CBSE Class 10 Hindi Course A 2025: question 8
Set in the CBSE Class 10 board exam of 2025, paper 3/4/1, section ग, question 8, for 6 marks. Try it first; the hints and our step-by-step solution are below.
Q8 · 6 marks · Short answerयशपाल – लखनवी अंदाज़
निर्धारित गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए: 3 × 2 = 6
- (i)2 marks
'लखनवी अंदाज' पाठ के आधार पर लिखिए कि लेखक का नवाब साहब के प्रति आरंभ से अंत तक व्यवहार अकड़ से भरा क्यों रहा?
- (ii)2 marks
"अपनी ज़िंदगी खुद जीने के इस आधुनिक दबाव ने महानगरों के फ्लैट में रहने वालों को हमारे इस परंपरागत पड़ोस कल्चर से विच्छिन्न करके हमें कितना संकुचित, असहाय और असुरक्षित बना दिया है।"- 'एक कहानी यह भी' से उद्धृत इस कथन में लेखिका ने किस 'पड़ोस कल्चर' का उल्लेख किया है?
- (iii)2 marks
हालदार साहब का हर बार कस्बे से गुजरते हुए मूर्ति के पास रुकना क्या दर्शाता है? 'नेताजी का चश्मा' पाठ के संदर्भ में लिखिए।
- (iv)2 marks
पुत्र की मृत्यु पर बालगोबिन भगत के शोक मनाने का तरीका सामान्य लोगों के तरीके से सर्वथा अलग कैसे था? स्पष्ट कीजिए।
Source: official question paper from cbse.gov.in (PDF). See it in the full 2025 board paper, set 3/4/1.
Hints
Open one hint at a time and try again before the next.
Hint 1
पाठ की घटना को संक्षेप में याद कीजिए।
Hint 2
प्रश्न में पूछे गए शब्द (अकड़, पड़ोस, रुकना, शोक) पर ध्यान दीजिए।
Hint 3
दो अलग-अलग बिंदु लिखिए।
Step-by-step solution
Each step shows the marks it earns, as an examiner would award them. Checked by an independent re-solve from the question paper.
- 2 marks
(i) नवाब साहब ने लेखक के डिब्बे में आने पर उसे अनदेखा किया और बातचीत की उत्सुकता नहीं दिखाई। इस उपेक्षा से आहत लेखक ने भी आत्मसम्मान की रक्षा के लिए अकड़ भरा व्यवहार रखा।
- 2 marks
(ii) लेखिका के बचपन के पड़ोस कल्चर में घर की सीमा मोहल्ले तक फैली होती थी। पूरा मोहल्ला एक-दूसरे के सुख-दुख में भागीदार होता था और पड़ोसियों में परिवार जैसा स्नेह तथा विश्वास रहता था।
- 2 marks
(iii) हालदार साहब का रुकना दिखाता है कि उन्हें मूर्ति के चश्मे के बदलते रूप को देखने की उत्सुकता और कौतूहल था। साथ ही उनके मन में देशभक्ति और नेताजी के प्रति सम्मान था।
- 2 marks
(iv) बालगोबिन भगत ने पुत्र की मृत्यु पर विलाप करने के बजाय शव के पास बैठकर तन्मयता से कबीर के पद गाए। उन्होंने इसे आत्मा और परमात्मा के मिलन का उत्सव माना और पुत्रवधू को भी शोक छोड़कर उत्सव मनाने को कहा।
Answer: कोई तीन उपप्रश्नों के उत्तर ऊपर दिए गए हैं
Where the marks are
- प्रत्येक उपप्रश्न में दो बिंदु (1+1 = 2 अंक); किन्हीं तीन के उत्तर
Revise the chapter
- Chapter: यशपाल – लखनवी अंदाज़ (notes, formulas, where marks are lost and every past question)
More questions from यशपाल – लखनवी अंदाज़
- Sample paper 2023-24 (Course A), Q11 · 6 marksगद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित 4 प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए: …
- 2023 board paper, set 3/1/1 (Course A), Q8 · 2 marksगद्य खंड के पाठों के आधार पर निम्नलिखित दो प्रश्नों का सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए :
- 2026 board paper, set 4/1/1 (Course B), Q7 · 5 marksनिम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों का सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए : 5×1 = 5 लेफ़्टीनेंट : हफ़…
The question is transcribed from the official paper; figures are described in words. The solution, hints and chapter tag are ours. Spotted an error? Write tosupport@questionbuddy.in.