पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी – क्या लिखूँ? Class 9: सारांश और प्रश्न
Updated 15 October 2026 · Fact-checked
'क्या लिखूँ?' पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी का आत्मपरक निबंध है, जो कक्षा 9 की गंगा का दूसरा पाठ है। लेखक को नमिता और अमिता के लिए 'दूर के ढोल सुहावने होते हैं' और 'समाज-सुधार' पर आदर्श निबंध लिखने हैं। निबंध-लेखन के नियमों पर हल्के व्यंग्य के बाद वह दोनों विषयों को एक ही निबंध में जोड़ देता है।
What पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी – क्या लिखूँ? is about
'क्या लिखूँ?' हिंदी के प्रसिद्ध निबंधकार पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी का निबंध है, जो एनसीईआरटी की पुस्तक गंगा (कक्षा 9) के गद्य खंड का दूसरा पाठ है। लेखक एक मास्टर है, जिसे नमिता और अमिता को निबंध-रचना का रहस्य समझाने के लिए दो आदर्श निबंध लिखने हैं। वह ए.जी. गार्डिनर, निबंधशास्त्र के आचार्यों, बाणभट्ट, श्रीहर्ष, मॉन्टेन और अमीर खुसरो के उदाहरणों से निबंध-लेखन की कठिनाइयों पर रोचक ढंग से विचार करता है। अंत में खुसरो की युक्ति अपनाकर वह दोनों विषयों को एक निबंध में बाँध देता है: दूर के ढोल सुहावने लगते हैं, और इसी कारण तरुण भविष्य के और वृद्ध अतीत के सपने देखते हैं, जिससे वर्तमान सदा सुधारों का काल बना रहता है।
पाठ-परिचय के अनुसार निबंध की आत्मपरक शैली, जिसमें लेखक स्वयं पाठकों से संवाद करता है, इसे जीवंत और आत्मीय बनाती है। कक्षा 9 की परीक्षा विद्यालय लेता है; खंड ग के प्रश्नों का विभाजन CBSE ने नहीं दिया, इसलिए यहाँ कक्षा 10 हिंदी जैसे प्रश्न हैं: पठित गद्यांश पर पाँच बहुविकल्पी प्रश्न और 25-30 शब्दों के 2 अंक वाले प्रश्न। यह पाठ खंड घ के अनुच्छेद-लेखन में भी बहुत काम आता है।
Weightage: कक्षा 9 की वार्षिक परीक्षा (80 अंक) विद्यालय लेता है। खंड ग (पाठ्यपुस्तक गंगा) के 30 अंक हैं, पर CBSE ने इस खंड के प्रश्नों का विभाजन नहीं दिया है। इसलिए यहाँ के प्रश्न कक्षा 10 हिंदी के प्रश्न-प्रकारों (पठित अंश पर बहुविकल्पी प्रश्न, 25-30 शब्दों के 2 अंक वाले प्रश्न) के ढाँचे पर बने हैं।Source: CBSE हिंदी पाठ्यक्रम, कक्षा नवीं 2026-27
पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी – क्या लिखूँ?: summary
In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.
लिखने की कठिनाई। लेखक को आज लिखना ही है। ए.जी. गार्डिनर कहते हैं कि लिखने की एक विशेष मानसिक स्थिति होती है, जब मन में उमंग उठती है और कोई भी विषय काम दे देता है, जैसे हैट टाँगने के लिए कोई भी खूँटी; असली वस्तु हैट (मन के भाव) है, खूँटी (विषय) नहीं। पर लेखक को ऐसी स्थिति का अनुभव नहीं; उसे सोचना और परिश्रम करना पड़ता है। आज उसे नमिता और अमिता के लिए आदर्श निबंध लिखने हैं। नमिता 'दूर के ढोल सुहावने होते हैं' पर और अमिता समाज-सुधार पर निबंध चाहती है; ये दोनों विषय परीक्षा में आ चुके हैं।
निबंधशास्त्र के नियम। लेखक आचार्यों की राय जानता है। एक विद्वान कहता है कि निबंध छोटा होना चाहिए, यह उसे अच्छा लगता है। निबंध के दो अंग हैं: सामग्री और शैली। सामग्री के लिए अध्ययन और मनन चाहिए, पर अब पुस्तकालय जाने का समय नहीं; दो घंटे में दो निबंध लिखने हैं। रूपरेखा बनाने की सलाह पर वह कहता है कि रूपरेखा पहले कैसे बने; गार्डिनर को तो शीर्षक देने में ही कठिनाई होती थी, और शेक्सपियर ने घबराकर एक नाटक का नाम 'जैसा तुम चाहो' रख दिया। शैली के लिए भाषा में प्रवाह और छोटे वाक्य चाहिए, पर मास्टर होने के नाते विद्वत्ता दिखाने को आधे पृष्ठ के वाक्य, अस्पष्टता और अलंकार भी चाहिए, जैसे बाणभट्ट की कादंबरी या श्रीहर्ष की गुत्थियाँ। यहाँ हल्का व्यंग्य है।
