दोषी हैं।
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) राम ने कहा कि शिव धनुष तोड़ने वाला कोई आपका (परशुराम का) दास होगा। विकल्प (C)।
- 1 mark
(ii) परशुराम के अनुसार धनुष तोड़ने वाला शत्रु और सहस्रबाहु के समान है, सेवक नहीं। केवल I और II सही। विकल्प (A)।
- 1 mark
(iii) दोनों सही हैं, पर बचपन में धनुही तोड़ना मुस्कुराने की सीधी व्याख्या नहीं, लक्ष्मण का परशुराम की अहंकारी बातों पर हँसना है। विकल्प (D)।
- 1 mark
(iv) लक्ष्मण की वाणी 'अवमाने' (अपमान सहित) और धनुही की बात के कारण व्यंग्यपूर्ण थी। विकल्प (B)।
- 1 mark
(v) परशुराम कहते हैं कि दोषी स्वयं समाज से अलग हो जाए, नहीं तो सब राजा मारे जाएँगे। विकल्प (B)।
Answer: (i) C; (ii) A; (iii) D; (iv) B; (v) B
Where the marks are
- प्रत्येक सही विकल्प (1 अंक × 5)
Q8 · 6 marks · Short answerसूरदास – पद
निर्धारित कविताओं के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25 – 30 शब्दों में लिखिए : 3×2=6
- (i)2 marks
योग-संदेश पाकर गोपियों की क्या मनोदशा हुई ? उनकी भावनाओं को दो बिंदुओं में लिखिए।
- (ii)2 marks
बच्चे की मुस्कान और छवियों को कवि ने किन-किन बिंबों में व्यक्त किया है ? किन्हीं दो बिंबों का वर्णन कीजिए।
- (iii)2 marks
'संगतकार' कविता के संदर्भ में लिखिए की संगतकार जैसे व्यक्तियों के व्यक्तित्व से युवाओं को क्या प्रेरणा मिलती है। किन्हीं दो का वर्णन कीजिए।
- (iv)2 marks
फागुन की मनोहारिता मनुष्य के मन पर क्या प्रभाव डालती है ? 'अट नहीं रही है' कविता के आधार पर लिखिए।
Try it first, then show our solutionSolution
- 2 marks
(i) योग-संदेश से गोपियों की विरह-व्यथा और बढ़ गई। उनकी कृष्ण के मिलन की आशा टूट गई और उन्होंने कृष्ण तथा उद्धव से शिकायत की।
- 2 marks
(ii) बिंब: धूल से सना बच्चा झोंपड़ी में खिले कमल जैसा लगता है। उसके स्पर्श से पत्थर-हृदय में शेफालिका के फूलों जैसे कोमल भाव जग उठते हैं।
- 2 marks
(iii) संगतकार से युवा (1) निष्ठापूर्वक समर्पण और सहयोग की प्रेरणा लेते हैं, (2) बिना अहंकार के धैर्य, विनम्रता तथा दूसरों को आगे बढ़ाने की भावना सीखते हैं।
- 2 marks
(iv) फागुन की सुंदरता से मन में उत्साह, उमंग और उल्लास भर जाता है। प्राकृतिक सौंदर्य से अभिभूत मन प्रसन्न और कल्पनाशील हो उठता है।
Answer: कोई तीन उपभाग: (i) विरह-व्यथा बढ़ना, आशा टूटना; (ii) कमल और शेफालिका के बिंब; (iii) समर्पण, विनम्रता; (iv) उत्साह, उमंग, प्रसन्नता
Where the marks are
- प्रत्येक उपभाग के दो बिंदु (1+1 अंक), कुल तीन उपभाग
Q9 · 5 marks · Reading comprehensionCompetency-basedयशपाल – लखनवी अंदाज़
निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : 5×1=5
गाड़ी छूट रही थी। सेकंड क्लास के एक छोटे डिब्बे को खाली समझकर, जरा दौड़कर उसमें चढ़ गए। अनुमान के प्रतिकूल डिब्बा निर्जन नहीं था। एक बर्थ पर लखनऊ की नवाबी नस्ल के एक सफ़ेदपोश सज्जन बहुत सुविधा से पालथी मारे बैठे थे। सामने दो ताजे-चिकने खीरे तौलिए पर रखे थे। डिब्बे में हमारे सहसा कूद जाने से सज्जन की आँखों में एकांत चिंतन में विघ्न का असंतोष दिखाई दिया। सोचा, हो सकता है, यह भी कहानी के लिए सूझ की चिंता में हों या खीरे-जैसी अपदार्थ वस्तु का शौक करते देखे जाने के संकोच में हों।
