भवानीप्रसाद मिश्र – घर की याद Class 9: भावार्थ और प्रश्न
Updated 15 October 2026 · Fact-checked
'घर की याद' भवानीप्रसाद मिश्र की कविता है, जो उन्होंने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के समय जेल में लिखी; यह कक्षा 9 की गंगा का बारहवाँ पाठ है। बरसात में कवि को माता-पिता, भाई-बहनों की याद आती है और वह सावन से कहता है कि घरवालों को उसका दुख न बताए, बल्कि ढाढ़स दे।
What भवानीप्रसाद मिश्र – घर की याद is about
'घर की याद' प्रसिद्ध कवि भवानीप्रसाद मिश्र की भावपूर्ण कविता है, जो एनसीईआरटी की पुस्तक गंगा (कक्षा 9) के काव्य खंड का अंतिम पाठ है। पाठ-परिचय के अनुसार कवि ने 1942 के 'भारत छोड़ो आंदोलन' में सक्रिय भाग लिया, जिसके कारण ब्रिटिश सरकार ने उन्हें तीन वर्ष के कारावास का दंड दिया; जेल में रहते हुए ही उन्होंने यह कविता लिखी। परिवार की स्मृति इसकी केंद्रीय संवेदना है। बरसात के दिन कवि की स्मृति में परिजन एक-एक करके आते हैं: चार भाई, चार बहनें, मायके आई बहन, बिन-पढ़ी माँ और 'वज्र-भुज नवनीत-सा उर' वाले पिता। अंत में कवि सावन के बादल द्वारा परिवार को संदेश भेजता है और उससे आग्रह करता है कि वह जेल के कष्टों के बारे में न बताए और उन्हें सांत्वना दे।
कवि-परिचय: भवानीप्रसाद मिश्र (1913-1985) होशंगाबाद (अब नर्मदापुरम), मध्य प्रदेश के थे; 'गीत-फ़रोश', 'बुनी हुई रस्सी' (साहित्य अकादमी पुरस्कार) आदि उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं। कविता की भाषा सरल, बोलचाल की है और इसमें ध्वन्यात्मक शब्द (झरा-झर, सर-सर, थर-थर) सुंदर नाद-सौंदर्य रचते हैं। कक्षा 9 की परीक्षा विद्यालय लेता है; खंड ग का विभाजन CBSE ने नहीं दिया, इसलिए यहाँ कक्षा 10 हिंदी जैसे प्रश्न हैं: काव्यांश पर पाँच बहुविकल्पी प्रश्न और 25-30 शब्दों के 2 अंक वाले प्रश्न। पाठ के बाद 'साथ-साथ पढ़ें' में रामनरेश त्रिपाठी की 'तब याद तुम्हारी आती है' भी दी गई है।
Weightage: कक्षा 9 की वार्षिक परीक्षा (80 अंक) विद्यालय लेता है। खंड ग (पाठ्यपुस्तक गंगा) के 30 अंक हैं, पर CBSE ने इस खंड के प्रश्नों का विभाजन नहीं दिया है। इसलिए यहाँ के प्रश्न कक्षा 10 हिंदी के प्रश्न-प्रकारों (पठित अंश पर बहुविकल्पी प्रश्न, 25-30 शब्दों के 2 अंक वाले प्रश्न) के ढाँचे पर बने हैं।Source: CBSE हिंदी पाठ्यक्रम, कक्षा नवीं 2026-27
भवानीप्रसाद मिश्र – घर की याद: explanation
In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.