मॉन्टेन और खुसरो। अंग्रेज़ी निबंधकारों ने मॉन्टेन की पद्धति अपनाई: जो देखा, सुना और अनुभव किया, वही सच्ची अनुभूति के साथ लिख दिया। लेखक इसी को अपनाना चाहता है। फिर उसे अमीर खुसरो की कहानी याद आती है, जिन्होंने एक ही पद्य में खीर, चरखा, कुत्ता और ढोल चारों विषय जोड़ दिए। लेखक भी एक निबंध में दोनों विषय जोड़ देता है।
निबंध का सार। दूर के ढोल सुहावने लगते हैं, क्योंकि उनकी कर्कशता दूर तक नहीं पहुँचती; दूर बैठा व्यक्ति उसमें विवाहोत्सव और नववधू के भावों की कल्पना कर लेता है। दूर रहने से यथार्थ की कठोरता का अनुभव नहीं होता। इसीलिए तरुणों को भविष्य और वृद्धों को अतीत सुहावना लगता है; दोनों वर्तमान से असंतुष्ट रहते हैं। तरुण क्रांति के समर्थक और वृद्ध अतीत-गौरव के संरक्षक होते हैं, इसलिए वर्तमान सदा सुधारों का काल रहता है। बुद्धदेव से महात्मा गांधी तक अनेक सुधारक हुए, पर न दोषों का अंत है, न सुधारों का; जो कभी सुधार थे, वे आज दोष बन जाते हैं। आज का प्रगतिशील साहित्य भी कल अतीत का स्मारक बन जाएगा।
केंद्रीय भाव: अच्छा निबंध नियमों से अधिक लेखक की सच्ची अनुभूति और मौलिक सूझ से बनता है। साथ ही, जीवन में असंतोष और सुधार का चक्र सदा चलता रहता है।
Themes and message
निबंध-लेखन की प्रक्रिया
निबंध पाठक को विषय-चयन, सामग्री, रूपरेखा, शैली और भाव-विस्तार की प्रक्रिया से परिचित कराता है। लेखक नियमों को गंभीरता और हल्के व्यंग्य, दोनों के साथ परखता है।
From the text: 'निबंध के दो प्रधान अंग हैं— सामग्री और शैली।'
विषय से अधिक भाव
गार्डिनर के 'हैट और खूँटी' उदाहरण से लेखक बताता है कि असली महत्त्व मन के भावों का है; विषय तो केवल उन्हें टाँगने का साधन है।
From the text: 'असली वस्तु है हैट, खूँटी नहीं।'
अनुभव पर आधारित स्वच्छंद लेखन
मॉन्टेन की पद्धति में लेखक वही लिखता है जो उसने देखा, सुना और अनुभव किया। ऐसे निबंधों में सच्ची अनुभूति और उल्लास होता है। लेखक इसी पद्धति को अपनाता है।
From the text: 'उनमें लेखक की सच्ची अनुभूति रहती है।'
दूरी और आकर्षण
दूर की चीज़ें सुंदर लगती हैं क्योंकि उनकी कठोरता हम तक नहीं पहुँचती। तरुणों को भविष्य और वृद्धों को अतीत इसी कारण मधुर लगता है।
From the text: 'दूर के ढोल सुहावने होते हैं, क्योंकि उनकी कर्कशता दूर तक नहीं पहुँचती।'
सुधार का निरंतर चक्र
हर युग में नए दोष पैदा होते हैं और नए सुधार होते हैं; कल के सुधार आज के दोष बन जाते हैं। इसीलिए जीवन प्रगतिशील माना गया है।
From the text: 'न दोषों का अंत है और न सुधारों का।'
Characters
लेखक (मास्टर)
निबंध का वक्ता, जिसे दो आदर्श निबंध लिखने हैं।
- ईमानदार: मानता है कि उसे लिखने के लिए परिश्रम करना पड़ता है
- विद्वान और अध्ययनशील: अनेक आचार्यों और लेखकों का उल्लेख
- विनोदी और व्यंग्यप्रिय: मास्टर की विद्वत्ता-प्रदर्शन की आदत पर चुटकी
- सूझबूझ वाला: खुसरो की युक्ति से दोनों विषय जोड़ देता है
'मुझे तो सोचना पड़ता है, चिंता करनी पड़ती है, परिश्रम करना पड़ता है'; 'पर मैं हूँ मास्टर।'
नमिता और अमिता
जिनके लिए लेखक निबंध लिख रहा है।
- नमिता: 'दूर के ढोल सुहावने होते हैं' पर निबंध चाहती है
- अमिता: समाज-सुधार पर निबंध का आग्रह करती है
'नमिता का आदेश है...'; 'अमिता का आग्रह है...'