नवाब साहब ने संगति के लिए उत्साह नहीं दिखाया। हमने भी उनके सामने की बर्थ पर बैठकर आत्मसम्मान में आँखें चुरा लीं।
ठाली बैठे, कल्पना करते रहने की पुरानी आदत है। नवाब साहब की असुविधा और संकोच के कारण का अनुमान करने लगे। संभव है, नवाब साहब ने बिलकुल अकेले यात्रा कर सकने के अनुमान में किफ़ायत के विचार से सेकंड क्लास का टिकट खरीद लिया हो और अब गवारा न हो कि शहर का कोई सफ़ेदपोश उन्हें मँझले दर्जे में सफ़र करता देखे।
- (i)1 mark
लेखक के अनुसार नवाब साहब की आँखों में असंतोष का भाव क्यों दिखाई दे रहा था ? इस प्रश्न के उत्तर के लिए उचित विकल्प का चयन कीजिए :
I. एकांत चिंतन में विघ्न पड़ने के कारण
II. कहानी के लिए उपयुक्त कथानक नहीं मिलने के कारण
III. खीरे जैसी साधारण वस्तु के साथ देखे जाने के कारण- (A)I, II और III तीनों सही हैं।
- (B)I, II और III तीनों ग़लत हैं।
- (C)I और II दोनों सही हैं।
- (D)I और III दोनों सही हैं।
- (ii)1 mark
नवाब साहब के व्यवहार से उनकी किस प्रवृत्ति का परिचय मिलता है ?
- (A)सादगी और सहजता
- (B)मित्रवत व्यवहार और अपनापन
- (C)अपरिचितों पर संदेह
- (D)दिखावा और संकोच
- (iii)1 mark
प्रस्तुत गद्यांश में लेखक के व्यक्तित्व की कौन-सी विशेषताएँ दिखाई देती हैं ?
- (A)आक्रामक और क्रोधी
- (B)उदासीन और तटस्थ
- (C)निराश और क्षुब्ध
- (D)आलोचनात्मक और कल्पनाशील
- (iv)1 mark
निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए :
कथन : लेखक ने नवाब साहब से अपनी नज़रें चुरा लीं और दूसरी ओर देखने लगा।
कारण : नवाब साहब के व्यवहार के कारण अपने आत्मसम्मान को निबाहने के लिए उसने ऐसा किया।- (A)कथन और कारण दोनों ग़लत हैं।
- (B)कथन सही है, किंतु कारण ग़लत है।
- (C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की उचित व्याख्या करता है।
- (D)कथन और कारण दोनों सही हैं, किंतु कारण, कथन की उचित व्याख्या नहीं करता है।
- (v)1 mark
'आत्मसम्मान में आँखें चुराना' से क्या अभिप्राय है ?
- (A)स्वाभिमान का निर्वाह करने के लिए आँखें हटाना
- (B)स्वयं के संतोष के लिए दृष्टि हटाना
- (C)आत्मा के सम्मान के लिए आँखें झुकाना
- (D)सामने वाले के सम्मान के लिए आँखें झुकाना
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) लेखक ने असंतोष के कारण एकांत चिंतन में विघ्न और खीरे जैसी साधारण वस्तु के साथ देखे जाने का संकोच माना; कहानी का कथानक नहीं। विकल्प (D)।
- 1 mark
(ii) नवाब साहब के व्यवहार से दिखावे और संकोच की प्रवृत्ति झलकती है। विकल्प (D)।
- 1 mark
(iii) लेखक अनुमान लगाता और व्यवहार की परख करता है, इसलिए आलोचनात्मक और कल्पनाशील। विकल्प (D)।
- 1 mark
(iv) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या है। विकल्प (C)।
- 1 mark
(v) इसका अर्थ है स्वाभिमान का निर्वाह करने के लिए आँखें हटाना। विकल्प (A)।
Answer: (i) D; (ii) D; (iii) D; (iv) C; (v) A
Where the marks are
- प्रत्येक सही विकल्प (1 अंक × 5)
Q10 · 6 marks · Short answerस्वयं प्रकाश – नेताजी का चश्मा
निर्धारित गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25 – 30 शब्दों में लिखिए : 3×2=6
- (i)2 marks
'नेताजी का चश्मा' पाठ में हालदार साहब को क्या देखकर 'दुर्दमनीय कौतूहल' हुआ और उन्होंने उसके लिए क्या किया ?