बरसात और मन का घिरना। आज बहुत पानी गिर रहा है; रात-भर गिरता रहा और कवि का मन-प्राण भी घिरता रहा। सबेरा कब हुआ, ठीक से पता नहीं चला, क्योंकि बादलों का अँधेरा अब भी घना है। पानी झरा-झर गिर रहा है, पत्ते हरा-हर हिल रहे हैं, हवा सर-सर बह रही है और कवि के प्राण थर-थर काँप रहे हैं। उसकी आँखों में घर तैर रहा है, जो उससे दूर है और खुशियों से भरा है।
भरा-पूरा परिवार। घर में चार भाई और चार बहनें हैं; एक बहन मायके आई है, पर कवि के न होने से यह आना भी दुखद (परिताप का घर) बन गया है। आज का दिन दिन नहीं लगता; एक क्षण सौ बरस-सा है। कवि की बिन-पढ़ी माँ, जिसकी गोद में सिर रखते ही दुख मिट जाता था और जिसके स्नेह की धारा जेल तक फैली है, पत्र नहीं लिख सकती।
पिता का चित्र। पिता भोले और बहादुर हैं: 'वज्र-भुज नवनीत-सा उर', यानी भुजाएँ वज्र-सी कठोर और हृदय मक्खन-सा कोमल। उन्हें बुढ़ापा छू भी नहीं गया; वे अब भी दौड़ते-खिलखिलाते हैं, मौत और शेर से नहीं डरते; उनकी आवाज़ में बादल-सी गरज और काम में आँधी-सा वेग है। आज गीता-पाठ, दो सौ साठ दंड और मुगदर घुमाकर जब वे नीचे आए होंगे, तो पाँचवें बेटे (कवि) को याद करके रो पड़े होंगे, जिसे वे 'सोने पर सुहागा' कहते थे।
माँ और परिवार की प्रतिक्रिया। कवि कल्पना करता है कि माँ ने पिता को समझाया होगा: 'वहाँ अच्छा है भवानी', वह तुम्हारा मन और अपनापन समझकर गया है, यह तुम्हारी ही लीक है; पीछे हटता तो मेरी कोख लजाता; ऐसे कच्चे मत बनो, बच्चे भी रो पड़ेंगे। पिता ने कहा होगा कि वे रो कहाँ रहे हैं, पर फिर याद किया होगा कि भवानी को बरसात प्यारी थी, वह भीगता-घूमता लौकी के बीज लगाता था। फिर सब रो पड़े होंगे: भाई, बहन, माँ, भौजी और सरला, जो शर्म से खुलकर रो भी न पाई होंगी।
प्रकृति और मन। बारिश थमी; बादल ऐसे लगते हैं मानो माँ ने आँगन लीप दिया हो। एक पक्षी बोलता है तो कवि सोचता है कि मनुष्य का हृदय कितना कोमल है, ज़रा-सा दुख भी नहीं सह पाता। पिता का स्मरण उसे क्लेश देता है: देह पहाड़-सी, पर मन बरगद-सा: एक पत्ता टूटे तो धारा फूट पड़े, हल्की-सी चोट लगे तो दूध की नदी उमड़ पड़े।
सावन से संदेश। कवि सावन से कहता है: 'तुम बरस लो, वे न बरसें; पाँचवें को वे न तरसें।' उन्हें कहना कि मैं लिख-पढ़ रहा हूँ, काम कर रहा हूँ, मस्त हूँ, कात रहा हूँ, सत्तर सेर वज़न है, खूब खाता हूँ, खेलता-कूदता हूँ और दुख को डटकर ठेलता हूँ। यह मत कहना कि मैं जागता हूँ, आदमी से भागता हूँ या मौन हूँ; उन्हें कोई शक न होने देना।
केंद्रीय भाव: स्वतंत्रता के लिए जेल में बैठा कवि परिवार की गहरी याद में डूबा है, फिर भी त्याग और साहस से अपना दुख छिपाकर परिवार को सांत्वना देना चाहता है। कविता पारिवारिक प्रेम, देशभक्ति और धैर्य का मार्मिक संगम है।
Themes and message
घर और परिवार की स्मृति
बरसात कवि के मन में घर की यादें जगा देती है; एक-एक करके भाई, बहनें, माँ और पिता उसकी आँखों में तैरते हैं। पाठ-परिचय के अनुसार परिवार की स्मृति ही कविता की केंद्रीय संवेदना है।
From the text: 'बहुत पानी गिर रहा है, घर नजर में तिर रहा है'
पिता का बहुआयामी व्यक्तित्व
पिता शरीर से बलवान (दंड, मुगदर, निडर) और मन से कोमल (बेटे की याद में रो पड़ना) हैं। 'वज्र-भुज नवनीत-सा उर' और 'देह एक पहाड़ जैसे, मन कि बड़ का झाड़ जैसे' उनके दृढ़ और संवेदनशील रूप को दिखाते हैं।
From the text: 'वज्र-भुज नवनीत-सा उर'
माँ का स्नेह और दृढ़ता
माँ बिन-पढ़ी है, पर उसकी गोद हर दुख मिटा देती थी। वह पिता को समझाती है कि भवानी उनका मन और अपनापन समझकर, उन्हीं की लीक पर चलकर गया है; पीछे हटता तो कोख लजाता। माँ स्नेहमयी भी है और दृढ़ भी।
From the text: 'वहाँ अच्छा है भवानी'
देशभक्ति और त्याग
