Skip to content
HindiCBSE Class 9 · Chapter 1

प्रेमचंद – दो बैलों की कथा Class 9: सारांश और प्रश्न

Updated 15 October 2026 · Fact-checked

'दो बैलों की कथा' प्रेमचंद की कहानी है, जो कक्षा 9 की पुस्तक गंगा का पहला पाठ है। झूरी के दो बैल हीरा और मोती अपने मालिक से बिछुड़कर कई कष्ट सहते हैं, पर अन्याय के आगे नहीं झुकते और अंत में घर लौट आते हैं। कहानी मित्रता, स्वाभिमान और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष का संदेश देती है।

What प्रेमचंद – दो बैलों की कथा is about

'दो बैलों की कथा' कथा सम्राट प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी है। यह एनसीईआरटी की नई पाठ्यपुस्तक गंगा (कक्षा 9) के गद्य खंड का पहला पाठ है। झूरी के दो बैल हीरा और मोती गहरे मित्र हैं। झूरी उन्हें अपने साले गया के यहाँ भेज देता है। वहाँ अपमान, सूखा भूसा और मार मिलती है। बैल बार-बार भागते हैं, एक छोटी अनाथ-सी लड़की की दया पाते हैं, साँड़ से लड़ते हैं, काँजीहौस में बंद होते हैं, वहाँ दीवार तोड़कर दूसरे जानवरों को मुक्त कराते हैं, नीलाम होते हैं और अंत में अपने घर लौट आते हैं।

पाठ-परिचय के अनुसार कहानी यह भी बताती है कि स्वतंत्रता सहज नहीं मिलती, उसके लिए बार-बार संघर्ष करना पड़ता है; इसलिए यह परोक्ष रूप से स्वतंत्रता आंदोलन की भावना से जुड़ी है। कक्षा 9 की वार्षिक परीक्षा विद्यालय लेता है। खंड ग (पाठ्यपुस्तक) के 30 अंक हैं, पर CBSE ने प्रश्नों का विभाजन नहीं दिया। इसलिए यहाँ कक्षा 10 हिंदी जैसे प्रश्न दिए गए हैं: पठित गद्यांश पर पाँच बहुविकल्पी प्रश्न और 25-30 शब्दों के 2 अंक वाले प्रश्न।

Weightage: कक्षा 9 की वार्षिक परीक्षा (80 अंक) विद्यालय लेता है। खंड ग (पाठ्यपुस्तक गंगा) के 30 अंक हैं, पर CBSE ने इस खंड के प्रश्नों का विभाजन नहीं दिया है। इसलिए यहाँ के प्रश्न कक्षा 10 हिंदी के प्रश्न-प्रकारों (पठित अंश पर बहुविकल्पी प्रश्न, 25-30 शब्दों के 2 अंक वाले प्रश्न) के ढाँचे पर बने हैं।Source: CBSE हिंदी पाठ्यक्रम, कक्षा नवीं 2026-27

प्रेमचंद – दो बैलों की कथा: summary

In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.

भूमिका: गधा और बैल। लेखक व्यंग्य से कहता है कि गधा अपनी सिधाई और सहनशीलता के कारण 'बेवकूफ' कहलाता है। सीधापन शायद संसार के लिए उपयुक्त नहीं। बैल उसका 'छोटा भाई' है, पर बैल कभी-कभी अपना असंतोष प्रकट कर देता है।

हीरा-मोती की मित्रता। झूरी के दो पछाईं बैल हीरा और मोती सुंदर, मेहनती और गहरे मित्र थे। वे मूक-भाषा में बात करते, एक-दूसरे को चाटकर प्रेम जताते और हल में जुतने पर ज़्यादा बोझ अपनी गरदन पर लेने की कोशिश करते।

गया के घर। झूरी ने बैलों को साले गया के घर भेजा। बैलों ने समझा कि उन्हें बेच दिया गया। रात को पगहे तुड़ाकर वे घर लौट आए। झूरी और गाँव के बच्चे खुश हुए, पर झूरी की पत्नी ने उन्हें 'नमकहराम' कहा और सूखा भूसा देने का आदेश दिया। दूसरी बार गया उन्हें ले गया, मोटी रस्सियों से बाँधा, मारा और सूखा भूसा दिया। बैलों ने काम करने से इनकार किया। मोती गुस्से में हल लेकर भागा, पर हीरा ने समझाया कि मारना उनकी जाति का धर्म नहीं। गया के घर की एक छोटी लड़की, जिसकी सौतेली माँ उसे मारती थी, रात को उन्हें रोटियाँ खिलाती थी। एक रात उसी ने उनके गराँव खोल दिए और फिर शोर मचाया ताकि उस पर संदेह न हो।

साँड़ से लड़ाई और काँजीहौस। भागते हुए बैल राह भूल गए। एक मतवाले साँड़ से दोनों ने मिलकर लड़ाई की और उसे भगा दिया। मोती गिरे हुए साँड़ को मारना चाहता था, पर हीरा ने कहा कि गिरे हुए बैरी पर सींग न चलाना चाहिए। मटर के खेत में चरते हुए मोती पकड़ा गया और हीरा भी मित्र को छोड़कर न भागा। दोनों काँजीहौस में बंद हुए, जहाँ जानवर भूखे पड़े थे। हीरा ने दीवार पर सींग मारे, उसे बाँध दिया गया। मोती ने दीवार गिरा दी; घोड़ियाँ, बकरियाँ और भैंसें भाग गईं। मोती ने डरे हुए गधों को भी सींगों से बाहर निकाला, पर स्वयं बँधे मित्र को छोड़कर नहीं गया।

