CBSE Class 10 Hindi Course A: 2025 board paper, set 3/2/1
The question paper set in the CBSE Class 10 board exam of 2025, as printed: 15 questions for 80 marks, in sections, with each OR choice shown as an alternative. Try each question first, then open our solution.
Every question here has our step-by-step solution, split into the steps that earn marks. Each one was checked by an independent re-solve from the question paper.
Source: official question paper from cbse.gov.in: https://www.cbse.gov.in/cbsenew/question-paper/2025/X/002_Hindi_Course_A.zip (a zip; this paper is the file 3-2-1_Hindi Course A.pdf). Questions are transcribed from that PDF; figures are described in words, so check the official paper for them.
How the paper is set
| Section | Questions | What it has |
|---|---|---|
| क | 1-2 | खण्ड क: अपठित बोध (गद्यांश और काव्यांश); हर प्रश्न के उपप्रश्न (i)-(v) |
| ख | 3-6 | खण्ड ख: व्यावहारिक व्याकरण; प्रत्येक प्रश्न में पाँच में से किन्हीं चार उपप्रश्नों के उत्तर (4×1=4) |
| ग | 7-11 | खण्ड ग: पाठ्य-पुस्तक एवं पूरक पाठ्य-पुस्तक पर आधारित; प्रश्न 7 और 9 बहुविकल्पी, 8 और 10 में तीन-तीन उत्तर, 11 में दो उत्तर |
| घ | 12-15 | खण्ड घ: रचनात्मक लेखन; प्रश्न 12 में तीन में से एक विषय, 13-15 में आंतरिक विकल्प (अथवा) |
Instructions in brief: सभी प्रश्न अनिवार्य हैं; प्रश्न-पत्र में समग्र विकल्प नहीं है, पर कुछ खण्डों में आंतरिक विकल्प (अथवा) दिए गए हैं; खण्ड ख के प्रश्न 3-6 में पाँच में से किन्हीं चार, प्रश्न 8 और 10 में चार में से किन्हीं तीन, प्रश्न 11 में तीन में से किन्हीं दो, और प्रश्न 12 में तीन में से किसी एक विषय पर उत्तर देना है।
Section क
खण्ड क: अपठित बोध (गद्यांश और काव्यांश); हर प्रश्न के उपप्रश्न (i)-(v)
Q1 · 7 marks · Reading comprehensionCompetency-basedReading (unseen passages)
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए :
दिनकर जी ने माना है कि उन पर प्रारम्भ से ही जितना प्रभाव रवीन्द्रनाथ ठाकुर का रहा उतना ही मोहम्मद इकबाल का। बाद में इलियट की काव्य-शैली और विचार-दृष्टि ने उनके कवि मानस को छूकर दूर भीतर तक उन्मथित कर दिया। परिणामत: उनकी कविताओं ने एक नई भंगिमा को ग्रहण किया।
दिनकर जी अपने युग के एक प्रमुख कवि ही नहीं, सफल और प्रभावपूर्ण गद्य लेखक भी थे। सीधी-सरल भाषा और अत्यन्त प्रांजल शैली में उन्होंने विभिन्न साहित्यिक विषयों पर निबन्ध भी दिए हैं, तो बोधकथा, डायरी-संस्मरण भी, और दर्शन-इतिहासगत तथ्यों के विवेचन भी।
'दिनकर' जी जीवन भर संघर्षरत रहे। साहित्य और राजनीति दोनों के बीच उनका मन रमता था और इन दोनों ही क्षेत्रों में उनको सफलता मिली। साहित्य जगत द्वारा प्रदत्त ज्ञानपीठ पुरस्कार ने दिनकर जी को प्रफुल्लित कर दिया। उनके अन्तरंग मित्रों को यह ज्ञात है कि ज्ञानपीठ पुरस्कार उनके जीवन के अन्तिम अध्याय का स्वर्णिम क्षण सिद्ध हुआ। पुरस्कार प्राप्त कर 'दिनकर' जी अभिभूत थे क्योंकि कवि का मन अपनी रचनाओं की स्वीकृति, विशेष रूप से सुधीजनों द्वारा उनका प्रशंसित और समादृत होना, अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मानता है। ज्ञानपीठ पुरस्कार के मिलने के बाद उन्होंने अप्रैल, 1974 में तिरुपति की यात्रा की। जब 'दिनकर' जी मद्रास पहुँचे तो यह एक सुखद संयोग था कि उनके सर्वाधिक स्नेही मित्र गंगाशरण सिंह और जयप्रकाश बाबू भी वहीं थे। उसी शाम उन्होंने मद्रास के समुद्र तट पर अपने कुछ मित्रों को अपनी सुन्दर-सुन्दर रचनाएँ सुनाईं। तब कोई नहीं जानता था कि आज 23 – 24 अप्रैल की शाम गंगा की गोद में उत्पन्न दिनकर जी के अस्ताचल जाने की शाम थी। उसी रात मद्रास में ही 'दिनकर' जी की जीवन लीला समाप्त हो गई और फिर उनका पार्थिव शरीर मद्रास से दिल्ली होकर पटना लाया गया।
- (i)1 mark
दिनकर जी के लेखन पर किन-किन कवियों का प्रभाव रहा है ?
I. इलियट
II. रवीन्द्रनाथ ठाकुर
III. मोहम्मद इकबाल
IV. गंगाशरण सिंह- (A)I, III और IV
- (B)I, II और III
- (C)II, III और IV
- (D)I, II और IV
- (ii)1 mark
दिनकर जी के बारे में कौन-सा तथ्य असत्य है ?
- (A)वे एक प्रमुख कवि थे परंतु असफल गद्य लेखक भी थे।
- (B)उनकी शैली प्रांजल थी तथा वे साहित्यिक निबंध लिखते थे।
- (C)ज्ञानपीठ पुरस्कार उनके जीवन के अंतिम अध्याय का स्वर्णिम पन्ना है।
- (D)बोधकथा, डायरी, संस्मरण के अतिरिक्त दिनकर जी ने इतिहास के विषय में भी लिखा है।
- (iii)1 mark
निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए :
कथन : पुरस्कार प्राप्त कर मन अभिभूत हो जाता है।
कारण : पुरस्कार विद्वज्जनों द्वारा दी जाने वाली सराहना और सम्मान का प्रतीक है।
विकल्प :- (A)कथन ग़लत है और कारण भी पूरी तरह ग़लत ही है।
- (B)कथन सही है परंतु कारण आंशिक रूप से सही है।
- (C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की उचित व्याख्या भी है।
- (D)कथन और कारण दोनों सही हैं, परंतु कारण, कथन की उचित व्याख्या नहीं है।
- (iv)2 marks
दिनकर जी की रचनाशीलता की दो विशेषताएँ उदाहरण सहित लिखिए।
- (v)2 marks
ज्ञानपीठ पुरस्कार का दिनकर जी के जीवन में क्या महत्त्व रहा ?
