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HindiCBSE Class 10 · Course A · Sample paper, session 2026-27 · 7 marks · Reading comprehension

CBSE Class 10 Hindi Course A sample paper 2026-27: question 1

From the official CBSE sample question paper for 2026-27, section A, question 1, for 7 marks. Try it first; the hints and our step-by-step solution are below.

Q1 · 7 marks · Reading comprehensionCompetency-basedReading (unseen passages)

निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :

“एक छोटा कदम एक इंसान के लिए, लेकिन एक बड़ी छलांग मानवता के लिए”- यह शब्द नील आर्मस्ट्रांग ने चंद्रमा पर कदम रखते हुए कहे थे | आज वही भावना भारतवासियों के मन में तब जगी जब भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 27 जून 2025 को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर कदम रखा | यह क्षण केवल भारत की अंतरिक्ष वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह देश की अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पहचान, आत्मनिर्भरता और युवाओं की प्रेरणा के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है | अंतरिक्ष के रहस्यों को समझने और नई तकनीकों का विकास करने के लिए अंतरिक्ष अन्वेषण मानवता की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है |

27 जून 2025 को स्पेसएक्स के फ़ाल्कन 9 रॉकेट से लॉन्च होने के बाद, शुभांशु शुक्ला और उनकी टीम ने 18 दिन आईएसएस पर बिताए। इस दौरान, उन्होंने माइक्रोग्रैविटी में 20 से अधिक विविध प्रयोग किए |
भारत ने अंतरिक्ष की यात्रा 1969 में इसरो की स्थापना से शुरू की थी | 1984 में राकेश शर्मा सोवियत अंतरिक्षयान के जरिए अंतरिक्ष में गए | राकेश शर्मा के बाद शुभांशु शुक्ला दूसरे भारतीय बने जिन्होंने अंतरिक्ष की यात्रा की, जो भारत की अंतरिक्ष यात्रा के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ता है। यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष समुदाय में भारत की बढ़ती साख को मजबूत करती है | अब 2025 में शुभांशु शुक्ला का आईएसएस पर पहुँचना इस बात का संकेत है कि भारत अब 'मानव अंतरिक्ष युग' में प्रवेश कर चुका है और यह भारत के हर युवा, वैज्ञानिक और नागरिक की उम्मीदों की उड़ान है | इस मिशन ने देश के लाखों बच्चों और युवाओं के मन में 'मैं' भी कर सकता हूँ की भावना जगाई है |

स्रोत - विज्ञान प्रगति (मासिक पत्रिका)

  1. (I)

    उपर्युक्त गद्यांश में किस विषय पर चर्चा की गई है?

    1. (A)नील आर्मस्ट्रांग के चंद्रमा पर कदम रखने पर
    2. (B)भारत के स्वर्णिम अंतरिक्ष अध्याय पर
    3. (C)अंतरिक्ष के रहस्यों को समझने पर
    4. (D)शुभांशु शुक्ला और उनकी टीम पर
    1 mark
  2. (II)

    निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन करके लिखिए :
    कथन : "एक छोटा कदम एक इंसान के लिए, लेकिन एक बड़ी छलांग मानवता के लिए |"
    कारण : यह कदम विज्ञान, प्रौद्योगिकी और मानव अन्वेषण के क्षेत्र में एक बहुत बड़ी प्रगति का प्रतिनिधित्व करता है |

    1. (A)कथन गलत है, किंतु कारण सही है |
    2. (B)कथन और कारण दोनों गलत हैं |
    3. (C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है |
    4. (D)कथन और कारण दोनों सही हैं किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है |
    1 mark
  3. (III)

    भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 27 जून 2025 को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर कदम रखा | यह क्षण भारत के लिए क्यों महत्त्वपूर्ण साबित हुआ ?

    1 mark
  4. (IV)

    'भारत अब 'मानव अंतरिक्ष युग' में प्रवेश कर चुका है |' गद्यांश के आधार पर इस कथन की पुष्टि कीजिए |

    2 marks
  5. (V)

    बच्चों और युवाओं के मन में 'मैं' भी कर सकता हूँ की भावना शुभांशु शुक्ला के अंतरिक्ष में कदम रखने से कैसे जागृत हुई ?

    2 marks

Source: official sample paper from cbseacademic.nic.in (PDF). See it in the full Sample paper 2026-27.

Hints

Open one hint at a time and try again before the next.

Hint 1

प्रत्येक उप-प्रश्न का उत्तर गद्यांश में ढूँढिए।

Hint 2

कथन-कारण में पहले दोनों की सत्यता, फिर संबंध देखिए।

Hint 3

(IV) में 1969, 1984 और 2025 की घटनाओं को जोड़िए।

Step-by-step solution

Each step shows the marks it earns, as an examiner would award them. Checked by an independent re-solve from the question paper.

  1. (I) सही विकल्प (B) है। गद्यांश में शुभांशु शुक्ला की उपलब्धि के माध्यम से भारत की वर्तमान अंतरिक्ष उपलब्धि और उसके स्वर्णिम अध्याय की चर्चा है।

    1 mark
  2. (II) सही विकल्प (C) है। यह कथन नील आर्मस्ट्रांग का है (कथन सही) और यह कदम विज्ञान व अन्वेषण में बड़ी प्रगति का प्रतीक है, इसलिए कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

    1 mark
  3. (III) यह क्षण भारत की अंतरिक्ष-वैज्ञानिक उपलब्धि है, इससे देश की अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पहचान बनी, आत्मनिर्भरता बढ़ी और युवाओं को प्रेरणा मिली।

    1 mark
  4. (IV) भारत ने 1969 में इसरो की स्थापना से यात्रा शुरू की; 1984 में राकेश शर्मा अंतरिक्ष गए।

    1 mark
  5. राकेश शर्मा के बाद शुभांशु शुक्ला दूसरे भारतीय बने और 2025 में उनका आईएसएस पर पहुँचना, 18 दिन रहकर प्रयोग करना, भारत की बढ़ती साख और मानव अंतरिक्ष युग में प्रवेश का संकेत है।

    1 mark
  6. (V) जब किसी को अभूतपूर्व सफलता मिलती है तो बच्चों-युवाओं में 'मैं भी कर सकता हूँ' का भाव जागता है; शुभांशु की सफलता उनके सामने जीवंत उदाहरण बनी।

    1 mark
  7. इस मिशन ने उन्हें बड़े सपने देखने और कड़ी मेहनत करने की प्रेरणा दी; यह हर युवा, वैज्ञानिक और नागरिक की उम्मीदों की उड़ान है।

    1 mark

Answer: (I) B; (II) C; (III) अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पहचान, आत्मनिर्भरता व युवा-प्रेरणा का ऐतिहासिक क्षण; (IV) 1969 इसरो, 1984 राकेश शर्मा, 2025 शुभांशु; (V) सफलता से प्रेरणा

Where the marks are

  • (I) सही विकल्प B (1 अंक)
  • (II) सही विकल्प C (1 अंक)
  • (III) महत्त्व का एक कारण (1 अंक)
  • (IV) दो बिंदु (2 अंक)
  • (V) दो बिंदु (2 अंक)

Revise the chapter

  • Chapter: Reading (unseen passages)

The question is transcribed from the official paper; figures are described in words. The solution, hints and chapter tag are ours. Spotted an error? Write tosupport@questionbuddy.in.