नीलामी और घर-वापसी। एक सप्ताह भूखे रहने के बाद बैल नीलाम हुए और एक कठोर दढ़ियल कसाई ने उन्हें खरीदा। रास्ते में परिचित राह पहचानकर वे दौड़कर झूरी के थान पर पहुँचे। झूरी ने उन्हें गले लगाया। दढ़ियल ने उन्हें ले जाना चाहा, तो मोती ने उसे गाँव के बाहर तक खदेड़ दिया। नाँदों में खली, भूसा, चोकर और दाना भर दिया गया और मालकिन ने भी आकर उनके माथे चूम लिए।

केंद्रीय भाव: सच्ची मित्रता, स्वाभिमान और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष से ही स्वतंत्रता मिलती है। साथ ही, सिधाई और सहनशीलता का भी अपना मूल्य है, यदि उसमें आत्मसम्मान बना रहे।

Themes and message

स्वतंत्रता के लिए संघर्ष

हीरा-मोती गुलामी जैसी स्थिति स्वीकार नहीं करते। वे बार-बार रस्सियाँ तोड़ते, काम से इनकार करते और भागते हैं। पाठ-परिचय कहता है कि कहानी परोक्ष रूप से स्वतंत्रता आंदोलन की भावना से जुड़ी है: आज़ादी के लिए बार-बार संघर्ष करना पड़ता है।

From the text: 'जब पेट भर गया और दोनों ने आजादी का अनुभव किया...' और काँजीहौस की दीवार तोड़ने का प्रसंग।

अटूट मित्रता

दोनों बैल हर सुख-दुख में साथ रहते हैं। खेत में मोती पकड़ा गया तो हीरा लौट आया, और काँजीहौस में हीरा बँधा था तो मोती भागने के बजाय उसके पास रुक गया।

From the text: 'हम और तुम इतने दिनों एक साथ रहे हैं। आज तुम विपत्ति में पड़ गए, तो मैं तुम्हें छोड़कर अलग हो जाऊँ।'

नैतिकता और धर्म-बोध

हीरा बार-बार मोती को नैतिक सीमा याद दिलाता है: मारना जाति का धर्म नहीं, स्त्री पर सींग नहीं चलाना, गिरे हुए बैरी पर वार नहीं करना। संघर्ष में भी मर्यादा बनी रहती है।

From the text: 'गिरे हुए बैरी पर सींग न चलाना चाहिए।'

सीधेपन पर व्यंग्य

आरंभ में लेखक गधे और भारतवासियों के उदाहरण से कहता है कि सीधे और सहनशील लोगों का संसार में अनादर होता है। अंत में बैलों के संवाद में भी यही बात आती है कि उनकी जान को कोई जान नहीं समझता, क्योंकि वे सीधे हैं।

From the text: 'कदाचित सीधापन संसार के लिए उपयुक्त नहीं है।' और 'इसीलिए कि हम इतने सीधे हैं।'

करुणा और मनुष्य-पशु संबंध

झूरी का बैलों से प्रेम, छोटी लड़की की रोटियाँ और अंत में मालकिन का माथे चूमना दिखाते हैं कि पशु भी प्रेम और अपमान को पहचानते हैं। प्रेमचंद पशुओं को भी मनुष्य जैसी संवेदना देते हैं।

From the text: 'उस एक रोटी से इनकी भूख तो क्या शांत होती; पर दोनों के हृदय को मानो भोजन मिल गया।'

Characters

हीरा

झूरी का शांत, समझदार बैल; मोती का मित्र।

  • धैर्यवान और सहनशील
  • नैतिक और विवेकी: मर्यादा की बात करता है
  • साहसी: काँजीहौस की दीवार पर पहले चोट करता है
  • परोपकारी: दूसरे जानवरों की जान बचाने की सोचता है
  • सच्चा मित्र: संकट में मोती को नहीं छोड़ता

'नहीं। हमारी जाति का यह धर्म नहीं है।'; 'सोचो, दीवार खुद जाती तो कितनी जानें बच जातीं।'

मोती

झूरी का दूसरा बैल; उग्र स्वभाव का पर सच्चा मित्र।

  • उग्र और विद्रोही: अन्याय पर तुरंत क्रोधित
  • साहसी: दढ़ियल को गाँव के बाहर तक खदेड़ता है
  • त्यागी और वफ़ादार: मित्र के लिए मार खाने को तैयार
  • परोपकारी: गधों को भी बाहर निकालता है

'मुझे मारेगा, तो मैं भी एक-दो को गिरा दूँगा!'; 'तुम मुझे इतना स्वार्थी समझते हो, हीरा?'