- (ii)2 marks
'एक कहानी यह भी' पाठ से उद्धृत कथन 'पिताजी को इस बात का बिलकुल भी अहसास नहीं था कि इन दोनों का तो रास्ता ही टकराहट का है' — में किन 'दो रास्तों' के बीच टकराहट की बात की जा रही है ?
- (iii)2 marks
'नौबतखाने में इबादत' पाठ के आधार पर लिखिए कि एक सच्चे कलाकार को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए और किन पर नहीं ?
- (iv)2 marks
'बालगोबिन भगत' पाठ के आधार पर बालगोबिन भगत के स्वरूप पर टिप्पणी लिखिए।
Try it first, then show our solutionSolution
- 2 marks
(i) हालदार साहब को मूर्ति पर हर बार असली, बदला हुआ चश्मा देखकर कौतूहल हुआ। उन्होंने इसका कारण जानने के लिए पानवाले से पूछताछ की।
- 2 marks
(ii) टकराहट पिताजी के रास्ते (पुरानी सोच, लेखिका को घर तक सीमित रखना) और लेखिका के रास्ते (स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी, खुली सोच) के बीच है।
- 2 marks
(iii) सच्चे कलाकार को नियमित अभ्यास, अनुशासन, ईश्वर के प्रति कृतज्ञता, सीखने की ललक और विनम्रता पर ध्यान देना चाहिए। अहंकार, दिखावा और बाहरी रंग-रूप पर नहीं।
- 2 marks
(iv) बालगोबिन भगत मँझोले कद के, गोरे-चिट्टे थे। पके बाल, लंगोटी, काली कमली, रामानंदी चंदन और तुलसी की माला उनका स्वरूप था। वे कबीरपंथी, खरे व्यवहार और मधुर गायन वाले थे।
Answer: कोई तीन उपभाग: (i) असली चश्मा देखकर कौतूहल, पानवाले से पूछा; (ii) पिताजी की सीमित सोच बनाम लेखिका की सक्रियता; (iii) अभ्यास, विनम्रता पर ध्यान, अहंकार पर नहीं; (iv) बालगोबिन का स्वरूप
Where the marks are
- प्रत्येक उपभाग दो बिंदु (1+1 अंक) या (½ ×4), कुल तीन उपभाग
Q11 · 8 marks · Long answerमाता का अँचल
पूरक पाठ्य-पुस्तक के निर्धारित पाठों पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 50 – 60 शब्दों में लिखिए : 2×4=8
- (i)4 marks
'बच्चों के खेलों में सामाजिक परिवेश का प्रभाव दिखाई देता है' — 'माता का अँचल' पाठ के संदर्भ में इस कथन की उदाहरण सहित पुष्टि कीजिए।
- (ii)4 marks
'साना-साना हाथ जोड़ि ...' पाठ में वर्णित किन दो दृश्यों ने आपको सबसे अधिक प्रभावित किया है ? उनसे प्रभावित होने का कारण भी लिखिए।
- (iii)4 marks
'अज्ञेय' के अनुसार प्रत्यक्ष अनुभव की अपेक्षा अनुभूति लेखन में कहीं अधिक मदद करती है। क्यों ? आप लेखन में अनुभव और अनुभूति में से किसे अधिक महत्त्व देना चाहेंगे ? 'मैं क्यों लिखता हूँ ?' पाठ के आधार पर तर्कपूर्ण उत्तर लिखिए।
Try it first, then show our solutionSolution
- 2 marks
(i) बच्चों के खेल ग्रामीण परिवेश से प्रभावित थे। वे चबूतरे को खेत बनाते, कंकड़ों के बीज बोते और खुद बैल बनते थे। मिट्टी की जलेबी और फूटे घड़े के बताशे से दुकान लगाते थे।
- 2 marks
वे पानी को घी, धूल को आटा और बालू को चीनी मानकर भोज करते थे। कनस्तर का तंबूरा और टूटी चूहेदानी की पालकी बनाकर बरात निकालते थे। खेलगीत भी गाते थे; सामग्री घरेलू-प्राकृतिक थी।
- 2 marks
(ii) पहले दृश्य: ितस्ता नदी शांत, निर्मल और मखमली हरियाली के बीच कलकल बहती थी। दूसरा: पहाड़ काटकर रास्ता बनाती मेहनती स्त्रियाँ।