कवि भारत छोड़ो आंदोलन के कारण जेल में है। वह दुख सहकर भी डटा है; यह उसके देश के प्रति समर्पण को दिखाता है।
From the text: 'दुख डटकर ठेलता हूँ'
दुख छिपाकर सांत्वना देना
कवि नहीं चाहता कि परिवार और दुखी हो। वह सावन से कहता है कि उनसे कहना वह मस्त है, स्वस्थ है; उसके अकेलेपन और जागने की बात न बताना। यह परिवार के प्रति उसका कोमल प्रेम और त्याग है।
From the text: 'और कहना मस्त हूँ मैं' और 'उन्हें कोई शक न देना'
The speaker and the people in the poem
कवि (भवानी, पाँचवाँ बेटा)
जेल में बंद स्वतंत्रता सेनानी, जो घर को याद करता है।
- परिवार से गहरा प्रेम
- देशभक्त और त्यागी
- भावुक, पर धैर्यवान: 'दुख डटकर ठेलता हूँ'
- परिवार की चिंता करने वाला: दुख छिपाता है
- प्रकृति-प्रेमी: बरसात उसे प्रिय थी
'पाँचवाँ मैं हूँ अभागा'; 'उन्हें देते धीर रहना'।
पिता
कवि के पिता।
- बलवान और निडर: मौत और शेर से न डरने वाले
- कोमल-हृदय: बेटे की याद में रो पड़ने वाले
- अनुशासित और धार्मिक: गीता-पाठ, दंड, मुगदर
- हँसमुख: अभी भी खिलखिलाते हैं
'मौत के आगे न हिचकें, शेर के आगे न बिचकें'; 'रो पड़े होंगे बराबर, पाँचवें का नाम लेकर'।
माँ
कवि की बिन-पढ़ी माँ।
- स्नेहमयी: गोद में सिर रखते ही दुख दूर
- दृढ़ और साहसी: बेटे के त्याग पर गर्व
- समझदार: पिता और बच्चों को सँभालती है
'पाँव जो पीछे हटाता, कोख को मेरी लजाता'
भाई-बहन, भौजी और सरला
परिवार के अन्य सदस्य।
- स्नेही: कवि की याद में व्याकुल
- भौजी और सरला: शर्म से खुलकर रो भी न पाईं
'शर्म से रो भी न पाएँ, खूब भीतर छटपटाएँ'
सावन (मानवीकृत)
संदेशवाहक, जिसके द्वारा कवि घर संदेश भेजता है।
- सजीला, हरा, पुण्य-पावन
- कवि का विश्वासपात्र
'हे सजीले हरे सावन, हे कि मेरे पुण्य पावन'
Poetic devices
| Device | Example | Effect |
|---|---|---|
| ध्वन्यात्मकता (नाद-सौंदर्य) | 'गिर रहा पानी झरा-झर, हिल रहे पत्ते हरा-हर, बह रही है हवा सर-सर, काँपते हैं प्राण थर-थर' | पाठ में बताया गया है कि शब्दों का चयन ध्वनि और नाद-सौंदर्य रचता है; बरसात का दृश्य सुनाई-सा देता है। |
| उपमा | 'वज्र-भुज नवनीत-सा उर'; 'देह एक पहाड़ जैसे' | पिता की कठोर देह और कोमल हृदय का सुंदर विरोधी चित्र। |
| मानवीकरण | सावन को संदेशवाहक बनाकर संबोधित करना | प्रकृति कवि की भावनाओं की साझेदार बन जाती है। |
| अतिशयोक्ति | 'एक छिन सौ बरस है रे'; 'एक हल्की चोट लग ले, दूध की नद्दी उमग ले' | विरह की पीड़ा और पिता के स्नेह की तीव्रता। |
| मुहावरा | 'सोने पर सुहागा' | पिता की नज़र में कवि की विशेषता और प्यार। |
| पुनरावृत्ति और लय | 'बहुत पानी गिर रहा है'; 'उन्हें कहना...' | भाव की तीव्रता और गीतात्मकता। |
| सरल, बोलचाल की भाषा | 'और कहना मस्त हूँ मैं' | आत्मीय, सीधा भाव-संप्रेषण। |
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
बहुत पानी गिर रहा है, घर नजर में तिर रहा है
कवि: बरसात में घर की याद।
बाहर की बरसात और भीतर की स्मृतियों का संबंध।
वज्र-भुज नवनीत-सा उर
कवि: पिता का वर्णन।
पिता की दृढ़ता और कोमलता।
वहाँ अच्छा है भवानी
माँ (कवि की कल्पना में): पिता को समझाते हुए।
माँ का धैर्य और बेटे के त्याग पर गर्व।
तुम बरस लो वे न बरसें
कवि: सावन से आग्रह।
परिवार की आँखें न बरसें, यानी वे न रोएँ।
दुख डटकर ठेलता हूँ
कवि: सावन को दिया संदेश।
कवि का संघर्षशील, धैर्यवान स्वभाव।
भवानीप्रसाद मिश्र – घर की याद in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
दुख छिपाकर दूसरों को सांत्वना
मान लीजिए आप अस्पताल में भर्ती हैं और आपकी दादी फ़ोन पर बहुत चिंतित हैं।
कवि के सावन वाले संदेश से आप क्या सीखेंगे? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- कवि ने परिवार को अपना दुख नहीं बताया।