झूरी

बैलों का मालिक, एक किसान।

  • पशु-प्रेमी: बैलों को फूल की छड़ी से भी न छूता था
  • न्यायप्रिय: पत्नी के 'नमकहराम' कहने का विरोध करता है

'झूरी इन्हें फूल की छड़ी से भी न छूता था।'

छोटी लड़की (भैरो की बेटी)

गया के घर की लड़की, जिसकी माँ मर चुकी थी और सौतेली माँ उसे मारती थी।

  • दयालु: रात को बैलों को रोटियाँ खिलाती है
  • समझदार और साहसी: बैलों को खोल देती है और फिर शोर मचाती है

'खोले देती हूँ। चुपके से भाग जाओ, नहीं तो यहाँ लोग तुम्हें मार डालेंगे।'

गया और दढ़ियल

बैलों पर अत्याचार करने वाले पात्र।

  • गया: निर्दयी, मारता है और सूखा भूसा देता है
  • दढ़ियल: कठोर कसाई, लाल आँखें, डंडे से हाँकता है

'एक बार जब उस निर्दयी ने हीरा की नाक पर खूब डंडे जमाए...'

How it is written

DeviceExampleEffect
मानवीकरणबैलों का मूक-भाषा में संवाद करना, धर्म और मर्यादा की बातें करनापशुओं में मनुष्य जैसी चेतना दिखाकर कहानी पाठक के मन को छू लेती है।
व्यंग्यगधे की सिधाई और भारतवासियों के अनादर का उदाहरणसीधे और सहनशील लोगों के प्रति संसार के अन्याय पर चोट करता है।
मुहावरेदार भाषादाँतों पसीना आना, नौ-दो-ग्यारह होना, जान हथेली पर लेना, जान से हाथ धोनाभाषा जीवंत और लोक से जुड़ी बनती है।
चित्रात्मकता'घुटने तक पाँव कीचड़ से भरे हैं' और 'दोनों सिर झुकाकर उसका हाथ चाटने लगे। दोनों की पूँछें खड़ी हो गईं।'पढ़ते समय आँखों के सामने दृश्य बन जाता है (पाठ के अभ्यास में भी यह विशेषता बताई गई है)।
प्रतीकात्मकताहीरा-मोती का संघर्षपराधीन भारतीय जनता के स्वतंत्रता-संघर्ष का प्रतीक माना जा सकता है।

Key quotations

Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.

  • कदाचित सीधापन संसार के लिए उपयुक्त नहीं है।

    लेखक: कहानी के आरंभ में गधे की सिधाई पर टिप्पणी।

    कहानी का व्यंग्यात्मक स्वर तय करता है।

  • बैल नहीं हैं वे, उस जनम के आदमी हैं।

    गाँव का एक बालक: पहली बार बैलों के लौट आने पर।

    बैलों की समझ और स्वामिभक्ति की प्रशंसा।

  • नहीं। हमारी जाति का यह धर्म नहीं है।

    हीरा: जब मोती गया और उसके साथियों पर वार करना चाहता है।

    हीरा का संयम और नैतिकता।

  • गिरे हुए बैरी पर सींग न चलाना चाहिए।

    हीरा: साँड़ को हराने के बाद।

    शत्रु के प्रति भी मर्यादा का भाव।

  • तुम मुझे इतना स्वार्थी समझते हो, हीरा?

    मोती: काँजीहौस में, जब हीरा उसे अकेले भाग जाने को कहता है।

    मोती की सच्ची मित्रता और त्याग।

  • इतना तो हो ही गया कि नौ-दस प्राणियों की जान बच गई।

    मोती: दीवार तोड़कर जानवरों को मुक्त कराने के बाद।

    परोपकार का भाव; स्वयं मार खाकर भी संतोष।

प्रेमचंद – दो बैलों की कथा in real life

Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.

संकट में मित्र का साथ

मान लीजिए आपके मित्र पर कक्षा में ऐसी गलती का आरोप लगता है जो आप दोनों ने मिलकर की थी, और शिक्षक केवल उसे सज़ा देने वाले हैं।

मोती के व्यवहार से आपको क्या करना चाहिए? (25-30 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. मोती ने बँधे हीरा को नहीं छोड़ा।
  2. सच्चा मित्र ज़िम्मेदारी बाँटता है।
  3. सच स्वीकार करना।

Answer: मोती ने बँधे हीरा को छोड़कर भागना स्वीकार नहीं किया। उसी तरह मुझे भी शिक्षक के सामने सच स्वीकार करके अपने हिस्से की सज़ा लेनी चाहिए, मित्र को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए।

Memory hook: सच्चा मित्र बंधन में भी साथ रहता है।

संगठित प्रयास की शक्ति

कल्पना कीजिए कि आपकी गली में बड़ा कूड़े का ढेर है और अकेले कोई उसे हटाने की हिम्मत नहीं करता।

साँड़ वाले प्रसंग से क्या सीख लेंगे? (25-30 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. अकेला बैल साँड़ से नहीं जीत सकता था।
  2. दोनों ने मिलकर आगे-पीछे से वार किया।
  3. मिलकर काम करने से बड़ी समस्या हल होती है।

Answer: हीरा-मोती अकेले साँड़ से नहीं जीत सकते थे, पर मिलकर उसे भगा दिया। मैं भी पड़ोसियों को इकट्ठा करके सफ़ाई अभियान चलाऊँगा; मिलकर किया गया काम बड़ी समस्या हल कर देता है।