- 2 marks
कारण: नदी किनारे लेखिका ने प्रकृति से एकात्मता महसूस की। स्त्रियों के कठोर श्रम और पहाड़ी जीवन की कठिनाइयों ने मन को गहराई से प्रभावित किया।
- 2 marks
(iii) अनुभव बाहरी होता है, अनुभूति आंतरिक। अनुभूति से संवेदना जगती है और लिखने की व्याकुलता पैदा होती है। इससे आंतरिक विवशता से मुक्ति मिलती है और श्रेष्ठ रचना संभव होती है।
- 2 marks
मैं अनुभूति को अधिक महत्त्व दूँगा/दूँगी, क्योंकि उसकी प्रबलता से दूसरों के अनुभव भी स्वयं अनुभूत किए जा सकते हैं और लेखन में गहराई आती है।
Answer: कोई दो उपभाग: (i) खेती, दुकान, भोज, बरात के खेलों में ग्रामीण परिवेश; (ii) ितस्ता नदी और पहाड़ काटती स्त्रियाँ, प्रकृति से एकात्मता व श्रम का प्रभाव; (iii) अनुभूति आंतरिक होने से लेखन में सहायक, अनुभूति को महत्त्व
Where the marks are
- (i) चार उदाहरण (4 अंक)
- (ii) दो दृश्य और कारण (2+2 अंक)
- (iii) कारण तथा स्वतंत्र मत (2+2 अंक)
Section घ
रचनात्मक लेखन: प्रश्न 12 (6 अंक, तीन विषयों में से एक), प्रश्न 13-15 में आंतरिक विकल्प (अथवा)
Answer one of these 3 alternatives.
Q12(i) · 6 marks · WritingWriting
प्रकृति की रक्षा : अपनी सुरक्षा
• प्रकृति और मनुष्य का संबंध
• प्रकृति के साथ खिलवाड़ के उदाहरण
• प्रकृति की रक्षा के उपायTry it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
भूमिका: प्रकृति हमारी जननी है। वायु, जल, मिट्टी, वन और सूर्य का प्रकाश सब उसी की देन हैं। इसीलिए कहा जाता है कि प्रकृति की रक्षा करना वास्तव में अपनी ही सुरक्षा करना है।
- 1 mark
प्रकृति और मनुष्य का संबंध: मनुष्य और प्रकृति का नाता माँ और संतान जैसा है। प्रकृति से हमें साँस, भोजन, पानी और आश्रय मिलता है। उसके बिना मानव-जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती।
- 1 mark
खिलवाड़ के उदाहरण: वनों की अंधाधुंध कटाई, नदियों में कचरा और प्लास्टिक बहाना, कारखानों और वाहनों का धुआँ, पहाड़ों का अवैध खनन। इनसे बाढ़, सूखा, भूस्खलन और धरती का बढ़ता तापमान जैसे संकट पैदा हुए हैं।
- 1 mark
रक्षा के उपाय: अधिकाधिक वृक्ष लगाना, प्लास्टिक का प्रयोग घटाना, जल और बिजली की बचत करना, सौर ऊर्जा अपनाना, प्रदूषण पर कठोर नियंत्रण रखना और बच्चों-बड़ों में जागरूकता फैलाना।
- 1 mark
निष्कर्ष: यदि हम आज प्रकृति को सँभालेंगे तो कल वह हमें और हमारी पीढ़ियों को सँभालेगी। प्रकृति का संरक्षण हमारा कर्तव्य भी है और हमारे हित में भी है।
- 1 mark
भाषा-शुद्धता: लगभग 120 शब्द, शुद्ध वर्तनी और व्याकरण, प्रवाहपूर्ण वाक्य।
Answer: भूमिका, तीनों संकेत-बिंदुओं और निष्कर्ष सहित लगभग 120 शब्दों का आदर्श अनुच्छेद ऊपर दिया गया है।
Where the marks are
- सार्थक भूमिका (1 अंक)
- प्रकृति-मनुष्य संबंध, खिलवाड़ के उदाहरण और रक्षा के उपाय, तीनों बिंदु (3 अंक)
- उचित निष्कर्ष (1 अंक)
- भाषा की शुद्धता (1 अंक)
OR
Q12(ii) · 6 marks · WritingWriting
हमारे बुजुर्ग : हमारा सम्मान
• समाज में बुजुर्गों की वर्तमान स्थिति
• अनुभवों का खजाना