- सकारात्मक बातें बताकर ढाढ़स।
- सच छिपाना नहीं, चिंता कम करना।
Answer: कवि ने परिवार की चिंता कम करने के लिए अपनी अच्छी बातें बताईं। मैं भी दादी को बताऊँगा कि डॉक्टर अच्छी देखभाल कर रहे हैं और मैं जल्दी ठीक हो रहा हूँ, ताकि वे घबराएँ नहीं।
Memory hook: अपनों की आँखें न बरसें।
कठोर दिखने वालों का कोमल मन
कल्पना कीजिए कि आपके सख़्त कोच आपके चोटिल होने पर चुपचाप उदास हो गए।
'वज्र-भुज नवनीत-सा उर' से उनकी भावना समझाइए। (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- बाहर से कठोर।
- भीतर से स्नेही।
- कवि के पिता जैसा।
Answer: कवि के पिता की तरह कोच बाहर से वज्र-से कठोर, पर भीतर से मक्खन-से कोमल हैं। उनकी सख़्ती हमारी भलाई के लिए है और मेरी चोट से उनका स्नेही मन दुखी हो गया।
Memory hook: कठोर बाँह, कोमल दिल।
त्याग पर गर्व
मान लीजिए आपकी बड़ी बहन बाढ़-राहत शिविर में स्वयंसेवा के लिए दूसरे शहर गई है और घर में सब उसे याद कर रहे हैं।
कवि की माँ की तरह आप परिवार को कैसे समझाएँगे? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- माँ ने कहा 'वहाँ अच्छा है भवानी'।
- अच्छे काम के लिए गई है।
- गर्व करें, रोएँ नहीं।
Answer: कवि की माँ की तरह मैं कहूँगा कि दीदी अपने मन से अच्छे काम के लिए गई है और वहाँ ठीक है। हमें रोने के बजाय उसके सेवा-भाव पर गर्व करना चाहिए।
Memory hook: याद करो, पर गर्व से।
Topics in this chapter
How the school exam asks भवानीप्रसाद मिश्र – घर की याद
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| पठित काव्यांश पर बहुविकल्पी प्रश्न (1×5) | पंक्तियाँ देकर: कविता कहाँ और क्यों लिखी (जेल से परिवार के लिए); बरसता पानी किस भावना का परिचायक (चिंता और बेचैनी); माँ की छवि (स्नेहमयी और दृढ़); 'वज्र-भुज नवनीत-सा उर' से पिता की छवि (दृढ़ और संवेदनशील); 'परिताप' का संकेत; 'और कहना मस्त हूँ मैं' का आशय (दुख छिपाना)। | पहले जानें कि कविता जेल में लिखी गई; फिर हर पंक्ति को कवि की विरह-स्थिति से जोड़ें। |
| भाव स्पष्ट करना (2 अंक, 25-30 शब्द) | पिता के व्यक्तित्व की विशेषताएँ, 'दुख डटकर ठेलता हूँ' का अर्थ, वर्षा का वर्णन कवि के भाव कैसे व्यक्त करता है, माँ की मज़बूती वाली पंक्तियाँ। | पंक्ति का अर्थ, फिर भाव और एक उदाहरण। |
| काव्य-सौंदर्य | ध्वन्यात्मक शब्द, उपमा, मानवीकरण, अतिशयोक्ति वाली पंक्तियाँ ढूँढ़ना। | झरा-झर, हरा-हर, सर-सर, थर-थर जैसे उदाहरण याद रखें। |
| लेखन (खंड घ) | घर से दूर (छात्रावास/यात्रा) होने पर परिवार को अनौपचारिक पत्र (लगभग 100 शब्द)। | पत्र-प्रारूप: पता, तिथि, संबोधन, कुशलता, भावनाएँ, समापन। |
Tricks to remember भवानीप्रसाद मिश्र – घर की याद
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
कविता का क्रम: ब-प-पि-मा-प्र-सा
बरसात (मन घिरा) → परिवार (भाई-बहन, माँ) → पिता (वज्र-भुज) → माँ का समझाना → प्रकृति (पक्षी, बादल) → सावन से संदेश।
Use it when: पंक्तियाँ क्रम से याद रखने के लिए।
चार ध्वनियाँ
झरा-झर (पानी), हरा-हर (पत्ते), सर-सर (हवा), थर-थर (प्राण)।
Use it when: ध्वन्यात्मकता वाले प्रश्नों के लिए।
संदेश में क्या कहें, क्या न कहें
कहना: लिख रहा, पढ़ रहा, मस्त, कातता, सत्तर सेर, खेलता। न कहना: जागता, भागता, मौन।
Use it when: सावन वाले अंश के प्रश्नों के लिए।
भवानीप्रसाद मिश्र – घर की याद: extract-based questions
Read the extract, answer every part on paper, then open the answers.
Extract 1: काव्यांश 1: बरसता पानी
आज पानी गिर रहा है,
बहुत पानी गिर रहा है,
रात-भर गिरता रहा है,
प्राण मन घिरता रहा है,
(1) · 1 mark · MCQ
कवि ने यह कविता कहाँ और किसके लिए लिखी?