Memory hook: एक सींग कमज़ोर, दो सींग ज़ोरदार।

भय अवसर छीन लेता है

मान लीजिए आपको विद्यालय की वाद-विवाद प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिला है, पर हारने के डर से आप नाम नहीं दे रहे।

काँजीहौस के गधों से आप क्या सीखेंगे? (25-30 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. दीवार गिरने पर भी गधे डर से नहीं भागे।
  2. डर ने उन्हें बंधन में रखा।
  3. डर छोड़कर अवसर पकड़ना।

Answer: दीवार गिरने पर भी गधे पकड़े जाने के डर से खड़े रहे और अवसर गँवाते रहे। मैं ऐसी भूल नहीं करूँगा; हार-जीत की चिंता छोड़कर प्रतियोगिता में भाग लूँगा।

Memory hook: डर की दीवार गिराओ, अवसर अपने आप खुलेगा।

Topics in this chapter

How the school exam asks प्रेमचंद – दो बैलों की कथा

The question patterns to expect, and the method that works for each.

Question typeHow it is askedMethod
पठित गद्यांश पर बहुविकल्पी प्रश्न (1×5)कहानी का कोई अंश देकर पाँच MCQ: किसी कथन का आशय, पात्र का गुण, घटना का कारण, किसी शब्द या मुहावरे का अर्थ और एक कथन-कारण प्रश्न।पहचानें कि अंश कहानी के किस मोड़ का है (गया का घर, साँड़, काँजीहौस, नीलामी)। विकल्प केवल गद्यांश और पाठ के तथ्य से चुनें।
कथन-कारण प्रश्नजैसे कथन: बैलों ने नए स्थान पर नाँद में मुँह नहीं डाला। कारण: उन्हें लगा कि मालिक ने उन्हें बेच दिया है।पहले कथन और कारण को अलग-अलग पाठ से जाँचें, फिर देखें कि कारण सच में कथन की व्याख्या करता है या नहीं।
लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक, 25-30 शब्द)बैलों ने काम करने से इनकार क्यों किया, छोटी लड़की और मालकिन के व्यवहार की तुलना, गधों के न भागने का कारण, कहानी को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ना।पहले वाक्य में सीधा उत्तर दें, दूसरे में पाठ का एक प्रमाण। 30 शब्दों के आस-पास रुकें।
मूल्यपरक और अनुभव आधारित प्रश्न'अत्याचार सहना भी अन्याय में भागीदारी है'; हीरा या मोती, किसके विचार से सहमत हैं; मित्र के साथ संकट का सामना।स्पष्ट राय दें, कहानी की एक घटना से जोड़ें और अपने जीवन का छोटा उदाहरण दें।
व्याकरण और लेखन (खंड ख, घ)पाठ के मुहावरे (आर-2 में मुहावरे पाठ्यपुस्तक के आधार पर पूछे जाते हैं), संज्ञा-विशेषण पहचान, हीरा-मोती का संवाद लेखन।मुहावरे का अर्थ लिखकर वाक्य में ऐसा प्रयोग करें कि अर्थ स्पष्ट हो।

Tricks to remember प्रेमचंद – दो बैलों की कथा

Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.

  • कहानी के सात पड़ाव

    झूरी → गया (पहली बार) → घर वापसी → गया (दूसरी बार, लड़की) → साँड़ → काँजीहौस → नीलामी और घर।

    Use it when: घटनाओं का क्रम याद रखने के लिए।

  • हीरा = धीरा, मोती = जोशी

    हीरा धैर्य और मर्यादा का, मोती जोश और विद्रोह का प्रतीक।

    Use it when: चरित्र-चित्रण और तुलना वाले प्रश्नों में।

  • हीरा के तीन नियम

    जाति का धर्म नहीं (मारना), औरत जात पर सींग नहीं, गिरे बैरी पर सींग नहीं।

    Use it when: नैतिकता वाले प्रश्नों में उदाहरण के लिए।

प्रेमचंद – दो बैलों की कथा: extract-based questions

Read the extract, answer every part on paper, then open the answers.

Extract 1: गद्यांश 1: छोटी लड़की की दया

आज दोनों के सामने फिर वही सूखा भूसा लाया गया। दोनों चुपचाप खड़े रहे। घर के लोग भोजन करने लगे। उस वक्त एक छोटी-सी लड़की दो रोटियाँ लिए निकली और दोनों के मुँह में देकर चली गई। उस एक रोटी से इनकी भूख तो क्या शांत होती; पर दोनों के हृदय को मानो भोजन मिल गया।

  1. (1) · 1 mark · MCQ

    बैलों के सामने फिर से क्या लाया गया?
    (क) खली और चोकर
    (ख) सूखा भूसा
    (ग) हरी घास
    (घ) दाना

  2. (2) · 1 mark · MCQ

    'दोनों के हृदय को मानो भोजन मिल गया' का आशय है:
    (क) उनका पेट भर गया
    (ख) लड़की के प्रेम से उन्हें मन की तृप्ति मिली
    (ग) उन्हें और रोटियाँ चाहिए थीं
    (घ) वे बीमार हो गए