• बुजुर्गों के प्रति कर्त्तव्यTry it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
भूमिका: बुजुर्ग परिवार और समाज की जड़ें हैं। जिस प्रकार जड़ों के बिना वृक्ष नहीं टिकता, उसी प्रकार बुजुर्गों के आशीर्वाद और मार्गदर्शन के बिना परिवार सशक्त नहीं रहता। उनका सम्मान हमारा नैतिक दायित्व है।
- 1 mark
वर्तमान स्थिति: आज एकल परिवारों और भागदौड़ भरी जीवन-शैली के कारण बहुत से बुजुर्ग उपेक्षा, अकेलेपन और वृद्धाश्रमों में जीवन बिताने को विवश हैं। कई जगह उन्हें बोझ समझा जाता है।
- 1 mark
अनुभवों का खजाना: बुजुर्गों के पास जीवन-भर के अनुभव, संस्कार, लोक-कथाएँ और व्यावहारिक ज्ञान होता है। कठिन समय में उनकी सलाह सही राह दिखाती है और बच्चों को संस्कार देती है।
- 1 mark
हमारे कर्तव्य: उनके साथ समय बिताना, उनकी बात सुनना, स्वास्थ्य और जरूरतों का ध्यान रखना, निर्णयों में उनकी राय लेना और उन्हें कभी अकेला न छोड़ना।
- 1 mark
निष्कर्ष: बुजुर्गों का सम्मान करने से घर में सुख-शांति रहती है और बच्चे भी वही संस्कार सीखते हैं। इसलिए उन्हें बोझ नहीं, धरोहर मानना चाहिए।
- 1 mark
भाषा-शुद्धता: लगभग 120 शब्द, शुद्ध वर्तनी और व्याकरण।
Answer: भूमिका, तीनों संकेत-बिंदुओं और निष्कर्ष सहित लगभग 120 शब्दों का आदर्श अनुच्छेद ऊपर दिया गया है।
Where the marks are
- प्रभावी भूमिका (1 अंक)
- वर्तमान स्थिति, अनुभवों का खजाना और कर्तव्य, तीनों बिंदु (3 अंक)
- निष्कर्ष (1 अंक)
- भाषा की शुद्धता (1 अंक)
OR
Q12(iii) · 6 marks · WritingWriting
बढ़ते साइबर अपराध
• अर्थ और प्रकार
• कारण
• रोकथाम के उपायTry it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
भूमिका: इंटरनेट और मोबाइल ने जीवन आसान बनाया है, पर इनके साथ साइबर अपराध भी तेज़ी से बढ़ रहे हैं। आज यह हर आम नागरिक के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
- 1 mark
अर्थ और प्रकार: कंप्यूटर, मोबाइल या इंटरनेट के माध्यम से किया गया अवैध कार्य साइबर अपराध कहलाता है। इसके प्रकार हैं: ऑनलाइन ठगी, हैकिंग, पहचान की चोरी, फ़िशिंग, डेटा-चोरी और साइबर बुलिंग।
- 1 mark
कारण: लोगों में तकनीकी जागरूकता की कमी, कमज़ोर पासवर्ड, लालच में आकर अनजान लिंक खोलना, इंटरनेट की बढ़ती पहुँच और अपराधियों में पकड़े जाने का कम भय।
- 1 mark
रोकथाम के उपाय: मज़बूत पासवर्ड रखना, OTP, बैंक-विवरण या निजी जानकारी किसी को न बताना, अनजान लिंक से बचना, एंटीवायरस का प्रयोग करना, शिकायत हेतु 1930 या साइबर पुलिस से संपर्क करना और कठोर कानूनों का पालन कराना।
- 1 mark
निष्कर्ष: सजगता और सावधानी ही साइबर अपराध से सबसे बड़ा बचाव है। सरकार और नागरिक मिलकर काम करें तो डिजिटल दुनिया सुरक्षित बन सकती है।
- 1 mark
भाषा-शुद्धता: लगभग 120 शब्द, शुद्ध वर्तनी और व्याकरण।
Answer: भूमिका, तीनों संकेत-बिंदुओं और निष्कर्ष सहित लगभग 120 शब्दों का आदर्श अनुच्छेद ऊपर दिया गया है।
Where the marks are
- भूमिका (1 अंक)
- अर्थ-प्रकार, कारण और रोकथाम के उपाय, तीनों बिंदु (3 अंक)
- निष्कर्ष (1 अंक)
- भाषा की शुद्धता (1 अंक)
Answer one of these 2 alternatives.