उल्लिखित लेखक और कवि
ए.जी. गार्डिनर, शेक्सपियर, बाणभट्ट, श्रीहर्ष, सेनापति, मॉन्टेन, अमीर खुसरो।
- गार्डिनर: हैट-खूँटी का विचार; शीर्षक की कठिनाई
- मॉन्टेन: अनुभव-आधारित निबंध पद्धति के जन्मदाता
- खुसरो: एक पद्य में चार विषय जोड़ने की प्रतिभा
'उस पद्धति के जन्मदाता मानटेन समझे जाते हैं।'
How it is written
| Device | Example | Effect |
|---|---|---|
| आत्मपरक (वैयक्तिक) शैली | 'मुझे आज लिखना ही पड़ेगा।' | लेखक सीधे पाठक से बात करता है, जिससे निबंध आत्मीय और जीवंत बनता है। |
| हल्का व्यंग्य और हास्य | मास्टर द्वारा विद्वत्ता दिखाने के लिए आधे पृष्ठ के वाक्य और अस्पष्टता की 'आवश्यकता' | भारी-भरकम, दुर्बोध लेखन पर मीठी चोट करता है। |
| दृष्टांत और उदाहरण | हैट-खूँटी, शेक्सपियर का नाटक 'जैसा तुम चाहो', अमीर खुसरो की कहानी | विचारों को रोचक और समझने योग्य बनाते हैं। |
| लोकोक्ति | 'दूर के ढोल सुहावने होते हैं' | लोक-अनुभव से जुड़कर विचार को प्रभावशाली बनाती है। |
| चित्रात्मक कल्पना | नदी के तट पर संध्या समय ढोल की ध्वनि सुनकर नववधू की कल्पना | ढोल की मधुरता का कारण भावपूर्ण दृश्य से समझाती है। |
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
हैट टाँगने के लिए कोई भी खूँटी काम दे सकती है।
लेखक (गार्डिनर का विचार): निबंध के आरंभ में।
विषय गौण है, भाव प्रधान।
असली वस्तु है हैट, खूँटी नहीं।
लेखक: गार्डिनर के कथन की व्याख्या।
मन के भाव ही यथार्थ वस्तु हैं।
निबंध छोटा होना चाहिए।
एक विद्वान (लेखक द्वारा उद्धृत): निबंधशास्त्र के नियमों की चर्चा।
लेखक को यह नियम अपने लाभ का लगता है: हल्का हास्य।
दूर के ढोल सुहावने होते हैं, क्योंकि उनकी कर्कशता दूर तक नहीं पहुँचती।
लेखक: निबंध के मुख्य भाग का आरंभ।
लोकोक्ति की व्याख्या।
न दोषों का अंत है और न सुधारों का।
लेखक: समाज-सुधार पर विचार।
सुधार की निरंतर प्रक्रिया।
पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी – क्या लिखूँ? in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
दूर से आकर्षण, पास से यथार्थ
मान लीजिए आपको लगता है कि आपके मित्र का बोर्डिंग स्कूल बहुत मज़ेदार है, क्योंकि वह केवल अच्छी बातें बताता है।
पाठ के आधार पर बताइए कि आप स्कूल बदलने का निर्णय कैसे लेंगे। (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- दूर के ढोल सुहावने होते हैं।
- यथार्थ की कठोरता दूर से नहीं दिखती।
- पूरी जानकारी लेकर निर्णय।
Answer: दूर के ढोल सुहावने होते हैं; मित्र की बातों से वहाँ की कठिनाइयाँ नहीं दिखतीं। मैं वहाँ जाकर नियम, पढ़ाई और घर से दूरी जैसी बातें समझकर ही निर्णय लूँगा।
Memory hook: दूर की चमक, पास की परख।
विषय से अधिक भाव
कल्पना कीजिए कि परीक्षा में 'मेरा प्रिय त्योहार' जैसा साधारण विषय आता है और आपको लगता है कि इस पर कुछ नया नहीं लिखा जा सकता।
हैट-खूँटी के उदाहरण से आप क्या करेंगे? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- विषय खूँटी है, भाव हैट।
- अपना अनुभव और भावना जोड़ें।
- साधारण विषय भी अनोखा बनता है।
Answer: विषय तो खूँटी है; असली हैट मेरे भाव हैं। मैं अपने त्योहार का अपना अनुभव, जैसे दादी के साथ दीये बनाना, सच्चे भाव से लिखूँगा, तो साधारण विषय भी अनोखा बन जाएगा।
Memory hook: खूँटी कोई भी हो, हैट अपना हो।
सुधार की निरंतरता
मान लीजिए आपकी कक्षा ने पिछले वर्ष मोबाइल पर रोक का नियम बनाया था, पर अब ऑनलाइन पढ़ाई के कारण वही नियम समस्या बन गया है।
पाठ के किस विचार से यह स्थिति समझी जा सकती है? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- जो कभी सुधार थे, वही आज दोष।
- समय के साथ नए सुधार।
- नियम की समीक्षा।
Answer: लेखक कहता है कि जो कभी सुधार थे, वही आज दोष बन जाते हैं। मोबाइल-रोक पहले उचित थी, पर अब उसमें बदलाव करके पढ़ाई के लिए सीमित उपयोग की अनुमति देना नया सुधार होगा।
Memory hook: आज का सुधार, कल की समीक्षा।
Topics in this chapter
How the school exam asks पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी – क्या लिखूँ?