(क) विदेश से मित्र के लिए
(ख) युद्धभूमि से जनता के लिए
(ग) जेल से परिवार के लिए
(घ) यात्रा से संबंधी के लिए(2) · 1 mark · MCQ
लगातार बरसता पानी कवि के मन की किस भावना का परिचायक है?
(क) उत्साह और आवेग
(ख) भय और क्रोध
(ग) साहस और उमंग
(घ) चिंता और बेचैनी(3) · 1 mark · MCQ
'प्राण मन घिरता रहा है' का आशय है:
(क) कवि बीमार है
(ख) कवि का मन यादों और उदासी से घिरा रहा
(ग) बादल घिर आए
(घ) कवि सो गया(4) · 1 mark · MCQ
(संदर्भ: आगे कवि कहते हैं कि सबेरा कब हो गया, उन्हें ठीक से पता नहीं चला, क्योंकि बादलों का अँधेरा अभी भी घना था।) कवि को सबेरा होने का ठीक-ठीक पता क्यों नहीं चला?
(क) वह सो रहा था
(ख) बादलों का घना अँधेरा अभी भी छाया था
(ग) घड़ी नहीं थी
(घ) वह बीमार था(5) · 1 mark · Assertion-reason
कथन (A): कविता में बाहर की बरसात और कवि के मन की दशा में समानता है।
कारण (R): जैसे रात-भर पानी गिरता रहा, वैसे ही कवि का मन यादों से घिरता रहा।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
Show the answersAnswers
- (ग) जेल से परिवार के लिए।
- (घ) चिंता और बेचैनी।
- (ख) कवि का मन यादों और उदासी से घिरा रहा।
- (ख) बादलों का घना अँधेरा अभी भी छाया था।
- (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
Extract 2: काव्यांश 2: पिता का चित्र
पिताजी जिनको बुढ़ापा,
एक क्षण भी नहीं व्यापा,
जो अभी भी दौड़ जाएँ,
जो अभी भी खिलखिलाएँ,
मौत के आगे न हिचकें,
शेर के आगे न बिचकें,
(1) · 1 mark · MCQ
'बुढ़ापा एक क्षण भी नहीं व्यापा' का अर्थ है:
(क) पिता युवा हैं
(ख) बूढ़े होकर भी पिता में युवाओं-सा उत्साह और शक्ति है
(ग) पिता बीमार हैं
(घ) पिता बहुत छोटे हैं(2) · 1 mark · MCQ
'मौत के आगे न हिचकें, शेर के आगे न बिचकें' से पिता का कौन-सा गुण प्रकट होता है?
(क) भय
(ख) निडरता
(ग) आलस्य
(घ) क्रोध(3) · 1 mark · MCQ
(संदर्भ: आगे कवि पिता के बारे में कहते हैं—'बोल में बादल गरजता, / काम में झंझा लरजता'।) 'बोल में बादल गरजता' में कौन-सा भाव है?
(क) पिता की आवाज़ बहुत धीमी है
(ख) पिता की आवाज़ बादल-सी गंभीर और प्रभावशाली है
(ग) बारिश हो रही है
(घ) पिता गाना गाते हैं(4) · 1 mark · MCQ
'झंझा' का अर्थ है:
(क) झरना
(ख) आँधी/तूफ़ान
(ग) झंडा
(घ) झगड़ा(5) · 1 mark · MCQ
इस अंश में पिता का कौन-सा रूप प्रमुख है?
(क) कोमल और भावुक
(ख) शक्तिशाली, उत्साही और निडर
(ग) उदासीन
(घ) बीमार और कमज़ोर
Show the answersAnswers
- (ख) बूढ़े होकर भी पिता में युवाओं-सा उत्साह और शक्ति है।
- (ख) निडरता।
- (ख) पिता की आवाज़ बादल-सी गंभीर और प्रभावशाली है।
- (ख) आँधी/तूफ़ान।
- (ख) शक्तिशाली, उत्साही और निडर (कोमल रूप कविता में आगे आता है)।
भवानीप्रसाद मिश्र – घर की याद: exam-level solved questions
Ordered from exam level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: वज्र-भुज नवनीत-सा उर · 2 marks · Short answerExam level
'वज्र-भुज नवनीत-सा उर' पंक्ति से पिता के व्यक्तित्व की कैसी छवि बनती है? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- वज्र-भुज: बलवान, कठोर भुजाएँ।
- नवनीत-सा उर: मक्खन-सा कोमल हृदय।
- दृढ़ और संवेदनशील।
Answer: पिता की भुजाएँ वज्र-सी कठोर और बलवान हैं, पर उनका हृदय मक्खन-सा कोमल है। वे बाहर से दृढ़ और निडर, भीतर से स्नेही और संवेदनशील हैं।
Example 2: 'और कहना मस्त हूँ मैं' · 2 marks · Short answerExam level
'और कहना मस्त हूँ मैं' पंक्ति में कवि का ऐसा कहना किस बात की ओर संकेत करता है? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- कवि जेल में दुखी है।
- परिवार को चिंता से बचाना चाहता है।
- दुख छिपाकर सांत्वना।
Answer: कवि जेल में दुखी और अकेला है, पर नहीं चाहता कि परिवार और दुखी हो। इसलिए वह सावन से कहता है कि उन्हें बताना वह मस्त है; वह अपना दुख छिपाकर उन्हें सांत्वना देना चाहता है।
Example 3: माँ की दृढ़ता · 2 marks · Short answerHarder exam level
कविता की वे पंक्तियाँ लिखिए जिनसे माँ की भावनात्मक मज़बूती का परिचय मिलता है और उनका भाव स्पष्ट कीजिए। (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- 'वहाँ अच्छा है भवानी'।
