शेखर जोशी – संवादहीन Class 9: सारांश और प्रश्न
Updated 15 October 2026 · Fact-checked
'संवादहीन' शेखर जोशी की कहानी है, जो कक्षा 9 की गंगा का तीसरा पाठ है। गाँव के सूने बड़े घर में अकेली रहने वाली ताई का एकमात्र साथी तोता मिट्ठू है। ताई के कुंभ-स्नान जाने पर आदर्शवादी जगन मास्टर उसे खुली हवा देते हैं और वह उड़ जाता है। लौटकर ताई फिर संवादहीन रह जाती हैं।
What शेखर जोशी – संवादहीन is about
'संवादहीन' प्रसिद्ध कथाकार शेखर जोशी की कहानी है, जो एनसीईआरटी की पुस्तक गंगा (कक्षा 9) के गद्य खंड का तीसरा पाठ है। पाठ-परिचय के अनुसार यह ग्रामीण वृद्ध स्त्री के अकेलेपन की संवेदनशील कहानी है, जिसके दो मुख्य पात्र ताई और मिट्ठू (तोता) हैं। मिट्ठू ताई के लिए केवल तोता नहीं, बल्कि संवाद का माध्यम और ममता का केंद्र है। बेटे-बहू शहर चले गए, बेटियाँ ब्याह गईं, खेती-बाड़ी पराए हाथों में चली गई; अब सूने घर में ताई और मिट्ठू ही एक-दूसरे का सहारा हैं। ताई कुंभ-स्नान के लिए प्रयागराज जाती हैं और मिट्ठू को जगन मास्टर की घरवाली के पास छोड़ती हैं। स्वतंत्र विचारों वाले जगन मास्टर तोते को पिंजरे से बाहर निकालते हैं और एक दिन वह रोशनदान से उड़ जाता है।
कहानी मनुष्य और पशु-पक्षी के संबंध के साथ-साथ पलायन, अकेलेपन और आदर्श-यथार्थ के द्वंद्व को भी दिखाती है। कक्षा 9 की परीक्षा विद्यालय लेता है; खंड ग के प्रश्नों का विभाजन CBSE ने नहीं दिया, इसलिए यहाँ कक्षा 10 हिंदी जैसे प्रश्न हैं: पठित गद्यांश पर पाँच बहुविकल्पी प्रश्न और 25-30 शब्दों के 2 अंक वाले प्रश्न।
Weightage: कक्षा 9 की वार्षिक परीक्षा (80 अंक) विद्यालय लेता है। खंड ग (पाठ्यपुस्तक गंगा) के 30 अंक हैं, पर CBSE ने इस खंड के प्रश्नों का विभाजन नहीं दिया है। इसलिए यहाँ के प्रश्न कक्षा 10 हिंदी के प्रश्न-प्रकारों (पठित अंश पर बहुविकल्पी प्रश्न, 25-30 शब्दों के 2 अंक वाले प्रश्न) के ढाँचे पर बने हैं।Source: CBSE हिंदी पाठ्यक्रम, कक्षा नवीं 2026-27
शेखर जोशी – संवादहीन: summary
In our own words, in the order of the text. Read the NCERT text itself too: the board quotes from it.
ताई और मिट्ठू। गाँव के बीच बने बड़े घर के सूने खंडहर में अब केवल ताई और मिट्ठू रह गए थे। ताई ने अच्छे दिन देखे थे: पूत-परिवार, नौकर-चाकर, गाय-ढोर। पर बहू-बेटे गाँव छोड़कर शहरों के हो गए, बेटियाँ अपनी गृहस्थी में रम गईं, और खेती-कारबार पराए हाथों में चला गया। अकेली ताई अपने लिए चूल्हा जलाने में भी आलस करतीं; सूने घर की भाँय-भाँय उन्हें काटने दौड़ती।
सूनेपन का सहारा। गनपत कहीं से एक प्यारा पहाड़ी तोता ले आया। ताई की सारी ममता मिट्ठू पर बरस पड़ी। अब वे नियम से उसके लिए दाल-भात बनातीं और जानती थीं कि किसके खेत में हरी मिर्चें और किस पेड़ पर अमरूद बचे हैं। मिट्ठू होशियार छात्र की तरह ताई का पढ़ाया पाठ दोहराता: 'हर हर गंगे', 'सीताराम बोल', 'खुश रहो'। ताई पूछतीं 'अब कैसे कटेगी?' तो वह कहता 'कटेगी! कटेगी!!' ताई उसे ज़मींदार साहब के दिनों की अपनी जीवन-गाथा सुनातीं। कभी नोक-झोंक भी होती: ताई खीझकर 'मर जा!' कहतीं, तो मिट्ठू भी 'मर जा!' दोहरा देता, फिर मान-मनौवल हो जाता।
धर्म-संकट। गाँव के लोग कुंभ-स्नान के लिए प्रयागराज जा रहे थे। ताई तीर्थ भी जाना चाहती थीं और मिट्ठू की चिंता भी थी। अंत में जगन मास्टर की घरवाली ने उसे रखने की ज़िम्मेदारी ली। विदा के दिन ताई के आँसू नहीं रुक रहे थे।