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| पठित गद्यांश पर बहुविकल्पी प्रश्न (1×5) | हैट-खूँटी, मॉन्टेन की पद्धति, ढोल या सुधार वाले अंश पर पाँच MCQ: किसी कथन का भाव, किसी उदाहरण का उद्देश्य, किसी शब्द का अर्थ (कर्कशता, स्वच्छंद), तुलना का आधार, कथन-कारण। | पहचानें कि अंश निबंध-लेखन की समस्या का है या लिखे गए निबंध का। उदाहरण का उद्देश्य पूछा जाए तो लेखक के तर्क से जोड़ें। |
| लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक, 25-30 शब्द) | गार्डिनर और लेखक के विचारों में अंतर, नमिता-अमिता के विषयों पर लिखने की कठिनाई, खुसरो की कहानी का संदर्भ, तरुण और वृद्ध के असंतोष के कारण। | सीधा उत्तर और पाठ का एक प्रमाण। |
| भाव-विस्तार | पाठ के किसी वाक्य का भाव-विस्तार, जैसे 'तरुण क्रांति के समर्थक होते हैं और वृद्ध अतीत-गौरव के संरक्षक'। | वाक्य का अर्थ, कारण, एक उदाहरण और निष्कर्ष, अपने शब्दों में। |
| लेखन (खंड घ: अनुच्छेद/निबंध) | आर-1 में लगभग 120 और आर-2 में लगभग 100 शब्दों का अनुच्छेद। | पाठ की प्रक्रिया अपनाएँ: विषय, सामग्री, छोटी रूपरेखा, प्रवाहपूर्ण छोटे वाक्य, अपना अनुभव, उचित निष्कर्ष। |
Tricks to remember पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी – क्या लिखूँ?
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
निबंध-प्रक्रिया: वि-सा-रू-शै-भा
विषय-चयन → सामग्री-संग्रह → रूपरेखा → शैली-निर्धारण → भाव-विस्तार → लेखन और समापन।
Use it when: निबंध-लेखन की प्रक्रिया वाले प्रश्नों में।
नाम-जोड़ी
गार्डिनर = हैट-खूँटी; शेक्सपियर = 'जैसा तुम चाहो'; मॉन्टेन = अनुभव; खुसरो = चार विषय एक पद्य में; बाणभट्ट = लंबे वाक्य (कादंबरी)।
Use it when: किसका उल्लेख किस संदर्भ में, ऐसे MCQ के लिए।
खुसरो की चार चीज़ें
खी-च-कु-ढो: खीर, चरखा, कुत्ता, ढोल।
Use it when: खुसरो वाली कहानी याद रखने के लिए।
पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी – क्या लिखूँ?: extract-based questions
Read the extract, answer every part on paper, then open the answers.
Extract 1: गद्यांश 1: हैट और खूँटी
हैट टाँगने के लिए कोई भी खूँटी काम दे सकती है। उसी तरह अपने मनोभावों को व्यक्त करने के लिए कोई भी विषय उपयुक्त है। असली वस्तु है हैट, खूँटी नहीं।
(1) · 1 mark · MCQ
गद्यांश में 'हैट' किसका प्रतीक है?
(क) विषय का
(ख) मन के भावों का
(ग) भाषा का
(घ) पाठक का(2) · 1 mark · MCQ
'खूँटी' किसका प्रतीक है?
(क) विषय का
(ख) लेखक का
(ग) शैली का
(घ) परीक्षा का(3) · 1 mark · MCQ
यह विचार मूल रूप से किस लेखक का बताया गया है?