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) गद्यांश में रवीन्द्रनाथ ठाकुर, मोहम्मद इकबाल और इलियट का प्रभाव बताया गया है। गंगाशरण सिंह उनके मित्र थे, कवि नहीं। इसलिए सही विकल्प (B) I, II और III है।
- 1 mark
(ii) गद्यांश में दिनकर जी को सफल और प्रभावपूर्ण गद्य लेखक कहा गया है। अतः 'असफल गद्य लेखक' वाला कथन असत्य है। उत्तर (A)।
- 1 mark
(iii) पुरस्कार सुधीजनों की प्रशंसा और सम्मान का प्रमाण होता है, इसीलिए कवि का मन अभिभूत होता है। कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या है। उत्तर (C)।
- 2 marks
(iv) पहली विशेषता: दिनकर जी का कविता और गद्य दोनों पर समान अधिकार था। वे प्रमुख कवि थे और सफल गद्य लेखक भी, जैसे उनकी कविताओं ने इलियट आदि के प्रभाव से नई भंगिमा ग्रहण की। दूसरी विशेषता: उनकी भाषा सरल और शैली प्रांजल थी, और विधाओं में विविधता थी। उन्होंने साहित्यिक निबंध, बोधकथा, डायरी-संस्मरण तथा दर्शन-इतिहास के विवेचन लिखे।
- 2 marks
(v) ज्ञानपीठ पुरस्कार साहित्य जगत द्वारा दी गई सर्वोच्च स्वीकृति और सम्मान का प्रतीक था। इसने दिनकर जी को प्रफुल्लित और अभिभूत कर दिया। यह उनके जीवन के अंतिम अध्याय का स्वर्णिम क्षण सिद्ध हुआ। इससे उन्हें अपनी रचनाओं की प्रशंसा होने का संतोष और गौरव मिला।
Answer: (i) B; (ii) A; (iii) C; (iv) कविता-गद्य पर समान अधिकार, सरल-प्रांजल शैली व विधा-विविधता; (v) साहित्यिक योगदान की सर्वोच्च स्वीकृति, जीवन का स्वर्णिम क्षण
Where the marks are
- (i) सही विकल्प B (1 अंक)
- (ii) सही विकल्प A (1 अंक)
- (iii) सही विकल्प C (1 अंक)
- (iv) दो उपयुक्त विशेषताएँ उदाहरण सहित (1+1=2 अंक)
- (v) ज्ञानपीठ का महत्त्व दो बिंदुओं में (1+1=2 अंक)
Q2 · 7 marks · Reading comprehensionCompetency-basedReading (unseen passages)
निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए :
प्राइवेट बस का ड्राइवर है तो क्या हुआ
सात साल की बच्ची का पिता तो है !
सामने गियर से ऊपर
हुक से लटका रक्खी हैं
काँच की चार चूड़ियाँ गुलाबी
बस की रफ़्तार के मुताबिक
हिलती रहती हैं ...
झुककर मैंने पूछ लिया
खा गया मानो झटका
अधेड़ उम्र का मुच्छड़ रोबीला चेहरा
आहिस्ते से बोला : हाँ सा'ब
लाख कहता हूँ, नहीं मानती है मुनिया
टाँगे हुए है कई दिनों से
अपनी अमानत
यहाँ अब्बा की नज़रों के सामने
मैं भी सोचता हूँ
क्या बिगाड़ती हैं चूड़ियाँ
किस जुर्म पे हटा दूँ इनको यहाँ से ?
और ड्राइवर ने एक नज़र मुझे देखा
और मैंने एक नज़र उसे देखा
छलक रहा था दूधिया वात्सल्य बड़ी-बड़ी आँखों में
तरलता हावी थी सीधे-सादे प्रश्न पर
और अब वे निगाहें फिर से हो गईं सड़क की ओर
और मैंने झुककर कहा –
हाँ भाई, मैं भी पिता हूँ
वो तो बस यूँ ही पूछ लिया आपसे
वर्ना ये किसको नहीं भाएँगी ?
नन्हीं कलाइयों की गुलाबी चूड़ियाँ !- (i)1 mark
बस में कवि को सबसे अधिक आकर्षित करने वाली बात क्या थी ?
- (A)बस की रफ़्तार
- (B)ड्राइवर का रोबीला चेहरा
- (C)सात साल की बच्ची की मौज़ूदगी
- (D)लटकी हुई गुलाबी चूड़ियाँ
- (ii)1 mark
निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए :
कथन : बस का ड्राइवर चूड़ियों को हटाने के विषय में सोचता है।
कारण : चूड़ियों से बस चलाने में बाधा पहुँचती है।
विकल्प :- (A)कथन ग़लत है, परंतु कारण सही है।
- (B)कथन और कारण दोनों ग़लत हैं।
- (C)कथन सही है, परंतु कारण ग़लत है।
- (D)कथन और कारण दोनों सही हैं।
- (iii)1 mark
कवि ने 'गुलाबी चूड़ियों' के विषय में बस के ड्राइवर से क्यों पूछा था ?
- (A)सहज जिज्ञासा वश
- (B)आपत्ति जताने के लिए
- (C)कवि भी पिता था इसलिए
- (D)सफ़र की ऊब को दूर करने के लिए
- (iv)2 marks
कविता का मूल भाव क्या है ? इसे पढ़ते हुए आप स्वयं क्या महसूस करते हैं ?
- (v)2 marks
बस की गियर से ऊपर लटकी गुलाबी चूड़ियों को किसने और क्यों लटकाया है ?
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(i) कवि की नज़र गियर के ऊपर हुक से लटकी, बस की रफ़्तार से हिलती गुलाबी चूड़ियों पर गई। इसलिए उत्तर (D) लटकी हुई गुलाबी चूड़ियाँ है।
- 1 mark
(ii) ड्राइवर चूड़ियों को हटाने की बात सोचता ही नहीं। वह कहता है कि 'किस जुर्म पे हटा दूँ इनको'। कथन ग़लत है। चूड़ियाँ बस चलाने में बाधा भी नहीं हैं, इसलिए कारण भी ग़लत है। उत्तर (B)।
- 1 mark
(iii) कवि ने चूड़ियों के बारे में बिना किसी आपत्ति के, सहज उत्सुकता से पूछा था। उसने स्वयं कहा, 'वो तो बस यूँ ही पूछ लिया'। उत्तर (A)।
- 2 marks
(iv) मूल भाव: कविता में पिता का वात्सल्य और संवेदनशीलता दिखती है। कवि और ड्राइवर समाज के अलग वर्गों के हैं, फिर भी पितृत्व के भाव से दोनों जुड़ जाते हैं। निजी अनुभव: इसे पढ़कर मन कोमल और आत्मीय हो उठता है। अपने पिता के प्रति आदर और स्नेह जागता है।
- 2 marks
(v) चूड़ियाँ ड्राइवर की सात साल की बेटी मुनिया ने लटकाई हैं। उसने उन्हें अपनी अमानत और निशानी के रूप में पिता की आँखों के सामने रखा है। वे उसके प्रेम और मासूमियत की याद हैं। वे पिता के वात्सल्य और बेटी से भावनात्मक जुड़ाव का भी प्रतीक हैं।
Answer: (i) D; (ii) B; (iii) A; (iv) पिता का वात्सल्य और वर्गों के बीच मानवीय जुड़ाव, पाठक के मन में कोमलता; (v) ड्राइवर की बेटी मुनिया ने, अपनी अमानत/निशानी पिता की नज़र के सामने रखने के लिए
Where the marks are
- (i) सही विकल्प D (1 अंक)
- (ii) सही विकल्प B (1 अंक)
- (iii) सही विकल्प A (1 अंक)
- (iv) मूल भाव तथा निजी अनुभूति, दोनों भाग (2 अंक)
- (v) किसने और क्यों, दोनों भाग (2 अंक)
Section ख
खण्ड ख: व्यावहारिक व्याकरण; प्रत्येक प्रश्न में पाँच में से किन्हीं चार उपप्रश्नों के उत्तर (4×1=4)
Q3 · 4 marks · GrammarGrammar
निर्देशानुसार 'रचना के आधार पर वाक्य-भेद' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
- (क)1 mark