जगन मास्टर का आदर्श। जगन मास्टर स्वतंत्र विचारों के आदमी थे; पिंजरे में बंद तोता उन्हें बेचैन करता। वे कमरा बंद करके पिंजरा खोलते, दाने बिखेरकर मिट्ठू को बाहर बुलाते और उसकी आज़ादी का सुख स्वयं भोगते। तीन-चार दिन बाद मिट्ठू खुले रोशनदान से बाहर उड़ गया। जगन मास्टर बाग़ में पेड़-पेड़ पुकारते रहे, पर मिट्ठू नहीं लौटा: 'आदर्शवादी जगन मास्टर के हाथों के सभी तोते उड़ गए'।
नकली मिट्ठू। गाँव वाले ताई की दशा को लेकर आशंकित थे। गनपत की सलाह पर मिट्ठू जैसा दूसरा तोता लाया गया। जगन मास्टर खाना-पीना छोड़कर उसे 'राम राम सीताराम' रटाने बैठे; खीझकर वे भी 'मर जा!' कह बैठते, पर तोता बस टुकुर-टुकुर ताकता।
अंत। कुंभ से लौटकर ताई सीधे जगन मास्टर के घर पहुँचीं। उन्हें आशा थी कि मिट्ठू शोर मचा देगा, पर 'एवज़ी' तोता चुपचाप इधर-उधर ताकता रहा। ताई पुकारते-पुकारते थक गईं; उनके सूनेपन का साथी न जाने किन अमराइयों में घूम रहा होगा।
केंद्रीय भाव: अकेले वृद्धों के लिए संवाद ही जीवन है। पलायन ने परिवारों को बिखेरा है, और आदर्श भी कभी-कभी किसी के जीवन का एकमात्र सहारा छीन सकता है।
Themes and message
वृद्धावस्था का अकेलापन
परिवार के बिखर जाने से ताई अकेली रह गईं। सूने घर की भाँय-भाँय उन्हें काटने को दौड़ती है। मिट्ठू के बिना वे फिर 'संवादहीन' हो जाती हैं; शीर्षक इसी अकेलेपन की ओर संकेत करता है।
From the text: 'पर सूने घर की भाँय-भाँय जैसे उन्हें काटने को दौड़ती थी।'
पलायन और बिखरता परिवार
बहू-बेटे गाँव का मोह छोड़कर शहरों के होकर रह गए। पाठ-परिचय भी पलायन को समकालीन जीवन की विसंगति बताता है। गाँव में बूढ़े माता-पिता अकेले छूट जाते हैं।
From the text: 'बहू-बेटे गाँव का मोह छोड़कर शहरों के होकर रह गए।'
मनुष्य और पक्षी का स्नेह-संबंध
मिट्ठू ताई के लिए बेटे जैसा है: वे उसके लिए खाना बनातीं, उसे जीवन-गाथा सुनातीं और उससे रूठती-मनातीं। तोता भी 'खुश रहो' कहकर बुज़ुर्गी दिखाता है। यह संबंध ममता और संवाद दोनों है।
From the text: 'ताई की सारी ममता मिट्ठू पर बरस पड़ी।'
आदर्श और यथार्थ का द्वंद्व
जगन मास्टर का स्वतंत्रता का आदर्श सही है, पर पिंजरे का आदी तोता उड़कर खो जाता है और ताई का एकमात्र सहारा छिन जाता है। कहानी दिखाती है कि आदर्श को परिस्थिति और दूसरों की भावनाओं से जोड़कर देखना चाहिए।
From the text: 'अकेले मिट्ठू क्या उड़े, आदर्शवादी जगन मास्टर के हाथों के सभी तोते उड़ गए।'
स्वतंत्रता की चाह
पिंजरे में आदी हो चुका मिट्ठू पहले बाहर आने से हिचकता है, पर खुले रोशनदान को देखकर उड़ जाता है। स्वतंत्रता की स्वाभाविक इच्छा जाग उठती है।
From the text: रोशनदान पर पहुँचकर मिट्ठू का बाहर की दुनिया की ओर तिरछी आँख से देखना और उड़ जाना।
Characters
ताई
गाँव के बड़े घर में अकेली रहने वाली वृद्धा; कहानी की केंद्रीय पात्र।
- अकेली और भावुक: सूनापन उन्हें काटता है
- ममतामयी: मिट्ठू की हर ज़रूरत का ध्यान
- तेज़ स्वभाव वाली: खीझकर कोसती भी हैं
- धार्मिक: कुंभ-स्नान की इच्छा, 'सीताराम' का पाठ
- स्मृतियों में जीने वाली: बीते वैभव की गाथा सुनाती हैं
'भगवान! कैसे नैया पार लगेगी?'; 'विदा के दिन ताई की आँसुओं की धार रुके नहीं रुकती थी।'
मिट्ठू
पहाड़ी तोता, ताई का साथी और संवाद का माध्यम।
- कुशाग्र: पाठ हूबहू दोहराता और याद रखता है
- नटखट और ज़िद्दी: कटोरियाँ उलट देता है
- ताई का सहारा: 'कटेगी! कटेगी!!' कहकर दिलासा देता है
'कुशाग्र बुद्धि छात्र की तरह मिट्ठू ताई के पढ़ाए पाठ को न केवल हू-ब-हू दुहरा देता...'