- 'पाँव जो पीछे हटाता, कोख को मेरी लजाता'।
- बेटे के त्याग पर गर्व; परिवार को सँभालना।
Answer: 'वहाँ अच्छा है भवानी' और 'पाँव जो पीछे हटाता, कोख को मेरी लजाता'। माँ दुख में भी दृढ़ है; उसे बेटे के देश-त्याग पर गर्व है और वह पिता को भी सँभालती है।
Example 4: वर्षा और भाव · 2 marks · Short answerHarder exam level
कविता में बार-बार वर्षा का वर्णन कवि के भावों को किस प्रकार व्यक्त करता है? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- बरसात = आँसू, उदासी।
- बरसात से घर की याद।
- अंत में सावन संदेशवाहक।
Answer: लगातार गिरता पानी कवि के आँसुओं, उदासी और बेचैनी का प्रतीक है; उसी से घर की याद जागती है। अंत में कवि सावन से कहता है कि वह बरसे, पर उसके घरवालों की आँखें न बरसें।
Example 5: दुख डटकर ठेलना · 2 marks · Short answerHOTS / competency
'दुख डटकर ठेलता हूँ' कथन कठिन परिस्थितियों में कवि के धैर्य और साहस का परिचय कैसे देता है? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- जेल का कष्ट, घर से दूरी।
- हार मानने के बजाय दुख से जूझना।
- देश के लिए त्याग का संकल्प।
Answer: जेल का कष्ट और घर से दूरी के बावजूद कवि हार नहीं मानता; वह दुख को डटकर धकेलता है। यह उसके धैर्य, साहस और देश के लिए किए त्याग पर अडिग रहने का प्रमाण है।
Example 6: घर से दूर · 2 marks · Short answerHOTS / competency
मान लीजिए आप छात्रावास में रहते हैं और त्योहार पर घर नहीं जा पा रहे। कवि की तरह आप घरवालों को क्या संदेश भेजेंगे? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- घरवालों को चिंता न हो।
- अपनी कुशलता और व्यस्तता बताना।
- प्यार और जल्दी आने का वादा।
Answer: कवि की तरह मैं लिखूँगा कि मैं ठीक हूँ, पढ़ाई और खेल में व्यस्त हूँ, अच्छे से खा रहा हूँ। आप चिंता न करें; छुट्टियों में आकर सबके साथ त्योहार की कमी पूरी करूँगा।
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
'तुम बरस लो वे न बरसें, पाँचवें को वे न तरसें' का भाव स्पष्ट कीजिए। (25-30 शब्द) (2 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| विषय-वस्तु: सावन बरसे, पर परिवार की आँखें न बरसें (वे न रोएँ); वे पाँचवें बेटे की याद में न तड़पें; कवि की परिवार के प्रति चिंता। | 1 |
| अभिव्यक्ति: शुद्ध, संक्षिप्त भाषा। | 1 |
अनौपचारिक पत्र (लगभग 100 शब्द, 5 अंक) (5 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| प्रारूप: पता, तिथि, संबोधन, समापन। | 1 |
| विषय-वस्तु: भावनाएँ और कुशलता। | 2 |
| प्रस्तुति: क्रम और आत्मीयता। | 1 |
| भाषा की शुद्धता और शब्द-सीमा। | 1 |
Where students lose marks in भवानीप्रसाद मिश्र – घर की याद
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: कविता को विदेश या छात्रावास से लिखी बताना
संदर्भ न जानना।
Wrong working
कवि विदेश में था, इसलिए घर याद आया।
Right working
कवि 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के कारण जेल में था।
Do this: पाठ-परिचय याद रखें।
Usually costs: 1-2 अंक।
Mistake: कवि को सबसे बड़ा बेटा बताना
'पाँचवाँ' पर ध्यान न देना।
Wrong working
कवि घर का बड़ा बेटा था।
Right working
कवि पाँचवाँ बेटा है ('पाँचवाँ मैं हूँ अभागा')।
Do this: चार भाई + कवि = पाँच।
Usually costs: 1 अंक।
Mistake: पिता को केवल कठोर बताना
आधी पंक्ति पढ़ना।
Wrong working
पिता वज्र जैसे कठोर हैं।
Right working
भुजाएँ वज्र-सी, पर हृदय नवनीत (मक्खन) सा कोमल।
Do this: दोनों पक्ष लिखें।
Usually costs: 1 अंक।
Mistake: 'मस्त हूँ मैं' को कवि की वास्तविक खुशी मानना
व्यंग्य/त्याग न समझना।
Wrong working
कवि जेल में बहुत खुश था।
Right working
कवि अपना दुख छिपाकर परिवार को सांत्वना देना चाहता है।
Do this: 'है कि जो वैसा न कहना' पर ध्यान दें।
Usually costs: 1-2 अंक।
Practice questions on भवानीप्रसाद मिश्र – घर की याद
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQExam level
कविता में माँ की कैसी छवि उभरती है?