  3. (3) · 1 mark · MCQ

    लड़की को बैलों से आत्मीयता क्यों हो गई थी?
    (क) वह बैलों की मालकिन थी
    (ख) उसकी सौतेली माँ उसे मारती थी, इसलिए वह दुखियों का दुख समझती थी
    (ग) उसे खेती पसंद थी
    (घ) झूरी ने उसे कहा था

  4. (4) · 1 mark · Assertion-reason

    कथन (A): बैलों ने सूखा भूसा नहीं खाया।
    कारण (R): वे अपमान और अन्याय से आहत थे।
    (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
    (ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
    (ग) A सही है, R गलत है।
    (घ) A गलत है, R सही है।

  5. (5) · 1 mark · MCQ

    गद्यांश में बैलों का कौन-सा भाव प्रकट होता है?
    (क) लालच
    (ख) स्वाभिमान और प्रेम की भूख
    (ग) आलस्य
    (घ) डर

Show the answersAnswers
  1. (ख) सूखा भूसा।
  2. (ख) लड़की के प्रेम से उन्हें मन की तृप्ति मिली।
  3. (ख) उसकी सौतेली माँ उसे मारती थी, इसलिए वह दुखियों का दुख समझती थी।
  4. (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
  5. (ख) स्वाभिमान और प्रेम की भूख।

Extract 2: गद्यांश 2: काँजीहौस में मोती की मित्रता

मोती ने आँखों में आँसू लाकर कहा− “तुम मुझे इतना स्वार्थी समझते हो, हीरा? हम और तुम इतने दिनों एक साथ रहे हैं। आज तुम विपत्ति में पड़ गए, तो मैं तुम्हें छोड़कर अलग हो जाऊँ।”
हीरा ने कहा− “बहुत मार पड़ेगी। लोग समझ जाएँगे यह तुम्हारी शरारत है।”

  1. (1) · 1 mark · MCQ

    हीरा किस विपत्ति में था?
    (क) वह बीमार था
    (ख) उसे मोटी रस्सी से बाँध दिया गया था
    (ग) वह खो गया था
    (घ) उसे बेच दिया गया था

  2. (2) · 1 mark · MCQ

    मोती की आँखों में आँसू क्यों आ गए?
    (क) उसे मार पड़ी थी
    (ख) हीरा ने उसे अकेले भाग जाने को कहा, जिससे उसे लगा कि हीरा उसे स्वार्थी समझता है
    (ग) वह भूखा था
    (घ) उसे घर की याद आई

  3. (3) · 1 mark · MCQ

    गद्यांश से मोती का कौन-सा गुण प्रकट होता है?
    (क) स्वार्थ
    (ख) मित्र के प्रति वफ़ादारी
    (ग) कायरता
    (घ) क्रोध

  4. (4) · 1 mark · MCQ

    हीरा को किस बात की चिंता थी?
    (क) कि मोती रास्ता भूल जाएगा
    (ख) कि दीवार तोड़ने के कारण मोती को बहुत मार पड़ेगी
    (ग) कि उसे खाना नहीं मिलेगा
    (घ) कि गधे भाग जाएँगे

  5. (5) · 1 mark · MCQ

    'विपत्ति' शब्द का अर्थ है:
    (क) सुख
    (ख) संकट
    (ग) यात्रा
    (घ) उत्सव

Show the answersAnswers
  1. (ख) उसे मोटी रस्सी से बाँध दिया गया था।
  2. (ख) हीरा ने उसे अकेले भाग जाने को कहा, जिससे उसे लगा कि हीरा उसे स्वार्थी समझता है।
  3. (ख) मित्र के प्रति वफ़ादारी।
  4. (ख) कि दीवार तोड़ने के कारण मोती को बहुत मार पड़ेगी।
  5. (ख) संकट।

प्रेमचंद – दो बैलों की कथा: exam-level solved questions

Ordered from exam level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.

Example 1: नए मालिक के यहाँ काम से इनकार · 2 marks · Short answerExam level

गया के घर बैलों ने काम करने से इनकार क्यों किया? (25-30 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. उन्हें लगा कि झूरी ने उन्हें बेच दिया है।
  2. गया ने मारा, बाँधा और सूखा भूसा दिया।
  3. अपमान के विरोध में उन्होंने पाँव न उठाए।

Answer: बैलों को लगा कि झूरी ने उन्हें बेच दिया है। गया ने उन्हें मारा, मोटी रस्सियों से बाँधा और सूखा भूसा दिया। इस अपमान के विरोध में उन्होंने काम करने से इनकार किया।

Example 2: छोटी लड़की और मालकिन · 2 marks · Short answerExam level

कहानी में छोटी लड़की और मालकिन के व्यवहार की तुलना कीजिए। (25-30 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. लड़की: शुरू से दयालु, रोटियाँ, बैलों को खोलना।
  2. मालकिन: पहले 'नमकहराम' कहा, सूखा भूसा।
  3. अंत में मालकिन ने माथे चूमे।

Answer: छोटी लड़की शुरू से दयालु थी; वह रोटियाँ खिलाती है और बैलों को खोल देती है। मालकिन पहले उन्हें 'नमकहराम' कहकर सूखा भूसा दिलवाती है, पर अंत में उनके माथे चूम लेती है।

