घर की याद (गंगा, कक्षा 9): पिता का चित्र और सावन से संदेश
Updated 17 October 2026 · Fact-checked
भवानीप्रसाद मिश्र की कविता में जेल में बैठा कवि बरसात में घर को याद करता है। वह पिता को "वज्र-भुज नवनीत-सा उर" वाले, भोले और बहादुर व्यक्ति के रूप में देखता है, माँ की सीख की कल्पना करता है और सावन से कहता है कि घरवालों को उसका दुख न बताकर सांत्वना दे।
Notice how the jailed poet's memories branch into three: father's strength and tenderness, mother's courage, and a cheerful message sent through Sawan.
Illustration drawn for QuestionBuddy.
Understand घर की याद: पिता का चित्र, माँ की सीख और सावन से संदेश
पृष्ठभूमि। कवि भारत छोड़ो आंदोलन (1942) में सक्रिय रहे, जिसके कारण उन्हें तीन वर्ष का कारावास मिला; जेल में ही यह कविता लिखी गई। भाषा सरल है और झरा-झर, सर-सर, थर-थर जैसे ध्वन्यात्मक शब्द नाद-सौंदर्य रचते हैं।
पिता का चित्र। पिता "वज्र-भुज नवनीत-सा उर" वाले हैं, अर्थात् भुजाएँ वज्र-सी कठोर और हृदय मक्खन-सा कोमल। उन्हें बुढ़ापा छू भी नहीं गया; वे दौड़ते-खिलखिलाते हैं, मौत और शेर से नहीं डरते। उनकी आवाज़ में बादल-सी गरज और काम में आँधी-सा वेग है। गीता-पाठ, दो सौ साठ दंड और मुगदर घुमाने के बाद जब वे नीचे आए होंगे, तो पाँचवें बेटे को याद करके रो पड़े होंगे, जिसे वे "सोने पर सुहागा" कहते थे।
माँ की कल्पित सीख। कवि कल्पना करता है कि माँ ने पिता से कहा होगा "वहाँ अच्छा है भवानी"। वह तुम्हारा मन और अपनापन समझकर गया है, यह तुम्हारी ही लीक है। पीछे हटता तो मेरी कोख लजाती। ऐसे कच्चे मत बनो, बच्चे भी रो पड़ेंगे। माँ के इन शब्दों में गर्व और दृढ़ता दोनों हैं।
परिवार के आँसू। कवि सोचता है कि फिर सब रो पड़े होंगे: भाई, बहन, माँ, भौजी और सरला, जो शर्म से खुलकर रो भी न पाई होंगी। पिता ने कहा होगा कि वे रो कहाँ रहे हैं, पर भवानी को बरसात प्यारी थी, यह याद कर वे भावुक हो गए होंगे।
प्रकृति और मन। बारिश थमती है और बादल ऐसे लगते हैं मानो माँ ने आँगन लीप दिया हो। पिता का स्मरण कवि को पीड़ा देता है: देह पहाड़-सी है, पर मन बरगद-सा; एक पत्ता टूटे तो धारा फूट पड़े, हल्की चोट लगे तो दूध की नदी उमड़ पड़े।
सावन से संदेश। कवि कहता है "तुम बरस लो, वे न बरसें; पाँचवें को वे न तरसें।" वह चाहता है कि सावन उसके सुख की बातें ही कहे: मैं पढ़ रहा हूँ, काम कर रहा हूँ, मस्त हूँ, कात रहा हूँ, खूब खाता हूँ। जागने, मौन रहने और आदमी से भागने जैसी बातें वह छिपाना चाहता है ताकि घरवाले चिंतित न हों।
केंद्रीय भाव। घर की स्मृति और देश के लिए त्याग का भाव, तथा अपना दुख छिपाकर परिवार को सांत्वना देने की चाह।
घर की याद: पिता का चित्र, माँ की सीख और सावन से संदेश: key facts
- पिता के रूप
- वज्र-भुज नवनीत-सा उर
- निर्भय
- बादल-सी गरज
- आँधी-सा वेग
- भोले और बहादुर
- प्रत्येक रूप कविता की पंक्ति से जोड़ें।
- माँ के शब्द
- वहाँ अच्छा है भवानी
- यह तुम्हारी लीक है
- कच्चे मत बनो
- कल्पित संवाद।
- सावन से कही बातें
- पढ़ रहा हूँ
- काम कर रहा हूँ
- मस्त हूँ
- खूब खाता हूँ
- छिपाई गई बातें: जागना, मौन, आदमी से भागना।
- ध्वन्यात्मक शब्द
- झरा-झर
- हरा-हर
- सर-सर
- थर-थर
- नाद-सौंदर्य के उदाहरण।
How to answer घर की याद: पिता का चित्र, माँ की सीख और सावन से संदेश questions
कविता के भाव या पात्र पर प्रश्न का उत्तर इस क्रम से लिखें।
- 1पंक्ति या प्रसंग उद्धृत कीजिए।
- 2शब्दार्थ बताइए।
- 3कवि की भावना लिखिए।
- 4अलंकार या शिल्प का नाम दीजिए।
- 5अंत में स्नेह और त्याग का भाव लिखिए।
घर की याद: पिता का चित्र, माँ की सीख और सावन से संदेश in real life
The idea, met in an everyday situation. Answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
दुख छिपाना
मान लीजिए हॉस्टल में रहने वाला छात्र बीमार है, फिर भी घर फ़ोन करके कहता है कि मैं ठीक हूँ, पढ़ रहा हूँ, ताकि माँ-पिता चिंता न करें।
यह कविता के किस भाव से मिलता है? (2-3 पंक्तियाँ)
Try it first, then show the solutionSolution
- बीमार होना।
- सब ठीक बताना।
- चिंता से बचाना।
Answer: यह कवि के सावन से यह कहने के भाव से मिलता है कि घरवालों को उसका दुख न बताकर ढाढ़स बँधाए।
Memory hook: दुख छिपाकर भी स्नेह निभाना।
Tricks to remember घर की याद: पिता का चित्र, माँ की सीख और सावन से संदेश
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
व-न-हृ
वज्र जैसी भुजाएँ, नवनीत जैसा हृदय।
Use it when: पिता का चित्र।
पहाड़ और बरगद
देह पहाड़-सी, मन बरगद-सा।
Use it when: मन की कोमलता।
तुम बरस लो
सावन बरसे, घरवाले नहीं।
Use it when: संदेश की पंक्ति।
घर की याद: पिता का चित्र, माँ की सीख और सावन से संदेश: solved examples
Ordered from board level to HOTS. Try each one before you open the solution.