वे भारत में बस जाने के बाद दो या तीन बार अपने परिवार से मिलने भारत से बेल्जियम गए थे। (रचना के अनुसार वाक्य का भेद पहचानकर लिखिए)
- (ख)1 mark
जो शांति बरसती थी वह चेहरे पर थिर थी। (आश्रित उपवाक्य और उसका भेद पहचानकर लिखिए)
- (ग)1 mark
वे रिश्ता बनाते थे तो तोड़ते नहीं थे। (सरल वाक्य में बदलिए)
- (घ)1 mark
अपने अभिन्न मित्र डॉ. रघुवंश को वे उन चिट्ठियों को दिखाते थे। (संयुक्त वाक्य में बदलिए)
- (ङ)1 mark
उनकी बहन सख़्त और ज़िद्दी थी। (मिश्र वाक्य में बदलिए)
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- 1 mark
(क) यह सरल वाक्य है, क्योंकि इसमें एक ही उद्देश्य-विधेय और एक ही मुख्य क्रिया 'गए थे' है।
- 1 mark
(ख) 'जो शांति बरसती थी' आश्रित उपवाक्य है। यह विशेषण उपवाक्य (विशेषण आश्रित उपवाक्य) है, क्योंकि यह 'शांति' की विशेषता बताता है।
- 1 mark
(ग) सरल वाक्य: वे रिश्ता बनाकर तोड़ते नहीं थे।
- 1 mark
(घ) संयुक्त वाक्य: डॉ. रघुवंश उनके अभिन्न मित्र थे और वे उन्हें उन चिट्ठियों को दिखाते थे।
(ङ) मिश्र वाक्य: उनकी जो बहन थी, वह सख़्त और ज़िद्दी थी।
Answer: (क) सरल वाक्य; (ख) 'जो शांति बरसती थी' – विशेषण आश्रित उपवाक्य; (ग) वे रिश्ता बनाकर तोड़ते नहीं थे; (घ) डॉ. रघुवंश उनके अभिन्न मित्र थे और वे उन्हें उन चिट्ठियों को दिखाते थे; (ङ) उनकी जो बहन थी, वह सख़्त और ज़िद्दी थी
Where the marks are
- (क) सरल वाक्य (1 अंक)
- (ख) उपवाक्य पहचानना और भेद, विशेषण उपवाक्य (½+½ अंक)
- (ग) सरल वाक्य में रूपांतरण (1 अंक)
- (घ) संयुक्त वाक्य में रूपांतरण (1 अंक)
- (ङ) मिश्र वाक्य में रूपांतरण (1 अंक, कोई चार भाग)
Q4 · 4 marks · GrammarGrammar
निर्देशानुसार 'वाच्य' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
- (क)1 mark
मैंने राहत की साँस ली। (कर्मवाच्य में बदलिए)
- (ख)1 mark
गार्गी द्वारा बड़े-बड़े विद्वानों को शास्त्रार्थ में हराया गया। (कर्तृवाच्य में बदलिए)
- (ग)1 mark
बीमारी के कारण वे ज़्यादा देर बैठ न सकीं। (भाववाच्य में बदलिए)
- (घ)1 mark
पंडिता रमाबाई ने भारत में स्त्री-मुक्ति की नींव डाली। (वाच्य-भेद पहचानकर लिखिए)
- (ङ)1 mark
चलो, सोया जाए। (वाच्य-भेद पहचानकर लिखिए)
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- 1 mark
(क) कर्मवाच्य: मेरे द्वारा राहत की साँस ली गई।
- 1 mark
(ख) कर्तृवाच्य: गार्गी ने बड़े-बड़े विद्वानों को शास्त्रार्थ में हराया।
- 1 mark
(ग) भाववाच्य: बीमारी के कारण उनसे ज़्यादा देर बैठा न जा सका।
- 1 mark
(घ) कर्तृवाच्य, क्योंकि क्रिया 'डाली' कर्ता 'पंडिता रमाबाई' के अनुसार है।
(ङ) भाववाच्य, क्योंकि 'सोया जाए' अकर्मक क्रिया है और इसमें भाव प्रधान है, कर्ता या कर्म नहीं।
Answer: (क) मेरे द्वारा राहत की साँस ली गई; (ख) गार्गी ने बड़े-बड़े विद्वानों को शास्त्रार्थ में हराया; (ग) उनसे ज़्यादा देर बैठा न जा सका; (घ) कर्तृवाच्य; (ङ) भाववाच्य
Where the marks are
- (क) कर्मवाच्य रूप (1 अंक)
- (ख) कर्तृवाच्य रूप (1 अंक)
- (ग) भाववाच्य रूप (1 अंक)
- (घ) कर्तृवाच्य (1 अंक)
- (ङ) भाववाच्य (1 अंक, कोई चार भाग)
Q5 · 4 marks · GrammarGrammar
निर्देशानुसार 'पद-परिचय' पर आधारित निम्नलिखित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
- (क)1 mark
मैं शुरू से ही देर तक सोने वाला हूँ। (रेखांकित पद का पद-परिचय दीजिए)
- (ख)1 mark
उसने प्राणांतक परिश्रम किया किंतु सफल नहीं हो सका। (रेखांकित पद का पद-परिचय दीजिए)
- (ग)1 mark
एक दिन वह घूमने नहीं आया। (रेखांकित पद का पद-परिचय दीजिए)
- (घ)1 mark
तुम कब जाओगे ? (रेखांकित पद का पद-परिचय दीजिए)
- (ङ)1 mark
हमारी जीप थोड़ी और आगे बढ़ी। (रेखांकित पद का पद-परिचय दीजिए)
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- 1 mark
(क) मैं – सर्वनाम, पुरुषवाचक, उत्तम पुरुष, पुल्लिंग, एकवचन, कर्ताकारक, 'हूँ' क्रिया का कर्ता।
- 1 mark
(ख) किंतु – अव्यय, समुच्चयबोधक (समानाधिकरण), दो वाक्यों को जोड़ने वाला।
- 1 mark
(ग) एक – विशेषण, निश्चित संख्यावाचक, पुल्लिंग, एकवचन, विशेष्य 'दिन'।
- 1 mark
(घ) कब – अव्यय, क्रियाविशेषण, कालवाचक, 'जाओगे' क्रिया की विशेषता बताता है।
(ङ) बढ़ी – क्रिया, अकर्मक, स्त्रीलिंग, एकवचन, भूतकाल, कर्तृवाच्य, कर्ता 'जीप'।
Answer: (क) उत्तम पुरुष सर्वनाम; (ख) समुच्चयबोधक अव्यय; (ग) संख्यावाचक विशेषण; (घ) कालवाचक क्रियाविशेषण; (ङ) अकर्मक क्रिया
Where the marks are
- (क) सर्वनाम और एक अन्य बिंदु (1 अंक)
- (ख) अव्यय, समुच्चयबोधक (1 अंक)
- (ग) विशेषण, संख्यावाचक (1 अंक)
- (घ) क्रियाविशेषण, कालवाचक (1 अंक)
- (ङ) क्रिया, अकर्मक (1 अंक, कोई चार भाग)
Q6 · 4 marks · GrammarGrammar
निर्देशानुसार 'अलंकार' पर आधारित निम्नलिखित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए :
- (क)1 mark
निम्नलिखित काव्य-पंक्ति से अलंकार पहचानकर लिखिए :
"गोपी पद-पंकज पावन की रज जामैं सिर भीजै ।" - (ख)1 mark
"उस काल मारे क्रोध के तन काँपने उसका लगा।
मानो हवा के वेग से सोता हुआ सागर जगा ।"
— पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है ? - (ग)1 mark
"एक साथ रघु ने पैरों से चाँपा अविकल ।
पितृ-दत्त सिंहासन और सकल अरिमंडल ।"
— काव्य-पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार पहचानिए। - (घ)1 mark
मानवीकरण अलंकार का एक उपयुक्त उदाहरण किसी काव्य-पंक्ति द्वारा दीजिए।
- (ङ)1 mark
कविता की उपयुक्त पंक्तियों के माध्यम से उपमा अलंकार का एक उदाहरण लिखिए।
Try it first, then show our solutionSolution
- 1 mark
(क) रूपक अलंकार: 'पद' (चरण) पर 'पंकज' (कमल) का आरोप है, यानी चरण ही कमल है।
- 1 mark
(ख) उत्प्रेक्षा अलंकार: क्रोध से काँपते शरीर की तुलना 'मानो' लगाकर सोए सागर के जागने से की गई है।
- 1 mark
(ग) अतिशयोक्ति अलंकार: रघु के एक साथ पैरों से सिंहासन और समस्त शत्रुसमूह को दबा देने का बढ़ा-चढ़ाकर वर्णन है।
