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HindiCBSE Class 10 · Course A · Board exam 2026, set 3/3/1 · 6 marks · Short answer

CBSE Class 10 Hindi Course A 2026: question 10

Set in the CBSE Class 10 board exam of 2026, paper 3/3/1, section ग, question 10, for 6 marks. Try it first; the hints and our step-by-step solution are below.

Q10 · 6 marks · Short answerस्वयं प्रकाश – नेताजी का चश्मा

निर्धारित गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25 – 30 शब्दों में लिखिए : 3×2=6

  1. (i)

    'नेताजी का चश्मा' पाठ में हालदार साहब को क्या देखकर 'दुर्दमनीय कौतूहल' हुआ और उन्होंने उसके लिए क्या किया ?

    2 marks
  2. (ii)

    'एक कहानी यह भी' पाठ से उद्धृत कथन 'पिताजी को इस बात का बिलकुल भी अहसास नहीं था कि इन दोनों का तो रास्ता ही टकराहट का है' — में किन 'दो रास्तों' के बीच टकराहट की बात की जा रही है ?

    2 marks
  3. (iii)

    'नौबतखाने में इबादत' पाठ के आधार पर लिखिए कि एक सच्चे कलाकार को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए और किन पर नहीं ?

    2 marks
  4. (iv)

    'बालगोबिन भगत' पाठ के आधार पर बालगोबिन भगत के स्वरूप पर टिप्पणी लिखिए।

    2 marks

Source: official question paper from cbse.gov.in (PDF). See it in the full 2026 board paper, set 3/3/1.

Hints

Open one hint at a time and try again before the next.

Hint 1

पाठ की संबंधित घटना याद कीजिए।

Hint 2

प्रश्न के दोनों भागों का उत्तर दीजिए।

Hint 3

25-30 शब्दों की सीमा रखिए।

Step-by-step solution

Each step shows the marks it earns, as an examiner would award them. Checked by an independent re-solve from the question paper.

  1. (i) हालदार साहब को मूर्ति पर हर बार असली, बदला हुआ चश्मा देखकर कौतूहल हुआ। उन्होंने इसका कारण जानने के लिए पानवाले से पूछताछ की।

    2 marks
  2. (ii) टकराहट पिताजी के रास्ते (पुरानी सोच, लेखिका को घर तक सीमित रखना) और लेखिका के रास्ते (स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी, खुली सोच) के बीच है।

    2 marks
  3. (iii) सच्चे कलाकार को नियमित अभ्यास, अनुशासन, ईश्वर के प्रति कृतज्ञता, सीखने की ललक और विनम्रता पर ध्यान देना चाहिए। अहंकार, दिखावा और बाहरी रंग-रूप पर नहीं।

    2 marks
  4. (iv) बालगोबिन भगत मँझोले कद के, गोरे-चिट्टे थे। पके बाल, लंगोटी, काली कमली, रामानंदी चंदन और तुलसी की माला उनका स्वरूप था। वे कबीरपंथी, खरे व्यवहार और मधुर गायन वाले थे।

    2 marks

Answer: कोई तीन उपभाग: (i) असली चश्मा देखकर कौतूहल, पानवाले से पूछा; (ii) पिताजी की सीमित सोच बनाम लेखिका की सक्रियता; (iii) अभ्यास, विनम्रता पर ध्यान, अहंकार पर नहीं; (iv) बालगोबिन का स्वरूप

Where the marks are

  • प्रत्येक उपभाग दो बिंदु (1+1 अंक) या (½ ×4), कुल तीन उपभाग

Revise the chapter

The question is transcribed from the official paper; figures are described in words. The solution, hints and chapter tag are ours. Spotted an error? Write tosupport@questionbuddy.in.