Q13(a) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting
आप गगनदीप सिंह/गगनदीप कौर हैं। आपकी माँ कार्यालय के काम से कुछ दिनों के लिए दूसरे शहर गई हैं और उनकी अनुपस्थिति में आपको घर की व्यवस्था सँभालनी पड़ रही है। अपने अनुभव और कठिनाइयों को व्यक्त करते हुए उन्हें 100 शब्दों में पत्र लिखिए।
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
प्रारूप: पता और दिनांक (12, गांधी नगर, जयपुर; 10 मार्च 2026), संबोधन 'पूज्य माँ,' और अभिवादन 'सादर प्रणाम'। अंत में 'आपका प्रिय पुत्र/पुत्री, गगनदीप' लिखें।
- 1 mark
अनुभव: 'आपके जाने के बाद मैंने पहली बार पूरे घर की ज़िम्मेदारी सँभाली है। सुबह जल्दी उठकर नाश्ता बनाना, पिताजी और छोटे भाई-बहन को तैयार करना, फिर अपनी पढ़ाई और स्कूल, सब एक साथ निभाना सीख रहा/रही हूँ। इससे आपकी मेहनत का मूल्य समझ आया है।'
- 1 mark
कठिनाइयाँ: 'समय का प्रबंधन सबसे कठिन लगा। कभी दूध जल जाता है, कभी सब्ज़ी या सामान लाना भूल जाता हूँ। पढ़ाई और घर के कामों के बीच संतुलन बनाने में थकान भी होती है।'
- 1 mark
समाधान और कुशल-क्षेम: 'मैंने कामों की सूची बनाई है और भाई-बहनों को भी छोटे काम सौंपे हैं। आप चिंता न करें, सब कुशल है। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखिएगा और काम पूरा होते ही लौट आइए, आपकी बहुत याद आती है।'
- 1 mark
भाषा-शुद्धता: लगभग 100 शब्द, पत्र के अनुरूप आत्मीय भाषा और शुद्ध वर्तनी।
Answer: माँ को लिखा लगभग 100 शब्दों का अनौपचारिक पत्र ऊपर दिए प्रारूप और विषयवस्तु के साथ तैयार है।
Where the marks are
- पत्र का प्रारूप: पता, दिनांक, संबोधन, अभिवादन और अंत (1 अंक)
- घर सँभालने के अनुभव (1 अंक)
- कठिनाइयों का वर्णन (1 अंक)
- समाधान, कुशल-क्षेम और माँ से अपेक्षा (1 अंक)
- भाषा की शुद्धता (1 अंक)
OR
Q13(b) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting
आप गगनदीप सिंह/गगनदीप कौर हैं। सार्वजनिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहन देते हुए तथा इसके उपयोग के पक्ष में पर्याप्त तर्क देते हुए 'दैनिक हिंदी' अख़बार के संपादक को लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए।
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
प्रारूप: सेवा में, संपादक महोदय, 'दैनिक हिंदी', नई दिल्ली; दिनांक; विषय: सार्वजनिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने हेतु; संबोधन 'महोदय,'; अंत में 'भवदीय, गगनदीप सिंह/कौर'।
- 1 mark
परिचय और उद्देश्य: 'मैं आपके लोकप्रिय समाचार-पत्र के माध्यम से लोगों से अपील करना चाहता/चाहती हूँ कि वे निजी वाहनों की जगह बस, मेट्रो और रेल जैसे सार्वजनिक वाहनों का अधिक प्रयोग करें।'
- 1 mark
तर्क: इनसे सड़कों पर भीड़ और जाम कम होता है। ईंधन की बचत होती है और यात्रा सस्ती पड़ती है। धुआँ और वायु-प्रदूषण घटता है। दुर्घटनाएँ कम होती हैं और पार्किंग की समस्या भी नहीं रहती।
- 1 mark
अनुरोध: 'सरकार भी बसों-मेट्रो की संख्या और सुविधाएँ बढ़ाए। आप इस पत्र को प्रकाशित कर जनहित में जागरूकता फैलाएँ। धन्यवाद।'
- 1 mark
भाषा-शुद्धता: लगभग 100 शब्द, औपचारिक और शुद्ध भाषा।
Answer: संपादक को लिखा लगभग 100 शब्दों का औपचारिक पत्र ऊपर दिए प्रारूप और तर्कों के साथ तैयार है।
Where the marks are
- औपचारिक प्रारूप: प्रेषक/पता, दिनांक, विषय, संबोधन और अंत (1 अंक)
- पत्र लिखने का उद्देश्य और परिचय (1 अंक)
- सार्वजनिक वाहनों के पक्ष में पर्याप्त तर्क (1 अंक)
- अनुरोध और समापन (1 अंक)
- भाषा की शुद्धता (1 अंक)
Answer one of these 2 alternatives.