- 1 mark
(घ) मानवीकरण अलंकार: 'मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के' – इसमें मेघ मेहमान की तरह सजकर आते हैं।
(ङ) उपमा अलंकार: 'पीपर पात सरिस मन डोला' – मन (उपमेय) की तुलना पीपल के पत्ते (उपमान) से, 'सरिस' वाचक शब्द है।
Answer: (क) रूपक; (ख) उत्प्रेक्षा; (ग) अतिशयोक्ति; (घ) मेघ आए बड़े बन-ठन के सँवर के (मानवीकरण); (ङ) पीपर पात सरिस मन डोला (उपमा)
Where the marks are
- (क) रूपक (1 अंक)
- (ख) उत्प्रेक्षा (1 अंक)
- (ग) अतिशयोक्ति (1 अंक)
- (घ) मानवीकरण का उपयुक्त उदाहरण (1 अंक)
- (ङ) उपमा का उपयुक्त उदाहरण (1 अंक, कोई चार भाग)
Section ग
खण्ड ग: पाठ्य-पुस्तक एवं पूरक पाठ्य-पुस्तक पर आधारित; प्रश्न 7 और 9 बहुविकल्पी, 8 और 10 में तीन-तीन उत्तर, 11 में दो उत्तर
Q7 · 5 marks · Reading comprehensionCompetency-basedReading (unseen passages)
निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
उस ज़माने में घर की दीवारें घर तक ही समाप्त नहीं हो जाती थीं बल्कि पूरे मोहल्ले तक फैली रहती थीं इसलिए मोहल्ले के किसी भी घर में जाने पर कोई पाबंदी नहीं थी, बल्कि कुछ घर तो परिवार का हिस्सा ही थे। आज तो मुझे बड़ी शिद्दत के साथ यह महसूस होता है कि अपनी ज़िंदगी खुद जीने के इस आधुनिक दबाव ने महानगरों के फ़्लैट में रहने वालों को हमारे इस परंपरागत 'पड़ोस-कल्चर' से विच्छिन्न करके हमें कितना संकुचित, असहाय और असुरक्षित बना दिया है। मेरी कम-से-कम एक दर्जन आरंभिक कहानियों के पात्र इसी मोहल्ले के हैं जहाँ मैंने अपनी किशोरावस्था गुज़ारी और अपनी युवावस्था का आरंभ किया था। एक-दो को छोड़कर उनमें से कोई भी पात्र मेरे परिवार का नहीं है। बस इनको देखते-सुनते, इनके बीच ही मैं बड़ी हुई थी लेकिन इनकी छाप मेरे मन पर कितनी गहरी थी, इस बात का अहसास तो मुझे कहानियाँ लिखते समय हुआ। इतने वर्षों के अंतराल ने भी उनकी भाव-भंगिमा, भाषा, किसी को भी धुँधला नहीं किया था और बिना किसी विशेष प्रयास के बड़े सहज भाव से वे उतरते चले गए थे। उसी समय दा साहब अपने व्यक्तित्व की अभिव्यक्ति के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ पाते ही 'महाभोज' में इतने वर्षों बाद कैसे एकाएक जीवित हो उठे, यह मेरे लिए भी आश्चर्य का विषय था... एक सुखद आश्चर्य का।
- (i)1 mark
वर्तमान समय में पड़ोस कल्चर के समाप्त होने का/के क्या कारण है/हैं ? इस प्रश्न के उत्तर में उचित विकल्प चुनकर उत्तर दीजिए :
I. फ्लैट संस्कृति का जन्म लेना
II. अपनी ज़िंदगी खुद जीने का दबाव
III. संयुक्त परिवारों का विघटित होना
IV. पाश्चात्य संस्कृति का बढ़ता प्रभाव
विकल्प :- (A)केवल I सही है
- (B)केवल IV सही है
- (C)I और II दोनों सही हैं
- (D)II और III दोनों सही हैं
- (ii)1 mark
निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए :
कथन : परंपरागत 'पड़ोस-कल्चर' से अलग होकर हम संकुचित, असहाय और असुरक्षित बन गए हैं।
कारण : स्वायत्ततापूर्ण ज़िंदगी जीने के महानगरीय दबाव ने मनुष्य को स्वार्थी और आत्मकेन्द्रित बना दिया है।
विकल्प :- (A)कथन सही है, परंतु कारण ग़लत है।
- (B)कथन ग़लत है, परंतु कारण सही है।
- (C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की उचित व्याख्या है।
- (D)कथन और कारण दोनों सही हैं, परंतु कारण, कथन की उचित व्याख्या नहीं है।
- (iii)1 mark
लेखिका की कहानियों के पात्रों के बारे में कहा जा सकता है :
I. उनकी आरंभिक कहानियों के पात्र उनके मोहल्ले के ही थे।
II. अधिकांशतः पात्र उनके परिवार से ही आते हैं।
III. शुरू के पात्र उनकी किशोरावस्था और युवावस्था की स्मृतियों से आते हैं।
विकल्प :- (A)केवल I सही है
- (B)I और II सही हैं
- (C)I और III सही हैं
- (D)II और III सही हैं
- (iv)1 mark
'घर की दीवारें घर तक ही समाप्त नहीं होने' का आशय क्या है ?
- (A)आस-पड़ोस के घरों से अपने घर जैसे आत्मीय संबंध।
- (B)आस-पड़ोस के घरों की दीवारों का आपस में मिला-जुला होना।
- (C)मोहल्ले के हर घर में आने-जाने पर पाबंदी लग जाना।
- (D)मोहल्ले के अन्य घरों से निश्चित और सीमित संबंध रखना।
- (v)1 mark
लेखिका के लिए भी सुखद आश्चर्य का विषय क्या था ?
- (A)उनके पात्र एकदम जीवंत कैसे बनते रहे।
- (B)उनके समय में सब एक-दूसरे से खुलकर मिल पाते थे।
- (C)आज के फ़्लैट कल्चर ने हमें किस प्रकार असहाय बना दिया है।
- (D)अतीत के पात्रों का भाव-भंगिमा सहित कहानी में जीवंत हो उठना।
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- 1 mark
(i) लेखिका ने फ़्लैट संस्कृति और अपनी ज़िंदगी खुद जीने के दबाव को पड़ोस-कल्चर के अंत का कारण बताया है। इसलिए I और II सही हैं, उत्तर (C)।
- 1 mark
(ii) कथन सही है। कारण भी सही है और वही बताता है कि हम संकुचित और असुरक्षित क्यों हुए। उत्तर (C)।
- 1 mark
(iii) कहानियों के पात्र मोहल्ले के थे और किशोरावस्था-युवावस्था की स्मृतियों से आए थे। अधिकांश पात्र परिवार के नहीं थे, इसलिए II ग़लत है। उत्तर (C) I और III।
- 1 mark
(iv) दीवारों का घर तक न रुकना यानी पड़ोसियों से घर जैसे आत्मीय संबंध होना। उत्तर (A)।
- 1 mark
(v) सुखद आश्चर्य यह था कि दा साहब जैसा अतीत का पात्र 'महाभोज' में अपनी भाव-भंगिमा सहित जीवंत हो उठा। उत्तर (D)।
Answer: (i) C; (ii) C; (iii) C; (iv) A; (v) D
Where the marks are
- (i) C (1 अंक)
- (ii) C (1 अंक)
- (iii) C (1 अंक)
- (iv) A (1 अंक)
- (v) D (1 अंक)
Q8 · 6 marks · Very short answerस्वयं प्रकाश – नेताजी का चश्मा
निर्धारित गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25 – 30 शब्दों में लिखिए :
- (क)2 marks
'नेताजी का चश्मा' पाठ में कस्बे के लोगों के किस प्रयास को सराहनीय कहा जा रहा है और क्यों ?
- (ख)2 marks
बालगोबिन भगत ने अपनी पतोहू की चिंता किस प्रकार की ? इससे उनके व्यक्तित्व के किस गुण का पता चलता है ?