Example 1: वज्र-भुज · 1 mark · MCQBoard level
"वज्र-भुज नवनीत-सा उर" किसके लिए कहा गया है?
(क) माँ के लिए (ख) पिता के लिए (ग) भाई के लिए (घ) कवि के लिए
Try it first, then show the solutionSolution
- भुजाएँ कठोर, हृदय कोमल।
Answer: (ख) पिता के लिए।
Example 2: पिता का स्वभाव · 2 marks · Short answerBoard level
"वज्र-भुज नवनीत-सा उर" का अर्थ बताते हुए पिता के स्वभाव पर प्रकाश डालिए। (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- वज्र = कठोर, नवनीत = मक्खन।
- स्वभाव: बाहर से कठोर, भीतर से कोमल।
Answer: इसका अर्थ है भुजाएँ वज्र-सी कठोर और हृदय मक्खन-सा कोमल। पिता बाहर से निर्भय और बलवान हैं, पर भीतर से अत्यंत कोमल और स्नेहशील हैं।
Example 3: माँ की कल्पना · 2 marks · Short answerHarder board level
कवि माँ के मुख से पिता को क्या समझाता हुआ दिखाता है और उसका क्या महत्त्व है? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- माँ का गर्व और दृढ़ता।
- पिता को सांत्वना।
Answer: माँ पिता से कहती है कि भवानी तुम्हारा मन और अपनापन समझकर गया है, पीछे हटता तो कोख लजाती। यह माँ का गर्व और दृढ़ता दिखाता है तथा पिता को सँभालता है।
Example 4: बादल और आँगन · 2 marks · Short answerHarder board level
"मानो माँ ने आँगन लीप दिया हो" में कवि ने बादलों को किस रूप में देखा है? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- बारिश के बाद साफ़ आकाश।
- माँ की उत्प्रेक्षा (मानो)।
Answer: बारिश थमने के बाद साफ़ हुए बादल कवि को ऐसे लगते हैं जैसे माँ ने आँगन लीप दिया हो। इस उत्प्रेक्षा से बादलों में माँ के स्नेह की स्वच्छता और ममता झलकती है।
Example 5: दुख छिपाने का भाव · 4 marks · Long answerHOTS / competency
कवि सावन से अपने घरवालों को क्या बताने को कहता है और क्या नहीं? इसके पीछे उसकी भावना क्या है? (50-60 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- क्या बताना है (1)।
- क्या छिपाना है (1)।
- भावना: स्नेह और चिंता (1)।
- भाषा (1)।
Answer: कवि सावन से कहता है कि घरवालों को बताए कि वह पढ़ रहा है, काम कर रहा है, मस्त है और खूब खाता है। वह जागने, मौन रहने और आदमी से भागने की बातें छिपाना चाहता है। इसके पीछे उसकी यह भावना है कि परिवार उसके कष्ट से दुखी न हो, इसलिए वह अपना दुख छिपाकर उन्हें सांत्वना देना चाहता है।
Where students lose marks in घर की याद: पिता का चित्र, माँ की सीख और सावन से संदेश
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: "नवनीत" का अर्थ गलत लिखना
नवनीत = मक्खन।
Wrong working
नवनीत = दूध।
Right working
नवनीत = मक्खन, यानी कोमल।
Do this: शब्दार्थ पक्के करें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: माँ के कथन को कवि का कथन बताना
माँ और कवि अलग हैं।
Wrong working
कवि कहता है "वहाँ अच्छा है भवानी"।
Right working
माँ पिता से कहती है, यह कवि की कल्पना है।
Do this: वक्ता पहचानें।
Usually costs: 1 अंक
Mistake: कविता को केवल दुखद कहना
इसमें गर्व और दृढ़ता भी है।
Wrong working
केवल रोने की कविता।
Right working
स्मृति, गर्व, त्याग और सांत्वना का मेल।
Do this: कई भाव लिखें।
Usually costs: 1-2 अंक
Mistake: वर्ष और आयु गलत लिखना
तथ्य पाठ-परिचय में हैं।
Wrong working
1930, पाँच वर्ष की कैद।
Right working
1942, तीन वर्ष का कारावास।
Do this: संख्या दोहराएँ।
Usually costs: 1 अंक
Exam tips
- "नवनीत", "वज्र-भुज" का अर्थ अवश्य दें।
- माँ और पिता के कथनों को कवि की कल्पना बताइए।
- ध्वन्यात्मक शब्दों के उदाहरण दीजिए।
- सावन से कही बातें और छिपाई बातें अलग लिखिए।
- अंत में स्नेह और त्याग का भाव जोड़िए।
Practice questions on घर की याद: पिता का चित्र, माँ की सीख और सावन से संदेश
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQBoard level
कविता में कवि ने जेल में रहकर किस आंदोलन का संकेत दिया है?