जगन मास्टर
गाँव के मास्टर, जिनकी घरवाली मिट्ठू को रखती है।
- आदर्शवादी और स्वतंत्र विचारों वाले
- संवेदनशील: पिंजरे का तोता देखकर बेचैन
- धुन के पक्के: रोज़ तोते को बाहर निकालते
- ज़िम्मेदार और चिंतित: नए तोते को रटाने में खाना-पीना भूल जाते हैं
'जगन मास्टर दूसरे मिजाज के आदमी थे।'; 'स्वतंत्र विचारों के आदमी थे।'
गनपत और मास्टराइन
सहायक पात्र।
- गनपत: तोता लाकर ताई को सहारा देता है; बाद में नकली तोते की सलाह
- मास्टराइन: पति से पूछे बिना ताई का भार अपने ऊपर ले लेती है
'भला हो गनपत का, जिसने ताई के सूनेपन को सहारा दे दिया था'
How it is written
| Device | Example | Effect |
|---|---|---|
| चित्रात्मकता | 'मिट्ठू एक डाल से दूसरी डाल पर, एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर अपने पंख तौलने में मशगूल रहे।' | दृश्य आँखों के सामने बन जाता है (पाठ के अभ्यास में यही उदाहरण दिया गया है)। |
| संवादात्मकता और पुनरुक्ति | 'कटेगी! कटेगी!! कटेगी!!!' | शब्दों की आवृत्ति से भाव की तीव्रता बढ़ती है और ताई-मिट्ठू का संवाद जीवंत लगता है। |
| मुहावरा और हास्य | 'आदर्शवादी जगन मास्टर के हाथों के सभी तोते उड़ गए।' | मुहावरे 'हाथों के तोते उड़ना' (घबरा जाना) का शाब्दिक और लाक्षणिक दोनों अर्थ में चतुर प्रयोग। |
| लोकधर्मी भाषा | 'भगवान! कैसे नैया पार लगेगी?' | ग्रामीण, सहज बोलचाल की भाषा ताई को सजीव बनाती है। |
| व्यंग्यात्मक-मार्मिक अंत | एवज़ी तोता चुप रहता है और ताई पुकारते-पुकारते थक जाती हैं | अंत पाठक को सोचने के लिए छोड़ देता है; शीर्षक का अर्थ पूरा हो जाता है। |
Key quotations
Short lines worth knowing by heart: who says them, when, and why they matter.
भगवान! कैसे नैया पार लगेगी?
ताई: कहानी के आरंभ में गहरी साँस लेकर।
ताई की चिंता और अकेलेपन का स्वर।
राम-राम कहो, सीताराम कहो।
मिट्ठू: ताई की बात के उत्तर में।
ताई और मिट्ठू का संवाद; ताई को सांत्वना।
ताई की सारी ममता मिट्ठू पर बरस पड़ी।
लेखक: गनपत के तोता लाने के बाद।
मिट्ठू ताई के ममत्व का केंद्र बन जाता है।
जगन मास्टर दूसरे मिजाज के आदमी थे।
लेखक: मास्टराइन द्वारा तोता रखने के बाद।
जगन मास्टर के स्वतंत्र, आदर्शवादी स्वभाव का परिचय।
आदर्शवादी जगन मास्टर के हाथों के सभी तोते उड़ गए।
लेखक: मिट्ठू के रोशनदान से उड़ जाने पर।
मुहावरे से हास्य और घबराहट दोनों।
शेखर जोशी – संवादहीन in real life
Each concept, met in an everyday situation. Read the situation, answer the question in your own words, then compare with the model answer. The one-line hook is what to remember.
वृद्धों का अकेलापन और संवाद
मान लीजिए आपके पड़ोस में एक बुज़ुर्ग महिला अकेली रहती हैं और दिन-भर अपनी बिल्ली से बातें करती रहती हैं।
ताई और मिट्ठू की कहानी के आधार पर उनकी स्थिति को समझाइए और आप क्या करेंगे? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- ताई का संवाद मिट्ठू से था।
- अकेलापन संवाद की भूख पैदा करता है।
- मिलने जाना, बातें सुनना।
Answer: ताई की तरह वे भी संवाद की भूखी हैं, इसलिए बिल्ली से बात करती हैं। मैं कभी-कभी उनके पास जाकर बैठूँगा, उनकी बातें सुनूँगा और ज़रूरत का सामान लाने में मदद करूँगा।
Memory hook: अकेलेपन की दवा: दो बातें, एक कान।
दूसरों की धरोहर की ज़िम्मेदारी
कल्पना कीजिए कि छुट्टियों में आपका मित्र अपनी साइकिल आपके पास छोड़ गया है और आपको लगता है कि उसे मोहल्ले के बच्चों को चलाने देना अच्छा काम होगा।
जगन मास्टर के अनुभव से आप क्या सीखेंगे? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- जगन मास्टर का आदर्श अच्छा, पर तोता पराया था।
- मालिक से पूछे बिना निर्णय से नुकसान।
- पहले अनुमति लेना।
Answer: जगन मास्टर ने अच्छे इरादे से पराए तोते को बाहर निकाला और वह खो गया। मैं भी मित्र की अनुमति के बिना उसकी साइकिल दूसरों को नहीं दूँगा, चाहे इरादा अच्छा हो।
Memory hook: पराई धरोहर, पहले मालिक की राय।
पलायन और परिवार
मान लीजिए आपका परिवार नौकरी के लिए शहर जा रहा है, पर दादी गाँव छोड़ना नहीं चाहतीं।
ताई की कहानी को ध्यान में रखकर परिवार को क्या सुझाव देंगे? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- ताई के बच्चे शहर गए, ताई अकेली रहीं।
- दादी के लिए नियमित संपर्क और देखभाल।
- बारी-बारी से मिलने जाना।
Answer: ताई के बच्चों ने गाँव छोड़ा और वे अकेली रह गईं। हमें दादी के लिए नियमित फ़ोन, बारी-बारी से गाँव जाना और पड़ोसियों से देखभाल की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि वे संवादहीन न हों।
Memory hook: शहर जाओ, पर गाँव का फ़ोन मत भूलो।
Topics in this chapter
How the school exam asks शेखर जोशी – संवादहीन
The question patterns to expect, and the method that works for each.