- (ग)2 marks
'संस्कृति' पाठ के संदर्भ में असंस्कृति और असभ्यता किसे कहेंगे ? सोदाहरण लिखिए।
- (घ)2 marks
'लखनवी अंदाज़' के दोनों पात्र – नवाब साहब और लेखक मूलत: एक समान सफ़ेदपोश सज्जन हैं। – इस कथन को उदाहरण सहित सत्य सिद्ध कीजिए।
Try it first, then show our solutionSolution
- 2 marks
(क) कस्बे के लोगों द्वारा नेताजी सुभाषचंद्र बोस की मूर्ति लगाने के प्रयास को सराहनीय कहा जा रहा है। कारण: देशभक्तों की मूर्ति लगाना देशभक्ति का प्रतीक है। इससे लोगों में देशप्रेम और प्रेरणा जागती है और नेताजी के प्रति सम्मान तथा उनकी स्मृति को सँजोने का भाव प्रकट होता है।
- 2 marks
(ख) बेटे की मृत्यु के बाद बालगोबिन भगत ने पतोहू को उसके भाई के साथ हठपूर्वक पुनर्विवाह के लिए भेज दिया, ताकि उसका जीवन सूना न रहे। इससे उनके वात्सल्य, प्रगतिशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का पता चलता है।
- 2 marks
(ग) असंस्कृति: जब कल्याण की भावना से नाता टूट जाए और मनुष्य की योग्यता व प्रवृत्ति विनाशकारी साधनों के आविष्कार में लगे, तो वह असंस्कृति है, जैसे परमाणु बम का आविष्कार। असभ्यता: असंस्कृति का परिणाम असभ्यता है, जैसे आत्मविनाश के साधनों का प्रयोग।
(घ) (अतिरिक्त भाग) नवाब साहब संभ्रांत दिखावे के लिए खीरा सूँघकर खिड़की से फेंक देते हैं। लेखक भी शिष्टाचार और झूठे आत्मसम्मान में खीरे के लिए मना कर देता है और आँखें चुराता है। इस तरह दोनों दिखावे में विश्वास रखने वाले सफ़ेदपोश हैं।
Answer: (क) नेताजी की मूर्ति लगाने का प्रयास, देशभक्ति और प्रेरणा के लिए; (ख) पतोहू का पुनर्विवाह कराया, वात्सल्य/प्रगतिशीलता; (ग) कल्याण-भावना से टूटना असंस्कृति, उसका परिणाम असभ्यता; (घ) दोनों दिखावे में विश्वास करने वाले सफ़ेदपोश
Where the marks are
- (क) प्रयास और कारण, दोनों भाग (2 अंक)
- (ख) चिंता का ढंग और गुण (2 अंक)
- (ग) असंस्कृति और असभ्यता, उदाहरण सहित (2 अंक)
- (घ) दो उदाहरण (2 अंक, कोई तीन भाग)
Q9 · 5 marks · Reading comprehensionCompetency-basedसूरदास – पद
निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :
हरि हैं राजनीति पढ़ि आए।
समुझी बात कहत मधुकर के, समाचार सब पाए।
इक अति चतुर हुते पहिलैं ही, अब गुरु ग्रंथ पढ़ाए।
बढ़ी बुद्धि जानी जो उनकी, जोग-सँदेस पठाए।
ऊधौ भले लोग आगे के, पर हित डोलत धाए।
अब अपनै मन फेर पाइहैं, चलत जु हुते चुराए।
ते क्यौं अनीति करैं आपुन, जे और अनीति छुड़ाए।
राज धरम तौ यहै 'सूर', जो प्रजा न जाहिं सताए ॥- (i)1 mark
प्रस्तुत पद में 'राजनीति' का प्रयोग हुआ है :
- (A)चतुराई के अर्थ में
- (B)अच्छे कर्मों के उदाहरण में
- (C)कर्तव्यपालन के अर्थ में
- (D)कृष्ण की प्रशंसा के संदर्भ में
- (ii)1 mark
गोपियों के द्वारा 'मधुकर' किसे कहा जा रहा है ?
- (A)कृष्ण को
- (B)भ्रमर को
- (C)उद्धव को
- (D)हरि को
- (iii)1 mark
निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए :
कथन : गोपियाँ पहले के लोगों को भला कह रही हैं।
कारण : वे लोग इधर-उधर डोलते-दौड़ते रहते थे।
विकल्प :- (A)कथन ग़लत है, परंतु कारण सही है।
- (B)कथन सही है, परंतु कारण ग़लत है।
- (C)कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की उचित व्याख्या है।
- (D)कथन और कारण दोनों ही ग़लत हैं।
- (iv)1 mark
इस पद में गोपियों ने श्रीकृष्ण पर कौन-कौन से आक्षेप लगाए हैं ?
I. उन्होंने राजनीति सीख ली है।
II. पहले से ही चतुर थे, अब तो बड़े-बड़े ग्रंथ भी पढ़ लिए।
III. योग-संदेश भेजने का अर्थ है कि उनकी चालाकी और बढ़ गई है।
विकल्प :- (A)I और II दोनों
- (B)I और III दोनों
- (C)I, II और III तीनों
- (D)II और III दोनों
- (v)1 mark
'राजधर्म' क्या है ?
- (A)स्वयं अन्याय करना
- (B)दूसरों के अन्याय को रोकना
- (C)प्रजा को न सताना
- (D)गोपियों को योग-संदेश भिजवाना
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- 1 mark
(i) यहाँ 'राजनीति' चतुराई के अर्थ में है, क्योंकि गोपियाँ कृष्ण पर चालाकी का व्यंग्य करती हैं। उत्तर (A)।
- 1 mark
(ii) 'मधुकर' का संबोधन कृष्ण के संदेशवाहक उद्धव के लिए है। उत्तर (C)।
- 1 mark
(iii) कथन सही है, क्योंकि गोपियाँ कहती हैं 'ऊधौ भले लोग आगे के'। कारण ग़लत है, क्योंकि वे भले इसलिए थे कि दूसरों के हित के लिए दौड़ते थे, यों ही इधर-उधर नहीं। उत्तर (B)।
- 1 mark
(iv) गोपियों ने तीनों आक्षेप लगाए: राजनीति सीखना, पहले से चतुर होना और ग्रंथ पढ़ना, योग-संदेश से चालाकी बढ़ना। उत्तर (C)।
- 1 mark
(v) पद की अंतिम पंक्ति के अनुसार राजधर्म है प्रजा को न सताना। उत्तर (C)।
Answer: (i) A; (ii) C; (iii) B; (iv) C; (v) C
Where the marks are
- (i) A (1 अंक)
- (ii) C (1 अंक)
- (iii) B (1 अंक)
- (iv) C (1 अंक)
- (v) C (1 अंक)
Q10 · 6 marks · Very short answerसुमित्रानंदन पंत – पर्वत प्रदेश में पावस
निर्धारित कविताओं के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25 – 30 शब्दों में लिखिए :
- (क)2 marks
अपने पाठ्यक्रम से पढ़ी एक ऐसी कविता का उल्लेख कीजिए जो पूरी तरह प्रकृति की शोभा पर केन्द्रित है। कविता के केन्द्रीय भाव को भी लिखिए।
- (ख)2 marks
'यह दंतुरित मुस्कान' का कवि बालक की माँ को धन्य क्यों कह रहा है ? शिशु के प्रति माता किन कर्तव्यों का निर्वाह करती है ?
- (ग)2 marks
'आत्मकथ्य' का लेखक आत्मकथा नहीं लिखते हुए भी अपने जीवन की झलकियाँ हमारे सामने रख देता है। कविता के आधार पर किन्हीं दो का वर्णन कीजिए।
- (घ)2 marks
'संगतकार' के दो गुणों का उल्लेख करते हुए लिखिए कि इन्हीं दो का चयन आपने क्यों किया है।
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- 2 marks
(क) कविता: 'अट नहीं रही है' (निराला), जो पूरी तरह प्रकृति की शोभा पर केंद्रित है। केंद्रीय भाव: फागुन के सौंदर्य का वर्णन, प्रकृति का उल्लासमय परिवर्तन, उसकी अपरिमित आभा और प्रकृति तथा मानव-मन का गहरा संबंध।
- 2 marks
(ख) कवि माँ को धन्य कहता है, क्योंकि उसने बच्चे का पालन-पोषण किया और प्रवासी पिता के आने पर उसका परिचय कराया। माँ शिशु की देखभाल करती है, उसे मधुपर्क पिलाती है, उसके पोषण, स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखती है और स्नेह तथा संस्कार देती है।
- 2 marks
(ग) 'आत्मकथ्य' में कवि के जीवन की झलकियाँ: (1) जीवन साधारण और दुखों से भरा रहा, जिसमें छल, व्यंग्य और उपहास सहना पड़ा। (2) उसके सपने पूरे होने से पहले ही बिखर गए, और प्रिय की स्मृति उसके जीवन का पाथेय बनी।
(घ) (अतिरिक्त भाग) संगतकार के दो गुण: समर्पण और विनम्रता। इन्हें मैंने चुना, क्योंकि वह मुख्य गायक को आगे रखकर अपनी आवाज़ दबा लेता है। इन गुणों से वह हमें प्रभावित करता है और बेहतर मनुष्य दिखता है।
Answer: (क) 'अट नहीं रही है' – फागुन की शोभा; (ख) माँ पालन-पोषण व पिता का परिचय कराती है, इसलिए धन्य; (ग) साधारण दुखमय जीवन, छल-उपहास, बिखरे सपने; (घ) समर्पण और विनम्रता
Where the marks are
- (क) कविता का नाम और केंद्रीय भाव के बिंदु (2 अंक)
- (ख) माँ को धन्य कहने का कारण और कर्तव्य (2 अंक)
- (ग) दो झलकियों का वर्णन (2 अंक)
- (घ) दो गुण और चयन का कारण (2 अंक, कोई तीन भाग)
Q11 · 8 marks · Short answerमैं क्यों लिखता हूँ?
