Skip to content
HindiCBSE Class 10 · Course A · Sample paper, session 2026-27 · 7 marks · Reading comprehension

CBSE Class 10 Hindi Course A sample paper 2026-27: question 2

From the official CBSE sample question paper for 2026-27, section A, question 2, for 7 marks. Try it first; the hints and our step-by-step solution are below.

Q2 · 7 marks · Reading comprehensionCompetency-basedReading (unseen passages)

निम्नलिखित अपठित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए :

ज़िंदगी को
वह गढ़ेंगे जो शिलाएँ तोड़ते हैं,
जो भगीरथ नीर की निर्भय शिराएँ मोड़ते हैं |
यज्ञ को इस शक्ति-श्रम के
श्रेष्ठतम में मानता हूँ !!

ज़िंदगी को
वे गढ़ेंगे जो खदानें खोदते हैं,
लौह के सोए असुर को कर्म-रथ में जोतते हैं |
यज्ञ को इस शक्ति श्रम के
श्रेष्ठतम में मानता हूँ !!

ज़िंदगी को
वे गढ़ेंगे जो प्रभंजन हाँकते हैं,
शूरवीरों के चरण से रक्त-रेखा आँकते हैं |
यज्ञ को इस शक्ति-श्रम के
श्रेष्ठतम में मानता हूँ !!

ज़िंदगी को
वे गढ़ेंगे जो प्रलय को रोकते हैं,
रक्त से रंजित धरा पर शांति का पथ खोजते हैं |
यज्ञ को इस शक्ति-श्रम के
श्रेष्ठतम में मानता हूँ !!

मैं नया इंसान हूँ इस यज्ञ में सहयोग दूँगा |
खूबसूरत ज़िंदगी की नौजवानी भोग लूँगा |

  • केदारनाथ अग्रवाल (जो शिलाएँ तोड़ते हैं)
  1. (I)

    प्रस्तुत कविता का मुख्य भाव है :

    1. (A)शूरवीरों के साहस की सराहना
    2. (B)नौजवानों की ताकत का सम्मान
    3. (C)किसानों और मजदूरों की प्रशंसा
    4. (D)मेहनती और दृढ़-निश्चयी लोगों का गुणगान
    1 mark
  2. (II)

    मैं नए विचारों से प्रेरित इंसान हूँ । श्रम और मानवता से समाज के निर्माण में सहयोग दूँगा |
    यह भाव कविता की किन पंक्तियों में व्यक्त हुआ है ?

    1. (A)खूबसूरत ज़िंदगी की नौजवानी भोग लूँगा
    2. (B)मैं नया इंसान हूँ इस यज्ञ में सहयोग दूँगा
    3. (C)ज़िंदगी को वह गढ़ेंगे जो शिलाएँ तोड़ते हैं
    4. (D)ज़िंदगी को वे गढ़ेंगे जो प्रभंजन हाँकते हैं
    1 mark
  3. (III)

    निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कर लिखिए :
    कथन - जो लोग कठिनाइयों और बाधाओं को तोड़कर आगे बढ़ते हैं, वे अपने जीवन और समाज को गढ़ने वाले होते हैं।
    कारण - इतिहास गवाह है कि हमारे महापुरुषों ने मेहनत, धैर्य और संघर्ष के आधार पर सुंदर समाज का निर्माण किया |
    विकल्प :
    (A)कथन गलत है, किंतु कारण सही है |
    (B)कथन और कारण दोनों ही गलत हैं |
    (C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है |
    (D)कथन और कारण दोनों सही हैं किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है |

    1 mark
  4. (IV)

    मानव जीवन का श्रेष्ठतम यज्ञ कवि ने किसे माना है और क्यों?

    2 marks
  5. (V)

    यह कविता साहस और संघर्ष का प्रतीक है - कैसे ? कविता से उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए |

    2 marks

Source: official sample paper from cbseacademic.nic.in (PDF). See it in the full Sample paper 2026-27.

Hints

Open one hint at a time and try again before the next.

Hint 1

कविता की टेक 'श्रेष्ठतम में मानता हूँ' पर ध्यान दीजिए।

Hint 2

(IV) में यज्ञ किसे कहा गया है, यह देखिए।

Hint 3

(V) में कविता की पंक्तियाँ उद्धृत कीजिए।

Step-by-step solution

Each step shows the marks it earns, as an examiner would award them. Checked by an independent re-solve from the question paper.

  1. (I) सही विकल्प (D)। कविता में शिलाएँ तोड़ने, खदान खोदने वाले आदि मेहनती, दृढ़-निश्चयी लोगों का गुणगान है।

    1 mark
  2. (II) सही विकल्प (B)। 'मैं नया इंसान हूँ इस यज्ञ में सहयोग दूँगा' में यही भाव है।

    1 mark
  3. (III) सही विकल्प (C)। कथन सही है और महापुरुषों के परिश्रम-संघर्ष का उदाहरण उसकी सही व्याख्या करता है।

    1 mark
  4. (IV) कवि ने शक्ति-श्रम (परिश्रम) के यज्ञ को श्रेष्ठतम माना है।

    1 mark
  5. क्योंकि परिश्रम ही सफलता का आधार है और जीवन व समाज को वही गढ़ता है।

    1 mark
  6. (V) कविता में शिलाएँ तोड़ने, नदी की धारा मोड़ने (भगीरथ), खदान खोदने और प्रभंजन हाँकने वालों का वर्णन उनके साहस व संघर्ष को दर्शाता है।

    1 mark
  7. 'लौह के सोए असुर को कर्म-रथ में जोतते हैं' तथा 'प्रलय को रोकते हैं' जैसी पंक्तियाँ शक्ति और संघर्ष का प्रतीक हैं।

    1 mark

Answer: (I) D; (II) B; (III) C; (IV) शक्ति-श्रम का यज्ञ, क्योंकि परिश्रम सफलता का आधार है; (V) शिला तोड़ना, नीर मोड़ना आदि उदाहरण

Where the marks are

  • (I) D (1)
  • (II) B (1)
  • (III) C (1)
  • (IV) श्रम को श्रेष्ठ यज्ञ तथा कारण (2)
  • (V) कविता से उदाहरण सहित साहस-संघर्ष (2)

Revise the chapter

  • Chapter: Reading (unseen passages)

The question is transcribed from the official paper; figures are described in words. The solution, hints and chapter tag are ours. Spotted an error? Write tosupport@questionbuddy.in.