सुभद्रा कुमारी चौहान – झाँसी की रानी Class 9: भावार्थ और प्रश्न
Updated 15 October 2026 · Fact-checked
'झाँसी की रानी' सुभद्रा कुमारी चौहान की कथात्मक, ओजपूर्ण कविता है, जो कक्षा 9 की गंगा का ग्यारहवाँ पाठ है। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की पृष्ठभूमि में यह रानी लक्ष्मीबाई के बचपन, विवाह, अंग्रेज़ों की हड़प-नीति के विरुद्ध विद्रोह और तेइस वर्ष की आयु में वीरगति की गाथा कहती है।
What सुभद्रा कुमारी चौहान – झाँसी की रानी is about
'झाँसी की रानी' सुभद्रा कुमारी चौहान की बहुत प्रसिद्ध कविता है, जो एनसीईआरटी की पुस्तक गंगा (कक्षा 9) के काव्य खंड का चौथा पाठ है। कवि-परिचय के अनुसार सुभद्रा कुमारी चौहान का जन्म 1904 में प्रयागराज में हुआ; वे स्वतंत्रता सेनानी भी थीं और दो बार जेल गईं। 'मुकुल' (कविता संग्रह) और 'बिखरे मोती' (कहानी संग्रह) के लिए उन्हें दो बार 'सेकसरिया पुरस्कार' मिला; 1948 में उनका आकस्मिक निधन हुआ।
पाठ-परिचय के अनुसार यह कविता 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की पृष्ठभूमि पर लिखी गई है और रानी लक्ष्मीबाई के जीवन-वृत्त, संघर्ष और विद्रोह से ओजपूर्ण साक्षात्कार कराती है। यह वीरता, उत्साह और देशप्रेम से ओत-प्रोत है और पाठकों में जोश और साहस भरती है। कथात्मक शैली और गेयता इसे और जीवंत बनाती हैं। हर पद के अंत में टेक आती है: 'बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी। खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी॥' कक्षा 9 की परीक्षा विद्यालय लेता है; खंड ग का विभाजन CBSE ने नहीं दिया, इसलिए यहाँ कक्षा 10 हिंदी जैसे प्रश्न हैं: काव्यांश पर पाँच बहुविकल्पी प्रश्न और 25-30 शब्दों के 2 अंक वाले प्रश्न।
Weightage: कक्षा 9 की वार्षिक परीक्षा (80 अंक) विद्यालय लेता है। खंड ग (पाठ्यपुस्तक गंगा) के 30 अंक हैं, पर CBSE ने इस खंड के प्रश्नों का विभाजन नहीं दिया है। इसलिए यहाँ के प्रश्न कक्षा 10 हिंदी के प्रश्न-प्रकारों (पठित अंश पर बहुविकल्पी प्रश्न, 25-30 शब्दों के 2 अंक वाले प्रश्न) के ढाँचे पर बने हैं।Source: CBSE हिंदी पाठ्यक्रम, कक्षा नवीं 2026-27
सुभद्रा कुमारी चौहान – झाँसी की रानी: explanation
In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.
1857 का उभार। सिंहासन हिल उठे, राजवंशों ने भृकुटी तानी; बूढ़े भारत में फिर से नई जवानी आई। सबने खोई हुई आज़ादी की कीमत पहचानी और फिरंगियों को दूर करने की ठानी। सन् सत्तावन में पुरानी तलवार फिर चमक उठी।
बचपन और विवाह। कानपुर के नाना (धुंधूपंत) की मुँहबोली बहन 'छबीली' लक्ष्मीबाई पिता की इकलौती संतान थीं। वे नाना के साथ पढ़ीं और खेलीं; बरछी, ढाल, कृपाण और कटारी उनकी सहेलियाँ थीं; उन्हें वीर शिवाजी की गाथाएँ ज़बानी याद थीं। वे लक्ष्मी या दुर्गा-सी, स्वयं वीरता का अवतार थीं; नकली युद्ध, व्यूह-रचना, शिकार, सैन्य-घेरा और दुर्ग तोड़ना उनके प्रिय खेल थे। महाराष्ट्र-कुल-देवी भवानी उनकी आराध्य थीं। वीरता का वैभव के साथ झाँसी में संबंध हुआ; वे ब्याहकर रानी बनकर झाँसी आईं और महलों में खुशियाँ छा गईं।
दुर्भाग्य और हड़प-नीति। पर काल की काली घटा घिर आई: राजा निःसंतान मरे और रानी विधवा हो गईं। डलहौज़ी ने इसे राज्य हड़पने का अवसर माना; फ़ौजें भेजकर दुर्ग पर अपना झंडा फहरा दिया और 'लावारिस का वारिस' बनकर ब्रिटिश राज झाँसी आया। व्यापारी बनकर दया माँगने आए फिरंगी ने राजाओं-नवाबों को ठुकराया: रानी दासी बनी और दासी महारानी। दिल्ली, लखनऊ, बिठूर, नागपुर, उदयपुर, तंजौर, सतारा, कर्नाटक, सिंध, पंजाब, बर्मा, बंगाल, मद्रास, सबकी यही कहानी थी। रानियाँ और बेगमें रोतीं; उनके गहने-कपड़े कलकत्ते के बाज़ार में नीलाम होते और अंग्रेज़ों के अख़बार सरेआम नीलामी छापते।