पूरक पाठ्य-पुस्तक के निर्धारित पाठों पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 50 – 60 शब्दों में लिखिए :
- (क)4 marks
'मैं क्यों लिखता हूँ' पाठ के आधार पर लिखिए कि हिरोशिमा में लेखक ने क्या-क्या देखा और उसकी अनुभूति को किसने झकझोरा ? हिरोशिमा की विभीषिका से मनुष्य-जगत क्या सीख सकता है ?
- (ख)4 marks
'माता का अँचल' में भोलानाथ के पिता उसके जीवन से किस प्रकार जुड़े थे ? सोदाहरण लिखिए। भोलानाथ के पिता जैसा व्यवहार बच्चों के जीवन में क्यों आवश्यक होता है ? अपने विचारों के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
- (ग)4 marks
'साना साना हाथ जोड़ि' पाठ की लेखिका जितना ही बाहर के सौंदर्य से अभिभूत हो रही थीं उतना ही अपने भीतर डूब जा रही थीं। पाठ से दो उदाहरण लेकर लेखिका की दोनों अवस्थाओं का चित्रण कीजिए।
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- 1 mark
(क) हिरोशिमा में लेखक ने अस्पताल में रेडियोधर्मी पदार्थ से पीड़ित लोगों को देखा। उसने एक पत्थर पर परमाणु विस्फोट के समय बनी किसी व्यक्ति की छाया भी देखी।
- 1 mark
(क) लेखक की अनुभूति को जले हुए पत्थर पर बनी मनुष्य की छाया ने झकझोर दिया।
- 2 marks
(क) सीख: हमें विज्ञान का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए, युद्ध से बचकर शांति स्थापित करनी चाहिए और प्रकृति का सम्मान करना चाहिए। इस विभीषिका से मनुष्य को यही शिक्षा मिलती है।
- 2 marks
(ख) भोलानाथ के पिता उसकी दिनचर्या और खुशियों से जुड़े थे। वे उसे अपने साथ पूजा पर बैठाते, तिलक लगाते, कंधे पर बैठाकर गंगा किनारे ले जाते, अपने हाथों से गोरस-भात खिलाते और उसके खेल में दर्शक या ग्राहक बनकर शामिल होते।
- 2 marks
(ख) ऐसा व्यवहार बच्चों में आत्मीयता और सुरक्षा का भाव जगाता है, आत्मविश्वास बढ़ाता है, उन्हें भावनात्मक रूप से मज़बूत बनाता है और नैतिक विकास में सहायक होता है।
(ग) (अतिरिक्त भाग) 'सेवेन सिस्टर्स वॉटरफ़ॉल' के सौंदर्य से लेखिका को जीवन की शक्ति का अहसास हुआ और उसके भीतर की तामसिकता और बुराइयाँ दूर हुईं। लायुंग की शाम में तिस्ता के किनारे बैठकर वह आध्यात्मिकता और दर्शन में डूब गई।
Answer: (क) अस्पताल में पीड़ित लोग और पत्थर पर छाया; छाया ने झकझोरा; सीख: विज्ञान का दुरुपयोग न हो, शांति बने। (ख) पिता पूजा, भोजन, खेल में साथ थे; ऐसा व्यवहार बच्चों में सुरक्षा व आत्मविश्वास देता है।
Where the marks are
- (क) हिरोशिमा के दृश्य (1 अंक)
- (क) अनुभूति को झकझोरने वाली घटना (1 अंक)
- (क) सीख, विचार सहित (2 अंक)
- (ख) पिता का जुड़ाव, उदाहरण सहित (2 अंक)
- (ख) ऐसा व्यवहार आवश्यक क्यों, अपने विचार (2 अंक)
- (ग) दो उदाहरण विस्तार से (4 अंक, यदि चुना जाए)
Section घ
खण्ड घ: रचनात्मक लेखन; प्रश्न 12 में तीन में से एक विषय, 13-15 में आंतरिक विकल्प (अथवा)
Answer one of these 3 alternatives.
Q12(क) · 6 marks · WritingWriting
निम्नलिखित तीन विषयों में से किसी एक विषय पर दिए गए संकेत-बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए :
शहरीकरण और प्रदूषण की समस्या
संकेत-बिंदु:- शहरीकरण का अभिप्राय
- शहर प्रदूषण के लिए अधिक ज़िम्मेदार कैसे ?
- विकास की गति को बनाए रखकर भी प्रदूषण पर नियंत्रण कैसे करें ?
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- 1 mark
शहरीकरण और प्रदूषण की समस्या
शहरीकरण का अभिप्राय गाँवों से लोगों का शहरों की ओर बसना और शहरों का उद्योग, आवास तथा सुविधाओं के साथ तेज़ी से फैलना है। रोज़गार और बेहतर जीवन की चाह में शहरों पर आबादी का बोझ बढ़ रहा है।
- 1 mark
शहर प्रदूषण के लिए इसलिए अधिक ज़िम्मेदार हैं कि वहाँ वाहनों और कारखानों का धुआँ हवा को ज़हरीला बनाता है। निर्माण-कार्यों की धूल, कूड़े के ढेर और नालों का गंदा पानी नदियों को दूषित करते हैं। पेड़ काटकर बनती इमारतें हरियाली घटाती हैं और शोर भी बढ़ता है।
- 2 marks
विकास की गति बनाए रखकर भी प्रदूषण रोका जा सकता है। सार्वजनिक परिवहन, मेट्रो और बिजली से चलने वाले वाहनों को बढ़ावा देना चाहिए। सौर ऊर्जा जैसे स्वच्छ साधन अपनाए जाएँ और कारखानों में शोधन-संयंत्र अनिवार्य हों। साथ ही कचरे का पुनर्चक्रण और अधिक वृक्षारोपण किया जाए।
- 1 mark
निष्कर्षतः शहरीकरण विकास के लिए आवश्यक है, पर प्रकृति की कीमत पर नहीं। सरकार और नागरिक मिलकर संतुलन बनाएँ, तभी शहर रहने योग्य और स्वच्छ बनेंगे।
- 1 mark
भाषा शुद्ध, सरल और प्रवाहपूर्ण रखी गई है, और अनुच्छेद लगभग 120 शब्दों का है।
Answer: शहरीकरण और प्रदूषण पर लगभग 120 शब्दों का अनुच्छेद (भूमिका, तीनों संकेत-बिंदु, निष्कर्ष सहित)।
Where the marks are
- भूमिका: शहरीकरण का अभिप्राय (1 अंक)
- विषयवस्तु: शहरों के प्रदूषण के कारण (1 अंक)
- विषयवस्तु: विकास के साथ प्रदूषण नियंत्रण के उपाय (2 अंक)
- निष्कर्ष (1 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
OR
Q12(ख) · 6 marks · WritingWriting
निम्नलिखित तीन विषयों में से किसी एक विषय पर दिए गए संकेत-बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए :
शारीरिक श्रम : स्वास्थ्य का आधार
संकेत-बिंदु:- आधुनिक जीवन-शैली के चलते घटता शारीरिक श्रम
- स्वस्थ रहने के लिए शारीरिक श्रम की आवश्यकता
- शारीरिक श्रम से होने वाले लाभ
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- 1 mark
भूमिका (1 अंक): शारीरिक श्रम : स्वास्थ्य का आधार
कहावत है, 'स्वास्थ्य ही धन है', और इस धन की सबसे बड़ी कुंजी शारीरिक श्रम है। हमारे पूर्वज खेतों और घरों में परिश्रम करके सहज ही स्वस्थ रहते थे।
- 1 mark
विषयवस्तु – पहला संकेत-बिंदु (1 अंक): आज की आधुनिक जीवन-शैली में मशीनों, वाहनों और मोबाइल-कंप्यूटर ने हमारा शारीरिक श्रम बहुत घटा दिया है। लोग घंटों कुर्सी पर बैठे रहते हैं और थोड़ी दूरी भी पैदल तय नहीं करते।
- 1 mark
दूसरा संकेत-बिंदु (1 अंक): शरीर को निरोगी रखने के लिए श्रम अनिवार्य है। मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय-रोग जैसी बीमारियाँ निष्क्रियता से ही बढ़ रही हैं। इसलिए नियमित व्यायाम, खेल, टहलना और घरेलू काम आवश्यक हैं।
- 1 mark