| Question type | How it is asked | Method |
|---|---|---|
| पठित गद्यांश पर बहुविकल्पी प्रश्न (1×5) | ताई का अकेलापन, मिट्ठू का आना, कुंभ-यात्रा का धर्म-संकट, जगन मास्टर का आदर्श या कहानी के अंत वाले अंश पर पाँच MCQ: संबंध किस भाव को दर्शाता है, किसी कार्य का मूल्य, मुहावरे का अर्थ, कथन-कारण। | अंश कहानी के किस मोड़ का है, यह पहचानें। भावों के विकल्प में वही चुनें जो पूरे अंश से सिद्ध हो (जैसे ममता और स्नेह)। |
| लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक, 25-30 शब्द) | ताई किस 'नैया' की बात करती हैं, ताई के घर को 'सूना खंडहर' क्यों कहा, जगन मास्टर का व्यक्तित्व, शीर्षक किसके लिए सबसे सार्थक है। | पहले वाक्य में उत्तर, दूसरे में कहानी का एक प्रमाण। |
| मूल्यपरक प्रश्न | ताई को भ्रम में रखना उचित था या नहीं; क्या प्राणी पिंजरे के आदी हो सकते हैं; पशु-पक्षियों की संवेदनाएँ। | स्पष्ट राय, दोनों पक्षों का एक-एक तर्क, कहानी से उदाहरण। |
| कहानी का अंत | कहानी का अंत किस श्रेणी का है (सुखांत, दुखांत, मुक्त, अप्रत्याशित, यथार्थवादी आदि) और आप नया अंत कैसे करेंगे। | कारण सहित श्रेणी बताएँ; नया अंत लिखते समय पात्रों के स्वभाव से मेल रखें। |
Tricks to remember शेखर जोशी – संवादहीन
Short memory aids. Say each one aloud once, then use it on a question the same day.
कहानी के छह मोड़
सूना घर → गनपत का तोता → ताई-मिट्ठू संवाद → कुंभ का धर्म-संकट → जगन मास्टर और रोशनदान → एवज़ी तोता और संवादहीन ताई।
Use it when: घटनाक्रम के प्रश्नों के लिए।
मिट्ठू के बोल
राम-राम कहो, सीताराम कहो; हर हर गंगे; खुश रहो; कटेगी! कटेगी!!; मर जा!
Use it when: संवाद और पुनरुक्ति वाले प्रश्नों में उदाहरण।
तीन सहायक पात्र: ग-ज-म
गनपत (तोता लाया, नकली तोते की सलाह), जगन मास्टर (आज़ादी दी), मास्टराइन (तोता रखा)।
Use it when: पात्रों में भ्रम से बचने के लिए।
शेखर जोशी – संवादहीन: extract-based questions
Read the extract, answer every part on paper, then open the answers.
Extract 1: गद्यांश 1: सूनेपन का साथी
ताई की सारी ममता मिट्ठू पर बरस पड़ी। वह रात-दिन मिट्ठू को लेकर ही बेचैन रहने लगीं। जो ताई अपनी खातिर चूल्हा जलाने में आलस्य कर जाती थीं, वही अब नियमपूर्वक मिट्ठू के लिए दाल-भात बनातीं।
(1) · 1 mark · MCQ
(संदर्भ: इससे पहले लेखक बताते हैं कि गनपत न जाने कहाँ से एक प्यारा-सा पहाड़ी तोता ले आया था, जिसने ताई के सूनेपन को सहारा दिया।) ताई के सूनेपन को सहारा किसने दिया?