विद्रोह की ज्वाला। कुटियों में वेदना, महलों में अपमान और सैनिकों में पुरखों का अभिमान था। नाना धुंधूपंत पेशवा सामान जुटा रहे थे; छबीली ने रण-चंडी का आह्वान किया। महलों ने आग दी, झोंपड़ी ने ज्वाला सुलगाई: झाँसी, दिल्ली, लखनऊ, मेरठ, कानपुर, पटना, जबलपुर, कोल्हापुर, सब जगह हलचल हुई। इस स्वतंत्रता-महायज्ञ में नाना धुंधूपंत, ताँतिया, अज़ीमुल्ला, अहमदशाह मौलवी, ठाकुर कुँवर सिंह जैसे अनेक वीर काम आए, जिनके नाम इतिहास में अमर रहेंगे।
रानी का युद्ध। झाँसी के मैदान में लेफ़्टिनेंट वॉकर रानी से लड़कर घायल होकर भागा। रानी सौ मील चलकर कालपी पहुँचीं; उनका घोड़ा थककर गिर गया और मर गया। यमुना-तट पर अंग्रेज़ फिर हारे; रानी ने ग्वालियर पर अधिकार किया और अंग्रेज़ों के मित्र सिंधिया राजधानी छोड़कर भागे। जनरल स्मिथ भी हारा; सखियाँ काना और मंदरा भी लड़ीं। पर पीछे से ह्यूरोज़ आ गया और रानी घिर गईं। सेना के पार निकलते हुए सामने नाला आया; नया घोड़ा अड़ गया, सवार आ पहुँचे और एक रानी पर अनेक शत्रुओं के वार होने लगे। घायल होकर सिंहनी गिरीं और वीरगति पाई।
अमरता। रानी चली गईं, चिता उनकी दिव्य सवारी बनी; तेज से तेज मिला। केवल तेइस वर्ष की आयु थी; वे मनुष्य नहीं, अवतारी थीं, जो स्वतंत्रता की नारी बनकर हमें जगाने आई थीं। कृतज्ञ भारतवासी उन्हें याद रखेंगे; उनका बलिदान स्वतंत्रता को अविनाशी बनाएगा। उनका स्मारक वे स्वयं हैं; वे अमिट निशानी हैं।
केंद्रीय भाव: स्वतंत्रता के लिए साहस, एकता और बलिदान आवश्यक हैं। लक्ष्मीबाई का जीवन नारी-शक्ति और देशप्रेम की अमर प्रेरणा है।
Themes and message
देशप्रेम और स्वतंत्रता-संग्राम
कविता 1857 की क्रांति को 'स्वतंत्रता-महायज्ञ' कहती है, जिसमें अनेक वीरों ने आहुति दी। खोई आज़ादी की कीमत पहचानकर पूरा देश जाग उठा।
From the text: 'गुमी हुई आजादी की कीमत सबने पहचानी थी'
नारी-शक्ति और वीरता
लक्ष्मीबाई बचपन से हथियारों से खेलीं, युद्ध में पुरुषों को पीछे छोड़ा। 'मर्दानी' शब्द उस समय के समाज की दृष्टि से उनकी असाधारण वीरता को दिखाता है; पाठ के अभ्यास भी आज के हर क्षेत्र में काम करती स्त्रियों से जोड़ते हैं।
From the text: 'खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी॥'
अंग्रेज़ों का अन्याय और हड़प-नीति
राजा के निःसंतान मरने पर डलहौज़ी ने झाँसी हड़प ली; राजाओं-नवाबों का अपमान हुआ, रानियों के गहने नीलाम हुए। यह अन्याय विद्रोह का कारण बना।
From the text: 'लावारिस का वारिस बनकर ब्रिटिश राज्य झाँसी आया'
सामाजिक एकता
विद्रोह में महल और झोंपड़ी, राजा और जनता, सब साथ थे; देश के अनेक नगर उठ खड़े हुए। एकता ही स्वतंत्रता-संग्राम की शक्ति थी।
From the text: 'महलों ने दी आग, झोंपड़ी ने ज्वाला सुलगाई थी'
बलिदान और अमरता
तेइस वर्ष की आयु में वीरगति पाकर भी लक्ष्मीबाई अमर हैं। कवयित्री कहती हैं कि उनका स्मारक वे स्वयं हैं और उनका बलिदान स्वतंत्रता को अविनाशी बनाएगा।
From the text: 'तेरा स्मारक तू ही होगी, तू खुद अमिट निशानी थी।'
The speaker and the people in the poem
रानी लक्ष्मीबाई ('छबीली')
झाँसी की रानी, कविता की नायिका।