(क) मॉन्टेन
(ख) शेक्सपियर
(ग) ए.जी. गार्डिनर
(घ) अमीर खुसरो(4) · 1 mark · Assertion-reason
कथन (A): लेखन में विषय से अधिक भाव महत्त्वपूर्ण है।
कारण (R): कोई भी विषय मन के भाव व्यक्त करने का साधन बन सकता है।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।(5) · 1 mark · MCQ
(संदर्भ: इससे पहले लेखक कहते हैं कि उस समय विषय की चिंता नहीं रहती; किसी भी विषय में हम अपने हृदय का 'आवेग' भर देते हैं।) 'आवेग' शब्द का अर्थ है:
(क) धीमापन
(ख) भावों की तीव्र उमंग
(ग) थकान
(घ) डर
Show the answersAnswers
- (ख) मन के भावों का।
- (क) विषय का।
- (ग) ए.जी. गार्डिनर।
- (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
- (ख) भावों की तीव्र उमंग।
Extract 2: गद्यांश 2: सुधारों का अंत नहीं
न दोषों का अंत है और न सुधारों का। जो कभी सुधार थे, वही आज दोष हो गए हैं और उन सुधारों का फिर नव सुधार किया जाता है। तभी तो यह जीवन प्रगतिशील माना गया है।
(1) · 1 mark · MCQ
लेखक के अनुसार सुधारों का क्रम कैसा है?
(क) एक बार में समाप्त होने वाला
(ख) निरंतर चलने वाला
(ग) केवल प्राचीन काल का
(घ) केवल बड़े नेताओं का(2) · 1 mark · MCQ
'जो कभी सुधार थे, वही आज दोष हो गए हैं' का आशय है:
(क) सुधार हमेशा गलत होते हैं
(ख) समय बदलने पर पुराने सुधार भी नई समस्याएँ बन जाते हैं
(ग) दोष कभी नहीं बदलते
(घ) सुधारक स्वार्थी होते हैं(3) · 1 mark · MCQ
जीवन को 'प्रगतिशील' क्यों माना गया है?
(क) क्योंकि उसमें कोई दोष नहीं
(ख) क्योंकि उसमें दोष और सुधार का क्रम चलता रहता है
(ग) क्योंकि वह स्थिर है
(घ) क्योंकि सुधार असंभव है(4) · 1 mark · MCQ
इस गद्यांश में लेखक मुख्य रूप से किस बात पर विचार कर रहा है?
(क) दूर से आती ढोल की ध्वनि
(ख) समाज में सुधारों की निरंतरता
(ग) निबंध की शैली
(घ) अमीर खुसरो की कविता(5) · 1 mark · MCQ
'प्रगतिशील' शब्द में मूल शब्द और प्रत्यय पहचानिए:
(क) प्रगति + शील
(ख) प्र + गतिशील
(ग) प्रग + तिशील
(घ) प्रगतिशी + ल
Show the answersAnswers
- (ख) निरंतर चलने वाला।
- (ख) समय बदलने पर पुराने सुधार भी नई समस्याएँ बन जाते हैं।
- (ख) क्योंकि उसमें दोष और सुधार का क्रम चलता रहता है।
- (ख) समाज में सुधारों की निरंतरता (अमिता का 'समाज-सुधार' वाला विषय, जिसे लेखक ने 'दूर के ढोल' के साथ एक ही निबंध में जोड़ा है)।
- (क) प्रगति + शील।
पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी – क्या लिखूँ?: exam-level solved questions
Ordered from exam level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: गार्डिनर और लेखक में अंतर · 2 marks · Short answerExam level
निबंध-लेखन के विषय में ए.जी. गार्डिनर और लेखक के विचारों में क्या अंतर है? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- गार्डिनर: विशेष मानसिक स्थिति में भाव अपने-आप उठते हैं।
- लेखक: उसे ऐसा अनुभव नहीं; सोचना और परिश्रम करना पड़ता है।
Answer: गार्डिनर के अनुसार लिखने की विशेष मानसिक स्थिति में भाव अपने-आप उठते हैं और कोई भी विषय चल जाता है। लेखक को ऐसा अनुभव नहीं; उसे सोचकर, परिश्रम से लिखना पड़ता है।
Example 2: दोनों विषयों की कठिनाई · 2 marks · Short answerExam level
नमिता और अमिता के विषयों पर निबंध लिखने में लेखक को क्या कठिनाइयाँ आईं? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- ढोल पर पाँच पृष्ठ कैसे लिखें।
- समाज-सुधार पर विद्वानों में भी मतभेद।
- समय कम, पुस्तकालय नहीं, रूपरेखा कठिन।
Answer: उसे लगा कि 'दूर के ढोल' पर पाँच पृष्ठ कैसे लिखे जाएँ और जिस समाज-सुधार पर विद्वानों में भी मतभेद है, उसे पाँच पृष्ठ में कैसे समेटे। समय भी केवल दो घंटे था।
Example 3: खुसरो की कहानी का संदर्भ · 2 marks · Short answerHarder exam level
निबंध में अमीर खुसरो की कहानी का उल्लेख किस संदर्भ में किया गया है? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- खुसरो ने एक पद्य में चार विषय जोड़े।
- लेखक को दो विषयों पर लिखना था।
- उसी युक्ति से दोनों को एक निबंध में जोड़ा।