Example 3: गधे क्यों नहीं भागे · 2 marks · Short answerHarder exam level

काँजीहौस की दीवार गिरने पर भी गधे क्यों नहीं भागे? इससे क्या सीख मिलती है? (25-30 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. उन्हें फिर पकड़े जाने का डर था।
  2. भय अवसर मिलने पर भी जकड़े रखता है।
  3. मोती ने उन्हें बाहर निकाला।

Answer: गधों को डर था कि भागकर फिर पकड़ लिए जाएँगे, इसलिए वे वहीं खड़े रहे। सीख यह है कि भय और संकोच अवसर मिलने पर भी इंसान को आगे बढ़ने नहीं देते।

Example 4: स्वतंत्रता या अपनापन · 2 marks · Short answerHarder exam level

हीरा-मोती 'स्वतंत्रता' और 'अपनापन' में से किस भावना से अधिक प्रेरित थे? कारण सहित लिखिए। (25-30 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. बंधन तोड़ना, आज़ादी का अनुभव: स्वतंत्रता।
  2. हर बार झूरी के घर लौटना: अपनापन।
  3. दोनों भाव जुड़े हुए; अपना निर्णय।

Answer: दोनों भाव साथ हैं, पर अपनापन अधिक दिखता है। वे बंधन तोड़कर आज़ादी चाहते हैं, फिर भी हर बार झूरी के घर ही लौटते हैं, जहाँ उन्हें प्रेम और सम्मान मिलता था।

Example 5: हीरा या मोती: किसका विचार सही? · 2 marks · Short answerHOTS / competency

'गिरे हुए बैरी पर सींग न चलाना चाहिए' (हीरा) और 'बैरी को ऐसा मारना चाहिए कि फिर न उठे' (मोती)। आप किसके विचार से सहमत हैं? (25-30 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. हीरा: मर्यादा और दया।
  2. मोती: सुरक्षा की चिंता।
  3. अपनी राय कारण सहित।

Answer: मैं हीरा से सहमत हूँ। हारे हुए शत्रु पर वार करना क्रूरता है; बचाव ज़रूरी है, बदला नहीं। संघर्ष में भी मर्यादा बनी रहे, तभी जीत सच्ची और सम्मानजनक होती है।

Example 6: स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीक · 2 marks · Short answerHOTS / competency

मान लीजिए आपको 'दो बैलों की कथा' को स्वतंत्रता आंदोलन के प्रतीक के रूप में कक्षा में समझाना है। हीरा-मोती, गया और काँजीहौस किसके प्रतीक होंगे? (25-30 शब्द)

Try it first, then show the solutionSolution
  1. हीरा-मोती: संघर्ष करती भारतीय जनता।
  2. गया और दढ़ियल: अन्यायी शासन।
  3. काँजीहौस: पराधीनता का बंधन।

Answer: हीरा-मोती स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करती भारतीय जनता के प्रतीक हैं, गया और दढ़ियल अन्यायपूर्ण शासन के, और काँजीहौस पराधीनता का, जिसकी दीवार संगठित प्रयास से टूटती है।

Where the marks are

How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.

काँजीहौस में मोती ने हीरा को छोड़कर भागना क्यों स्वीकार नहीं किया? (25-30 शब्द) (2 marks)

StepMarks
विषय-वस्तु: मित्र विपत्ति में था; इतने दिन साथ रहे; छोड़ना स्वार्थ होता; मार खाने को तैयार।1
अभिव्यक्ति: शुद्ध भाषा, शब्द-सीमा में।1

संवाद लेखन: हीरा-मोती का संवाद (लगभग 80 शब्द, 5 अंक) (5 marks)

StepMarks
प्रारूप: पात्रों के नाम, संवादों का क्रम।1
विषय-वस्तु: कहानी से जुड़ी घटनाएँ और भाव।2
पात्रों के स्वभाव के अनुरूप भाषा और समापन।1
भाषा की शुद्धता।1

Where students lose marks in प्रेमचंद – दो बैलों की कथा

The slips examiners see most often, and what to write instead.

  • Mistake: झूरी ने बैलों को बेच दिया, ऐसा लिखना

    बैलों की सोच को तथ्य मान लेना।

    Wrong working

    झूरी ने हीरा-मोती को गया को बेच दिया।

    Right working

    झूरी ने बैलों को साले गया के घर भेजा था; बैलों ने समझा कि उन्हें बेच दिया गया।

    Do this: कहानी के तथ्य और पात्रों की धारणा में अंतर करें।

    Usually costs: 1-2 अंक।

  • Mistake: दीवार हीरा ने गिराई, ऐसा लिखना

    क्रम भूल जाना।

    Wrong working

    हीरा ने दीवार गिराकर सबको भगा दिया।

    Right working

    हीरा ने पहले चोटें कीं और बाँध दिया गया; दीवार मोती ने गिराई।

    Do this: काँजीहौस का प्रसंग क्रम से याद करें।

    Usually costs: 1 अंक।

  • Mistake: छोटी लड़की को झूरी की बेटी बताना

    पात्रों में भ्रम।

    Wrong working

    झूरी की बेटी ने बैलों को रोटियाँ दीं।

    Right working

    लड़की गया के घर की थी; वह भैरो की बेटी थी और उसकी सौतेली माँ उसे मारती थी।

    Do this: लड़की = गया का घर।

    Usually costs: 1 अंक।

  • Mistake: 25-30 शब्दों के प्रश्न में पूरी कहानी लिख देना

    अधिक लिखने से अधिक अंक की गलत धारणा।

    Wrong working

    बैलों के काम न करने के प्रश्न में आरंभ से अंत तक कहानी।

    Right working

    दो वाक्य: कारण और एक प्रमाण।

    Do this: पहले उत्तर, फिर एक प्रमाण, फिर रुकें।

    Usually costs: समय और अभिव्यक्ति के अंक।

Practice questions on प्रेमचंद – दो बैलों की कथा

Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.