- बचपन से वीर: हथियार ही सहेलियाँ
- साहसी योद्धा: वॉकर को घायल किया, ग्वालियर जीता
- स्वाभिमानी: अंग्रेज़ों की हड़प-नीति के आगे नहीं झुकीं
- दृढ़ और अदम्य: घिरने पर भी लड़ती रहीं
- प्रेरणास्रोत: 'अवतारी', 'स्वतंत्रता नारी'
'बरछी, ढाल, कृपाण, कटारी उसकी यही सहेली थी'; 'घायल होकर गिरी सिंहनी उसे वीर-गति पानी थी।'
नाना धुंधूपंत (पेशवा)
लक्ष्मीबाई के मुँहबोले भाई; विद्रोह के संगठक।
- बचपन के साथी
- क्रांति के लिए सामान जुटाने वाले
'नाना धुंधूपंत पेशवा जुटा रहा था सब सामान'
अंग्रेज़ अधिकारी (डलहौज़ी, वॉकर, स्मिथ, ह्यूरोज़)
विरोधी पक्ष।
- डलहौज़ी: राज्य हड़पने वाला
- वॉकर: घायल होकर भागा
- स्मिथ: हारा; ह्यूरोज़: पीछे से घेरा
'जख्मी होकर वॉकर भागा, उसे अजब हैरानी थी।'
अन्य वीर और सखियाँ
ताँतिया, अज़ीमुल्ला, अहमदशाह मौलवी, कुँवर सिंह; सखियाँ काना और मंदरा।
- बलिदानी
- रानी की सहयोगी
'भारत के इतिहास-गगन में अमर रहेंगे जिनके नाम'
Poetic devices
| Device | Example | Effect |
|---|---|---|
| कथात्मक शैली | बचपन से वीरगति तक घटनाओं का क्रम | कविता में कहानी जैसा प्रवाह; पाठ में इसे 'कथात्मक कविता' कहा गया है। |
| टेक (आवृत्ति) | 'बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी। खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी॥' | गेयता, स्मरणीयता और वीर-भाव का पुनः-पुनः उद्घोष; लोकगाथा का स्वर। |
| ओज गुण और वीर रस | 'चमक उठी सन् सत्तावन में वह तलवार पुरानी थी।' | पाठक में जोश और साहस भरता है। |
| रूपक और प्रतीक | 'स्वतंत्रता-महायज्ञ'; 'बुझा दीप झाँसी का'; 'काली घटा' | क्रांति को यज्ञ, राजा की मृत्यु को दीप बुझना, दुर्भाग्य को घटा बताया। |
| अनुप्रास | 'बरछी, ढाल, कृपाण, कटारी'; 'तेज से तेज, तेज की' | ध्वनि-सौंदर्य और लय। |
| विरोधाभास/विपर्यय | 'रानी दासी बनी, बनी यह दासी अब महरानी थी' | अंग्रेज़ी शासन में उलटे हो गए हालात का तीखा चित्र। |
| सरल, प्रवाहपूर्ण भाषा | उर्दू-हिंदी के मिले शब्द: 'फिरंगी', 'ज़बानी', 'कुरबानी' | लोकप्रियता और सहज प्रभाव। |
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
बूढ़े भारत में भी आई फिर से नई जवानी थी
कवयित्री: पहला पद, 1857 का उभार।
पराधीन देश में स्वाभिमान और विद्रोह की नई ऊर्जा।
बरछी, ढाल, कृपाण, कटारी उसकी यही सहेली थी
कवयित्री: लक्ष्मीबाई का बचपन।
बचपन से ही वीर स्वभाव।
महलों ने दी आग, झोंपड़ी ने ज्वाला सुलगाई थी
कवयित्री: विद्रोह का फैलना।
सभी वर्गों की एकता।
अभी उम्र कुल तेइस की थी, मनुज नहीं अवतारी थी
कवयित्री: रानी की वीरगति के बाद।
कम आयु में असाधारण बलिदान।
तेरा स्मारक तू ही होगी, तू खुद अमिट निशानी थी।
कवयित्री: अंतिम पद।
रानी की अमर स्मृति।
सुभद्रा कुमारी चौहान – झाँसी की रानी in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
अन्याय के विरुद्ध साहस
मान लीजिए आपकी कक्षा में कुछ बड़े बच्चे छोटे बच्चों का टिफ़िन छीन लेते हैं और सब डर से चुप रहते हैं।
लक्ष्मीबाई के साहस से आप क्या करेंगे? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- रानी ने अन्याय के आगे सिर नहीं झुकाया।
- साहस से आवाज़ उठाना।
- मिलकर शिक्षक को बताना।
Answer: रानी ने अन्याय के आगे सिर नहीं झुकाया। मैं भी डरकर चुप रहने के बजाय साथियों को साथ लेकर यह बात शिक्षक को बताऊँगा, ताकि छोटे बच्चों के साथ अन्याय रुके।
Memory hook: चुप्पी अन्याय की साथी, साहस न्याय का।
एकता की शक्ति