(क) जगन मास्टर ने
(ख) गनपत ने
(ग) बहू ने
(घ) मास्टराइन ने(2) · 1 mark · MCQ
'ताई की सारी ममता मिट्ठू पर बरस पड़ी' का आशय है:
(क) ताई मिट्ठू पर नाराज़ हुईं
(ख) ताई का सारा स्नेह मिट्ठू पर केंद्रित हो गया
(ग) बारिश में मिट्ठू भीग गया
(घ) ताई ने मिट्ठू को छोड़ दिया(3) · 1 mark · MCQ
मिट्ठू के आने से ताई में क्या परिवर्तन आया?
(क) वे और आलसी हो गईं
(ख) वे नियम से खाना बनाने लगीं
(ग) वे गाँव छोड़ गईं
(घ) वे बीमार हो गईं(4) · 1 mark · Assertion-reason
कथन (A): ताई पहले अपने लिए चूल्हा जलाने में आलस करती थीं।
कारण (R): अकेली जान के लिए खाना बनाने का उनका मन नहीं होता था।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।(5) · 1 mark · MCQ
गद्यांश से ताई और मिट्ठू का संबंध किस भाव को दर्शाता है?
(क) परोपकार और त्याग
(ख) ममता और स्नेह
(ग) करुणा और क्रोध
(घ) जिज्ञासा और सहायता
Show the answersAnswers
- (ख) गनपत ने, जो पहाड़ी तोता ले आया।
- (ख) ताई का सारा स्नेह मिट्ठू पर केंद्रित हो गया।
- (ख) वे नियम से खाना बनाने लगीं; उनके जीवन में फिर उद्देश्य आ गया।
- (क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
- (ख) ममता और स्नेह।
Extract 2: गद्यांश 2: जगन मास्टर का आदर्श
स्वतंत्र विचारों के आदमी थे। दूसरों की स्वतंत्रता पर बाधा नहीं डालना चाहते थे। पिंजड़े में बंद मिट्ठू को देखकर उन्हें बेचैनी होने लगती।
(1) · 1 mark · MCQ
जगन मास्टर को किस बात से बेचैनी होती थी?
(क) ताई के जाने से
(ख) पिंजड़े में बंद मिट्ठू को देखकर
(ग) पत्नी के खाने से
(घ) गाँव के शोर से(2) · 1 mark · MCQ
(संदर्भ: लेखक बताते हैं कि जगन मास्टर 'दूसरे मिजाज के आदमी' थे, जिन्होंने अपने नियम बना रखे थे और कोशिश करते थे कि उनके कारण किसी को कष्ट न पहुँचे।) 'दूसरे मिजाज के आदमी' का अर्थ है:
(क) क्रोधी व्यक्ति
(ख) अलग स्वभाव वाला व्यक्ति
(ग) बीमार व्यक्ति
(घ) परदेसी व्यक्ति(3) · 1 mark · MCQ
जगन मास्टर का मुख्य जीवन-मूल्य क्या था?
(क) धन-संचय
(ख) दूसरों की स्वतंत्रता का सम्मान
(ग) प्रसिद्धि
(घ) अनुशासन के नाम पर कठोरता(4) · 1 mark · MCQ
मिट्ठू को पिंजरे से बाहर निकालना किस भावना का संकेत है?
(क) अनुशासन और परंपरा
(ख) उदासीनता
(ग) आत्मगौरव और विद्रोह
(घ) करुणा और नैतिकता(5) · 1 mark · MCQ
जगन मास्टर के इसी आदर्श का अंततः क्या परिणाम हुआ?
(क) मिट्ठू बोलना भूल गया
(ख) मिट्ठू रोशनदान से उड़ गया
(ग) ताई कुंभ नहीं गईं
(घ) मास्टराइन नाराज़ होकर चली गईं
Show the answersAnswers
- (ख) पिंजड़े में बंद मिट्ठू को देखकर।
- (ख) अलग स्वभाव वाला व्यक्ति।
- (ख) दूसरों की स्वतंत्रता का सम्मान।
- (घ) करुणा और नैतिकता।
- (ख) मिट्ठू रोशनदान से उड़ गया।
शेखर जोशी – संवादहीन: exam-level solved questions
Ordered from exam level to HOTS. Cover the solution, write your own, then compare step by step.
