CBSE Class 10 Hindi Course A sample paper 2026-27: question 10
From the official CBSE sample question paper for 2026-27, section C, question 10, for 6 marks. Try it first; the hints and our step-by-step solution are below.
Q10 · 6 marks · Very short answerसूरदास – पद
निर्धारित कविताओं के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए : (3x2=6)
- (I)2 marks
'सूरदास अब धीर धरहिं क्यों ?' - इस प्रश्न में निहित गोपियों की व्यथा का चित्रण 'सूरदास के पद' के आधार पर संक्षेप में लिखिए |
- (II)2 marks
"क्या यह अच्छा नहीं कि औरों की सुनता मैं मौन रहूँ ?" 'आत्मकथ्य' कविता के आधार पर लिखिए कि कवि 'दूसरों की सुनकर मौन रहना' क्यों श्रेयस्कर मानता है?
- (III)2 marks
'यह दंतुरित मुसकान' कविता में बच्चे और कवि के बीच का संबंध मुख्यतः संवादहीन है, फिर भी अत्यंत गहन और भावपूर्ण है | 'यह दंतुरित मुसकान' कविता के आधार पर तर्कपूर्ण उत्तर लिखिए |
- (IV)2 marks
'और यह कि फिर से गाया जा सकता है गाया जा चुका राग' - यह पंक्ति संगतकार के स्वर में किस भावना और विश्वास को व्यक्त करती है?
'संगतकार' कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए |
Source: official sample paper from cbseacademic.nic.in (PDF). See it in the full Sample paper 2026-27.
Hints
Open one hint at a time and try again before the next.
Hint 1
कविता की प्रमुख पंक्तियाँ याद कीजिए।
Hint 2
दो बिंदु अलग-अलग लिखिए।
Hint 3
भाव को अपने शब्दों में समझाइए।
Step-by-step solution
Each step shows the marks it earns, as an examiner would award them. Checked by an independent re-solve from the question paper.
- 1 mark
(I) कृष्ण के आने की अवधि अनिश्चित है, आस में गोपियाँ तन-मन से पीड़ा सह रही हैं।
- 1 mark
उद्धव के योग-संदेश ने विरह को और जलाया; मर्यादा टूट गई, गुहार बेकार रही, अतः वे धैर्य नहीं रख सकतीं।
- 1 mark
(II) कवि के अनुसार जीवन में सुनाने योग्य कोई बड़ी उपलब्धि नहीं है, इसलिए अपनी कथा कहने से दूसरों की सुनना बेहतर है।
- 1 mark
वे नहीं चाहते कि उनकी भोली व्यथा उपहास या मनोरंजन का विषय बने; इसलिए मौन श्रेयस्कर है।
- 1 mark
(III) संबंध संवादहीन है; बच्चे की दंतुरित मुसकान ही संचार का माध्यम है, जो कवि को छविमान सौंदर्य का अनुभव कराती है।
- 1 mark
कवि 'अतिथि' व पराया है, बच्चा अनिमेष देखता है; यह हृदय से हृदय का जुड़ाव शब्दों से परे है।
- 1 mark
(IV) यह पंक्ति आशा, पुनः प्रयास और अवसर की अनंतता का विश्वास जगाती है।
- 1 mark
संगतकार मानता है कि बीती विफलता अंत नहीं; राग फिर गाया जा सकता है, इसलिए हार न मानने का संदेश मिलता है।
Answer: किन्हीं तीन उप-प्रश्नों के ऊपर दिए उत्तर
Where the marks are
- प्रत्येक उत्तर में दो बिंदु, 1+1 अंक (कुल 6)
Revise the chapter
- Chapter: सूरदास – पद (notes, formulas, where marks are lost and every past question)
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