कल्पना कीजिए कि आपके मोहल्ले की सड़क बहुत ख़राब है और हर परिवार अकेले शिकायत करके थक चुका है।
'महलों ने दी आग, झोंपड़ी ने ज्वाला सुलगाई' से आप क्या सीखेंगे? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- सब वर्ग मिले तो विद्रोह फैला।
- सब परिवार मिलकर।
- संयुक्त आवेदन।
Answer: 1857 में महल और झोंपड़ी मिलकर उठे, तभी विद्रोह फैला। हम भी सभी परिवार मिलकर हस्ताक्षर सहित संयुक्त आवेदन नगर निगम को देंगे; एकजुट आवाज़ जल्दी सुनी जाती है।
Memory hook: अकेली आवाज़ फुसफुसाहट, एक साथ गर्जना।
बलिदानियों को याद रखना
मान लीजिए आपके शहर में किसी स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा उपेक्षित पड़ी है।
'जाओ रानी याद रखेंगे हम कृतज्ञ भारत वासी' की भावना से आप क्या करेंगे? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- कृतज्ञता का भाव।
- स्थल की सफ़ाई, जानकारी-पट्ट।
- जयंती पर कार्यक्रम।
Answer: कवयित्री कहती हैं कि कृतज्ञ भारतवासी रानी को याद रखेंगे। मैं मित्रों के साथ प्रतिमा-स्थल की सफ़ाई करूँगा, सेनानी पर जानकारी-पट्ट लगवाऊँगा और जयंती पर छोटा कार्यक्रम रखूँगा।
Memory hook: याद रखना भी श्रद्धांजलि है।
Topics in this chapter
How the school exam asks सुभद्रा कुमारी चौहान – झाँसी की रानी
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| पठित काव्यांश पर बहुविकल्पी प्रश्न (1×5) | किसी पद को देकर: 'नई जवानी' का भाव (विद्रोह की चिंगारी), 'छबीली' से विशेषता (शोभायुक्त), 'बुझा दीप झाँसी का' का भावार्थ (राजा की आकस्मिक मृत्यु), 'स्वतंत्रता-महायज्ञ' किस घटना की ओर (1857 की क्रांति), 'यह' किसके लिए (ब्रिटिश राज)। | पद किस घटना का है, पहले पहचानें; फिर प्रतीकों का अर्थ। |
| लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक, 25-30 शब्द) | लक्ष्मीबाई के प्रिय खेल, 'काली घटा' का संकेत, 'महलों ने दी आग...' का महत्त्व, 'नीलाम छापते' का अर्थ, 'अवतारी' क्यों कहा। | पद की घटना और उसका भाव, एक-दो वाक्यों में। |
| कविता में कहानी (समय-रेखा) | लक्ष्मीबाई के जीवन की घटनाओं को क्रम से लिखना; 1857 के स्थान और वीर। | बचपन → विवाह → विधवा → हड़प → विद्रोह → वॉकर → कालपी → ग्वालियर → ह्यूरोज़ → वीरगति। |
| व्याकरण: अनेकार्थी शब्द | कविता के शब्दों (नाना, तीर, विधि, द्वंद्व, गोलों, तेज) के संदर्भ के अनुसार अर्थ। | पंक्ति पढ़कर संदर्भ वाला अर्थ चुनें: 'तीर' = बाण, 'विधि' = विधाता, 'तेज' = आभा। |
Tricks to remember सुभद्रा कुमारी चौहान – झाँसी की रानी
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
जीवन की समय-रेखा
बचपन (छबीली, नाना) → विवाह (झाँसी) → विधवा (बुझा दीप) → हड़प (डलहौज़ी) → विद्रोह (नाना, ताँतिया) → वॉकर भागा → कालपी (घोड़ा मरा) → ग्वालियर (सिंधिया भागे) → स्मिथ हारा → ह्यूरोज़, नाला → वीरगति (23 वर्ष)।
Use it when: कथात्मक प्रश्न और समय-रेखा के लिए।
अंग्रेज़ अधिकारी: डा-वॉ-स्मि-ह्यू
डलहौज़ी (हड़प), वॉकर (घायल होकर भागा), स्मिथ (हारा), ह्यूरोज़ (पीछे से घेरा)।
Use it when: नाम और भूमिका याद रखने के लिए।
1857 के वीर
ना-ताँ-अ-अ-कुँ: नाना धुंधूपंत, ताँतिया, अज़ीमुल्ला, अहमदशाह मौलवी, कुँवर सिंह।
Use it when: वीरों की सूची वाले प्रश्न के लिए।
सुभद्रा कुमारी चौहान – झाँसी की रानी: extract-based questions
Read the extract, answer every part on paper, then open the answers.