Example 1: किस नैया की बात · 2 marks · Short answerExam level
'भगवान! कैसे नैया पार लगेगी?' ताई इस वाक्य में किस 'नैया' की बात कर रही हैं? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- नैया = जीवन।
- अकेलेपन और बुढ़ापे में जीवन कैसे कटेगा।
- परिवार दूर, सहारा नहीं।
Answer: ताई अपने जीवन की नैया की बात कर रही हैं। बुढ़ापे में परिवार के दूर होने और अकेलेपन के कारण उन्हें चिंता है कि बाकी जीवन कैसे कटेगा।
Example 2: सूना खंडहर · 2 marks · Short answerExam level
ताई के बड़े घर को 'सूना खंडहर' क्यों कहा गया है? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- कभी भरा-पूरा घर था।
- परिवार, नौकर, गाय-ढोर सब चले गए।
- अब केवल ताई और मिट्ठू।
Answer: कभी यह घर पूत-परिवार, नौकर-चाकर और गाय-ढोर से भरा था। अब सब चले गए और केवल ताई और मिट्ठू रह गए, इसलिए वह रौनक-रहित, सूना खंडहर-सा लगता है।
Example 3: जगन मास्टर का व्यक्तित्व · 2 marks · Short answerHarder exam level
जगन मास्टर का व्यक्तित्व कैसा था? कहानी से उदाहरण दीजिए। (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- स्वतंत्र विचार, आदर्शवादी।
- पिंजरे का तोता देखकर बेचैन; बाहर निकालते।
- ज़िम्मेदार: नए तोते को रटाने में जुटे।
Answer: जगन मास्टर स्वतंत्र विचारों वाले आदर्शवादी थे; पिंजरे का तोता देखकर बेचैन होकर उसे बाहर निकालते थे। मिट्ठू के उड़ने पर वे ज़िम्मेदारी से नए तोते को रटाने में जुट गए।
Example 4: शीर्षक की सार्थकता · 2 marks · Short answerHarder exam level
'संवादहीन' शीर्षक किसके लिए सबसे अधिक सार्थक है: ताई, जगन मास्टर, मिट्ठू या नया तोता? कारण दीजिए। (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- ताई का संवाद केवल मिट्ठू से था।
- परिवार से संवाद पहले ही टूटा।
- अंत में ताई संवादहीन रह जाती हैं।
Answer: शीर्षक ताई के लिए सबसे सार्थक है। परिवार से उनका संवाद पहले ही टूट चुका था; मिट्ठू ही बोलने-सुनने का सहारा था। उसके खो जाने से वे पूरी तरह संवादहीन हो गईं।
Example 5: भ्रम में रखना उचित? · 2 marks · Short answerHOTS / competency
गनपत की सलाह पर ताई को नकली तोते से भ्रम में रखना उचित था या नहीं? तर्क सहित लिखिए। (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- उद्देश्य: ताई को सदमे से बचाना।
- पर ताई अपने मिट्ठू को पहचानती थीं; भ्रम टिक नहीं सकता।
- सच बताकर सहारा देना बेहतर।
Answer: उद्देश्य अच्छा था, पर तरीका उचित नहीं था। ताई अपने मिट्ठू को पहचानती थीं, इसलिए भ्रम टूटना ही था। सच नम्रता से बताकर उनके दुख में साथ देना बेहतर होता।
Example 6: आदर्श का दूसरा पक्ष · 2 marks · Short answerHOTS / competency
मान लीजिए आप जगन मास्टर की जगह होते। तोते की स्वतंत्रता और ताई की भावनाओं के बीच आप क्या करते? (25-30 शब्द)
Try it first, then show the solutionSolution
- तोता पराई धरोहर था।
- ताई लौटने पर उनसे बात करना।
- स्वतंत्रता और भावना में संतुलन।
Answer: मिट्ठू ताई की धरोहर था, इसलिए मैं उनकी अनुमति के बिना उसे बाहर न निकालता। ताई के लौटने पर उनसे बड़ा पिंजरा या सुरक्षित तरीके से उसे खुला रखने की बात करता।
Where the marks are
How a typical answer is marked: the value points the examiner looks for and the marks each earns.
कहानी का शीर्षक 'संवादहीन' कहाँ तक सार्थक है? (25-30 शब्द) (2 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| विषय-वस्तु: ताई का परिवार से संवाद टूटा; मिट्ठू ही संवाद का माध्यम; उसके खोने से ताई संवादहीन; शीर्षक पूरी तरह सार्थक। | 1 |
| अभिव्यक्ति: शुद्ध, संक्षिप्त भाषा। | 1 |
सूचना लेखन (लगभग 80 शब्द, 5 अंक) (5 marks)
| Step | Marks |
|---|---|
| प्रारूप: 'सूचना', शीर्षक, तिथि, नाम/पद, बॉक्स। | 1 |
| विषय-वस्तु: आवश्यक विवरण (क्या, कब, कहाँ, संपर्क)। | 2 |
| प्रस्तुति: स्पष्टता और क्रम। | 1 |
| भाषा की शुद्धता और शब्द-सीमा। | 1 |
Where students lose marks in शेखर जोशी – संवादहीन
The slips examiners see most often, and what to write instead.
Mistake: यह लिखना कि मिट्ठू ताई के घर से उड़ा
घटना-स्थल भूलना।
Wrong working
ताई के घर का पिंजरा खुला रह गया और मिट्ठू उड़ गया।
Right working
मिट्ठू जगन मास्टर के कमरे के रोशनदान से उड़ा, जब ताई कुंभ गई थीं।
Do this: घटना और स्थान साथ याद रखें।
Usually costs: 1-2 अंक।
Mistake: जगन मास्टर को लापरवाह बताना
उनके इरादे को न समझना।
Wrong working
जगन मास्टर ने लापरवाही से तोता उड़ा दिया।
Right working
स्वतंत्रता के आदर्श से उन्होंने तोते को खुली हवा देनी चाही, पर वह उड़ गया।
Do this: इरादा और परिणाम अलग-अलग लिखें।
Usually costs: विषय-वस्तु के अंक।
Mistake: तोता लाने वाले का नाम गलत लिखना
गनपत और जगन में भ्रम।
Wrong working
जगन मास्टर ने ताई को तोता दिया।
Right working
गनपत तोता लाया था।
Do this: ग-ज-म युक्ति याद रखें।
Usually costs: 1 अंक।
Mistake: शीर्षक का अर्थ केवल 'तोते का न बोलना' लिखना
गहरे अर्थ को न पकड़ना।
Wrong working
नया तोता बोलता नहीं था, इसलिए संवादहीन।
Right working
ताई का परिवार और मिट्ठू, दोनों से संवाद छिन गया; वे अकेलेपन में संवादहीन हो गईं।
Do this: शीर्षक को ताई के जीवन से जोड़ें।
Usually costs: 1 अंक।
Practice questions on शेखर जोशी – संवादहीन
Write each answer on paper first. Open the hint only if you are stuck, and the answer only when you have finished.