Q14(a) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting
आपका नाम राधिका/राघव है और आप जिस क्षेत्र में रहते हैं वहाँ आपराधिक घटनाएँ बढ़ रही हैं। अपने क्षेत्र के थानाध्यक्ष को लगभग 80 शब्दों में ई-मेल लिखकर समस्याओं से अवगत कराते हुए सहायता का अनुरोध कीजिए।
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
प्रारूप: प्रति: थानाध्यक्ष, (क्षेत्र का नाम) थाना; प्रेषक: radhika@example.com; दिनांक; विषय: क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के संबंध में; संबोधन 'महोदय,'; अंत में 'धन्यवाद, राधिका/राघव, (पता)'।
- 1 mark
समस्याएँ: 'महोदय, हमारे क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से चोरी, चेन-स्नैचिंग और वाहन-चोरी की घटनाएँ बहुत बढ़ गई हैं। रात में सुनसान गलियों में लोग असुरक्षित महसूस करते हैं और महिलाएँ तथा बच्चे घर से निकलने में डरते हैं।'
- 1 mark
कारण और सहायता का अनुरोध: 'क्षेत्र में पर्याप्त रोशनी और पुलिस गश्त नहीं है। कृपया रात्रि गश्त बढ़ाएँ, मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाएँ और संदिग्ध लोगों पर कार्रवाई करें।'
- 1 mark
समापन: 'आशा है आप शीघ्र कार्रवाई कर हमारे क्षेत्र में सुरक्षा का वातावरण बनाएँगे। हम पुलिस के साथ सहयोग को तैयार हैं।'
- 1 mark
भाषा-शुद्धता: लगभग 80 शब्द, विनम्र और शुद्ध भाषा।
Answer: थानाध्यक्ष को लिखा लगभग 80 शब्दों का ई-मेल ऊपर दिए प्रारूप और विषयवस्तु के साथ तैयार है।
Where the marks are
- ई-मेल का प्रारूप: प्रति/प्रेषक, दिनांक, विषय, संबोधन और समापन (1 अंक)
- आपराधिक घटनाओं की समस्याओं का वर्णन (1 अंक)
- कारण और सहायता के ठोस अनुरोध (1 अंक)
- विनम्र समापन (1 अंक)
- भाषा की शुद्धता (1 अंक)
OR
Q14(b) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting
आपका नाम समीर/समायरा है। अ.ब.स. विश्वविद्यालय से आपने जर्मनी भाषा में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। क.ख.ग. शिक्षण संस्थान में जर्मन-शिक्षक पद के लिए आवेदन करने हेतु लगभग 80 शब्दों में अपना एक स्ववृत्त तैयार कीजिए।
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- 1 mark
प्रारूप: शीर्षक 'स्ववृत्त (Bio-data)' और पद का नाम 'जर्मन-शिक्षक हेतु आवेदन'। फिर क्रम से शीर्षक: व्यक्तिगत विवरण, शैक्षिक योग्यता, अनुभव, रुचियाँ/कौशल और घोषणा।
- 1 mark
व्यक्तिगत विवरण: नाम: समीर/समायरा; पिता का नाम: श्री ...; जन्म-तिथि: 15 अगस्त 2000; पता: 21, नेहरू मार्ग, लखनऊ; मोबाइल और ई-मेल; भाषाएँ: हिंदी, अंग्रेज़ी, जर्मन।
- 1 mark
शैक्षिक योग्यता और अनुभव: अ.ब.स. विश्वविद्यालय से जर्मन भाषा में स्नातक (प्रथम श्रेणी); दसवीं और बारहवीं CBSE से; जर्मन भाषा का प्रमाण-पत्र (B2 स्तर); दो वर्ष ट्यूशन-शिक्षण का अनुभव।
- 1 mark
कौशल और घोषणा: अच्छा संप्रेषण, कंप्यूटर-ज्ञान, अनुवाद-कौशल। घोषणा: 'मैं प्रमाणित करता/करती हूँ कि उपर्युक्त विवरण सत्य हैं।' अंत में दिनांक, स्थान और हस्ताक्षर।
- 1 mark
भाषा-शुद्धता: लगभग 80 शब्द, संक्षिप्त और शुद्ध प्रस्तुति।
Answer: जर्मन-शिक्षक पद हेतु लगभग 80 शब्दों का स्ववृत्त ऊपर दिए प्रारूप और विवरण के साथ तैयार है।
Where the marks are
- स्ववृत्त का उचित प्रारूप और शीर्षक (1 अंक)
- व्यक्तिगत जानकारी (1 अंक)
- शैक्षिक योग्यता और अनुभव (1 अंक)
- कौशल और घोषणा (1 अंक)
- भाषा की शुद्धता (1 अंक)
Answer one of these 2 alternatives.