Extract 1: काव्यांश 1: सन् सत्तावन
सिंहासन हिल उठे, राजवंशों ने भृकुटी तानी थी,
बूढ़े भारत में भी आई फिर से नई जवानी थी,
गुमी हुई आजादी की कीमत सबने पहचानी थी,
दूर फ़िरंगी को करने की सबने मन में ठानी थी,
चमक उठी सन् सत्तावन में
वह तलवार पुरानी थी।
(1) · 1 mark · MCQ
'बूढ़े भारत में भी आई फिर से नई जवानी थी' में 'नई जवानी' किस भाव को व्यक्त करता है?
(क) देश का स्वाभिमान
(ख) विद्रोह की चिंगारी
(ग) स्वाधीनता का भय
(घ) भारत की युवावस्था(2) · 1 mark · MCQ
'फ़िरंगी' शब्द किसके लिए प्रयुक्त है?
(क) राजाओं के लिए
(ख) अंग्रेज़ों (विदेशियों) के लिए
(ग) सैनिकों के लिए
(घ) व्यापारियों के लिए(3) · 1 mark · MCQ
'राजवंशों ने भृकुटी तानी थी' का अर्थ है:
(क) राजवंश प्रसन्न हुए
(ख) राजवंश क्रोधित हुए
(ग) राजवंश सो गए
(घ) राजवंश डर गए(4) · 1 mark · MCQ
'चमक उठी सन् सत्तावन में वह तलवार पुरानी थी' किस घटना की ओर संकेत करता है?
(क) असहयोग आंदोलन
(ख) भारत छोड़ो आंदोलन
(ग) 1857 की क्रांति
(घ) सविनय अवज्ञा आंदोलन(5) · 1 mark · Assertion-reason
कथन (A): 1857 में देश-भर में विद्रोह भड़क उठा।
कारण (R): लोगों ने खोई हुई आज़ादी का मूल्य पहचान लिया था।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।
Show the answersAnswers
- (ख) विद्रोह की चिंगारी (नया जोश और उत्साह)।
- (ख) अंग्रेज़ों (विदेशियों) के लिए।
- (ख) राजवंश क्रोधित हुए।
- (ग) 1857 की क्रांति।
- (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
Extract 2: काव्यांश 2: अवतारी रानी
रानी गई सिधार, चिता अब उसकी दिव्य सवारी थी,
मिला तेज से तेज, तेज की वह सच्ची अधिकारी थी,
अभी उम्र कुल तेइस की थी, मनुज नहीं अवतारी थी,
हमको जीवित करने आई बन स्वतंत्रता नारी थी,
दिखा गई पथ, सिखा गई
हमको जो सीख सिखानी थी।
(1) · 1 mark · MCQ
'मिला तेज से तेज' का आशय है:
(क) रानी की आत्मा परम ज्योति में मिल गई
(ख) दो तलवारें टकराईं
(ग) घोड़ा तेज़ दौड़ा
(घ) सूर्य उदय हुआ(2) · 1 mark · MCQ
रानी को 'अवतारी' क्यों कहा गया?
(क) वे राजकुल में जन्मी थीं
(ख) कम आयु में असाधारण वीरता और बलिदान के कारण
(ग) वे धनी थीं
(घ) वे बहुत सुंदर थीं(3) · 1 mark · MCQ
वीरगति के समय रानी की आयु कितनी थी?
(क) अठारह वर्ष
(ख) तेइस वर्ष
(ग) तीस वर्ष
(घ) पैंतीस वर्ष(4) · 1 mark · MCQ
'हमको जीवित करने आई' का भाव है:
(क) रानी डॉक्टर थीं
(ख) रानी ने देशवासियों में स्वाभिमान और स्वतंत्रता की चेतना जगाई
(ग) रानी ने युद्ध रोका
(घ) रानी ने खेती सिखाई(5) · 1 mark · MCQ
'चिता अब उसकी दिव्य सवारी थी' में कौन-सा भाव है?