Q1 · 1 mark · MCQExam level
ताई कुंभ-स्नान के लिए कहाँ गई थीं?
(क) हरिद्वार
(ख) प्रयागराज
(ग) उज्जैन
(घ) नासिकHint
गाँव के लोग कहाँ जा रहे थे?
Answer
(ख) प्रयागराज।
Q2 · 2 marks · Short answerExam level
ताई के परिवार के लोग कहाँ चले गए थे? (25-30 शब्द)
Hint
बहू-बेटे और बेटियाँ।
Answer
मूल्य-बिंदु: बहू-बेटे गाँव छोड़कर शहरों में बस गए; बेटियाँ ब्याहकर अपनी गृहस्थी में रम गईं; कारबार पराए हाथों में।
आदर्श उत्तर: बहू-बेटे गाँव का मोह छोड़कर शहरों में बस गए और बेटियाँ ब्याह के बाद अपनी गृहस्थी में रम गईं। इसलिए ताई गाँव के बड़े घर में अकेली रह गईं।
Q3 · 2 marks · Short answerExam level
मिट्ठू ताई को किस प्रकार दिलासा देता था? (25-30 शब्द)
Hint
'अब कैसे कटेगी?'
Answer
मूल्य-बिंदु: ताई के 'अब कैसे कटेगी?' पूछने पर 'कटेगी! कटेगी!!' कहता; 'खुश रहो' कहता; 'राम-राम कहो' का पाठ; ताई के थके शरीर में प्राण लौट आते।
आदर्श उत्तर: ताई पूछतीं 'अब कैसे कटेगी?' तो मिट्ठू दम-खम से 'कटेगी! कटेगी!!' कहता। वह 'खुश रहो' भी कहता, जिससे ताई के थके शरीर में जैसे प्राण लौट आते।
Q4 · 2 marks · Short answerHarder exam level
'हाथों के तोते उड़ना' मुहावरे का अर्थ लिखकर उसका वाक्य में प्रयोग कीजिए। कहानी में इसका चमत्कार भी बताइए।
Hint
शाब्दिक और लाक्षणिक अर्थ।
Answer
मूल्य-बिंदु: अर्थ (घबरा जाना); सही वाक्य; कहानी में सचमुच तोता उड़ा और मास्टर घबरा भी गए।
आदर्श उत्तर: अर्थ: अचानक घबरा जाना। प्रयोग: परीक्षा-केंद्र पर प्रवेश-पत्र न मिलने से मेरे हाथों के तोते उड़ गए। कहानी में मिट्ठू सचमुच उड़ा और जगन मास्टर घबरा भी गए।
Q5 · 2 marks · Short answerHarder exam level
मिट्ठू पहले पिंजरे से बाहर क्यों नहीं आया? इससे क्या संकेत मिलता है? (25-30 शब्द)
Hint
आदत।
Answer
मूल्य-बिंदु: पिंजरे में रहने का आदी; बाहर की इच्छा नहीं जताई; दाने के लालच से धीरे-धीरे बाहर आया; लंबा बंधन स्वतंत्रता की इच्छा दबा देता है।
आदर्श उत्तर: मिट्ठू पिंजरे में रहने का इतना आदी हो चुका था कि बाहर आने की इच्छा ही नहीं जताई। संकेत यह है कि लंबा बंधन प्राणी की स्वतंत्रता की इच्छा को दबा देता है।
Q6 · 1 mark · Assertion-reasonHarder exam level
कथन (A): लौटकर ताई को देखकर नया तोता कुछ नहीं बोला।
कारण (R): वह ताई को पहचानता नहीं था और उसने ताई का पाठ नहीं सीखा था।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
(ग) A सही है, R गलत है।
(घ) A गलत है, R सही है।Hint
एवज़ी तोता।
Answer
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
Q7 · 2 marks · Short answerHOTS / competency
आपके अनुसार कहानी का अंत किस श्रेणी का है: सुखांत, दुखांत, मुक्त या यथार्थवादी? कारण दीजिए। (25-30 शब्द)
Hint
ताई की स्थिति और 'न जाने किन अमराइयों में'।
Answer
मूल्य-बिंदु: दुखांत और यथार्थवादी (या मुक्त); ताई का सहारा छिन जाता है; मिट्ठू का पता नहीं; पाठक सोचने को विवश।
आदर्श उत्तर: अंत दुखांत और यथार्थवादी है। ताई का एकमात्र साथी खो जाता है और वे फिर अकेली रह जाती हैं। मिट्ठू कहाँ है, यह खुला छोड़कर लेखक पाठक को सोचने पर विवश करता है।
Q8 · 2 marks · Short answerHOTS / competency
मान लीजिए आपके दादा-दादी गाँव में अकेले रहते हैं। 'संवादहीन' कहानी से सीख लेकर आप उनके अकेलेपन को कैसे कम करेंगे? (25-30 शब्द)