Answer: खुसरो ने एक ही पद्य में खीर, चरखा, कुत्ता और ढोल, चारों विषय जोड़ दिए थे। इसी युक्ति से लेखक ने भी 'दूर के ढोल' और 'समाज-सुधार' को एक निबंध में जोड़ दिया।
Example 4: तरुण और वृद्ध का असंतोष · 2 marks · Short answerHarder exam level
लेखक के अनुसार तरुण और वृद्ध दोनों वर्तमान से असंतुष्ट क्यों रहते हैं? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- तरुणों को भविष्य उज्ज्वल लगता है।
- वृद्धों को अतीत सुखद लगता है।
- दोनों दूर की चीज़ को वर्तमान में लाना चाहते हैं।
Answer: तरुणों को दूर का भविष्य उज्ज्वल लगता है और वृद्धों को बीता अतीत सुखद। तरुण भविष्य को और वृद्ध अतीत को वर्तमान में लाना चाहते हैं, इसलिए दोनों वर्तमान से असंतुष्ट रहते हैं।
Example 5: मास्टर पर व्यंग्य · 2 marks · Short answerHOTS / competency
'पर मैं हूँ मास्टर।' इस वाक्य में छिपे व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए। (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- छोटे वाक्य लिख सकता है।
- पर विद्वत्ता दिखाने को लंबे, अस्पष्ट वाक्य 'आवश्यक'।
- दुर्बोध, दिखावटी लेखन पर चोट।
Answer: लेखक कहता है कि वह छोटे वाक्य लिख सकता है, पर मास्टर होने के कारण विद्वत्ता दिखाने को आधे पृष्ठ के, अस्पष्ट वाक्य 'ज़रूरी' हैं। यह दिखावटी, दुर्बोध लेखन पर मीठा व्यंग्य है।
Example 6: दूर के ढोल: अपना अनुभव · 2 marks · Short answerHOTS / competency
मान लीजिए आपको किसी बड़े शहर का जीवन दूर से बहुत आकर्षक लगता था, पर वहाँ जाकर कठिनाइयाँ दिखीं। पाठ के आधार पर इस अनुभव को समझाइए। (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- दूर से कठोरता नहीं दिखती।
- पास जाकर यथार्थ का अनुभव।
- लोकोक्ति का अर्थ।
Answer: लेखक कहता है कि दूर रहने से यथार्थ की कठोरता का अनुभव नहीं होता। शहर की भीड़, महँगाई और भागदौड़ दूर से नहीं दिखती थी; पास जाकर पता चला कि दूर के ढोल सुहावने होते हैं।
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
हैट और खूँटी के उदाहरण से लेखक क्या स्पष्ट करना चाहता है? (25-30 शब्द) (2 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| विषय-वस्तु: हैट = मन के भाव, खूँटी = विषय; भाव प्रधान, विषय गौण; कोई भी विषय भाव व्यक्त करने का साधन। | 1 |
| अभिव्यक्ति: शुद्ध, संक्षिप्त भाषा। | 1 |
अनुच्छेद लेखन (लगभग 120 शब्द, 5 अंक) (5 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| विषय-वस्तु: विषय से जुड़े विचार, उदाहरण। | 2 |
| प्रस्तुति: आरंभ, क्रमबद्धता, निष्कर्ष। | 2 |
| भाषा की शुद्धता और शब्द-सीमा। | 1 |
Where students lose marks in पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी – क्या लिखूँ?
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: नमिता और अमिता के विषय उलट देना
दोनों नाम मिलते-जुलते हैं।
Wrong working
नमिता ने समाज-सुधार पर निबंध माँगा।
Right working
नमिता: दूर के ढोल सुहावने; अमिता: समाज-सुधार।
Do this: न-न: नमिता-नगाड़ा (ढोल)।
Usually costs: 1 अंक।
Mistake: हैट को विषय समझ लेना
प्रतीक उलट देना।
Wrong working
हैट विषय है और खूँटी भाव।
Right working
हैट मन के भाव हैं, खूँटी विषय।
Do this: 'असली वस्तु है हैट' याद रखें।
Usually costs: 1-2 अंक।
Mistake: लेखक के व्यंग्य को गंभीर सलाह मानना
हास्य-व्यंग्य को न पहचानना।
Wrong working
लेखक कहता है कि अच्छे निबंध में आधे पृष्ठ के, अस्पष्ट वाक्य होने चाहिए।
Right working
लेखक मास्टरों के विद्वत्ता-प्रदर्शन पर व्यंग्य करता है; वह सच्ची अनुभूति वाली पद्धति अपनाता है।
Do this: 'पर मैं हूँ मास्टर' के स्वर को पहचानें।
Usually costs: विषय-वस्तु के अंक।
Mistake: भाव-विस्तार में केवल वाक्य दोहराना
भाव-विस्तार का अर्थ न समझना।
Wrong working
तरुण क्रांति के समर्थक होते हैं और वृद्ध अतीत के।
Right working
अर्थ, कारण और उदाहरण अपने शब्दों में।
Do this: क्या, क्यों, उदाहरण: तीनों लिखें।
Usually costs: 1-2 अंक।
Practice questions on पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी – क्या लिखूँ?