(क) असहयोग आंदोलन (ख) भारत छोड़ो आंदोलन (ग) नमक सत्याग्रह (घ) खिलाफ़त आंदोलनHint
पाठ-परिचय में वर्ष 1942 का उल्लेख है।
Answer
(ख) भारत छोड़ो आंदोलन।
Q2 · 2 marks · Short answerHarder board level
"एक पत्ता टूट जाए, बस कि धारा फूट जाए" पंक्ति से कवि क्या कहना चाहता है? (25-30 शब्द)
Hint
देह पहाड़-सी और मन बरगद-सा।
Answer
कवि कहता है कि पिता का शरीर पहाड़-सा मज़बूत है, पर मन बरगद-सा कोमल है। ज़रा-सी चोट या वियोग पर उनका हृदय भावनाओं से उमड़ पड़ता है।
Q3 · 2 marks · Short answerHarder board level
"आज का दिन दिन नहीं लगता" पंक्ति में कवि की कौन-सी मनोदशा प्रकट होती है? (25-30 शब्द)
Hint
एक क्षण सौ बरस-सा।
Answer
घर से दूर जेल में कवि को बरसात में परिवार की याद इतनी सताती है कि पूरा दिन अर्थहीन लगता है और एक क्षण सौ बरस-सा बीतता है। यह उसकी वियोग-व्यथा है।
Q4 · 2 marks · Short answerHarder board level
कविता में बारिश की ध्वनियों के प्रयोग का क्या प्रभाव पड़ता है? (25-30 शब्द)
Hint
झरा-झर, सर-सर, थर-थर।
Answer
झरा-झर, हरा-हर, सर-सर और थर-थर जैसे ध्वन्यात्मक शब्द बारिश, हवा और काँपते प्राणों का जीवंत चित्र बनाते हैं। इनसे कविता में नाद-सौंदर्य आता है और दृश्य कानों तक पहुँचता है।
Q5 · 4 marks · Long answerHOTS / competency
यदि आप कवि की जगह होते और घर पत्र लिखते, तो उसमें क्या लिखते? कविता के आधार पर रूपरेखा दीजिए। (50-60 शब्द)
Hint
स्नेह, सांत्वना और देश-प्रेम का संतुलन।
Answer
मैं पत्र में माता-पिता को प्रणाम लिखता और कहता कि मैं ठीक हूँ, पढ़ रहा हूँ और स्वस्थ हूँ। मैं उन्हें गर्व करने को कहता कि मैं देश के लिए यहाँ हूँ और पीछे नहीं हटूँगा। पिता को ढाढ़स बँधाता कि बच्चों की तरह न रोएँ। अंत में बरसात की याद लिखकर शीघ्र मिलने की आशा प्रकट करता।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.कविता किसने लिखी?Show answer
भवानीप्रसाद मिश्र ने।
2.कविता कहाँ लिखी गई?Show answer
जेल में।
3.कवि पिता के कौन-से पुत्र हैं?Show answer
पाँचवें पुत्र।
4.कवि संदेश किसके द्वारा भेजता है?Show answer
सावन के द्वारा।
5.किसे "सोने पर सुहागा" कहा गया है?Show answer
कवि (पाँचवें बेटे) को।
6.पाठ गंगा का कौन-सा पाठ है?Show answer
बारहवाँ पाठ।
घर की याद: पिता का चित्र, माँ की सीख और सावन से संदेश: frequently asked questions
कविता का मुख्य भाव क्या है?
घर की स्मृति, देश के लिए त्याग और परिवार को सांत्वना देने की चाह।
पिता को किन गुणों वाला दिखाया गया है?
भोला, बहादुर, निर्भय और भीतर से अत्यंत कोमल।
सावन क्या करता है?
कवि के संदेशवाहक का काम करता है।
परीक्षा में कैसे प्रश्न आते हैं?
काव्यांश पर बहुविकल्पी प्रश्न और 25-30 शब्दों के 2 अंक वाले उत्तर।