(क) कमज़ोर और निष्क्रिय
(ख) स्नेहमयी और दृढ़
(ग) शिक्षित और अनुशासनप्रिय
(घ) सरल और उदासीनHint
पाठ के अभ्यास का प्रश्न।
Answer
(ख) स्नेहमयी और दृढ़।
Q2 · 1 mark · MCQExam level
'बहिन आई बाप के घर, हाय रे परिताप के घर' में 'परिताप' से क्या संकेत मिलता है?
(क) घर का समृद्ध होना
(ख) घर की सजावट
(ग) घर में दुख का वातावरण
(घ) घर की शांतिHint
परिताप = दुख, संताप।
Answer
(ग) घर में दुख का वातावरण।
Q3 · 2 marks · Short answerExam level
पिताजी अपनी दिनचर्या में क्या-क्या करते हैं? (25-30 शब्द)
Hint
गीता-पाठ, दंड, मुगदर।
Answer
मूल्य-बिंदु: गीता-पाठ; दो सौ साठ दंड; मुगदर घुमाना; दौड़ना, खिलखिलाना; बुढ़ापे में भी युवा-सा उत्साह।
आदर्श उत्तर: कवि की कल्पना में पिताजी आज भी गीता-पाठ करके, दो सौ साठ दंड लगाकर और मुगदर घुमाकर नीचे आए होंगे। बुढ़ापे में भी वे दौड़ते और खिलखिलाते हैं; उनमें युवाओं-सा उत्साह है।
Q4 · 1 mark · MCQHarder exam level
'एक पत्ता टूट जाए, बस कि धारा फूट जाए' पंक्ति किस ओर संकेत करती है?
(क) पिता की कठोरता
(ख) पिता की भावुकता
(ग) वर्षा की तीव्रता
(घ) पिता की निर्बलताHint
मन बरगद-सा।
Answer
(ख) पिता की भावुकता।
Q5 · 2 marks · Short answerHarder exam level
कविता से ध्वन्यात्मक शब्दों के चार उदाहरण लिखिए और उनका प्रभाव बताइए।
Hint
पानी, पत्ते, हवा, प्राण।
Answer
मूल्य-बिंदु: झरा-झर, हरा-हर, सर-सर, थर-थर; नाद-सौंदर्य; बरसात का दृश्य सुनाई देता है; कवि की बेचैनी भी।
आदर्श उत्तर: झरा-झर, हरा-हर, सर-सर और थर-थर। ये शब्द बरसात, पत्तों और हवा की आवाज़ सुनाते हैं और 'थर-थर' कवि के काँपते मन को भी प्रकट करता है।
Q6 · 2 marks · Short answerHarder exam level
कवि ने सावन से यह क्यों कहा कि उनसे यह न कहना कि वह जागता है और आदमी से भागता है? (25-30 शब्द)
Hint
परिवार की चिंता।
Answer
मूल्य-बिंदु: ये बातें उसके दुख और अकेलेपन की सच्चाई हैं; परिवार सुनकर और दुखी होगा; कवि उन्हें शक भी नहीं होने देना चाहता।
आदर्श उत्तर: जागना, आदमी से भागना और मौन रहना कवि के अकेलेपन और दुख का सच है। परिवार यह सुनकर और व्याकुल होगा, इसलिए कवि नहीं चाहता कि उन्हें कोई शक भी हो।
Q7 · 1 mark · Assertion-reasonHOTS / competency
कथन (A): कवि को पिता 'सोने पर सुहागा' कहते थे।
कारण (R): पिता की नज़र में कवि अपने चारों भाइयों में विशेष और सबसे प्रिय था।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।Hint
'स्वर्ण बेटे' और 'सुहागा'।
Answer
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
Q8 · 2 marks · Short answerHOTS / competency
मान लीजिए आपके परिवार का कोई सदस्य सीमा पर सैनिक है और कई महीनों से घर नहीं आया। 'घर की याद' कविता के आधार पर बताइए कि घर और सैनिक, दोनों के मन में क्या भाव होंगे। (25-30 शब्द)
Hint
विरह, गर्व, सांत्वना।
Answer
मूल्य-बिंदु: घर में याद, चिंता, साथ में गर्व (माँ की तरह); सैनिक के मन में घर की याद, पर कर्तव्य पर दृढ़ता और घरवालों को ढाढ़स देना (कवि की तरह)।
आदर्श उत्तर: घरवालों के मन में कवि के परिवार की तरह याद और चिंता के साथ गर्व होगा। सैनिक भी घर को याद करेगा, पर कर्तव्य पर डटा रहकर कहेगा कि मैं ठीक हूँ, चिंता न करें।