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQExam level
लेखक को कितने समय में दो निबंध तैयार करने थे?
(क) एक घंटे में
(ख) दो घंटों में
(ग) एक दिन में
(घ) एक सप्ताह मेंHint
पुस्तकालय न जा पाने का कारण।
Answer
(ख) दो घंटों में।
Q2 · 1 mark · Very short answerExam level
निबंधशास्त्र के आचार्यों के अनुसार निबंध के दो प्रधान अंग कौन-से हैं?
Hint
पहले क्या एकत्र करना है, फिर कैसे लिखना है।
Answer
सामग्री और शैली।
Q3 · 2 marks · Short answerExam level
मॉन्टेन की निबंध-पद्धति की क्या विशेषता है? (25-30 शब्द)
Hint
देखा, सुना, अनुभव किया।
Answer
मूल्य-बिंदु: जो देखा, सुना, अनुभव किया वही लिखा; मन की स्वच्छंद रचना; सच्ची अनुभूति और उल्लास; न कवि की कल्पना, न विद्वानों का गंभीर तर्क।
आदर्श उत्तर: मॉन्टेन ने जो स्वयं देखा, सुना और अनुभव किया, वही निबंधों में लिखा। ऐसे निबंध मन की स्वच्छंद रचना होते हैं, जिनमें लेखक की सच्ची अनुभूति और उल्लास रहता है।
Q4 · 2 marks · Short answerHarder exam level
शेक्सपियर के नाटक 'जैसा तुम चाहो' का उल्लेख क्यों किया गया है? (25-30 शब्द)
Hint
शीर्षक और रूपरेखा की कठिनाई।
Answer
मूल्य-बिंदु: गार्डिनर का मत कि शेक्सपियर को नामकरण में कठिनाई हुई होगी; घबराकर यह नाम रखा; लेखक का तर्क कि शीर्षक या रूपरेखा पहले बनाना कठिन है।
आदर्श उत्तर: गार्डिनर के अनुसार शेक्सपियर को नाटकों के नामकरण में बड़ी कठिनाई हुई होगी, इसलिए घबराकर उन्होंने यह नाम रखा। लेखक इससे दिखाता है कि रूपरेखा या शीर्षक पहले तय करना कठिन है।
Q5 · 2 marks · Short answerHarder exam level
भाव-विस्तार कीजिए: 'तरुण क्रांति के समर्थक होते हैं और वृद्ध अतीत-गौरव के संरक्षक।' (25-30 शब्द)
Hint
युवा: जल्द बदलाव; वृद्ध: अनुभव और परंपरा।
Answer
मूल्य-बिंदु: युवा समस्याओं पर तुरंत बदलाव चाहते हैं; वृद्ध अनुभव और परंपरा पर भरोसा करते हैं; दोनों का संतुलन समाज के लिए उपयोगी।
आदर्श उत्तर: युवा पीढ़ी समस्याओं का तुरंत, नया समाधान चाहती है, जबकि वृद्ध अनुभव और परंपरा को बचाए रखना चाहते हैं। दोनों दृष्टियों का संतुलन ही समाज को आगे बढ़ाता है।
Q6 · 1 mark · Very short answerHarder exam level
'दूर के ढोल सुहावने होते हैं' लोकोक्ति का अर्थ लिखकर उसका वाक्य में प्रयोग कीजिए।
Hint
दूर की चीज़ आकर्षक।
Answer
अर्थ: दूर की वस्तु अच्छी लगती है, पास जाने पर उसकी कमियाँ दिखती हैं। प्रयोग: विदेश की नौकरी के बारे में सुनकर सब ललचाते हैं, पर दूर के ढोल सुहावने होते हैं।
Q7 · 1 mark · Assertion-reasonHOTS / competency
कथन (A): लेखक ने दोनों विषयों पर अलग-अलग निबंध नहीं लिखे।
कारण (R): उसने अमीर खुसरो की पद्धति अपनाकर दोनों विषय एक निबंध में जोड़ दिए।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।Hint
निबंध का दूसरा भाग।
Answer
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
Q8 · 2 marks · Short answerHOTS / competency
मान लीजिए आपको 'मोबाइल फ़ोन' पर निबंध लिखना है। पाठ में बताई गई निबंध-लेखन की प्रक्रिया के अनुसार आप किन चरणों में तैयारी करेंगे? (25-30 शब्द)
Hint
विषय, सामग्री, रूपरेखा, शैली, अनुभव।
Answer
मूल्य-बिंदु: विषय समझना; सामग्री और अपने अनुभव एकत्र करना; छोटी रूपरेखा; प्रवाहपूर्ण छोटे, जुड़े वाक्य; मॉन्टेन की तरह सच्ची अनुभूति; निष्कर्ष।