(क) शोक मात्र
(ख) मृत्यु का भी गौरवपूर्ण, दिव्य चित्रण
(ग) हास्य
(घ) भय
Show the answersAnswers
- (क) रानी की आत्मा परम ज्योति में मिल गई।
- (ख) कम आयु में असाधारण वीरता और बलिदान के कारण।
- (ख) तेइस वर्ष।
- (ख) रानी ने देशवासियों में स्वाभिमान और स्वतंत्रता की चेतना जगाई।
- (ख) मृत्यु का भी गौरवपूर्ण, दिव्य चित्रण।
सुभद्रा कुमारी चौहान – झाँसी की रानी: exam-level solved questions
Ordered from exam level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: लक्ष्मीबाई के खेल · 2 marks · Short answerExam level
लक्ष्मीबाई के प्रिय खेल कौन-से थे? उनका बचपन दूसरों से कैसे भिन्न था? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- नकली युद्ध, व्यूह-रचना, शिकार, सैन्य घेरना, दुर्ग तोड़ना।
- हथियार सहेलियाँ; शिवाजी की गाथाएँ।
Answer: नकली युद्ध, व्यूह-रचना, शिकार, सैन्य घेरना और दुर्ग तोड़ना उनके प्रिय खेल थे। गुड़ियों के बजाय बरछी, ढाल, कृपाण, कटारी उनकी सहेलियाँ थीं; उन्हें शिवाजी की गाथाएँ याद थीं।
Example 2: काली घटा · 2 marks · Short answerExam level
'किंतु कालगति चुपके-चुपके काली घटा घेर लाई' पंक्ति किस घटना की ओर संकेत करती है? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- विवाह के बाद सौभाग्य।
- राजा की आकस्मिक, निःसंतान मृत्यु।
- रानी विधवा; दुर्भाग्य।
Answer: विवाह के बाद महलों में सौभाग्य छाया था, पर काल ने चुपके से दुर्भाग्य की काली घटा घेर दी: राजा की निःसंतान मृत्यु हो गई और रानी विधवा हो गईं।
Example 3: एकता का महत्त्व · 2 marks · Short answerHarder exam level
'महलों ने दी आग, झोंपड़ी ने ज्वाला सुलगाई थी' का स्वतंत्रता-संग्राम के संदर्भ में क्या महत्त्व है? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- महल = राजा-रानी; झोंपड़ी = जनता।
- सभी वर्ग एक साथ।
- एकता से विद्रोह व्यापक।
Answer: महल (राजा-रानियाँ) और झोंपड़ी (आम जनता) दोनों ने मिलकर विद्रोह भड़काया। सभी वर्गों की इस एकता से संग्राम पूरे देश में फैला और अंग्रेज़ों के लिए बड़ी चुनौती बना।
Example 4: नीलामी का अर्थ · 2 marks · Short answerHarder exam level
'सरे-आम नीलाम छापते थे अंग्रेजों के अखबार' में 'नीलाम छापते' किसकी ओर संकेत करता है? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- रानियों-बेगमों के गहने-कपड़े।
- कलकत्ते के बाज़ार में नीलामी।
- अपमान; परदे की इज़्ज़त का बिकना।
Answer: राज्य हड़पने के बाद रानियों और बेगमों के गहने-कपड़े कलकत्ते के बाज़ार में नीलाम होते थे, और अंग्रेज़ों के अख़बार इसकी सूचना खुलेआम छापते थे। यह भारतीयों का घोर अपमान था।
Example 5: पीछे से घेराबंदी · 2 marks · Short answerHOTS / competency
विजय के बाद भी रानी कैसे घिर गईं? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- स्मिथ हारा, पर ह्यूरोज़ पीछे से आ गया।
- सामने नाला, नया घोड़ा अड़ा।
- अनेक शत्रुओं के वार।
Answer: जनरल स्मिथ हार गया था, पर ह्यूरोज़ पीछे से आ पहुँचा। सामने नाला आया और नया घोड़ा अड़ गया; इतने में सवार आ गए और अकेली रानी पर अनेक शत्रु वार करने लगे।
Example 6: आज की 'मर्दानी' · 2 marks · Short answerHOTS / competency
मान लीजिए आपको आज के समय की किसी साहसी स्त्री को 'झाँसी की रानी' की तरह सम्मानित करना है। आप किसे चुनेंगे और क्यों? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- आज हर क्षेत्र में स्त्रियाँ।
- साहस, नेतृत्व, देशसेवा।
- उदाहरण चुनकर कारण।
Answer: मैं वायुसेना की किसी महिला लड़ाकू पायलट को चुनूँगा, जो लक्ष्मीबाई की तरह साहस से देश की रक्षा करती है। वह दिखाती है कि वीरता किसी लिंग की नहीं, संकल्प की होती है।
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
लक्ष्मीबाई को 'अवतारी' क्यों कहा गया है? (25-30 शब्द) (2 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| विषय-वस्तु: केवल तेइस वर्ष की आयु में असाधारण वीरता, नेतृत्व, बलिदान; देशवासियों में स्वतंत्रता-चेतना जगाई; इसलिए मनुष्य नहीं, अवतारी। | 1 |
| अभिव्यक्ति: शुद्ध, संक्षिप्त भाषा। | 1 |
सूचना लेखन (लगभग 80 शब्द, 5 अंक) (5 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| प्रारूप: संस्था, 'सूचना', तिथि, शीर्षक, नाम-पद, बॉक्स। | 1 |
| विषय-वस्तु: आवश्यक विवरण। | 2 |
| प्रस्तुति: स्पष्टता और क्रम। | 1 |
| भाषा की शुद्धता और शब्द-सीमा। | 1 |
Where students lose marks in सुभद्रा कुमारी चौहान – झाँसी की रानी
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: रानी को नाना की सगी बहन बताना
'मुँहबोली' शब्द पर ध्यान न देना।
Wrong working
लक्ष्मीबाई नाना धुंधूपंत की सगी बहन थीं।
Right working
वे नाना की मुँहबोली बहन थीं और पिता की इकलौती संतान।
Do this: 'मुँहबोली बहन' याद रखें।
Usually costs: 1 अंक।
Mistake: वॉकर को रानी को मारने वाला बताना
अधिकारियों में भ्रम।
Wrong working
वॉकर ने रानी को घेरकर मारा।
Right working
वॉकर घायल होकर भागा; अंत में ह्यूरोज़ ने पीछे से घेरा।
Do this: डा-वॉ-स्मि-ह्यू क्रम याद रखें।
Usually costs: 1 अंक।
Mistake: 'बुझा दीप' को रानी की मृत्यु बताना
प्रसंग न देखना।
Wrong working
बुझा दीप = रानी की मृत्यु।
Right working
बुझा दीप = राजा की (निःसंतान) मृत्यु, जिसके बाद डलहौज़ी ने राज्य हड़पा।
Do this: पद की अगली पंक्ति (डलहौज़ी) देखें।
Usually costs: 1 अंक।
Mistake: कविता को 1942 के आंदोलन से जोड़ना
इतिहास में भ्रम।
Wrong working
कविता भारत छोड़ो आंदोलन पर है।
Right working
कविता 1857 की क्रांति पर है ('सन् सत्तावन')।
Do this: 'सत्तावन' = 1857।
Usually costs: 1 अंक।
Practice questions on सुभद्रा कुमारी चौहान – झाँसी की रानी
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQExam level
लक्ष्मीबाई को 'छबीली' कहना उनके व्यक्तित्व की किस विशेषता को दर्शाता है?
