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HindiCBSE Class 10 · Course A · Board exam 2025, set 3/4/1 · 7 marks · Reading comprehension

CBSE Class 10 Hindi Course A 2025: question 2

Set in the CBSE Class 10 board exam of 2025, paper 3/4/1, section क, question 2, for 7 marks. Try it first; the hints and our step-by-step solution are below.

Q2 · 7 marks · Reading comprehensionCompetency-basedReading (unseen passages)

निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए:

आदमी का स्वप्न? है वह बुलबुला जल का,
आज उठता और कल फिर फूट जाता है,
किंतु फिर धन्य, ठहरा आदमी ही तो
बुलबुलों से खेलता, कविता बनाता है।

मैं न बोला, किंतु मेरी रागिनी बोली
देख फिर से चाँद! मुझको जानता है तू
स्वप्न मेरे बुलबुले हैं? है यही पानी
आग को भी क्या नहीं पहचानता है तू?

मैं न वह जो स्वप्न पर केवल सही करते,
आग में उसको गला लोहा बनाती हूँ,
और उस पर नींव रखती हूँ नए घर की,
इस तरह दीवार फौलादी उठाती हूँ।

मनु नहीं, मनु-पुत्र है यह सामने, जिसकी,
कल्पना की जीभ में भी धार होती है,
बाण ही होते विचारों के नहीं केवल,
स्वप्न के भी हाथ में तलवार होती है।

  1. (i)

    कॉलम-1 को कॉलम-2 से सुमेलित कीजिए और उचित विकल्प छाँटकर लिखिए:

    कॉलम-1कॉलम-2
    (1) चाँद(I) स्वप्न
    (2) रागिनी(II) सत्ताधारी निरंकुश शासक
    (3) बुलबुले(III) लेखनी/कविता
    1. (A)(1-II), (2-I), (3-III)
    2. (B)(1-II), (2-III), (3-I)
    3. (C)(1-III), (2-I), (3-II)
    4. (D)(1-I), (2-III), (3-II)
    1 mark
  2. (ii)

    आज का मानव अपने पूर्वजों से भिन्न कैसे है? अनुपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए:

    1. (A)वह अपनी कल्पना को सच कर सकता है।
    2. (B)वह विचारों से अत्यंत विवेकशील है।
    3. (C)वह अपने सपने को साकार करना जानता है।
    4. (D)वह सिर्फ सपने देखना ही जानता है।
    1 mark
  3. (iii)

    काव्यांश में 'नए घर की नींव रखने' से क्या अभिप्राय है?

    1. (A)नवीन मान्यताओं को स्वीकारना
    2. (B)नए घर का निर्माण करना
    3. (C)नए घर का आधार बनाना
    4. (D)नए समाज की रचना करना
    1 mark
  4. (iv)

    काव्यांश का मूल भाव 25-30 शब्दों में लिखिए।

    2 marks
  5. (v)

    काव्यांश में मानव को धन्य क्यों कहा गया है? किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख कीजिए।

    2 marks

Source: official question paper from cbse.gov.in (PDF). See it in the full 2025 board paper, set 3/4/1.

Hints

Open one hint at a time and try again before the next.

Hint 1

(i) में प्रतीकों का अर्थ काव्यांश की पंक्तियों से निकालिए।

Hint 2

(ii) में वह विकल्प खोजिए जो मानव को कमतर दिखाता है।

Hint 3

(iv) में काव्यांश के अंतिम पद के स्वप्न, तलवार और नींव पर ध्यान दीजिए।

Step-by-step solution

Each step shows the marks it earns, as an examiner would award them. Checked by an independent re-solve from the question paper.

  1. (i) चाँद निरंकुश सत्ताधारी का प्रतीक है, रागिनी कविता/लेखनी है और बुलबुले स्वप्न हैं। सही मिलान (1-II), (2-III), (3-I), यानी (B)।

    1 mark
  2. (ii) आज का मानव सपने देखने के साथ उन्हें साकार भी करता है, इसलिए 'सिर्फ सपने देखना जानता है' अनुपयुक्त है। उत्तर (D)।

    1 mark
  3. (iii) नए घर की नींव रखने का अर्थ है नए समाज की रचना करना। उत्तर (D)।

    1 mark
  4. (iv) मूल भाव: मनुष्य के सपने बुलबुले की तरह क्षणिक नहीं हैं। दृढ़ संकल्प, विचार और साहस से वह कल्पना को यथार्थ में बदलता है और नए समाज के निर्माण की आकांक्षा रखता है।

    2 marks
  5. (v) मानव को धन्य इसलिए कहा गया है कि वह जल के बुलबुले जैसे क्षणभंगुर सपनों से भी खेलता और कविता रचता है। वह बार-बार टूटने पर भी सपने देखना नहीं छोड़ता और उन्हें साकार करने का साहस रखता है।

    2 marks

Answer: (i) B; (ii) D; (iii) D; (iv) मानव अपने साहस और विवेक से सपनों को साकार कर नया समाज बनाता है; (v) वह टूटने पर भी सपने देखता और उन्हें साकार करता है

Where the marks are

  • (i) विकल्प B (1 अंक)
  • (ii) विकल्प D (1 अंक)
  • (iii) विकल्प D (1 अंक)
  • (iv) उपयुक्त मूल भाव (2 अंक)
  • (v) कोई दो बिंदु (2 अंक)

Revise the chapter

  • Chapter: Reading (unseen passages)

The question is transcribed from the official paper; figures are described in words. The solution, hints and chapter tag are ours. Spotted an error? Write tosupport@questionbuddy.in.