तीसरा संकेत-बिंदु (1 अंक): श्रम से पाचन ठीक रहता है, रक्त-संचार सुधरता है, मांसपेशियाँ मज़बूत होती हैं, नींद अच्छी आती है। तनाव घटता है, मन प्रसन्न रहता है और कार्य-क्षमता व आत्मविश्वास बढ़ता है।
- 1 mark
निष्कर्ष (1 अंक): अतः हमें प्रतिदिन कुछ समय श्रम के लिए अवश्य निकालना चाहिए। परिश्रमी व्यक्ति ही स्वस्थ, सुखी और सफल जीवन जी सकता है।
- 1 mark
भाषा-शुद्धता (1 अंक): वर्तनी, व्याकरण और वाक्य-रचना शुद्ध तथा प्रवाहपूर्ण रखें; लगभग 120 शब्द।
Answer: संकेत-बिंदुओं सहित भूमिका, विषयवस्तु और निष्कर्ष वाला लगभग 120 शब्दों का शुद्ध अनुच्छेद।
Where the marks are
- भूमिका (1 अंक)
- संकेत-बिंदुओं पर विषयवस्तु (3 अंक)
- निष्कर्ष (1 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
OR
Q12(ग) · 6 marks · WritingWriting
निम्नलिखित तीन विषयों में से किसी एक विषय पर दिए गए संकेत-बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए :
सफलता के बदलते मानदंड
संकेत-बिंदु:- वर्तमान में सफल होने का अर्थ
- सफलता के पुराने निकष और वर्तमान में बदली कसौटियाँ
- बदलाव का समाज और नई पीढ़ी पर प्रभाव
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- 1 mark
भूमिका (1 अंक): समय के साथ जीवन के हर क्षेत्र की तरह सफलता की परिभाषा भी बदल गई है। कभी सफलता चरित्र और सेवा से आँकी जाती थी, आज उसकी कसौटियाँ भिन्न हैं।
- 1 mark
वर्तमान में सफल होने का अर्थ (1 अंक): आज सफलता का अर्थ प्रायः ऊँचा पद, मोटा वेतन, बड़ी गाड़ी-बंगला और सोशल मीडिया पर लोकप्रियता माना जाता है। परिणाम को साधनों से अधिक महत्त्व मिलने लगा है।
- 1 mark
पुराने निकष बनाम नई कसौटियाँ (1 अंक): पहले ईमानदारी, विद्या, संस्कार, परोपकार और समाज में सम्मान सफलता के मापदंड थे। अब भौतिक उपलब्धि, तेज़ प्रगति और दिखावा कसौटी बन गए हैं।
- 1 mark
समाज और नई पीढ़ी पर प्रभाव (1 अंक): इस बदलाव से युवाओं पर प्रतिस्पर्धा, तनाव और अवसाद का दबाव बढ़ा है तथा कई बार वे गलत रास्ते अपना लेते हैं। दूसरी ओर, नए क्षेत्रों में अवसर और अपनी रुचि चुनने का साहस भी बढ़ा है।
- 1 mark
निष्कर्ष (1 अंक): सच्ची सफलता वही है जिसमें भौतिक उन्नति के साथ नैतिक मूल्य और मानसिक संतोष भी हों। संतुलित दृष्टि ही समाज को सही दिशा देगी।
- 1 mark
भाषा-शुद्धता (1 अंक): शुद्ध वर्तनी व व्याकरण, लगभग 120 शब्द।
Answer: संकेत-बिंदुओं सहित लगभग 120 शब्दों का सुगठित अनुच्छेद।
Where the marks are
- भूमिका (1 अंक)
- तीनों संकेत-बिंदुओं पर विषयवस्तु (3 अंक)
- निष्कर्ष (1 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
Answer one of these 2 alternatives.
Q13(क) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting
आपका नाम आन्या/सिद्दीक है। आपने अपने किसी कार्य से अपने प्रिय मित्र को चोट/ठेस पहुँचाई है। मित्र का दिल ऐसा दुखा कि वह अब आपसे बात नहीं करता/करती। लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखते हुए 'उक्त' कार्य का उल्लेख कर क्षमा माँगते हुए आश्वस्त करें कि भविष्य में आप ध्यान रखेंगे कि ऐसी स्थिति ना हो।
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- 1 mark
प्रारूप (1 अंक):
१२, गांधी नगर, जयपुर
१५ मार्च, २०२५प्रिय मित्र रोहन,
सस्नेह नमस्कार। - 1 mark
उक्त कार्य का उल्लेख (1 अंक): मुझे पता है कि तुम मुझसे नाराज़ हो। उस दिन सबके सामने मैंने तुम्हारी असफलता का मज़ाक उड़ाया और तुम्हारी निजी बात दूसरों को बता दी। मुझे अब अपनी भूल का गहरा अहसास है।
- 1 mark
क्षमा-याचना (1 अंक): मैं सच्चे मन से क्षमा चाहता/चाहती हूँ। तुम्हारे बिना मैं बहुत अकेलापन महसूस कर रहा/रही हूँ और हमारी दोस्ती मेरे लिए बहुत कीमती है।
- 1 mark
भविष्य का आश्वासन (1 अंक): मैं वादा करता/करती हूँ कि आगे से अपनी बात और व्यवहार पर पूरा ध्यान रखूँगा/रखूँगी और कभी तुम्हारा दिल नहीं दुखाऊँगा/दुखाऊँगी। आशा है तुम मुझे माफ़ करके पहले की तरह बात करोगे।
- 1 mark
समापन व भाषा (1 अंक): तुम्हारा प्रिय मित्र
आन्या/सिद्दीकभाषा शुद्ध और भावपूर्ण रखें।
Answer: क्षमा-याचना और भविष्य के आश्वासन वाला लगभग 100 शब्दों का मित्र के नाम पत्र।
Where the marks are
- उचित प्रारूप: आरंभ-अंत की औपचारिकताएँ (1 अंक)
- उक्त कार्य का उल्लेख, क्षमा तथा आश्वासन (3 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
OR
Q13(ख) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting
आपका नाम आन्या/सिद्दीक है और आप अपने विद्यालय के छात्र-अध्यक्ष हैं। प्रधानाध्यापिका को लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखकर सुझाव दीजिए कि एक अंतर कक्षा वाद-विवाद प्रतियोगिता कब, कैसे और किन कक्षाओं के बीच करवाई जा सकती है। यह प्रतियोगिता क्यों करवानी चाहिए इसके लिए भी तर्क दीजिए।
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- 1 mark
प्रारूप (1 अंक):
सेवा में,
प्रधानाध्यापिका महोदया,
सरस्वती विद्यालय, दिल्लीविषय: अंतर कक्षा वाद-विवाद प्रतियोगिता के आयोजन हेतु सुझाव
महोदया,
सविनय निवेदन है कि... - 1 mark
कब और किन कक्षाओं के बीच (1 अंक): मेरा सुझाव है कि यह प्रतियोगिता अगले माह के पहले सप्ताह में, परीक्षा से पूर्व, शनिवार को भोजनावकाश के बाद करवाई जाए। इसमें कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाएँ भाग लें।
- 1 mark
कैसे (1 अंक): प्रत्येक कक्षा से दो वक्ता चुने जाएँ; पहले कक्षावार प्रारंभिक दौर, फिर फ़ाइनल हो। विषय पहले से बताए जाएँ, निर्णय शिक्षकों का पैनल करे और विजेताओं को पुरस्कार मिले।
- 1 mark
क्यों (तर्क) (1 अंक): इससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, तर्कशक्ति, भाषा-कौशल और विचार रखने की क्षमता बढ़ेगी, साथ ही कक्षाओं में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा व टीम-भावना विकसित होगी।
- 1 mark
समापन व भाषा (1 अंक): आशा है आप सुझाव पर विचार कर अनुमति देंगी।
धन्यवाद सहित,
आपका आज्ञाकारी छात्र
आन्या/सिद्दीक, छात्र-अध्यक्षभाषा शुद्ध रखें।
Answer: कब, कैसे, किन कक्षाओं के बीच और क्यों का उल्लेख करता लगभग 100 शब्दों का औपचारिक पत्र।
Where the marks are
- औपचारिक प्रारूप, आरंभ-अंत (1 अंक)
- समय, कक्षाएँ, तरीका और औचित्य (3 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
Answer one of these 2 alternatives.