(क) विनम्रता
(ख) शोभायुक्त
(ग) सहिष्णुता
(घ) कठोरताHint
पाठ के अभ्यास का प्रश्न।
Answer
(ख) शोभायुक्त।
Q2 · 1 mark · MCQExam level
'बुझा दीप झाँसी का' पंक्ति का भावार्थ है:
(क) अंग्रेज़ों का झाँसी पर अधिकार
(ख) झाँसी राज्य की उम्मीदों का नष्ट होना
(ग) राजा की आकस्मिक मृत्यु होना
(घ) रानी के जीवन में उदासीHint
दीप = राजा।
Answer
(ग) राजा की आकस्मिक मृत्यु होना।
Q3 · 2 marks · Short answerExam level
रानी ने कालपी से ग्वालियर तक क्या-क्या किया? (25-30 शब्द)
Hint
सौ मील, घोड़ा, यमुना-तट, सिंधिया।
Answer
मूल्य-बिंदु: सौ मील लगातार चलकर कालपी पहुँचीं; घोड़ा थककर मर गया; यमुना-तट पर अंग्रेज़ों को हराया; ग्वालियर पर अधिकार; सिंधिया राजधानी छोड़कर भागे।
आदर्श उत्तर: रानी सौ मील चलकर कालपी पहुँचीं, जहाँ उनका थका घोड़ा गिरकर मर गया। यमुना-तट पर उन्होंने अंग्रेज़ों को हराया और ग्वालियर पर अधिकार किया; अंग्रेज़ों के मित्र सिंधिया भाग गए।
Q4 · 1 mark · MCQHarder exam level
'व्यापारी बन दया चाहता था जब यह भारत आया' में 'यह' किसके लिए है?
(क) नवाबों के लिए
(ख) जनरल डलहौज़ी के लिए
(ग) लेफ़्टिनेंट वॉकर के लिए
(घ) ब्रिटिश राज के लिएHint
ईस्ट इंडिया कंपनी व्यापारी बनकर आई।
Answer
(घ) ब्रिटिश राज के लिए।
Q5 · 1 mark · Very short answerHarder exam level
कविता में आए अनेकार्थी शब्दों के संदर्भ-अर्थ लिखिए: (क) 'तीर चलाने वाले कर में' – तीर (ख) 'विधि को भी नहीं दया आई' – विधि
Hint
पाठ का व्याकरण अभ्यास।
Answer
(क) तीर = बाण (ख) विधि = विधाता (भाग्य)।
Q6 · 2 marks · Short answerHarder exam level
कविता की टेक 'बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी' का क्या महत्त्व है? (25-30 शब्द)
Hint
लोकगाथा, गेयता।
Answer
मूल्य-बिंदु: बुंदेलखंड के लोक-गायक (हरबोले) रानी की गाथा गाते थे; कविता लोकगाथा का रूप लेती है; हर पद के बाद टेक से गेयता और वीर-भाव पर बल।
आदर्श उत्तर: बुंदेलखंड के हरबोले (लोक-गायक) रानी की गाथा गाते थे। टेक बताती है कि यह लोक में बसी कहानी है; हर पद के बाद इसकी आवृत्ति गेयता और वीर-भाव को बढ़ाती है।
Q7 · 1 mark · Assertion-reasonHOTS / competency
कथन (A): अंग्रेज़ों ने झाँसी को 'लावारिस' मानकर हड़प लिया।
कारण (R): रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेज़ों को आमंत्रित किया था।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।Hint
राजा निःसंतान मरे; डलहौज़ी ने अवसर देखा।
Answer
(ग) A सही है, R गलत है। राजा के निःसंतान मरने पर डलहौज़ी ने राज्य हड़पा; रानी ने अंग्रेज़ों को आमंत्रित नहीं किया था।
Q8 · 2 marks · Short answerHOTS / competency
आज लगभग हर क्षेत्र में महिलाएँ काम कर रही हैं। कविता के संदर्भ में बताइए कि लक्ष्मीबाई आज की लड़कियों के लिए कैसे प्रेरणा हैं। (25-30 शब्द)
Hint
साहस, आत्मविश्वास, नेतृत्व।
Answer
मूल्य-बिंदु: उस समय युद्ध पुरुषों का क्षेत्र माना जाता था; रानी ने नेतृत्व किया; साहस, आत्मविश्वास, अन्याय का विरोध; आज की लड़कियों के लिए हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा।