Q9 · 5 marks · Long answerHarder exam level
अनौपचारिक पत्र (लगभग 100 शब्द): छात्रावास में रहते हुए अपनी माँ को पत्र लिखिए जिसमें घर की याद और अपनी कुशलता का वर्णन हो।
Hint
पता, तिथि, संबोधन, कुशल-क्षेम, भावनाएँ, समापन।
Answer
मूल्य-बिंदु (अनौपचारिक पत्र): प्रेषक का पता और तिथि; संबोधन (आदरणीय माँ); कुशल-क्षेम; घर की याद के एक-दो प्रसंग (माँ के हाथ का खाना, भाई-बहनों से खेल); छात्रावास में अपनी दिनचर्या और कुशलता (पढ़ाई, खेल, भोजन); माँ को चिंता न करने का आश्वासन; सबको प्रणाम/प्यार; समापन (आपका प्यारा...); लगभग 100 शब्द।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.कविता के कवि?Show answer
भवानीप्रसाद मिश्र।
2.कविता कहाँ लिखी गई?Show answer
जेल में (1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के समय)।
3.कवि के कितने भाई और बहनें हैं?Show answer
चार भाई और चार बहनें (कवि पाँचवाँ बेटा)।
4.पिता के हृदय को किससे उपमा दी गई?Show answer
नवनीत (मक्खन) से।
5.कवि की कल्पना में आज पिता ने कितने दंड लगाए होंगे?Show answer
दो सौ साठ।
6.कवि का वज़न (संदेश में)?Show answer
सत्तर सेर।
7.कवि किसके द्वारा संदेश भेजता है?Show answer
सावन (बादल) के द्वारा।
8.'साथ-साथ पढ़ें' में किसकी कविता है?Show answer
रामनरेश त्रिपाठी की 'तब याद तुम्हारी आती है'।
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप कविता का संदर्भ (कब, कहाँ, क्यों) एक वाक्य में बता सकते हैं?
- क्या आप पिता के व्यक्तित्व के दोनों पक्ष उदाहरण सहित लिख सकते हैं?
- क्या आप माँ की दृढ़ता वाली दो पंक्तियाँ बता सकते हैं?
- क्या आप चार ध्वन्यात्मक शब्द और उनका प्रभाव लिख सकते हैं?
- क्या आप सावन वाले संदेश में 'क्या कहना' और 'क्या न कहना' अलग-अलग लिख सकते हैं?
- क्या आप घर की याद पर 100 शब्दों का पत्र लिख सकते हैं?
भवानीप्रसाद मिश्र – घर की याद: frequently asked questions
'घर की याद' कविता कब और कहाँ लिखी गई?
1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के समय, जब भवानीप्रसाद मिश्र तीन वर्ष के कारावास में जेल में थे।
कवि के परिवार में कौन-कौन है?
माता-पिता, चार भाई, चार बहनें, भौजी और सरला; कवि स्वयं पाँचवाँ बेटा है।
'वज्र-भुज नवनीत-सा उर' का क्या अर्थ है?
पिता की भुजाएँ वज्र जैसी कठोर और बलवान हैं, पर हृदय मक्खन जैसा कोमल है; वे दृढ़ और संवेदनशील दोनों हैं।
कवि सावन से क्या कहता है?
कि 'तुम बरस लो, वे न बरसें'; घरवालों से कहना कि वह मस्त है, लिख-पढ़ रहा है, खूब खाता और खेलता है; उसके दुख और अकेलेपन की बात न बताना।
माँ ने पिता को क्या समझाया होगा?
कि भवानी वहाँ ठीक है; वह पिता का मन और अपनापन समझकर गया है, यह उन्हीं की लीक है; पीछे हटता तो कोख लजाता; ऐसे कमज़ोर मत बनो, बच्चे भी रो पड़ेंगे।
कविता में बरसात का क्या महत्त्व है?
बरसात कवि के मन की उदासी, चिंता और बेचैनी का प्रतीक है; उसी से घर की याद जागती है, और अंत में सावन ही संदेशवाहक बनता है।
Based on: CBSE हिंदी पाठ्यक्रम, कक्षा नवीं (आर-1 और आर-2) 2026-27; NCERT गंगा, कक्षा 9 (मार्च 2026), पाठ 12: घर की याद