Q14(क) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting
आपका नाम रोज़ी/राकेश है और आपने हाल ही में पुस्तकालय-विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। शहर के सबसे बड़े सार्वजनिक पुस्तकालय में कनिष्ठ पुस्तकालयाध्यक्ष की रिक्ति के लिए आवेदन हेतु लगभग 80 शब्दों में अपना स्ववृत्त तैयार कीजिए।
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- 1 mark
प्रारूप (1 अंक): स्ववृत्त (बायोडाटा)
पद: कनिष्ठ पुस्तकालयाध्यक्ष
नाम: रोज़ी/राकेश - 1 mark
व्यक्तिगत जानकारी (1 अंक): पिता का नाम: श्री महेश शर्मा; जन्मतिथि: 10 अगस्त 2002; पता: 15, नेहरू मार्ग, लखनऊ; मोबाइल व ई-मेल; भाषाएँ: हिंदी, अंग्रेज़ी।
- 1 mark
शैक्षिक योग्यता (1 अंक): दसवीं – 90%; बारहवीं – 88%; पुस्तकालय-विज्ञान में स्नातक (बी.लिब.) – प्रथम श्रेणी, 2025; कंप्यूटर में डिजिटल कैटलॉगिंग का प्रमाणपत्र।
- 1 mark
अनुभव/रुचि/कौशल (1 अंक): महाविद्यालय पुस्तकालय में छह माह की इंटर्नशिप; वर्गीकरण, सूचीकरण, डेटाबेस-प्रबंधन में दक्ष; पढ़ना व अनुशासन मेरी रुचि-विशेषताएँ।
- 1 mark
घोषणा व भाषा (1 अंक): मैं घोषणा करता/करती हूँ कि उपर्युक्त विवरण सत्य है।
हस्ताक्षर, दिनांक। भाषा शुद्ध रहे।
Answer: व्यक्तिगत, शैक्षिक और अनुभव विवरण सहित लगभग 80 शब्दों का स्ववृत्त।
Where the marks are
- स्ववृत्त का प्रारूप (1 अंक)
- व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षिक योग्यता, कौशल/अनुभव (3 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
OR
Q14(ख) · 5 marks · WritingCompetency-basedWriting
आपका नाम रोज़ी/राकेश है और आप दूर-दराज़ के एक गाँव में रहते हैं। वहाँ से आपने ज़रूरी दवाएँ 'अ.ब.स.' नामक कंपनी से मँगाई हैं। कंपनी ने सप्ताह भर में भेजने का वादा करके तीन सप्ताह लगा दिए पर दवाएँ अब तक नहीं पहुँची हैं। जबकि आप अग्रिम भुगतान कर चुके हैं। कंपनी के 'उपभोक्ता-शिकायत विभाग' में 'उपभोक्ता कोर्ट' में इसकी शिकायत दर्ज करवाने की चेतावनी देते हुए लगभग 80 शब्दों में एक ई-मेल लिखिए।
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- 1 mark
प्रारूप (1 अंक):
प्रति: consumercare@abs.com
विषय: अग्रिम भुगतान के बावजूद दवाएँ न पहुँचने की शिकायतमहोदय/महोदया,
- 1 mark
घटना का विवरण (1 अंक): मैं दूर-दराज़ के गाँव में रहता/रहती हूँ। मैंने आपकी कंपनी से ज़रूरी दवाएँ मँगवाईं और अग्रिम भुगतान कर दिया (आदेश संख्या 4521)। कंपनी ने सप्ताह भर में भेजने का वादा किया था।
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समस्या (1 अंक): तीन सप्ताह बीतने पर भी दवाएँ नहीं पहुँचीं, जिससे मुझे बहुत असुविधा और स्वास्थ्य संबंधी चिंता हो रही है।
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माँग और चेतावनी (1 अंक): कृपया दवाएँ तुरंत भेजें या पूरी राशि लौटाएँ। अन्यथा मुझे उपभोक्ता कोर्ट में शिकायत दर्ज करनी पड़ेगी।
भवदीय
रोज़ी/राकेश, मोबाइल, पता - 1 mark
भाषा-शुद्धता (1 अंक): औपचारिक, शिष्ट और शुद्ध भाषा।
Answer: विलंब की शिकायत और उपभोक्ता कोर्ट की चेतावनी वाला लगभग 80 शब्दों का औपचारिक ई-मेल।
Where the marks are
- ई-मेल प्रारूप: प्रति, विषय, संबोधन, समापन (1 अंक)
- विलंब का विवरण, माँग व चेतावनी (3 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
Answer one of these 2 alternatives.
Q15(क) · 4 marks · WritingCompetency-basedWriting
'धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है' विषय पर स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से लगभग 40 शब्दों में एक जनहितकारी विज्ञापन तैयार कीजिए।
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रचनात्मकता व प्रस्तुति (1 अंक): शीर्षक बॉक्स में: 'धुआँ छोड़ो, जीवन से नाता जोड़ो!' — स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार
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विषयवस्तु (2 अंक): धूम्रपान से कैंसर, हृदय-रोग, फेफड़ों की बीमारी होती है और आसपास के लोग भी प्रभावित होते हैं। यह धन, स्वास्थ्य और परिवार की खुशियों को नष्ट करता है। आज ही संकल्प लें और छोड़ने के लिए हेल्पलाइन 1800-11-2356 पर संपर्क करें।
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भाषा-शुद्धता (1 अंक): संक्षिप्त, प्रभावी, शुद्ध वाक्य; लगभग 40 शब्द।
Answer: आकर्षक शीर्षक और हानियों के संदेश वाला लगभग 40 शब्दों का विज्ञापन।
Where the marks are
- रचनात्मकता और प्रस्तुति (1 अंक)
- विषयवस्तु (2 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
OR
Q15(ख) · 4 marks · WritingCompetency-basedWriting
आपका नाम मोइन/स्नेहा है। आपके बड़े भाई का चयन 'एन.डी.ए.' में हो गया है। उनको लगभग 40 शब्दों में बधाई एवं शुभकामना देते हुए संदेश लिखिए।
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प्रारूप (1 अंक):
१५ मार्च, २०२५, सायं ५:०० बजेप्रिय भैया,
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बधाई (1 अंक): एन.डी.ए. में आपके चयन की खबर सुनकर हम सब बहुत खुश हैं। यह आपकी कड़ी मेहनत और लगन का फल है। आपने परिवार का नाम रोशन किया है।
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शुभकामना (1 अंक): मेरी शुभकामना है कि आप प्रशिक्षण में सफल हों और देश की सेवा में ऊँचाइयाँ छुएँ। मुझे आप पर गर्व है।
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समापन व भाषा (1 अंक): आपकी प्यारी बहन/आपका प्यारा भाई
स्नेहा/मोइनभाषा शुद्ध रहे।
Answer: एन.डी.ए. चयन पर बधाई और शुभकामना देता लगभग 40 शब्दों का संदेश।
Where the marks are
- संदेश का उपयुक्त प्रारूप (1 अंक)
- बधाई और शुभकामना की विषयवस्तु (2 अंक)
- भाषा-शुद्धता (1 अंक)
Source: official question paper, cbse.gov.in. Chapter tags and solutions are ours. Spotted a transcription error? Write tosupport@questionbuddy.in.