CBSE Class 10 Hindi Course A 2026: question 11
Set in the CBSE Class 10 board exam of 2026, paper 3/3/1, section ग, question 11, for 8 marks. Try it first; the hints and our step-by-step solution are below.
Q11 · 8 marks · Long answerमाता का अँचल
पूरक पाठ्य-पुस्तक के निर्धारित पाठों पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 50 – 60 शब्दों में लिखिए : 2×4=8
- (i)4 marks
'बच्चों के खेलों में सामाजिक परिवेश का प्रभाव दिखाई देता है' — 'माता का अँचल' पाठ के संदर्भ में इस कथन की उदाहरण सहित पुष्टि कीजिए।
- (ii)4 marks
'साना-साना हाथ जोड़ि ...' पाठ में वर्णित किन दो दृश्यों ने आपको सबसे अधिक प्रभावित किया है ? उनसे प्रभावित होने का कारण भी लिखिए।
- (iii)4 marks
'अज्ञेय' के अनुसार प्रत्यक्ष अनुभव की अपेक्षा अनुभूति लेखन में कहीं अधिक मदद करती है। क्यों ? आप लेखन में अनुभव और अनुभूति में से किसे अधिक महत्त्व देना चाहेंगे ? 'मैं क्यों लिखता हूँ ?' पाठ के आधार पर तर्कपूर्ण उत्तर लिखिए।
Source: official question paper from cbse.gov.in (PDF). See it in the full 2026 board paper, set 3/3/1.
Hints
Open one hint at a time and try again before the next.
Hint 1
संबंधित पाठ की मुख्य घटनाएँ याद कीजिए।
Hint 2
उदाहरण या दृश्य के साथ कारण भी लिखिए।
Hint 3
50-60 शब्दों की सीमा रखिए।
Step-by-step solution
Each step shows the marks it earns, as an examiner would award them. Checked by an independent re-solve from the question paper.
- 2 marks
(i) बच्चों के खेल ग्रामीण परिवेश से प्रभावित थे। वे चबूतरे को खेत बनाते, कंकड़ों के बीज बोते और खुद बैल बनते थे। मिट्टी की जलेबी और फूटे घड़े के बताशे से दुकान लगाते थे।
- 2 marks
वे पानी को घी, धूल को आटा और बालू को चीनी मानकर भोज करते थे। कनस्तर का तंबूरा और टूटी चूहेदानी की पालकी बनाकर बरात निकालते थे। खेलगीत भी गाते थे; सामग्री घरेलू-प्राकृतिक थी।
- 2 marks
(ii) पहले दृश्य: ितस्ता नदी शांत, निर्मल और मखमली हरियाली के बीच कलकल बहती थी। दूसरा: पहाड़ काटकर रास्ता बनाती मेहनती स्त्रियाँ।
- 2 marks
कारण: नदी किनारे लेखिका ने प्रकृति से एकात्मता महसूस की। स्त्रियों के कठोर श्रम और पहाड़ी जीवन की कठिनाइयों ने मन को गहराई से प्रभावित किया।
- 2 marks
(iii) अनुभव बाहरी होता है, अनुभूति आंतरिक। अनुभूति से संवेदना जगती है और लिखने की व्याकुलता पैदा होती है। इससे आंतरिक विवशता से मुक्ति मिलती है और श्रेष्ठ रचना संभव होती है।
- 2 marks
मैं अनुभूति को अधिक महत्त्व दूँगा/दूँगी, क्योंकि उसकी प्रबलता से दूसरों के अनुभव भी स्वयं अनुभूत किए जा सकते हैं और लेखन में गहराई आती है।
Answer: कोई दो उपभाग: (i) खेती, दुकान, भोज, बरात के खेलों में ग्रामीण परिवेश; (ii) ितस्ता नदी और पहाड़ काटती स्त्रियाँ, प्रकृति से एकात्मता व श्रम का प्रभाव; (iii) अनुभूति आंतरिक होने से लेखन में सहायक, अनुभूति को महत्त्व
Where the marks are
- (i) चार उदाहरण (4 अंक)
- (ii) दो दृश्य और कारण (2+2 अंक)
- (iii) कारण तथा स्वतंत्र मत (2+2 अंक)
Revise the chapter
- Chapter: माता का अँचल (notes, formulas, where marks are lost and every past question)
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