Hint
संवाद ही सबसे बड़ी ज़रूरत।
Answer
मूल्य-बिंदु: नियमित फ़ोन/वीडियो कॉल; छुट्टियों में मिलने जाना; उनकी बातें धैर्य से सुनना; पड़ोसियों से संपर्क; उनके शौक में रुचि।
आदर्श उत्तर: ताई की तरह उनकी सबसे बड़ी ज़रूरत संवाद है। मैं रोज़ फ़ोन करके उनकी बातें धैर्य से सुनूँगा, छुट्टियों में उनके पास जाऊँगा और पड़ोसियों से भी उनका ध्यान रखने को कहूँगा।
Q9 · 5 marks · Long answerHarder exam level
सूचना लेखन (लगभग 80 शब्द): आपके मोहल्ले का एक पालतू तोता खो गया है। उसकी खोज के लिए सूचना लिखिए।
Hint
शीर्षक, तिथि, विवरण, संपर्क।
Answer
मूल्य-बिंदु (सूचना लेखन): 'सूचना' शब्द और स्पष्ट शीर्षक (पालतू तोता खो गया है); तिथि; तोते का विवरण (रंग, आकार, बोलने वाले शब्द, गले की लाल धारी आदि); कब और कहाँ से उड़ा; मिलने पर संपर्क का पता और फ़ोन; पुरस्कार (यदि हो); सूचना देने वाले का नाम; बॉक्स में संक्षिप्त, स्पष्ट भाषा; लगभग 80 शब्द।
Test your recall
Answer in your head or on paper first, then open the card. Pulling an answer out of memory makes it stick far better than re-reading.
1.'संवादहीन' के लेखक?Show answer
शेखर जोशी।
2.ताई के तोते का नाम?Show answer
मिट्ठू।
3.तोता कौन लाया था?Show answer
गनपत।
4.ताई कहाँ गई थीं?Show answer
कुंभ-स्नान के लिए प्रयागराज।
5.मिट्ठू किसके पास रखा गया?Show answer
जगन मास्टर की घरवाली के पास।
6.मिट्ठू कहाँ से उड़ा?Show answer
कमरे के खुले रोशनदान से।
7.नकली तोता लाने की सलाह किसने दी?Show answer
गनपत ने।
8.जगन मास्टर ध्यान हटने के समय क्या पढ़ रहे थे?Show answer
'गीता-रहस्य'।
Quick revision checklist
The night before the exam: can you do each of these without looking?
- क्या आप ताई के अकेलेपन के तीन कारण बता सकते हैं?
- क्या आप ताई और मिट्ठू के संवाद के तीन उदाहरण दे सकते हैं?
- क्या आप ताई के धर्म-संकट को समझा सकते हैं?
- क्या आप जगन मास्टर के आदर्श और उसके परिणाम को लिख सकते हैं?
- क्या आप शीर्षक की सार्थकता 30 शब्दों में लिख सकते हैं?
- क्या आप कहानी के अंत की श्रेणी कारण सहित बता सकते हैं?
शेखर जोशी – संवादहीन: frequently asked questions
'संवादहीन' कहानी के लेखक कौन हैं?
शेखर जोशी। यह कक्षा 9 की पुस्तक गंगा के गद्य खंड का तीसरा पाठ है।
ताई को मिट्ठू किसने लाकर दिया?
गनपत ने। वह न जाने कहाँ से एक प्यारा पहाड़ी तोता ले आया था।
ताई कहाँ गई थीं और मिट्ठू को किसके पास छोड़ा?
ताई कुंभ-स्नान के लिए प्रयागराज गई थीं और मिट्ठू को जगन मास्टर की घरवाली के पास छोड़ा था।
मिट्ठू कैसे उड़ गया?
जगन मास्टर रोज़ कमरा बंद करके उसे पिंजरे से बाहर निकालते थे। एक दिन मिट्ठू खुले रोशनदान पर पहुँचा और वहाँ से बाहर उड़ गया।
कहानी का शीर्षक 'संवादहीन' क्यों है?
मिट्ठू ही ताई के संवाद का एकमात्र माध्यम था। उसके उड़ जाने और नए तोते के चुप रहने से ताई फिर संवादहीन, यानी अकेली रह जाती हैं।
कहानी किस समस्या की ओर संकेत करती है?
गाँवों से शहरों की ओर पलायन, परिवार का बिखरना और वृद्धों का अकेलापन; साथ ही आदर्श और यथार्थ के टकराव की ओर।
Based on: CBSE हिंदी पाठ्यक्रम, कक्षा नवीं (आर-1 और आर-2) 2026-27; NCERT गंगा, कक्षा 9 (मार्च 2026), पाठ 3: संवादहीन