आदर्श उत्तर: पहले विषय समझकर अपने अनुभव और जानकारी जुटाऊँगा। फिर लाभ-हानि की छोटी रूपरेखा बनाऊँगा और छोटे, जुड़े वाक्यों में, सच्ची अनुभूति के साथ लिखकर संतुलित निष्कर्ष दूँगा।
Q9 · 5 marks · Long answerHOTS / competency
अनुच्छेद लेखन: 'दूर के ढोल सुहावने होते हैं' विषय पर लगभग 120 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए।
Hint
अर्थ, कारण, उदाहरण, निष्कर्ष।
Answer
मूल्य-बिंदु (अनुच्छेद): लोकोक्ति का अर्थ; दूर से कमियाँ न दिखने का कारण; उदाहरण (शहर का जीवन, किसी प्रसिद्ध व्यक्ति का जीवन, विदेश, दूसरे का काम); पाठ का संदर्भ (तरुण-भविष्य, वृद्ध-अतीत); सीख: निर्णय से पहले निकट से जाँचें; विषय से जुड़े, प्रवाहपूर्ण वाक्य; लगभग 120 शब्द; शुद्ध वर्तनी।
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1.'क्या लिखूँ?' के लेखक?Show answer
पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी।
2.हैट-खूँटी का विचार किसका है?Show answer
ए.जी. गार्डिनर का।
3.नमिता ने किस विषय पर निबंध माँगा?Show answer
'दूर के ढोल सुहावने होते हैं'।
4.अमिता ने किस विषय पर निबंध माँगा?Show answer
समाज-सुधार।
5.अनुभव-आधारित निबंध पद्धति के जन्मदाता?Show answer
मॉन्टेन।
6.बाणभट्ट की किस रचना में लंबे वाक्य हैं?Show answer
कादंबरी।
7.खुसरो ने किन चार विषयों को एक पद्य में जोड़ा?Show answer
खीर, चरखा, कुत्ता, ढोल।
8.निबंध के दो प्रधान अंग?Show answer
सामग्री और शैली।
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप हैट-खूँटी का अर्थ दो वाक्यों में बता सकते हैं?
- क्या आप निबंधशास्त्र के तीन नियम और उन पर लेखक की प्रतिक्रिया बता सकते हैं?
- क्या आप मॉन्टेन की पद्धति की दो विशेषताएँ लिख सकते हैं?
- क्या आप खुसरो की कहानी का संदर्भ समझा सकते हैं?
- क्या आप बता सकते हैं कि दूर के ढोल सुहावने क्यों लगते हैं?
- क्या आप तरुण और वृद्ध के असंतोष का कारण लिख सकते हैं?
- क्या आप पाठ की प्रक्रिया से 120 शब्दों का अनुच्छेद लिख सकते हैं?
पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी – क्या लिखूँ?: frequently asked questions
'क्या लिखूँ?' के लेखक कौन हैं?
पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी। यह निबंध कक्षा 9 की पुस्तक गंगा के गद्य खंड का दूसरा पाठ है।
लेखक को किन विषयों पर निबंध लिखने थे?
नमिता के लिए 'दूर के ढोल सुहावने होते हैं' पर और अमिता के लिए 'समाज-सुधार' पर।
हैट और खूँटी के उदाहरण का क्या अर्थ है?
जैसे हैट टाँगने के लिए कोई भी खूँटी काम दे सकती है, वैसे ही मन के भाव व्यक्त करने के लिए कोई भी विषय उपयुक्त है। असली महत्त्व भावों का है, विषय का नहीं।
अमीर खुसरो की कहानी का उल्लेख क्यों किया गया है?
खुसरो ने एक ही पद्य में खीर, चरखा, कुत्ता और ढोल चारों विषय जोड़ दिए थे। उसी पद्धति से लेखक भी दोनों विषयों को एक निबंध में जोड़ देता है।
दूर के ढोल सुहावने क्यों लगते हैं?
क्योंकि उनकी कर्कशता दूर तक नहीं पहुँचती। दूर से हमें यथार्थ की कठोरता का अनुभव नहीं होता और हम उसमें सुंदर कल्पनाएँ जोड़ लेते हैं।
निबंध के अनुसार वर्तमान सदा सुधारों का काल क्यों रहता है?
तरुण भविष्य को वर्तमान में लाना चाहते हैं और वृद्ध अतीत को; दोनों वर्तमान से असंतुष्ट रहते हैं, इसलिए वर्तमान सदा क्षुब्ध रहता है और सुधार चलते रहते हैं।
Based on: CBSE हिंदी पाठ्यक्रम, कक्षा नवीं (आर-1 और आर-2) 2026-27; NCERT गंगा, कक्षा 9 (मार्च 2026), पाठ 2: क्या लिखूँ?