  1. Q1 · 1 mark · MCQExam level

    हीरा और मोती किस जाति के बैल थे?
    (क) नागौरी
    (ख) पछाईं
    (ग) देसी
    (घ) हरियाणवी

    Hint

    कहानी के आरंभ में।

    Answer

    (ख) पछाईं।

  2. Q2 · 2 marks · Short answerExam level

    झूरी की पत्नी ने बैलों को 'नमकहराम' क्यों कहा? (25-30 शब्द)

    Hint

    पहली बार लौटने का प्रसंग।

    Answer

    मूल्य-बिंदु: बैल गया के घर एक दिन भी काम किए बिना भाग आए; उसे लगा वे कामचोर हैं; उसने सूखा भूसा देने का आदेश दिया।

    आदर्श उत्तर: बैल गया के घर एक दिन भी काम किए बिना भाग आए थे। झूरी की पत्नी को लगा कि वे कामचोर और कृतघ्न हैं, इसलिए उसने उन्हें 'नमकहराम' कहा।

  3. Q3 · 2 marks · Short answerExam level

    बैलों का घर लौट आना गाँव के लिए महत्त्वपूर्ण घटना क्यों थी? (25-30 शब्द)

    Hint

    बाल-सभा और अभिनंदन-पत्र।

    Answer

    मूल्य-बिंदु: बैल पगहे तोड़कर दूर से अकेले लौटे; उनकी स्वामिभक्ति और समझ; बच्चों ने स्वागत किया, अभिनंदन-पत्र का निश्चय; 'उस जनम के आदमी'।

    आदर्श उत्तर: बैल मज़बूत पगहे तोड़कर इतनी दूर से अकेले लौटे थे। उनकी स्वामिभक्ति देखकर बच्चों ने तालियाँ बजाईं और उन्हें अभिनंदन-पत्र देने का निश्चय किया।

  4. Q4 · 2 marks · Short answerHarder exam level

    निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए: (क) दाँतों पसीना आना (ख) नौ-दो-ग्यारह होना

    Hint

    पाठ में गया और मोती के प्रसंग देखें।

    Answer

    मूल्य-बिंदु: सही अर्थ; अर्थ स्पष्ट करने वाला वाक्य।

    आदर्श उत्तर: (क) बहुत कठिनाई होना: भारी संदूक सीढ़ियों पर चढ़ाने में मुझे दाँतों पसीना आ गया। (ख) भाग जाना: पुलिस को देखते ही चोर नौ-दो-ग्यारह हो गया।

  5. Q5 · 2 marks · Short answerHarder exam level

    'कभी-कभी संघर्ष करना आवश्यक हो जाता है' – कहानी के दो उदाहरणों से सिद्ध कीजिए। (25-30 शब्द)

    Hint

    साँड़ और काँजीहौस।

    Answer

    मूल्य-बिंदु: साँड़ से मिलकर लड़ना, न लड़ते तो जान जाती; काँजीहौस की दीवार तोड़ना, जिससे कई जानवर बचे; अन्याय के आगे झुकने से इनकार।

    आदर्श उत्तर: साँड़ से मिलकर न लड़ते तो जान जाती। काँजीहौस में दीवार तोड़कर ही बैलों ने भूख से मरते कई जानवरों को बचाया। संघर्ष से ही मुक्ति मिली।

  6. Q6 · 1 mark · Assertion-reasonHarder exam level

    कथन (A): मोती ने दढ़ियल को गाँव के बाहर तक खदेड़ दिया।
    कारण (R): वह बैलों को ज़बरदस्ती ले जाना चाहता था।
    (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
    (ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
    (ग) A सही है, R गलत है।
    (घ) A गलत है, R सही है।

    Hint

    अंतिम प्रसंग।

    Answer

    (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।

  7. Q7 · 2 marks · Short answerHOTS / competency

    'अत्याचार सहना भी अन्याय में भागीदारी है।' क्या आप इस कथन से सहमत हैं? कहानी के आधार पर उत्तर दीजिए। (25-30 शब्द)

    Hint

    बैलों का काम से इनकार और गधों का डर।

    Answer

    मूल्य-बिंदु: सहमति; बैलों ने अत्याचार चुपचाप नहीं सहा; गधे डर से रुके रहे, यानी बंधन स्वीकार किया; विरोध से ही बदलाव; मर्यादित विरोध।

    आदर्श उत्तर: हाँ, सहमत हूँ। हीरा-मोती ने मार और सूखे भूसे के विरोध में काम छोड़ा, जबकि डरे गधे बंधन में ही रुके रहे। चुप रहना अत्याचारी को और बल देता है।