आदर्श उत्तर: जब युद्ध पुरुषों का क्षेत्र माना जाता था, तब रानी ने सेना का नेतृत्व किया। उनका साहस और आत्मविश्वास आज की लड़कियों को हर क्षेत्र में निडर होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
Q9 · 5 marks · Long answerHarder exam level
सूचना लेखन (लगभग 80 शब्द): विद्यालय की सांस्कृतिक समिति की ओर से 'झाँसी की रानी' कविता-पाठ प्रतियोगिता की सूचना लिखिए।
Hint
सूचना, शीर्षक, तिथि, विवरण, संपर्क।
Answer
मूल्य-बिंदु (सूचना लेखन): विद्यालय का नाम और 'सूचना'; तिथि; शीर्षक (कविता-पाठ प्रतियोगिता); प्रतियोगिता की तिथि, समय, स्थान; कौन भाग ले सकता है; नियम (समय-सीमा, वेशभूषा वैकल्पिक); पंजीकरण की अंतिम तिथि और संपर्क-शिक्षक; हस्ताक्षर, नाम, पद (सचिव, सांस्कृतिक समिति); बॉक्स में; लगभग 80 शब्द।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.कविता की कवयित्री?Show answer
सुभद्रा कुमारी चौहान।
2.कविता में नाना की मुँहबोली बहन लक्ष्मीबाई को किस नाम से पुकारा गया है?Show answer
छबीली।
3.लक्ष्मीबाई की कुल-देवी?Show answer
महाराष्ट्र-कुल-देवी भवानी।
4.झाँसी हड़पने वाला अंग्रेज़ अधिकारी?Show answer
डलहौज़ी।
5.घायल होकर कौन भागा?Show answer
लेफ़्टिनेंट वॉकर।
6.रानी कितने मील चलकर कालपी पहुँचीं?Show answer
सौ मील।
7.रानी की सखियाँ?Show answer
काना और मंदरा।
8.पीछे से आकर किसने घेरा?Show answer
ह्यूरोज़।
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप रानी के जीवन की दस घटनाएँ क्रम से लिख सकते हैं?
- क्या आप टेक का अर्थ और महत्त्व बता सकते हैं?
- क्या आप 'नई जवानी', 'बुझा दीप', 'काली घटा' के भाव लिख सकते हैं?
- क्या आप 1857 के पाँच वीरों और पाँच नगरों के नाम बता सकते हैं?
- क्या आप एकता वाली पंक्ति का महत्त्व समझा सकते हैं?
- क्या आप दो अनेकार्थी शब्दों के संदर्भ-अर्थ लिख सकते हैं?
सुभद्रा कुमारी चौहान – झाँसी की रानी: frequently asked questions
'झाँसी की रानी' कविता की कवयित्री कौन हैं?
सुभद्रा कुमारी चौहान। यह कविता कक्षा 9 की गंगा का ग्यारहवाँ पाठ है।
कविता किस ऐतिहासिक घटना की पृष्ठभूमि पर है?
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम (1857 की क्रांति) पर।
लक्ष्मीबाई को 'छबीली' क्यों कहा गया?
वे नाना धुंधूपंत की मुँहबोली बहन थीं और उन्हें प्यार से 'छबीली' कहा जाता था; यह उनके शोभायुक्त, सुंदर व्यक्तित्व को दर्शाता है।
'लावारिस का वारिस' बनकर ब्रिटिश राज झाँसी कैसे आया?
राजा के निःसंतान मरने पर डलहौज़ी ने राज्य को उत्तराधिकारी-विहीन मानकर हड़प लिया और दुर्ग पर अपना झंडा फहरा दिया।
रानी की वीरगति कैसे हुई?
ह्यूरोज़ के पीछे से आ जाने पर रानी घिर गईं। सामने नाला आया और नया घोड़ा अड़ गया; अनेक शत्रुओं के वारों से घायल होकर वे गिरीं और वीरगति पाई।
वीरगति के समय रानी की आयु कितनी थी?
कविता के अनुसार केवल तेइस वर्ष।
Based on: CBSE हिंदी पाठ्यक्रम, कक्षा नवीं (आर-1 और आर-2) 2026-27; NCERT गंगा, कक्षा 9 (मार्च 2026), पाठ 11: झाँसी की रानी