Q15(a) · 4 marks · WritingCompetency-basedWriting
'अंगदान है महादान' — विषय पर एक जनहितकारी आकर्षक विज्ञापन लोगों को प्रोत्साहित करने हेतु लगभग 40 शब्दों में तैयार कीजिए।
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
रचनात्मकता (आकर्षक शीर्षक और नारा): 'अंगदान करें, जीवनदान करें!' और 'आज आपका अंग, कल किसी की साँस!'
- 2 marks
विषयवस्तु: एक व्यक्ति का अंगदान आठ तक जीवन बचा सकता है। हृदय, गुर्दा, यकृत और नेत्र जैसे अंग ज़रूरतमंदों को नया जीवन देते हैं। अंगदान का संकल्प लें और परिवार को भी बताएँ।
- 1 mark
समग्र प्रभाव: संपर्क: 'राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन, हेल्पलाइन 1800-11-4770' और अपील 'मृत्यु के बाद भी जीवित रहें, आज ही पंजीकरण कराएँ।' संक्षिप्त, प्रेरक और लगभग 40 शब्द।
Answer: 'अंगदान है महादान' पर लगभग 40 शब्दों का प्रेरक विज्ञापन ऊपर दिए नारे, तथ्यों और अपील के साथ तैयार है।
Where the marks are
- आकर्षक शीर्षक या नारा, रचनात्मकता (1 अंक)
- अंगदान का महत्त्व और अपील, विषयवस्तु (2 अंक)
- संपर्क-सूचना सहित समग्र प्रभाव (1 अंक)
OR
Q15(b) · 4 marks · WritingCompetency-basedWriting
आपकी माताजी अपने कार्यालय में 'वर्ष की सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी' चुनी गई हैं। उन्हें लगभग 40 शब्दों में एक बधाई संदेश लिखिए।
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
प्रारूप: दिनांक: 10 मार्च 2026; संबोधन: 'प्रिय माँ,'; अंत में 'आपका/आपकी प्रिय पुत्र/पुत्री, ...'।
- 2 marks
बधाई और भाव: 'वर्ष की सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी चुने जाने पर हार्दिक बधाई! यह आपकी लगन, ईमानदारी और कठिन परिश्रम का सम्मान है। हमें आप पर बहुत गर्व है।'
- 1 mark
शुभकामना और भाषा: 'आप इसी तरह सफलता की नई ऊँचाइयाँ छूती रहें, हमारी शुभकामनाएँ सदैव आपके साथ हैं।' लगभग 40 शब्द, शुद्ध और आत्मीय भाषा।
Answer: माँ को लिखा लगभग 40 शब्दों का बधाई संदेश ऊपर दिए प्रारूप और भावों के साथ तैयार है।
Where the marks are
- संदेश का प्रारूप: दिनांक, संबोधन और अंत (1 अंक)
- बधाई, उपलब्धि की सराहना और गर्व का भाव (2 अंक)
- शुभकामना और भाषा की शुद्धता (1 अंक)
Source: official question paper, cbse.gov.in. Chapter tags and solutions are ours. Spotted a transcription error? Write tosupport@questionbuddy.in.