  8. Q8 · 2 marks · Short answerHOTS / competency

    मान लीजिए आप वह छोटी लड़की होते। आप बैलों की मदद किस प्रकार करते? (25-30 शब्द)

    Hint

    दया के साथ समझदारी।

    Answer

    मूल्य-बिंदु: रोटियाँ खिलाना; बड़ों से उनके साथ अच्छा व्यवहार करने की बात करना; ज़रूरत पड़ने पर मुक्त करना; स्वयं को भी सुरक्षित रखना।

    आदर्श उत्तर: मैं भी उन्हें रोटियाँ खिलाती और घर के बड़ों से उन्हें मारने के बजाय अच्छा चारा देने को कहती। यदि उनकी जान को ख़तरा होता, तो चुपके से उन्हें खोल देती।

  9. Q9 · 5 marks · Long answerHarder exam level

    संवाद लेखन: घर लौटने के बाद हीरा और मोती के बीच लगभग 80 शब्दों का संवाद लिखिए।

    Hint

    यात्रा के कष्ट, मित्रता, आगे का संकल्प।

    Answer

    मूल्य-बिंदु (संवाद लेखन): पात्रों के नाम और संवाद का स्पष्ट क्रम; कहानी की घटनाओं से जुड़ाव (गया का घर, लड़की की रोटियाँ, साँड़, काँजीहौस, दढ़ियल); दोनों का स्वभाव झलके (हीरा शांत, मोती उग्र); मित्रता और स्वाभिमान का भाव; उचित समापन; लगभग 80 शब्द, सरल और स्वाभाविक भाषा।

Test your recall

Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.

  1. 1.हीरा-मोती के मालिक का नाम?Show answer

    झूरी।

  2. 2.झूरी के साले का नाम?Show answer

    गया।

  3. 3.बैलों को रोटियाँ कौन खिलाती थी?Show answer

    गया के घर की छोटी लड़की (भैरो की बेटी)।

  4. 4.बैल किससे लड़े और जीते?Show answer

    एक साँड़ से।

  5. 5.बैल कहाँ बंद किए गए?Show answer

    काँजीहौस में।

  6. 6.काँजीहौस की दीवार किसने गिराई?Show answer

    मोती ने।

  7. 7.नीलामी में बैलों को किसने खरीदा?Show answer

    एक दढ़ियल (कसाई) ने।

  8. 8.अंत में किसने बैलों के माथे चूमे?Show answer

    मालकिन (झूरी की पत्नी) ने।

Quick revision checklist

The night before the exam: can you do each of these without looking?

  • क्या आप कहानी के सात पड़ाव क्रम से बता सकते हैं?
  • क्या आप हीरा और मोती के तीन-तीन गुण उदाहरण सहित लिख सकते हैं?
  • क्या आप बता सकते हैं कि बैलों ने गया के घर काम क्यों नहीं किया?
  • क्या आप काँजीहौस वाले प्रसंग में दोनों की भूमिका अलग-अलग बता सकते हैं?
  • क्या आप कहानी को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ सकते हैं?
  • क्या आप पाठ के तीन मुहावरों के अर्थ और प्रयोग लिख सकते हैं?

प्रेमचंद – दो बैलों की कथा: frequently asked questions

'दो बैलों की कथा' के लेखक कौन हैं?

प्रेमचंद। यह कहानी कक्षा 9 की एनसीईआरटी पुस्तक गंगा के गद्य खंड का पहला पाठ है।

हीरा और मोती किसके बैल थे?

झूरी के। दोनों पछाईं जाति के सुंदर और मेहनती बैल थे।

बैलों ने गया के घर काम क्यों नहीं किया?

उन्हें लगा कि मालिक ने उन्हें बेच दिया है। गया ने उन्हें मारा, मोटी रस्सियों से बाँधा और सूखा भूसा दिया। इस अपमान और अन्याय के विरोध में उन्होंने काम से इनकार किया।

काँजीहौस में हीरा-मोती ने क्या किया?

भूखे जानवरों को बचाने के लिए हीरा और मोती ने दीवार पर सींग मारे। मोती ने दीवार गिरा दी, कई जानवर भाग गए और मोती ने गधों को भी बाहर निकाला, पर बँधे हीरा को छोड़कर नहीं गया।

कहानी स्वतंत्रता आंदोलन से कैसे जुड़ी है?

पाठ-परिचय के अनुसार कहानी बताती है कि स्वतंत्रता सहज नहीं मिलती, उसके लिए बार-बार संघर्ष करना पड़ता है। हीरा-मोती को पराधीन भारतीय जनता के संघर्ष का प्रतीक माना जा सकता है।

कहानी का अंत कैसे होता है?

नीलामी में खरीदे गए बैल परिचित राह पहचानकर झूरी के घर लौट आते हैं। मोती दढ़ियल को खदेड़ देता है। नाँदों में खली-दाना भर दिया जाता है और मालकिन उनके माथे चूम लेती है।

Based on: CBSE हिंदी पाठ्यक्रम, कक्षा नवीं (आर-1 और आर-2) 2026-27; NCERT गंगा, कक्षा 9 (मार्च 2026), पाठ 1: दो बैलों की कथा